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	<title>Bharatkosh - सदस्य द्वारा योगदान [hi]</title>
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		<title>तिरुअनंतपुरम</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा पर्यटन&lt;br /&gt;
|चित्र=Neyyar-Dam-Thiruvananthapuram.jpg &lt;br /&gt;
|विवरण=तिरुअनंतपुरम, शहर, भूतपूर्व त्रिवेंद्रम, केरल राज्य की राजधानी, दक्षिणी [[भारत]] में स्थित है।&lt;br /&gt;
|राज्य=[[केरल]] राज्य&lt;br /&gt;
|ज़िला=[[तिरुअनंतपुरम ज़िला]]&lt;br /&gt;
|निर्माता=&lt;br /&gt;
|स्वामित्व=&lt;br /&gt;
|प्रबंधक=&lt;br /&gt;
|निर्माण काल=&lt;br /&gt;
|स्थापना=&lt;br /&gt;
|भौगोलिक स्थिति=	उत्तर- 08° 26′25' - पूर्व- 76° 55′25' &lt;br /&gt;
|मार्ग स्थिति=तिरुअनंतपुरम [[कोच्चि]] से 218 किमी. दक्षिण में स्थित है।&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|कब जाएँ=मानसून के बाद&lt;br /&gt;
|यातायात=&lt;br /&gt;
|हवाई अड्डा=[[तिरुअनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा]]&lt;br /&gt;
|रेलवे स्टेशन=[[तिरुअनंतपुरम सेंट्रल रेलवे स्टेशन]] &lt;br /&gt;
|बस अड्डा=सेंट्रल बस अड्डा&lt;br /&gt;
|कैसे पहुँचें=&lt;br /&gt;
|क्या देखें=पद्मनाभ स्वामी मंदिर, त्रावनकोर के महाराजा का महल, वेली झील, कोवलम का समुद्रतट, चित्रा कला दीर्घा, संग्रहालय आदि&lt;br /&gt;
|कहाँ ठहरें=[[तिरुअनंतपुरम प्रवास]]&lt;br /&gt;
|क्या खायें=&lt;br /&gt;
|क्या ख़रीदें=पारंपरिक हस्तशिल्प जैसे ताँबे का सामान, बाँस का फर्नीचर, कथककली के मुखौटे और पारंपरिक परिधान आदि&lt;br /&gt;
|एस.टी.डी. कोड=0471&lt;br /&gt;
|ए.टी.एम=&lt;br /&gt;
|सावधानी=&lt;br /&gt;
|मानचित्र लिंक=[http://maps.google.co.in/maps?hl=en&amp;amp;q=thiruvananthapuram&amp;amp;ie=UTF8&amp;amp;hq=&amp;amp;hnear=Trivandrum,+Thiruvananthapuram,+Kerala&amp;amp;z=12 गूगल का मानचित्र]&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|पाठ 1=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=केरल की स्थापना आजादी के बाद [[मालाबार]] एवं [[त्रावनकोर]] को मिलाकर की गई तब तिरुअनंतपुरम को राजधानी बनाया गया।&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम= तिरुअनंतपुरम&lt;br /&gt;
|पर्यटन= तिरुअनंतपुरम पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला= तिरुअनंतपुरम ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास= तिरुअनंतपुरम प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
तिरुअनंतपुरम [[केरल]] की राजधानी है, पहले इसका नाम त्रिवेन्द्रम था। तिरुअनंतपुरम का शाब्दिक अर्थ है - तिरु यानी पवित्र एवं अनंत अर्थात सहस्त्रमुखी नाग तथा पुरम यानी आवास। केरल दक्षिण [[भारत]] का एक ऐसा राज्य है जहाँ प्रकृति एवं संस्कृति का सबसे अलग संगम मिलता है। इस प्रदेश को एक तरफ [[अरब सागर]] के नीले जल तो दूसरी तरफ [[पश्चिमी घाट]] की हरी-भरी पहाड़ियों ने अद्भुत नैसर्गिक सौंदर्य प्रदान किया है। सबसे पहले इस राज्य को भारतीय मानसून प्रभावित करता है। इसलिए यहाँ की धरती काफ़ी उर्वर है। यहाँ लौंग, इलायची, काली मिर्च, काजू, केला, धान, कॉफी, चाय और रबर की अच्छी खेती होती है। केरल में नारियल एवं ताड़ के वृक्षों की भरमार है। नारियल को ‘केर’ भी कहा जाता है। कहते हैं केर वृक्षों की बहुत अधिक पैदावार के कारण ही इसका नाम केरल पड़ा। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Chirayinkeezhu-Thiruvananthapuram.jpg|thumb|250px|left|चिरयिनकीज़ू, तिरुअनंतपुरम&amp;lt;br /&amp;gt;Chirayinkeezhu, Thiruvananthapuram]]&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
18वीं शताब्दी में त्रावनकोर के महाराजा ने जब अपनी राजधानी यहीं स्थानांतरित कर ली तब तिरुअनंतपुरम का महत्व बढ़ा। बाद में यहाँ कुछ महल और इमारतों का निर्माण हुआ। ‘केरल’ की स्थापना आजादी के बाद [[मालाबार]] एवं त्रावनकोर को मिलाकर की गई। तब तिरुअनंतपुरम को राजधानी बनाया गया। इस भव्य शहर में आज भी नूतन एवं पुरातन का विशिष्ट मेल दिखाई पड़ता है। यह वैसे तो काफ़ी बड़ा शहर है, किंतु पर्यटकों की आने-जाने के यहाँ केवल दो केंद्र हैं। &lt;br /&gt;
*पहला केंद्र रेलवे स्टेशन के आसपास का क्षेत्र है, जहाँ राज्य का बस स्टैंड, अनेक होटल तथा पर्यटक सूचना केंद्र हैं। &lt;br /&gt;
*दूसरा महात्मा गांधी मार्ग को कहा जा सकता है जिस पर कई दर्शनीय स्थल हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==व्यापार और उद्योग==&lt;br /&gt;
तिरुअनंतपुरम के उद्योगों में खनिज प्रसंस्करण, वस्त्र एवं हस्तकला से जुड़े उद्योग और चीनी की मिलें शामिल हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==कृषि और खनिज== &lt;br /&gt;
चावल और नारियल की खेती एवं मछली पकड़ना आर्थिक रूप से महत्त्वपूर्ण है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==शिक्षण संस्थान==&lt;br /&gt;
तिरुअनंतपुरम में [[केरल विश्वविद्यालय]] (1937) है और इससे संबद्ध महाविद्यालय और तकनीकी विद्यालय हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Padmanabhaswami-Temple-Thiruvananthapuram.jpg|thumb|250px|पद्मनाभ स्वामी मंदिर, तिरुअनंतपुरम&amp;lt;br /&amp;gt;Padmanabhaswami Temple, Thiruvananthapuram]]&lt;br /&gt;
==यातायात और परिवहन==&lt;br /&gt;
तिरुअनंतपुरम में पर्याप्त यातायात व परिवहन सुविधाएँ उपलब्ध हैं। जो इस प्रकार है:-&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;वायु मार्ग&amp;lt;/u&amp;gt;==== &lt;br /&gt;
तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए [[चेन्नई]], [[दिल्ली]], [[गोवा]], [[मुंबई]] से उड़ाने जाती हैं।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;रेल मार्ग&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मैंगलोर, अर्नाकुलम, बैंगलोर, चेन्नई, दिल्ली, गोवा, मुंबई, कन्याकुमारी और अन्य शहरों से तिरुअनंतपुरम के लिए रेलगाड़ियाँ चलती हैं। त्रिसूर के रोजाना करीब सात ट्रेनें यहाँ आती हैं। कोलम और कोच्चि से भी प्रतिदिन यहाँ ट्रेन आती है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;सड़क मार्ग&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कोच्चि, चेन्नई, मदुरै, बैंगलोर और कन्याकुमारी से तिरुवनंतपुरम के लिए बसें चलती हैं। लंबी दूरी की बसें सेंट्रल बस स्टेशन (केएसआरटीसी, तिरुवनंतपुरम बस टर्मिनल) से जाती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==पर्यटन स्थल==&lt;br /&gt;
{{main|तिरुअनंतपुरम पर्यटन}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[चित्र:Peppara-Dam-Thiruvananthapuram.jpg|thumb|250px|left|पीप्पारा बांध, तिरुअनंतपुरम&amp;lt;br /&amp;gt;Peppara Dam, Thiruvananthapuram]]&lt;br /&gt;
==तिरुअनंतपुरम की खूबियाँ==&lt;br /&gt;
तिरुअनंतपुरम सात छोटी-छोटी पहाड़ियों पर बसा है। ये पहाडि़याँ कई सदी पूर्व हरे-भरे वनों से आच्छादित थीं, जहाँ कुछ छोटे-छोटे गाँव भी थे। यहाँ के निवासियों को एक बार सबसे ऊँची पहाड़ी पर भगवान [[विष्णु]] की दिव्य प्रतिमा मिली थीं। विष्णु भगवान की प्रतिमा उसी जगह पर मंदिर बनाकर स्थापित कर दिया था। यहाँ की आबादी मंदिर की स्थापना के बाद बढ़ती गई और धीरे-धीरे इन पहाडि़यों पर एक शहर बस गया। उस समय यह [[त्रावनकोर]] राज्य का एक हिस्सा था जिसकी राजधानी [[पद्मनाभपुरम]] थी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==आयुर्वेद== &lt;br /&gt;
केरल की आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का लाभ उठाने कोवलम और तिरुअनंतपुरम आने वाले कई पर्यटक आते हैं। दोनों ही जगह कई ऐसे केंद्र हैं जहाँ पर्यटक प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा रोगों का निदान पा सकते हैं और स्वास्थ्य लाभ कर सकते हैं। इन केंद्रों में दो प्रकार के पद्धतियों से चिकित्सा होती है। &lt;br /&gt;
#इनमें एक है कायाकल्प चिकित्सा, जिसमें शरीर को पूरी तरह निरोगी बनाने का प्रयास किया जाता है। &lt;br /&gt;
#दूसरी है औषधीय चिकित्सा जिसमें रोग विशेष का उपचार किया जाता है। यहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ये उपचार किए जाते हैं।&lt;br /&gt;
== जनसंख्या==&lt;br /&gt;
2001 की गणना के अनुसार तिरुअनंतपुरम क्षेत्र की जनसंख्या 7,44,739 है। तिरुअनंतपुरम ज़िले की कुल जनसंख्या 32,34,707 है।&lt;br /&gt;
==वीथिका==&lt;br /&gt;
&amp;lt;gallery perrow=&amp;quot;3&amp;quot; widths=&amp;quot;200&amp;quot;&amp;gt;&lt;br /&gt;
चित्र:Ponmudi-Hills-Thiruvananthapuram.jpg|[[पोनमुदी पर्वत]], तिरुअनंतपुरम&amp;lt;br /&amp;gt; Ponmudi Hills, Tiruvananthapuram&lt;br /&gt;
चित्र:Kowdiar-Palace-Tiruvananthapuram.jpg|कॉडियर पैलेस, तिरुअनंतपुरम&amp;lt;br /&amp;gt;Kowdiar Palace, Tiruvananthapuram&lt;br /&gt;
चित्र:Vellayani-Lake-Thiruvananthapuram.jpg|वेललाइनी झील, तिरुअनंतपुरम&amp;lt;br /&amp;gt;Vellayani Lake, Thiruvananthapuram&lt;br /&gt;
चित्र:Chandrasekharan-Nair-Football-Stadium.jpg|[[चंद्रशेखर नैयर फुटबॉल स्टेडियम]], तिरुअनंतपुरम&amp;lt;br /&amp;gt; Chandrasekharan Nair Football Stadium, Tiruvananthapuram&lt;br /&gt;
चित्र:Lighthouse-Beach-Kovalam.jpg|लाइट हाउस, [[कोवलम]] तट&amp;lt;br /&amp;gt;Lighthouse, Kovalam Beach&lt;br /&gt;
चित्र:Kovalam.jpg|[[कोवलम]], [[केरल]]&amp;lt;br /&amp;gt;Kovalam, Kerala&lt;br /&gt;
चित्र:Napier-Museum-Thiruvananthapuram.jpg|[[नेपियर संग्रहालय]], तिरुअनंतपुरम&amp;lt;br /&amp;gt; Napier Museum, Thiruvananthapuram&lt;br /&gt;
चित्र:Legislative-Assembly-Of-Kerala.jpg|[[केरल]] की विधान सभा&amp;lt;br /&amp;gt;Legislative Assembly Of Kerala&lt;br /&gt;
&amp;lt;/gallery&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{प्रदेशों की राजधानी}}&lt;br /&gt;
[[Category:प्रदेशों की राजधानियाँ]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन_कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:केरल]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
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		<title>प्रयोग:V1</title>
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		<updated>2010-10-18T11:52:15Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{समाचार आधार}}&lt;br /&gt;
==समाचार==&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;सोमवार, 31 अगस्त, 2010&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
'''हाथी राष्ट्रीय धरोहर प्राणी घोषित होगा'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने गजराज यानी [[हाथी]] को राष्ट्रीय धरोहर प्राणी घोषित किया है। इसके संरक्षण हेतु बाघ संरक्षण प्राधिकरण की तर्ज़ पर गजराज संरक्षण प्राधिकरण बनाया जायेगा व विशेष टॉस्क फोर्स का गठन किया जायेगा। यही नहीं, 12वीं पंचवर्षीय योजना में इसके लिए 600 करोड़ की राशि दी जायेगी। इसका कारण यह है कि आज हाथियों के अस्तित्व पर भीषण संकट है। हाथी-दाँत के कारोबार के चलते आये दिन शिकारियों द्वारा हाथियों की हत्याएँ की जा रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है.... &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;समाचार को विभिन्न स्त्रोतों पर पढ़ें&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
*[http://dainiktribuneonline.com/2010/09/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C/ दैनिक ट्रिब्यून]&lt;br /&gt;
*[http://www.mediaclubofindia.com/profiles/blogs/4335940:BlogPost:76486 मीडिया क्लब ऑफ़ इंडिया]&lt;br /&gt;
*[http://hindi.webdunia.com/news/news/national/1009/09/1100909031_1.htm वेबदुनिया]&lt;br /&gt;
*[http://khabar.ibnlive.in.com/news/38857/1 आई बी एन खबर]&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=आधार1&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
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		<title>प्रयोग:V1</title>
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		<updated>2010-10-18T11:51:37Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{समाचार आधार}}&lt;br /&gt;
==समाचार==&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;सोमवार, 31 अगस्त, 2010&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
'''हाथी राष्ट्रीय धरोहर प्राणी घोषित होगा'''&lt;br /&gt;
केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने गजराज यानी [[हाथी]] को राष्ट्रीय धरोहर प्राणी घोषित किया है। इसके संरक्षण हेतु बाघ संरक्षण प्राधिकरण की तर्ज़ पर गजराज संरक्षण प्राधिकरण बनाया जायेगा व विशेष टॉस्क फोर्स का गठन किया जायेगा। यही नहीं, 12वीं पंचवर्षीय योजना में इसके लिए 600 करोड़ की राशि दी जायेगी। इसका कारण यह है कि आज हाथियों के अस्तित्व पर भीषण संकट है। हाथी-दाँत के कारोबार के चलते आये दिन शिकारियों द्वारा हाथियों की हत्याएँ की जा रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है.... &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;समाचार को विभिन्न स्त्रोतों पर पढ़ें&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
*[http://dainiktribuneonline.com/2010/09/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C/ दैनिक ट्रिब्यून]&lt;br /&gt;
*[http://www.mediaclubofindia.com/profiles/blogs/4335940:BlogPost:76486 मीडिया क्लब ऑफ़ इंडिया]&lt;br /&gt;
*[http://hindi.webdunia.com/news/news/national/1009/09/1100909031_1.htm वेबदुनिया]&lt;br /&gt;
*[http://khabar.ibnlive.in.com/news/38857/1 आई बी एन खबर]&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=आधार1&lt;br /&gt;
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}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>प्रयोग:V1</title>
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		<updated>2010-10-18T11:08:35Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{समाचार आधार}}&lt;br /&gt;
==समाचार==&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;सोमवार, 31 अगस्त, 2010&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने गजराज यानी [[हाथी]] को राष्ट्रीय धरोहर प्राणी घोषित किया है। इसके संरक्षण हेतु बाघ संरक्षण प्राधिकरण की तर्ज पर गजराज संरक्षण प्राधिकरण बनाया जायेगा व विशेष टॉस्क फोर्स का गठन किया जायेगा। यही नहीं, 12वीं पंचवर्षीय योजना में इसके लिए 600 करोड़ की राशि दी जायेगी। इसका कारण यह है कि आज हाथियों के अस्तित्व पर भीषण संकट है। हाथी-दांत के कारोबार के चलते आये दिन शिकारियों द्वारा हाथियों की हत्याएँ की जा रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है.... &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;समाचार को विभिन्न स्त्रोतों पर पढ़ें&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
*[http://dainiktribuneonline.com/2010/09/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C/ दैनिक ट्रिब्यून]&lt;br /&gt;
*[http://www.mediaclubofindia.com/profiles/blogs/4335940:BlogPost:76486 मीडिया क्लब ऑफ़ इंडिया]&lt;br /&gt;
*[http://hindi.webdunia.com/news/news/national/1009/09/1100909031_1.htm वेबदुनिया]&lt;br /&gt;
*[http://khabar.ibnlive.in.com/news/38857/1 आई बी एन खबर]&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=आधार1&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<updated>2010-10-18T10:56:22Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{समाचार आधार}}&lt;br /&gt;
==समाचार==&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;सोमवार, 18 अक्टूबर, 2010&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने देश में युगों-युगों से धर्म एवं [[संस्कृति]] से बहुत नजदीकी रूप से जुड़े रहे गजराज यानी [[हाथी]] को राष्ट्रीय धरोहर प्राणी घोषित किया है। इसके संरक्षण हेतु बाघ संरक्षण प्राधिकरण की तर्ज पर गजराज संरक्षण प्राधिकरण बनाया जायेगा व विशेष टॉस्क फोर्स का गठन किया जायेगा। यही नहीं, 12वीं पंचवर्षीय योजना में इसके लिए 600 करोड़ की राशि दी जायेगी। इसका कारण यह है कि आज हाथियों के अस्तित्व पर भीषण संकट है। हाथी-दांत के कारोबार के चलते आये दिन शिकारियों द्वारा हाथियों की हत्याएँ की जा रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है.... &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;समाचार को विभिन्न स्त्रोतों पर पढ़ें&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
*[http://dainiktribuneonline.com/2010/09/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C/ दैनिक ट्रिब्यून]&lt;br /&gt;
*[http://www.mediaclubofindia.com/profiles/blogs/4335940:BlogPost:76486 मीडिया क्लब ऑफ़ इंडिया]&lt;br /&gt;
*[http://hindi.webdunia.com/news/news/national/1009/09/1100909031_1.htm वेबदुनिया]&lt;br /&gt;
*[http://khabar.ibnlive.in.com/news/38857/1 आई बी एन खबर]&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=आधार1&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>प्रयोग:V1</title>
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		<updated>2010-10-18T10:55:56Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
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&lt;div&gt;{{समाचार आधार}}&lt;br /&gt;
==समाचार==&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;सोमवार, 18 अक्टूबर, 2010&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने देश में युगों-युगों से धर्म एवं [[संस्कृति]] से बहुत नजदीकी रूप से जुड़े रहे गजराज यानी [[हाथी]] को राष्ट्रीय धरोहर प्राणी घोषित किया है। इसके संरक्षण हेतु बाघ संरक्षण प्राधिकरण की तर्ज पर गजराज संरक्षण प्राधिकरण बनाया जायेगा व विशेष टॉस्क फोर्स का गठन किया जायेगा। यही नहीं, 12वीं पंचवर्षीय योजना में इसके लिए 600 करोड़ की राशि दी जायेगी। इसका कारण यह है कि आज हाथियों के अस्तित्व पर भीषण संकट है। हाथी-दांत के कारोबार के चलते आये दिन शिकारियों द्वारा हाथियों की हत्याएँ की जा रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है.... &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;समाचार को विभिन्न स्त्रोतों पर पढ़ें&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
*[http://dainiktribuneonline.com/2010/09/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C/ दैनिक ट्रिब्यून]&lt;br /&gt;
*[http://www.mediaclubofindia.com/profiles/blogs/4335940:BlogPost:76486 मीडिया क्लब ऑफ़ इंडिया]&lt;br /&gt;
*[http://hindi.webdunia.com/news/news/national/1009/09/1100909031_1.htm वेबदुनिया]&lt;br /&gt;
*[http://khabar.ibnlive.in.com/news/38857/1 आई बी एन खबर]&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=आधार1&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
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}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
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		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>प्रयोग:V1</title>
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		<updated>2010-10-18T10:55:06Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: '{{समाचार आधार}} ==समाचार== ====&amp;lt;u&amp;gt;सोमवार, 18 अक्टूबर, 2010&amp;lt;/u&amp;gt;==== केन्...' के साथ नया पन्ना बनाया&lt;/p&gt;
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&lt;div&gt;{{समाचार आधार}}&lt;br /&gt;
==समाचार==&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;सोमवार, 18 अक्टूबर, 2010&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने देश में युगों-युगों से धर्म एवं [[संस्कृति]] से बहुत नजदीकी रूप से जुड़े रहे गजराज यानी [[हाथी]] को राष्ट्रीय धरोहर प्राणी घोषित किया है। इसके संरक्षण हेतु बाघ संरक्षण प्राधिकरण की तर्ज पर गजराज संरक्षण प्राधिकरण बनाया जायेगा व विशेष टॉस्क फोर्स का गठन किया जायेगा। यही नहीं, 12वीं पंचवर्षीय योजना में इसके लिए 600 करोड़ की राशि दी जायेगी। इसका कारण यह है कि आज हाथियों के अस्तित्व पर भीषण संकट है। हाथी-दांत के कारोबार के चलते आये दिन शिकारियों द्वारा हाथियों की हत्याएँ की जा रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है.... &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;समाचार को विभिन्न स्त्रोतों पर पढ़ें&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
*[http://dainiktribuneonline.com/2010/09/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C/ दैनिक ट्रिब्यून]&lt;br /&gt;
*[http://www.mediaclubofindia.com/profiles/blogs/4335940:BlogPost:76486 मीडिया क्लब ऑफ़ इंडिया]&lt;br /&gt;
*[http://hindi.webdunia.com/news/news/national/1009/09/1100909031_1.htm वेबदुनिया]&lt;br /&gt;
*[http://khabar.ibnlive.in.com/news/38857/1 आई बी एन खबर]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>मुम्बई पर्यटन</title>
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		<updated>2010-10-18T09:24:10Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम=मुम्बई&lt;br /&gt;
|पर्यटन=मुम्बई पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला=मुम्बई ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास=मुम्बई प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
[[मुंबई]] शहर, भूतपूर्व बंबई, [[महाराष्ट्र]] राज्य की राजधानी है। यह दक्षिण-पश्चिम [[भारत]] देश का वित्तीय व वाणिज्यिक केंद्र और [[अरब सागर]] में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। मुंबई दुनिया के विशालतम व सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। मुम्बई को पहले बॉम्बे के नाम से जाना जाता था। मुम्बई शहर को बिजनेस केपिटल ऑफ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ देश के प्रमुख वित्तीय और संचार केन्द्र है। भारत का सबसे बड़ा शेयर बाजार, जिसका विश्व में तीसरा स्थान है मुम्बई में ही स्थित है। मुम्बई भारत के पश्चिमी समुद्रतट पर स्थित है। यह [[अरब सागर]] के सात द्वीपों का एक हिस्सा है। मुम्बई सामान्य रूप से सात द्वीपों जिनके नाम [[कोलाबा]], [[माजागाँव]], [[ओल्ड वूमन द्वीप]], [[वाडाला]], [[माहीम]], [[पारेल]] और [[माटूंगा-सायन]] पर स्थित है। सन् 1661 में [[इंग्लैंड]] के महाराजा [[चार्ल्‍स]] ने [[पुर्तग़ाल]] की राजकुमारी कैटरीना डे ब्रिगेंजा से शादी की थी। शादी में दहेज के रूप में चार्ल्‍स को बम्बई शहर मिला था, जो वर्तमान समय में मुम्बई के नाम से जाना जाता है। लेकिन सन् 1668 में मुम्बई [[ईस्ट इंडिया कम्पनी]] के हाथों में चला गया। सन् 1868 में महारानी विक्टोरिया ने शहर के प्रशासन को ईस्ट इंडिया कम्पनी से वापस ले लिया। मुंबई पर्यटन के लिए भी विश्व विख्यात हैं। जहाँ लोग दूर-दूर से घूमने के लिए आते है। यहाँ पर कई पर्यटन स्थल है जो इस प्रकार है:- &lt;br /&gt;
