अध्वर:
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अध्वरः (पुल्लिंग) [अध्वानं सत्पथं राति-इति अध्वन्+भा+क अथवा न ध्वरति कुटिलो न भवति नच्+व+अ ध्वरतिहिंसाकर्मा तत्प्रतिषेधो निपातः अहिंस्र- निरु.]
- यज्ञ, धार्मिक संस्कार, सोमयाग,-र:,-लू आकाश या वायु।
सम-दीक्षणीया अध्वर संबंधी संस्कार, इसी प्रकार प्रायश्चित्तिः-प्रायश्चित, पापनिष्कृति,-मीमांसा जैमिनि की पूर्वमीमांसा।[1]
इन्हें भी देखें: संस्कृत-हिन्दी शब्दकोश (संकेताक्षर सूची), संस्कृत-हिन्दी शब्दकोश (संकेत सूची) एवं संस्कृत-हिन्दी शब्दकोश
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टीका टिप्पणी और संदर्भ
- ↑ संस्कृत-हिन्दी शब्दकोश |लेखक: वामन शिवराम आप्टे |प्रकाशक: कमल प्रकाशन, नई दिल्ली-110002 |पृष्ठ संख्या: 34 |
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