अभिषेक:
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अभिषेकः (पुल्लिंग) [अभि+सिच्+घञ्]
- 1. छिड़कना, पानी के छींटे देना
- 2. राज्यतिलक करना, राजा या मूर्ति आदि का जलसिंचन द्वारा प्रतिष्ठापन
- 3. (विशेषतः) राजाओं का सिंहासनारोहण, प्रतिष्ठापन, पदारोहण, राज्यतिलक संस्कार,-अथाभिषेकं रघुवंशकेतोः-रघु. 14/7
- 4. प्रतिष्ठापन के अवसर पर काम आने वाला पवित्र जल,-रघु. 17/14
- 5. स्नान, आचमन, पवित्र या धर्म स्नान,–अभिषेकोत्तीर्णाय काश्यपाय -श. 4, अत्राभिषेकाय तपोधनानाम्-रघु. 13/51
- 6. उस देवता पर जल छिड़कना जिसकी पूजा की जा रही है।
सम.-अहः (पुल्लिंग) राजतिलक का दिवस,-शाला (स्त्रीलिंग) राज्याभिषेक का मंडप।[1]
इन्हें भी देखें: संस्कृत-हिन्दी शब्दकोश (संकेताक्षर सूची), संस्कृत-हिन्दी शब्दकोश (संकेत सूची) एवं संस्कृत-हिन्दी शब्दकोश
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टीका टिप्पणी और संदर्भ
- ↑ संस्कृत-हिन्दी शब्दकोश |लेखक: वामन शिवराम आप्टे |प्रकाशक: कमल प्रकाशन, नई दिल्ली-110002 |पृष्ठ संख्या: 84 |
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