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	<title>Bharatkosh - सदस्य द्वारा योगदान [hi]</title>
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		<title>रवि शंकर प्रसाद</title>
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		<updated>2020-02-13T11:31:09Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: /* राज्यमंत्री */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|चित्र=Ravi-Shankar-Prasad.jpg&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=रवि शंकर प्रसाद&lt;br /&gt;
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|प्रसिद्धि=राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|पार्टी=[[भारतीय जनता पार्टी]]&lt;br /&gt;
|पद=संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय&lt;br /&gt;
|कार्य काल=&lt;br /&gt;
|शिक्षा=बी.ए. (ऑनर्स), राजनीति विज्ञान से एम.ए. और एल.एल.बी.&lt;br /&gt;
|भाषा=&lt;br /&gt;
|विद्यालय=पटना विश्वविद्यालय&lt;br /&gt;
|जेल यात्रा=&lt;br /&gt;
|पुरस्कार-उपाधि=&lt;br /&gt;
|विशेष योगदान=[[गोवा]] में 'भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव' के केन्द्र की स्थापना की, शुरुआत की।&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
|पाठ 1=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=[[2010]] में [[इलाहाबाद उच्च न्यायालय]] की लखनऊ खण्डपीठ में लंबे समय से चल रहे अयोध्या मुकदमे के तीन अधिवक्ताओं में से प्रसाद भी एक थे।&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन={{अद्यतन|15:15, 29 दिसम्बर 2019 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''रवि शंकर प्रसाद''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Ravi Shankar Prasad'', जन्म- [[30 अगस्त]], [[1954]], [[पटना]], [[बिहार]]) एक वकील और राजनीतिज्ञ हैं। इसके अलावा वे [[सत्रहवीं लोकसभा |सत्रहवीं लोकसभा]] में [[भारत सरकार]] में '''इलेक्ट्रोनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी और कानून मंत्री''' हैं। वे [[संसद]] में [[राज्य सभा]] के सदस्य हैं और [[बिहार|बिहार राज्य]] का प्रतिनिधित्व करते हैं। वर्षों तक रवि शंकर प्रसाद [[भाजपा]] की युवा शाखा तथा पार्टी संगठन में राष्ट्रीय स्तर के उत्तरदायित्व संभालते रहे। सन् [[2000]] में वह [[सांसद]] बने और सन् [[2001]] में [[अटल बिहारी वाजपेयी]] की सरकार में कोयला एवं खान राज्य मंत्री रहे।&lt;br /&gt;
==जन्म==&lt;br /&gt;
रवि शंकर प्रसाद का जन्म [[बिहार]] में [[पटना]] के एक कायस्थ परिवार में 30 अगस्त सन 1954 में हुआ। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बी.ए. (ऑनर्स), राजनीति विज्ञान से एम.ए. और एल.एल.बी. की डिग्री ली है। उनके [[पिता]] ठाकुर प्रसाद पटना उच्च न्यायालय के प्रतिष्ठित वकील थे। उनका [[विवाह]] [[3 फरवरी]] [[1982]] को डॉ. माया शंकर के साथ हुआ। वह पटना विश्वविद्यालय में [[इतिहास]] की प्रोफेसर भी रही हैं।&amp;lt;ref name=&amp;quot;rts&amp;quot;&amp;gt;{{cite web |url=https://khabar.ndtv.com/elections/lok-sabha-election-candidates-list-2019/ravi-shankar-prasad-04030-1 |title=रवि शंकर प्रसाद|accessmonthday=29 दिसम्बर|accessyear= 2019|last= |first= |authorlink= |format= |publisher=khabar.ndtv |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
==राजनीतिक शुरुआत==&lt;br /&gt;
रवि शंकर प्रसाद के राजनीतिक जीवन की शुरुआत [[1970]] में एक छात्र नेता के रूप में हुई। उन्होंने तत्कालीन [[प्रधानमंत्री]] [[इंदिरा गांधी]] के खिलाफ़ हो रहे विरोध प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था और [[जयप्रकाश नारायण]] के नेतृत्व में चल रहे छात्र आंदोलन में ए.बी.वी.पी. के सक्रिय छात्र नेता के रूप में काम करते रहे। अपने कॉलेज के दिनों में रवि शंकर प्रसाद पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के सहायक महासचिव बने और [[1995]] से [[बीजेपी]] राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं। रवि शंकर प्रसाद अपने कड़े तेवर के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=https://www.jagran.com/politics/state-veteran-leader-of-bjp-ravishankar-prasad-today-takes-oath-for-pm-modi-cabinet-jagran-special-19268273.html |title=छात्र नेता से केंद्रीय मंत्री तक का सफर|accessmonthday=29 दिसम्बर|accessyear= 2019|last= |first= |authorlink= |format= |publisher=jagran |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt; छात्र जीवन में वह पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के सहायक महासचिव और [[विश्वविद्यालय]] की सीनेट तथा वित्त समिति, कला और विधि संकाय के सदस्य रह चुके हैं।&lt;br /&gt;
====वकालत कार्य====&lt;br /&gt;
[[बिहार]] के पूर्व [[मुख्यमंत्री]] और पूर्व केंद्रीय रेलमंत्री [[लालू प्रसाद यादव]] के खिलाफ '''चारा घोटाले''' और '''कोलतार घोटाले''' में जनहित याचिका पर बहस करने वाले रवि शंकर प्रसाद प्रमुख वकील थे। वह पटना उच्च न्यायालय में कई मामलों में पूर्व उप प्रधानमंत्री [[लालकृष्ण आडवाणी]] के वकील भी रहे। [[2010]] में [[इलाहाबाद उच्च न्यायालय]] की लखनऊ खण्डपीठ में लंबे समय से चल रहे अयोध्या मुकदमे के तीन अधिवक्ताओं में से प्रसाद भी एक थे।&lt;br /&gt;
==राज्यमंत्री==&lt;br /&gt;
सन [[2000]] में वह [[सांसद]] बने और अगले साल [[2001]] में [[अटल बिहारी वाजपेयी]] की सरकार में '''कोयला एवं खान राज्य मंत्री''' रहे। वह [[भाजपा]] के मुख्य प्रवक्ता हैं। [[1 जुलाई]], [[2002]] को रवि शंकर प्रसाद को '''विधि एवं न्याय मंत्रालय''' में राज्यमंत्री का अतिरिक्त भार दिया गया। सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री के रूप में उन्होंने रेडियो, [[टेलीविजन]] और एनिमेशन क्षेत्र में सुधारों तथा [[गोवा]] में भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के केन्द्र की स्थापना की शुरुआत की।&amp;lt;ref name=&amp;quot;rts&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक3 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[https://navbharattimes.indiatimes.com/topics/Ravi-Shankar-Prasad Ravi Shankar Prasad]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{नरेन्द्र मोदी का मंत्रिमण्डल}}{{सत्रहवीं लोकसभा सांसद}}{{भारतीय जनता पार्टी}}&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:नरेन्द्र मोदी का मंत्रिमण्डल]][[Category:भारतीय जनता पार्टी]][[Category:सत्रहवीं लोकसभा सांसद]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:लोकसभा सांसद]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:जीवनी साहित्य]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE_%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%B6%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%B0&amp;diff=640917</id>
		<title>सुब्रह्मण्यम जयशंकर</title>
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		<updated>2020-02-13T11:23:53Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा प्रसिद्ध व्यक्तित्व&lt;br /&gt;
|चित्र=Subrahmanyam-Jaishankar.jpg&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=सुब्रह्मण्यम जयशंकर&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=सुब्रह्मण्यम जयशंकर&lt;br /&gt;
|अन्य नाम=&lt;br /&gt;
|जन्म=[[15 जनवरी]] [[1955]]&lt;br /&gt;
|जन्म भूमि=[[नई दिल्ली]], [[भारत]]&lt;br /&gt;
|मृत्यु=&lt;br /&gt;
|मृत्यु स्थान=&lt;br /&gt;
|अभिभावक=[[पिता]]- के. सुब्रह्मणयम&lt;br /&gt;
|पति/पत्नी=शोभा (दिवंगत), क्योको&lt;br /&gt;
|संतान=तीन- ध्रुव, अर्जुन, मेधा&lt;br /&gt;
|गुरु=&lt;br /&gt;
|कर्म भूमि=&lt;br /&gt;
|कर्म-क्षेत्र=&lt;br /&gt;
|मुख्य रचनाएँ=&lt;br /&gt;
|विषय=&lt;br /&gt;
|खोज=&lt;br /&gt;
|भाषा=&lt;br /&gt;
|शिक्षा=बीए, एमए, एमफिल, पीएचडी&lt;br /&gt;
|विद्यालय=सेंट स्टीफ़न्स कॉलेज, [[जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय]]&lt;br /&gt;
|पुरस्कार-उपाधि=[[पद्मश्री]]&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|विशेष योगदान=&lt;br /&gt;
|नागरिकता=भारतीय&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=पद&lt;br /&gt;
|पाठ 1=[[भारत]] के विदेश मंत्री&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=कार्यभार ग्रहण&lt;br /&gt;
|पाठ 2=[[30 मई]], [[2019]]&lt;br /&gt;
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|पाठ 3=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 4=&lt;br /&gt;
|पाठ 4=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 5=&lt;br /&gt;
|पाठ 5=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=एस. जयशंकर [[अंग्रेज़ी]], [[हिंदी]], [[तमिल भाषा|तमिल]] के अलावा रूसी, जापानी और हंगेरियन भाषाएँ अच्छी तरह जानते हैं। 24 साल के थे, जब [[भारतीय विदेश सेवा|आईएफएस]] अधिकारी बन गए थे।&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''सुब्रह्मण्यम जयशंकर''' अथवा 'एस. जयशंकर' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Subrahmanyam Jaishankar'', जन्म- [[15 जनवरी]] [[1955]], [[नई दिल्ली]]) [[भारत]] की [[17वीं लोकसभा]] में विदेश मंत्री हैं। इसके पहले वे विदेश सचिव भी रह चुके हैं। [[अमेरिका]] और [[चीन]] में वे भारत के राजदूत रह चुके हैं। एस. जयशंकर को [[हिंदी]] के अलावा, [[तमिल भाषा|तमिल]], [[अंग्रेजी भाषा|अंग्रेजी]], रूसी, मंदारिन, जापानी हंगेरियन आदि [[भाषा|भाषाएं]] आती हैं। अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए इन्हें [[2019]] में भारत के [[राष्ट्रपति]] की ओर से [[पद्मश्री]] से सम्मानित किया गया था।&lt;br /&gt;
==परिचय==&lt;br /&gt;
एस. जयशंकर ब्यूरोक्रेट्स के [[परिवार]] से हैं। यही कारण है ज्यादातर समय उनके परिवार का ठिकाना [[दिल्ली]] रहा। वे [[तमिल]] हैं। उनके आईएएस पिता के. सुब्रह्मणयम '''फॉदर ऑफ इंडियन स्ट्रेटजिक थॉट्स''' माने जाते थे, जबकि [[मां]] [[संगीत|म्यूजिक]] में पीएचडी हैं। [[जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय|जेएनयू]] में पढ़े हैं। वहां एडमिशन लेने की भी [[कहानी]] है। वे एडमिशन तो [[आईआईटी]] में लेने गए थे। लेकिन पास ही जेएनयू में भीड़ देखने पहुंच गए और एडमिशन लेकर लौटे। उनकी मुलाकात अपनी पहली पत्नी शोभा से यहीं हुई। बड़ा बेटा ध्रुव [[अमेरिका]] में एक थिंक टैंक के साथ काम करता है। बहू कसांड्रा अमेरिकन है। बेटी मेधा लॉस एंजिलिस में फिल्म इंडस्ट्री में हैं। पहली पत्नी शोभा की कैंसर से मौत के बाद एस. जयशंकर ने जापानी मूल की क्योको से शादी की। जयशंकर को अंग्रेजी, [[हिंदी]] और तमिल के अलावा रूसी, जापानी और हंगेरियन भाषा भी आती हैं। 24 साल के थे जब [[भारतीय विदेश सेवा|आईएफएस]] अधिकारी बन गए थे। 2013 में अमेरिका में राजदूत बने तो खोब्रागड़े केस से सामना हुआ। [[चीन]] में [[भारत]] के सबसे लंबे वक्त तक राजदूत रहे। रिटायरमेंट को 72 घंटे बाकी थे, तब अचानक उन्हें विदेश सचिव बना दिया गया।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=https://www.thebureaucratnews.com/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%B8%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%B5-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%B6%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%9C/ |title=जयशंकर: पत्नी जापानी, बहू अमेरिकन और माता-पिता तमिल|accessmonthday=28 दिसम्बर |accessyear=2019 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=thebureaucratnews |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
====शिक्षा====&lt;br /&gt;
एस. जयशंकर की प्रारंभिक शिक्षा, दिल्ली के श्रीनिवासपुरी स्थित कैंब्रिज स्कूल में हुई। स्कूली पढाई पूरी करने के बाद, उन्होंने [[दिल्ली विश्वविद्यालय]] के सेंट स्टीफ़न्स कॉलेज से बीए किया। इसके बाद इन्होंने जवाहर लाल यूनिवर्सिटी से राजनीतिशास्त्र में एमए किया। जेएनयू से ही इन्होंने, अंतर्राष्ट्रीय संबंध में एमफिल और पीएचडी भी की।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://www.knowledgeum.com/s-jaishankar-biography-in-hindi/|title=एस. जयशंकर की जीवनी |accessmonthday=28 दिसम्बर |accessyear=2019 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=knowledgeum |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
==सेवाएँ==&lt;br /&gt;
एस. जयशंकर [[भारत]] के आर्थिक हितों के साथ-साथ सुरक्षा क्षेत्र की अनिवार्यता को भी अच्छी तरह समझते हैं और उन्होंने उसके बीच सही संतुलन बिठाया है।’जयशंकर काफी लंबे समय तक [[चीन|पेइचिंग]] में भारतीय राजदूत रहे। हाल तक भारत और [[अमेरिका]] के द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट आई थी, लेकिन जयशंकर को अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते में बदलाव और इसमें बेहतरी लाने का श्रेय दिया जाता है। हालांकि उनके दूसरे सहयोगी कहते हैं कि इसका मतलब यह नहीं कहा जा सकता है कि उनकी विदेश नीति अमेरिका पर केंद्रित है। वर्ष [[2007]] में जयशंकर [[सिंगापुर]] में भी भारत के राजदूत थे। यह द्वीपीय देश आसियान क्षेत्र के साथ संपर्क बढ़ाने के लिए काफी अहम है और इससे जयशंकर को यह आभास हुआ कि इस क्षेत्र में सुरक्षा तंत्र विकसित करने की जरूरत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एस. जयशंकर ने बुडापेस्ट, प्राग और टोक्यो में भी सेवाएं दी हैं। उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर करने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय में पी.एचडी. और एम.फिल. किया है। [[नरेंद्र मोदी|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी]] यह चाहते थे कि जयशंकर [[प्रधानमंत्री कार्यालय]] से जुड़े, लेकिन बाद में उन्होंने [[राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार]] [[अजित डोभाल]] और वॉशिंगटन में भारत के राजदूत रहे जयशंकर के बीच दो शक्ति केंद्र बनाने की संभावनाओं के बारे में सोचा।&lt;br /&gt;
==असैन्य परमाणु समझौते में भूमिका==&lt;br /&gt;
एस. जयशंकर [[1977]] में भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुए थे और उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और चेक गणराज्य में भारतीय राजदूत और सिंगापुर में उच्चायुक्त के रूप में कार्य किया। जयशंकर ने [[2007]] में यूपीए सरकार द्वारा हस्ताक्षरित भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते पर बातचीत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा भारत और अमेरिका के बीच देवयानी खोबरागड़े विवाद को सुलझाने में भी जयशंकर की अहम भूमिका थी।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=https://hindi.indiatvnews.com/india/politics-former-foreign-secretary-s-jaishankar-modi-cabinet-modi-government-639875|title=जानिए कौन हैं एस जयशंकर |accessmonthday=28 दिसम्बर |accessyear=2019 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=hindi.indiatvnews |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://thewirehindi.com/83753/s-jaishankar-from-foreign-secretory-to-minister-of-external-affairs/ एस. जयशंकर: विदेश सचिव से विदेश मंत्री बनने तक का सफ़र]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{नरेन्द्र मोदी का मंत्रिमण्डल}}&lt;br /&gt;
[[Category:नरेन्द्र मोदी का मंत्रिमण्डल]][[Category:भारत के विदेश मंत्री]][[Category:चरित कोश]][[Category:जीवनी साहित्य]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%A8%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0_%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9_%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%AE%E0%A4%B0&amp;diff=640888</id>
		<title>नरेन्द्र सिंह तोमर</title>
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		<updated>2020-02-13T09:27:28Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|चित्र=नरेन्द्र सिंह तोमर.jpg&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=नरेन्द्र सिंह तोमर&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=नरेन्द्र सिंह तोमर&lt;br /&gt;
|अन्य नाम=&lt;br /&gt;
|जन्म=&lt;br /&gt;
|जन्म भूमि=[[मुरैना]], [[ग्वालियर]], [[मध्य प्रदेश]]&lt;br /&gt;
|मृत्यु=&lt;br /&gt;
|मृत्यु स्थान=&lt;br /&gt;
|मृत्यु कारण=&lt;br /&gt;
|अभिभावक=श्री मुंशी सिंह तोमर और श्रीमती शारदा देवी तोमर&lt;br /&gt;
|पति/पत्नी=श्रीमती किरण तोमर&lt;br /&gt;
|संतान=&lt;br /&gt;
|स्मारक= &lt;br /&gt;
|क़ब्र= &lt;br /&gt;
|नागरिकता=भारतीय&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|पार्टी=[[भारतीय जनता पार्टी]] &lt;br /&gt;
|पद=केंद्रीय मंत्री ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पेयजल और स्वच्छता &lt;br /&gt;
|कार्य काल=&lt;br /&gt;
|शिक्षा=स्नातक&lt;br /&gt;
|भाषा=&lt;br /&gt;
|विद्यालय=जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर&lt;br /&gt;
|जेल यात्रा=&lt;br /&gt;
|पुरस्कार-उपाधि=&lt;br /&gt;
|विशेष योगदान=&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
|पाठ 1=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन={{अद्यतन|15:06, 13 जुलाई 2016 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''नरेन्द्र सिंह तोमर''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Narendra Singh Tomar'', जन्म- [[12 जून]], [[1957]], [[मुरैना]], [[मध्य प्रदेश]]) [[भारतीय जनता पार्टी]] के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ हैं। [[प्रधानमंत्री]] [[नरेन्द्र मोदी]] के [[नरेन्द्र मोदी का कैबिनेट मंत्रिमण्डल|मंत्रिमंडल]] ([[17वीं लोकसभा]]) में वे [[भारत]] के केंद्रीय ग्रामीण विकास, [[पंचायती राज]], पेयजल और स्वच्छता मंत्री हैं।&lt;br /&gt;
==जन्म एवं शिक्षा==&lt;br /&gt;
मुंशी सिंह तोमर नामक किसान के पुत्र नरेंद्र सिंह तोमर का जन्म 12 जून 1957 को [[मध्य प्रदेश]] के मुरैना जिले में पोरसा विकासखंड के तहत आने वाले ग्राम ओरेठी में हुआ था। उन्होंने स्नातक की शिक्षा ग्रहण की है। वे इस दौरान महाविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे। शिक्षा पूरी करने के बाद वे ग्वालियर नगर निगम के पार्षद पद पर निर्वाचित हुए। इसके बाद वे पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय रहे। वे 1977 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष बनाए गए।&lt;br /&gt;
==राजनीतिक परिचय==&lt;br /&gt;
[[प्रधानमंत्री]] [[नरेन्द्र मोदी का कैबिनेट मंत्रिमण्डल|नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल]] में शामिल किए गए [[मध्य प्रदेश]] [[भारतीय जनता पार्टी]] के कद्दावर नेता नरेंद्र सिंह तोमर संगठनात्मक क्षमता के साथ ही प्रशासन पर मजबूत पकड़ और कुशल रणनीतिकार के रूप में जाने जाते हैं। बात करने की बजाए काम को तवज्जो देने वाले तोमर पहली बार प्रदेश के [[मुरैना|मुरैना संसदीय क्षेत्र]] से [[वर्ष]] [[2009]] में लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। वे इसके पहले प्रदेश से [[राज्यसभा]] सदस्य थे। तोमर इस बार ग्वालियर [[लोक सभा]] निर्वाचन क्षेत्र से [[सांसद]] निर्वाचित हुए हैं। वे युवा मोर्चा में विभिन्न पदों पर रहते हुए 1996 में युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष बनाए गए। तोमर पहली बार [[1998]] में [[ग्वालियर]] से विधायक निर्वाचित हुए और इसी क्षेत्र से वर्ष [[2003]] में दूसरी बार चुनाव जीता। इस दौरान वे सुश्री [[उमा भारती]], [[बाबूलाल गौर]] और [[शिवराज सिंह चौहान]] मंत्रिमंडल में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी रहे।&lt;br /&gt;
====उत्कृष्ट मंत्री====&lt;br /&gt;
नरेंद्र सिंह तोमर को वर्ष [[2008]] में तत्कालीन [[लोकसभा अध्यक्ष]], [[सोमनाथ चटर्जी]] ने उत्कृष्ट मंत्री के रूप में सम्मानित किया था। तोमर [[वर्ष]] 2008 में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए और उसके बाद वे [[15 जनवरी]] [[2009]] में निर्विरोध [[राज्यसभा]] सदस्य चुने गए। बाद में वे पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री पद पर रहे। तोमर एक बार फिर [[16 दिसम्बर]] [[2012]] को पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष बनाए गए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका-टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
* [http://archive.india.gov.in/hindi/govt/loksabhampbiodata.php?mpcode=4507 नरेन्द्र सिंह तोमर]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{नरेन्द्र मोदी का मंत्रिमण्डल}}&lt;br /&gt;
{{पंद्रहवीं लोकसभा सांसद}}&lt;br /&gt;
{{सोलहवीं लोकसभा सांसद}}&lt;br /&gt;
{{सत्रहवीं लोकसभा सांसद}}&lt;br /&gt;
[[Category:लोकसभा]][[Category:नरेन्द्र मोदी का मंत्रिमण्डल]][[Category:राजनीतिज्ञ]]&lt;br /&gt;
[[Category:लोकसभा सांसद]]&lt;br /&gt;
[[Category:पंद्रहवीं लोकसभा सांसद]]&lt;br /&gt;
[[Category:सोलहवीं लोकसभा सांसद]]&lt;br /&gt;
[[Category:सत्रहवीं लोकसभा सांसद]]&lt;br /&gt;
[[Category:मध्य प्रदेश के लोकसभा सांसद]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीति कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:चरित कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
	<entry>
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		<title>सवाई प्रताप सिंह</title>
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		<updated>2020-02-13T08:07:59Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: /* संगीत प्रेमी */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा ऐतिहासिक शासक&lt;br /&gt;
|चित्र=Maharaja-Pratap-Singh.jpg&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=सवाई प्रताप सिंह&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=सवाई प्रताप सिंह&lt;br /&gt;
|अन्य नाम=प्रतापसिंह 'ब्रजनिधि'&lt;br /&gt;
|जन्म=[[2 दिसम्बर]], 1764 ई.&lt;br /&gt;
|जन्म भूमि=[[जयपुर]], [[राजस्थान]]&lt;br /&gt;
|मृत्यु तिथि=[[1 अगस्त]], 1803 ई.&lt;br /&gt;
|मृत्यु स्थान=&lt;br /&gt;
|पिता/माता=[[पिता]]- माधोसिंह प्रथम&lt;br /&gt;