==पर्यटन स्थल== &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जोगेश्‍वरी गुफ़ा&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जोगेश्‍वरी गुफ़ा मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा 1500 साल पुरानी है। &lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा मंदिर में विशाल केंद्रीय हॉल भी है। &lt;br /&gt;
*इसके अतिरिक्त [[हनुमान]], देवी माता, [[जोगेश्‍वरी]] और [[गणेश]] जी की मूर्तियाँ भी यहाँ स्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हेंगिग गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हेंगिग गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*हेंगिग गार्डन को फ़िरोजशाह मेहता गार्डन के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*यह मंदिर महालक्ष्मी समुद्र के बिल्कुल करीब स्थित है।&lt;br /&gt;
*इस मंदिर में तीन बहुत ही सुंदर मूर्तियाँ है। &lt;br /&gt;
*मंदिर के गर्भगृह में [[महालक्ष्मी देवी|महालक्ष्मी]], [[काली|महाकाली]] एवं [[सरस्वती|महासरस्वती]] तीनों देवियों की प्रतिमाएँ एक साथ विद्यमान हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;गेटवे ऑफ़ इंडिया&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|गेटवे ऑफ़ इंडिया}}&lt;br /&gt;
*गेटवे आफॅ इंडिया की रूपरेखा जार्ज विककेट ने तैयार की थी और इसका निर्माण किंग जार्ज और क्वीन मैरी ने 1911 में करवाया था। &lt;br /&gt;
*गेटवे ऑफ़ इंडिया मुम्बई का बहुत ही प्रसिद्ध स्थान है। &lt;br /&gt;
*यह अपोलो बंडर के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;फ़्लोरा फ़ाउंटेन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|फ़्लोरा फ़ाउंटेन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*फ़ाउंटेन का नाम [[रोम]] में समृद्धि के [[देवता]] के नाम पर पड़ा था।&lt;br /&gt;
*अब यह फ़ाउंटेन उस क्षेत्र में है, जहाँ [[महाराष्ट्र]] राज्य के लिए शहीद होने वालों की याद में स्मारक बनाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जूहू चौपाटी&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जूहू चौपाटी मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जूहू बीच मुम्बई का सबसे प्रसिद्ध बीच है। &lt;br /&gt;
*यह मुम्बई से तीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*चौपाटी बीच मारीन ड्राईव में स्थित है। यह जगह मुम्बईवासियों की पहली पंसद है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हाजी अली दरगाह&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हाजी अली दरगाह}}&lt;br /&gt;
*हाजी अली [[महाराष्ट्र]] राज्य के [[मुंबई]] शहर में एक मशहूर मस्जिद एवं दरगाह है।&lt;br /&gt;
*यह स्थान अरबियन समुद्र के समुद्र तट पर बने [[महालक्ष्मी मंदिर मुंबई|महालक्ष्मी मंदिर]] के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;माउंट मेरी चर्च&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|माउंट मेरी चर्च मुंबई}}&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च मुंबई शहर के विशिष्ट और भव्य चर्चों में से एक है।&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च 1640 में बनाया गया था और फ़िर इसे गिरा दिया गया और 1761 में इसे दुबारा बनाया गया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी रेस कोर्स&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी रेस कोर्स मुंबई}}&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स महालक्ष्मी समुद्र तट के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स विश्‍व के प्रसिद्ध रेस कोर्स में से एक है। &lt;br /&gt;
====नेहरू प्लेनेटेरीयम और विज्ञान केन्द्र====&lt;br /&gt;
{{Main|नेहरू प्लेनेटेरीयम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटरीयम को विज्ञान केन्द्र के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम वर्ली में स्थित है।&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम का नाम पंडित [[जवाहर लाल नेहरू]] की मृत्यु के बाद रखा गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय मुंबई}}&lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय [[गेटवे ऑफ़ इंडिया मुंबई|गेटवे ऑफ़ इंडिया]] से बस थोड़ी सी दूरी पर स्थित है। &lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय में [[शिल्पकला]], [[मूर्तिकला]], चाइना और प्राचीन इत्यादि सम्बन्धित बहुमूल्य संग्रह है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;तारापोरवाला एक्वेरियम&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|तारापोरवाला एक्वेरियम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम मरीन ड्राईव में स्थित है। &lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम में अलग-अलग आकार, प्रकार और [[रंग]] की मछलियाँ हैं।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;विक्टोरिया गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|विक्टोरिया गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन में रोचक वनस्पतियों और जीवों का संग्रह है। &lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन वनस्पतिक और प्राणी [[विज्ञान]] से सम्बन्धित बगीचा हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====एलिफेंटा की गुफाएँ====&lt;br /&gt;
{{Main|एलिफेंटा की गुफाएँ}}&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर से 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ मुम्‍बई महानगर के पास स्थित पर्यटकों का एक बड़ा आकर्षण केन्‍द्र हैं।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ को घारापुरी के पुराने नाम से जाना जाता है जो कोंकणी मौर्य की द्वीप राजधानी थी।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;एसेल वर्ल्‍ड&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|एसेल वर्ल्‍ड मुंबई}}&lt;br /&gt;
*एसेल  वर्ल्‍ड गौरी बीच के समीप स्थित है। &lt;br /&gt;
*एसेल वर्ल्‍ड [[भारत]] का सबसे बड़ा मनोरंजन पार्क है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;मुंबा देवी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|मुंबा देवी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*मुंबा देवी मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना है। &lt;br /&gt;
*मुंबई का नाम ही [[मराठी भाषा|मराठी]] में मुंबा आई यानि मुंबा माता के नाम से निकला है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;ताजमहल होटल&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|ताजमहल होटल मुंबई}}&lt;br /&gt;
*ताज होटल मुंबई के अपोलो बंडर में स्थीत है।&lt;br /&gt;
*ताज महल होटल 104 साल पुरानी इमारत है। &lt;br /&gt;
*ताज होटल में 565 कमरे हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://yatrasalah.com/touristPlaces.aspx?id=28 |title=बिजनेस केपिटल ऑफ इंडिया |accessmonthday=[[18 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=यात्रा सलाह |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र मुंबई}}&lt;br /&gt;
*भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र [[मुम्बई]] में स्थित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] सरकार के [[परमाणु]] [[ऊर्जा]] विभाग के अन्तर्गत नाभिकीय [[विज्ञान]] एवं अभियांत्रिकी एवं अन्य सम्बन्धित क्षेत्रों का बहु-विषयी नाभिकीय अनुसंधान केन्द्र है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;नरीमन पाइंट&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|नरीमन पाइंट मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नरीमन पॉइंट मुंबई का सबसे प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है। &lt;br /&gt;
*इसका यह नाम एक पारसी दूरदर्शक खुर्शीद फ़्राम्जी नरीमन के नाम पर रखा गया। &lt;br /&gt;
*1995 में यहाँ वाणिज्यिक अचल संपत्ति किराया 8750 रू॰ प्रति वर्ग फुट था।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;कन्हेरी गुफाएँ&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|कन्हेरी गुफाएँ मुंबई}}&lt;br /&gt;
*कन्हेरी गुफाएँ मुंबई शहर के पश्चिमी क्षेत्र में बसे बोरीवली के उत्तर में स्थित हैं। &lt;br /&gt;
*ये संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के परिसर में ही स्थित हैं और मुख्य उद्यान से 6 कि.मी और बोरीवली स्टेशन से 7 कि.मी दूर हैं। &lt;br /&gt;
*ये गुफ़ाएँ [[बौद्ध]] कला दर्शाती हैं। &lt;br /&gt;
*कन्हेरी शब्द कृष्णागिरी यानी [[काला पर्वत]] से निकला है। &lt;br /&gt;
*इनको बड़े बड़े बेसाल्ट की चट्टानों से बनाया गया है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://mallar.wordpress.com/2010/03/17/%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82/ |title=कन्हेरी की गुफाएं |accessmonthday=[[15 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first=सुब्रमणियन |authorlink= |format= |publisher=वर्डप्रेस |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;छत्रपति शिवाजी टर्मिनस&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस मुंबई}}&lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को पहले विक्‍टोरिया टर्मिनस के नाम से जाना जाता था। &lt;br /&gt;
*छत्रपति [[शिवाजी]] टर्मिनस अपने लघु नाम वी.टी., या सी.एस.टी. से अधिक प्रचलित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] की वाणिज्यिक राजधानी [[मुंबई]] का एक ऐतिहासिक रेलवे-स्टेशन है, जो मध्य रेलवे, भारत का मुख्यालय भी है। &lt;br /&gt;
*यह भारत के व्यस्ततम स्टेशनों में से एक है। &lt;br /&gt;
*आंकड़ों के अनुसार यह स्टेशन [[ताजमहल]] के बाद भारत का सर्वाधिक छायाचित्रित स्मारक है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://bharat.gov.in/knowindia/chhatrapati_shivaji_terminus.php |title=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस |accessmonthday=[[18 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=अधिकारिक वेबसाइट |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://www.tajhotels.com/Palace/The%20Taj%20Mahal%20Palace%2CMUMBAI/default.htm Taj Hotel]&lt;br /&gt;
*[http://whc.unesco.org/pg.cfm?cid=31&amp;amp;id_site=945 Chhatrapati Shivaji Terminus]&lt;br /&gt;
*[http://www.mumbai.org.uk/kanheri-caves.html Kanheri Caves]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9B%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BF_%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80_%E0%A4%9F%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%B8&amp;diff=77966</id>
		<title>छत्रपति शिवाजी टर्मिनस</title>
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		<updated>2010-10-18T09:08:54Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* शैली */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Mumbai-Chhatrapati-Shivaji-Terminus.jpg|thumb|250px|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, [[मुम्बई]]&amp;lt;br /&amp;gt;Chhatrapati Shivaji Terminus, Mumbai]]&lt;br /&gt;
*[[महाराष्ट्र]] के शहर [[मुंबई]] में कई [[मुम्बई पर्यटन|पर्यटन स्थल]] है जिनमें से एक छत्रपति शिवाजी टर्मिनस है। &lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को पहले विक्‍टोरिया टर्मिनस के नाम से जाना जाता था।&lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस अपने लघु नाम वी.टी., या सी.एस.टी. से अधिक प्रचलित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई का एक ऐतिहासिक रेलवे-स्टेशन है, जो मध्य रेलवे, भारत का मुख्यालय भी है। &lt;br /&gt;
*यह भारत के व्यस्ततम स्टेशनों में से एक है। &lt;br /&gt;
*आंकड़ों के अनुसार यह स्टेशन [[ताजमहल]] के बाद भारत का सर्वाधिक छायाचित्रित स्मारक है।&lt;br /&gt;
==इतिहास== &lt;br /&gt;
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस भारतीय पारम्‍परिक वास्‍तुकला से ली गई विषय वस्‍तुओं के मिश्रण व भारत में विक्‍टोरियन गोथिक पुन: जीवित वास्‍तुकला का एक उत्‍कृष्‍ट उदाहरण है। यह टर्मिनस इन दोनों संस्‍कृतियों के बीच प्रभावों के महत्‍वपूर्ण आपसी बदलाव को दर्शाता है। इस स्टेशन की अभिकल्पना फ्रेडरिक विलियम स्टीवन्स, वास्तु सलाहकार ने 1878-1888, में 16.14 लाख रुपयों की राशि पर की थी। इस टर्मिनस का निर्माण 1878 में आरंभ करते हुए 10 वर्षों में किया गया। इसे शासक सम्राज्ञी [[महारानी विक्टोरिया]] के नाम पर विक्टोरिया टर्मिनस कहा गया। यह मुम्‍बई में एक गोथिक शहर के रूप में पहचाना जाने लगा। सन 1996  में, शिव सेना की मांग पर, तथा नामों को भारतीय नामों से बदलने की नीति के अनुसार, इस स्टेशन का नाम, राज्य सरकार द्वारा सत्रहवीं शताब्दी के मराठा शूरवीर शासक छत्रपति [[शिवाजी]] के नाम पर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस बदला गया। फिर भी वी.टी. नाम आज भी लोगों के मुंह पर चढ़ा हुआ है। [[2 जुलाई]], [[2004]] को इस स्टेशन को युनेस्को की विश्व धरोहर समिति द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।&lt;br /&gt;
====शैली====  &lt;br /&gt;
इस स्टेशन की इमारत विक्टोरियन गोथिक शैली में बनी है। इस इमारत में विक्टोरियाई इतालवी गोथिक शैली एवं परंपरागत भारतीय स्थापत्य कला का संगम झलकता है। इसके अंदरूनी भागों में लकड़ी की नक्काशी की हुई टाइलें, लौह एवं पीतल की अलंकृत मुंडेरें व जालियां हैं। यह स्टेशन अपनी उन्नत संरचना व तकनीकी विशेषताओं के साथ, उन्नीसवीं शताब्दी के रेलवे स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस में पत्‍थर के गुम्‍बद, कंगूरे, नोकदार आर्च और संकेन्द्रित भूमि योजना पारम्‍परिक भारतीय महलों की वास्‍तुकला के नजदीक है। यह प्रसिद्ध टर्मिनल ब्रिटिश राष्‍ट्र मंडल में 19 वीं शताब्‍दी के अंत की ओर रेलवे वास्‍तुकला की सुंदरता को भी दर्शाता है। यह मुम्‍बई के लोगों का एक अविभाज्‍य अंग है, क्‍योंकि यह स्टेशन उप शहरी और लंबी दूरी रेलों का स्‍टेशन है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://bharat.gov.in/knowindia/chhatrapati_shivaji_terminus.php |title=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस |accessmonthday=[[18 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=भारत का राष्ट्रीय पोर्टल |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://paripurnarailwaysamachar.blogspot.com/2010/02/29.html हैरिटेज गैलरी का उद्घाटन]&lt;br /&gt;
*[http://whc.unesco.org/pg.cfm?cid=31&amp;amp;id_site=945 Chhatrapati Shivaji Terminus]&lt;br /&gt;
*[http://www.mumbai.org.uk/victoria-terminal.html Chhatrapati Shivaji Terminus]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
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		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>छत्रपति शिवाजी टर्मिनस मुंबई</title>
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&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;#REDIRECT [[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>छत्रपति शिवाजी टर्मिनस</title>
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		<updated>2010-10-18T08:59:55Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: छत्रपति शिवाजी टर्मिनस मुंबई का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस कर दिया गया है&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Mumbai-Chhatrapati-Shivaji-Terminus.jpg|thumb|250px|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, [[मुम्बई]]&amp;lt;br /&amp;gt;Chhatrapati Shivaji Terminus, Mumbai]]&lt;br /&gt;
*[[महाराष्ट्र]] के शहर [[मुंबई]] में कई [[मुम्बई पर्यटन|पर्यटन स्थल]] है जिनमें से एक छत्रपति शिवाजी टर्मिनस है। &lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को पहले विक्‍टोरिया टर्मिनस के नाम से जाना जाता था।&lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस अपने लघु नाम वी.टी., या सी.एस.टी. से अधिक प्रचलित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई का एक ऐतिहासिक रेलवे-स्टेशन है, जो मध्य रेलवे, भारत का मुख्यालय भी है। &lt;br /&gt;
*यह भारत के व्यस्ततम स्टेशनों में से एक है। &lt;br /&gt;
*आंकड़ों के अनुसार यह स्टेशन [[ताजमहल]] के बाद भारत का सर्वाधिक छायाचित्रित स्मारक है।&lt;br /&gt;
==इतिहास== &lt;br /&gt;
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस भारतीय पारम्‍परिक वास्‍तुकला से ली गई विषय वस्‍तुओं के मिश्रण व भारत में विक्‍टोरियन गोथिक पुन: जीवित वास्‍तुकला का एक उत्‍कृष्‍ट उदाहरण है। यह टर्मिनस इन दोनों संस्‍कृतियों के बीच प्रभावों के महत्‍वपूर्ण आपसी बदलाव को दर्शाता है। इस स्टेशन की अभिकल्पना फ्रेडरिक विलियम स्टीवन्स, वास्तु सलाहकार ने 1878-1888, में 16.14 लाख रुपयों की राशि पर की थी। इस टर्मिनस का निर्माण 1878 में आरंभ करते हुए 10 वर्षों में किया गया। इसे शासक सम्राज्ञी [[महारानी विक्टोरिया]] के नाम पर विक्टोरिया टर्मिनस कहा गया। यह मुम्‍बई में एक गोथिक शहर के रूप में पहचाना जाने लगा। सन 1996  में, शिव सेना की मांग पर, तथा नामों को भारतीय नामों से बदलने की नीति के अनुसार, इस स्टेशन का नाम, राज्य सरकार द्वारा सत्रहवीं शताब्दी के मराठा शूरवीर शासक छत्रपति [[शिवाजी]] के नाम पर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस बदला गया। फिर भी वी.टी. नाम आज भी लोगों के मुंह पर चढ़ा हुआ है। [[2 जुलाई]], [[2004]] को इस स्टेशन को युनेस्को की विश्व धरोहर समिति द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।&lt;br /&gt;
====शैली====  &lt;br /&gt;
इस स्टेशन की इमारत विक्टोरियन गोथिक शैली में बनी है। इस इमारत में विक्टोरियाई इतालवी गोथिक शैली एवं परंपरागत भारतीय स्थापत्य कला का संगम झलकता है। इसके अंदरूनी भागों में लकड़ी की नक्काशी की हुई टाइलें, लौह एवं पीतल की अलंकृत मुंडेरें व जालियां हैं। यह स्टेशन अपनी उन्नत संरचना व तकनीकी विशेषताओं के साथ, उन्नीसवीं शताब्दी के रेलवे स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस में पत्‍थर के गुम्‍बद, कंगूरे, नोकदार आर्च और संकेन्द्रित भूमि योजना पारम्‍परिक भारतीय महलों की वास्‍तुकला के नजदीक है। यह प्रसिद्ध टर्मिनल ब्रिटिश राष्‍ट्र मंडल में 19 वीं शताब्‍दी के अंत की ओर रेलवे वास्‍तुकला की सुंदरता को भी दर्शाता है। यह मुम्‍बई के लोगों का एक अविभाज्‍य अंग है, क्‍योंकि यह स्टेशन उप शहरी और लंबी दूरी रेलों का स्‍टेशन है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://bharat.gov.in/knowindia/chhatrapati_shivaji_terminus.php |title=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस |accessmonthday=[[18 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=अधिकारिक वेबसाइट |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://paripurnarailwaysamachar.blogspot.com/2010/02/29.html हैरिटेज गैलरी का उद्घाटन]&lt;br /&gt;
*[http://whc.unesco.org/pg.cfm?cid=31&amp;amp;id_site=945 Chhatrapati Shivaji Terminus]&lt;br /&gt;
*[http://www.mumbai.org.uk/victoria-terminal.html Chhatrapati Shivaji Terminus]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;br /&gt;
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		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>छत्रपति शिवाजी टर्मिनस</title>
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		<updated>2010-10-18T07:56:47Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* बाहरी कड़ियाँ */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Mumbai-Chhatrapati-Shivaji-Terminus.jpg|thumb|250px|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, [[मुम्बई]]&amp;lt;br /&amp;gt;Chhatrapati Shivaji Terminus, Mumbai]]&lt;br /&gt;
*[[महाराष्ट्र]] के शहर [[मुंबई]] में कई [[मुम्बई पर्यटन|पर्यटन स्थल]] है जिनमें से एक छत्रपति शिवाजी टर्मिनस है। &lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को पहले विक्‍टोरिया टर्मिनस के नाम से जाना जाता था।&lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस अपने लघु नाम वी.टी., या सी.एस.टी. से अधिक प्रचलित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई का एक ऐतिहासिक रेलवे-स्टेशन है, जो मध्य रेलवे, भारत का मुख्यालय भी है। &lt;br /&gt;
*यह भारत के व्यस्ततम स्टेशनों में से एक है। &lt;br /&gt;
*आंकड़ों के अनुसार यह स्टेशन [[ताजमहल]] के बाद भारत का सर्वाधिक छायाचित्रित स्मारक है।&lt;br /&gt;
==इतिहास== &lt;br /&gt;
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस भारतीय पारम्‍परिक वास्‍तुकला से ली गई विषय वस्‍तुओं के मिश्रण व भारत में विक्‍टोरियन गोथिक पुन: जीवित वास्‍तुकला का एक उत्‍कृष्‍ट उदाहरण है। यह टर्मिनस इन दोनों संस्‍कृतियों के बीच प्रभावों के महत्‍वपूर्ण आपसी बदलाव को दर्शाता है। इस स्टेशन की अभिकल्पना फ्रेडरिक विलियम स्टीवन्स, वास्तु सलाहकार ने 1878-1888, में 16.14 लाख रुपयों की राशि पर की थी। इस टर्मिनस का निर्माण 1878 में आरंभ करते हुए 10 वर्षों में किया गया। इसे शासक सम्राज्ञी [[महारानी विक्टोरिया]] के नाम पर विक्टोरिया टर्मिनस कहा गया। यह मुम्‍बई में एक गोथिक शहर के रूप में पहचाना जाने लगा। सन 1996  में, शिव सेना की मांग पर, तथा नामों को भारतीय नामों से बदलने की नीति के अनुसार, इस स्टेशन का नाम, राज्य सरकार द्वारा सत्रहवीं शताब्दी के मराठा शूरवीर शासक छत्रपति [[शिवाजी]] के नाम पर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस बदला गया। फिर भी वी.टी. नाम आज भी लोगों के मुंह पर चढ़ा हुआ है। [[2 जुलाई]], [[2004]] को इस स्टेशन को युनेस्को की विश्व धरोहर समिति द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।&lt;br /&gt;
====शैली====  &lt;br /&gt;