|पति/पत्नी=&lt;br /&gt;
|संतान=&lt;br /&gt;
|उपाधि=&lt;br /&gt;
|राज्य सीमा=&lt;br /&gt;
|शासन काल=&lt;br /&gt;
|शासन अवधि=&lt;br /&gt;
|राज्याभिषेक= &lt;br /&gt;
|धार्मिक मान्यता=&lt;br /&gt;
|युद्ध=&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|निर्माण='मदनमोहन जी का मंदिर', '[[हवा महल जयपुर|हवामहल]]', 'गोविंद जी के पहाड़ी का हौज' आदि।&lt;br /&gt;
|सुधार-परिवर्तन=&lt;br /&gt;
|राजधानी=&lt;br /&gt;
|पूर्वाधिकारी=&lt;br /&gt;
|उत्तराधिकारी=&lt;br /&gt;
|राजघराना=&lt;br /&gt;
|वंश=&lt;br /&gt;
|स्मारक=&lt;br /&gt;
|मक़बरा=&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
|पाठ 1=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=प्रताप सिंह की 22 रचनाएँ उपलब्ध हैं, किंतु सोरठ ख्याल, (36 चरण की एक लघु रचना) उनके किसी पद संग्रह का ही एक अंश दिखाई पड़ती है।&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''सवाई प्रताप सिंह''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Sawai Pratap Singh'', जन्म- [[2 दिसम्बर]], 1764 ई., [[जयपुर]]; मृत्यु- [[1 अगस्त]], 1803 ई.) [[जयपुर]] के महाराजा तथा [[हिन्दी]] [[कवि]] थे। उन्होंने जो काव्य रचा, उसमें 'ब्रजनिधि' उपनाम प्रयुक्त किया है। प्रताप सिंह 'ब्रजनिधि' ने भवन निर्माण के क्षेत्र में काफ़ी रुचि दिखाई। ठाकुर ब्रजनिधि, मदनमोहन जी का मंदिर, [[हवा महल जयपुर|हवामहल]], गोविंद जी के पहाड़ी का हौज आदि उसके स्थापत्य प्रेम के बेहतरीन नमूने हैं।&lt;br /&gt;
==परिचय==&lt;br /&gt;
सवाई प्रताप सिंह मात्र चौदह [[वर्ष]] की अवस्था में सिंहासनारूढ़ हो गए थे। युद्धों में अत्यधिक व्यस्त एवं रोगों से ग्रस्त रहने पर भी उन्होंने अपने अल्प जीवन में लगभग 1400 वृत्तों का प्रणयन किया। लोकविश्रुत है कि महाराज परम भागवत थे। भक्ति-रस-तरंग अथवा मन की उमंग में वे जो पद, रेखते अथवा [[छंद]] रचते, उन्हें उसी दिन या अगले दिन अपने इष्टदेव गोविंददेव तथा ठाकुर ब्रजनिधि महाराज को समर्पित करते थे। कम से कम पाँच वृत्त नित्य भेंट करने का उनका नियम था।&lt;br /&gt;
==रचनाएँ==&lt;br /&gt;
प्रताप सिंह की 22 रचनाएँ उपलब्ध हैं, किंतु सोरठ ख्याल, (36 चरण की एक लघु रचना) उनके किसी पद संग्रह का ही एक अंश दिखाई पड़ती है। उनकी 22 रचनाएँ, जिनका निजी स्वतंत्र अस्तित्व है, काल क्रम से इस प्रकार हैं-&lt;br /&gt;
#संवत् 1848 विरचित - प्रेमप्रकाश, फाग रंग, प्रीतिलता&lt;br /&gt;
#संवत् 1849 प्रणीत - सुहागरैनि&lt;br /&gt;
#1850 लिखित - विरहसरिता, रेखतासंग्रह, स्नेहबिहार&lt;br /&gt;
#संवत् 1851 रचित - रमक-जमक-बतीसी, प्रीतिपचीसी, ब्रजशृंगार&lt;br /&gt;
#संवत् 1852 कृत - सनेहसंग्राम, नीतिमंजरी, शृंगारमंजरी, वैराग्यमंजरी&lt;br /&gt;
#संवत् 1853 - रंगचौपड़&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्रेमपंथ, दुखहरनवेलि, रास का रेखता, श्रीब्रजनिधिमुक्तावली, ब्रजनिधि-पद-संग्रह तथा हरिपदसंग्रह, इन शीर्षक छह कृतियों का रचनाकाल [[कवि]] ने नहीं दिया है। संख्या में 22 होने के कारण इन्हें 'ग्रंथबाईसी' कहते थे। ब्रजनिधि की पद रचनाएँ राग-ताल-बद्ध हैं।&lt;br /&gt;
==संगीत प्रेमी==&lt;br /&gt;
सवाई प्रताप सिंह स्वयं भी [[संगीत]] प्रेमी थे। इस दिशा में उनके उस्ताद थे चाँदखाँ उर्फ दलखाँजी, जो बुधप्रकाश के नाम से प्रसिद्ध हैं। अन्यत्र [[दोहा]], [[सोरठा]], [[कवित्त]], [[सवैया]], [[कुंडलिया|कुंडलियाँ]], [[छप्पय|छप्पै]], [[चौपाई]], [[बरवै (छन्द)|बरवै]], रेख़्ता प्रयुक्त हुए हैं। उनके काव्य में [[अनुप्रास अलंकार|अनुप्रास]], [[उपमा अलंकार|उपमा]], [[उत्प्रेक्षा अलंकार|उत्प्रेक्षा]], [[रूपक अलंकार|रूपक]], श्लेष प्रभृति अलंकार अनायास ही आ गए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक= प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{राजपूत साम्राज्य}}{{मध्य काल}}&lt;br /&gt;
[[Category:राजपूत साम्राज्य]][[Category:मध्य काल]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:चरित कोश]][[Category:इतिहास कोश]][[Category:कवि]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
	<entry>
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		<title>सुखबीर सिंह बादल</title>
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		<updated>2020-02-13T08:04:17Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|चित्र=Sukhbir-Singh-Badal.jpg&lt;br /&gt;
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|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
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|अन्य जानकारी=[[जनवरी]] [[2008]] को सुखबीर सिंह बादल को अकाली दल का अध्‍यक्ष घोषित किया गया।&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन={{अद्यतन|14:12, 26 दिसम्बर 2019 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''सुखबीर सिंह बादल''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Sukhbir Singh Badal'', जन्म- [[9 जुलाई]], [[1962]], [[फ़रीदकोट|फ़रीदकोट]], [[पंजाब]]) प्रसिद्ध भारतीय राजनीतिज्ञ, जो [[शिरोमणि अकाली दल]] के अध्‍यक्ष हैं। पंजाब की राजनीति में काफी महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*सुखबीर सिंह बादल का जन्‍म [[9 जुलाई]] [[1962]] को हुआ था। वह पंजाब के फ़रीदकोट क्षेत्र का प्रतिनिधित्‍व करते हैं।&lt;br /&gt;
*वे पंजाब के [[मुख्यमंत्री]] रहे [[प्रकाश सिंह बादल]] के [[पुत्र]] हैं।&lt;br /&gt;
*सुखबीर सिंह बादल की पत्‍नी [[हरसिमरत कौर बादल]] भी एक राजनीतिज्ञ हैं, वे [[भटिंडा]] की [[सांसद]] हैं।&lt;br /&gt;
*अपनी प्राथमिक शिक्षा लॉरेंस स्‍कूल, सनावर से प्राप्‍त करने के बाद सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब यूनिवर्सिटी, [[चंडीगढ़]] से अर्थशास्‍त्र में स्‍नातकोत्‍तर किया। इसके अतिरिक्‍त वह केलिफ़ोर्निया स्‍टेट यूनिवर्सिटी, लॉस एंजेलेस, अमेरिका से प्रबंधन में भी स्‍नातकोत्तर कर चुके हैं।&lt;br /&gt;
*[[11वीं लोकसभा|11वीं]] और [[12वीं लोकसभा]] में लगातार फ़रीदकोट से विजयी रहे। [[1998]] से [[1999]] के बीच वे केंद्रीय राज्‍यमंत्री रहे, इसके अलावा [[2001]] से [[2004]] तक [[राज्य सभा]] के सदस्‍य भी रहे।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=https://hindi.webdunia.com/famous-personalities-profile/sukhbir-singh-badal-profile-114020700021_1.html |title=सुखवीर सिंह बादल, प्रोफाइल|accessmonthday=26 दिसम्बर |accessyear= 2019|last= |first= |authorlink= |format= |publisher= वेबदुनिया|language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
*[[2004]] में [[14वीं लोकसभा]] में भी वे विजयी रहे। [[जनवरी]] [[2008]] को उन्‍हें अकाली दल का अध्‍यक्ष घोषित किया गया। [[2012]] [[विधानसभा]] में भी उन्‍होंने जीत दर्ज की थी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:लोकसभा]][[Category:लोकसभा सांसद]]&lt;br /&gt;
[[Category:ग्यारहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:बारहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:चौदहवीं लोकसभा सांसद]]&lt;br /&gt;
[[Category:सत्रहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:पंजाब के लोकसभा सांसद]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>रीता बहुगुणा जोशी</title>
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		<updated>2020-02-12T12:14:20Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|चित्र=Rita-Bahuguna-Joshi.jpg&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=रीता बहुगुणा जोशी&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=रीता बहुगुणा जोशी&lt;br /&gt;
|अन्य नाम=&lt;br /&gt;
|जन्म=[[22 जुलाई]], [[1949]]&lt;br /&gt;
|जन्म भूमि=[[इलाहाबाद]], [[उत्तर प्रदेश]]&lt;br /&gt;
|मृत्यु=&lt;br /&gt;
|मृत्यु स्थान=&lt;br /&gt;
|मृत्यु कारण=&lt;br /&gt;
|अभिभावक=[[पिता]]- हेमवती नंदन बहुगुणा, [[माता]]- कमला बहुगुणा&lt;br /&gt;
|पति/पत्नी=पी. सी. जोशी&lt;br /&gt;
|संतान=मयंक जोशी&lt;br /&gt;
|स्मारक= &lt;br /&gt;
|क़ब्र= &lt;br /&gt;
|नागरिकता=भारतीय&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|पार्टी=[[भारतीय जनता पार्टी]]&lt;br /&gt;
|पद=&lt;br /&gt;
|कार्य काल=&lt;br /&gt;
|शिक्षा=&lt;br /&gt;
|भाषा=&lt;br /&gt;
|विद्यालय=&lt;br /&gt;
|जेल यात्रा=&lt;br /&gt;
|पुरस्कार-उपाधि=&lt;br /&gt;
|विशेष योगदान=&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
|पाठ 1=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=[[20 अक्टूबर]] [[2016]] को वह [[भारतीय जनता पार्टी]] में शामिल हो गईं। पार्टी छोड़ने से पहले 24 साल तक वह [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के साथ थीं।&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन={{अद्यतन|11:48, 26 दिसम्बर 2019 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''रीता बहुगुणा जोशी''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Rita Bahuguna Joshi'', जन्म- [[22 जुलाई]], [[1949]], [[इलाहाबाद]]) [[उत्तर प्रदेश]] की 16वीं विधान सभा की सदस्य रहीं। वर्ष [[2012]] उत्तर प्रदेश [[विधान सभा]] चुनाव में इन्होंने उत्तर प्रदेश की [[लखनऊ]] कैण्‍टोमेंट विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता था। वर्ष [[2019]] के [[लोकसभा]] चुनाव में इलाहाबाद से विजयी होकर वह [[17वीं लोकसभा]] की [[सांसद]] बनी हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*रीता बहुगुणा जोशी उत्तर प्रदेश के पूर्व [[मुख्यमंत्री]] [[हेमवती नंदन बहुगुणा]] और कमला बहुगुणा की बेटी हैं, जो पूर्व [[सांसद]] थे।&lt;br /&gt;
*उन्होंने एम.ए. पूर्ण करने के बाद [[इतिहास]] में पी.एच.डी. किया है।&lt;br /&gt;
*वह [[इलाहाबाद विश्वविद्यालय]] में मध्ययुगीन और आधुनिक इतिहास में प्रोफेसर भी हैं।&lt;br /&gt;
*[[इलाहाबाद]] की मेयर बनकर [[1995]] में राजनीति में प्रवेश किया। वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।&lt;br /&gt;
*रीता बहुगुणा जोशी [[2007]] से [[2012]] तक उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा थीं।&lt;br /&gt;
*[[20 अक्टूबर]] [[2016]] को वह [[भारतीय जनता पार्टी]] में शामिल हो गईं। पार्टी छोड़ने से पहले 24 साल तक वह [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के साथ थीं।&lt;br /&gt;
*उन्होंने दो बार [[लोकसभा]] चुनाव में चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार हार गईं। [[2012]] के विधानसभा चुनावों में उन्हें लखनऊ छावनी के लिए विधान सभा के सदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया था।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=https://hindi.oneindia.com/politicians/rita-bahuguna-joshi-40088.html |title=रीता बहुगुणा जोशी, जीवनी|accessmonthday= 26 दिसम्बर|accessyear= 2019|last= |first= |authorlink= |format= |publisher=oneindia |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
*रीता ने पेट्रीस लुमुंबा विश्वविद्यालय के एक यांत्रिक इंजीनियर पी. सी. जोशी से [[विवाह]] किया। उनका एक बेटा मयंक जोशी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{भारतीय जनता पार्टी}}&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:भारतीय जनता पार्टी]][[Category:लोकसभा सांसद]][[Category:सोलहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:सत्रहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:चरित कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>रवि किशन</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|चित्र=Ravi-Kishan.png&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=रवि किशन&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=रविन्द्र श्यामनारायण शुक्ला&lt;br /&gt;
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|जन्म भूमि=[[जौनपुर]], [[उत्तर प्रदेश]]&lt;br /&gt;
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|पद=&lt;br /&gt;
|कार्य काल=&lt;br /&gt;
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|जेल यात्रा=&lt;br /&gt;
|पुरस्कार-उपाधि=&lt;br /&gt;
|विशेष योगदान=&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
|पाठ 1=&lt;br /&gt;
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|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=अभिनेता रवि किशन को [[हिंदी सिनेमा]] में पहचान कलर्स के रियलिटी शो 'बिग-बॉस सीजन 6' से मिली थी।&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन={{अद्यतन|15:57, 25 दिसम्बर 2019 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''रविन्द्र श्यामनारायण शुक्ला''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Ravindra Shyamnarayan Shukla'', जन्म- [[17 जुलाई]], [[1971]], [[जौनपुर]], [[उत्तर प्रदेश]]) भारतीय फ़िल्म [[अभिनेता]] हैं। उन्हें रवि किशन शुक्ला के नाम से भी जाना-पहचाना जाता है, किन्तु उनकी मुख्य पहचान रवि किशन नाम से ही है। रवि किशन [[हिंदी]] और [[भोजपुरी]] [[फ़िल्म जगत|फ़िल्मों]] में सक्रिय हैं। [[2019]] के [[लोकसभा]] [[चुनाव आयोग|चुनावों]] से उन्‍होंने राजन‍ीति में कदम रखा है। वह [[गोरखपुर]] संसदीय क्षेत्र से [[भारतीय जनता पार्टी]] के [[सांसद]] हैं। &lt;br /&gt;
==जन्म== &lt;br /&gt;
रवि किशन का जन्म 17 जुलाई, 1971 को उत्तर प्रदेश के जौनपुर में हुआ था। वह गरीब [[ब्राह्मण]] [[परिवार]] से थे। उनके [[पिता]] गांव में [[पुरोहित|पुजारी]] थे। अभिनेता रवि किशन का [[विवाह]] प्रीति से हुआ है। उनके तीन बेटियां और एक बेटा है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url= https://hindi.filmibeat.com/celebs/ravi-kishan/biography.html|title=रवि किशन|accessmonthday=25 दिसम्बर|accessyear= 2019|last= |first= |authorlink= |format= |publisher= |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
==कॅरियर== &lt;br /&gt;
रवि किशन भोजपुरी के बहुत ही उम्दा कलाकार हैं। हालांकि लोग अभी भी भोजपुरी सिनेमा को ज्यादा महत्व नहीं देते हैं, जिसके लिए रवि किशन जी-तोड़ कोशिश में हैं कि [[बॉलीवुड]]-टॉलीवुड की तरह भोजपुरी सिनेमा को भी एक अच्छी पहचान मिले। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
रवि किशन और अजित सिंह स्टारर फ़िल्म 'जला देब दुनिया तुहरा प्यार में' का निर्माण एक अमेरिकन कंपनी ने किया था। इस फ़िल्म की स्क्रीनिंग कांस फ़िल्म फेस्टिवल में हुई थी। अभिनेता रवि किशन को [[हिंदी सिनेमा]] में पहचान कलर्स के रियलिटी शो 'बिग-बॉस सीजन 6' से मिली। वह इस शो में बतौर प्रतिभागी नजर आये थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{अभिनेता}}{{भारतीय जनता पार्टी}}&lt;br /&gt;
[[Category:अभिनेता]][[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:सिनेमा]][[Category:भारतीय जनता पार्टी]][[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:लोकसभा सांसद]][[Category:सत्रहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:कला कोश]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:हिन्दी सिनेमा]][[Category:सिनेमा कोश]]&lt;br /&gt;
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		<title>रवि किशन</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: /* कॅरियर */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|चित्र=Ravi-Kishan.png&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=रवि किशन&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=रविन्द्र श्यामनारायण शुक्ला&lt;br /&gt;
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|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
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|अन्य जानकारी=अभिनेता रवि किशन को [[हिंदी सिनेमा]] में पहचान कलर्स के रियलिटी शो 'बिग-बॉस सीजन 6' से मिली थी।&lt;br /&gt;
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|अद्यतन={{अद्यतन|15:57, 25 दिसम्बर 2019 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''रविन्द्र श्यामनारायण शुक्ला''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Ravindra Shyamnarayan Shukla'', जन्म- [[17 जुलाई]], [[1971]], [[जौनपुर]], [[उत्तर प्रदेश]]) भारतीय फ़िल्म अभिनेता हैं। उन्हें रवि किशन शुक्ला के नाम से भी जाना-पहचाना जाता है, किन्तु उनकी मुख्य पहचान रवि किशन नाम से ही है। रवि किशन [[हिंदी]] और [[भोजपुरी]] [[फ़िल्म जगत|फ़िल्मों]] में सक्रिय हैं। [[2019]] के [[लोकसभा]] [[चुनाव आयोग|चुनावों]] से उन्‍होंने राजन‍ीति में कदम रखा है। वह [[गोरखपुर]] संसदीय क्षेत्र से [[भारतीय जनता पार्टी]] के [[सांसद]] हैं। &lt;br /&gt;
==जन्म== &lt;br /&gt;
रवि किशन का जन्म 17 जुलाई, 1971 को उत्तर प्रदेश के जौनपुर में हुआ था। वह गरीब [[ब्राह्मण]] [[परिवार]] से थे। उनके [[पिता]] गांव में [[पुरोहित|पुजारी]] थे। अभिनेता रवि किशन का [[विवाह]] प्रीति से हुआ है। उनके तीन बेटियां और एक बेटा है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url= https://hindi.filmibeat.com/celebs/ravi-kishan/biography.html|title=रवि किशन|accessmonthday=25 दिसम्बर|accessyear= 2019|last= |first= |authorlink= |format= |publisher= |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
==कॅरियर== &lt;br /&gt;
रवि किशन भोजपुरी के बहुत ही उम्दा कलाकार हैं। हालांकि लोग अभी भी भोजपुरी सिनेमा को ज्यादा महत्व नहीं देते हैं, जिसके लिए रवि किशन जी-तोड़ कोशिश में हैं कि [[बॉलीवुड]]-टॉलीवुड की तरह भोजपुरी सिनेमा को भी एक अच्छी पहचान मिले। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
रवि किशन और अजित सिंह स्टारर फ़िल्म 'जला देब दुनिया तुहरा प्यार में' का निर्माण एक अमेरिकन कंपनी ने किया था। इस फ़िल्म की स्क्रीनिंग कांस फ़िल्म फेस्टिवल में हुई थी। अभिनेता रवि किशन को [[हिंदी सिनेमा]] में पहचान कलर्स के रियलिटी शो 'बिग-बॉस सीजन 6' से मिली। वह इस शो में बतौर प्रतिभागी नजर आये थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{अभिनेता}}{{भारतीय जनता पार्टी}}&lt;br /&gt;
[[Category:अभिनेता]][[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:सिनेमा]][[Category:भारतीय जनता पार्टी]][[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:लोकसभा सांसद]][[Category:सत्रहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:कला कोश]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:हिन्दी सिनेमा]][[Category:सिनेमा कोश]]&lt;br /&gt;
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&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|चित्र=Anurag-Sharma.jpg&lt;br /&gt;
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|पार्टी=[[भारतीय जनता पार्टी]]&lt;br /&gt;
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|पुरस्कार-उपाधि=&lt;br /&gt;
|विशेष योगदान=&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=निर्वाचन क्षेत्र&lt;br /&gt;
|पाठ 1=[[झांसी]]&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन={{अद्यतन|14:58, 25 दिसम्बर 2019 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''अनुराग शर्मा''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Anurag Sharma'') [[भारतीय जनता पार्टी]] के जाने माने नेता और राजनीतिज्ञ हैं। वे [[झांसी]] से [[संसद]] के निर्वाचित सदस्य हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*[[आयुर्वेद|आयुर्वेदिक]] कंपनी बैद्यनाथ के प्रबंध निदेशक 55 वर्षीय अनुराग शर्मा [[परिवार]] द्वारा संचालित व्यवसाय में सफल कॅरियर के बाद राजनीति में आये हैं।&lt;br /&gt;
*अनुराग शर्मा के लिए राजनीति कोई नया क्षेत्र नहीं है, क्योंकि उनके [[पिता]] पंडित विश्वनाथ मिश्र दो बाद [[संसद सदस्य]] रहे हैं। एक बार झांसी से [[कांग्रेस]] उम्मीदवार के तौर पर और दूसरी बार [[हमीरपुर उत्तर प्रदेश|हमीरपुर]] से [[बीजेपी]] के टिकट पर।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=https://navbharattimes.indiatimes.com/elections/lok-sabha-elections/news/loksabha-chunav-bjp-candidate-anurag-sharma-said-that-bundelkhand-does-not-want-andhra-telangana-like-situation-during-construction/articleshow/69073932.cms |title=अनुराग शर्मा ने कहा, बुंदेलखंड निर्माण के समय आंध्र, तेलंगाना जैसी स्थिति नहीं चाहते|accessmonthday=25 दिसम्बर|accessyear= 2019|last= |first= |authorlink= |format= |publisher=नवभारत टाइम्स|language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
*अलग [[बुंदेलखंड|बुंदेलखंड राज्य]] गठन के लिए अनुराग शर्मा ‘बुंदेलखंड एकीकरण समिति’ का नेतृत्व कर रहे हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{भारतीय जनता पार्टी}}&lt;br /&gt;
[[Category:भारतीय जनता पार्टी]][[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:लोकसभा सांसद]][[Category:सत्रहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>सत्रहवीं लोकसभा</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%82_%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE&amp;diff=640831"/>
		<updated>2020-02-12T10:40:10Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: 17वीं लोकसभा को अनुप्रेषित&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;#REDIRECT [[17वीं लोकसभा]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>अनुप्रिया पटेल</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE_%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%B2&amp;diff=640830"/>
		<updated>2020-02-12T10:38:48Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|चित्र=Anupriya-Patel.png&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=अनुप्रिया पटेल&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=अनुप्रिया पटेल&lt;br /&gt;
|अन्य नाम=&lt;br /&gt;
|जन्म=[[28 अप्रैल]], [[1981]]&lt;br /&gt;
|जन्म भूमि=[[कानपुर]], [[उत्तर प्रदेश]]&lt;br /&gt;
|मृत्यु=&lt;br /&gt;
|मृत्यु स्थान=&lt;br /&gt;
|मृत्यु कारण=&lt;br /&gt;
|अभिभावक=[[पिता]]- सोनेलाल पटेल, [[माता]]- कृष्णा पटेल&lt;br /&gt;
|पति/पत्नी=आशीष सिंह पटेल&lt;br /&gt;
|संतान=&lt;br /&gt;
|स्मारक= &lt;br /&gt;
|क़ब्र= &lt;br /&gt;
|नागरिकता=भारतीय&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|पार्टी=अपना दल&lt;br /&gt;
|पद=&lt;br /&gt;
|कार्य काल=&lt;br /&gt;
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|अन्य जानकारी=&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन={{अद्यतन|13:36, 25 दिसम्बर 2019 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''अनुप्रिया पटेल''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Anupriya Patel'', जन्म- [[28 अप्रैल]], [[1981]], [[कानपुर]], [[उत्तर प्रदेश]]) [[भारत]] की [[सत्रहवीं लोकसभा]] की [[सांसद]] हैं। वे [[नरेन्द्र मोदी]] सरकार की सबसे युवा मंत्री हैं तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं। अनुप्रिया इससे पहले 2012 में [[वाराणसी]] संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाली [[विधानसभा]] सीट रोहनियां से विधायक चुनी गई थीं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*अनुप्रिया पटेल कुर्मी बिरादरी में खासा प्रभाव रखने वाले 'अपना दल' के संस्थापक दिवंगत सोनेलाल पटेल की बेटी हैं।&lt;br /&gt;
*अपनी मां कृष्णा पटेल से पार्टी में वर्चस्व की लड़ाई लड़ रही अनुप्रिया पटेल का जन्म कानपुर में 28 अप्रैल, 1981 को हुआ था।&lt;br /&gt;
*उन्होंने लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमेन एमिटी विश्वविद्यालय और कानपुर विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने मनोविज्ञान में परास्नातक डिग्री हासिल की है। उन्होंने एमबीए कर एमिटी विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य भी किया है।&lt;br /&gt;
*[[पिता]] की मृत्यु के बाद अक्टूबर 2009 में उन्हें 'अपना दल' का महासचिव बनाया गया। उनकी मां कृष्णा पटेल दल की अध्यक्ष बनीं।&lt;br /&gt;
*[[2014]] में रोहनियां विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में टिकट को लेकर मां से हुए विवाद के बाद अनुप्रिया पटेल और उनके कुछ समर्थकों को कृष्णा पटेल ने अपना दल से निष्कासित कर दिया।&lt;br /&gt;
*2014 के चुनावों में अनुप्रिया पटेल ने [[उत्तर प्रदेश]] की [[मिर्जापुर]] सीट से अपना दल की ओर से भाग लिया। वह 2014 के आम चुनाव में मिर्जापुर के निर्वाचन क्षेत्र से [[भारत]] की [[संसद]] के निचले सदन [[लोकसभा]] के लिए चुनी गई थीं।&lt;br /&gt;
*वह पहले [[वाराणसी]] में उत्तर प्रदेश विधानमंडल के रोहनिया निर्वाचन क्षेत्र के लिए विधान सभा के सदस्य के रूप में चुनी गई थीं, जहां उन्होंने [[2012]] के [[उत्तर प्रदेश]] विधान सभा चुनाव में 'पीस पार्टी ऑफ इंडिया' और 'बुंदेलखंड कांग्रेस' के साथ गठबंधन में एक अभियान लड़ा था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/anupriya-patel-116070500039_1.html कौन हैं अनुप्रिया पटेल]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{भारतीय जनता पार्टी}}&lt;br /&gt;
[[Category:भारतीय जनता पार्टी]][[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:लोकसभा सांसद]][[Category:सोलहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:सत्रहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
	<entry>
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		<title>अमित शाह</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9&amp;diff=640778"/>
		<updated>2020-02-12T05:29:27Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: /* विधायक एवं मंत्री पद */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|चित्र=Amit-Shah-1.jpg&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=अमित शाह&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=अमिताभ अनिलचन्द्र शाह&lt;br /&gt;
|अन्य नाम=&lt;br /&gt;
|जन्म=[[22 अक्तूबर]], [[1964]]&amp;lt;ref name=&amp;quot;tss&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
|जन्म भूमि=[[मुम्बई]], [[महाराष्ट्र]]&lt;br /&gt;
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|पति/पत्नी=सोनल शाह&lt;br /&gt;
|संतान=पुत्र- जय शाह&lt;br /&gt;
|स्मारक= &lt;br /&gt;
|क़ब्र= &lt;br /&gt;
|नागरिकता=भारतीय&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|पार्टी=[[भारतीय जनता पार्टी]]&lt;br /&gt;
|पद=गृहमंत्री, अध्यक्ष ([[भारतीय जनता पार्टी]]), अध्यक्ष- गुजरात क्रिकेट एसोशिएशन&lt;br /&gt;
|भाषा=[[हिंदी]]&lt;br /&gt;
|जेल यात्रा=&lt;br /&gt;
|कार्य काल=&lt;br /&gt;
|विद्यालय=सी.यू शाह साइंस कॉलेज, [[अहमदाबाद]]&lt;br /&gt;
|शिक्षा=विज्ञान स्तानक (बीएससी- बायोकेमिस्ट्री)&lt;br /&gt;
|पुरस्कार-उपाधि=याहू के पर्सनाल्टी ऑफ़ दी ईयर ([[2017]])&lt;br /&gt;
|विशेष योगदान=&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=रुचि&lt;br /&gt;
|पाठ 1=पढ़ना, [[क्रिकेट]] देखना, सामाजिक सेवा&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=अमित शाह [[अहमदाबाद]] के सरखेज [[विधानसभा]] क्षेत्र से लगातार 4 बार से विधायक हैं।&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन={{अद्यतन|20:23, 10 जुलाई 2014 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''अमिताभ अनिलचन्द्र शाह''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Amitabh Anilchandra Shah'', जन्म: [[22 अक्तूबर]], [[1964]]&amp;lt;ref name=&amp;quot;tss&amp;quot;&amp;gt;{{cite web |url=http://www.newindianexpress.com/thesundaystandard/In-UP-Shah-prepares-for-Modi-ahead-of-2014-battle/2013/07/07/article1670971.ece |title=In UP, Shah prepares for Modi ahead of 2014 battle  |accessmonthday=10 जुलाई |accessyear=2014 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=the sunday standard |language=अंग्रेज़ी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;) [[भारतीय जनता पार्टी]] के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ हैं। वे [[17वीं लोकसभा]] में गृहमंत्री हैं। अमित शाह [[राज्य सभा]] के सदस्य रह चुके हैं। गाँधी नगर से वे [[लोक सभा]] के सांसद हैं। वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे हैं। [[नरेन्द्र मोदी|प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी]] की सरकार के दूसरे कार्यकाल में गृहमंत्री के पद पर रहते हुए शाह ने [[जम्मू-कश्मीर]] से '[[धारा 370]]' हटाने का बड़ा फैसला लिया, जो इनके अडिग और निर्भीक चरित्र को दर्शाता है। [[लोकसभा चुनाव|लोकसभा चुनाव 2014]] में पार्टी को [[उत्तर प्रदेश]] में मिली भारी सफलता का श्रेय अमित शाह को ही दिया जाता है। [[वर्ष]] [[2019]] के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा की विजय का श्रेय इन्हें दिया जाता है। वास्तव में पिछले 10 सालों में ना केवल केंद्र की राजनीति में भाजपा का सकारात्मक प्रभाव दिखा है बल्कि क्षेत्रीय राजनीति में भी अमित शाह की कूटनीति से भाजपा मजबूत हुई  है।&lt;br /&gt;
==जीवन परिचय==&lt;br /&gt;
अमित शाह का जन्म [[मुम्बई]] में एक बड़े व्‍यवसायी अनिलचंद्र शाह के घर [[22 अक्तूबर]], [[1964]] को हुआ। उन्होंने बायोकेमेस्ट्री में बी.एससी. तक शिक्षा प्राप्त की। साथ ही [[पिता]] के व्‍यवसाय से जुड़ गए। उन्होंने 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' के जरिए [[भाजपा]] में प्रवेश किया। [[मार्च]] में उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया। वे 'गुजरात स्टेट चेस एसोसिएशन' के अध्यक्ष रहे तथा 'गुजरात राज्य क्रिकेट एसासिएशन' के उपाध्यक्ष भी रहे। अमित शाह [[गुजरात]] के पूर्व गृहमंत्री तथा [[लालकृष्ण आडवाणी]] के सबसे क़रीबी माने जाते थे। दरअसल, कुछ समय तक उन्होंने स्‍टॉक ब्रोकर का कार्य करने के बाद वे [[आरएसएस]] से जुड़ गए और उसके साथ ही [[भारतीय जनता पार्टी]] के सक्रिय सदस्‍य भी बन गए। इसी दौरान भाजपा के वरिष्‍ठ नेता [[लालकृष्‍ण आडवाणी]] गांधीनगर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्‍व कर रहे थे। इस वक्त अमित शाह उनके क़रीब आए और गांधीनगर क्षेत्र में चुनाव के दौरान उनके साथ प्रचार-प्रसार किया। अमित शाह सबसे कम्र उम्र के 'गुजरात स्‍टेट फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड' के अध्‍यक्ष बने। इसके बाद वे 'अहमदाबाद ज़िला कॉर्पोरेटिभ बैंक' के चेयरमैन रहे।&lt;br /&gt;
==विधायक एवं मंत्री पद==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Amit-shah.jpg|thumb|200px|अमित शाह]]&lt;br /&gt;
वर्ष [[2003]] में जब [[गुजरात]] में दोबारा [[नरेन्‍द्र मोदी]] की सरकार बनी, तब नरेन्‍द्र मोदी ने उन्‍हें राज्‍य मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया और उन्‍हें [[गृह मंत्रालय]] सहित कई तरह की जिम्‍मेदारियां सौंपीं। अमित शाह बहुत ही जल्‍द नरेन्‍द्र मोदी के सबसे क़रीबी बन गए। अमित शाह [[अहमदाबाद]] के सरखेज [[विधानसभा]] क्षेत्र से लगातार 4 बार से [[विधायक]] हैं। [[2002]] में जब भाजपा ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य की 182 में से 126 सीटें जीतीं तो अमित शाह ने सबसे अधिक (1.58 लाख) वोटों से जीतने का रिकॉर्ड बनाया। अगले चुनाव में उनकी जीत का अंतर बढ़कर 2.35 लाख वोट हो गया। [[2004]] में [[केंद्र सरकार]] द्वारा आतंकवाद की रोकथाम के लिए बनाए गए आतंकवाद निरोधक अधिनियम के बाद अमित शाह ने राज्‍य विधानसभा में गुजरात कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज क्राइम (संशोधित) बिल पेश किया। हालांकि राज्‍य विपक्ष ने इस बिल का बहिष्कार किया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==लोक सभा चुनाव 2019 में भूमिका==&lt;br /&gt;
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दांये हाथ कहे जाने वाले अमित शाह ने [[2019]] के लोक सभा चुनाव में [[गुजरात]] के गांधीनगर से चुनाव लड़ा, जिसमें उन्होंने [[कांग्रेस]] के डॉ. सी. जे. चावड़ा को पीछे छोड़ते हुए 5 लाख से भी अधिक वोट्स के अंतर से जीत हासिल की, जिसके चलते उन्होंने [[लालकृष्ण आडवाणी]] के 4.83 लाख वोट्स का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस चुनाव में मुख्य रूप से मुकाबला बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह एवं कांग्रेस के डॉ. सी. जे. चावड़ा के बीच था, जिसमें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने जीत हासिल की। [[चुनाव आयोग]] की वेबसाइट के मुताबिक अमित शाह ने 69.7 % वोट्स प्राप्त किये थे यानि इसमें अमित शाह को लगभग 8,80,000 वोट्स हासिल हुए थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
वर्ष [[2014]] के लोक सभा चुनाव की तरह ही, 2019 के लोक सभा चुनाव में भी शाह ने बीजेपी के लिए चुनावी रणनीति तैयार की थी। &amp;quot;बीजेपी का चाणक्य&amp;quot; कहे जाने वाले अमित शाह की मेहनत के चलते ही नरेन्द्र मोदी को 303 सीट के साथ पूरे देश से पूर्ण बहुमत मिला। मोदी और अमित शाह की जोड़ी एक बार फिर हिट रही और [[भारत]] में मोदी लहर की क्रांति आ गई। अमित शाह ने चुनाव प्रचार हेतु कई रैलियां की थीं, जिसमें उन्होंने जनता को यह विश्वास दिलाया था कि मोदी जी एवं उनकी सरकार ही देश के विकास को आगे बढ़ा सकती है और इस विश्वास के चलते ही चुनाव में [[भाजपा]] ने पूर्ण बहुमत के साथ सफलता हासिल की। इसके साथ ही अमित शाह ने गृह राज्यमंत्री का पद हासिल किया।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=https://www.deepawali.co.in/amit-shah-biography-hindi-%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9.html |title=अमित शाह की जीवनी व उनसे जुड़े विवाद|accessmonthday=24 दिसम्बर|accessyear= 2019|last= |first= |authorlink= |format= |publisher= |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
==यूपी के चुनावों में योगदान==&lt;br /&gt;
वर्ष [[2010]] में कुछ विवादों के कारण अमित शाह का राजनीतिक कॅरियर धीमा पड चूका था। शाह को [[12 जून]] [[2013]] को यूपी केम्पेन का अध्यक्ष चुना गया। शाह ने यूपी में वहां की सीटों और चुनावी गणित को समझने के लिए बहुत समय ग्राउंड पर व्यतीत किया। [[फ़रवरी 2012]] से ही शाह ने [[समाजवादी पार्टी]] के जीत का कारण समझना शुरू कर दिया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
शाह ने ये बात समझी कि वहां के वोटर समाजवादी पार्टी से खफा हैं, क्योंकि पार्टी अपने वादे को पूरा करने में सक्षम नहीं रही। उस समय यूपी सरकार ने सरकारी नौकरी और शिक्षा में ओबीसी के 27% कोटे में ही 5% आरक्षण अल्पसंख्यकों को देने का फैसला किया था, जिसका फायदा भी शाह ने चुनावों में उठाया। आखिर में यूपी में चुनावों के समय उम्मीदवारों के चयन पर शाह ने विशेष ध्यान दिया और लोकल स्तर पर प्रसिद्ध और जीतने की क्षमता वाले उम्मीदवार को ही टिकट दिया, जबकि इससे पहले जातिगत और पार्टी के प्रति निष्ठा रखने वाले को ही टिकट दिया जाता था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उनकी टीम ने ये अनुमान भी लगाया कि बीजेपी के पारम्परिक सपोर्टर में केवल 35% वोटर ने ही इलेक्शन में वोट दिया था। इस कारण शाह ने बूथ के स्तर पर केप्म्पेनिंग की। उन्होंने 1,40,000 वोटर्स पर 7 से 10 सदस्यों की मेनेजमेंट कमिटी बनाई। हर बूथ के लिए उनकी टीम ने वोटर्स की लिस्ट बनाई और उनसे जाकर सम्पर्क किया। शाह की टीम दूरस्थ इलाकों तक पहुंचने के लिए 450 जीपीएस युक्त मोबाईल वैन का भी उपयोग करती थी, जहाँ तक मीडिया की भी पहुंच नहीं थी। शाह ने 80 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से 76 क्षेत्रों को कवर किया और उन्होंने ही मोदी से [[वाराणसी]] से बीजेपी के पक्ष में उतरने का कहा।&lt;br /&gt;
==राजनीतिक सफर==&lt;br /&gt;
#अमित शाह [[1982]] में पहली बार नरेंद्र मोदी से मिले थे, उस समय नरेंद्र मोदी [[राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ]] के प्रचारक थे और बीजेपी की युवा गतिविधियों को सम्भाल रहे थे।&lt;br /&gt;
#1982 में ही अमित शाह 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' के सेक्रेटरी बन गए। [[1987]] तक अमित शाह बीजेपी के यूथ विंग 'भारतीय युवा मोर्चा' से जुड़ गए। इसके बाद वे पार्टी में कई पद जैसे- राज्य सेक्रेटरी, वाइस प्रेसिडेंट और जनरल सेक्रेटरी सम्भालते रहे।&lt;br /&gt;
#अमित शाह ने [[1991]] में राम जन्मभूमि आन्दोलन में [[गुजरात]] में एक बड़ा जनाधार तैयार किया और बीजेपी के सीनियर लीडर [[लालकृष्ण आडवाणी]], जिन्होंने गुजरात के गांधी नगर के सामान्य चुनावों में चुनाव लड़ा था, उनके लिए केम्पेन भी किया। तब से उन्हें बीजेपी के चुनावों को सम्भालने की जिम्मेदारी मिल गयी और उन्होंने एल.के. आडवानी के साथ मिलकर यह काम [[2009]] तक किया।&lt;br /&gt;
#जब [[प्रधानमंत्री]] रहे [[अटल बिहारी वाजपेयी]] ने गांधी नगर से चुनाव लड़ा, तब भी अमित शाह इलेक्शन इंचार्ज थे, इस तरह उन्होंने इलेक्शन मेनेजर बनने की भूमिका बखूबी निभाई।&lt;br /&gt;
#[[1990]] में [[भारत]] में बड़े राजनीतिक बदलाव की हवा चली, इसी दौरान अमित शाह और नरेंद्र मोदी ने राज्य में बीजेपी के सदस्यों को बढ़ाने का अभियान चलाया।&lt;br /&gt;
#1990 में मोदी राज्य में बीजेपी के अध्यक्ष बन चुके थे, वह शाह को बड़ी जिम्मेदारी दिलाना चाहते थे। उन्होंने पटेल को मनाया कि वह गुजरात स्टेट फाईनेंशियल कारपोरेशन का चेयरमेन शाह को बना दें। गुजरात में जब मोदी के विरोधी बढ़ गए और उन्हें राज्य से बाहर दिल्ली भेज दिया गया, तब शाह मोदी के लिए एक इन्फॉर्मर के जैसे काम करते रहे।&lt;br /&gt;
#साल [[1997]] में मोदी ने शाह को बीजेपी से टिकट दिलाने के लिए खूब प्रयास किये और वे सफल भी रहे। अमित शाह [[फ़रवरी]] 1997 में एमएलए बन गए और [[1998]] के विधान सभा चुनावों में भी उन्होंने अपनी सीट बनाये रखी।&lt;br /&gt;
#जब केशुभाई पटेल [[गुजरात]] में सीएम के पद पर आए, उस समय गुजरात के ग्रामीण इलाकों में [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] का बहुत प्रभाव था। अमित शाह और नरेंद्र मोदी ने तब बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर बीजेपी के पक्ष में स्थिति बनाई, लेकिन उस दौरान हुए गाँवों में गाँव-प्रधान का इलेक्शन हार गए और इन हारे हुए 8000 प्रधानों से ही ग्रामीण नेतृत्व के साथ जनाधार मजबूत किया। अगले दो सालों में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने सभी विरोधियों को एक तरफ कर दिया।&lt;br /&gt;
==विशेषताएँ==  &lt;br /&gt;
*अमित शाह एक कूटनीतिज्ञ होने के साथ ही कुशल प्रबंधक भी हैं। वह अपनी विचारधारा को सर्वोपरी मानते हैं, साथ ही कार्यकर्ताओं का सम्मान और कार्यालय का रख-रखाव बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं।&amp;lt;ref name=&amp;quot;aa&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
*शाह ने संगठन का कौशल कुशुभाई ठाकरे से सीखा था, जिनके साथ उन्होंने कई सालों तक काम भी किया था।&lt;br /&gt;
*जब [[नरेन्द्र मोदी]] [[गुजरात]] के आर्गेनाईजेशन सेक्रेटरी थे, तब उन्होंने अपना राजनैतिक कॅरियर एक आम बूथ वर्कर के जैसे ही शुरू किया था। ये वह समय था, जब उन्होंने बीजेपी के भविष्य के लिए एक मजबूत जनाधार तैयार किया था और इसी दौरान उन्हें पार्टी की मूलभूत आवश्यकता कर्मठ कार्यकर्ताओं के महत्व की समझ आई।&lt;br /&gt;
*अमित शाह अपने दोस्तों और सलाहकारों के नाम याद रखते हैं। जब भी [[दिल्ली]] में होते हैं, तब ज्यादा समय तक हेड क्वार्टर में बिताने की कोशिश करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक3 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[https://kaiseinhindi.com/amit-shah-biography-in-hindi/ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बारे में जानकारी]&lt;br /&gt;
*[https://hindi.starsunfolded.com/amit-shah-hindi/ अमित शाह जीवन परिचय]&lt;br /&gt;
*[http://tehelkahindi.com/%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82/ अमित शाह: मोदी की चाह में]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{नरेन्द्र मोदी का मंत्रिमण्डल}}{{सत्रहवीं लोकसभा सांसद}}{{भारतीय जनता पार्टी}}&lt;br /&gt;
[[Category:भारतीय जनता पार्टी]][[Category:नरेन्द्र मोदी का मंत्रिमण्डल]][[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:लोकसभा सांसद]][[Category:भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष]][[Category:भारत के गृहमंत्री]][[Category:सत्रहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:जीवनी साहित्य]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9&amp;diff=640777</id>
		<title>अमित शाह</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9&amp;diff=640777"/>
		<updated>2020-02-12T05:23:16Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|चित्र=Amit-Shah-1.jpg&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=अमित शाह&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=अमिताभ अनिलचन्द्र शाह&lt;br /&gt;
|अन्य नाम=&lt;br /&gt;
|जन्म=[[22 अक्तूबर]], [[1964]]&amp;lt;ref name=&amp;quot;tss&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
|जन्म भूमि=[[मुम्बई]], [[महाराष्ट्र]]&lt;br /&gt;
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|मृत्यु स्थान=&lt;br /&gt;
|मृत्यु कारण=&lt;br /&gt;
|अभिभावक=[[पिता]]- अनिलचंद्र शाह, [[माता]]- कुसुम बेन&amp;lt;ref name=&amp;quot;aa&amp;quot;&amp;gt;{{cite web |url=https://www.jivaniitihashindi.com/%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%AF-amit-shah-biography/ |title=अमित शाह का जीवन परिचय|accessmonthday=24 दिसम्बर|accessyear= 2019|last= |first= |authorlink= |format= |publisher= |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
|पति/पत्नी=सोनल शाह&lt;br /&gt;
|संतान=पुत्र- जय शाह&lt;br /&gt;
|स्मारक= &lt;br /&gt;
|क़ब्र= &lt;br /&gt;
|नागरिकता=भारतीय&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|पार्टी=[[भारतीय जनता पार्टी]]&lt;br /&gt;
|पद=गृहमंत्री, अध्यक्ष ([[भारतीय जनता पार्टी]]), अध्यक्ष- गुजरात क्रिकेट एसोशिएशन&lt;br /&gt;
|भाषा=[[हिंदी]]&lt;br /&gt;
|जेल यात्रा=&lt;br /&gt;
|कार्य काल=&lt;br /&gt;
|विद्यालय=सी.यू शाह साइंस कॉलेज, [[अहमदाबाद]]&lt;br /&gt;
|शिक्षा=विज्ञान स्तानक (बीएससी- बायोकेमिस्ट्री)&lt;br /&gt;
|पुरस्कार-उपाधि=याहू के पर्सनाल्टी ऑफ़ दी ईयर ([[2017]])&lt;br /&gt;
|विशेष योगदान=&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=रुचि&lt;br /&gt;
|पाठ 1=पढ़ना, [[क्रिकेट]] देखना, सामाजिक सेवा&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=अमित शाह [[अहमदाबाद]] के सरखेज [[विधानसभा]] क्षेत्र से लगातार 4 बार से विधायक हैं।&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन={{अद्यतन|20:23, 10 जुलाई 2014 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''अमिताभ अनिलचन्द्र शाह''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Amitabh Anilchandra Shah'', जन्म: [[22 अक्तूबर]], [[1964]]&amp;lt;ref name=&amp;quot;tss&amp;quot;&amp;gt;{{cite web |url=http://www.newindianexpress.com/thesundaystandard/In-UP-Shah-prepares-for-Modi-ahead-of-2014-battle/2013/07/07/article1670971.ece |title=In UP, Shah prepares for Modi ahead of 2014 battle  |accessmonthday=10 जुलाई |accessyear=2014 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=the sunday standard |language=अंग्रेज़ी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;) [[भारतीय जनता पार्टी]] के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ हैं। वे [[17वीं लोकसभा]] में गृहमंत्री हैं। अमित शाह [[राज्य सभा]] के सदस्य रह चुके हैं। गाँधी नगर से वे [[लोक सभा]] के सांसद हैं। वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे हैं। [[नरेन्द्र मोदी|प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी]] की सरकार के दूसरे कार्यकाल में गृहमंत्री के पद पर रहते हुए शाह ने [[जम्मू-कश्मीर]] से '[[धारा 370]]' हटाने का बड़ा फैसला लिया, जो इनके अडिग और निर्भीक चरित्र को दर्शाता है। [[लोकसभा चुनाव|लोकसभा चुनाव 2014]] में पार्टी को [[उत्तर प्रदेश]] में मिली भारी सफलता का श्रेय अमित शाह को ही दिया जाता है। [[वर्ष]] [[2019]] के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा की विजय का श्रेय इन्हें दिया जाता है। वास्तव में पिछले 10 सालों में ना केवल केंद्र की राजनीति में भाजपा का सकारात्मक प्रभाव दिखा है बल्कि क्षेत्रीय राजनीति में भी अमित शाह की कूटनीति से भाजपा मजबूत हुई  है।&lt;br /&gt;