इस स्टेशन की इमारत विक्टोरियन गोथिक शैली में बनी है। इस इमारत में विक्टोरियाई इतालवी गोथिक शैली एवं परंपरागत भारतीय स्थापत्य कला का संगम झलकता है। इसके अंदरूनी भागों में लकड़ी की नक्काशी की हुई टाइलें, लौह एवं पीतल की अलंकृत मुंडेरें व जालियां हैं। यह स्टेशन अपनी उन्नत संरचना व तकनीकी विशेषताओं के साथ, उन्नीसवीं शताब्दी के रेलवे स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस में पत्‍थर के गुम्‍बद, कंगूरे, नोकदार आर्च और संकेन्द्रित भूमि योजना पारम्‍परिक भारतीय महलों की वास्‍तुकला के नजदीक है। यह प्रसिद्ध टर्मिनल ब्रिटिश राष्‍ट्र मंडल में 19 वीं शताब्‍दी के अंत की ओर रेलवे वास्‍तुकला की सुंदरता को भी दर्शाता है। यह मुम्‍बई के लोगों का एक अविभाज्‍य अंग है, क्‍योंकि यह स्टेशन उप शहरी और लंबी दूरी रेलों का स्‍टेशन है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://bharat.gov.in/knowindia/chhatrapati_shivaji_terminus.php |title=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस |accessmonthday=[[18 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=अधिकारिक वेबसाइट |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://paripurnarailwaysamachar.blogspot.com/2010/02/29.html हैरिटेज गैलरी का उद्घाटन]&lt;br /&gt;
*[http://whc.unesco.org/pg.cfm?cid=31&amp;amp;id_site=945 Chhatrapati Shivaji Terminus]&lt;br /&gt;
*[http://www.mumbai.org.uk/victoria-terminal.html Chhatrapati Shivaji Terminus]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8&amp;diff=77932</id>
		<title>मुम्बई पर्यटन</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* छत्रपति शिवाजी टर्मिनस */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम=मुम्बई&lt;br /&gt;
|पर्यटन=मुम्बई पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला=मुम्बई ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास=मुम्बई प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
[[मुंबई]] शहर, भूतपूर्व बंबई, [[महाराष्ट्र]] राज्य की राजधानी है। यह दक्षिण-पश्चिम [[भारत]] देश का वित्तीय व वाणिज्यिक केंद्र और [[अरब सागर]] में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। मुंबई दुनिया के विशालतम व सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। मुम्बई को पहले बॉम्बे के नाम से जाना जाता था। मुम्बई शहर को बिजनेस केपिटल ऑफ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ देश के प्रमुख वित्तीय और संचार केन्द्र है। भारत का सबसे बड़ा शेयर बाजार, जिसका विश्व में तीसरा स्थान है मुम्बई में ही स्थित है। मुम्बई भारत के पश्चिमी समुद्रतट पर स्थित है। यह [[अरब सागर]] के सात द्वीपों का एक हिस्सा है। मुम्बई सामान्य रूप से सात द्वीपों जिनके नाम [[कोलाबा]], [[माजागाँव]], [[ओल्ड वूमन द्वीप]], [[वाडाला]], [[माहीम]], [[पारेल]] और [[माटूंगा-सायन]] पर स्थित है। सन् 1661 में [[इंग्लैंड]] के महाराजा [[चार्ल्‍स]] ने [[पुर्तग़ाल]] की राजकुमारी कैटरीना डे ब्रिगेंजा से शादी की थी। शादी में दहेज के रूप में चार्ल्‍स को बम्बई शहर मिला था, जो वर्तमान समय में मुम्बई के नाम से जाना जाता है। लेकिन सन् 1668 में मुम्बई [[ईस्ट इंडिया कम्पनी]] के हाथों में चला गया। सन् 1868 में महारानी विक्टोरिया ने शहर के प्रशासन को ईस्ट इंडिया कम्पनी से वापस ले लिया। मुंबई पर्यटन के लिए भी विश्व विख्यात हैं। जहाँ लोग दूर-दूर से घूमने के लिए आते है। यहाँ पर कई पर्यटन स्थल है जो इस प्रकार है:- &lt;br /&gt;
==पर्यटन स्थल== &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जोगेश्‍वरी गुफ़ा&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जोगेश्‍वरी गुफ़ा मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा 1500 साल पुरानी है। &lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा मंदिर में विशाल केंद्रीय हॉल भी है। &lt;br /&gt;
*इसके अतिरिक्त [[हनुमान]], देवी माता, [[जोगेश्‍वरी]] और [[गणेश]] जी की मूर्तियाँ भी यहाँ स्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हेंगिग गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हेंगिग गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*हेंगिग गार्डन को फ़िरोजशाह मेहता गार्डन के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*यह मंदिर महालक्ष्मी समुद्र के बिल्कुल करीब स्थित है।&lt;br /&gt;
*इस मंदिर में तीन बहुत ही सुंदर मूर्तियाँ है। &lt;br /&gt;
*मंदिर के गर्भगृह में [[महालक्ष्मी देवी|महालक्ष्मी]], [[काली|महाकाली]] एवं [[सरस्वती|महासरस्वती]] तीनों देवियों की प्रतिमाएँ एक साथ विद्यमान हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;गेटवे ऑफ़ इंडिया&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|गेटवे ऑफ़ इंडिया}}&lt;br /&gt;
*गेटवे आफॅ इंडिया की रूपरेखा जार्ज विककेट ने तैयार की थी और इसका निर्माण किंग जार्ज और क्वीन मैरी ने 1911 में करवाया था। &lt;br /&gt;
*गेटवे ऑफ़ इंडिया मुम्बई का बहुत ही प्रसिद्ध स्थान है। &lt;br /&gt;
*यह अपोलो बंडर के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;फ़्लोरा फ़ाउंटेन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|फ़्लोरा फ़ाउंटेन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*फ़ाउंटेन का नाम [[रोम]] में समृद्धि के [[देवता]] के नाम पर पड़ा था।&lt;br /&gt;
*अब यह फ़ाउंटेन उस क्षेत्र में है, जहाँ [[महाराष्ट्र]] राज्य के लिए शहीद होने वालों की याद में स्मारक बनाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जूहू चौपाटी&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जूहू चौपाटी मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जूहू बीच मुम्बई का सबसे प्रसिद्ध बीच है। &lt;br /&gt;
*यह मुम्बई से तीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*चौपाटी बीच मारीन ड्राईव में स्थित है। यह जगह मुम्बईवासियों की पहली पंसद है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हाजी अली दरगाह&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हाजी अली दरगाह}}&lt;br /&gt;
*हाजी अली [[महाराष्ट्र]] राज्य के [[मुंबई]] शहर में एक मशहूर मस्जिद एवं दरगाह है।&lt;br /&gt;
*यह स्थान अरबियन समुद्र के समुद्र तट पर बने [[महालक्ष्मी मंदिर मुंबई|महालक्ष्मी मंदिर]] के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;माउंट मेरी चर्च&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|माउंट मेरी चर्च मुंबई}}&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च मुंबई शहर के विशिष्ट और भव्य चर्चों में से एक है।&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च 1640 में बनाया गया था और फ़िर इसे गिरा दिया गया और 1761 में इसे दुबारा बनाया गया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी रेस कोर्स&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी रेस कोर्स मुंबई}}&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स महालक्ष्मी समुद्र तट के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स विश्‍व के प्रसिद्ध रेस कोर्स में से एक है। &lt;br /&gt;
====नेहरू प्लेनेटेरीयम और विज्ञान केन्द्र====&lt;br /&gt;
{{Main|नेहरू प्लेनेटेरीयम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटरीयम को विज्ञान केन्द्र के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम वर्ली में स्थित है।&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम का नाम पंडित [[जवाहर लाल नेहरू]] की मृत्यु के बाद रखा गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय मुंबई}}&lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय [[गेटवे ऑफ़ इंडिया मुंबई|गेटवे ऑफ़ इंडिया]] से बस थोड़ी सी दूरी पर स्थित है। &lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय में [[शिल्पकला]], [[मूर्तिकला]], चाइना और प्राचीन इत्यादि सम्बन्धित बहुमूल्य संग्रह है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;तारापोरवाला एक्वेरियम&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|तारापोरवाला एक्वेरियम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम मरीन ड्राईव में स्थित है। &lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम में अलग-अलग आकार, प्रकार और [[रंग]] की मछलियाँ हैं।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;विक्टोरिया गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|विक्टोरिया गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन में रोचक वनस्पतियों और जीवों का संग्रह है। &lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन वनस्पतिक और प्राणी [[विज्ञान]] से सम्बन्धित बगीचा हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====एलिफेंटा की गुफाएँ====&lt;br /&gt;
{{Main|एलिफेंटा की गुफाएँ}}&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर से 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ मुम्‍बई महानगर के पास स्थित पर्यटकों का एक बड़ा आकर्षण केन्‍द्र हैं।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ को घारापुरी के पुराने नाम से जाना जाता है जो कोंकणी मौर्य की द्वीप राजधानी थी।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;एसेल वर्ल्‍ड&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|एसेल वर्ल्‍ड मुंबई}}&lt;br /&gt;
*एसेल  वर्ल्‍ड गौरी बीच के समीप स्थित है। &lt;br /&gt;
*एसेल वर्ल्‍ड [[भारत]] का सबसे बड़ा मनोरंजन पार्क है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;मुंबा देवी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|मुंबा देवी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*मुंबा देवी मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना है। &lt;br /&gt;
*मुंबई का नाम ही [[मराठी भाषा|मराठी]] में मुंबा आई यानि मुंबा माता के नाम से निकला है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;ताजमहल होटल&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|ताजमहल होटल मुंबई}}&lt;br /&gt;
*ताज होटल मुंबई के अपोलो बंडर में स्थीत है।&lt;br /&gt;
*ताज महल होटल 104 साल पुरानी इमारत है। &lt;br /&gt;
*ताज होटल में 565 कमरे हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://yatrasalah.com/touristPlaces.aspx?id=28 |title=बिजनेस केपिटल ऑफ इंडिया |accessmonthday=[[18 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=यात्रा सलाह |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र मुंबई}}&lt;br /&gt;
*भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र [[मुम्बई]] में स्थित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] सरकार के [[परमाणु]] [[ऊर्जा]] विभाग के अन्तर्गत नाभिकीय [[विज्ञान]] एवं अभियांत्रिकी एवं अन्य सम्बन्धित क्षेत्रों का बहु-विषयी नाभिकीय अनुसंधान केन्द्र है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;नरीमन पाइंट&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|नरीमन पाइंट मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नरीमन पॉइंट मुंबई का सबसे प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है। &lt;br /&gt;
*इसका यह नाम एक पारसी दूरदर्शक खुर्शीद फ़्राम्जी नरीमन के नाम पर रखा गया। &lt;br /&gt;
*1995 में यहाँ वाणिज्यिक अचल संपत्ति किराया 8750 रू॰ प्रति वर्ग फुट था।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;कन्हेरी गुफाएँ&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|कन्हेरी गुफाएँ मुंबई}}&lt;br /&gt;
*कन्हेरी गुफाएँ मुंबई शहर के पश्चिमी क्षेत्र में बसे बोरीवली के उत्तर में स्थित हैं। &lt;br /&gt;
*ये संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के परिसर में ही स्थित हैं और मुख्य उद्यान से 6 कि.मी और बोरीवली स्टेशन से 7 कि.मी दूर हैं। &lt;br /&gt;
*ये गुफ़ाएँ [[बौद्ध]] कला दर्शाती हैं। &lt;br /&gt;
*कन्हेरी शब्द कृष्णागिरी यानी [[काला पर्वत]] से निकला है। &lt;br /&gt;
*इनको बड़े बड़े बेसाल्ट की चट्टानों से बनाया गया है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://mallar.wordpress.com/2010/03/17/%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82/#comment-2709 |title=कन्हेरी की गुफाएं |accessmonthday=[[15 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first=सुब्रमणियन |authorlink= |format= |publisher=वर्डप्रेस |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;छत्रपति शिवाजी टर्मिनस&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस मुंबई}}&lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को पहले विक्‍टोरिया टर्मिनस के नाम से जाना जाता था। &lt;br /&gt;
*छत्रपति [[शिवाजी]] टर्मिनस अपने लघु नाम वी.टी., या सी.एस.टी. से अधिक प्रचलित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] की वाणिज्यिक राजधानी [[मुंबई]] का एक ऐतिहासिक रेलवे-स्टेशन है, जो मध्य रेलवे, भारत का मुख्यालय भी है। &lt;br /&gt;
*यह भारत के व्यस्ततम स्टेशनों में से एक है। &lt;br /&gt;
*आंकड़ों के अनुसार यह स्टेशन [[ताजमहल]] के बाद भारत का सर्वाधिक छायाचित्रित स्मारक है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://bharat.gov.in/knowindia/chhatrapati_shivaji_terminus.php |title=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस |accessmonthday=[[18 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=अधिकारिक वेबसाइट |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>मुम्बई</title>
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		<updated>2010-10-18T07:37:38Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* बाहरी कड़ियाँ */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा पर्यटन&lt;br /&gt;
|चित्र=A-View-Of-Mumbai.jpg&lt;br /&gt;
|विवरण=&lt;br /&gt;
|राज्य=[[महाराष्ट्र]]&lt;br /&gt;
|ज़िला=[[मुम्बई उपनगर ज़िला]]&lt;br /&gt;
|निर्माता=&lt;br /&gt;
|स्वामित्व=&lt;br /&gt;
|प्रबंधक=&lt;br /&gt;
|निर्माण काल=&lt;br /&gt;
|स्थापना=तीसरी शताब्दी ई. पू में सम्राट [[अशोक]] द्वारा स्थापित &lt;br /&gt;
|भौगोलिक स्थिति=&lt;br /&gt;
|मार्ग स्थिति=यह शहर सड़क द्वारा [[पुणे]] से 150 किमी, [[नासिक]] से 172 किमी, [[सांगली]] से 373 किमी, [[औरंगाबाद]] से 373 किमी, [[अमरावती]] से 696 किमी, [[नागपूर]] से 847 किमी और [[दिल्ली]] से 1,393 किमी दूरी पर स्थित है। &lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|कब जाएँ=[[अक्टूबर]] से [[मार्च]]&lt;br /&gt;
|यातायात=साइकिल-रिक्शा, ऑटो-रिक्शा, मीटर-टैक्सी, सिटी बस और मेट्रो रेल &lt;br /&gt;
|हवाई अड्डा=छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र, नवी मुंबई अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र, जुहू हवाई अड्डा&lt;br /&gt;
|रेलवे स्टेशन=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेलवे स्टेशन, मुंबई सेंट्रल, मुंबई उपनगरीय रेलवे, दादर स्टेशन, विक्टोरिया रेलवे स्टेशन&lt;br /&gt;
|बस अड्डा=राज्य परिवहन टर्मिनल&lt;br /&gt;
|कैसे पहुँचें=जलयान, हवाई जहाज़, रेल, बस आदि से पहुँचा जा सकता है। &lt;br /&gt;
|क्या देखें=[[मुम्बई पर्यटन]]&lt;br /&gt;
|कहाँ ठहरें=[[मुम्बई प्रवास]]&lt;br /&gt;
|क्या खायें=वड़ा पाव, श्रीखंड, भेलपूरी, पूरन पोली, पोहा, साबूदाना वड़ा, फिरनी, मालपुआ, चॉकलेट चाय, आदि &lt;br /&gt;
|क्या ख़रीदें=आभूषण, लकड़ी की वस्तुएं, चमड़े का सामान, &lt;br /&gt;
|एस.टी.डी. कोड=022&lt;br /&gt;
|ए.टी.एम=लगभग सभी &lt;br /&gt;
|सावधानी=&lt;br /&gt;
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|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=भाषा&lt;br /&gt;
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}}&lt;br /&gt;
{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम=मुम्बई&lt;br /&gt;
|पर्यटन=मुम्बई पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला=मुम्बई ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास=मुम्बई प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई शहर, भूतपूर्व बंबई, [[महाराष्ट्र]] राज्य की राजधानी है। यह दक्षिण-पश्चिम [[भारत]] देश का वित्तीय व वाणिज्यिक केंद्र और अरब सागर में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। मुंबई दुनिया के विशालतम व सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। मुंबई एक प्राचीन बस्ती के स्थल पर बसा हुआ है और इसका नामकरण भगवान [[शंकर]] की पत्नी [[पार्वती देवी]] के एक रूप, स्थानीय देवी मुंबा के नाम पर किया है। जिनका मंदिर उस स्थल पर था, जहाँ पर अब नगर का दक्षिण-पूर्वी हिस्सा अवस्थित है। मुंबई लंबे समय से भारत के सूती वस्त्र उद्योग के केंद्र के रूप में विख्यात रहा है, लेकिन अब यहाँ विविध निर्माण उद्योग भी हैं और इसके वाणिज्यिक व वित्तिय संस्थान सशक्त और सबल हैं। इस शहर में अधिकांश बड़े, विकासशील औद्योगिक नगरों की पुरानी समस्या वायु व जल प्रदूषण, झुग्गी बस्ती और अत्यधिक भीड़भाड़ मौजूद है। द्वीपीय अवस्थिति के कारण मुंबई का विस्तार सीमित है।&lt;br /&gt;
==भौतिक एवं मानव भूगोल==&lt;br /&gt;
====नगर की स्थिति====&lt;br /&gt;
मुंबई शहर प्रायद्विपीय स्थल पर बसा हुआ है, जो मूलतः पश्चिम भारत के कोंकण तट के पास स्थित सात द्वीपिकाओं से मिलकर बना है। 17 वीं शताब्दी से अपवाह व भूमि फिर से हासिल करने की परियोजनाओं और जलमार्गों व जल अवरोधकों के निर्माण के कारण ये द्वीपिकाएं मिलकर एक बड़े भूभाग का निर्माण करती हैं, जिसे बंबई द्वीप के नाम से जाना जाता था।  इस द्वीप के पूर्व में मुंबई बंदरगाह का स्थिर जलक्षेत्र है। यह द्वीप निम्न मैदान से बना है, जिसका एक चौथाई हिस्सा समुद्र तल से भी नीचा है; इस मैदान के पूर्वी और पश्चिमी किनारों में निचली पहाड़ियों की दो समानांतर पर्वतश्रेणियाँ हैं। इनमें से लंबी पर्वतश्रेणी द्वारा सुदूर दक्षिण में निर्मित कोलाबा पॉइंट मुंबई बंदरगाह को खुले समुद्र से बचाता है। पश्चिमी पर्वतश्रेणी मालाबार हिल पर समुद्र तल से 55 मीटर की ऊँचाई पर समाप्त होती है, जो मुंबई की सबसे ऊँचे इलाकों में से एक है। इन दो पर्वत श्रेणियों के बीच पश्च खाड़ी (बैक बे) का छिछला विस्तार है। इस खाड़ी के शीर्ष और बंदरगाह के बीच कुछ ऊँची भूपट्टिकाओं पर दुर्ग स्थित है, मूलतः इसी के चारों ओर शहर का विस्तार हुआ। अब यहाँ मुख्यतः सार्वजनिक एवं वाणिज्यिक कार्यालय हैं। पश्च खाड़ी से उत्तर की ओर भूतल मध्यवर्ती मैदान की दिशा में ढलान वाली है। बंबई के सुदूर उत्तर में विशाल खारे दलदल हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Nariman-Point-Mumbai.jpg|thumb|[[नरीमन पाइंट मुंबई|नरीमन पाइंट]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Nariman Point, Mumbai|left|250px]]  &lt;br /&gt;
पुराना शहर दक्षिण में कोलाबा से उत्तर में माहिम और्सायन तक लगभग 67 वर्ग किमी में फैला हुआ था। 1950 में सालगेट के विशाल द्वीप को जलमार्ग द्वारा जोड़कर मुख्य क्षेत्र में शामिल करके उत्तर की ओर बंबई का विस्तार किया गया। 1957 तक वृहद बंबई में कई उपनगरीय नगरपालिका क्षेत्रों और कुछ पड़ोसी गावों को शामिल कर लिया गया। उसके बाद से इस महानगर का विस्तार जारी है। 1970 के दशक के आरंभ में भीड़भाड़ और सघनता दूर करने  के प्रयास के रूप में सालगेट द्वीप को मुंबई बंदरगाह के मुख्य जलक्षेत्र थाना क्रीक पर पुल बनाकर मुख्यभूमि से जोड़ दिया गया। मुंबई का प्राकृतिक सौंदर्य इस क्षेत्र के किसी अन्य शहर से बेहतर है। समुद्र से बंदरगाह में प्रवेश स्थान से एक विशाल दृश्य दिखाई देता है, जिसके किनारों पर मुख्यभूमि पर स्थित पश्चिमी घाट की पहाड़ियाँ हैं। बेशुमार छोटे जलयानों की सफेद पालों से चमकता द्वीपों से घिरा चौड़ा बंदरगाह जहाज़ों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है, विशेषकर जब तटीय क्षेत्र पर तूफ़ान की स्थिति हो। बंदरगाह के द्वीपों में सबसे बड़ा एलीफ़ेटा है, जो छठी शताब्दी के गुफ़ा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।&lt;br /&gt;
इस नगर में पाए जाने वाले सामान्य वृक्षों में [[नारियल]], [[आम]], [[इमली]], और [[बरगद]] शामिल हैं। सालसेट द्वीप कभी [[बाघ]], [[तेंदुआ]], [[सियार]] और [[हिरन]] जैसे वन्य प्राणियों का आश्रय था, लेकिन अब ये प्राणी यहाँ नहीं पाये जाते। यहाँ के प्राणी जीवन में अब [[गाय]], [[बैल]], [[भेड़]], [[बकरी]] और अन्य पालतू प्रजातियाँ हैं। यहाँ पाए जाने वाले पक्षियों में [[गिद्ध]], [[कबूतर]], [[सारस]] और [[बत्तख]] शामिल हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Gateway-Of-India-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[गेटवे ऑफ इंडिया]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Gateway Of India, Mumbai]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====जलवायु====&lt;br /&gt;
मुंबई की जलवायु गर्म और आर्द्र है। यहाँ चार ॠतुएं हैं। दिसंबर से फ़रवरी तक सर्दी और मार्च से मई तक गर्मी का महीना रहता है। दक्षिण-पश्चिम में मॉनसूनी हवाओं द्वारा होने वाली वर्षा &lt;br /&gt;
जून से सितंबर तक होती है और इसके बाद उत्तर मॉनसून काल आता है, जो अक्टूबर-नवंबर तक रहता है। इस काल में मौसम फिर से गर्म हो जाता है। औसत मासिक तापमान मई में 33 &lt;br /&gt;
डिग्री से. से जनवरी में 19 डिग्री से. तक होता है। औसत वार्षिक वर्षा 1,800 मिमी है, जिसमें से औसतन 610 मिमी. वर्षा सिर्फ़ जुलाई के महीने में होती है।&lt;br /&gt;