==जीवन परिचय==&lt;br /&gt;
अमित शाह का जन्म [[मुम्बई]] में एक बड़े व्‍यवसायी अनिलचंद्र शाह के घर [[22 अक्तूबर]], [[1964]] को हुआ। उन्होंने बायोकेमेस्ट्री में बी.एससी. तक शिक्षा प्राप्त की। साथ ही [[पिता]] के व्‍यवसाय से जुड़ गए। उन्होंने 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' के जरिए [[भाजपा]] में प्रवेश किया। [[मार्च]] में उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया। वे 'गुजरात स्टेट चेस एसोसिएशन' के अध्यक्ष रहे तथा 'गुजरात राज्य क्रिकेट एसासिएशन' के उपाध्यक्ष भी रहे। अमित शाह [[गुजरात]] के पूर्व गृहमंत्री तथा [[लालकृष्ण आडवाणी]] के सबसे क़रीबी माने जाते थे। दरअसल, कुछ समय तक उन्होंने स्‍टॉक ब्रोकर का कार्य करने के बाद वे [[आरएसएस]] से जुड़ गए और उसके साथ ही [[भारतीय जनता पार्टी]] के सक्रिय सदस्‍य भी बन गए। इसी दौरान भाजपा के वरिष्‍ठ नेता [[लालकृष्‍ण आडवाणी]] गांधीनगर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्‍व कर रहे थे। इस वक्त अमित शाह उनके क़रीब आए और गांधीनगर क्षेत्र में चुनाव के दौरान उनके साथ प्रचार-प्रसार किया। अमित शाह सबसे कम्र उम्र के 'गुजरात स्‍टेट फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड' के अध्‍यक्ष बने। इसके बाद वे 'अहमदाबाद ज़िला कॉर्पोरेटिभ बैंक' के चेयरमैन रहे।&lt;br /&gt;
==विधायक एवं मंत्री पद==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Amit-shah.jpg|thumb|200px|अमित शाह]]&lt;br /&gt;
वर्ष [[2003]] में जब [[गुजरात]] में दोबारा [[नरेन्‍द्र मोदी]] की सरकार बनी, तब नरेन्‍द्र मोदी ने उन्‍हें राज्‍य मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया और उन्‍हें गृह मंत्रालय सहित कई तरह की जिम्‍मेदारियां सौंपीं। अमित शाह बहुत ही जल्‍द नरेन्‍द्र मोदी के सबसे क़रीबी बन गए। अमित शाह [[अहमदाबाद]] के सरखेज विधानसभा क्षेत्र से लगातार 4 बार से विधायक हैं। [[2002]] में जब भाजपा ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य की 182 में से 126 सीटें जीतीं तो अमित शाह ने सबसे अधिक (1.58 लाख) वोटों से जीतने का रिकॉर्ड बनाया। अगले चुनाव में उनकी जीत का अंतर बढ़कर 2.35 लाख वोट हो गया। [[2004]] में केंद्र सरकार द्वारा आतंकवाद की रोकथाम के लिए बनाए गए आतंकवाद निरोधक अधिनियम के बाद अमित शाह ने राज्‍य विधानसभा में गुजरात कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज क्राइम (संशोधित) बिल पेश किया। हालांकि राज्‍य विपक्ष ने इस बिल का बहिष्कार किया था।&lt;br /&gt;
==लोक सभा चुनाव 2019 में भूमिका==&lt;br /&gt;
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दांये हाथ कहे जाने वाले अमित शाह ने [[2019]] के लोक सभा चुनाव में [[गुजरात]] के गांधीनगर से चुनाव लड़ा, जिसमें उन्होंने [[कांग्रेस]] के डॉ. सी. जे. चावड़ा को पीछे छोड़ते हुए 5 लाख से भी अधिक वोट्स के अंतर से जीत हासिल की, जिसके चलते उन्होंने [[लालकृष्ण आडवाणी]] के 4.83 लाख वोट्स का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस चुनाव में मुख्य रूप से मुकाबला बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह एवं कांग्रेस के डॉ. सी. जे. चावड़ा के बीच था, जिसमें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने जीत हासिल की। [[चुनाव आयोग]] की वेबसाइट के मुताबिक अमित शाह ने 69.7 % वोट्स प्राप्त किये थे यानि इसमें अमित शाह को लगभग 8,80,000 वोट्स हासिल हुए थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
वर्ष [[2014]] के लोक सभा चुनाव की तरह ही, 2019 के लोक सभा चुनाव में भी शाह ने बीजेपी के लिए चुनावी रणनीति तैयार की थी। &amp;quot;बीजेपी का चाणक्य&amp;quot; कहे जाने वाले अमित शाह की मेहनत के चलते ही नरेन्द्र मोदी को 303 सीट के साथ पूरे देश से पूर्ण बहुमत मिला। मोदी और अमित शाह की जोड़ी एक बार फिर हिट रही और [[भारत]] में मोदी लहर की क्रांति आ गई। अमित शाह ने चुनाव प्रचार हेतु कई रैलियां की थीं, जिसमें उन्होंने जनता को यह विश्वास दिलाया था कि मोदी जी एवं उनकी सरकार ही देश के विकास को आगे बढ़ा सकती है और इस विश्वास के चलते ही चुनाव में [[भाजपा]] ने पूर्ण बहुमत के साथ सफलता हासिल की। इसके साथ ही अमित शाह ने गृह राज्यमंत्री का पद हासिल किया।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=https://www.deepawali.co.in/amit-shah-biography-hindi-%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9.html |title=अमित शाह की जीवनी व उनसे जुड़े विवाद|accessmonthday=24 दिसम्बर|accessyear= 2019|last= |first= |authorlink= |format= |publisher= |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
==यूपी के चुनावों में योगदान==&lt;br /&gt;
वर्ष [[2010]] में कुछ विवादों के कारण अमित शाह का राजनीतिक कॅरियर धीमा पड चूका था। शाह को [[12 जून]] [[2013]] को यूपी केम्पेन का अध्यक्ष चुना गया। शाह ने यूपी में वहां की सीटों और चुनावी गणित को समझने के लिए बहुत समय ग्राउंड पर व्यतीत किया। [[फ़रवरी 2012]] से ही शाह ने [[समाजवादी पार्टी]] के जीत का कारण समझना शुरू कर दिया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
शाह ने ये बात समझी कि वहां के वोटर समाजवादी पार्टी से खफा हैं, क्योंकि पार्टी अपने वादे को पूरा करने में सक्षम नहीं रही। उस समय यूपी सरकार ने सरकारी नौकरी और शिक्षा में ओबीसी के 27% कोटे में ही 5% आरक्षण अल्पसंख्यकों को देने का फैसला किया था, जिसका फायदा भी शाह ने चुनावों में उठाया। आखिर में यूपी में चुनावों के समय उम्मीदवारों के चयन पर शाह ने विशेष ध्यान दिया और लोकल स्तर पर प्रसिद्ध और जीतने की क्षमता वाले उम्मीदवार को ही टिकट दिया, जबकि इससे पहले जातिगत और पार्टी के प्रति निष्ठा रखने वाले को ही टिकट दिया जाता था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उनकी टीम ने ये अनुमान भी लगाया कि बीजेपी के पारम्परिक सपोर्टर में केवल 35% वोटर ने ही इलेक्शन में वोट दिया था। इस कारण शाह ने बूथ के स्तर पर केप्म्पेनिंग की। उन्होंने 1,40,000 वोटर्स पर 7 से 10 सदस्यों की मेनेजमेंट कमिटी बनाई। हर बूथ के लिए उनकी टीम ने वोटर्स की लिस्ट बनाई और उनसे जाकर सम्पर्क किया। शाह की टीम दूरस्थ इलाकों तक पहुंचने के लिए 450 जीपीएस युक्त मोबाईल वैन का भी उपयोग करती थी, जहाँ तक मीडिया की भी पहुंच नहीं थी। शाह ने 80 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से 76 क्षेत्रों को कवर किया और उन्होंने ही मोदी से [[वाराणसी]] से बीजेपी के पक्ष में उतरने का कहा।&lt;br /&gt;
==राजनीतिक सफर==&lt;br /&gt;
#अमित शाह [[1982]] में पहली बार नरेंद्र मोदी से मिले थे, उस समय नरेंद्र मोदी [[राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ]] के प्रचारक थे और बीजेपी की युवा गतिविधियों को सम्भाल रहे थे।&lt;br /&gt;
#1982 में ही अमित शाह 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' के सेक्रेटरी बन गए। [[1987]] तक अमित शाह बीजेपी के यूथ विंग 'भारतीय युवा मोर्चा' से जुड़ गए। इसके बाद वे पार्टी में कई पद जैसे- राज्य सेक्रेटरी, वाइस प्रेसिडेंट और जनरल सेक्रेटरी सम्भालते रहे।&lt;br /&gt;
#अमित शाह ने [[1991]] में राम जन्मभूमि आन्दोलन में [[गुजरात]] में एक बड़ा जनाधार तैयार किया और बीजेपी के सीनियर लीडर [[लालकृष्ण आडवाणी]], जिन्होंने गुजरात के गांधी नगर के सामान्य चुनावों में चुनाव लड़ा था, उनके लिए केम्पेन भी किया। तब से उन्हें बीजेपी के चुनावों को सम्भालने की जिम्मेदारी मिल गयी और उन्होंने एल.के. आडवानी के साथ मिलकर यह काम [[2009]] तक किया।&lt;br /&gt;
#जब [[प्रधानमंत्री]] रहे [[अटल बिहारी वाजपेयी]] ने गांधी नगर से चुनाव लड़ा, तब भी अमित शाह इलेक्शन इंचार्ज थे, इस तरह उन्होंने इलेक्शन मेनेजर बनने की भूमिका बखूबी निभाई।&lt;br /&gt;
#[[1990]] में [[भारत]] में बड़े राजनीतिक बदलाव की हवा चली, इसी दौरान अमित शाह और नरेंद्र मोदी ने राज्य में बीजेपी के सदस्यों को बढ़ाने का अभियान चलाया।&lt;br /&gt;
#1990 में मोदी राज्य में बीजेपी के अध्यक्ष बन चुके थे, वह शाह को बड़ी जिम्मेदारी दिलाना चाहते थे। उन्होंने पटेल को मनाया कि वह गुजरात स्टेट फाईनेंशियल कारपोरेशन का चेयरमेन शाह को बना दें। गुजरात में जब मोदी के विरोधी बढ़ गए और उन्हें राज्य से बाहर दिल्ली भेज दिया गया, तब शाह मोदी के लिए एक इन्फॉर्मर के जैसे काम करते रहे।&lt;br /&gt;
#साल [[1997]] में मोदी ने शाह को बीजेपी से टिकट दिलाने के लिए खूब प्रयास किये और वे सफल भी रहे। अमित शाह [[फ़रवरी]] 1997 में एमएलए बन गए और [[1998]] के विधान सभा चुनावों में भी उन्होंने अपनी सीट बनाये रखी।&lt;br /&gt;
#जब केशुभाई पटेल [[गुजरात]] में सीएम के पद पर आए, उस समय गुजरात के ग्रामीण इलाकों में [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] का बहुत प्रभाव था। अमित शाह और नरेंद्र मोदी ने तब बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर बीजेपी के पक्ष में स्थिति बनाई, लेकिन उस दौरान हुए गाँवों में गाँव-प्रधान का इलेक्शन हार गए और इन हारे हुए 8000 प्रधानों से ही ग्रामीण नेतृत्व के साथ जनाधार मजबूत किया। अगले दो सालों में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने सभी विरोधियों को एक तरफ कर दिया।&lt;br /&gt;
==विशेषताएँ==  &lt;br /&gt;
*अमित शाह एक कूटनीतिज्ञ होने के साथ ही कुशल प्रबंधक भी हैं। वह अपनी विचारधारा को सर्वोपरी मानते हैं, साथ ही कार्यकर्ताओं का सम्मान और कार्यालय का रख-रखाव बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं।&amp;lt;ref name=&amp;quot;aa&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
*शाह ने संगठन का कौशल कुशुभाई ठाकरे से सीखा था, जिनके साथ उन्होंने कई सालों तक काम भी किया था।&lt;br /&gt;
*जब [[नरेन्द्र मोदी]] [[गुजरात]] के आर्गेनाईजेशन सेक्रेटरी थे, तब उन्होंने अपना राजनैतिक कॅरियर एक आम बूथ वर्कर के जैसे ही शुरू किया था। ये वह समय था, जब उन्होंने बीजेपी के भविष्य के लिए एक मजबूत जनाधार तैयार किया था और इसी दौरान उन्हें पार्टी की मूलभूत आवश्यकता कर्मठ कार्यकर्ताओं के महत्व की समझ आई।&lt;br /&gt;
*अमित शाह अपने दोस्तों और सलाहकारों के नाम याद रखते हैं। जब भी [[दिल्ली]] में होते हैं, तब ज्यादा समय तक हेड क्वार्टर में बिताने की कोशिश करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक3 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[https://kaiseinhindi.com/amit-shah-biography-in-hindi/ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बारे में जानकारी]&lt;br /&gt;
*[https://hindi.starsunfolded.com/amit-shah-hindi/ अमित शाह जीवन परिचय]&lt;br /&gt;
*[http://tehelkahindi.com/%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82/ अमित शाह: मोदी की चाह में]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{नरेन्द्र मोदी का मंत्रिमण्डल}}{{सत्रहवीं लोकसभा सांसद}}{{भारतीय जनता पार्टी}}&lt;br /&gt;
[[Category:भारतीय जनता पार्टी]][[Category:नरेन्द्र मोदी का मंत्रिमण्डल]][[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:लोकसभा सांसद]][[Category:भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष]][[Category:भारत के गृहमंत्री]][[Category:सत्रहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:जीवनी साहित्य]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>लालकृष्‍ण आडवाणी</title>
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		<updated>2020-02-12T05:22:25Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: लालकृष्ण आडवाणी को अनुप्रेषित&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
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		<title>आरएसएस</title>
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		<updated>2020-02-12T05:21:14Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अनुप्रेषित&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;#REDIRECT [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ|राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ]]&lt;/div&gt;</summary>
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		<updated>2020-02-12T05:12:35Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: सतारा को अनुप्रेषित&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
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		<title>बाबासाहेब भोसले</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: /* जीवन परिचय */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|चित्र=Babasaheb-bhosale.jpg&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=बाबासाहेब भोसले&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=बाबासाहेब भोसले&lt;br /&gt;
|अन्य नाम=&lt;br /&gt;
|जन्म=[[15 जनवरी]], [[1921]]&lt;br /&gt;
|जन्म भूमि=[[सातारा ज़िला|सातारा]],  [[महाराष्ट्र]]&lt;br /&gt;
|मृत्यु=[[6 अक्टूबर]], [[2007]] &lt;br /&gt;
|मृत्यु स्थान=[[मुम्बई]], [[महाराष्ट्र]]&lt;br /&gt;
|मृत्यु कारण=&lt;br /&gt;
|अभिभावक=&lt;br /&gt;
|पति/पत्नी=&lt;br /&gt;
|संतान=&lt;br /&gt;
|स्मारक= &lt;br /&gt;
|क़ब्र= &lt;br /&gt;
|नागरिकता=भारतीय&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|पार्टी=[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]]&lt;br /&gt;
|पद=[[महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री|महाराष्ट्र के 9वें मुख्यमंत्री]]&lt;br /&gt;
|कार्य काल= [[21 जनवरी]] [[1982]] से [[1 फ़रवरी]] [[1983]] तक&lt;br /&gt;
|शिक्षा=&lt;br /&gt;
|भाषा=&lt;br /&gt;
|विद्यालय=&lt;br /&gt;
|जेल यात्रा=&lt;br /&gt;
|पुरस्कार-उपाधि=&lt;br /&gt;
|विशेष योगदान=&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
|पाठ 1=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=बाबासाहेब भोसले अपने छात्र जीवन के दौरान [[भारतीय स्वतंत्रता संग्राम]] से जुड़े थे और 1941-42 में डेढ़ साल के लिए जेल में भी रहे। &lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''बाबासाहेब भोसले''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Babasaheb Bhosale'', जन्म: [[15 जनवरी]] [[1921]] - मृत्यु: [[6 अक्टूबर]] [[2007]]) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने [[21 जनवरी]] [[1982]] से [[1 फ़रवरी]] [[1983]] तक [[महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री]] के रूप में कार्य किया। वे [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] पार्टी से जुड़े थे।&lt;br /&gt;
==जीवन परिचय==&lt;br /&gt;
* बाबासाहेब भोंसले का जन्म [[15 जनवरी]], [[1921]] को [[महाराष्ट्र]] के [[सातारा]] में हुआ था।&lt;br /&gt;
* वे अपने छात्र जीवन के दौरान [[भारतीय स्वतंत्रता संग्राम]] से जुड़े थे और [[1941]]-[[1942|42]] में डेढ़ साल के लिए जेल में भी रहे। &lt;br /&gt;
* बाबासाहेब भोंसले ने 1951 में क़ानून की उपाधि प्राप्त करने के बाद सातारा में दस साल के लिए वकालत भी की।&lt;br /&gt;
* [[मुख्यमंत्री]] पद की छोटी अवधि में उन्होंने विभिन्न सुधारों को लागू किया; जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन योजना और मैट्रिक तक लड़की छात्रों को मुफ्त शिक्षा लागू की।&lt;br /&gt;
* [[6 अक्टूबर]], [[2007]] को 86 वर्ष की आयु में संक्षिप्त बीमारी के बाद उनकी मृत्यु हो गई।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://www.rediff.com/news/2007/oct/06bhosale.htm महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री बाबासाहेब भोसले का निधन (अंग्रेज़ी)]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]][[Category:मुख्यमंत्री]][[Category:राजनीतिज्ञ]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
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		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%A8%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%BE&amp;diff=640770</id>
		<title>नचिकेता</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%A8%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%BE&amp;diff=640770"/>
		<updated>2020-02-12T04:54:17Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''नचिकेता''' [[कठोपनिषद]] के अनुसार '[[वाजश्रवा]]'&amp;lt;ref&amp;gt;अन्न आदि के दान से जिनका यश हो&amp;lt;/ref&amp;gt; नामक [[ब्राह्मण]] के [[पुत्र]] थे। वाजश्रवा ने एक बार अपना समस्त धन, गोधन इत्यादि दान कर डाला। यह देखकर उनके पुत्र नचिकेता ने उससे कई बार पूछा कि वह नचिकेता को किसे देंगे। वाजश्रवा ने खीजकर कहा कि [[यमराज]] को दे देंगे। नचिकेता अल्पायु में ही अत्यंत मेधावी था। [[यमलोक]] जाने पर उसे ज्ञात हुआ कि यमराज बाहर गये हुए हैं। तीन [[दिन]] की प्रतीक्षा के उपरांत यमराज लौटे। घर आये [[ब्राह्मण]] को तीन [[रात]] तथा तीन दिन प्रतीक्षा करनी पड़ी, यह जानकर यमराज ने प्रत्येक दिन के निमित्त एक वर मांगने को कहा। &lt;br /&gt;
#नचिकेता ने प्रथम वर से अपने पिता के क्रोध का परिहार तथा वापस लौटने पर उनका वात्सल्यमय व्यवहार मांगा। &lt;br /&gt;
#दूसरे वर से [[अग्निदेव|अग्नि]] के स्वरूप को जानने की इच्छा प्रकट की। अग्नि के स्वरूप का विवेचन करके तथा नचिकेता के ज्ञान से प्रसन्न होकर यमराज ने उसे एक और वर प्रदान किया। &lt;br /&gt;
#नचिकेता ने तीसरे वर से मनुष्य जन्म, मरण तथा [[ब्रह्मा]] को जानने की इच्छा प्रकट की। यमराज इसका उत्तर नहीं देना चाहते थे। उनके अनेक प्रलोभन देने पर भी नचिकेता ने [[मृत्यु]] के रहस्य को जानने का आग्रह नहीं छोड़ा। अंत में यमराज को 'मृत्यु' का रहस्योद्घाटन करते हुए [[ब्रह्मा]] के स्वरूप, जन्म-मरण, विद्या, अविद्या तथा मृत्यु आदि के रहस्य का उद्घाटन करना पड़ा।&amp;lt;ref&amp;gt;कठोपनिषद&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
==महाभारत के अनुसार==&lt;br /&gt;
[[महाभारत]] में [[उद्दालक]] ऋषि के पुत्र का नाम नचिकेता था। एक बार उद्दालक ऋषि ने फल मूल इत्यादि खाद्य पदार्थ नदी के किनारे रखकर स्नान आदि किया और घर लौट आये। घर पहुंचकर उन्हें भूख लगी तो याद आया कि भोज्य सामग्री तो नदी के तट पर ही छोड़ आये हैं। अत: उन्होंने नचिकेता को वह सब उठा लाने के लिए भेजा। नचिकेता के पहुंचने के पूर्व ही नदी के जल में वे सब वस्तुएं बह चुकी थीं। अत: वह ख़ाली हाथ घर लौट आया। उद्दालक भूख से आकुल थे। नचिकेता को ख़ाली हाथ लौटे देख वे रुष्ट होकर बोले - 'तू जा, [[यमराज]] को देख।' [[पिता]] को प्रणाम कर नचिकेता का शरीर जड़ हो गया। वह [[यमपुरी]] में पहुंचा। यमराज ने उसका स्वागत किया और कहा कि उसकी मृत्यु नहीं हुई है किंतु पिता का वचन मिथ्या न जाये, इसी से उसे यहाँ आना पड़ा है। यमराज ने नचिकेता को अपनी नगरी में घुमाकर तथा गोदान का उपदेश देकर पुन: लौटा दिया। उद्दालक ऋषि अपनी वाणी के कारण मृत बालक को देखकर अत्यंत आकुल थे। उसे पुन: जीवित देखकर वे प्रसन्न हो उठे। &amp;lt;ref&amp;gt;महाभारत दानधर्मपर्व, अध्याय 71&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{पौराणिक चरित्र}}&lt;br /&gt;
[[Category:पौराणिक चरित्र]][[Category:प्रसिद्ध चरित्र और मिथक कोश]][[Category:पौराणिक कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:दर्शन कोश]][[Category:उपनिषद]][[Category:महाभारत ]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>वाजश्रवा</title>
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		<updated>2020-02-12T04:05:44Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''वाजश्रवा''' [[हिन्दू]] धार्मिक ग्रंथों के अनुसार एक [[ब्राह्मण]] थे। इन्हें [[नचिकेता]] का [[पिता]] कहा गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*नचिकेता [[कठोपनिषद]] के अनुसार वाजश्रवा नामक [[ब्राह्मण]] के [[पुत्र]] थे।&lt;br /&gt;
*वाजश्रवा ने जब एक बार अपना समस्त धन, गोधन इत्यादि दान कर डाला तो यह देखकर उनके पुत्र नचिकेता ने उनसे कई बार पूछा कि- &amp;quot;वह नचिकेता को किसे देंगे।&amp;quot; तब वाजश्रवा ने खीजकर कहा कि- &amp;quot;[[यमराज]] को दे देंगे।&amp;quot;&lt;br /&gt;
*नचिकेता अल्पायु से ही अत्यंत मेधावी था। [[यमलोक]] जाने पर उसे ज्ञात हुआ कि यमराज बाहर गये हुए हैं। तीन [[दिन]] की प्रतीक्षा के उपरांत यमराज लौटे। घर आये ब्राह्मण को तीन [[रात]] तथा तीन दिन प्रतीक्षा करनी पड़ी, यह जानकर यमराज ने प्रत्येक दिन के निमित्त एक वर मांगने को कहा। नचिकेता ने प्रथम वर से अपने [[पिता]] के क्रोध का परिहार तथा वापस लौटने पर उनका वात्सल्यमय व्यवहार मांगा। दूसरे वर से [[अग्नि]] के स्वरूप को जानने की इच्छा प्रकट की। तीसरे वर से मनुष्य जन्म, मरण तथा [[ब्रह्मा]] को जानने की इच्छा प्रकट की।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{पौराणिक चरित्र}}&lt;br /&gt;
[[Category:पौराणिक चरित्र]][[Category:प्रसिद्ध चरित्र और मिथक कोश]][[Category:पौराणिक कोश]][[Category:दर्शन कोश]][[Category:उपनिषद]][[Category:चरित कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
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		<title>लल थनहवला</title>
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		<updated>2020-02-11T13:08:00Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|चित्र=Lal-Thanhawla.jpg&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=लल थनहवला&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=लल थनहवला&lt;br /&gt;
|अन्य नाम=&lt;br /&gt;
|जन्म=[[6 मई]], [[1942]] &lt;br /&gt;
|जन्म भूमि=दुर्तलंग, [[आईज़ोल]], [[मिज़ोरम]]&lt;br /&gt;
|मृत्यु=&lt;br /&gt;
|मृत्यु स्थान=&lt;br /&gt;
|मृत्यु कारण=&lt;br /&gt;
|अभिभावक=&lt;br /&gt;
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|प्रसिद्धि=राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|पार्टी=[[कांग्रेस]]&lt;br /&gt;
|पद=[[मिज़ोरम]] के तीन बार [[मुख्यमंत्री]] &lt;br /&gt;
|कार्य काल='''प्रथम''' - [[5 मई]] [[1984]] से [[20 अगस्त]] [[1986]]&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
'''द्वितीय''' - [[24 जनवरी]] [[1989]] से [[3 दिसम्बर]] [[1998]]&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
'''तृतीय''' - [[11 दिसम्बर]] [[2008]] से [[11 दिसम्बर]] [[2018]]&lt;br /&gt;
|शिक्षा=&lt;br /&gt;
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|विद्यालय=&lt;br /&gt;
|जेल यात्रा=&lt;br /&gt;
|पुरस्कार-उपाधि=&lt;br /&gt;
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|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
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|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=सन [[1967]] में लल थनहवला [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] में शामिल हुए। [[1973]] में वे [[मिज़ोरम]] के पार्टी अध्यक्ष चुने गए।&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=[http://cmmizoram.nic.in/cm.html आधिकारिक प्रोफ़ाइल]&lt;br /&gt;
|अद्यतन={{अद्यतन|15:57, 6 फ़रवरी 2020 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}'''लल थनहवला''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Lal Thanhawla'', जन्म: [[6 मई]], [[1942]]) भारतीय राज्य [[मिज़ोरम]] के पूर्व [[मुख्यमंत्री]] हैं। इनके नेतृत्व में [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने [[2008]] के मिज़ोरम के [[विधानसभा]] चुनावों में ज़बरदस्त जीत दर्ज की थी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*लल थनहवला का जन्म 6 मई, 1942 को दुर्तलंग, [[आईज़ोल]], मिज़ोरम में हुआ था।&lt;br /&gt;
*इन्होंने [[1958]] में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। [[1961]] में इंटरमीडिएट तथा [[1964]] में बी. ए. की परीक्षा उत्तीर्ण की।&lt;br /&gt;
*लल थनहवला ने अपना कैरियर रिकॉर्डर के तौर पर शुरू किया था। उसके बाद उन्होंने असम को-ऑपरेटिव अपेक्स बैंक में असिस्टेंट के रूप में काम किया।&lt;br /&gt;
*[[1967]] तक लल थनहवला राजनैतिक पार्टी 'मिज़ो नेशनल फ्रंट' के सचिव रहे।&lt;br /&gt;
*सन 1967 में लल थनहवला [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] में शामिल हुए। [[1973]] में वे [[मिज़ोरम]] के पार्टी अध्यक्ष चुने गए।&lt;br /&gt;
*उनके नेतृत्व में [[1984]] में कांग्रेस पार्टी ने मिज़ोरम में बहुमत हासिल किया और वे राज्य के [[मुख्यमंत्री]] चुने गए।&lt;br /&gt;
*लल थनहवला [[11 दिसम्बर]] [[2008]] से [[11 दिसम्बर]] [[2018]] तक राज्य के मुख्यमंत्री थे। इससे पहले वह [[24 जनवरी]] [[1989]] से [[3 दिसम्बर]] [[1998]] तक तथा [[5 मई]] [[1984]] से [[20 अगस्त]] [[1986]] तक भी राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे।&lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{मिज़ोरम के मुख्यमंत्री}}{{भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री}}&lt;br /&gt;
[[Category:मिज़ोरम]][[Category:मिज़ोरम के मुख्यमंत्री]][[Category:मुख्यमंत्री]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:राजनेता]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>गिरिधर गमांग</title>
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		<updated>2020-02-11T13:03:24Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Giridhar-Gamang.jpg|thumb|200px|गिरिधर गमांग]]&lt;br /&gt;
'''गिरिधर गमांग''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Giridhar Gamang'', जन्म- [[8 अप्रैल]] [[1943]]) [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] नेता और [[ओडिशा]] के 13वें पूर्व [[मुख्यमंत्री]] रहे हैं। वे [[17 फ़रवरी]] [[1999]] से [[6 दिसम्बर]] [[1999]] तक [[ओडिशा के मुख्यमंत्री]] रहे थे। गिरिधर गमांग ओडिशा की कोरापुट सीट से [[1972]] से लगातार आठ बार [[लोकसभा]] के सदस्य रहे। वर्ष [[2004]] में वह उसी सीट से नौंवी बार [[सांसद]] बने। वह [[इंदिरा गांधी]], [[राजीव गांधी]] और [[पी. वी. नरसिम्हा राव]] की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*देश में हुए [[1998]] के आम चुनाव में किसी भी पार्टी को पूरी तरह बहुमत नहीं मिला था, लेकिन एआईडीएमके के समर्थन से एनडीए ने केंद्र में सरकार बनाई थी। 13 [[महीने]] के बाद एआईडीएमके ने सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया और सरकार अल्पमत में आ गई। [[राष्ट्रपति]] ने सरकार को अपना बहुमत साबित करने के लिए कहा। [[बसपा]] सुप्रीमो [[मायावती]] ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लेने की बात कही थी, लेकिन आखिरी वक्त पर उन्होंने सदन में जाकर सरकार के खिलाफ वोट दिया।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=https://khabar.ndtv.com/news/india/what-happenede-when-former-indian-pm-vajpayee-meets-giridhar-gamang-1641717 |title=क्या हुआ जब अपनी ही सरकार गिराने वाले गिरधर गमांग से एयरपोर्ट पर मिले पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी|accessmonthday=6 फ़रवरी|accessyear= 2020|last= |first= |authorlink= |format= |publisher=khabar.ndtv.com |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
*[[17 अप्रैल]] [[1999]] को लोकसभा अविश्वास प्रस्ताव पर जब वोटिंग हुई, तब सरकार एक ही वोट से हार गई और इस तरह सरकार गिर गई। उस वक्त [[ओडिशा]] के मुख्यमंत्री गिरधर गमांग ने सरकार  के खिलाफ वोट दिया। जब गिरिधर गमांग ओडिशा के [[मुख्यमंत्री]] बने, तब सांसद भी थे; लेकिन [[विधायक]] नहीं थे। छह महीने के अंदर उनको विधायक बनकर मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को आगे बढ़ाना था। सांसद के पद से उन्होंने इस्तीफ़ा नहीं दिया था। सांसद के रूप में गिरिधर गमांग वोट देने पहुंचे और [[कांग्रेस]] के सदस्य होने के नाते सरकार के खिलाफ वोट दिया। किसी को यह उम्मीद नहीं थी कि सरकार एक ही वोट से गिर जाएगी और जब ऐसा हो गया तो गिरिधर गमांग सुर्खियों में आ गए। मुख्यमंत्री रहते हुए वोट देने के लिए पहुंचने पर उनकी आलोचना भी हुई थी।  &lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक3 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{ओडिशा के मुख्यमंत्री}}{{भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री}}{{पाँचवीं लोकसभा सांसद}}{{छठी लोकसभा सांसद}}{{सातवीं लोकसभा सांसद}}{{आठवीं लोकसभा सांसद}}{{नौवीं लोकसभा सांसद}}{{दसवीं लोकसभा सांसद}}{{ग्यारहवीं लोकसभा सांसद}}{{बारहवीं लोकसभा सांसद}}{{चौदहवीं लोकसभा सांसद}}&lt;br /&gt;
[[Category:उड़ीसा राज्य]][[Category:मुख्यमंत्री]][[Category:उड़ीसा के मुख्यमंत्री]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:राजनेता]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची]][[Category:लोकसभा सांसद]]&lt;br /&gt;
[[Category:पाँचवीं लोकसभा सांसद]][[Category:छठी लोकसभा सांसद]][[Category:सातवीं लोकसभा सांसद]][[Category:आठवीं लोकसभा सांसद]][[Category:नौवीं लोकसभा सांसद]][[Category:दसवीं लोकसभा सांसद]][[Category:ग्यारहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:बारहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:चौदहवीं लोकसभा सांसद]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6_%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2&amp;diff=640766</id>
		<title>हेमानन्द बिश्वाल</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6_%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2&amp;diff=640766"/>
		<updated>2020-02-11T12:58:05Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Hemananda-Biswal.jpg|thumb|200px|हेमानन्द बिश्वाल]]&lt;br /&gt;
'''हेमानन्द बिश्वाल''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Hemananda Biswal'', जन्म- [[1 दिसम्बर]], [[1939]]) [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के प्रसिद्ध राजनेता तथा राजनीतिज्ञ रहे हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*हेमानन्द बिश्वाल दो बार [[ओडिशा के मुख्यमंत्री]] रहे -&lt;br /&gt;
'''प्रथम''' - [[7 दिसम्बर]] [[1989]] से [[5 मार्च]] [[1990]] तक&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
'''द्वितीय''' - [[6 दिसम्बर]] [[1999]] से [[5 मार्च]] [[2000]] तक&lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक3 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{ओडिशा के मुख्यमंत्री}}{{भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री}}&lt;br /&gt;
[[Category:उड़ीसा राज्य]][[Category:मुख्यमंत्री]][[Category:उड़ीसा के मुख्यमंत्री]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:राजनेता]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
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		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>राजेंद्र नारायण सिंह देव</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Rajendra-Narayan-Singh-Deo.jpg|thumb|200px|राजेंद्र नारायण सिंह देव]]&lt;br /&gt;
'''राजेंद्र नारायण सिंह देव''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Rajendra Narayan Singh Deo'', जन्म- [[31 मार्च]], [[1912]]; मृत्यु- [[23 फ़रवरी]], [[1975]]) भारतीय राजनीतिज्ञ थे। वह [[उड़ीसा|उड़ीसा राज्य]] के 6वें [[मुख्यमंत्री]] रहे थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*राजेंद्र नारायण सिंह देव [[1950]] से [[1962]] तक गणतंत्र परिषद राजनैतिक दल के अध्यक्ष थे।&lt;br /&gt;
*सन [[1962]] में जब '''गणतंत्र परिषद''' का विलय 'समाजवादी पार्टी' में हो गया, तब राजेंद्र नारायण सिंह देव समाजवादी पार्टी की ओडिशा शाखा के अध्यक्ष बने।&lt;br /&gt;
*[[8 मार्च]] [[1967]] से [[9 जनवरी]] [[1971]] तक राजेंद्र नारायण सिंह देव [[ओडिशा के मुख्यमंत्री]] रहे।&lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक3 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{ओडिशा के मुख्यमंत्री}}{{भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री}}&lt;br /&gt;
[[Category:उड़ीसा राज्य]][[Category:मुख्यमंत्री]][[Category:उड़ीसा के मुख्यमंत्री]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:राजनेता]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>नीलमणि राउत्रे</title>
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		<updated>2020-02-11T12:54:31Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Nilamani-Routray.jpg|thumb|200px|नीलमणि राउत्रे]]&lt;br /&gt;
'''नीलमणि राउत्रे''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Nilamani Routray'', जन्म- [[24 मई]] [[1920]]; मृत्यु- [[4 अक्टूबर]] [[2004]]) भारतीय राजनीतिज्ञ तथा [[उड़ीसा|उड़ीसा राज्य]] के भूतपूर्व [[मुख्यमंत्री]] थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*नीलमणि राउत्रे [[26 जून]] [[1977]] से [[17 फ़रवरी]] [[1980]] तक [[ओडिशा के मुख्यमंत्री]] रहे।&lt;br /&gt;
*[[विश्वनाथ प्रताप सिंह]] के केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में नीलमणि राउत्रे 'स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री' और बाद में 'वन और पर्यावरण मंत्री' रहे थे।&lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक3 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{ओडिशा के मुख्यमंत्री}}{{भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री}}&lt;br /&gt;
[[Category:उड़ीसा राज्य]][[Category:मुख्यमंत्री]][[Category:उड़ीसा के मुख्यमंत्री]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:राजनेता]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
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		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>अजीत सिंह (राजनीतिज्ञ)</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: /* अभिभावक */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{बहुविकल्प|बहुविकल्पी शब्द=अजीत सिंह|लेख का नाम=अजीत सिंह (बहुविकल्पी)}}&lt;br /&gt;
[[चित्र:अजित सिंह.jpg|thumb|अजीत सिंह]]&lt;br /&gt;
[[लोकसभा]] सदस्य अजीत सिंह [[:श्रेणी:नौवीं लोकसभा सांसद|नौवीं]], [[:श्रेणी:दसवीं लोकसभा सांसद|दसवीं]], [[:श्रेणी:ग्यारहवीं लोकसभा सांसद|ग्यारहवीं]], [[:श्रेणी:तेरहवीं लोकसभा सांसद|तेरहवीं]] और [[:श्रेणी:पंद्रहवीं लोकसभा सांसद|पंद्रहवीं]] लोकसभा के सदस्य चुने गये।&lt;br /&gt;
==जन्म==&lt;br /&gt;
[[12 फरवरी]] 1939 &lt;br /&gt;
==अभिभावक==&lt;br /&gt;
पिता- [[चौधरी चरण सिंह|श्री चौधरी चरण सिंह]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==शिक्षा==&lt;br /&gt;
विज्ञान स्नातक, वाणिज्य स्नातक, बी. टैक, एम. एस&lt;br /&gt;
==विवाह== &lt;br /&gt;
श्रीमती राधिका सिंह &lt;br /&gt;
==संतान==&lt;br /&gt;
एक पुत्र और दो पुत्री&lt;br /&gt;
==चुनाव क्षेत्र==&lt;br /&gt;
[[बागपत]], [[उत्तर प्रदेश]]&lt;br /&gt;
==पार्टी==&lt;br /&gt;
राष्ट्रीय लोक दल&lt;br /&gt;
==सदस्यता==&lt;br /&gt;
केन्द्रीय राज्य सभा 1986&lt;br /&gt;
==केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री==&lt;br /&gt;
*केन्द्रीय उद्योग मंत्री [[दिसंबर]] 1989-[[नवंबर]] 1990 &lt;br /&gt;
*केन्द्रीय खाद्य मंत्री [[फरवरी]] 1995-[[मई]] 1996&lt;br /&gt;
*केन्द्रीय कृषि मंत्री [[22 जुलाई]] 2001 से पदासीन&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक=|पूर्णता=|शोध=}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{नौवीं लोकसभा सांसद}}{{दसवीं लोकसभा सांसद}}{{ग्यारहवीं लोकसभा सांसद}}{{तेरहवीं लोकसभा सांसद}}{{पंद्रहवीं लोकसभा सांसद}}{{लोकसभा सांसद}}&lt;br /&gt;
[[Category:लोकसभा_सांसद]][[Category:नौवीं लोकसभा सांसद]][[Category:दसवीं लोकसभा सांसद]]&lt;br /&gt;
[[Category:ग्यारहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:तेरहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:पंद्रहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:असम के लोकसभा सांसद]][[Category:राजनीति_कोश]][[Category:लोकसभा]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%93%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A4%BE&amp;diff=640760</id>
		<title>ओड़िया भाषा</title>
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		<updated>2020-02-11T12:33:50Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: उड़िया भाषा को अनुप्रेषित&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
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		<title>नवकृष्ण चौधरी</title>
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		<updated>2020-02-11T12:33:05Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Nabakrushna-Choudhuri.jpg|thumb|250px|नवकृष्ण चौधरी]]&lt;br /&gt;
'''नवकृष्ण चौधरी''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Nabakrushna Choudhuri'', जन्म- [[23 नवम्बर]] [[1901]]; मृत्यु- [[1984]]) [[उड़ीसा]] के दूसरे [[मुख्यमंत्री]] थे। वे [[12 मई]] [[1950]] से [[20 फ़रवरी]] [[1952]] तक, इसके बाद [[20 फ़रवरी]] [[1952]] से [[19 अक्टूबर]] [[1956]] तक इस पद पर रहे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*राज्य में [[ओड़िया भाषा]] को प्रशासन की भाषा बनाकर लोगों तक पहुंचाने के लिए नवकृष्ण चौधरी ने सन [[1954]] में ओड़िया भाषा कानून बनाया था।&lt;br /&gt;
*मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद नवकृष्ण चौधरी '[[भूदान आंदोलन]]', 'सर्वोदय आईदालन' से जुड़े रहे और जीवन पर्यंत लोगों के हित से जुड़े कार्य करते रहे।&lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक3 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{ओडिशा के मुख्यमंत्री}}{{भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री}}&lt;br /&gt;
[[Category:उड़ीसा राज्य]][[Category:मुख्यमंत्री]][[Category:उड़ीसा के मुख्यमंत्री]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:राजनेता]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
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		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>टी. सैलोओ</title>
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		<updated>2020-02-11T12:27:24Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:T-Sailo.jpg|thumb|200px|टी. सैलोओ]]&lt;br /&gt;
'''थेनफुंगा सैलोओ''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Thenphunga Sailo'', जन्म- [[1 जनवरी]] [[1922]]; मृत्यु- [[27 मार्च]] [[2015]]) [[भारतीय सेना]] के एक ब्रिगेडियर और उत्तर-पूर्व भारत के [[मिज़ोरम|मिज़ोरम राज्य]] के दूसरे [[मुख्यमंत्री]] थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*टी. सैलोओ दो बार -  [[2 जून]] [[1978]] से [[10 नवंबर]] [[1978]] तक और फिर [[8 मई]] [[1979]] से [[4 मई]] [[1984]] तक मिज़ोरम राज्य के मुख्यमंत्री रहे।&lt;br /&gt;
*वह 'मिज़ोरम पीपुल्स कॉन्फ्रेंस' के निर्माता थे, जो मिज़ोरम के प्रमुख राजनीतिक दलों में से एक था।&lt;br /&gt;
*टी. सैलोओ को अपनी जीवन भर की सैन्य उपलब्धियों और सैन्य सेवा के लिए 'अति विशिष्ट सेवा पदक' से नवाजा गया था। उन्हें 'मिज़ो अवॉर्ड' से भी सम्मानित किया गया था।&lt;br /&gt;
*[[भारत सरकार]] ने उन्हें '[[पद्म श्री]]' से भी सम्मानित किया था।&lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{मिज़ोरम के मुख्यमंत्री}}{{भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री}}{{पद्मश्री}}&lt;br /&gt;
[[Category:मिज़ोरम]][[Category:मिज़ोरम के मुख्यमंत्री]][[Category:मुख्यमंत्री]][[Category:पद्म श्री]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:राजनेता]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>नानकाना साहब</title>
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		<updated>2020-02-11T12:26:16Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: ननकाना साहिब को अनुप्रेषित&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;#REDIRECT [[ननकाना साहिब]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>तलवंडी</title>
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		<updated>2020-02-11T12:25:42Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''तलवंडी''' [[पाकिस्तान]] के पंजाब प्रान्त का एक नगर है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*तलवंडी नामक स्थान पर [[15 अप्रैल]], 1469 को एक किसान के घर [[सिक्ख]] धर्म् के गुरु [[गुरु नानक]] का जन्म हुआ था।&lt;br /&gt;
*यह स्थान [[लाहौर]] से 30 मील [[पश्चिम दिशा|पश्चिम]] में स्थित है।&lt;br /&gt;
*अब यह '[[नानकाना साहब]]' कहलाता है।&lt;br /&gt;
*तलवंडी का नाम आगे चलकर गुरु नानक के नाम पर 'ननकाना' पड़ गया। &lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{सिक्ख धर्म}}{{विदेशी स्थान}}&lt;br /&gt;
[[Category:सिक्ख धार्मिक स्थल]][[Category:धार्मिक स्थल कोश]][[Category:सिक्ख धर्म कोश]][[Category:विदेशी स्थान]][[Category:विदेशी नगर]][[Category:ऐतिहासिक स्थल]][[Category:ऐतिहासिक स्थान कोश]][[Category:इतिहास कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
	<entry>
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		<title>ग्रीष्म ॠतु</title>
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		<updated>2020-02-11T12:23:11Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: ग्रीष्म ऋतु को अनुप्रेषित&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;#REDIRECT [[ग्रीष्म ऋतु]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>अश्वमेध यज्ञ</title>
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		<updated>2020-02-11T12:20:36Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: /* यज्ञ का प्रारम्भ */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Ashvamedha.jpg|thumb|250px|अश्वमेध यज्ञ]]&lt;br /&gt;
वैदिक यज्ञों में अश्वमेध यज्ञ का महत्त्वपूर्ण स्थान है। यह महाक्रतुओं में से एक है। &lt;br /&gt;
{{tocright}}&lt;br /&gt;
*[[ऋग्वेद]] में इससे सम्बन्धित दो मन्त्र हैं। &lt;br /&gt;
*[[शतपथ ब्राह्मण]]&amp;lt;ref&amp;gt;शतपथ ब्राह्मण 13.1-5&amp;lt;/ref&amp;gt; में इसका विशद वर्णन प्राप्त होता है। &lt;br /&gt;
*[[तैत्तिरीय ब्राह्मण]]&amp;lt;ref&amp;gt;तैत्तिरीय ब्राह्मण 3.8-1&amp;lt;/ref&amp;gt;, &lt;br /&gt;
*कात्यायनीय श्रोतसूत्र&amp;lt;ref&amp;gt;कात्यायनीय श्रोतसूत्र 20&amp;lt;/ref&amp;gt;, &lt;br /&gt;
*आपस्तम्ब:&amp;lt;ref&amp;gt;आपस्तम्ब 20&amp;lt;/ref&amp;gt;, &lt;br /&gt;
*आश्वलायन&amp;lt;ref&amp;gt;आश्वलायन 10.6&amp;lt;/ref&amp;gt;, &lt;br /&gt;
*शंखायन&amp;lt;ref&amp;gt;शंखायन 16&amp;lt;/ref&amp;gt; तथा दूसरे समान ग्रन्थों में इसका वर्णन प्राप्त होता है। &lt;br /&gt;
*[[महाभारत]]&amp;lt;ref&amp;gt;महाभारत 10.71.14&amp;lt;/ref&amp;gt; में महाराज [[युधिष्ठिर]] द्वारा [[कौरव|कौरवौं]] पर विजय प्राप्त करने के पश्चात् पाप मोचनार्थ किये गये अश्वमेध यज्ञ का विशद वर्णन है। &lt;br /&gt;
----&lt;br /&gt;
अश्वमेध मुख्यत: राजनीतिक यज्ञ था और इसे वही सम्राट कर सकता था, जिसका अधिपत्य अन्य सभी नरेश मानते थे। आपस्तम्ब: में लिखा है:&amp;lt;ref&amp;gt;राजा सार्वभौम: अश्वमेधेन यजेत्। नाप्यसार्वभौम:&amp;lt;/ref&amp;gt; सार्वभौम राजा अश्वमेध करे असार्वभौम कदापि नहीं। यह [[यज्ञ]] उसकी विस्तृत विजयों, सम्पूर्ण अभिलाषाओं की पूर्ति एवं शक्ति तथा साम्राज्य की वृद्धि का द्योतक होता था।&lt;br /&gt;
==यज्ञ का प्रारम्भ==&lt;br /&gt;