====शहर की संरचना====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई के पुराने हिस्से ज़्यादा निर्मित हैं, लेकिन अधिक समृद्ध क्षेत्रों, जैसे मालाबार हिल में कुछ हरियाली है। यहाँ कई खुले मैदान व पार्क हैं। मुंबई में लगातार शहरीकरण के इतिहास के कारण शहर के कई हिस्सों में झुग्गी बस्तियाँ बन गईं हैं। इस शहर में अनेक कारख़ानों, बढ़ते यातायात और निकट स्थित तेलशोधनशालाओं के कारण वायु एवं जल प्रदूषण ख़तरे के स्तर तक बढ़ गया है। शहर के दक्षिणी हिस्से में वित्तीय ज़िला (पुराने फ़ोर्ट बंबई के आसपास) स्थित है। सुदूर दक्षिण (कोलाबा के आसपास) और पश्चिम में नेताजी सुभाष चंद्र रोड (मॅरीन ड्राइव) तथा मालाबार हिल आवासी क्षेत्र हैं। फ़ोर्ट क्षेत्र के उत्तर में प्रमुख व्यापारिक ज़िला है, जो धीरे-धीरे वाणिज्यिक आवासीय क्षेत्र में शामिल हो रहा है। अधिकांश पुराने कारख़ाने इसी क्षेत्र में स्थित हैं। सुदूर उत्तर में आवासीय क्षेत्र हैं और उनके बाद हाल ही में विकसित औद्योगिक क्षेत्र और झुग्गी बस्तियों के इलाक़े हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Elephanta-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|left|[[एलिफेंटा की गुफाएँ]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Elephant Caves, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ आवास मुख्यतः निजी स्वामित्व वाले हैं, हालाँकि सार्वजनिक वित्त निगमों के ज़रिये सरकार द्वारा निर्मित कुछ सार्वजनिक आवास भी हैं। मुंबई अत्यधिक भीड़भाड़ वाला नगर है और अत्यधिक समृद्ध लोगों के अलावा बाक़ी लोगों के आवास के लिए कमी रहती है। इसी कारण वाणिज्यिक और औद्योगिक उद्यमों को मध्य स्तरीय व्यावसायिक, तकनीकी या प्रबंधकीय कर्मचारियों को आकर्षित करने में लगातार परेशानी हो रही है। आंतरिक क्षेत्र से अकुशल श्रमिकों का लगातार अप्रवास हो रहा है और इस नगर में बेघर व निर्धन लोगों की संख्या बढ़ रही है। नगर के योजनाकार इसे रोकना चाहते हैं और उन्होंने उद्यमों को बंदरगाह के दूसरी ओर इससे लगे नगर नवी मुंबई में स्थापित करने का प्रयास किया है। इसके लिए नगर में औद्योगिक इकाइयों के विकास और पुरानी इकाइयों के विस्तार पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। लेकिन उद्यमियों द्वारा अपने उद्योग को देश के किसी अन्य हिस्से में ले जाने की धमकी के कारण इस प्रतिबंध का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हो रहा है। मुंबई का वास्तुशिल्प अलंकृत गॉथिक शैली का है, जो 18वीं और 19वीं शताब्दियों की विशेषता थी। यहाँ समकालीन अन्य रुपांकन (डिज़ाइन) भी है। पुराने प्रशासनिक और वाणिज्यिक भवनों के साथ गगनचुंबी व कॉन्क्रीट से बनी बहुमंज़िला इमारतें हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====जनजीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-Tiffin-Wallah.jpg|left|मुम्बई का टिफ़िन वाला&amp;lt;br /&amp;gt; Tiffin Wallah Of Mumbai|thumb|250px]]&lt;br /&gt;
1940 के दशक से मुंबई का विकास असाधारण तो नहीं, लेकिन एक समान रहा है। 20वीं सदी की शुरुआत में यहाँ की जनसंख्या 8 लाख 50 हज़ार थी। 1941 में यह दुगुनी होकर 16 लाख 95 हज़ार हो गई है। परिवार नियोजन कार्यक्रमों के कारण इस शहर में जन्मदर देश के अन्य हिस्सों से काफ़ी कम है और जनसंख्या विकास की ऊँची दर का मुख्य कारण रोज़गार की खोज में यहाँ आने वाले लोग हैं। मुंबई विश्व की सबसे अधिक सघन आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है। 1981 में ग्रेटर मुंबई का औसत घनत्व 13,500 लोग प्रति वर्ग किमी था। शहर के अधिकांश पुराने हिस्सों में घनत्व इस औसत से लगभग तीन गुना अधिक था, हालाँकि पश्च खाड़ी के पास स्थित गिरगांव, भिंडी बाज़ार और भुलेश्वर में घनत्व कम है। नगर के कुछ भीतरी हिस्सों में घनत्व लगभग 3,86,100 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है, जो शायद दुनिया का अधिकतम घनत्व है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई का चरित्र सही मायनों में महानगरीय है और यहाँ लगभग सभी धर्मों तथा विश्व के सभी क्षेत्रों के लोग रहते हैं। यहाँ की लगभग आधी आबादी हिंदुओं की है, लेकिन मुसलमान, ईसाई, &lt;br /&gt;
बौद्ध, जैन, सिक्ख, पारसी और यहूदी समुदाय भी यहाँ मौजूद हैं। मुंबई में लगभग सभी भारतीय भाषाएं और कई विदेशी भाषाएं बोली जाती हैं। राजकीय भाषा [[मराठी भाषा|मराठी]] प्रमुख स्थानीय भाषा है, इसके बाद [[गुजराती भाषा|गुजराती]] और [[हिंदी]] का स्थान है।&lt;br /&gt;
==अर्थव्यवस्था==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Bombay-Stock-Exchange.jpg|thumb|250px|बंबई स्टॉक एक्स्चेंज, मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Bombay Stock Exchange, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुम्बई भारत की आर्थिक धुरी एवं वाणिज्यिक व वित्तीय केन्द्र है। कुछ मायनों में इसकी आर्थिक संरचना भारत में नाभिकीय और पुरातन कालों के संयोजन को प्रदर्शित करती है। इस नगर में &lt;br /&gt;
भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग स्थित है, जिसमें परमाणु रिऐक्टर और प्लूटोनियम विलग्नक स्थित है। नगर के कई हिस्सों में अब भी ईधन और ऊर्जा के पारम्परिक जैविक साधनों का इस्तेमाल होता है।&lt;br /&gt;
====उद्योग====&lt;br /&gt;
सूती वस्त्र उद्योग, जिसके कारण 19वीं शताब्दी में यह नगर समृद्ध हुआ। अब भी महत्वपूर्ण है, लेकिन अब इसका पतन हो रहा है, क्योंकि कई सूती वस्त्र मिलों को रूग्ण इकाई घोषित कर दिया गया हैं नए विकासशील उद्योगों में धातु, रसायन, वाहन, इलेक्ट्रानिक्स, इंजीनियरिंग और कई प्रकार के सहायक उद्यम शामिल हैं। शाद्य प्रसंस्करण, काग़ज़—निर्माण, छपाई और प्रकाशन जैसे शहरी उद्योग भी रोज़ग़ार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हैं। सेवा और अनौपचारिक क्षेत्र में 20वीं शताब्दी के अन्तिम दशक में काफ़ी विस्तार हुआ है।&lt;br /&gt;
====वाणिज्य और वित्त====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Hotel-Taj-Mumbai.jpg|thumb|left|250px|[[ताजमहल होटल मुंबई|होटल ताज]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Hotel Taj, Mumbai]]&lt;br /&gt;
देश का केन्द्रीय बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक, कई अन्य व्यावसायिक बैंक और सरकारी बान्डों व निजी शेयरों में देश के सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेशक राष्ट्रीयकृत उद्यम भारतीय जीवन बीमा निगम और दीर्घकालीन निवेश से जुड़े प्रमुख वित्तीय संस्थान मुम्बई में स्थित हैं। इस कारण इस शहर में कई वित्तीय और व्यापारिक सेवाएँ उपलब्ध हैं। मुम्बई स्टाक एक्सचेन्ज देश का अग्रणी स्टाक और शेयर बाज़ार है। हालाँकि आज़ादी के बाद देश भर में कई आर्थिक केन्द्र पनपे हैं, जिसके कारण इस एक्सचेन्ज का उतना महत्व नहीं रहा। फिर भी वित्तीय व अन्य व्यापारिक कारोबार के मामले में यह प्रमुख केन्द्र है और देश की अर्थ-व्यवस्था के पैमाने की भूमिका निभाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====परिवहन====&lt;br /&gt;
मुम्बई सड़क संजाल द्वारा भारत के अन्य हिस्सों से जुड़ा हुआ है। यह पश्चिम तथा मध्य रेलवे का मुख्यालय है और इस नगर से चलने वाली रेलगाड़ियाँ भारत के सभी हिस्सों तक सामान व यात्रियों को ले जाती हैं। छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कई विदेशी हवाई सेवाओं के आगमन का महत्वपूर्ण स्थल है। जबकि निकटस्थ सान्ताक्रूज़ हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानें भरी जाती हैं। मुम्बई में भारत के अंतर्राष्ट्रीय हवाई यातायात का 60 प्रतिशत और घरेलू यातायात का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा केन्द्रित है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-Chhatrapati-Shivaji-Terminus.jpg|thumb|250px|[[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस मुंबई|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt;Chhatrapati Shivaji Terminus, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ के बंदरगाह पर उपलब्ध सुविधाओं ने मुम्बई को देश का प्रमुख पश्चिमी बंदरगाह बना दिया है। हालाँकि पश्चिमी तट पर मुम्बई के उत्तर में कांडला और दक्षिण में गोवा व कोच्चि जैसे कई अन्य प्रमुख बंदरगाह बन गए हैं, लेकिन यहाँ से अब भी भारत के समुद्री व्यापार का 40 प्रतिशत हिस्सा संचालित होता है। दो उपनगरीय विद्युत रेलप्रणालियाँ मुख्य सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराती हैं और रोज़ महानगरीय क्षेत्र के लाखों लोगों को ढोती हैं। मुम्बई में नगरपालिका के स्वामित्व वाली बस सेवा भी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रशासनिक एवं सामाजिक विशेषताएँ==&lt;br /&gt;
====सरकार====&lt;br /&gt;
[[महाराष्ट्र]] की राजधानी के रूप में यह शहर राज्य प्रशासन का समेकित राजनीतिक खण्ड है, जिसके मुख्यालय को मंत्रालय कहा जाता है। राज्य सरकार पुलिस बल को नियंत्रित करती है और नगर के कुछ विभागों पर प्रशासनिक नियंत्रण रखती है। डाक एवं टेलीग्राफ़ प्रणाली, रेल, बंदरगाह और हवाई अड्डों जैसे संचार साधनों पर केन्द्र सरकार का नियंत्रण है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-High-Court.jpg|thumb|left|250px|[[बंबई उच्च न्यायालय]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Mumbai High Court]]&lt;br /&gt;
मुम्बई में भारतीय नौसेना की पश्चिमी कमान का मुख्यालय भी है और यह भारतीय फ़्लैगशिप का बेस भी है। शहर का प्रशासन वृहद (ग्रेटर) मुम्बई के पूर्णतःस्वायत्त नगर निगम के अंतर्गत है। इसकी विधायी संस्था का निर्वाचन हर चार वर्ष में वयस्क मताधिकार द्वारा होता है और यह विभिन्न स्थायी समितियों के माध्यम से काम करती है। राज्य सरकार के द्वारा तीन वर्षों के लिए नियुक्त मुख्य कार्यकारी यहाँ का निगम आयुक्त होता है। महापौर का चुनाव हर वर्ष नगर निगम द्वारा किया जाता है; महापौर निगम की बैठकों की अध्यक्षता करता है और शहर में सर्वाधिक सम्मानित माना जाता है, लेकिन वस्तुतः उसके पास कोई सत्ता नहीं होती।&lt;br /&gt;
====जनसुविधाएँ====&lt;br /&gt;
निगम के कई कार्यों में चिकित्सा सेवा, शिक्षा, जलापूर्ति, अग्निशमन, कचरे की व्यवस्था, बाज़ार, उद्यान और इंजीनियरिंग परियोजनाओं का, जैसे निकास तथा सड़कों व गलियों में प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाना, काम शामिल हैं। नगर निगम शहर में यातायात प्रणाली और विद्युत आपूर्ति को संचालित करता है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Brabourne-Stadium-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[ब्रेबोर्न स्टेडियम]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Brabourne Stadium, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ सरकार और निजी क्षेत्र की एजेंसियों के द्वारा एक ग्रिड प्रणाली के ज़रिये बिजली शहर में वितरित की जाती है। जलापूर्ति व्यवस्था भी नगर निगम के द्वारा संचालित की जाती है और यह मुख्यतः निकटस्थ ठाणे ज़िले की तांसा झील, तुलसी व विहार झीलों से प्राप्त किया जाता है। मूलतः जलापूर्ति के लिए निर्मित पवई झील कारगर साबित नहीं हुई, क्योंकि इसका पानी पीने योग्य नहीं है।&lt;br /&gt;
====स्वास्थ्य====&lt;br /&gt;
इस शहर में 100 से अधिक अस्पताल हैं, जिनमें केन्द्र, राज्य सरकार और निगम संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पताल और कई (क्षय-रोग, कैन्सर और ह्रदय रोगों के लिए) विशेष संस्थान शामिल हैं, यहाँ पर कई अग्रणी निजी अस्पताल भी हैं। यहाँ हेफ़काइन इंस्टिट्यूट भी है, जो एक अग्रणी बैक्टीरिया अनुसन्धान केन्द्र है, इसे उष्णकटिबन्धीय बीमारियों में विशिष्टता प्राप्त है।&lt;br /&gt;
====सुरक्षा====&lt;br /&gt;
शहर के पुलिस बल का प्रमुख पुलिस आयुक्त होता है, जो मुम्बई में क़ानून एवं व्यवस्था के लिए ज़िम्मेदार होता है, प्रशासनिक रूप से वह राज्य के गृह सचिव के प्रति जवाबदेह होता है।&lt;br /&gt;
====शिक्षा====&lt;br /&gt;
मुम्बई की साक्षरता दर समूचे राष्ट्र की साक्षरता दर से काफ़ी अधिक हैं। प्राथमिक शिक्षा मुफ़्त व अनिवार्य है और यह नगर निगम का दायित्व है। माध्यमिक शिक्षा सरकारी व निजी विद्यालयों द्वारा सरकार की देखरेख में कराई जाती है। यहाँ सार्वजनिक एवं निजी पालिटेक्निक व संस्थान हैं, जो विद्यार्थियों को यांत्रिकी, विद्युत तथा रासायनिक इंजीनियरी में विभिन्न डिग्री व डिप्लोमा देते हैं। केन्द्र सरकार के द्वारा संचालित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई. आई. टी.) भी यहाँ पर स्थित है। अन्य इंजीनियरिंग कालेजों में:-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Kanheri-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[कन्हेरी गुफाएँ मुम्बई|कन्हेरी गुफाएँ]], मुम्बई]] &lt;br /&gt;
*सरदार पटेल कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलाज़िकल इंस्टिट्यूट, &lt;br /&gt;
*के. जी. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*एम. एच. एस. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*डी. जे. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*थोडोमल शाही इंजीनियरिंग कालेज और &lt;br /&gt;
*विवेकानन्द इंस्टिट्यूट आफ़ टेक्नोलोज़ी शामिल हैं। &lt;br /&gt;
1857 में स्थापित बाम्बे विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कला, विज्ञान, वाणिज्य व शिक्षा सम्बन्धी महाविद्यालय, चिकित्सा, होमियोपैथी, यूनानी चिकित्सा, फ़ार्मेसी व दन्त चिकित्सा महाविद्यालय, वास्तुशिल्प, शारीरिक शिक्षा एवं प्रबन्धन संस्थान हैं। मुम्बई में महिलाओं के लिए एस. एन. डी. टी. विश्वविद्यालय भी है। 1857 में स्थापित बाम्बे विश्वविद्यालय से बहुत से महाविद्यालय और कई शिक्षण विभाग जुड़े हुए हैं। [[गोवा]] में स्थित बहुत से महाविद्यालय इस विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====सांस्कृतिक जीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Rajabai-Tower-Mumbai.jpg|thumb|left|250px|[[राजाबाई घंटाघर]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Rajabai Tower, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुम्बई का सांस्कृतिक जीवन इसकी जातीय विविधतायुक्त जनसंख्या को प्रतिबिम्बित करता है। शहर में बहुत से संग्रहालय, पुस्तकालय, साहित्यिक एवं कई अन्य सांस्कृतिक संस्थान, कला, दीर्घाएँ व रंगशालाएँ हैं। भारत का कोई अन्य शहर अपनी सांस्कृतिक एवं मनोरंजन सुविधाओं के मामले में इतनी उच्च श्रेणी की विविधता और गुणवत्ता का शायद ही दावा कर सके। मुम्बई भारतीय फ़िल्म उद्योग का गढ़ है। साल भर यहाँ पश्चिमी व भारतीय संगीत सम्मेलन एवं महोत्सव और भारतीय नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इंडो—सार्सेनिक वास्तुशिल्प की एक इमारत में द प्रिंस आफ़ वेल्स म्यूज़ियम आफ़ वेस्टर्न इंडिया है, जिसमें कला, पुरातत्व व प्राकृतिक इतिहास के तीन प्रमुख विभाग हैं। निकट ही जहाँगीर आर्ट गैलरी है, जो मुम्बई की पहली स्थायी कला दीर्घा है और सांस्कृतिक व शैक्षिक गतिविधियों का केन्द्र है। मुम्बई भारतीय मुद्रण उद्योग का महत्वपूर्ण केन्द्र है और यहाँ सशक्त प्रेस है। यहाँ अंग्रेज़ी, मराठी, हिन्दी, गुजराती, सिन्धी व उर्दू में समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं। बहुत-सी मासिक, पाक्षिक व साप्ताहिक पत्रिकाएँ भी यहाँ से प्रकाशित होती हैं। आल-इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) का क्षेत्रीय केन्द्र भी मुम्बई में ही है और इस शहर के लिए दूरदर्शन सेवाएँ 1972 में शुरू हुईं। शहर के उत्तर में कृष्णगिरि वन एक राष्ट्रीय उद्यान और छुट्टियाँ बिताने के लिए ख़ूबसूरत सैरगाह है, कन्हेरी गुफ़ाओं के निकट एक प्राचीन बौद्ध विश्वविद्यालय था, यहाँ 100 से अधिक गुफ़ाओं में दूसरी से नौवीं शताब्दी तक के विशालकाय बौद्ध मूर्तिशिल्प हैं। यहाँ पर कई सार्वजनिक उद्यान हैं। जिसमें जीजामाता उद्यान शामिल है, यहाँ पर मुम्बई का चिड़ियाघर स्थित है, यहाँ पर बैपटिस्टा गार्डन भी है, जो मज़गाँव में एक जलाशय पर स्थित है; इसके अलावा मालाबार हिल पर स्थित फ़िरोज़शाह मेहता गार्डन, कमला नेहरू पार्क व स्लोपिंग पार्क हैं। समूचे भारत में लोकप्रिय क्रिक्रेट के मैच भारतीय क्रिकेट क्लव (ब्रेबोर्न स्टेडियम) और वानखेड़े स्टेडियम में खेले जाते हैं। दौड़ व साइकिल चालन प्रतियोगिताएँ वल्लभ भाई पटेल स्टेडियम में आयोजित की जाती है। स्नान व तैराकी के लिए जुहू समुद्र तट एक प्रसिद्ध स्थान है।&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
मछुआरों की मूल जनजाति, कोली यहाँ के आरम्भिक ज्ञात निवासी थे, हालाँकि वृहद मुम्बई के कान्दीवली में पाए गए पुरापाषाण काल के पत्थर के औज़ार यहाँ पाषाण काल के दौरान मानव बस्ती की ओर संकेत करते हैं। प्राचीन यूनानी खगोलशास्त्री व भूगोलविज्ञानी टालेमी के समय में यह क्षेत्र हेप्टेनिशिया के रूप में जाना जाता था और यह 1000 वर्ष ई. पू. में फ़ारस व [[मिस्र]] के साथ समुद्री व्यापार का प्रमुख केन्द्र था। तीसरी शताब्दी ई. पू. में यह अशोक के साम्राज्य का हिस्सा था और छठी से आठवीं शताब्दी में यहाँ चालुक्यों का शासन रहा, जिन्होंने अपनी छाप घरपुरी (एलीफ़ेन्टा द्वीप) पर छोड़ी। मालाबार पाइन्ट पर बना वाकेश्वर मन्दिर सम्भवतः कोंकण तट के शिलाहर प्रमुखों के शासन (9वीं से 13वीं शताब्दी) के दौरान निर्मित किया गया था। दोगिरि के यादवों (1187-1318) के समय में इस द्वीप (जो बाम्बे द्वीप बना) पर महिकावती (माहिम) बस्ती की स्थापना हुई, जो 1924 में हिन्दुस्तान के [[ख़िलजी वंश]] के आक्रमणों के जवाब में बनाई गई। इन्हीं के वंशज वर्तमान मुम्बई में पाए जाते हैं और बहुत से स्थानों के नाम आज भी उसी युग से हैं। 1348 में आक्रमणकारी मुस्लिम सेनाओं ने इस द्वीप को जीत लिया और यह [[गुजरात]] राज्य का हिस्सा बन गया। माहिम को जीतने की पुर्तग़ाली कोशिश 1507 में असफल रही, लेकिन 1534 में गुजरात के शासक सुल्तान बहादुरशाह ने यह द्वीप पुर्तग़ालियों को सौंप दिया। 1661 में किंग चार्ल्स द्वितीय व पुर्तग़ाल के राजा की बहन कैथरीन आफ़ ब्रैगेंज़ा के विवाह के बाद यह ब्रिटिश नियंत्रण में आ गया। राजा ने इसे 1668 में ईस्ट इंडिया कम्पनी को सत्तांतरित कर दिया। शुरूआत में कलकत्ता (वर्तमान [[कोलकाता]]) व मद्रास (वर्तमान [[चेन्नई]]) की तुलना में बंबई कम्पनी की बहुत बड़ी सम्पत्ति ने होकर केवल पश्चिमी तट पर कम्पनी की पैर जमाए रखने में सहायता करता था। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Flora-Fountain-Mumbai.jpg|thumb|300px|[[फ़्लोरा फ़ाउंटेन मुंबई|फ़्लोरा फ़ाउंटेन]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Flora Fountain, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुख्य भूमि पर मुग़ल, मराठा व गुजरात के प्रादेशिक शासक अधिक शक्तिशाली थे। यहाँ तक कि ब्रिटिश नौसेना का मुग़लों, मराठों, पुर्तगालियों व डचों से कोई मुक़ाबला नहीं था। 19वीं शताब्दी के आरम्भ तक बाहरी घटनाओं ने शहर के तेज़ विकास में सहायता की। [[दिल्ली]] में मुग़ल शक्ति के पतन, मुग़ल-मराठा प्रतिद्वन्द्विता और गुजरात में मौजूद अस्थिरता ने कारीगरों व व्यापारियों को शरण लेने के लिए इस द्वीप पर जाने को मज़बूर किया और इस प्रकार मुम्बई का विकास शुरू हुआ। मराठा शक्ति के विनाश के साथ मुख्यभूमि से व्यापार व संचार स्थापित हुआ और उसका यूरोप तक विस्तार किया गया, जिससे समृद्धी की शुरुआत हुई। 1857 में पहली कताई व बुनाई मिल स्थापित की गई और 1860 तक मुम्बई भारत का विशालतम सूती वस्त्र बाज़ार बन गया। अमेरिकी नागरिक युद्ध (1861-65) और ब्रिटेन को किए जा रहे कपास की आपूर्ति रुक जाने से मुम्बई के व्यापार में उछाल आया। लेकिन नागरिक युद्ध के समाप्त होने के बाद कपास के दामों में भारी कमी आई तथा व्यापार में तेज़ी ख़त्म हो गई। तब तक हालाँकि अतःक्षेत्र खोले जा चुके थे और मुम्बई आयात व्यापार का मज़बूत केन्द्र बन चुका था। &lt;br /&gt;
1869 में स्वेज़ नहर के खुलने के साथ ही मुम्बई में समृद्धि आई, हालाँकि जनसंख्या बढ़ने के साथ-साथ झुग्गियों और अस्वच्छ स्थितियों में भी कई गुना वृद्धि हुई। 1896 में यहाँ प्लेग का प्रकोप फैला और नए क्षेत्रों में बस्तियाँ बसाने व कामगार वर्ग के लिए आवास की व्यवस्था करने के लिए सिटी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की स्थापना की गई। 525 हेक्टेयर क्षेत्र को घेरने के लिए तटबन्ध बनाने की महत्वाकांक्षी योजना का 1918 में प्रस्ताव किया गया, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारत में अपने क़िस्म की पहली दोतरफ़ा सड़क नेताजी सुभाष मार्ग, जो नरीमन प्वाइंट से मालाबार प्वाइंट तक है, के बन जाने तक यह पूरा नहीं हो सका। युद्ध के बाद के वर्षों में उपनगरीय क्षेत्रों में आवासीय इकाइयों के विकास की शुरूआत हुई और नगर निगम के माध्यम से मुम्बई नगर के प्रशासन को वृहत मुम्बई के उपनगरों तक विस्तारित किया गया। यह शहर भूतपूर्व बाम्बे प्रेज़िडेन्सी व बाम्बे राज्य की राजधानी रह चुका है और 1960 में इसे महाराष्ट्र राज्य की राजधानी बनाया गया।&lt;br /&gt;
19वीं सदी के अन्त व 20 शताब्दी के आरम्भ में मुम्बई भारतीय राष्ट्रवादी और क्षेत्रीय राजनीतिक गतिविधियों का केन्द्र था। 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (स्वतंत्रता प्राप्ति तक भारत समर्थक और ब्रिटिश विरोधी भावनाओं का केन्द्रीय दल) का पहला अधिवेशन इस नगर में हुआ, जिसके बाद 1942 के अधिवेशन में कांग्रेस ने 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किया, जिससे भारत की पूर्ण स्वतंत्रता की माँग की गई थी। 1956 से 1960 तक मुम्बई में मुम्बई राज्य के ब्रिटिश उपनिवेशवाद से विरासत में मिले द्विभाषीय (मराठी--गुजराती) स्वरूप के ख़िलाफ़ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और इसके बाद विभाजन हुआ, जिससे गुजरात व महाराष्ट्र के आधुनिक राज्यों का निर्माण हुआ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==जनसंख्या==&lt;br /&gt;
मुम्बई की जनसंख्या (2001) 33,26,837 है और मुम्बई उपनगरीय क्षेत्र की जनसंख्या 85,87,561 है।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति &lt;br /&gt;
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}}&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://www.mcgm.gov.in/ अधिकारिक वेबसाइट]&lt;br /&gt;
*[http://www.mumbai.org.uk/index.html Mumbai]&lt;br /&gt;
*[http://mdmu.maharashtra.gov.in/pages/Mumbai/mumbaiplanShow.php Mumbai Plan]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र  के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
{{भारतीय महानगर}}&lt;br /&gt;
{{प्रदेशों की राजधानी}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_ऐतिहासिक_नगर]][[Category:महाराष्ट्र_के_नगर]][[Category:भारत के नगर]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्रदेशों की राजधानियाँ]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
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		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>छत्रपति शिवाजी टर्मिनस</title>
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&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Mumbai-Chhatrapati-Shivaji-Terminus.jpg|thumb|250px|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, [[मुम्बई]]&amp;lt;br /&amp;gt;Chhatrapati Shivaji Terminus, Mumbai]]&lt;br /&gt;
*[[महाराष्ट्र]] के शहर [[मुंबई]] में कई [[मुम्बई पर्यटन|पर्यटन स्थल]] है जिनमें से एक छत्रपति शिवाजी टर्मिनस है। &lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को पहले विक्‍टोरिया टर्मिनस के नाम से जाना जाता था।&lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस अपने लघु नाम वी.टी., या सी.एस.टी. से अधिक प्रचलित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई का एक ऐतिहासिक रेलवे-स्टेशन है, जो मध्य रेलवे, भारत का मुख्यालय भी है। &lt;br /&gt;
*यह भारत के व्यस्ततम स्टेशनों में से एक है। &lt;br /&gt;
*आंकड़ों के अनुसार यह स्टेशन [[ताजमहल]] के बाद भारत का सर्वाधिक छायाचित्रित स्मारक है।&lt;br /&gt;
==इतिहास== &lt;br /&gt;
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस भारतीय पारम्‍परिक वास्‍तुकला से ली गई विषय वस्‍तुओं के मिश्रण व भारत में विक्‍टोरियन गोथिक पुन: जीवित वास्‍तुकला का एक उत्‍कृष्‍ट उदाहरण है। यह टर्मिनस इन दोनों संस्‍कृतियों के बीच प्रभावों के महत्‍वपूर्ण आपसी बदलाव को दर्शाता है। इस स्टेशन की अभिकल्पना फ्रेडरिक विलियम स्टीवन्स, वास्तु सलाहकार ने 1878-1888, में 16.14 लाख रुपयों की राशि पर की थी। इस टर्मिनस का निर्माण 1878 में आरंभ करते हुए 10 वर्षों में किया गया। इसे शासक सम्राज्ञी [[महारानी विक्टोरिया]] के नाम पर विक्टोरिया टर्मिनस कहा गया। यह मुम्‍बई में एक गोथिक शहर के रूप में पहचाना जाने लगा। सन 1996  में, शिव सेना की मांग पर, तथा नामों को भारतीय नामों से बदलने की नीति के अनुसार, इस स्टेशन का नाम, राज्य सरकार द्वारा सत्रहवीं शताब्दी के मराठा शूरवीर शासक छत्रपति [[शिवाजी]] के नाम पर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस बदला गया। फिर भी वी.टी. नाम आज भी लोगों के मुंह पर चढ़ा हुआ है। [[2 जुलाई]], [[2004]] को इस स्टेशन को युनेस्को की विश्व धरोहर समिति द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।&lt;br /&gt;
====शैली====  &lt;br /&gt;
इस स्टेशन की इमारत विक्टोरियन गोथिक शैली में बनी है। इस इमारत में विक्टोरियाई इतालवी गोथिक शैली एवं परंपरागत भारतीय स्थापत्य कला का संगम झलकता है। इसके अंदरूनी भागों में लकड़ी की नक्काशी की हुई टाइलें, लौह एवं पीतल की अलंकृत मुंडेरें व जालियां हैं। यह स्टेशन अपनी उन्नत संरचना व तकनीकी विशेषताओं के साथ, उन्नीसवीं शताब्दी के रेलवे स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस में पत्‍थर के गुम्‍बद, कंगूरे, नोकदार आर्च और संकेन्द्रित भूमि योजना पारम्‍परिक भारतीय महलों की वास्‍तुकला के नजदीक है। यह प्रसिद्ध टर्मिनल ब्रिटिश राष्‍ट्र मंडल में 19 वीं शताब्‍दी के अंत की ओर रेलवे वास्‍तुकला की सुंदरता को भी दर्शाता है। यह मुम्‍बई के लोगों का एक अविभाज्‍य अंग है, क्‍योंकि यह स्टेशन उप शहरी और लंबी दूरी रेलों का स्‍टेशन है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://bharat.gov.in/knowindia/chhatrapati_shivaji_terminus.php |title=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस |accessmonthday=[[18 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=अधिकारिक वेबसाइट |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
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}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://paripurnarailwaysamachar.blogspot.com/2010/02/29.html हैरिटेज गैलरी का उद्घाटन]&lt;br /&gt;
*[http://www.twip.org/photos-of-the-world---mumbai-chhatrapati-shivaji-terminus-hi-7167-1.html छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]&lt;br /&gt;
*[http://whc.unesco.org/pg.cfm?cid=31&amp;amp;id_site=945 Chhatrapati Shivaji Terminus]&lt;br /&gt;
*[http://www.mumbai.org.uk/victoria-terminal.html Chhatrapati Shivaji Terminus]&lt;br /&gt;
*[http://hindi.indiarailinfo.com/station/map/1620 स्टेशन का नक्शा]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;br /&gt;
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		<title>छत्रपति शिवाजी टर्मिनस</title>
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&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Mumbai-Chhatrapati-Shivaji-Terminus.jpg|thumb|250px|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, [[मुम्बई]]&amp;lt;br /&amp;gt;Chhatrapati Shivaji Terminus, Mumbai]]&lt;br /&gt;
*[[महाराष्ट्र]] के शहर [[मुंबई]] में कई [[मुम्बई पर्यटन|पर्यटन स्थल]] है जिनमें से एक छत्रपति शिवाजी टर्मिनस है। &lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को पहले विक्‍टोरिया टर्मिनस के नाम से जाना जाता था।&lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस अपने लघु नाम वी.टी., या सी.एस.टी. से अधिक प्रचलित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई का एक ऐतिहासिक रेलवे-स्टेशन है, जो मध्य रेलवे, भारत का मुख्यालय भी है। &lt;br /&gt;
*यह भारत के व्यस्ततम स्टेशनों में से एक है। &lt;br /&gt;
*आंकड़ों के अनुसार यह स्टेशन [[ताजमहल]] के बाद भारत का सर्वाधिक छायाचित्रित स्मारक है।&lt;br /&gt;
==इतिहास== &lt;br /&gt;
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस भारतीय पारम्‍परिक वास्‍तुकला से ली गई विषय वस्‍तुओं के मिश्रण व भारत में विक्‍टोरियन गोथिक पुन: जीवित वास्‍तुकला का एक उत्‍कृष्‍ट उदाहरण है। यह टर्मिनस इन दोनों संस्‍कृतियों के बीच प्रभावों के महत्‍वपूर्ण आपसी बदलाव को दर्शाता है। इस स्टेशन की अभिकल्पना फ्रेडरिक विलियम स्टीवन्स, वास्तु सलाहकार ने 1878-1888, में 16.14 लाख रुपयों की राशि पर की थी। इस टर्मिनस का निर्माण 1878 में आरंभ करते हुए 10 वर्षों में किया गया। इसे शासक सम्राज्ञी [[महारानी विक्टोरिया]] के नाम पर विक्टोरिया टर्मिनस कहा गया। यह मुम्‍बई में एक गोथिक शहर के रूप में पहचाना जाने लगा। सन 1996  में, शिव सेना की मांग पर, तथा नामों को भारतीय नामों से बदलने की नीति के अनुसार, इस स्टेशन का नाम, राज्य सरकार द्वारा सत्रहवीं शताब्दी के मराठा शूरवीर शासक छत्रपति [[शिवाजी]] के नाम पर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस बदला गया। फिर भी वी.टी. नाम आज भी लोगों के मुंह पर चढ़ा हुआ है। [[2 जुलाई]], [[2004]] को इस स्टेशन को युनेस्को की विश्व धरोहर समिति द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।&lt;br /&gt;
====शैली====  &lt;br /&gt;
इस स्टेशन की इमारत विक्टोरियन गोथिक शैली में बनी है। इस इमारत में विक्टोरियाई इतालवी गोथिक शैली एवं परंपरागत भारतीय स्थापत्य कला का संगम झलकता है। इसके अंदरूनी भागों में लकड़ी की नक्काशी की हुई टाइलें, लौह एवं पीतल की अलंकृत मुंडेरें व जालियां हैं। यह स्टेशन अपनी उन्नत संरचना व तकनीकी विशेषताओं के साथ, उन्नीसवीं शताब्दी के रेलवे स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस में पत्‍थर के गुम्‍बद, कंगूरे, नोकदार आर्च और संकेन्द्रित भूमि योजना पारम्‍परिक भारतीय महलों की वास्‍तुकला के नजदीक है। यह प्रसिद्ध टर्मिनल ब्रिटिश राष्‍ट्र मंडल में 19 वीं शताब्‍दी के अंत की ओर रेलवे वास्‍तुकला की सुंदरता को भी दर्शाता है। यह मुम्‍बई के लोगों का एक अविभाज्‍य अंग है, क्‍योंकि यह स्टेशन उप शहरी और लंबी दूरी रेलों का स्‍टेशन है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://bharat.gov.in/knowindia/chhatrapati_shivaji_terminus.php |title=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस |accessmonthday=[[18 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=अधिकारिक वेबसाइट |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
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}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://paripurnarailwaysamachar.blogspot.com/2010/02/29.html हैरिटेज गैलरी का उद्घाटन]&lt;br /&gt;
*[http://www.twip.org/photos-of-the-world---mumbai-chhatrapati-shivaji-terminus-hi-7167-1.html छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]&lt;br /&gt;
*[http://whc.unesco.org/pg.cfm?cid=31&amp;amp;id_site=945 Chhatrapati Shivaji Terminus]&lt;br /&gt;
*[http://www.mumbai.org.uk/victoria-terminal.html Chhatrapati Shivaji Terminus]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
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		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>मुम्बई</title>
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		<updated>2010-10-18T07:32:05Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* बाहरी कड़ियाँ */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा पर्यटन&lt;br /&gt;
|चित्र=A-View-Of-Mumbai.jpg&lt;br /&gt;
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|राज्य=[[महाराष्ट्र]]&lt;br /&gt;
|ज़िला=[[मुम्बई उपनगर ज़िला]]&lt;br /&gt;
|निर्माता=&lt;br /&gt;
|स्वामित्व=&lt;br /&gt;
|प्रबंधक=&lt;br /&gt;
|निर्माण काल=&lt;br /&gt;
|स्थापना=तीसरी शताब्दी ई. पू में सम्राट [[अशोक]] द्वारा स्थापित &lt;br /&gt;
|भौगोलिक स्थिति=&lt;br /&gt;
|मार्ग स्थिति=यह शहर सड़क द्वारा [[पुणे]] से 150 किमी, [[नासिक]] से 172 किमी, [[सांगली]] से 373 किमी, [[औरंगाबाद]] से 373 किमी, [[अमरावती]] से 696 किमी, [[नागपूर]] से 847 किमी और [[दिल्ली]] से 1,393 किमी दूरी पर स्थित है। &lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|कब जाएँ=[[अक्टूबर]] से [[मार्च]]&lt;br /&gt;
|यातायात=साइकिल-रिक्शा, ऑटो-रिक्शा, मीटर-टैक्सी, सिटी बस और मेट्रो रेल &lt;br /&gt;
|हवाई अड्डा=छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र, नवी मुंबई अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र, जुहू हवाई अड्डा&lt;br /&gt;
|रेलवे स्टेशन=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेलवे स्टेशन, मुंबई सेंट्रल, मुंबई उपनगरीय रेलवे, दादर स्टेशन, विक्टोरिया रेलवे स्टेशन&lt;br /&gt;
|बस अड्डा=राज्य परिवहन टर्मिनल&lt;br /&gt;
|कैसे पहुँचें=जलयान, हवाई जहाज़, रेल, बस आदि से पहुँचा जा सकता है। &lt;br /&gt;
|क्या देखें=[[मुम्बई पर्यटन]]&lt;br /&gt;
|कहाँ ठहरें=[[मुम्बई प्रवास]]&lt;br /&gt;
|क्या खायें=वड़ा पाव, श्रीखंड, भेलपूरी, पूरन पोली, पोहा, साबूदाना वड़ा, फिरनी, मालपुआ, चॉकलेट चाय, आदि &lt;br /&gt;
|क्या ख़रीदें=आभूषण, लकड़ी की वस्तुएं, चमड़े का सामान, &lt;br /&gt;
|एस.टी.डी. कोड=022&lt;br /&gt;
|ए.टी.एम=लगभग सभी &lt;br /&gt;
|सावधानी=&lt;br /&gt;
|मानचित्र लिंक=[http://maps.google.co.in/maps?f=q&amp;amp;source=s_q&amp;amp;hl=en&amp;amp;geocode=&amp;amp;q=Mumbai,+Maharashtra&amp;amp;sll=21.852337,77.121552&amp;amp;sspn=8.781331,14.128418&amp;amp;ie=UTF8&amp;amp;hq=&amp;amp;hnear=Mumbai,+Maharashtra&amp;amp;ll=19.017331,72.855835&amp;amp;spn=0.279791,0.441513&amp;amp;z=11 गूगल मानचित्र]&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=भाषा&lt;br /&gt;
|पाठ 1=[[मराठी भाषा|मराठी]], [[हिन्दी]], [[अंग्रेजी]] और [[गुजराती भाषा|गुजराती]]&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम=मुम्बई&lt;br /&gt;
|पर्यटन=मुम्बई पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला=मुम्बई ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास=मुम्बई प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई शहर, भूतपूर्व बंबई, [[महाराष्ट्र]] राज्य की राजधानी है। यह दक्षिण-पश्चिम [[भारत]] देश का वित्तीय व वाणिज्यिक केंद्र और अरब सागर में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। मुंबई दुनिया के विशालतम व सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। मुंबई एक प्राचीन बस्ती के स्थल पर बसा हुआ है और इसका नामकरण भगवान [[शंकर]] की पत्नी [[पार्वती देवी]] के एक रूप, स्थानीय देवी मुंबा के नाम पर किया है। जिनका मंदिर उस स्थल पर था, जहाँ पर अब नगर का दक्षिण-पूर्वी हिस्सा अवस्थित है। मुंबई लंबे समय से भारत के सूती वस्त्र उद्योग के केंद्र के रूप में विख्यात रहा है, लेकिन अब यहाँ विविध निर्माण उद्योग भी हैं और इसके वाणिज्यिक व वित्तिय संस्थान सशक्त और सबल हैं। इस शहर में अधिकांश बड़े, विकासशील औद्योगिक नगरों की पुरानी समस्या वायु व जल प्रदूषण, झुग्गी बस्ती और अत्यधिक भीड़भाड़ मौजूद है। द्वीपीय अवस्थिति के कारण मुंबई का विस्तार सीमित है।&lt;br /&gt;
==भौतिक एवं मानव भूगोल==&lt;br /&gt;
====नगर की स्थिति====&lt;br /&gt;
मुंबई शहर प्रायद्विपीय स्थल पर बसा हुआ है, जो मूलतः पश्चिम भारत के कोंकण तट के पास स्थित सात द्वीपिकाओं से मिलकर बना है। 17 वीं शताब्दी से अपवाह व भूमि फिर से हासिल करने की परियोजनाओं और जलमार्गों व जल अवरोधकों के निर्माण के कारण ये द्वीपिकाएं मिलकर एक बड़े भूभाग का निर्माण करती हैं, जिसे बंबई द्वीप के नाम से जाना जाता था।  इस द्वीप के पूर्व में मुंबई बंदरगाह का स्थिर जलक्षेत्र है। यह द्वीप निम्न मैदान से बना है, जिसका एक चौथाई हिस्सा समुद्र तल से भी नीचा है; इस मैदान के पूर्वी और पश्चिमी किनारों में निचली पहाड़ियों की दो समानांतर पर्वतश्रेणियाँ हैं। इनमें से लंबी पर्वतश्रेणी द्वारा सुदूर दक्षिण में निर्मित कोलाबा पॉइंट मुंबई बंदरगाह को खुले समुद्र से बचाता है। पश्चिमी पर्वतश्रेणी मालाबार हिल पर समुद्र तल से 55 मीटर की ऊँचाई पर समाप्त होती है, जो मुंबई की सबसे ऊँचे इलाकों में से एक है। इन दो पर्वत श्रेणियों के बीच पश्च खाड़ी (बैक बे) का छिछला विस्तार है। इस खाड़ी के शीर्ष और बंदरगाह के बीच कुछ ऊँची भूपट्टिकाओं पर दुर्ग स्थित है, मूलतः इसी के चारों ओर शहर का विस्तार हुआ। अब यहाँ मुख्यतः सार्वजनिक एवं वाणिज्यिक कार्यालय हैं। पश्च खाड़ी से उत्तर की ओर भूतल मध्यवर्ती मैदान की दिशा में ढलान वाली है। बंबई के सुदूर उत्तर में विशाल खारे दलदल हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Nariman-Point-Mumbai.jpg|thumb|[[नरीमन पाइंट मुंबई|नरीमन पाइंट]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Nariman Point, Mumbai|left|250px]]  &lt;br /&gt;
पुराना शहर दक्षिण में कोलाबा से उत्तर में माहिम और्सायन तक लगभग 67 वर्ग किमी में फैला हुआ था। 1950 में सालगेट के विशाल द्वीप को जलमार्ग द्वारा जोड़कर मुख्य क्षेत्र में शामिल करके उत्तर की ओर बंबई का विस्तार किया गया। 1957 तक वृहद बंबई में कई उपनगरीय नगरपालिका क्षेत्रों और कुछ पड़ोसी गावों को शामिल कर लिया गया। उसके बाद से इस महानगर का विस्तार जारी है। 1970 के दशक के आरंभ में भीड़भाड़ और सघनता दूर करने  के प्रयास के रूप में सालगेट द्वीप को मुंबई बंदरगाह के मुख्य जलक्षेत्र थाना क्रीक पर पुल बनाकर मुख्यभूमि से जोड़ दिया गया। मुंबई का प्राकृतिक सौंदर्य इस क्षेत्र के किसी अन्य शहर से बेहतर है। समुद्र से बंदरगाह में प्रवेश स्थान से एक विशाल दृश्य दिखाई देता है, जिसके किनारों पर मुख्यभूमि पर स्थित पश्चिमी घाट की पहाड़ियाँ हैं। बेशुमार छोटे जलयानों की सफेद पालों से चमकता द्वीपों से घिरा चौड़ा बंदरगाह जहाज़ों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है, विशेषकर जब तटीय क्षेत्र पर तूफ़ान की स्थिति हो। बंदरगाह के द्वीपों में सबसे बड़ा एलीफ़ेटा है, जो छठी शताब्दी के गुफ़ा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।&lt;br /&gt;
इस नगर में पाए जाने वाले सामान्य वृक्षों में [[नारियल]], [[आम]], [[इमली]], और [[बरगद]] शामिल हैं। सालसेट द्वीप कभी [[बाघ]], [[तेंदुआ]], [[सियार]] और [[हिरन]] जैसे वन्य प्राणियों का आश्रय था, लेकिन अब ये प्राणी यहाँ नहीं पाये जाते। यहाँ के प्राणी जीवन में अब [[गाय]], [[बैल]], [[भेड़]], [[बकरी]] और अन्य पालतू प्रजातियाँ हैं। यहाँ पाए जाने वाले पक्षियों में [[गिद्ध]], [[कबूतर]], [[सारस]] और [[बत्तख]] शामिल हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Gateway-Of-India-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[गेटवे ऑफ इंडिया]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Gateway Of India, Mumbai]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====जलवायु====&lt;br /&gt;
मुंबई की जलवायु गर्म और आर्द्र है। यहाँ चार ॠतुएं हैं। दिसंबर से फ़रवरी तक सर्दी और मार्च से मई तक गर्मी का महीना रहता है। दक्षिण-पश्चिम में मॉनसूनी हवाओं द्वारा होने वाली वर्षा &lt;br /&gt;
जून से सितंबर तक होती है और इसके बाद उत्तर मॉनसून काल आता है, जो अक्टूबर-नवंबर तक रहता है। इस काल में मौसम फिर से गर्म हो जाता है। औसत मासिक तापमान मई में 33 &lt;br /&gt;
डिग्री से. से जनवरी में 19 डिग्री से. तक होता है। औसत वार्षिक वर्षा 1,800 मिमी है, जिसमें से औसतन 610 मिमी. वर्षा सिर्फ़ जुलाई के महीने में होती है।&lt;br /&gt;
====शहर की संरचना====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई के पुराने हिस्से ज़्यादा निर्मित हैं, लेकिन अधिक समृद्ध क्षेत्रों, जैसे मालाबार हिल में कुछ हरियाली है। यहाँ कई खुले मैदान व पार्क हैं। मुंबई में लगातार शहरीकरण के इतिहास के कारण शहर के कई हिस्सों में झुग्गी बस्तियाँ बन गईं हैं। इस शहर में अनेक कारख़ानों, बढ़ते यातायात और निकट स्थित तेलशोधनशालाओं के कारण वायु एवं जल प्रदूषण ख़तरे के स्तर तक बढ़ गया है। शहर के दक्षिणी हिस्से में वित्तीय ज़िला (पुराने फ़ोर्ट बंबई के आसपास) स्थित है। सुदूर दक्षिण (कोलाबा के आसपास) और पश्चिम में नेताजी सुभाष चंद्र रोड (मॅरीन ड्राइव) तथा मालाबार हिल आवासी क्षेत्र हैं। फ़ोर्ट क्षेत्र के उत्तर में प्रमुख व्यापारिक ज़िला है, जो धीरे-धीरे वाणिज्यिक आवासीय क्षेत्र में शामिल हो रहा है। अधिकांश पुराने कारख़ाने इसी क्षेत्र में स्थित हैं। सुदूर उत्तर में आवासीय क्षेत्र हैं और उनके बाद हाल ही में विकसित औद्योगिक क्षेत्र और झुग्गी बस्तियों के इलाक़े हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Elephanta-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|left|[[एलिफेंटा की गुफाएँ]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Elephant Caves, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ आवास मुख्यतः निजी स्वामित्व वाले हैं, हालाँकि सार्वजनिक वित्त निगमों के ज़रिये सरकार द्वारा निर्मित कुछ सार्वजनिक आवास भी हैं। मुंबई अत्यधिक भीड़भाड़ वाला नगर है और अत्यधिक समृद्ध लोगों के अलावा बाक़ी लोगों के आवास के लिए कमी रहती है। इसी कारण वाणिज्यिक और औद्योगिक उद्यमों को मध्य स्तरीय व्यावसायिक, तकनीकी या प्रबंधकीय कर्मचारियों को आकर्षित करने में लगातार परेशानी हो रही है। आंतरिक क्षेत्र से अकुशल श्रमिकों का लगातार अप्रवास हो रहा है और इस नगर में बेघर व निर्धन लोगों की संख्या बढ़ रही है। नगर के योजनाकार इसे रोकना चाहते हैं और उन्होंने उद्यमों को बंदरगाह के दूसरी ओर इससे लगे नगर नवी मुंबई में स्थापित करने का प्रयास किया है। इसके लिए नगर में औद्योगिक इकाइयों के विकास और पुरानी इकाइयों के विस्तार पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। लेकिन उद्यमियों द्वारा अपने उद्योग को देश के किसी अन्य हिस्से में ले जाने की धमकी के कारण इस प्रतिबंध का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हो रहा है। मुंबई का वास्तुशिल्प अलंकृत गॉथिक शैली का है, जो 18वीं और 19वीं शताब्दियों की विशेषता थी। यहाँ समकालीन अन्य रुपांकन (डिज़ाइन) भी है। पुराने प्रशासनिक और वाणिज्यिक भवनों के साथ गगनचुंबी व कॉन्क्रीट से बनी बहुमंज़िला इमारतें हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====जनजीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-Tiffin-Wallah.jpg|left|मुम्बई का टिफ़िन वाला&amp;lt;br /&amp;gt; Tiffin Wallah Of Mumbai|thumb|250px]]&lt;br /&gt;
1940 के दशक से मुंबई का विकास असाधारण तो नहीं, लेकिन एक समान रहा है। 20वीं सदी की शुरुआत में यहाँ की जनसंख्या 8 लाख 50 हज़ार थी। 1941 में यह दुगुनी होकर 16 लाख 95 हज़ार हो गई है। परिवार नियोजन कार्यक्रमों के कारण इस शहर में जन्मदर देश के अन्य हिस्सों से काफ़ी कम है और जनसंख्या विकास की ऊँची दर का मुख्य कारण रोज़गार की खोज में यहाँ आने वाले लोग हैं। मुंबई विश्व की सबसे अधिक सघन आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है। 1981 में ग्रेटर मुंबई का औसत घनत्व 13,500 लोग प्रति वर्ग किमी था। शहर के अधिकांश पुराने हिस्सों में घनत्व इस औसत से लगभग तीन गुना अधिक था, हालाँकि पश्च खाड़ी के पास स्थित गिरगांव, भिंडी बाज़ार और भुलेश्वर में घनत्व कम है। नगर के कुछ भीतरी हिस्सों में घनत्व लगभग 3,86,100 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है, जो शायद दुनिया का अधिकतम घनत्व है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई का चरित्र सही मायनों में महानगरीय है और यहाँ लगभग सभी धर्मों तथा विश्व के सभी क्षेत्रों के लोग रहते हैं। यहाँ की लगभग आधी आबादी हिंदुओं की है, लेकिन मुसलमान, ईसाई, &lt;br /&gt;
बौद्ध, जैन, सिक्ख, पारसी और यहूदी समुदाय भी यहाँ मौजूद हैं। मुंबई में लगभग सभी भारतीय भाषाएं और कई विदेशी भाषाएं बोली जाती हैं। राजकीय भाषा [[मराठी भाषा|मराठी]] प्रमुख स्थानीय भाषा है, इसके बाद [[गुजराती भाषा|गुजराती]] और [[हिंदी]] का स्थान है।&lt;br /&gt;
==अर्थव्यवस्था==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Bombay-Stock-Exchange.jpg|thumb|250px|बंबई स्टॉक एक्स्चेंज, मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Bombay Stock Exchange, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुम्बई भारत की आर्थिक धुरी एवं वाणिज्यिक व वित्तीय केन्द्र है। कुछ मायनों में इसकी आर्थिक संरचना भारत में नाभिकीय और पुरातन कालों के संयोजन को प्रदर्शित करती है। इस नगर में &lt;br /&gt;
भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग स्थित है, जिसमें परमाणु रिऐक्टर और प्लूटोनियम विलग्नक स्थित है। नगर के कई हिस्सों में अब भी ईधन और ऊर्जा के पारम्परिक जैविक साधनों का इस्तेमाल होता है।&lt;br /&gt;
====उद्योग====&lt;br /&gt;
सूती वस्त्र उद्योग, जिसके कारण 19वीं शताब्दी में यह नगर समृद्ध हुआ। अब भी महत्वपूर्ण है, लेकिन अब इसका पतन हो रहा है, क्योंकि कई सूती वस्त्र मिलों को रूग्ण इकाई घोषित कर दिया गया हैं नए विकासशील उद्योगों में धातु, रसायन, वाहन, इलेक्ट्रानिक्स, इंजीनियरिंग और कई प्रकार के सहायक उद्यम शामिल हैं। शाद्य प्रसंस्करण, काग़ज़—निर्माण, छपाई और प्रकाशन जैसे शहरी उद्योग भी रोज़ग़ार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हैं। सेवा और अनौपचारिक क्षेत्र में 20वीं शताब्दी के अन्तिम दशक में काफ़ी विस्तार हुआ है।&lt;br /&gt;
====वाणिज्य और वित्त====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Hotel-Taj-Mumbai.jpg|thumb|left|250px|[[ताजमहल होटल मुंबई|होटल ताज]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Hotel Taj, Mumbai]]&lt;br /&gt;
देश का केन्द्रीय बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक, कई अन्य व्यावसायिक बैंक और सरकारी बान्डों व निजी शेयरों में देश के सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेशक राष्ट्रीयकृत उद्यम भारतीय जीवन बीमा निगम और दीर्घकालीन निवेश से जुड़े प्रमुख वित्तीय संस्थान मुम्बई में स्थित हैं। इस कारण इस शहर में कई वित्तीय और व्यापारिक सेवाएँ उपलब्ध हैं। मुम्बई स्टाक एक्सचेन्ज देश का अग्रणी स्टाक और शेयर बाज़ार है। हालाँकि आज़ादी के बाद देश भर में कई आर्थिक केन्द्र पनपे हैं, जिसके कारण इस एक्सचेन्ज का उतना महत्व नहीं रहा। फिर भी वित्तीय व अन्य व्यापारिक कारोबार के मामले में यह प्रमुख केन्द्र है और देश की अर्थ-व्यवस्था के पैमाने की भूमिका निभाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====परिवहन====&lt;br /&gt;