*दिग्विजय-यात्रा के पश्चात् साफल्य मण्डित होने पर इस [[यज्ञ]] का अनुष्ठान होता था। [[ऐतरेय ब्राह्मण]]&amp;lt;ref&amp;gt;ऐतरेय ब्राह्मण 8.20&amp;lt;/ref&amp;gt; इस यज्ञ के करने वाले महाराजों की सूची प्रस्तुत करता है, जिन्होंने अपने राज्यारोहण के पश्चात् [[पृथ्वी देवी|पृथ्वी]] को जीता एवं इस यज्ञ को किया। इस प्रकार यह यज्ञ सम्राट का प्रमुख कर्तव्य समझा जाने लगा। जनता इसमें भाग लेने लगी एवं इसका पक्ष धार्मिक की अपेक्षा अधिक सामाजिक होता गया। वाक्चातुर्य, शास्त्रार्थ आदि के प्रदर्शन का इसमें समावेश हुआ। इस प्रकार इस यज्ञ ने दूसरे श्रोत यज्ञों से भिन्न रूप ग्रहण कर लिया।&lt;br /&gt;
*यज्ञ का प्रारम्भ [[बसन्त ऋतु|बसन्त]] अथवा [[ग्रीष्म ॠतु]] में होता था तथा इसके पूर्व प्रारम्भिक अनुष्ठानों में प्राय: एक [[वर्ष]] का समय लगता था। सर्वप्रथम एक अयुक्त [[अश्व]] चुना जाता था। यज्ञ स्तम्भ में बाँधने के प्रतीकात्मक कार्य से मुक्त कर इसे स्नान कराया जाता था तथा एक वर्ष तक अबन्ध दौड़ने तथा बूढ़े घोड़ों के साथ खेलने दिया जाता था। इसके पश्चात् इसकी दिग्विजय यात्रा प्रारम्भ होती थी। इसके सिर पर जय-पत्र बाँधकर छोड़ा जाता था। एक सौ राजकुमार, एक सौ राज सभासद, एक सौ उच्चाधिकारियों के [[पुत्र]] तथा एक सौ छोटे अधिकारियों के पुत्र इसकी रक्षा के लिये सशस्त्र पीछे-पीछे प्रस्थान करते थे इसके स्वतन्त्र विचरण में कोई बाधा उपस्थित नहीं होने देते थे। इस अश्व के चुराने या इसे रोकने वाले नरेश से युद्ध होता था। यदि यह अश्व खो जाता तो दूसरे अश्व से यह क्रिया आरम्भ से पुन: की जाती थी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==दिग्विजय-यात्रा==&lt;br /&gt;
*जब यह अश्व दिग्विजय-यात्रा पर जाता था तो स्थानीय लोग इसके पुनरागमन की प्रतिक्षा करते थे। मध्यकाल में अनेकों प्रकार के उत्सव मनाये जाते थे। सवितदेव को नित्य उपहार दिया जाता था। राजा के सम्मुख पुरोहित उत्सव के मध्य मन्त्रगान करता था। इस मन्त्रगान का चक्र प्रत्येक ग्यारहवें दिन दुहराया जाता था। इसमें गान, वंशी-वादन तथा [[वेद]] के विशेष अध्यायों का पाठ होता था। इस अवसर पर राजकवि राजा की प्रशंसा में रचित गीतों को सुनाता था। &lt;br /&gt;
*मन्त्रगान नाटक के रूप में विविध प्रकार के पात्रों, वृद्ध, नवयुवक, सँपेरों, डाकू, मछुवा, आखेटक एवं ॠषियों के माध्यम से प्रस्तुत होता था। जब वर्ष समाप्त होता और अश्व वापस आ जाता, तब राजा की दीक्षा के साथ यज्ञ प्रारम्भ होता था। &lt;br /&gt;
*वास्तविक यज्ञ तीन दिन चलता था, जिसमें अन्य पशु यज्ञ होते थे एवं [[सोम रस|सोमरस]] भी निचोड़ा जाता था। दूसरे दिन यज्ञ का अश्व स्वर्णाभरण से सुसज्जित कर, तीन अन्य अश्वों के साथ एक रथ में बाँधा जाता था और उसे चारों ओर घुमाकर फिर रानियों द्वारा अभिषिक्त एवं सुसज्जित किया जाता था, जब कि होता (यजमान, हवन करने वाला) एवं प्रमुख पुरोहित ब्रह्मोद्म करते थे। &lt;br /&gt;
*पुन: अश्व एक बकरे के साथ यज्ञ स्तम्भ में बाँध दिया जाता था। दूसरे पशु जो सैकड़ों की संख्या में होते थे, बलि के लिये स्तम्भों में बाँधे जाते थे। कपड़ों से ढककर इनका श्वास फुलाया जाता था। पुन: मुख्य रानी अश्व के साथ वस्त्रा-वरण के भीतर प्रतीकात्मक रूप से लेटती थी। पुरोहितादि ब्राह्मण महिलाओं के साथ प्रमोद्पूर्वक प्रश्नोत्तर करते थे।&amp;lt;ref&amp;gt;वाजसनेयी-संहिता,23,22&amp;lt;/ref&amp;gt; ज्यों-ही मुख्य रानी उठ खड़ी होती, त्यों-ही चातुरीपूर्वक यज्ञ-अश्व काट दिया जाता था। &lt;br /&gt;
*अबोधगम्य कृत्यों के पश्चात, जिसमें सभी पुरोहित एवं यज्ञ करने वाले सम्मिलित होते थे, अश्व के विभिन्न भागों को भूनकर प्रजापति को आहुति दी जाती थी। तीसरे दिन यज्ञकर्ता को विशुद्धि-स्नान कराया जाता, जिसके बाद वह यज्ञ कराने वाले पुरोहितों तथा ब्राह्मणों को दान देता था। &lt;br /&gt;
*दक्षिणा जीते हुए देशों से प्राप्त धन का एक भाग होती थी। कहीं-कहीं दासियों सहित रानियों को भी उपहार सामग्री के रूप में दिये जाने का उल्लेख पाया जाता है। &lt;br /&gt;
*अश्वमेध ब्रह्म-हत्या आदि पापक्षय, स्वर्ग प्राप्ति एवं मोक्ष प्राप्ति के लिये भी किया जाता था। गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद अश्वमेध प्राय: बन्द ही हो गया। इसके परवर्ती उल्लेख प्राय: परम्परागत हैं। इनमें भी इस यज्ञ के बहुत से श्रोत अंग संम्पन्न नहीं होते थे।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति |आधार=|प्रारम्भिक= प्रारम्भिक2|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध=}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{यज्ञ}}{{महाभारत}}{{भूले बिसरे शब्द}}&lt;br /&gt;
[[Category:पौराणिक कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:महाभारत]]&lt;br /&gt;
[[Category:यज्ञ]]&lt;br /&gt;
[[Category:भूला-बिसरा भारत]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0_%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0_%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B5&amp;diff=640744</id>
		<title>सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव</title>
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		<updated>2020-02-11T12:18:17Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव''' (जन्म- [[10 फ़रवरी]], [[1915]], [[गोरखपुर]], [[उत्तर प्रदेश]]; मृत्यु- [[2001]], [[काशी]]) जाने-माने लेखक थे। इनकी प्रगतिशील रचनाएँ 'हंस' और 'पूर्वांचल' में प्रकाशित हुई थीं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://www.kashikatha.com/%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B5/%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/|title=काशी के साहित्यकार|accessmonthday=13 जनवरी |accessyear=2014|last= |first= |authorlink= |format= |publisher= |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*[[उत्तर प्रदेश]] के [[गोरखपुर]] में जन्मे सुरेन्द्र कुमार की प्रगतिशील रचनाएँ उल्लेखनीय हैं।&lt;br /&gt;
*ये एक सिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक भी थे।&lt;br /&gt;
*सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव के जनवादी स्वर में ‘अस्थि पंजर अवशेष’ में दीन दुखियों के क्रंदन के शब्द चित्र बखूबी उभर कर प्रकट होते हैं।&lt;br /&gt;
*नई पीढ़ी के रचनाकारों को सदैव नवसृजन की प्रेरणा सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव देते थे।&lt;br /&gt;
*सन [[2001]] में काशी (वर्तमान [[बनारस]]) में इनका निधन हो गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{साहित्यकार}}&lt;br /&gt;
[[Category:साहित्यकार]][[Category:लेखक]][[Category:आधुनिक लेखक]][[Category:काशी]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:साहित्य कोश]][[Category:चरित कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>विष्णु राम मेधी</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A5%81_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE_%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A7%E0%A5%80&amp;diff=640736"/>
		<updated>2020-02-11T11:46:12Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Bishnuram-Medhi.jpg|thumb|200px|विष्णु राम मेधी]]&lt;br /&gt;
'''विष्णु राम मेधी''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Bishnu Ram Medhi'', जन्म- [[24 अप्रॅल]], [[1888]]; मृत्यु- [[21 जनवरी]], [[1981]]) भारतीय राजनीतिज्ञ, स्वतंत्रता सेनानी और [[असम]] के दूसरे [[मुख्यमंत्री]] थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*असम की राजनीति में प्रसिद्ध रहे विष्णु राम मेधी [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के नेता थे।&lt;br /&gt;
*वे [[9 अगस्त]] सन [[1950]] से [[27 दिसम्बर]], [[1957]] तक [[असम के मुख्यमंत्री]] रहे।&lt;br /&gt;
*विष्णु राम मेधी [[जनवरी]], [[1958]] से [[मई]], [[1964]] तक [[मद्रास|मद्रास राज्य]] के [[राज्यपाल]] रहे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक= प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{असम के मुख्यमंत्री}}{{स्वतंत्रता सेनानी}}&lt;br /&gt;
[[Category:असम के मुख्यमंत्री]][[Category:मुख्यमंत्री]][[Category:स्वतन्त्रता सेनानी]][[Category:राज्यपाल]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:चरित कोश]][[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:राजनीति कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>दिब्रूगढ़</title>
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		<updated>2020-02-11T11:45:00Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: डिब्रूगढ़ ज़िला को अनुप्रेषित&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;#REDIRECT [[डिब्रूगढ़ ज़िला]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>जोगेन्द्र नाथ हज़ारिका</title>
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		<updated>2020-02-11T11:43:58Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Jogendra-Nath-Hazarika.jpg|thumb|200px|जोगेन्द्र नाथ हज़ारिका]]&lt;br /&gt;
'''जोगेन्द्र नाथ हज़ारिका''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Jogendra Nath Hazarika'', जन्म- [[9 सितम्बर]], [[1924]]) भारतीय राजनीतिज्ञ थे। वे [[असम]] राज्य के सातवें [[मुख्यमंत्री]] थे।&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
*जोगेन्द्र नाथ हज़ारिका [[9 सितंबर]], [[1979]] से [[11 दिसंबर]], [[1979]] तक [[असम के मुख्यमंत्री]] थे।&lt;br /&gt;
*वह [[1951]], [[1957]], [[1962]] और [[1967]] में [[असम]] के [[दिब्रूगढ़]] निर्वाचन क्षेत्र से [[भारत]] की [[संसद]] के निचले सदन के लिए चुने गए थे।&lt;br /&gt;
*जोगेन्द्र नाथ हज़ारिका [[जनता दल]] के नेता थे।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक=|पूर्णता=|शोध=}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{असम के मुख्यमंत्री}}{{भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री}}&lt;br /&gt;
[[Category:असम]][[Category:असम के मुख्यमंत्री]][[Category:मुख्यमंत्री]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:राजनेता]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BE_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5&amp;diff=640731</id>
		<title>बुर्गुला रामकृष्ण राव</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BE_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5&amp;diff=640731"/>
		<updated>2020-02-11T11:41:58Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|चित्र=Burgula-Ramakrishna-Rao.jpg&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=बुर्गुला कृष्ण राव&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=बुर्गुला कृष्ण राव&lt;br /&gt;
|अन्य नाम=&lt;br /&gt;
|जन्म=[[13 मार्च]], [[1899]]&lt;br /&gt;
|जन्म भूमि=[[महबूबनगर]], [[आंध्र प्रदेश]]&lt;br /&gt;
|मृत्यु=[[15 सितम्बर]], [[1967]]&lt;br /&gt;
|मृत्यु स्थान=&lt;br /&gt;
|मृत्यु कारण=&lt;br /&gt;
|अभिभावक=&lt;br /&gt;
|पति/पत्नी=&lt;br /&gt;
|संतान=&lt;br /&gt;
|स्मारक= &lt;br /&gt;
|क़ब्र= &lt;br /&gt;
|नागरिकता=भारतीय&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|पार्टी=[[कांग्रेस]]&lt;br /&gt;
|पद=[[राज्यपाल]] ([[उत्तर प्रदेश]], [[केरल]]); [[मुख्यमंत्री]], (हैदराबाद राज्य‌)&lt;br /&gt;
|भाषा=&lt;br /&gt;
|जेल यात्रा=&lt;br /&gt;
|कार्य काल=[[1 जुलाई]], [[1960]] से [[15 अप्रैल]] [[1962]] तक &lt;br /&gt;
|विद्यालय= फर्ग्यूसन कॉलेज, [[पूना]] तथा [[मुंबई विश्वविद्यालय]] &lt;br /&gt;
|शिक्षा=&lt;br /&gt;
|पुरस्कार-उपाधि=&lt;br /&gt;
|विशेष योगदान=बुर्गुला रामकृष्ण राव ने ‘[[भारत छोड़ो आन्दोलन]]’ में सक्रिय भाग लिया और कई बार जेल गये।&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=[[मुख्यमंत्री]], [[राज्यपाल]]&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
|पाठ 1=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=बुर्गुला रामकृष्ण राव 'हैदराबाद सामाजिक सम्मेलन' के सचिव रहे तथा 'हैदराबाद सुधार समिति' एवं 'हैदराबाद राजनैतिक सम्मेलन' के सदस्य रहे।&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन={{अद्यतन|17:05, 18 अक्टूबर 2016 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}'''बुर्गुला रामकृष्ण राव''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Burgula Ramakrishna Rao'', जन्म-[[13 मार्च]], [[1899]], [[महबूबनगर]], [[आंध्र प्रदेश]]; मृत्यु- [[15 सितम्बर]], [[1967]]) आंध्र प्रदेश के राजनैतिक नेता थे। वे [[6 मार्च]], [[1952]] से [[31 अक्टूबर]], [[1956]] तक [[हैदराबाद|हैदराबाद राज्य]] के [[मुख्यमंत्री]] रहे।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://upgovernor.gov.in/hindi_version/raobio_H.htm |title=डा. बारागुला रामाकृष्णा राव |accessmonthday= 05 अक्टूबर|accessyear= 2016|last= |first= |authorlink= |format= |publisher=upgovernor.gov.in |language=हिंदी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
===शिक्षा===&lt;br /&gt;
इन्होंने [[1923]] में [[पूना]] के फर्ग्यूसन कॉलेज और [[मुंबई विश्वविद्यालय]] से शिक्षा ग्रहण की। [[1924]] में उन्होंने हैदराबाद में वकालत शुरू की। &lt;br /&gt;
===कॅरियर===&lt;br /&gt;
बुर्गुला रामकृष्ण राव 'हैदराबाद सामाजिक सम्मेलन' के सचिव रहे तथा 'हैदराबाद सुधार समिति' एवं 'हैदराबाद राजनैतिक सम्मेलन' के सदस्य रहे। [[1938]] में उन्हें राज्य कांग्रेस का कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया। [[1937]] में वे प्यूपिल्स कन्वेंशन के सचिव निर्वाचित हुए। वे तीन [[वर्ष|वर्षो]] तक [[आन्ध्र प्रदेश]] [[कांग्रेस]] के अध्यक्ष रहे। उन्होंने ‘[[भारत छोड़ो आन्दोलन]]’ में सक्रिय भाग लिया और कई बार जेल गये। आन्ध्र प्रदेश सरकार में वे [[1950]]-[[1952]] तक राजस्व एवं शिक्षामंत्री रहे। [[1952]]-[[1956]] तक वे हैदराबाद राज्य के मुख्यमंत्री रहे।&lt;br /&gt;
===राज्यपाल===&lt;br /&gt;
[[1956]] में उन्हें [[केरल]] का [[राज्यपाल]] नियुक्त किया गया और वे इस पद पर [[1960]] तक रहे, उसके बाद [[1 जुलाई]], [[1960]] को उन्हें [[उत्तर प्रदेश के राज्यपाल|उत्तर प्रदेश का राज्यपाल]] नियुक्त किया गया और वे इस पद पर [[15 अप्रैल]] [[1962]] तक कार्यरत रहे।&lt;br /&gt;
====निधन====&lt;br /&gt;
डा.बुर्गुला कृष्ण राव की निधन [[15 सितम्बर]], [[1967]] को हुआ था।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक= प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{उत्तर प्रदेश के राज्यपाल}}{{केरल के राज्यपाल}}{{आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री}}{{भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री}}&lt;br /&gt;
[[Category:आंध्र प्रदेश]][[Category:आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री]][[Category:मुख्यमंत्री]]&lt;br /&gt;
[[Category:केरल के राज्यपाल]][[Category:उत्तर प्रदेश के राज्यपाल]][[Category:राज्यपाल]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:राजनेता]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
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		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AC%E0%A5%80._%E0%A4%9C%E0%A5%80._%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A5%80&amp;diff=640730</id>
		<title>बी. जी. रेड्डी</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AC%E0%A5%80._%E0%A4%9C%E0%A5%80._%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A5%80&amp;diff=640730"/>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|चित्र=Bezawada-Gopala-Reddy.jpg&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=बी. जी. रेड्डी&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=बेज़वाडा गोपाला रेड्डी&lt;br /&gt;
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|जन्म=[[5 अगस्त]] [[1907]]&lt;br /&gt;
|जन्म भूमि=&lt;br /&gt;
|मृत्यु=[[9 मार्च]] [[1997]]&lt;br /&gt;
|मृत्यु स्थान= &lt;br /&gt;
|मृत्यु कारण=&lt;br /&gt;
|अभिभावक=&lt;br /&gt;
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|संतान=&lt;br /&gt;
|स्मारक= &lt;br /&gt;
|क़ब्र= &lt;br /&gt;
|नागरिकता=भारतीय&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|पार्टी=[[कांग्रेस]]&lt;br /&gt;
|पद=[[राज्यपाल]] ([[उत्तर प्रदेश]]); [[मुख्यमंत्री]] ([[आंध्र प्रदेश]])&lt;br /&gt;
|भाषा=&lt;br /&gt;
|जेल यात्रा=&lt;br /&gt;
|कार्य काल=[[1 मई]] [[1967]] से [[1 जुलाई]] [[1972]] तक&lt;br /&gt;
|विद्यालय=शान्ति निकेतन&lt;br /&gt;
|शिक्षा=&lt;br /&gt;
|पुरस्कार-उपाधि=&lt;br /&gt;
|विशेष योगदान=&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
|पाठ 1=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=बी. जी. रेड्डी [[1958]] में [[राज्य सभा]] के लिए निर्वाचित हुए। [[1962]] में उन्हें निर्माण, आवास एवं आपूर्ति मंत्री नियुक्त किया गया तथा [[1962]] से [[1963]] तक वे सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहे। &lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन={{अद्यतन|17:40, 18 अक्टूबर 2016 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''बेज़वाड़ा गोपाल रेड्डी''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Bezawada Gopala Reddy'', जन्म- [[5 अगस्त]] [[1907]], [[नेल्लोर]]; मृत्यु- [[9 मार्च]] [[1997]]) [[मद्रास]] [[विधान सभा]] के सदस्य थे, जो सन [[1967]] में [[उत्तर प्रदेश के राज्यपाल]] बने। [[1948]] में ये राज्य विधानसभा के नेता सदन निर्वाचित हुए तथा [[आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री]] भी रहे।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://upgovernor.gov.in/hindi_version/reddybio_H.htm |title=डा. बी. गोपाला रेड्डी  |accessmonthday= 06 अक्टूबर|accessyear= 2016|last= |first= |authorlink= |format= |publisher=upgovernor.gov.in |language=हिंदी }}&amp;lt;/ref&amp;gt; [[रबींद्रनाथ टैगोर]] के कार्यों को बेज़वाड़ा गोपाल रेड्डी ने पसंद किया और उनकी कई पुस्तकों का [[तेलुगु भाषा]] में भी [[अनुवाद]] किया।&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
*बी. जी. रेड्डी का जन्म [[5 अगस्त]] [[1907]] के हुआ था। इन्होंने अपनी उच्च शिक्षा [[शान्तिनिकेतन|शान्ति निकेतन]] से प्राप्त की।&lt;br /&gt;
*[[1937]] में वे मद्रास विधान सभा के सदस्य निर्वाचित हुए।&lt;br /&gt;
*[[मद्रास]] की प्रथम कांग्रेस मंत्रिमण्डल में उन्हें मंत्री नियुक्त किया गया। &lt;br /&gt;
*[[1939]] में उन्होंने [[विधानसभा]] की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। &lt;br /&gt;
*[[1946]] में वे मद्रास विधानसभा के सदस्य पुनः निर्वाचित हुए और वे [[1947]] में वित्तमंत्री बनाये गये। &lt;br /&gt;
*[[1948]] में वे राज्य विधानसभा के नेता सदन निर्वाचित हुए। &lt;br /&gt;
*[[1953]] में उन्हें आन्ध्र प्रदेश काँग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। &lt;br /&gt;
*[[1955]] में वे आन्ध्रा विधान सभा के अध्यक्ष दो क्षेत्रों से निर्वाचित हुए। &lt;br /&gt;
*वे [[आंध्र प्रदेश]] के [[मुख्यमंत्री]] बने और राज्य के पुर्नगठन होने तक वे इस पद पर बने रहे। &lt;br /&gt;
*[[1958]] में उन्हें [[भारत सरकार]] का आर्थिक मामलों का मंत्री नियुक्त किया गया।&lt;br /&gt;
*[[1958]] में ही वे [[राज्य सभा]] के लिए निर्वाचित हुए।&lt;br /&gt;
*[[1962]] में उन्हें निर्माण, आवास एवं आपूर्ति मंत्री नियुक्त किया गया। &lt;br /&gt;
*[[1962]] से [[1963]] तक वे सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहे। &lt;br /&gt;
*[[1 मई]] [[1967]] को उन्हें [[उत्तर प्रदेश के राज्यपाल|उत्तर प्रदेश का राज्यपाल]] नियुक्त किया गया और वे इस पद पर [[1 जुलाई]] [[1972]] तक कार्यरत रहे।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक=|पूर्णता=|शोध=}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री}}{{उत्तर प्रदेश के राज्यपाल}}{{भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री}}&lt;br /&gt;
[[Category:आंध्र प्रदेश]][[Category:आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री]][[Category:मुख्यमंत्री]][[Category:उत्तर प्रदेश के राज्यपाल]][[Category:राज्यपाल]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:राजनेता]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
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		<title>दामोदरम संजीवय्या</title>
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		<updated>2020-02-11T11:27:04Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Damodaram-Sanjivayya.jpg|thumb|200px|दामोदरम संजीवय्या]]&lt;br /&gt;
'''दामोदरम संजीवय्या''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Damodaram Sanjivayya'', जन्म- [[14 फ़रवरी]], [[1921]]; मृत्यु- [[8 मई]] [[1972]]) [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के राजनीतिज्ञ थे। वह [[भारत]] के पहले ऐसे दलित व्यक्ति थे, जो किसी राज्य के [[मुख्यमंत्री]] बने थे। दामोदरम संजीवय्या [[11 जनवरी]] [[1960]] से [[12 मार्च]] [[1962]] तक [[आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री]] रहे।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक=|पूर्णता=|शोध=}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री}}{{भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री}}&lt;br /&gt;
[[Category:आंध्र प्रदेश]][[Category:आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री]][[Category:मुख्यमंत्री]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:राजनेता]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<updated>2020-02-11T11:25:22Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: दामोदरम संजीवय्या को अनुप्रेषित&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;#REDIRECT [[दामोदरम संजीवय्या]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>काठमांडू</title>
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		<updated>2019-12-29T08:40:50Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा संक्षिप्त परिचय&lt;br /&gt;
|चित्र=Pashupatinath-Temple-Kathmandu.jpg&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=काठमांडू&lt;br /&gt;