मुम्बई सड़क संजाल द्वारा भारत के अन्य हिस्सों से जुड़ा हुआ है। यह पश्चिम तथा मध्य रेलवे का मुख्यालय है और इस नगर से चलने वाली रेलगाड़ियाँ भारत के सभी हिस्सों तक सामान व यात्रियों को ले जाती हैं। छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कई विदेशी हवाई सेवाओं के आगमन का महत्वपूर्ण स्थल है। जबकि निकटस्थ सान्ताक्रूज़ हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानें भरी जाती हैं। मुम्बई में भारत के अंतर्राष्ट्रीय हवाई यातायात का 60 प्रतिशत और घरेलू यातायात का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा केन्द्रित है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-Chhatrapati-Shivaji-Terminus.jpg|thumb|250px|[[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस मुंबई|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt;Chhatrapati Shivaji Terminus, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ के बंदरगाह पर उपलब्ध सुविधाओं ने मुम्बई को देश का प्रमुख पश्चिमी बंदरगाह बना दिया है। हालाँकि पश्चिमी तट पर मुम्बई के उत्तर में कांडला और दक्षिण में गोवा व कोच्चि जैसे कई अन्य प्रमुख बंदरगाह बन गए हैं, लेकिन यहाँ से अब भी भारत के समुद्री व्यापार का 40 प्रतिशत हिस्सा संचालित होता है। दो उपनगरीय विद्युत रेलप्रणालियाँ मुख्य सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराती हैं और रोज़ महानगरीय क्षेत्र के लाखों लोगों को ढोती हैं। मुम्बई में नगरपालिका के स्वामित्व वाली बस सेवा भी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रशासनिक एवं सामाजिक विशेषताएँ==&lt;br /&gt;
====सरकार====&lt;br /&gt;
[[महाराष्ट्र]] की राजधानी के रूप में यह शहर राज्य प्रशासन का समेकित राजनीतिक खण्ड है, जिसके मुख्यालय को मंत्रालय कहा जाता है। राज्य सरकार पुलिस बल को नियंत्रित करती है और नगर के कुछ विभागों पर प्रशासनिक नियंत्रण रखती है। डाक एवं टेलीग्राफ़ प्रणाली, रेल, बंदरगाह और हवाई अड्डों जैसे संचार साधनों पर केन्द्र सरकार का नियंत्रण है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-High-Court.jpg|thumb|left|250px|[[बंबई उच्च न्यायालय]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Mumbai High Court]]&lt;br /&gt;
मुम्बई में भारतीय नौसेना की पश्चिमी कमान का मुख्यालय भी है और यह भारतीय फ़्लैगशिप का बेस भी है। शहर का प्रशासन वृहद (ग्रेटर) मुम्बई के पूर्णतःस्वायत्त नगर निगम के अंतर्गत है। इसकी विधायी संस्था का निर्वाचन हर चार वर्ष में वयस्क मताधिकार द्वारा होता है और यह विभिन्न स्थायी समितियों के माध्यम से काम करती है। राज्य सरकार के द्वारा तीन वर्षों के लिए नियुक्त मुख्य कार्यकारी यहाँ का निगम आयुक्त होता है। महापौर का चुनाव हर वर्ष नगर निगम द्वारा किया जाता है; महापौर निगम की बैठकों की अध्यक्षता करता है और शहर में सर्वाधिक सम्मानित माना जाता है, लेकिन वस्तुतः उसके पास कोई सत्ता नहीं होती।&lt;br /&gt;
====जनसुविधाएँ====&lt;br /&gt;
निगम के कई कार्यों में चिकित्सा सेवा, शिक्षा, जलापूर्ति, अग्निशमन, कचरे की व्यवस्था, बाज़ार, उद्यान और इंजीनियरिंग परियोजनाओं का, जैसे निकास तथा सड़कों व गलियों में प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाना, काम शामिल हैं। नगर निगम शहर में यातायात प्रणाली और विद्युत आपूर्ति को संचालित करता है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Brabourne-Stadium-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[ब्रेबोर्न स्टेडियम]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Brabourne Stadium, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ सरकार और निजी क्षेत्र की एजेंसियों के द्वारा एक ग्रिड प्रणाली के ज़रिये बिजली शहर में वितरित की जाती है। जलापूर्ति व्यवस्था भी नगर निगम के द्वारा संचालित की जाती है और यह मुख्यतः निकटस्थ ठाणे ज़िले की तांसा झील, तुलसी व विहार झीलों से प्राप्त किया जाता है। मूलतः जलापूर्ति के लिए निर्मित पवई झील कारगर साबित नहीं हुई, क्योंकि इसका पानी पीने योग्य नहीं है।&lt;br /&gt;
====स्वास्थ्य====&lt;br /&gt;
इस शहर में 100 से अधिक अस्पताल हैं, जिनमें केन्द्र, राज्य सरकार और निगम संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पताल और कई (क्षय-रोग, कैन्सर और ह्रदय रोगों के लिए) विशेष संस्थान शामिल हैं, यहाँ पर कई अग्रणी निजी अस्पताल भी हैं। यहाँ हेफ़काइन इंस्टिट्यूट भी है, जो एक अग्रणी बैक्टीरिया अनुसन्धान केन्द्र है, इसे उष्णकटिबन्धीय बीमारियों में विशिष्टता प्राप्त है।&lt;br /&gt;
====सुरक्षा====&lt;br /&gt;
शहर के पुलिस बल का प्रमुख पुलिस आयुक्त होता है, जो मुम्बई में क़ानून एवं व्यवस्था के लिए ज़िम्मेदार होता है, प्रशासनिक रूप से वह राज्य के गृह सचिव के प्रति जवाबदेह होता है।&lt;br /&gt;
====शिक्षा====&lt;br /&gt;
मुम्बई की साक्षरता दर समूचे राष्ट्र की साक्षरता दर से काफ़ी अधिक हैं। प्राथमिक शिक्षा मुफ़्त व अनिवार्य है और यह नगर निगम का दायित्व है। माध्यमिक शिक्षा सरकारी व निजी विद्यालयों द्वारा सरकार की देखरेख में कराई जाती है। यहाँ सार्वजनिक एवं निजी पालिटेक्निक व संस्थान हैं, जो विद्यार्थियों को यांत्रिकी, विद्युत तथा रासायनिक इंजीनियरी में विभिन्न डिग्री व डिप्लोमा देते हैं। केन्द्र सरकार के द्वारा संचालित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई. आई. टी.) भी यहाँ पर स्थित है। अन्य इंजीनियरिंग कालेजों में:-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Kanheri-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[कन्हेरी गुफाएँ मुम्बई|कन्हेरी गुफाएँ]], मुम्बई]] &lt;br /&gt;
*सरदार पटेल कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलाज़िकल इंस्टिट्यूट, &lt;br /&gt;
*के. जी. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*एम. एच. एस. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*डी. जे. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*थोडोमल शाही इंजीनियरिंग कालेज और &lt;br /&gt;
*विवेकानन्द इंस्टिट्यूट आफ़ टेक्नोलोज़ी शामिल हैं। &lt;br /&gt;
1857 में स्थापित बाम्बे विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कला, विज्ञान, वाणिज्य व शिक्षा सम्बन्धी महाविद्यालय, चिकित्सा, होमियोपैथी, यूनानी चिकित्सा, फ़ार्मेसी व दन्त चिकित्सा महाविद्यालय, वास्तुशिल्प, शारीरिक शिक्षा एवं प्रबन्धन संस्थान हैं। मुम्बई में महिलाओं के लिए एस. एन. डी. टी. विश्वविद्यालय भी है। 1857 में स्थापित बाम्बे विश्वविद्यालय से बहुत से महाविद्यालय और कई शिक्षण विभाग जुड़े हुए हैं। [[गोवा]] में स्थित बहुत से महाविद्यालय इस विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====सांस्कृतिक जीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Rajabai-Tower-Mumbai.jpg|thumb|left|250px|[[राजाबाई घंटाघर]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Rajabai Tower, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुम्बई का सांस्कृतिक जीवन इसकी जातीय विविधतायुक्त जनसंख्या को प्रतिबिम्बित करता है। शहर में बहुत से संग्रहालय, पुस्तकालय, साहित्यिक एवं कई अन्य सांस्कृतिक संस्थान, कला, दीर्घाएँ व रंगशालाएँ हैं। भारत का कोई अन्य शहर अपनी सांस्कृतिक एवं मनोरंजन सुविधाओं के मामले में इतनी उच्च श्रेणी की विविधता और गुणवत्ता का शायद ही दावा कर सके। मुम्बई भारतीय फ़िल्म उद्योग का गढ़ है। साल भर यहाँ पश्चिमी व भारतीय संगीत सम्मेलन एवं महोत्सव और भारतीय नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इंडो—सार्सेनिक वास्तुशिल्प की एक इमारत में द प्रिंस आफ़ वेल्स म्यूज़ियम आफ़ वेस्टर्न इंडिया है, जिसमें कला, पुरातत्व व प्राकृतिक इतिहास के तीन प्रमुख विभाग हैं। निकट ही जहाँगीर आर्ट गैलरी है, जो मुम्बई की पहली स्थायी कला दीर्घा है और सांस्कृतिक व शैक्षिक गतिविधियों का केन्द्र है। मुम्बई भारतीय मुद्रण उद्योग का महत्वपूर्ण केन्द्र है और यहाँ सशक्त प्रेस है। यहाँ अंग्रेज़ी, मराठी, हिन्दी, गुजराती, सिन्धी व उर्दू में समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं। बहुत-सी मासिक, पाक्षिक व साप्ताहिक पत्रिकाएँ भी यहाँ से प्रकाशित होती हैं। आल-इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) का क्षेत्रीय केन्द्र भी मुम्बई में ही है और इस शहर के लिए दूरदर्शन सेवाएँ 1972 में शुरू हुईं। शहर के उत्तर में कृष्णगिरि वन एक राष्ट्रीय उद्यान और छुट्टियाँ बिताने के लिए ख़ूबसूरत सैरगाह है, कन्हेरी गुफ़ाओं के निकट एक प्राचीन बौद्ध विश्वविद्यालय था, यहाँ 100 से अधिक गुफ़ाओं में दूसरी से नौवीं शताब्दी तक के विशालकाय बौद्ध मूर्तिशिल्प हैं। यहाँ पर कई सार्वजनिक उद्यान हैं। जिसमें जीजामाता उद्यान शामिल है, यहाँ पर मुम्बई का चिड़ियाघर स्थित है, यहाँ पर बैपटिस्टा गार्डन भी है, जो मज़गाँव में एक जलाशय पर स्थित है; इसके अलावा मालाबार हिल पर स्थित फ़िरोज़शाह मेहता गार्डन, कमला नेहरू पार्क व स्लोपिंग पार्क हैं। समूचे भारत में लोकप्रिय क्रिक्रेट के मैच भारतीय क्रिकेट क्लव (ब्रेबोर्न स्टेडियम) और वानखेड़े स्टेडियम में खेले जाते हैं। दौड़ व साइकिल चालन प्रतियोगिताएँ वल्लभ भाई पटेल स्टेडियम में आयोजित की जाती है। स्नान व तैराकी के लिए जुहू समुद्र तट एक प्रसिद्ध स्थान है।&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
मछुआरों की मूल जनजाति, कोली यहाँ के आरम्भिक ज्ञात निवासी थे, हालाँकि वृहद मुम्बई के कान्दीवली में पाए गए पुरापाषाण काल के पत्थर के औज़ार यहाँ पाषाण काल के दौरान मानव बस्ती की ओर संकेत करते हैं। प्राचीन यूनानी खगोलशास्त्री व भूगोलविज्ञानी टालेमी के समय में यह क्षेत्र हेप्टेनिशिया के रूप में जाना जाता था और यह 1000 वर्ष ई. पू. में फ़ारस व [[मिस्र]] के साथ समुद्री व्यापार का प्रमुख केन्द्र था। तीसरी शताब्दी ई. पू. में यह अशोक के साम्राज्य का हिस्सा था और छठी से आठवीं शताब्दी में यहाँ चालुक्यों का शासन रहा, जिन्होंने अपनी छाप घरपुरी (एलीफ़ेन्टा द्वीप) पर छोड़ी। मालाबार पाइन्ट पर बना वाकेश्वर मन्दिर सम्भवतः कोंकण तट के शिलाहर प्रमुखों के शासन (9वीं से 13वीं शताब्दी) के दौरान निर्मित किया गया था। दोगिरि के यादवों (1187-1318) के समय में इस द्वीप (जो बाम्बे द्वीप बना) पर महिकावती (माहिम) बस्ती की स्थापना हुई, जो 1924 में हिन्दुस्तान के [[ख़िलजी वंश]] के आक्रमणों के जवाब में बनाई गई। इन्हीं के वंशज वर्तमान मुम्बई में पाए जाते हैं और बहुत से स्थानों के नाम आज भी उसी युग से हैं। 1348 में आक्रमणकारी मुस्लिम सेनाओं ने इस द्वीप को जीत लिया और यह [[गुजरात]] राज्य का हिस्सा बन गया। माहिम को जीतने की पुर्तग़ाली कोशिश 1507 में असफल रही, लेकिन 1534 में गुजरात के शासक सुल्तान बहादुरशाह ने यह द्वीप पुर्तग़ालियों को सौंप दिया। 1661 में किंग चार्ल्स द्वितीय व पुर्तग़ाल के राजा की बहन कैथरीन आफ़ ब्रैगेंज़ा के विवाह के बाद यह ब्रिटिश नियंत्रण में आ गया। राजा ने इसे 1668 में ईस्ट इंडिया कम्पनी को सत्तांतरित कर दिया। शुरूआत में कलकत्ता (वर्तमान [[कोलकाता]]) व मद्रास (वर्तमान [[चेन्नई]]) की तुलना में बंबई कम्पनी की बहुत बड़ी सम्पत्ति ने होकर केवल पश्चिमी तट पर कम्पनी की पैर जमाए रखने में सहायता करता था। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Flora-Fountain-Mumbai.jpg|thumb|300px|[[फ़्लोरा फ़ाउंटेन मुंबई|फ़्लोरा फ़ाउंटेन]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Flora Fountain, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुख्य भूमि पर मुग़ल, मराठा व गुजरात के प्रादेशिक शासक अधिक शक्तिशाली थे। यहाँ तक कि ब्रिटिश नौसेना का मुग़लों, मराठों, पुर्तगालियों व डचों से कोई मुक़ाबला नहीं था। 19वीं शताब्दी के आरम्भ तक बाहरी घटनाओं ने शहर के तेज़ विकास में सहायता की। [[दिल्ली]] में मुग़ल शक्ति के पतन, मुग़ल-मराठा प्रतिद्वन्द्विता और गुजरात में मौजूद अस्थिरता ने कारीगरों व व्यापारियों को शरण लेने के लिए इस द्वीप पर जाने को मज़बूर किया और इस प्रकार मुम्बई का विकास शुरू हुआ। मराठा शक्ति के विनाश के साथ मुख्यभूमि से व्यापार व संचार स्थापित हुआ और उसका यूरोप तक विस्तार किया गया, जिससे समृद्धी की शुरुआत हुई। 1857 में पहली कताई व बुनाई मिल स्थापित की गई और 1860 तक मुम्बई भारत का विशालतम सूती वस्त्र बाज़ार बन गया। अमेरिकी नागरिक युद्ध (1861-65) और ब्रिटेन को किए जा रहे कपास की आपूर्ति रुक जाने से मुम्बई के व्यापार में उछाल आया। लेकिन नागरिक युद्ध के समाप्त होने के बाद कपास के दामों में भारी कमी आई तथा व्यापार में तेज़ी ख़त्म हो गई। तब तक हालाँकि अतःक्षेत्र खोले जा चुके थे और मुम्बई आयात व्यापार का मज़बूत केन्द्र बन चुका था। &lt;br /&gt;
1869 में स्वेज़ नहर के खुलने के साथ ही मुम्बई में समृद्धि आई, हालाँकि जनसंख्या बढ़ने के साथ-साथ झुग्गियों और अस्वच्छ स्थितियों में भी कई गुना वृद्धि हुई। 1896 में यहाँ प्लेग का प्रकोप फैला और नए क्षेत्रों में बस्तियाँ बसाने व कामगार वर्ग के लिए आवास की व्यवस्था करने के लिए सिटी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की स्थापना की गई। 525 हेक्टेयर क्षेत्र को घेरने के लिए तटबन्ध बनाने की महत्वाकांक्षी योजना का 1918 में प्रस्ताव किया गया, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारत में अपने क़िस्म की पहली दोतरफ़ा सड़क नेताजी सुभाष मार्ग, जो नरीमन प्वाइंट से मालाबार प्वाइंट तक है, के बन जाने तक यह पूरा नहीं हो सका। युद्ध के बाद के वर्षों में उपनगरीय क्षेत्रों में आवासीय इकाइयों के विकास की शुरूआत हुई और नगर निगम के माध्यम से मुम्बई नगर के प्रशासन को वृहत मुम्बई के उपनगरों तक विस्तारित किया गया। यह शहर भूतपूर्व बाम्बे प्रेज़िडेन्सी व बाम्बे राज्य की राजधानी रह चुका है और 1960 में इसे महाराष्ट्र राज्य की राजधानी बनाया गया।&lt;br /&gt;
19वीं सदी के अन्त व 20 शताब्दी के आरम्भ में मुम्बई भारतीय राष्ट्रवादी और क्षेत्रीय राजनीतिक गतिविधियों का केन्द्र था। 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (स्वतंत्रता प्राप्ति तक भारत समर्थक और ब्रिटिश विरोधी भावनाओं का केन्द्रीय दल) का पहला अधिवेशन इस नगर में हुआ, जिसके बाद 1942 के अधिवेशन में कांग्रेस ने 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किया, जिससे भारत की पूर्ण स्वतंत्रता की माँग की गई थी। 1956 से 1960 तक मुम्बई में मुम्बई राज्य के ब्रिटिश उपनिवेशवाद से विरासत में मिले द्विभाषीय (मराठी--गुजराती) स्वरूप के ख़िलाफ़ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और इसके बाद विभाजन हुआ, जिससे गुजरात व महाराष्ट्र के आधुनिक राज्यों का निर्माण हुआ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==जनसंख्या==&lt;br /&gt;
मुम्बई की जनसंख्या (2001) 33,26,837 है और मुम्बई उपनगरीय क्षेत्र की जनसंख्या 85,87,561 है।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति &lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=माध्यमिक1&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://www.mcgm.gov.in/ अधिकारिक वेबसाइट]&lt;br /&gt;
*[http://www.mumbai.org.uk/index.html Mumbai]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र  के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
{{भारतीय महानगर}}&lt;br /&gt;
{{प्रदेशों की राजधानी}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_ऐतिहासिक_नगर]][[Category:महाराष्ट्र_के_नगर]][[Category:भारत के नगर]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्रदेशों की राजधानियाँ]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>छत्रपति शिवाजी टर्मिनस</title>
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		<updated>2010-10-18T07:29:14Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Mumbai-Chhatrapati-Shivaji-Terminus.jpg|thumb|250px|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, [[मुम्बई]]&amp;lt;br /&amp;gt;Chhatrapati Shivaji Terminus, Mumbai]]&lt;br /&gt;
*[[महाराष्ट्र]] के शहर [[मुंबई]] में कई [[मुम्बई पर्यटन|पर्यटन स्थल]] है जिनमें से एक छत्रपति शिवाजी टर्मिनस है। &lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को पहले विक्‍टोरिया टर्मिनस के नाम से जाना जाता था।&lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस अपने लघु नाम वी.टी., या सी.एस.टी. से अधिक प्रचलित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई का एक ऐतिहासिक रेलवे-स्टेशन है, जो मध्य रेलवे, भारत का मुख्यालय भी है। &lt;br /&gt;
*यह भारत के व्यस्ततम स्टेशनों में से एक है। &lt;br /&gt;
*आंकड़ों के अनुसार यह स्टेशन [[ताजमहल]] के बाद भारत का सर्वाधिक छायाचित्रित स्मारक है।&lt;br /&gt;
==इतिहास== &lt;br /&gt;
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस भारतीय पारम्‍परिक वास्‍तुकला से ली गई विषय वस्‍तुओं के मिश्रण व भारत में विक्‍टोरियन गोथिक पुन: जीवित वास्‍तुकला का एक उत्‍कृष्‍ट उदाहरण है। यह टर्मिनस इन दोनों संस्‍कृतियों के बीच प्रभावों के महत्‍वपूर्ण आपसी बदलाव को दर्शाता है। इस स्टेशन की अभिकल्पना फ्रेडरिक विलियम स्टीवन्स, वास्तु सलाहकार ने 1878-1888, में 16.14 लाख रुपयों की राशि पर की थी। इस टर्मिनस का निर्माण 1878 में आरंभ करते हुए 10 वर्षों में किया गया। इसे शासक सम्राज्ञी [[महारानी विक्टोरिया]] के नाम पर विक्टोरिया टर्मिनस कहा गया। यह मुम्‍बई में एक गोथिक शहर के रूप में पहचाना जाने लगा। सन 1996  में, शिव सेना की मांग पर, तथा नामों को भारतीय नामों से बदलने की नीति के अनुसार, इस स्टेशन का नाम, राज्य सरकार द्वारा सत्रहवीं शताब्दी के मराठा शूरवीर शासक छत्रपति [[शिवाजी]] के नाम पर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस बदला गया। फिर भी वी.टी. नाम आज भी लोगों के मुंह पर चढ़ा हुआ है। [[2 जुलाई]], [[2004]] को इस स्टेशन को युनेस्को की विश्व धरोहर समिति द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।&lt;br /&gt;
====शैली====  &lt;br /&gt;
इस स्टेशन की इमारत विक्टोरियन गोथिक शैली में बनी है। इस इमारत में विक्टोरियाई इतालवी गोथिक शैली एवं परंपरागत भारतीय स्थापत्य कला का संगम झलकता है। इसके अंदरूनी भागों में लकड़ी की नक्काशी की हुई टाइलें, लौह एवं पीतल की अलंकृत मुंडेरें व जालियां हैं। यह स्टेशन अपनी उन्नत संरचना व तकनीकी विशेषताओं के साथ, उन्नीसवीं शताब्दी के रेलवे स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस में पत्‍थर के गुम्‍बद, कंगूरे, नोकदार आर्च और संकेन्द्रित भूमि योजना पारम्‍परिक भारतीय महलों की वास्‍तुकला के नजदीक है। यह प्रसिद्ध टर्मिनल ब्रिटिश राष्‍ट्र मंडल में 19 वीं शताब्‍दी के अंत की ओर रेलवे वास्‍तुकला की सुंदरता को भी दर्शाता है। यह मुम्‍बई के लोगों का एक अविभाज्‍य अंग है, क्‍योंकि यह स्टेशन उप शहरी और लंबी दूरी रेलों का स्‍टेशन है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://bharat.gov.in/knowindia/chhatrapati_shivaji_terminus.php |title=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस |accessmonthday=[[18 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=अधिकारिक वेबसाइट |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
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|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
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}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://paripurnarailwaysamachar.blogspot.com/2010/02/29.html हैरिटेज गैलरी का उद्घाटन]&lt;br /&gt;
*[http://www.twip.org/photos-of-the-world---mumbai-chhatrapati-shivaji-terminus-hi-7167-1.html छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]&lt;br /&gt;
*[http://whc.unesco.org/pg.cfm?cid=31&amp;amp;id_site=945 Chhatrapati Shivaji Terminus]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
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		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>मुम्बई</title>
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		<updated>2010-10-18T07:24:44Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* जनसंख्या */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा पर्यटन&lt;br /&gt;
|चित्र=A-View-Of-Mumbai.jpg&lt;br /&gt;
|विवरण=&lt;br /&gt;
|राज्य=[[महाराष्ट्र]]&lt;br /&gt;
|ज़िला=[[मुम्बई उपनगर ज़िला]]&lt;br /&gt;
|निर्माता=&lt;br /&gt;
|स्वामित्व=&lt;br /&gt;
|प्रबंधक=&lt;br /&gt;
|निर्माण काल=&lt;br /&gt;
|स्थापना=तीसरी शताब्दी ई. पू में सम्राट [[अशोक]] द्वारा स्थापित &lt;br /&gt;
|भौगोलिक स्थिति=&lt;br /&gt;
|मार्ग स्थिति=यह शहर सड़क द्वारा [[पुणे]] से 150 किमी, [[नासिक]] से 172 किमी, [[सांगली]] से 373 किमी, [[औरंगाबाद]] से 373 किमी, [[अमरावती]] से 696 किमी, [[नागपूर]] से 847 किमी और [[दिल्ली]] से 1,393 किमी दूरी पर स्थित है। &lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|कब जाएँ=[[अक्टूबर]] से [[मार्च]]&lt;br /&gt;
|यातायात=साइकिल-रिक्शा, ऑटो-रिक्शा, मीटर-टैक्सी, सिटी बस और मेट्रो रेल &lt;br /&gt;
|हवाई अड्डा=छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र, नवी मुंबई अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र, जुहू हवाई अड्डा&lt;br /&gt;
|रेलवे स्टेशन=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेलवे स्टेशन, मुंबई सेंट्रल, मुंबई उपनगरीय रेलवे, दादर स्टेशन, विक्टोरिया रेलवे स्टेशन&lt;br /&gt;
|बस अड्डा=राज्य परिवहन टर्मिनल&lt;br /&gt;
|कैसे पहुँचें=जलयान, हवाई जहाज़, रेल, बस आदि से पहुँचा जा सकता है। &lt;br /&gt;
|क्या देखें=[[मुम्बई पर्यटन]]&lt;br /&gt;
|कहाँ ठहरें=[[मुम्बई प्रवास]]&lt;br /&gt;
|क्या खायें=वड़ा पाव, श्रीखंड, भेलपूरी, पूरन पोली, पोहा, साबूदाना वड़ा, फिरनी, मालपुआ, चॉकलेट चाय, आदि &lt;br /&gt;
|क्या ख़रीदें=आभूषण, लकड़ी की वस्तुएं, चमड़े का सामान, &lt;br /&gt;
|एस.टी.डी. कोड=022&lt;br /&gt;
|ए.टी.एम=लगभग सभी &lt;br /&gt;
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|मानचित्र लिंक=[http://maps.google.co.in/maps?f=q&amp;amp;source=s_q&amp;amp;hl=en&amp;amp;geocode=&amp;amp;q=Mumbai,+Maharashtra&amp;amp;sll=21.852337,77.121552&amp;amp;sspn=8.781331,14.128418&amp;amp;ie=UTF8&amp;amp;hq=&amp;amp;hnear=Mumbai,+Maharashtra&amp;amp;ll=19.017331,72.855835&amp;amp;spn=0.279791,0.441513&amp;amp;z=11 गूगल मानचित्र]&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=भाषा&lt;br /&gt;
|पाठ 1=[[मराठी भाषा|मराठी]], [[हिन्दी]], [[अंग्रेजी]] और [[गुजराती भाषा|गुजराती]]&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
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|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम=मुम्बई&lt;br /&gt;
|पर्यटन=मुम्बई पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला=मुम्बई ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास=मुम्बई प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई शहर, भूतपूर्व बंबई, [[महाराष्ट्र]] राज्य की राजधानी है। यह दक्षिण-पश्चिम [[भारत]] देश का वित्तीय व वाणिज्यिक केंद्र और अरब सागर में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। मुंबई दुनिया के विशालतम व सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। मुंबई एक प्राचीन बस्ती के स्थल पर बसा हुआ है और इसका नामकरण भगवान [[शंकर]] की पत्नी [[पार्वती देवी]] के एक रूप, स्थानीय देवी मुंबा के नाम पर किया है। जिनका मंदिर उस स्थल पर था, जहाँ पर अब नगर का दक्षिण-पूर्वी हिस्सा अवस्थित है। मुंबई लंबे समय से भारत के सूती वस्त्र उद्योग के केंद्र के रूप में विख्यात रहा है, लेकिन अब यहाँ विविध निर्माण उद्योग भी हैं और इसके वाणिज्यिक व वित्तिय संस्थान सशक्त और सबल हैं। इस शहर में अधिकांश बड़े, विकासशील औद्योगिक नगरों की पुरानी समस्या वायु व जल प्रदूषण, झुग्गी बस्ती और अत्यधिक भीड़भाड़ मौजूद है। द्वीपीय अवस्थिति के कारण मुंबई का विस्तार सीमित है।&lt;br /&gt;
==भौतिक एवं मानव भूगोल==&lt;br /&gt;
====नगर की स्थिति====&lt;br /&gt;
मुंबई शहर प्रायद्विपीय स्थल पर बसा हुआ है, जो मूलतः पश्चिम भारत के कोंकण तट के पास स्थित सात द्वीपिकाओं से मिलकर बना है। 17 वीं शताब्दी से अपवाह व भूमि फिर से हासिल करने की परियोजनाओं और जलमार्गों व जल अवरोधकों के निर्माण के कारण ये द्वीपिकाएं मिलकर एक बड़े भूभाग का निर्माण करती हैं, जिसे बंबई द्वीप के नाम से जाना जाता था।  इस द्वीप के पूर्व में मुंबई बंदरगाह का स्थिर जलक्षेत्र है। यह द्वीप निम्न मैदान से बना है, जिसका एक चौथाई हिस्सा समुद्र तल से भी नीचा है; इस मैदान के पूर्वी और पश्चिमी किनारों में निचली पहाड़ियों की दो समानांतर पर्वतश्रेणियाँ हैं। इनमें से लंबी पर्वतश्रेणी द्वारा सुदूर दक्षिण में निर्मित कोलाबा पॉइंट मुंबई बंदरगाह को खुले समुद्र से बचाता है। पश्चिमी पर्वतश्रेणी मालाबार हिल पर समुद्र तल से 55 मीटर की ऊँचाई पर समाप्त होती है, जो मुंबई की सबसे ऊँचे इलाकों में से एक है। इन दो पर्वत श्रेणियों के बीच पश्च खाड़ी (बैक बे) का छिछला विस्तार है। इस खाड़ी के शीर्ष और बंदरगाह के बीच कुछ ऊँची भूपट्टिकाओं पर दुर्ग स्थित है, मूलतः इसी के चारों ओर शहर का विस्तार हुआ। अब यहाँ मुख्यतः सार्वजनिक एवं वाणिज्यिक कार्यालय हैं। पश्च खाड़ी से उत्तर की ओर भूतल मध्यवर्ती मैदान की दिशा में ढलान वाली है। बंबई के सुदूर उत्तर में विशाल खारे दलदल हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Nariman-Point-Mumbai.jpg|thumb|[[नरीमन पाइंट मुंबई|नरीमन पाइंट]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Nariman Point, Mumbai|left|250px]]  &lt;br /&gt;
पुराना शहर दक्षिण में कोलाबा से उत्तर में माहिम और्सायन तक लगभग 67 वर्ग किमी में फैला हुआ था। 1950 में सालगेट के विशाल द्वीप को जलमार्ग द्वारा जोड़कर मुख्य क्षेत्र में शामिल करके उत्तर की ओर बंबई का विस्तार किया गया। 1957 तक वृहद बंबई में कई उपनगरीय नगरपालिका क्षेत्रों और कुछ पड़ोसी गावों को शामिल कर लिया गया। उसके बाद से इस महानगर का विस्तार जारी है। 1970 के दशक के आरंभ में भीड़भाड़ और सघनता दूर करने  के प्रयास के रूप में सालगेट द्वीप को मुंबई बंदरगाह के मुख्य जलक्षेत्र थाना क्रीक पर पुल बनाकर मुख्यभूमि से जोड़ दिया गया। मुंबई का प्राकृतिक सौंदर्य इस क्षेत्र के किसी अन्य शहर से बेहतर है। समुद्र से बंदरगाह में प्रवेश स्थान से एक विशाल दृश्य दिखाई देता है, जिसके किनारों पर मुख्यभूमि पर स्थित पश्चिमी घाट की पहाड़ियाँ हैं। बेशुमार छोटे जलयानों की सफेद पालों से चमकता द्वीपों से घिरा चौड़ा बंदरगाह जहाज़ों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है, विशेषकर जब तटीय क्षेत्र पर तूफ़ान की स्थिति हो। बंदरगाह के द्वीपों में सबसे बड़ा एलीफ़ेटा है, जो छठी शताब्दी के गुफ़ा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।&lt;br /&gt;
इस नगर में पाए जाने वाले सामान्य वृक्षों में [[नारियल]], [[आम]], [[इमली]], और [[बरगद]] शामिल हैं। सालसेट द्वीप कभी [[बाघ]], [[तेंदुआ]], [[सियार]] और [[हिरन]] जैसे वन्य प्राणियों का आश्रय था, लेकिन अब ये प्राणी यहाँ नहीं पाये जाते। यहाँ के प्राणी जीवन में अब [[गाय]], [[बैल]], [[भेड़]], [[बकरी]] और अन्य पालतू प्रजातियाँ हैं। यहाँ पाए जाने वाले पक्षियों में [[गिद्ध]], [[कबूतर]], [[सारस]] और [[बत्तख]] शामिल हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Gateway-Of-India-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[गेटवे ऑफ इंडिया]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Gateway Of India, Mumbai]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====जलवायु====&lt;br /&gt;
मुंबई की जलवायु गर्म और आर्द्र है। यहाँ चार ॠतुएं हैं। दिसंबर से फ़रवरी तक सर्दी और मार्च से मई तक गर्मी का महीना रहता है। दक्षिण-पश्चिम में मॉनसूनी हवाओं द्वारा होने वाली वर्षा &lt;br /&gt;
जून से सितंबर तक होती है और इसके बाद उत्तर मॉनसून काल आता है, जो अक्टूबर-नवंबर तक रहता है। इस काल में मौसम फिर से गर्म हो जाता है। औसत मासिक तापमान मई में 33 &lt;br /&gt;
डिग्री से. से जनवरी में 19 डिग्री से. तक होता है। औसत वार्षिक वर्षा 1,800 मिमी है, जिसमें से औसतन 610 मिमी. वर्षा सिर्फ़ जुलाई के महीने में होती है।&lt;br /&gt;
====शहर की संरचना====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई के पुराने हिस्से ज़्यादा निर्मित हैं, लेकिन अधिक समृद्ध क्षेत्रों, जैसे मालाबार हिल में कुछ हरियाली है। यहाँ कई खुले मैदान व पार्क हैं। मुंबई में लगातार शहरीकरण के इतिहास के कारण शहर के कई हिस्सों में झुग्गी बस्तियाँ बन गईं हैं। इस शहर में अनेक कारख़ानों, बढ़ते यातायात और निकट स्थित तेलशोधनशालाओं के कारण वायु एवं जल प्रदूषण ख़तरे के स्तर तक बढ़ गया है। शहर के दक्षिणी हिस्से में वित्तीय ज़िला (पुराने फ़ोर्ट बंबई के आसपास) स्थित है। सुदूर दक्षिण (कोलाबा के आसपास) और पश्चिम में नेताजी सुभाष चंद्र रोड (मॅरीन ड्राइव) तथा मालाबार हिल आवासी क्षेत्र हैं। फ़ोर्ट क्षेत्र के उत्तर में प्रमुख व्यापारिक ज़िला है, जो धीरे-धीरे वाणिज्यिक आवासीय क्षेत्र में शामिल हो रहा है। अधिकांश पुराने कारख़ाने इसी क्षेत्र में स्थित हैं। सुदूर उत्तर में आवासीय क्षेत्र हैं और उनके बाद हाल ही में विकसित औद्योगिक क्षेत्र और झुग्गी बस्तियों के इलाक़े हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Elephanta-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|left|[[एलिफेंटा की गुफाएँ]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Elephant Caves, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ आवास मुख्यतः निजी स्वामित्व वाले हैं, हालाँकि सार्वजनिक वित्त निगमों के ज़रिये सरकार द्वारा निर्मित कुछ सार्वजनिक आवास भी हैं। मुंबई अत्यधिक भीड़भाड़ वाला नगर है और अत्यधिक समृद्ध लोगों के अलावा बाक़ी लोगों के आवास के लिए कमी रहती है। इसी कारण वाणिज्यिक और औद्योगिक उद्यमों को मध्य स्तरीय व्यावसायिक, तकनीकी या प्रबंधकीय कर्मचारियों को आकर्षित करने में लगातार परेशानी हो रही है। आंतरिक क्षेत्र से अकुशल श्रमिकों का लगातार अप्रवास हो रहा है और इस नगर में बेघर व निर्धन लोगों की संख्या बढ़ रही है। नगर के योजनाकार इसे रोकना चाहते हैं और उन्होंने उद्यमों को बंदरगाह के दूसरी ओर इससे लगे नगर नवी मुंबई में स्थापित करने का प्रयास किया है। इसके लिए नगर में औद्योगिक इकाइयों के विकास और पुरानी इकाइयों के विस्तार पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। लेकिन उद्यमियों द्वारा अपने उद्योग को देश के किसी अन्य हिस्से में ले जाने की धमकी के कारण इस प्रतिबंध का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हो रहा है। मुंबई का वास्तुशिल्प अलंकृत गॉथिक शैली का है, जो 18वीं और 19वीं शताब्दियों की विशेषता थी। यहाँ समकालीन अन्य रुपांकन (डिज़ाइन) भी है। पुराने प्रशासनिक और वाणिज्यिक भवनों के साथ गगनचुंबी व कॉन्क्रीट से बनी बहुमंज़िला इमारतें हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====जनजीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-Tiffin-Wallah.jpg|left|मुम्बई का टिफ़िन वाला&amp;lt;br /&amp;gt; Tiffin Wallah Of Mumbai|thumb|250px]]&lt;br /&gt;
1940 के दशक से मुंबई का विकास असाधारण तो नहीं, लेकिन एक समान रहा है। 20वीं सदी की शुरुआत में यहाँ की जनसंख्या 8 लाख 50 हज़ार थी। 1941 में यह दुगुनी होकर 16 लाख 95 हज़ार हो गई है। परिवार नियोजन कार्यक्रमों के कारण इस शहर में जन्मदर देश के अन्य हिस्सों से काफ़ी कम है और जनसंख्या विकास की ऊँची दर का मुख्य कारण रोज़गार की खोज में यहाँ आने वाले लोग हैं। मुंबई विश्व की सबसे अधिक सघन आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है। 1981 में ग्रेटर मुंबई का औसत घनत्व 13,500 लोग प्रति वर्ग किमी था। शहर के अधिकांश पुराने हिस्सों में घनत्व इस औसत से लगभग तीन गुना अधिक था, हालाँकि पश्च खाड़ी के पास स्थित गिरगांव, भिंडी बाज़ार और भुलेश्वर में घनत्व कम है। नगर के कुछ भीतरी हिस्सों में घनत्व लगभग 3,86,100 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है, जो शायद दुनिया का अधिकतम घनत्व है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई का चरित्र सही मायनों में महानगरीय है और यहाँ लगभग सभी धर्मों तथा विश्व के सभी क्षेत्रों के लोग रहते हैं। यहाँ की लगभग आधी आबादी हिंदुओं की है, लेकिन मुसलमान, ईसाई, &lt;br /&gt;
बौद्ध, जैन, सिक्ख, पारसी और यहूदी समुदाय भी यहाँ मौजूद हैं। मुंबई में लगभग सभी भारतीय भाषाएं और कई विदेशी भाषाएं बोली जाती हैं। राजकीय भाषा [[मराठी भाषा|मराठी]] प्रमुख स्थानीय भाषा है, इसके बाद [[गुजराती भाषा|गुजराती]] और [[हिंदी]] का स्थान है।&lt;br /&gt;
==अर्थव्यवस्था==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Bombay-Stock-Exchange.jpg|thumb|250px|बंबई स्टॉक एक्स्चेंज, मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Bombay Stock Exchange, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुम्बई भारत की आर्थिक धुरी एवं वाणिज्यिक व वित्तीय केन्द्र है। कुछ मायनों में इसकी आर्थिक संरचना भारत में नाभिकीय और पुरातन कालों के संयोजन को प्रदर्शित करती है। इस नगर में &lt;br /&gt;
भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग स्थित है, जिसमें परमाणु रिऐक्टर और प्लूटोनियम विलग्नक स्थित है। नगर के कई हिस्सों में अब भी ईधन और ऊर्जा के पारम्परिक जैविक साधनों का इस्तेमाल होता है।&lt;br /&gt;
====उद्योग====&lt;br /&gt;
सूती वस्त्र उद्योग, जिसके कारण 19वीं शताब्दी में यह नगर समृद्ध हुआ। अब भी महत्वपूर्ण है, लेकिन अब इसका पतन हो रहा है, क्योंकि कई सूती वस्त्र मिलों को रूग्ण इकाई घोषित कर दिया गया हैं नए विकासशील उद्योगों में धातु, रसायन, वाहन, इलेक्ट्रानिक्स, इंजीनियरिंग और कई प्रकार के सहायक उद्यम शामिल हैं। शाद्य प्रसंस्करण, काग़ज़—निर्माण, छपाई और प्रकाशन जैसे शहरी उद्योग भी रोज़ग़ार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हैं। सेवा और अनौपचारिक क्षेत्र में 20वीं शताब्दी के अन्तिम दशक में काफ़ी विस्तार हुआ है।&lt;br /&gt;
====वाणिज्य और वित्त====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Hotel-Taj-Mumbai.jpg|thumb|left|250px|[[ताजमहल होटल मुंबई|होटल ताज]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Hotel Taj, Mumbai]]&lt;br /&gt;
देश का केन्द्रीय बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक, कई अन्य व्यावसायिक बैंक और सरकारी बान्डों व निजी शेयरों में देश के सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेशक राष्ट्रीयकृत उद्यम भारतीय जीवन बीमा निगम और दीर्घकालीन निवेश से जुड़े प्रमुख वित्तीय संस्थान मुम्बई में स्थित हैं। इस कारण इस शहर में कई वित्तीय और व्यापारिक सेवाएँ उपलब्ध हैं। मुम्बई स्टाक एक्सचेन्ज देश का अग्रणी स्टाक और शेयर बाज़ार है। हालाँकि आज़ादी के बाद देश भर में कई आर्थिक केन्द्र पनपे हैं, जिसके कारण इस एक्सचेन्ज का उतना महत्व नहीं रहा। फिर भी वित्तीय व अन्य व्यापारिक कारोबार के मामले में यह प्रमुख केन्द्र है और देश की अर्थ-व्यवस्था के पैमाने की भूमिका निभाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====परिवहन====&lt;br /&gt;
मुम्बई सड़क संजाल द्वारा भारत के अन्य हिस्सों से जुड़ा हुआ है। यह पश्चिम तथा मध्य रेलवे का मुख्यालय है और इस नगर से चलने वाली रेलगाड़ियाँ भारत के सभी हिस्सों तक सामान व यात्रियों को ले जाती हैं। छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कई विदेशी हवाई सेवाओं के आगमन का महत्वपूर्ण स्थल है। जबकि निकटस्थ सान्ताक्रूज़ हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानें भरी जाती हैं। मुम्बई में भारत के अंतर्राष्ट्रीय हवाई यातायात का 60 प्रतिशत और घरेलू यातायात का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा केन्द्रित है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-Chhatrapati-Shivaji-Terminus.jpg|thumb|250px|[[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस मुंबई|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt;Chhatrapati Shivaji Terminus, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ के बंदरगाह पर उपलब्ध सुविधाओं ने मुम्बई को देश का प्रमुख पश्चिमी बंदरगाह बना दिया है। हालाँकि पश्चिमी तट पर मुम्बई के उत्तर में कांडला और दक्षिण में गोवा व कोच्चि जैसे कई अन्य प्रमुख बंदरगाह बन गए हैं, लेकिन यहाँ से अब भी भारत के समुद्री व्यापार का 40 प्रतिशत हिस्सा संचालित होता है। दो उपनगरीय विद्युत रेलप्रणालियाँ मुख्य सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराती हैं और रोज़ महानगरीय क्षेत्र के लाखों लोगों को ढोती हैं। मुम्बई में नगरपालिका के स्वामित्व वाली बस सेवा भी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रशासनिक एवं सामाजिक विशेषताएँ==&lt;br /&gt;
====सरकार====&lt;br /&gt;
[[महाराष्ट्र]] की राजधानी के रूप में यह शहर राज्य प्रशासन का समेकित राजनीतिक खण्ड है, जिसके मुख्यालय को मंत्रालय कहा जाता है। राज्य सरकार पुलिस बल को नियंत्रित करती है और नगर के कुछ विभागों पर प्रशासनिक नियंत्रण रखती है। डाक एवं टेलीग्राफ़ प्रणाली, रेल, बंदरगाह और हवाई अड्डों जैसे संचार साधनों पर केन्द्र सरकार का नियंत्रण है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-High-Court.jpg|thumb|left|250px|[[बंबई उच्च न्यायालय]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Mumbai High Court]]&lt;br /&gt;
मुम्बई में भारतीय नौसेना की पश्चिमी कमान का मुख्यालय भी है और यह भारतीय फ़्लैगशिप का बेस भी है। शहर का प्रशासन वृहद (ग्रेटर) मुम्बई के पूर्णतःस्वायत्त नगर निगम के अंतर्गत है। इसकी विधायी संस्था का निर्वाचन हर चार वर्ष में वयस्क मताधिकार द्वारा होता है और यह विभिन्न स्थायी समितियों के माध्यम से काम करती है। राज्य सरकार के द्वारा तीन वर्षों के लिए नियुक्त मुख्य कार्यकारी यहाँ का निगम आयुक्त होता है। महापौर का चुनाव हर वर्ष नगर निगम द्वारा किया जाता है; महापौर निगम की बैठकों की अध्यक्षता करता है और शहर में सर्वाधिक सम्मानित माना जाता है, लेकिन वस्तुतः उसके पास कोई सत्ता नहीं होती।&lt;br /&gt;
====जनसुविधाएँ====&lt;br /&gt;
निगम के कई कार्यों में चिकित्सा सेवा, शिक्षा, जलापूर्ति, अग्निशमन, कचरे की व्यवस्था, बाज़ार, उद्यान और इंजीनियरिंग परियोजनाओं का, जैसे निकास तथा सड़कों व गलियों में प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाना, काम शामिल हैं। नगर निगम शहर में यातायात प्रणाली और विद्युत आपूर्ति को संचालित करता है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Brabourne-Stadium-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[ब्रेबोर्न स्टेडियम]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Brabourne Stadium, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ सरकार और निजी क्षेत्र की एजेंसियों के द्वारा एक ग्रिड प्रणाली के ज़रिये बिजली शहर में वितरित की जाती है। जलापूर्ति व्यवस्था भी नगर निगम के द्वारा संचालित की जाती है और यह मुख्यतः निकटस्थ ठाणे ज़िले की तांसा झील, तुलसी व विहार झीलों से प्राप्त किया जाता है। मूलतः जलापूर्ति के लिए निर्मित पवई झील कारगर साबित नहीं हुई, क्योंकि इसका पानी पीने योग्य नहीं है।&lt;br /&gt;
====स्वास्थ्य====&lt;br /&gt;
इस शहर में 100 से अधिक अस्पताल हैं, जिनमें केन्द्र, राज्य सरकार और निगम संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पताल और कई (क्षय-रोग, कैन्सर और ह्रदय रोगों के लिए) विशेष संस्थान शामिल हैं, यहाँ पर कई अग्रणी निजी अस्पताल भी हैं। यहाँ हेफ़काइन इंस्टिट्यूट भी है, जो एक अग्रणी बैक्टीरिया अनुसन्धान केन्द्र है, इसे उष्णकटिबन्धीय बीमारियों में विशिष्टता प्राप्त है।&lt;br /&gt;
====सुरक्षा====&lt;br /&gt;
शहर के पुलिस बल का प्रमुख पुलिस आयुक्त होता है, जो मुम्बई में क़ानून एवं व्यवस्था के लिए ज़िम्मेदार होता है, प्रशासनिक रूप से वह राज्य के गृह सचिव के प्रति जवाबदेह होता है।&lt;br /&gt;
====शिक्षा====&lt;br /&gt;
मुम्बई की साक्षरता दर समूचे राष्ट्र की साक्षरता दर से काफ़ी अधिक हैं। प्राथमिक शिक्षा मुफ़्त व अनिवार्य है और यह नगर निगम का दायित्व है। माध्यमिक शिक्षा सरकारी व निजी विद्यालयों द्वारा सरकार की देखरेख में कराई जाती है। यहाँ सार्वजनिक एवं निजी पालिटेक्निक व संस्थान हैं, जो विद्यार्थियों को यांत्रिकी, विद्युत तथा रासायनिक इंजीनियरी में विभिन्न डिग्री व डिप्लोमा देते हैं। केन्द्र सरकार के द्वारा संचालित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई. आई. टी.) भी यहाँ पर स्थित है। अन्य इंजीनियरिंग कालेजों में:-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Kanheri-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[कन्हेरी गुफाएँ मुम्बई|कन्हेरी गुफाएँ]], मुम्बई]] &lt;br /&gt;
*सरदार पटेल कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलाज़िकल इंस्टिट्यूट, &lt;br /&gt;
*के. जी. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*एम. एच. एस. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*डी. जे. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*थोडोमल शाही इंजीनियरिंग कालेज और &lt;br /&gt;
*विवेकानन्द इंस्टिट्यूट आफ़ टेक्नोलोज़ी शामिल हैं। &lt;br /&gt;
1857 में स्थापित बाम्बे विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कला, विज्ञान, वाणिज्य व शिक्षा सम्बन्धी महाविद्यालय, चिकित्सा, होमियोपैथी, यूनानी चिकित्सा, फ़ार्मेसी व दन्त चिकित्सा महाविद्यालय, वास्तुशिल्प, शारीरिक शिक्षा एवं प्रबन्धन संस्थान हैं। मुम्बई में महिलाओं के लिए एस. एन. डी. टी. विश्वविद्यालय भी है। 1857 में स्थापित बाम्बे विश्वविद्यालय से बहुत से महाविद्यालय और कई शिक्षण विभाग जुड़े हुए हैं। [[गोवा]] में स्थित बहुत से महाविद्यालय इस विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====सांस्कृतिक जीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Rajabai-Tower-Mumbai.jpg|thumb|left|250px|[[राजाबाई घंटाघर]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Rajabai Tower, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुम्बई का सांस्कृतिक जीवन इसकी जातीय विविधतायुक्त जनसंख्या को प्रतिबिम्बित करता है। शहर में बहुत से संग्रहालय, पुस्तकालय, साहित्यिक एवं कई अन्य सांस्कृतिक संस्थान, कला, दीर्घाएँ व रंगशालाएँ हैं। भारत का कोई अन्य शहर अपनी सांस्कृतिक एवं मनोरंजन सुविधाओं के मामले में इतनी उच्च श्रेणी की विविधता और गुणवत्ता का शायद ही दावा कर सके। मुम्बई भारतीय फ़िल्म उद्योग का गढ़ है। साल भर यहाँ पश्चिमी व भारतीय संगीत सम्मेलन एवं महोत्सव और भारतीय नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इंडो—सार्सेनिक वास्तुशिल्प की एक इमारत में द प्रिंस आफ़ वेल्स म्यूज़ियम आफ़ वेस्टर्न इंडिया है, जिसमें कला, पुरातत्व व प्राकृतिक इतिहास के तीन प्रमुख विभाग हैं। निकट ही जहाँगीर आर्ट गैलरी है, जो मुम्बई की पहली स्थायी कला दीर्घा है और सांस्कृतिक व शैक्षिक गतिविधियों का केन्द्र है। मुम्बई भारतीय मुद्रण उद्योग का महत्वपूर्ण केन्द्र है और यहाँ सशक्त प्रेस है। यहाँ अंग्रेज़ी, मराठी, हिन्दी, गुजराती, सिन्धी व उर्दू में समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं। बहुत-सी मासिक, पाक्षिक व साप्ताहिक पत्रिकाएँ भी यहाँ से प्रकाशित होती हैं। आल-इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) का क्षेत्रीय केन्द्र भी मुम्बई में ही है और इस शहर के लिए दूरदर्शन सेवाएँ 1972 में शुरू हुईं। शहर के उत्तर में कृष्णगिरि वन एक राष्ट्रीय उद्यान और छुट्टियाँ बिताने के लिए ख़ूबसूरत सैरगाह है, कन्हेरी गुफ़ाओं के निकट एक प्राचीन बौद्ध विश्वविद्यालय था, यहाँ 100 से अधिक गुफ़ाओं में दूसरी से नौवीं शताब्दी तक के विशालकाय बौद्ध मूर्तिशिल्प हैं। यहाँ पर कई सार्वजनिक उद्यान हैं। जिसमें जीजामाता उद्यान शामिल है, यहाँ पर मुम्बई का चिड़ियाघर स्थित है, यहाँ पर बैपटिस्टा गार्डन भी है, जो मज़गाँव में एक जलाशय पर स्थित है; इसके अलावा मालाबार हिल पर स्थित फ़िरोज़शाह मेहता गार्डन, कमला नेहरू पार्क व स्लोपिंग पार्क हैं। समूचे भारत में लोकप्रिय क्रिक्रेट के मैच भारतीय क्रिकेट क्लव (ब्रेबोर्न स्टेडियम) और वानखेड़े स्टेडियम में खेले जाते हैं। दौड़ व साइकिल चालन प्रतियोगिताएँ वल्लभ भाई पटेल स्टेडियम में आयोजित की जाती है। स्नान व तैराकी के लिए जुहू समुद्र तट एक प्रसिद्ध स्थान है।&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