|विवरण=काठमांडू [[नेपाल]] की राजनीतिक राजधानी है। प्राचीन मंदिरों का शहर काठमांडू [[कला]] और [[संस्कृति]] का केंद्र है। पहाड़ियों से घिरा हुआ काठमांडू नगर [[यूनेस्को विश्व सांस्कृतिक विरासत स्थल|यूनेस्को की विश्‍व धरोहरों]] में शामिल है।&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=देश&lt;br /&gt;
|पाठ 1=[[नेपाल]]&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=ज़िला&lt;br /&gt;
|पाठ 2=काठमांडू&lt;br /&gt;
|शीर्षक 3=&lt;br /&gt;
|पाठ 3=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 4=कब जाएँ&lt;br /&gt;
|पाठ 4=यहां [[मई]]-[[सितंबर]] के बीच जाना अच्छा रहता है। &lt;br /&gt;
|शीर्षक 5=क्या देखें&lt;br /&gt;
|पाठ 5=काठमांडू में स्वयंभू, बौद्ध स्तूप, नारायणहिती पैलेस म्यूज़ियम, [[पशुपतिनाथ मंदिर]], गार्डन ऑफ ड्रीम्स, नासल चौक, थेमल चौक पर्यटन के मुख्य आकर्षण हैं।&lt;br /&gt;
|शीर्षक 6=प्रमुख धर्म&lt;br /&gt;
|पाठ 6=[[हिंदू धर्म]] और [[बौद्ध धर्म]]  &lt;br /&gt;
|शीर्षक 7=भौगोलिक स्थिति&lt;br /&gt;
|पाठ 7=समुद्रतल से 1300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित &lt;br /&gt;
|शीर्षक 8=कैसे पहुँचें&lt;br /&gt;
|पाठ 8=हवाई जहाज़, टैक्सी, रेल और बस द्वारा&lt;br /&gt;
|शीर्षक 9=भाषा&lt;br /&gt;
|पाठ 9=नेपाली &lt;br /&gt;
|शीर्षक 10=&lt;br /&gt;
|पाठ 10=&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=[[नेपाल]], [[पशुपतिनाथ मंदिर]]&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=[[नेपाल]] की राजधानी काठमांडू खूबसूरती और शांति का अनूठा संगम है। समुद्र तल से 1300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह रोमांटिक शहर अपनी नाइटलाइफ के लिए भी जाना जाता है। काठमांडू नेपाल का सबसे बड़ा अन्तर्राष्ट्रीय शहर है जहां सैलानियों को सबसे ज्यादा आगमन होता है। &lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
[[नेपाल]] की राजधानी, नेपाल का सबसे बड़ा महानगर, प्राचीन मंदिरों के शहर '''काठमांडू''' कला और संस्कृति का केंद्र है। काठमांडू नेपाल की राजनीतिक राजधानी है। यह शहर समुद्रतल से 1300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह 50 वर्ग किमी में फैला हुआ है। काठमांडू नेपाल का सबसे बड़ा अन्तर्राष्ट्रीय नगर है। यहां पर्यटकों का सबसे अधिक आगमन होता है। &lt;br /&gt;
==विशेषता==&lt;br /&gt;
पहाड़ियों से घिरा हुआ काठमांडू नगर [[यूनेस्को]] की [[विश्‍व विरासत स्‍थल|विश्‍व धरोहरों]] में शामिल है। यहां संस्कृति और परंपराओं के अतिरिक्त विशिष्ट शैली में बने घर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यहां के मंदिरों की विश्व में अपनी अलग पहचान है। यहां के प्राचीन बाज़ारों की शोभा देखते ही बनती है।[[चित्र:Ultimate-grace-Kathmandu.jpg|thumb|अवलोकितेश्वर, काठमांडू|left]]&lt;br /&gt;
==अर्थव्यवस्था==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Swayambhunath.jpg|thumb|250px|स्वयम्भूनाथ स्तुप]]&lt;br /&gt;
नगर की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का विशेष योगदान है। काठमांडू में पर्यटकों के घूमने, एवं वस्तु ख़रीदने के लिए पर्यटन उद्योग द्वारा विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध हैं।&lt;br /&gt;
नेपाल का '''त्रिभुवन हवाई अड्डा''' नेपाल का एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय विमानपत्तनम है। यहां [[दिल्ली]] और [[बैंकॉक]] के रास्ते आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां [[मई]]-[[सितंबर]] के बीच जाना अच्छा रहता है।&lt;br /&gt;
==पर्यटन==&lt;br /&gt;
काठमांडू में स्वयंभू, बौद्ध स्तूप, नारायणहिती पैलेस म्यूज़ियम, [[पशुपतिनाथ मंदिर]], गार्डन ऑफ ड्रीम्स, नासल चौक, थेमल चौक पर्यटन के मुख्य आकर्षण हैं। 'काठमांडू दरबार स्क्वेयर' यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल है और यहां का म्यूजियम भी दर्शनीय है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/6733952.cms |title=काठमांडू में क्या देखें |accessmonthday=22 अप्रॅल|accessyear=2012 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher= |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;   	&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक2 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==वीथिका==&lt;br /&gt;
&amp;lt;gallery&amp;gt;&lt;br /&gt;
चित्र:Kathmandu-Market.jpg|काठमांडू का बाज़ार &lt;br /&gt;
चित्र:Kathmandu-5.jpg|काठमांडू, [[नेपाल]]&lt;br /&gt;
चित्र:Kathmandu-Valley-Sunset.jpg|काठमांडू घाटी का सूर्यास्त &lt;br /&gt;
चित्र:Kathmandu-6.jpg|काठमांडू&lt;br /&gt;
चित्र:Kathmandu-Panorama.jpg|काठमांडू चित्रमाला &lt;br /&gt;
&amp;lt;/gallery&amp;gt;&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{विदेशी स्थान}}&lt;br /&gt;
[[Category:विदेशी नगर]][[Category:विदेशी स्थान]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BE&amp;diff=637941</id>
		<title>श्रीहरिकोटा</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BE&amp;diff=637941"/>
		<updated>2019-12-29T08:33:11Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''श्रीहरिकोटा''' [[चेन्नई]] (भूतपूर्व मद्रास) से 80 कि.मी. की दूरी पर [[उत्तर (दिशा)|उत्तर]] में, [[आन्ध्र प्रदेश]] के पूर्वी तट के [[नेल्लोर|नेल्लोर ज़िले]] में, [[पश्चिम दिशा|पश्चिम]] में '''बकिंगघम कैनाल''' व [[पूर्व दिशा|पूर्व]] में [[बंगाल की खाड़ी]] के बीच स्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*श्रीहरिकोटा [[पुलिकट झील]] के निकट स्थित, '[[इसरो]]' (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) का प्रमुख प्रमोचन केन्द्र है।&lt;br /&gt;
*यह ठोस रॉकेट प्रणोदकों का वृहत पैमाने पर उत्पादन व चरणीय रॉकेटों में ठोस ईधन की भू-जांच करने वाला केन्द्र है।&lt;br /&gt;
*[[1969]] में श्रीहरिकोटा को '''सैटलाइट लॉन्चिंग स्टेशन''' के रूप में चुना गया था। फिर [[1971]] में RH-125 साउंडिंग रॉकेट लॉन्‍च किया गया। पहला ऑर्बिट सैटलाइट [[रोहिणी उपग्रह|रोहिणी 1A]] था, जो [[10 अगस्त]] [[1979]] को लॉन्च किया गया, लेकिन खामी की वजह से [[19 अगस्त]] को नष्ट हो गया।&lt;br /&gt;
*श्रीहरिकोटा की स्थिति ही इसका यूएसपी है। इक्वेटर से करीबी यहां की खासियत है। ये जगह [[पूर्व दिशा]] की ओर की जाने वाली लॉन्चिंग के लिए बेहतरीन मानी जाती है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=https://aajtak.intoday.in/education/story/sriharikota-facts-why-isro-launch-satellite-from-satish-dhawan-space-centre-1-912348.html |title=क्‍यों श्रीहरिकोटा से ही सैटेलाइट लॉन्‍च करता है इसरो|accessmonthday=28 दिसम्बर |accessyear=2019 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher= |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*पूर्वी तट पर स्थित होने से इसे अतिरिक्त 0.4 कि.मी./से. की वेलोसिटी मिलती है। गौरतलब है कि ज्यादातर सैटलाइट पूर्व की तरफ ही लॉन्च किए जाते हैं। इस जगह आबादी नहीं है। यहां या तो [[इसरो]] के लोग रहते हैं या फिर स्‍थानीय मछुआरे।&lt;br /&gt;
*श्रीहरिकोटा नेशनल हाइवे-5 पर है। सबसे नज़दीक का रेलवे स्टेशन 20 किलोमीटर दूर है। नज़दीकी शहर सुल्‍लुर्पेता है, यही सबसे पास का रेलवे स्‍टेशन भी है। [[चेन्नई]] के इंटरनेशनल पोर्ट से ये जगह 70 किलोमीटर दूर पड़ती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध=}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Category:आंध्र प्रदेश]][[Category:आंध्र प्रदेश के ऐतिहासिक स्थान]][[Category:ऐतिहासिक स्थान कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:द्वीप]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>नव नालन्दा महाविहार</title>
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		<updated>2019-12-29T08:16:30Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''नव नालन्दा महाविहार''' [[पाली|पाली साहित्य]] और [[बौद्ध धर्म]] के अध्ययन और अनुसंधान के लिए समर्पित, अपेक्षाकृत एक नया संस्थान है। यह विदेश के छात्रों को भी आकर्षित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*इस संस्थान की स्थापना प्राचीन नालंदा महाविहार की तर्ज पर पाली और बौद्ध धर्म में उच्च अध्ययन के केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी।&lt;br /&gt;
*संस्थान प्रारम्भ से ही एक आवासीय संस्थान के रूप में कार्य कर रहा है।&lt;br /&gt;
*भारतीय और विदेशी छात्रों को सीमित संख्या में दाखिला प्रदान किया जाता है।&lt;br /&gt;
*नव नालंदा महाविहार को [[भारत]] के [[विश्वविद्यालय अनुदान आयोग]] द्वारा &amp;quot;डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी&amp;quot; का दर्जा दिया गया है।&lt;br /&gt;
*महाविहार का वर्तमान परिसर ऐतिहासिक इंद्रपुष्कर्णी झील के दक्षिणी तट पर स्थित है, जबकि [[नालंदा विश्वविद्यालय|प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय]] के भग्नावशेष झील के उत्तरी तट के करीब स्थित है।&amp;lt;ref name&amp;gt;{{cite web |url=https://www.incredibleindia.org/content/incredible-india-v2/hi/destinations/nalanda/nava-nalanda-mahavihara.html |title=नव नालन्दा महाविहार|accessmonthday=28 दिसम्बर |accessyear=2019 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=अतुल्य भारत |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{बिहार के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:बिहार]][[Category:बिहार के पर्यटन स्थल]][[Category:बिहार के ऐतिहासिक स्थान]][[Category:ऐतिहासिक स्थल]][[Category:पर्यटन कोश]][[Category:ऐतिहासिक स्थान कोश]][[Category:इतिहास कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>महादेव गोविन्द रानाडे</title>
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		<updated>2019-12-29T08:14:48Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: /* इंसानियत की मिशाल */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा प्रसिद्ध व्यक्तित्व&lt;br /&gt;
|चित्र=M-g-ranade.jpg&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=महादेव गोविन्द रानाडे&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=महादेव गोविन्द रानाडे&lt;br /&gt;
|अन्य नाम=&lt;br /&gt;
|जन्म=[[18 जनवरी]], 1842&lt;br /&gt;
|जन्म भूमि=[[पुणे]], [[महाराष्ट्र]]&lt;br /&gt;
|मृत्यु=[[16 जनवरी]], [[1901]]&lt;br /&gt;
|मृत्यु स्थान=&lt;br /&gt;
|अभिभावक=गोविंद अमृत रानाडे&lt;br /&gt;
|पति/पत्नी=&lt;br /&gt;
|संतान=&lt;br /&gt;
|गुरु=&lt;br /&gt;
|कर्म भूमि=[[भारत]]&lt;br /&gt;
|कर्म-क्षेत्र=&lt;br /&gt;
|मुख्य रचनाएँ='विधवा पुनर्विवाह', 'मालगुजारी क़ानून', 'राजा राममोहन राय की जीवनी' आदि।&lt;br /&gt;
|विषय=सामाजिक&lt;br /&gt;
|खोज=&lt;br /&gt;
|भाषा=&lt;br /&gt;
|शिक्षा= एल.एल.बी.&lt;br /&gt;
|विद्यालय=&lt;br /&gt;
|पुरस्कार-उपाधि=&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|विशेष योगदान=गोविन्द रानाडे ने स्त्री शिक्षा का प्रचार किया। वे [[बाल विवाह]] के कट्टर विरोधी और [[विधवा विवाह]] के समर्थक थे।&lt;br /&gt;
|नागरिकता=भारतीय&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
|पाठ 1=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 3=&lt;br /&gt;
|पाठ 3=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 4=&lt;br /&gt;
|पाठ 4=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 5=&lt;br /&gt;
|पाठ 5=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=गोविंद रानाडे 'दक्कन एजुकेशनल सोसायटी' के संस्थापकों में से एक थे। &lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''महादेव गोविन्द रानाडे''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Mahadev Govind Ranade'', जन्म- [[18 जनवरी]], 1842; मृत्यु- [[16 जनवरी]], [[1901]]) [[भारत]] के प्रसिद्ध राष्ट्रवादी, समाज सुधारक, विद्वान् और न्यायविद थे। उन्हें &amp;quot;महाराष्ट्र का सुकरात&amp;quot; कहा जाता है। रानाडे ने समाज सुधार के कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। [[प्रार्थना समाज]], [[आर्य समाज]] और [[ब्रह्म समाज]] का इनके जीवन पर बहुत प्रभाव था। गोविंद रानाडे 'दक्कन एजुकेशनल सोसायटी' के संस्थापकों में से एक थे। इन्होंने '[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]' की स्थापना का भी समर्थन किया था। रानाडे स्वदेशी के समर्थक और देश में ही निर्मित वस्तुओं का प्रयोग करने के पक्षधर थे।&lt;br /&gt;
==जीवन परिचय==&lt;br /&gt;
गोविंद रानाडे का जन्म 1842 ई. में [[पुणे]] में हुआ था। उनके [[पिता]] का नाम 'गोविंद अमृत रानाडे' था। पुणे में आरंभिक शिक्षा पाने के बाद रानाडे ने ग्यारह वर्ष की उम्र में [[अंग्रेज़ी]] शिक्षा आरंभ की। 1859 ई. में उन्होंने [[मुंबई विश्वविद्यालय]] से प्रवेश परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की और 21 मेधावी विद्यार्थियों में उनका अध्ययन मूल्यांकन शामिल था। आगे शिक्षा जारी रखने के लिए उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुणे के 'एलफिंस्टन कॉलेज' में वे [[अंग्रेज़ी]] के प्राध्यापक नियुक्त हुए थे। एल.एल.बी. पास करने के बाद वे उप-न्यायाधीश नियुक्त किए गए। वे निर्भीकतापूर्वक निर्णय देने के लिए प्रसिद्ध थे। शिक्षा प्रसार में उनकी रुचि देखकर [[अंग्रेज़|अंग्रेज़ों]] को अपने लिए संकट का अनुभव होने लगा था, और यही कारण था कि उन्होंने रानाडे का स्थानांतरण शहर से बाहर एक परगने में कर दिया। रानाडे को सज्जानता की सज़ा भुगतनी पड़ी थी। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य माना। वे जब लोकसेवा की ओर मुड़े तो उन्होंने देश में अपने ढंग के महाविद्यालय स्थापित करने के लिए विशेष प्रयास किए। वे आधुनिक शिक्षा के हिमायती तो थे ही, लेकिन [[भारत]] की आवश्यकताओं के अनुरूप।&lt;br /&gt;
====कठिनाईयों से सामना====&lt;br /&gt;
महादेव गोविंद रानाडे को अनेक क्षेत्रों में कठिनाईयों का सामना करना पड़ा था। इससे जो समस्याएँ उत्पन्न हुईं, उससे उन्हें पीड़ाओं को भी सहना पड़ा। समाज सुधार की रस्सी पर चलने जैसा कठिन काम उन्होंने किया था। [[ब्रिटिश सरकार]] उनके हर काम पर नज़र रख रही थी। परंपराओं को तोड़ने के कारण वे जनता के भी कोप भाजन बने थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==इंसानियत की मिसाल==&lt;br /&gt;
एक दिन रानाडे अपने घर से [[न्यायालय]] जाने के लिए निकले। उन्होंने देखा कि एक वृद्ध महिला ने लकड़ियों का बोझ उठा रखा है। रानाडे को उस वृद्धा के शरीर की अंतिम अवस्था पर तरस आ गया और उन्होंने उससे पूछा- &amp;quot;क्या मैं आपकी कुछ सेवा कर सकता हूँ?&amp;quot; इस पर वृद्धा ने कहा- &amp;quot;लकड़ियों का यह गट्ठर मेरे सिर से उतार दो।&amp;quot; रानाडे ने गट्ठर नीचे उतार दिया। तभी रानाडे को पहचानने वाले उनके एक पड़ोसी ने उस वृद्ध महिला से कहा कि आप नहीं जानतीं, यह सेशन न्यायाधीश है और तुम इनसे ऐसा काम करवा रही हो। वृद्धा के कुछ भी बोलने के पहले ही रानाडे ने जवाब दिया- &amp;quot;मैं न्यायाधीश होने से पहले एक मनुष्य भी हूँ।&amp;quot;&lt;br /&gt;
====समाज सुधार कार्य====&lt;br /&gt;
रानाडे ने समाज सुधार के कार्यों में आगे बढ़कर हिस्सा लिया। वे [[प्रार्थना समाज]] और [[ब्रह्म समाज]] आदि के सुधार कार्यों से अत्यधिक प्रभावित थे। सरकारी नौकरी में रहते हुए भी उन्होंने जनता से बराबर संपर्क बनाये रखा। [[दादाभाई नौरोजी]] के पथ प्रदर्शन में वे शिक्षित लोगों को देशहित के कार्यों की ओर प्रेरित करते रहे। प्रार्थना समाज के मंच से रानाडे ने [[महाराष्ट्र]] में अंधविश्वास और हानिकार रूढ़ियों का विरोध किया। [[धर्म]] में उनका अंधविश्वास नहीं था। वे मानते थे कि देश काल के अनुसार धार्मिक आचरण बदलते रहते हैं। उन्होंने स्त्री शिक्षा का प्रचार किया। वे [[बाल विवाह]] के कट्टर विरोधी और [[विधवा विवाह]] के समर्थक थे। इसके लिए उन्होंने एक समिति 'विधवा विवाह मण्डल' की स्थापना भी की थी। महादेव गोविन्द रानाडे 'दक्क्खन एजुकेशनल सोसायटी' के संस्थापकों में भी प्रमुख थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==राजनीतिक गतिविधि==&lt;br /&gt;
महादेव गोविंद रानाडे ने '[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]' की स्थापना का समर्थन किया था और [[1885]] ई. के उसके प्रथम मुंबई अधिवेशन में भाग भी लिया। राजनीतिक सम्मेलनों के साथ सामाजिक सम्मेलनों के आयोजन का श्रेय उन्हीं को है। वे मानते थे कि मनुष्य की सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और धार्मिक प्रगति एक दूसरे पर आश्रित है। अत: ऐसा व्यापक सुधारवादी आंदोलन होना चाहिए, जो मनुष्य की चतुर्मुखी उन्नति में सहायक हो। वे सामाजिक सुधार के लिए केवल पुरानी रूढ़ियों को तोड़ना पर्याप्त नहीं मानते थे। उनका कहना था कि रचनात्मक कार्य से ही यह संभव हो सकता है। वे स्वदेशी के समर्थक थे और देश में निर्मित वस्तुओं के उपयोग पर बल देते थे। देश की एकता उनके लिए सर्वोपरी थी। उन्होंने कहा था कि- &amp;quot;प्रत्येक भारतवासी को यह समझना चाहिए कि पहले मैं भारतीय हूँ और बाद में [[हिन्दू]], [[ईसाई]], [[पारसी]], [[मुसलमान]] आदि कुछ और।&amp;quot;&lt;br /&gt;
====रचनाएँ====&lt;br /&gt;
रानाडे प्रकांड विद्वान् थे। उन्होंने अनेक [[ग्रंथ|ग्रंथों]] की रचना की थी, जिनमें से प्रमुख हैं-&lt;br /&gt;
#विधवा पुनर्विवाह&lt;br /&gt;
#मालगुजारी क़ानून&lt;br /&gt;
#राजा राममोहन राय की जीवनी&lt;br /&gt;
#मराठों का उत्कर्ष&lt;br /&gt;
#धार्मिक एवं सामाजिक सुधार&lt;br /&gt;
==निधन==&lt;br /&gt;
देश की भरपूर सेवा करने वाले और समाज को नई राहें दिखाने वाले गोविंद रानाडे का निधन [[16 जनवरी]], [[1901]] ई. में हुआ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक3|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{समाज सुधारक}}&lt;br /&gt;
[[Category:राजनेता]][[Category:लेखक]][[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:चरित कोश]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:समाज सुधारक]][[Category:इतिहास कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:न्यायाधीश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
	<entry>
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		<title>सुब्रह्मण्यम जयशंकर</title>
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		<updated>2019-12-29T08:12:59Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: /* सेवाएँ */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''सुब्रह्मण्यम जयशंकर''' अथवा 'एस. जयशंकर' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Subrahmanyam Jaishankar'', जन्म- [[15 जनवरी]] [[1955]]) [[भारत]] के विदेश मंत्री हैं। इसके पहले वे विदेश सचिव भी रह चुके हैं। [[अमेरिका]] और [[चीन]] में वे भारत के राजदूत रह चुके हैं। एस. जयशंकर को [[हिंदी]] के अलावा, [[तमिल भाषा|तमिल]], [[अंग्रेजी भाषा|अंग्रेजी]], रूसी, मंदारिन, जापानी हंगेरियन आदि [[भाषा|भाषाएं]] आती हैं। अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए इन्हें [[2019]] में भारत के [[राष्ट्रपति]] की ओर से [[पद्मश्री]] से सम्मानित किया गया था।&lt;br /&gt;
==परिचय==&lt;br /&gt;
एस. जयशंकर ब्यूरोक्रेट्स के [[परिवार]] से हैं। यही कारण है ज्यादातर समय उनके परिवार का ठिकाना [[दिल्ली]] रहा। वे [[तमिल]] हैं। उनके आईएएस पिता के. सुब्रह्मणयम '''फॉदर ऑफ इंडियन स्ट्रेटजिक थॉट्स''' माने जाते थे, जबकि [[मां]] [[संगीत|म्यूजिक]] में पीएचडी हैं। [[जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय|जेएनयू]] में पढ़े हैं। वहां एडमिशन लेने की भी [[कहानी]] है। वे एडमिशन तो [[आईआईटी]] में लेने गए थे। लेकिन पास ही जेएनयू में भीड़ देखने पहुंच गए और एडमिशन लेकर लौटे। उनकी मुलाकात अपनी पहली पत्नी '''शोभा''' से यहीं हुई। बड़ा बेटा ध्रुव [[अमेरिका]] में एक थिंक टैंक के साथ काम करता है। बहू कसांड्रा अमेरिकन है। बेटी मेधा लॉस एंजिलिस में फिल्म इंडस्ट्री में हैं। पहली पत्नी शोभा की कैंसर से मौत के बाद एस. जयशंकर ने जापानी मूल की क्योको से शादी की। जयशंकर को अंग्रेजी, [[हिंदी]] और तमिल के अलावा रूसी, जापानी और हंगेरियन भाषा भी आती हैं। 24 साल के थे जब [[भारतीय विदेश सेवा|आईएफएस]] अधिकारी बन गए थे। 2013 में अमेरिका में राजदूत बने तो खोब्रागड़े केस से सामना हुआ। [[चीन]] में [[भारत]] के सबसे लंबे वक्त तक राजदूत रहे। रिटायरमेंट को 72 घंटे बाकी थे, तब अचानक उन्हें विदेश सचिव बना दिया गया।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=https://www.thebureaucratnews.com/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%B8%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%B5-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%B6%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%9C/ |title=जयशंकर: पत्नी जापानी, बहू अमेरिकन और माता-पिता तमिल|accessmonthday=28 दिसम्बर |accessyear=2019 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=thebureaucratnews |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
====शिक्षा====&lt;br /&gt;
एस जयशंकर की प्रारंभिक शिक्षा, दिल्ली के श्रीनिवासपुरी स्थित कैंब्रिज स्कूल में हुई। स्कूली पढाई पूरी करने के बाद, उन्होंने [[दिल्ली विश्वविद्यालय]] के St. Stephen’s College से बीए किया। इसके बाद इन्होंने जवाहर लाल यूनिवर्सिटी (JNU) से राजनीतिशास्त्र में एमए किया। जेएनयू से ही इन्होंने, अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations) में एमफिल और पीएचडी भी की।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://www.knowledgeum.com/s-jaishankar-biography-in-hindi/|title=एस. जयशंकर की जीवनी |accessmonthday=28 दिसम्बर |accessyear=2019 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=knowledgeum |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
==सेवाएँ==&lt;br /&gt;
एस. जयशंकर [[भारत]] के आर्थिक हितों के साथ-साथ सुरक्षा क्षेत्र की अनिवार्यता को भी अच्छी तरह समझते हैं और उन्होंने उसके बीच सही संतुलन बिठाया है।’जयशंकर काफी लंबे समय तक [[चीन|पेइचिंग]] में भारतीय राजदूत रहे। हाल तक भारत और [[अमेरिका]] के द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट आई थी, लेकिन जयशंकर को अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते में बदलाव और इसमें बेहतरी लाने का श्रेय दिया जाता है। हालांकि उनके दूसरे सहयोगी कहते हैं कि इसका मतलब यह नहीं कहा जा सकता है कि उनकी विदेश नीति अमेरिका पर केंद्रित है। वर्ष [[2007]] में जयशंकर [[सिंगापुर]] में भी भारत के राजदूत थे। यह द्वीपीय देश आसियान क्षेत्र के साथ संपर्क बढ़ाने के लिए काफी अहम है और इससे जयशंकर को यह आभास हुआ कि इस क्षेत्र में सुरक्षा तंत्र विकसित करने की जरूरत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एस. जयशंकर ने बुडापेस्ट, प्राग और टोक्यो में भी सेवाएं दी हैं। उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर करने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय में पी.एचडी. और एम.फिल. किया है। [[नरेंद्र मोदी|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी]] यह चाहते थे कि जयशंकर [[प्रधानमंत्री कार्यालय]] से जुड़े, लेकिन बाद में उन्होंने [[राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार]] [[अजित डोभाल]] और वॉशिंगटन में भारत के राजदूत रहे जयशंकर के बीच दो शक्ति केंद्र बनाने की संभावनाओं के बारे में सोचा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==असैन्य परमाणु समझौते में भूमिका==&lt;br /&gt;
एस. जयशंकर [[1977]] में भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुए थे और उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और चेक गणराज्य में भारतीय राजदूत और सिंगापुर में उच्चायुक्त के रूप में कार्य किया। जयशंकर ने [[2007]] में यूपीए सरकार द्वारा हस्ताक्षरित भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते पर बातचीत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा भारत और अमेरिका के बीच देवयानी खोबरागड़े विवाद को सुलझाने में भी जयशंकर की अहम भूमिका थी।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=https://hindi.indiatvnews.com/india/politics-former-foreign-secretary-s-jaishankar-modi-cabinet-modi-government-639875|title=जानिए कौन हैं एस जयशंकर |accessmonthday=28 दिसम्बर |accessyear=2019 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=hindi.indiatvnews |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://thewirehindi.com/83753/s-jaishankar-from-foreign-secretory-to-minister-of-external-affairs/ एस. जयशंकर: विदेश सचिव से विदेश मंत्री बनने तक का सफ़र]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{नरेन्द्र मोदी का मंत्रिमण्डल}}&lt;br /&gt;
[[Category:चरित कोश]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:भारत के विदेश मंत्री]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE_%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%B6%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%B0&amp;diff=637936</id>
		<title>सुब्रह्मण्यम जयशंकर</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE_%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%B6%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%B0&amp;diff=637936"/>
		<updated>2019-12-29T08:07:51Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''सुब्रह्मण्यम जयशंकर''' अथवा 'एस. जयशंकर' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Subrahmanyam Jaishankar'', जन्म- [[15 जनवरी]] [[1955]]) [[भारत]] के विदेश मंत्री हैं। इसके पहले वे विदेश सचिव भी रह चुके हैं। [[अमेरिका]] और [[चीन]] में वे भारत के राजदूत रह चुके हैं। एस. जयशंकर को [[हिंदी]] के अलावा, [[तमिल भाषा|तमिल]], [[अंग्रेजी भाषा|अंग्रेजी]], रूसी, मंदारिन, जापानी हंगेरियन आदि [[भाषा|भाषाएं]] आती हैं। अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए इन्हें [[2019]] में भारत के [[राष्ट्रपति]] की ओर से [[पद्मश्री]] से सम्मानित किया गया था।&lt;br /&gt;
==परिचय==&lt;br /&gt;
एस. जयशंकर ब्यूरोक्रेट्स के [[परिवार]] से हैं। यही कारण है ज्यादातर समय उनके परिवार का ठिकाना [[दिल्ली]] रहा। वे [[तमिल]] हैं। उनके आईएएस पिता के. सुब्रह्मणयम '''फॉदर ऑफ इंडियन स्ट्रेटजिक थॉट्स''' माने जाते थे, जबकि [[मां]] [[संगीत|म्यूजिक]] में पीएचडी हैं। [[जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय|जेएनयू]] में पढ़े हैं। वहां एडमिशन लेने की भी [[कहानी]] है। वे एडमिशन तो [[आईआईटी]] में लेने गए थे। लेकिन पास ही जेएनयू में भीड़ देखने पहुंच गए और एडमिशन लेकर लौटे। उनकी मुलाकात अपनी पहली पत्नी '''शोभा''' से यहीं हुई। बड़ा बेटा ध्रुव [[अमेरिका]] में एक थिंक टैंक के साथ काम करता है। बहू कसांड्रा अमेरिकन है। बेटी मेधा लॉस एंजिलिस में फिल्म इंडस्ट्री में हैं। पहली पत्नी शोभा की कैंसर से मौत के बाद एस. जयशंकर ने जापानी मूल की क्योको से शादी की। जयशंकर को अंग्रेजी, [[हिंदी]] और तमिल के अलावा रूसी, जापानी और हंगेरियन भाषा भी आती हैं। 24 साल के थे जब [[भारतीय विदेश सेवा|आईएफएस]] अधिकारी बन गए थे। 2013 में अमेरिका में राजदूत बने तो खोब्रागड़े केस से सामना हुआ। [[चीन]] में [[भारत]] के सबसे लंबे वक्त तक राजदूत रहे। रिटायरमेंट को 72 घंटे बाकी थे, तब अचानक उन्हें विदेश सचिव बना दिया गया।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=https://www.thebureaucratnews.com/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%B8%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%B5-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%B6%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%9C/ |title=जयशंकर: पत्नी जापानी, बहू अमेरिकन और माता-पिता तमिल|accessmonthday=28 दिसम्बर |accessyear=2019 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=thebureaucratnews |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
====शिक्षा====&lt;br /&gt;
एस जयशंकर की प्रारंभिक शिक्षा, दिल्ली के श्रीनिवासपुरी स्थित कैंब्रिज स्कूल में हुई। स्कूली पढाई पूरी करने के बाद, उन्होंने [[दिल्ली विश्वविद्यालय]] के St. Stephen’s College से बीए किया। इसके बाद इन्होंने जवाहर लाल यूनिवर्सिटी (JNU) से राजनीतिशास्त्र में एमए किया। जेएनयू से ही इन्होंने, अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations) में एमफिल और पीएचडी भी की।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://www.knowledgeum.com/s-jaishankar-biography-in-hindi/|title=एस. जयशंकर की जीवनी |accessmonthday=28 दिसम्बर |accessyear=2019 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=knowledgeum |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
==सेवाएँ==&lt;br /&gt;
एस. जयशंकर भारत के आर्थिक हितों के साथ-साथ सुरक्षा क्षेत्र की अनिवार्यता को भी अच्छी तरह समझते हैं और उन्होंने उसके बीच सही संतुलन बिठाया है।’जयशंकर काफी लंबे समय तक पेइचिंग में भारतीय राजदूत रहे। हाल तक भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट आई थी, लेकिन जयशंकर को अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते में बदलाव और इसमें बेहतरी लाने का श्रेय दिया जाता है। हालांकि उनके दूसरे सहयोगी कहते हैं कि इसका मतलब यह नहीं कहा जा सकता है कि उनकी विदेश नीति अमेरिका पर केंद्रित है। वर्ष [[2007]] में जयशंकर सिंगापुर में भी भारत के राजदूत थे। यह द्वीपीय देश आसियान क्षेत्र के साथ संपर्क बढ़ाने के लिए काफी अहम है और इससे जयशंकर को यह आभास हुआ कि इस क्षेत्र में सुरक्षा तंत्र विकसित करने की जरूरत है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एस. जयशंकर ने बुडापेस्ट, प्राग और टोक्यो में भी सेवाएं दी हैं। उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर करने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय में पीएचडी और एमफिल किया है। [[नरेंद्र मोदी|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी]] यह चाहते थे कि जयशंकर प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े, लेकिन बाद में उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार [[अजित डोभाल]] और वॉशिंगटन में भारत के राजदूत रहे जयशंकर के बीच दो शक्ति केंद्र बनाने की संभावनाओं के बारे में सोचा।&lt;br /&gt;
==असैन्य परमाणु समझौते में भूमिका==&lt;br /&gt;
एस. जयशंकर [[1977]] में भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुए थे और उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और चेक गणराज्य में भारतीय राजदूत और सिंगापुर में उच्चायुक्त के रूप में कार्य किया। जयशंकर ने [[2007]] में यूपीए सरकार द्वारा हस्ताक्षरित भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते पर बातचीत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा भारत और अमेरिका के बीच देवयानी खोबरागड़े विवाद को सुलझाने में भी जयशंकर की अहम भूमिका थी।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=https://hindi.indiatvnews.com/india/politics-former-foreign-secretary-s-jaishankar-modi-cabinet-modi-government-639875|title=जानिए कौन हैं एस जयशंकर |accessmonthday=28 दिसम्बर |accessyear=2019 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=hindi.indiatvnews |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://thewirehindi.com/83753/s-jaishankar-from-foreign-secretory-to-minister-of-external-affairs/ एस. जयशंकर: विदेश सचिव से विदेश मंत्री बनने तक का सफ़र]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{नरेन्द्र मोदी का मंत्रिमण्डल}}&lt;br /&gt;
[[Category:चरित कोश]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:भारत के विदेश मंत्री]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
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		<title>महादेव गोविन्द रानाडे</title>
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		<updated>2019-12-29T08:00:50Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: /* जीवन परिचय */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा प्रसिद्ध व्यक्तित्व&lt;br /&gt;
|चित्र=M-g-ranade.jpg&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=महादेव गोविन्द रानाडे&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=महादेव गोविन्द रानाडे&lt;br /&gt;
|अन्य नाम=&lt;br /&gt;
|जन्म=[[18 जनवरी]], 1842&lt;br /&gt;
|जन्म भूमि=[[पुणे]], [[महाराष्ट्र]]&lt;br /&gt;
|मृत्यु=[[16 जनवरी]], [[1901]]&lt;br /&gt;
|मृत्यु स्थान=&lt;br /&gt;
|अभिभावक=गोविंद अमृत रानाडे&lt;br /&gt;
|पति/पत्नी=&lt;br /&gt;
|संतान=&lt;br /&gt;
|गुरु=&lt;br /&gt;
|कर्म भूमि=[[भारत]]&lt;br /&gt;
|कर्म-क्षेत्र=&lt;br /&gt;
|मुख्य रचनाएँ='विधवा पुनर्विवाह', 'मालगुजारी क़ानून', 'राजा राममोहन राय की जीवनी' आदि।&lt;br /&gt;
|विषय=सामाजिक&lt;br /&gt;
|खोज=&lt;br /&gt;
|भाषा=&lt;br /&gt;
|शिक्षा= एल.एल.बी.&lt;br /&gt;
|विद्यालय=&lt;br /&gt;
|पुरस्कार-उपाधि=&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|विशेष योगदान=गोविन्द रानाडे ने स्त्री शिक्षा का प्रचार किया। वे [[बाल विवाह]] के कट्टर विरोधी और [[विधवा विवाह]] के समर्थक थे।&lt;br /&gt;
|नागरिकता=भारतीय&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
|पाठ 1=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 3=&lt;br /&gt;
|पाठ 3=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 4=&lt;br /&gt;
|पाठ 4=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 5=&lt;br /&gt;
|पाठ 5=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=गोविंद रानाडे 'दक्कन एजुकेशनल सोसायटी' के संस्थापकों में से एक थे। &lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
'''महादेव गोविन्द रानाडे''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Mahadev Govind Ranade'', जन्म- [[18 जनवरी]], 1842; मृत्यु- [[16 जनवरी]], [[1901]]) [[भारत]] के प्रसिद्ध राष्ट्रवादी, समाज सुधारक, विद्वान् और न्यायविद थे। उन्हें &amp;quot;महाराष्ट्र का सुकरात&amp;quot; कहा जाता है। रानाडे ने समाज सुधार के कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। [[प्रार्थना समाज]], [[आर्य समाज]] और [[ब्रह्म समाज]] का इनके जीवन पर बहुत प्रभाव था। गोविंद रानाडे 'दक्कन एजुकेशनल सोसायटी' के संस्थापकों में से एक थे। इन्होंने '[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]' की स्थापना का भी समर्थन किया था। रानाडे स्वदेशी के समर्थक और देश में ही निर्मित वस्तुओं का प्रयोग करने के पक्षधर थे।&lt;br /&gt;
==जीवन परिचय==&lt;br /&gt;
गोविंद रानाडे का जन्म 1842 ई. में [[पुणे]] में हुआ था। उनके [[पिता]] का नाम 'गोविंद अमृत रानाडे' था। पुणे में आरंभिक शिक्षा पाने के बाद रानाडे ने ग्यारह वर्ष की उम्र में [[अंग्रेज़ी]] शिक्षा आरंभ की। 1859 ई. में उन्होंने [[मुंबई विश्वविद्यालय]] से प्रवेश परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की और 21 मेधावी विद्यार्थियों में उनका अध्ययन मूल्यांकन शामिल था। आगे शिक्षा जारी रखने के लिए उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुणे के 'एलफिंस्टन कॉलेज' में वे [[अंग्रेज़ी]] के प्राध्यापक नियुक्त हुए थे। एल.एल.बी. पास करने के बाद वे उप-न्यायाधीश नियुक्त किए गए। वे निर्भीकतापूर्वक निर्णय देने के लिए प्रसिद्ध थे। शिक्षा प्रसार में उनकी रुचि देखकर [[अंग्रेज़|अंग्रेज़ों]] को अपने लिए संकट का अनुभव होने लगा था, और यही कारण था कि उन्होंने रानाडे का स्थानांतरण शहर से बाहर एक परगने में कर दिया। रानाडे को सज्जानता की सज़ा भुगतनी पड़ी थी। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य माना। वे जब लोकसेवा की ओर मुड़े तो उन्होंने देश में अपने ढंग के महाविद्यालय स्थापित करने के लिए विशेष प्रयास किए। वे आधुनिक शिक्षा के हिमायती तो थे ही, लेकिन [[भारत]] की आवश्यकताओं के अनुरूप।&lt;br /&gt;
====कठिनाईयों से सामना====&lt;br /&gt;
महादेव गोविंद रानाडे को अनेक क्षेत्रों में कठिनाईयों का सामना करना पड़ा था। इससे जो समस्याएँ उत्पन्न हुईं, उससे उन्हें पीड़ाओं को भी सहना पड़ा। समाज सुधार की रस्सी पर चलने जैसा कठिन काम उन्होंने किया था। [[ब्रिटिश सरकार]] उनके हर काम पर नज़र रख रही थी। परंपराओं को तोड़ने के कारण वे जनता के भी कोप भाजन बने थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==इंसानियत की मिशाल==&lt;br /&gt;
एक दिन रानाडे अपने घर से न्यायालय जाने के लिए निकले। उन्होंने देखा कि एक वृद्ध महिला ने लकड़ियों का बोझ उठा रखा है। रानाडे को उस वृद्धा के शरीर की अंतिम अवस्था पर तरस आ गया और उन्होंने उससे पूछा- &amp;quot;क्या मैं आपकी कुछ सेवा कर सकता हूँ?&amp;quot; इस पर वृद्धा ने कहा- &amp;quot;लकड़ियों का यह गट्ठर मेरे सिर से उतार दो।&amp;quot; रानाडे ने गट्ठर नीचे उतार दिया। तभी रानाडे को पहचानने वाले उनके एक पड़ोसी ने उस वृद्ध महिला से कहा कि आप नहीं जानतीं, यह सेशन न्यायाधीश है और तुम इनसे ऐसा काम करवा रही हो। वृद्धा के कुछ भी बोलने के पहले ही रानाडे ने जवाब दिया- &amp;quot;मैं न्यायाधीश होने से पहले एक मनुष्य भी हूँ।&amp;quot;&lt;br /&gt;
====समाज सुधार कार्य====&lt;br /&gt;
रानाडे ने समाज सुधार के कार्यों में आगे बढ़कर हिस्सा लिया। वे [[प्रार्थना समाज]] और [[ब्रह्म समाज]] आदि के सुधार कार्यों से अत्यधिक प्रभावित थे। सरकारी नौकरी में रहते हुए भी उन्होंने जनता से बराबर संपर्क बनाये रखा। [[दादाभाई नौरोजी]] के पथ प्रदर्शन में वे शिक्षित लोगों को देशहित के कार्यों की ओर प्रेरित करते रहे। प्रार्थना समाज के मंच से रानाडे ने [[महाराष्ट्र]] में अंधविश्वास और हानिकार रूढ़ियों का विरोध किया। [[धर्म]] में उनका अंधविश्वास नहीं था। वे मानते थे कि देश काल के अनुसार धार्मिक आचरण बदलते रहते हैं। उन्होंने स्त्री शिक्षा का प्रचार किया। वे [[बाल विवाह]] के कट्टर विरोधी और [[विधवा विवाह]] के समर्थक थे। इसके लिए उन्होंने एक समिति 'विधवा विवाह मण्डल' की स्थापना भी की थी। महादेव गोविन्द रानाडे 'दकन एजुकेशनल सोसायटी' के संस्थापकों में भी प्रमुख थे।&lt;br /&gt;
==राजनीतिक गतिविधि==&lt;br /&gt;
महादेव गोविंद रानाडे ने '[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]' की स्थापना का समर्थन किया था और [[1885]] ई. के उसके प्रथम मुंबई अधिवेशन में भाग भी लिया। राजनीतिक सम्मेलनों के साथ सामाजिक सम्मेलनों के आयोजन का श्रेय उन्हीं को है। वे मानते थे कि मनुष्य की सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और धार्मिक प्रगति एक दूसरे पर आश्रित है। अत: ऐसा व्यापक सुधारवादी आंदोलन होना चाहिए, जो मनुष्य की चतुर्मुखी उन्नति में सहायक हो। वे सामाजिक सुधार के लिए केवल पुरानी रूढ़ियों को तोड़ना पर्याप्त नहीं मानते थे। उनका कहना था कि रचनात्मक कार्य से ही यह संभव हो सकता है। वे स्वदेशी के समर्थक थे और देश में निर्मित वस्तुओं के उपयोग पर बल देते थे। देश की एकता उनके लिए सर्वोपरी थी। उन्होंने कहा था कि- &amp;quot;प्रत्येक भारतवासी को यह समझना चाहिए कि पहले मैं भारतीय हूँ और बाद में [[हिन्दू]], [[ईसाई]], [[पारसी]], [[मुसलमान]] आदि कुछ और।&amp;quot;&lt;br /&gt;
====रचनाएँ====&lt;br /&gt;
रानाडे प्रकांड विद्वान् थे। उन्होंने अनेक [[ग्रंथ|ग्रंथों]] की रचना की थी, जिनमें से प्रमुख हैं-&lt;br /&gt;
#विधवा पुनर्विवाह&lt;br /&gt;
#मालगुजारी क़ानून&lt;br /&gt;
#राजा राममोहन राय की जीवनी&lt;br /&gt;
#मराठों का उत्कर्ष&lt;br /&gt;
#धार्मिक एवं सामाजिक सुधार&lt;br /&gt;
==निधन==&lt;br /&gt;
देश की भरपूर सेवा करने वाले और समाज को नई राहें दिखाने वाले गोविंद रानाडे का निधन [[16 जनवरी]], [[1901]] ई. में हुआ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक3|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{समाज सुधारक}}&lt;br /&gt;
[[Category:राजनेता]][[Category:लेखक]][[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:चरित कोश]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:समाज सुधारक]][[Category:इतिहास कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:न्यायाधीश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%80_5_%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%80_2020&amp;diff=637934</id>
		<title>पहेली 5 जनवरी 2020</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%80_5_%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%80_2020&amp;diff=637934"/>
		<updated>2019-12-29T07:58:36Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| class=&amp;quot;bharattable-green&amp;quot; width=&amp;quot;100%&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Paheli-logo.png|right|120px]]&lt;br /&gt;
&amp;lt;quiz display=simple&amp;gt;&lt;br /&gt;
{'संस्कृति के चार अध्याय' किस साहित्यकार की प्रसिद्ध रचना है?&lt;br /&gt;
|type=&amp;quot;()&amp;quot;}&lt;br /&gt;
-[[मैथिलीशरण गुप्त]]&lt;br /&gt;
+[[रामधारी सिंह 'दिनकर']]&lt;br /&gt;
-[[बालकृष्ण शर्मा नवीन]]&lt;br /&gt;
-[[रामनरेश त्रिपाठी]]&lt;br /&gt;
||[[चित्र:Dinkar.jpg|right|border|80px|रामधारी सिंह 'दिनकर']]रामधारी सिंह 'दिनकर' [[हिन्दी]] के प्रसिद्ध लेखक, [[कवि]] एवं निबंधकार थे। '[[रामधारी सिंह 'दिनकर'|राष्ट्रकवि दिनकर]]' [[आधुनिक काल|आधुनिक युग]] के श्रेष्ठ [[वीर रस]] के कवि के रूप में स्थापित हैं। उनको राष्ट्रीय भावनाओं से ओतप्रोत, क्रांतिपूर्ण संघर्ष की प्रेरणा देने वाली ओजस्वी कविताओं के कारण असीम लोकप्रियता मिली। '[[संस्कृति के चार अध्याय -रामधारी सिंह दिनकर|संस्कृति के चार अध्याय]]' रामधारी सिंह 'दिनकर' की एक बहुचर्चित पुस्तक है, जिसे [[साहित्य अकादमी]] ने सन् [[1956]] में न केवल पहली बार प्रकाशित किया अपितु आगे चलकर उसे पुरस्कृत भी किया। इस पुस्तक में दिनकर जी ने [[भारत]] के संस्कृतिक इतिहास को चार भागों में बाँटकर उसे लिखने का प्रयत्न किया है।{{point}}अधिक जानकारी के लिए देखें:-[[रामधारी सिंह 'दिनकर']]&lt;br /&gt;
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{{पहेली क्रम |पिछली=[[पहेली 4 जनवरी 2020]]|अगली=[[पहेली 6 जनवरी 2020]]}}&lt;br /&gt;
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		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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		<title>पहेली 2 जनवरी 2020</title>
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		<updated>2019-12-29T07:57:15Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;कात्या सिंह: &lt;/p&gt;
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{किस [[वेद]] की रचना 'गद्य' एवं 'पद्य' दोनों में की गई है?&lt;br /&gt;
|type=&amp;quot;()&amp;quot;}&lt;br /&gt;
-[[ऋग्वेद]]&lt;br /&gt;
-[[सामवेद]]&lt;br /&gt;
+[[यजुर्वेद]]&lt;br /&gt;
-[[अथर्ववेद]]&lt;br /&gt;
||[[चित्र:Yajurveda.jpg|right|100px|यजुर्वेद का आवरण पृष्ठ]] 'यर्जुवेद' मूलतः कर्मकाण्ड वाला [[ग्रन्थ]] है। इसकी रचना [[कुरुक्षेत्र]] में मानी जाती है। [[यजुर्वेद]] में [[आर्य|आर्यों]] की धार्मिक एवं सामाजिक जीवन की झाँकी मिलती है। 'यजुर्वेद ग्रन्थ' से पता चलता है कि आर्य '[[सप्त सिंघव]]' से आगे बढ़ गए थे और वे प्राकृतिक पूजा के प्रति उदासीन होने लगे थे। [[यजुर्वेद]] के [[मंत्र|मंत्रों]] का उच्चारण 'अध्वुर्य' नामक [[पुरोहित]] करता था। इस [[वेद]] में अनेक प्रकार के [[यज्ञ|यज्ञों]] को सम्पन्न करने की विधियों का उल्लेख है। यह 'गद्य' तथा 'पद्य' दोनों में लिखा गया है। गद्य को 'यजुष' कहा गया है। यजुर्वेद से '[[उत्तर वैदिक काल]]' की राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक जीवन की जानकारी मिलती हैं।{{point}}अधिक जानकारी के लिए देखें:-[[यजुर्वेद]]&lt;br /&gt;
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		<author><name>कात्या सिंह</name></author>
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