मछुआरों की मूल जनजाति, कोली यहाँ के आरम्भिक ज्ञात निवासी थे, हालाँकि वृहद मुम्बई के कान्दीवली में पाए गए पुरापाषाण काल के पत्थर के औज़ार यहाँ पाषाण काल के दौरान मानव बस्ती की ओर संकेत करते हैं। प्राचीन यूनानी खगोलशास्त्री व भूगोलविज्ञानी टालेमी के समय में यह क्षेत्र हेप्टेनिशिया के रूप में जाना जाता था और यह 1000 वर्ष ई. पू. में फ़ारस व [[मिस्र]] के साथ समुद्री व्यापार का प्रमुख केन्द्र था। तीसरी शताब्दी ई. पू. में यह अशोक के साम्राज्य का हिस्सा था और छठी से आठवीं शताब्दी में यहाँ चालुक्यों का शासन रहा, जिन्होंने अपनी छाप घरपुरी (एलीफ़ेन्टा द्वीप) पर छोड़ी। मालाबार पाइन्ट पर बना वाकेश्वर मन्दिर सम्भवतः कोंकण तट के शिलाहर प्रमुखों के शासन (9वीं से 13वीं शताब्दी) के दौरान निर्मित किया गया था। दोगिरि के यादवों (1187-1318) के समय में इस द्वीप (जो बाम्बे द्वीप बना) पर महिकावती (माहिम) बस्ती की स्थापना हुई, जो 1924 में हिन्दुस्तान के [[ख़िलजी वंश]] के आक्रमणों के जवाब में बनाई गई। इन्हीं के वंशज वर्तमान मुम्बई में पाए जाते हैं और बहुत से स्थानों के नाम आज भी उसी युग से हैं। 1348 में आक्रमणकारी मुस्लिम सेनाओं ने इस द्वीप को जीत लिया और यह [[गुजरात]] राज्य का हिस्सा बन गया। माहिम को जीतने की पुर्तग़ाली कोशिश 1507 में असफल रही, लेकिन 1534 में गुजरात के शासक सुल्तान बहादुरशाह ने यह द्वीप पुर्तग़ालियों को सौंप दिया। 1661 में किंग चार्ल्स द्वितीय व पुर्तग़ाल के राजा की बहन कैथरीन आफ़ ब्रैगेंज़ा के विवाह के बाद यह ब्रिटिश नियंत्रण में आ गया। राजा ने इसे 1668 में ईस्ट इंडिया कम्पनी को सत्तांतरित कर दिया। शुरूआत में कलकत्ता (वर्तमान [[कोलकाता]]) व मद्रास (वर्तमान [[चेन्नई]]) की तुलना में बंबई कम्पनी की बहुत बड़ी सम्पत्ति ने होकर केवल पश्चिमी तट पर कम्पनी की पैर जमाए रखने में सहायता करता था। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Flora-Fountain-Mumbai.jpg|thumb|300px|[[फ़्लोरा फ़ाउंटेन मुंबई|फ़्लोरा फ़ाउंटेन]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Flora Fountain, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुख्य भूमि पर मुग़ल, मराठा व गुजरात के प्रादेशिक शासक अधिक शक्तिशाली थे। यहाँ तक कि ब्रिटिश नौसेना का मुग़लों, मराठों, पुर्तगालियों व डचों से कोई मुक़ाबला नहीं था। 19वीं शताब्दी के आरम्भ तक बाहरी घटनाओं ने शहर के तेज़ विकास में सहायता की। [[दिल्ली]] में मुग़ल शक्ति के पतन, मुग़ल-मराठा प्रतिद्वन्द्विता और गुजरात में मौजूद अस्थिरता ने कारीगरों व व्यापारियों को शरण लेने के लिए इस द्वीप पर जाने को मज़बूर किया और इस प्रकार मुम्बई का विकास शुरू हुआ। मराठा शक्ति के विनाश के साथ मुख्यभूमि से व्यापार व संचार स्थापित हुआ और उसका यूरोप तक विस्तार किया गया, जिससे समृद्धी की शुरुआत हुई। 1857 में पहली कताई व बुनाई मिल स्थापित की गई और 1860 तक मुम्बई भारत का विशालतम सूती वस्त्र बाज़ार बन गया। अमेरिकी नागरिक युद्ध (1861-65) और ब्रिटेन को किए जा रहे कपास की आपूर्ति रुक जाने से मुम्बई के व्यापार में उछाल आया। लेकिन नागरिक युद्ध के समाप्त होने के बाद कपास के दामों में भारी कमी आई तथा व्यापार में तेज़ी ख़त्म हो गई। तब तक हालाँकि अतःक्षेत्र खोले जा चुके थे और मुम्बई आयात व्यापार का मज़बूत केन्द्र बन चुका था। &lt;br /&gt;
1869 में स्वेज़ नहर के खुलने के साथ ही मुम्बई में समृद्धि आई, हालाँकि जनसंख्या बढ़ने के साथ-साथ झुग्गियों और अस्वच्छ स्थितियों में भी कई गुना वृद्धि हुई। 1896 में यहाँ प्लेग का प्रकोप फैला और नए क्षेत्रों में बस्तियाँ बसाने व कामगार वर्ग के लिए आवास की व्यवस्था करने के लिए सिटी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की स्थापना की गई। 525 हेक्टेयर क्षेत्र को घेरने के लिए तटबन्ध बनाने की महत्वाकांक्षी योजना का 1918 में प्रस्ताव किया गया, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारत में अपने क़िस्म की पहली दोतरफ़ा सड़क नेताजी सुभाष मार्ग, जो नरीमन प्वाइंट से मालाबार प्वाइंट तक है, के बन जाने तक यह पूरा नहीं हो सका। युद्ध के बाद के वर्षों में उपनगरीय क्षेत्रों में आवासीय इकाइयों के विकास की शुरूआत हुई और नगर निगम के माध्यम से मुम्बई नगर के प्रशासन को वृहत मुम्बई के उपनगरों तक विस्तारित किया गया। यह शहर भूतपूर्व बाम्बे प्रेज़िडेन्सी व बाम्बे राज्य की राजधानी रह चुका है और 1960 में इसे महाराष्ट्र राज्य की राजधानी बनाया गया।&lt;br /&gt;
19वीं सदी के अन्त व 20 शताब्दी के आरम्भ में मुम्बई भारतीय राष्ट्रवादी और क्षेत्रीय राजनीतिक गतिविधियों का केन्द्र था। 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (स्वतंत्रता प्राप्ति तक भारत समर्थक और ब्रिटिश विरोधी भावनाओं का केन्द्रीय दल) का पहला अधिवेशन इस नगर में हुआ, जिसके बाद 1942 के अधिवेशन में कांग्रेस ने 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किया, जिससे भारत की पूर्ण स्वतंत्रता की माँग की गई थी। 1956 से 1960 तक मुम्बई में मुम्बई राज्य के ब्रिटिश उपनिवेशवाद से विरासत में मिले द्विभाषीय (मराठी--गुजराती) स्वरूप के ख़िलाफ़ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और इसके बाद विभाजन हुआ, जिससे गुजरात व महाराष्ट्र के आधुनिक राज्यों का निर्माण हुआ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==जनसंख्या==&lt;br /&gt;
मुम्बई की जनसंख्या (2001) 33,26,837 है और मुम्बई उपनगरीय क्षेत्र की जनसंख्या 85,87,561 है।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति &lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=माध्यमिक1&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://www.mcgm.gov.in/ अधिकारिक वेबसाइट]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र  के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
{{भारतीय महानगर}}&lt;br /&gt;
{{प्रदेशों की राजधानी}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_ऐतिहासिक_नगर]][[Category:महाराष्ट्र_के_नगर]][[Category:भारत के नगर]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्रदेशों की राजधानियाँ]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
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		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>छत्रपति शिवाजी टर्मिनस</title>
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		<updated>2010-10-18T07:23:19Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: '[[चित्र:Mumbai-Chhatrapati-Shivaji-Terminus.jpg|thumb|250px|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, [[...' के साथ नया पन्ना बनाया&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Mumbai-Chhatrapati-Shivaji-Terminus.jpg|thumb|250px|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, [[मुम्बई]]&amp;lt;br /&amp;gt;Chhatrapati Shivaji Terminus, Mumbai]]&lt;br /&gt;
*[[महाराष्ट्र]] के शहर [[मुंबई]] में कई [[मुम्बई पर्यटन|पर्यटन स्थल]] है जिनमें से एक छत्रपति शिवाजी टर्मिनस है। &lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को पहले विक्‍टोरिया टर्मिनस के नाम से जाना जाता था।&lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस अपने लघु नाम वी.टी., या सी.एस.टी. से अधिक प्रचलित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई का एक ऐतिहासिक रेलवे-स्टेशन है, जो मध्य रेलवे, भारत का मुख्यालय भी है। &lt;br /&gt;
*यह भारत के व्यस्ततम स्टेशनों में से एक है। &lt;br /&gt;
*आंकड़ों के अनुसार यह स्टेशन [[ताजमहल]] के बाद भारत का सर्वाधिक छायाचित्रित स्मारक है।&lt;br /&gt;
==इतिहास== &lt;br /&gt;
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस भारतीय पारम्‍परिक वास्‍तुकला से ली गई विषय वस्‍तुओं के मिश्रण व भारत में विक्‍टोरियन गोथिक पुन: जीवित वास्‍तुकला का एक उत्‍कृष्‍ट उदाहरण है। यह टर्मिनस इन दोनों संस्‍कृतियों के बीच प्रभावों के महत्‍वपूर्ण आपसी बदलाव को दर्शाता है। इस स्टेशन की अभिकल्पना फ्रेडरिक विलियम स्टीवन्स, वास्तु सलाहकार ने 1878-1888, में 16.14 लाख रुपयों की राशि पर की थी। इस टर्मिनस का निर्माण 1878 में आरंभ करते हुए 10 वर्षों में किया गया। इसे शासक सम्राज्ञी [[महारानी विक्टोरिया]] के नाम पर विक्टोरिया टर्मिनस कहा गया। यह मुम्‍बई में एक गोथिक शहर के रूप में पहचाना जाने लगा। सन 1996  में, शिव सेना की मांग पर, तथा नामों को भारतीय नामों से बदलने की नीति के अनुसार, इस स्टेशन का नाम, राज्य सरकार द्वारा सत्रहवीं शताब्दी के मराठा शूरवीर शासक छत्रपति [[शिवाजी]] के नाम पर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस बदला गया। फिर भी वी.टी. नाम आज भी लोगों के मुंह पर चढ़ा हुआ है। [[2 जुलाई]], [[2004]] को इस स्टेशन को युनेस्को की विश्व धरोहर समिति द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।&lt;br /&gt;
====शैली====  &lt;br /&gt;
इस स्टेशन की इमारत विक्टोरियन गोथिक शैली में बनी है। इस इमारत में विक्टोरियाई इतालवी गोथिक शैली एवं परंपरागत भारतीय स्थापत्य कला का संगम झलकता है। इसके अंदरूनी भागों में लकड़ी की नक्काशी की हुई टाइलें, लौह एवं पीतल की अलंकृत मुंडेरें व जालियां हैं। यह स्टेशन अपनी उन्नत संरचना व तकनीकी विशेषताओं के साथ, उन्नीसवीं शताब्दी के रेलवे स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस में पत्‍थर के गुम्‍बद, कंगूरे, नोकदार आर्च और संकेन्द्रित भूमि योजना पारम्‍परिक भारतीय महलों की वास्‍तुकला के नजदीक है। यह प्रसिद्ध टर्मिनल ब्रिटिश राष्‍ट्र मंडल में 19 वीं शताब्‍दी के अंत की ओर रेलवे वास्‍तुकला की सुंदरता को भी दर्शाता है। यह मुम्‍बई के लोगों का एक अविभाज्‍य अंग है, क्‍योंकि यह स्टेशन उप शहरी और लंबी दूरी रेलों का स्‍टेशन है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://bharat.gov.in/knowindia/chhatrapati_shivaji_terminus.php |title=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस |accessmonthday=[[18 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=अधिकारिक वेबसाइट |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
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|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*[http://www.twip.org/photos-of-the-world---mumbai-chhatrapati-shivaji-terminus-hi-7167-1.html छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*[http://paripurnarailwaysamachar.blogspot.com/2010/02/29.html हैरिटेज गैलरी का उद्घाटन]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>मुम्बई</title>
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		<updated>2010-10-18T07:22:45Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* परिवहन */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा पर्यटन&lt;br /&gt;
|चित्र=A-View-Of-Mumbai.jpg&lt;br /&gt;
|विवरण=&lt;br /&gt;
|राज्य=[[महाराष्ट्र]]&lt;br /&gt;
|ज़िला=[[मुम्बई उपनगर ज़िला]]&lt;br /&gt;
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|स्थापना=तीसरी शताब्दी ई. पू में सम्राट [[अशोक]] द्वारा स्थापित &lt;br /&gt;
|भौगोलिक स्थिति=&lt;br /&gt;
|मार्ग स्थिति=यह शहर सड़क द्वारा [[पुणे]] से 150 किमी, [[नासिक]] से 172 किमी, [[सांगली]] से 373 किमी, [[औरंगाबाद]] से 373 किमी, [[अमरावती]] से 696 किमी, [[नागपूर]] से 847 किमी और [[दिल्ली]] से 1,393 किमी दूरी पर स्थित है। &lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|कब जाएँ=[[अक्टूबर]] से [[मार्च]]&lt;br /&gt;
|यातायात=साइकिल-रिक्शा, ऑटो-रिक्शा, मीटर-टैक्सी, सिटी बस और मेट्रो रेल &lt;br /&gt;
|हवाई अड्डा=छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र, नवी मुंबई अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र, जुहू हवाई अड्डा&lt;br /&gt;
|रेलवे स्टेशन=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेलवे स्टेशन, मुंबई सेंट्रल, मुंबई उपनगरीय रेलवे, दादर स्टेशन, विक्टोरिया रेलवे स्टेशन&lt;br /&gt;
|बस अड्डा=राज्य परिवहन टर्मिनल&lt;br /&gt;
|कैसे पहुँचें=जलयान, हवाई जहाज़, रेल, बस आदि से पहुँचा जा सकता है। &lt;br /&gt;
|क्या देखें=[[मुम्बई पर्यटन]]&lt;br /&gt;
|कहाँ ठहरें=[[मुम्बई प्रवास]]&lt;br /&gt;
|क्या खायें=वड़ा पाव, श्रीखंड, भेलपूरी, पूरन पोली, पोहा, साबूदाना वड़ा, फिरनी, मालपुआ, चॉकलेट चाय, आदि &lt;br /&gt;
|क्या ख़रीदें=आभूषण, लकड़ी की वस्तुएं, चमड़े का सामान, &lt;br /&gt;
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|शीर्षक 1=भाषा&lt;br /&gt;
|पाठ 1=[[मराठी भाषा|मराठी]], [[हिन्दी]], [[अंग्रेजी]] और [[गुजराती भाषा|गुजराती]]&lt;br /&gt;
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}}&lt;br /&gt;
{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम=मुम्बई&lt;br /&gt;
|पर्यटन=मुम्बई पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला=मुम्बई ज़िला&lt;br /&gt;
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}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई शहर, भूतपूर्व बंबई, [[महाराष्ट्र]] राज्य की राजधानी है। यह दक्षिण-पश्चिम [[भारत]] देश का वित्तीय व वाणिज्यिक केंद्र और अरब सागर में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। मुंबई दुनिया के विशालतम व सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। मुंबई एक प्राचीन बस्ती के स्थल पर बसा हुआ है और इसका नामकरण भगवान [[शंकर]] की पत्नी [[पार्वती देवी]] के एक रूप, स्थानीय देवी मुंबा के नाम पर किया है। जिनका मंदिर उस स्थल पर था, जहाँ पर अब नगर का दक्षिण-पूर्वी हिस्सा अवस्थित है। मुंबई लंबे समय से भारत के सूती वस्त्र उद्योग के केंद्र के रूप में विख्यात रहा है, लेकिन अब यहाँ विविध निर्माण उद्योग भी हैं और इसके वाणिज्यिक व वित्तिय संस्थान सशक्त और सबल हैं। इस शहर में अधिकांश बड़े, विकासशील औद्योगिक नगरों की पुरानी समस्या वायु व जल प्रदूषण, झुग्गी बस्ती और अत्यधिक भीड़भाड़ मौजूद है। द्वीपीय अवस्थिति के कारण मुंबई का विस्तार सीमित है।&lt;br /&gt;
==भौतिक एवं मानव भूगोल==&lt;br /&gt;
====नगर की स्थिति====&lt;br /&gt;
मुंबई शहर प्रायद्विपीय स्थल पर बसा हुआ है, जो मूलतः पश्चिम भारत के कोंकण तट के पास स्थित सात द्वीपिकाओं से मिलकर बना है। 17 वीं शताब्दी से अपवाह व भूमि फिर से हासिल करने की परियोजनाओं और जलमार्गों व जल अवरोधकों के निर्माण के कारण ये द्वीपिकाएं मिलकर एक बड़े भूभाग का निर्माण करती हैं, जिसे बंबई द्वीप के नाम से जाना जाता था।  इस द्वीप के पूर्व में मुंबई बंदरगाह का स्थिर जलक्षेत्र है। यह द्वीप निम्न मैदान से बना है, जिसका एक चौथाई हिस्सा समुद्र तल से भी नीचा है; इस मैदान के पूर्वी और पश्चिमी किनारों में निचली पहाड़ियों की दो समानांतर पर्वतश्रेणियाँ हैं। इनमें से लंबी पर्वतश्रेणी द्वारा सुदूर दक्षिण में निर्मित कोलाबा पॉइंट मुंबई बंदरगाह को खुले समुद्र से बचाता है। पश्चिमी पर्वतश्रेणी मालाबार हिल पर समुद्र तल से 55 मीटर की ऊँचाई पर समाप्त होती है, जो मुंबई की सबसे ऊँचे इलाकों में से एक है। इन दो पर्वत श्रेणियों के बीच पश्च खाड़ी (बैक बे) का छिछला विस्तार है। इस खाड़ी के शीर्ष और बंदरगाह के बीच कुछ ऊँची भूपट्टिकाओं पर दुर्ग स्थित है, मूलतः इसी के चारों ओर शहर का विस्तार हुआ। अब यहाँ मुख्यतः सार्वजनिक एवं वाणिज्यिक कार्यालय हैं। पश्च खाड़ी से उत्तर की ओर भूतल मध्यवर्ती मैदान की दिशा में ढलान वाली है। बंबई के सुदूर उत्तर में विशाल खारे दलदल हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Nariman-Point-Mumbai.jpg|thumb|[[नरीमन पाइंट मुंबई|नरीमन पाइंट]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Nariman Point, Mumbai|left|250px]]  &lt;br /&gt;
पुराना शहर दक्षिण में कोलाबा से उत्तर में माहिम और्सायन तक लगभग 67 वर्ग किमी में फैला हुआ था। 1950 में सालगेट के विशाल द्वीप को जलमार्ग द्वारा जोड़कर मुख्य क्षेत्र में शामिल करके उत्तर की ओर बंबई का विस्तार किया गया। 1957 तक वृहद बंबई में कई उपनगरीय नगरपालिका क्षेत्रों और कुछ पड़ोसी गावों को शामिल कर लिया गया। उसके बाद से इस महानगर का विस्तार जारी है। 1970 के दशक के आरंभ में भीड़भाड़ और सघनता दूर करने  के प्रयास के रूप में सालगेट द्वीप को मुंबई बंदरगाह के मुख्य जलक्षेत्र थाना क्रीक पर पुल बनाकर मुख्यभूमि से जोड़ दिया गया। मुंबई का प्राकृतिक सौंदर्य इस क्षेत्र के किसी अन्य शहर से बेहतर है। समुद्र से बंदरगाह में प्रवेश स्थान से एक विशाल दृश्य दिखाई देता है, जिसके किनारों पर मुख्यभूमि पर स्थित पश्चिमी घाट की पहाड़ियाँ हैं। बेशुमार छोटे जलयानों की सफेद पालों से चमकता द्वीपों से घिरा चौड़ा बंदरगाह जहाज़ों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है, विशेषकर जब तटीय क्षेत्र पर तूफ़ान की स्थिति हो। बंदरगाह के द्वीपों में सबसे बड़ा एलीफ़ेटा है, जो छठी शताब्दी के गुफ़ा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।&lt;br /&gt;
इस नगर में पाए जाने वाले सामान्य वृक्षों में [[नारियल]], [[आम]], [[इमली]], और [[बरगद]] शामिल हैं। सालसेट द्वीप कभी [[बाघ]], [[तेंदुआ]], [[सियार]] और [[हिरन]] जैसे वन्य प्राणियों का आश्रय था, लेकिन अब ये प्राणी यहाँ नहीं पाये जाते। यहाँ के प्राणी जीवन में अब [[गाय]], [[बैल]], [[भेड़]], [[बकरी]] और अन्य पालतू प्रजातियाँ हैं। यहाँ पाए जाने वाले पक्षियों में [[गिद्ध]], [[कबूतर]], [[सारस]] और [[बत्तख]] शामिल हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Gateway-Of-India-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[गेटवे ऑफ इंडिया]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Gateway Of India, Mumbai]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====जलवायु====&lt;br /&gt;
मुंबई की जलवायु गर्म और आर्द्र है। यहाँ चार ॠतुएं हैं। दिसंबर से फ़रवरी तक सर्दी और मार्च से मई तक गर्मी का महीना रहता है। दक्षिण-पश्चिम में मॉनसूनी हवाओं द्वारा होने वाली वर्षा &lt;br /&gt;
जून से सितंबर तक होती है और इसके बाद उत्तर मॉनसून काल आता है, जो अक्टूबर-नवंबर तक रहता है। इस काल में मौसम फिर से गर्म हो जाता है। औसत मासिक तापमान मई में 33 &lt;br /&gt;
डिग्री से. से जनवरी में 19 डिग्री से. तक होता है। औसत वार्षिक वर्षा 1,800 मिमी है, जिसमें से औसतन 610 मिमी. वर्षा सिर्फ़ जुलाई के महीने में होती है।&lt;br /&gt;
====शहर की संरचना====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई के पुराने हिस्से ज़्यादा निर्मित हैं, लेकिन अधिक समृद्ध क्षेत्रों, जैसे मालाबार हिल में कुछ हरियाली है। यहाँ कई खुले मैदान व पार्क हैं। मुंबई में लगातार शहरीकरण के इतिहास के कारण शहर के कई हिस्सों में झुग्गी बस्तियाँ बन गईं हैं। इस शहर में अनेक कारख़ानों, बढ़ते यातायात और निकट स्थित तेलशोधनशालाओं के कारण वायु एवं जल प्रदूषण ख़तरे के स्तर तक बढ़ गया है। शहर के दक्षिणी हिस्से में वित्तीय ज़िला (पुराने फ़ोर्ट बंबई के आसपास) स्थित है। सुदूर दक्षिण (कोलाबा के आसपास) और पश्चिम में नेताजी सुभाष चंद्र रोड (मॅरीन ड्राइव) तथा मालाबार हिल आवासी क्षेत्र हैं। फ़ोर्ट क्षेत्र के उत्तर में प्रमुख व्यापारिक ज़िला है, जो धीरे-धीरे वाणिज्यिक आवासीय क्षेत्र में शामिल हो रहा है। अधिकांश पुराने कारख़ाने इसी क्षेत्र में स्थित हैं। सुदूर उत्तर में आवासीय क्षेत्र हैं और उनके बाद हाल ही में विकसित औद्योगिक क्षेत्र और झुग्गी बस्तियों के इलाक़े हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Elephanta-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|left|[[एलिफेंटा की गुफाएँ]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Elephant Caves, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ आवास मुख्यतः निजी स्वामित्व वाले हैं, हालाँकि सार्वजनिक वित्त निगमों के ज़रिये सरकार द्वारा निर्मित कुछ सार्वजनिक आवास भी हैं। मुंबई अत्यधिक भीड़भाड़ वाला नगर है और अत्यधिक समृद्ध लोगों के अलावा बाक़ी लोगों के आवास के लिए कमी रहती है। इसी कारण वाणिज्यिक और औद्योगिक उद्यमों को मध्य स्तरीय व्यावसायिक, तकनीकी या प्रबंधकीय कर्मचारियों को आकर्षित करने में लगातार परेशानी हो रही है। आंतरिक क्षेत्र से अकुशल श्रमिकों का लगातार अप्रवास हो रहा है और इस नगर में बेघर व निर्धन लोगों की संख्या बढ़ रही है। नगर के योजनाकार इसे रोकना चाहते हैं और उन्होंने उद्यमों को बंदरगाह के दूसरी ओर इससे लगे नगर नवी मुंबई में स्थापित करने का प्रयास किया है। इसके लिए नगर में औद्योगिक इकाइयों के विकास और पुरानी इकाइयों के विस्तार पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। लेकिन उद्यमियों द्वारा अपने उद्योग को देश के किसी अन्य हिस्से में ले जाने की धमकी के कारण इस प्रतिबंध का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हो रहा है। मुंबई का वास्तुशिल्प अलंकृत गॉथिक शैली का है, जो 18वीं और 19वीं शताब्दियों की विशेषता थी। यहाँ समकालीन अन्य रुपांकन (डिज़ाइन) भी है। पुराने प्रशासनिक और वाणिज्यिक भवनों के साथ गगनचुंबी व कॉन्क्रीट से बनी बहुमंज़िला इमारतें हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====जनजीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-Tiffin-Wallah.jpg|left|मुम्बई का टिफ़िन वाला&amp;lt;br /&amp;gt; Tiffin Wallah Of Mumbai|thumb|250px]]&lt;br /&gt;
1940 के दशक से मुंबई का विकास असाधारण तो नहीं, लेकिन एक समान रहा है। 20वीं सदी की शुरुआत में यहाँ की जनसंख्या 8 लाख 50 हज़ार थी। 1941 में यह दुगुनी होकर 16 लाख 95 हज़ार हो गई है। परिवार नियोजन कार्यक्रमों के कारण इस शहर में जन्मदर देश के अन्य हिस्सों से काफ़ी कम है और जनसंख्या विकास की ऊँची दर का मुख्य कारण रोज़गार की खोज में यहाँ आने वाले लोग हैं। मुंबई विश्व की सबसे अधिक सघन आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है। 1981 में ग्रेटर मुंबई का औसत घनत्व 13,500 लोग प्रति वर्ग किमी था। शहर के अधिकांश पुराने हिस्सों में घनत्व इस औसत से लगभग तीन गुना अधिक था, हालाँकि पश्च खाड़ी के पास स्थित गिरगांव, भिंडी बाज़ार और भुलेश्वर में घनत्व कम है। नगर के कुछ भीतरी हिस्सों में घनत्व लगभग 3,86,100 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है, जो शायद दुनिया का अधिकतम घनत्व है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई का चरित्र सही मायनों में महानगरीय है और यहाँ लगभग सभी धर्मों तथा विश्व के सभी क्षेत्रों के लोग रहते हैं। यहाँ की लगभग आधी आबादी हिंदुओं की है, लेकिन मुसलमान, ईसाई, &lt;br /&gt;
बौद्ध, जैन, सिक्ख, पारसी और यहूदी समुदाय भी यहाँ मौजूद हैं। मुंबई में लगभग सभी भारतीय भाषाएं और कई विदेशी भाषाएं बोली जाती हैं। राजकीय भाषा [[मराठी भाषा|मराठी]] प्रमुख स्थानीय भाषा है, इसके बाद [[गुजराती भाषा|गुजराती]] और [[हिंदी]] का स्थान है।&lt;br /&gt;
==अर्थव्यवस्था==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Bombay-Stock-Exchange.jpg|thumb|250px|बंबई स्टॉक एक्स्चेंज, मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Bombay Stock Exchange, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुम्बई भारत की आर्थिक धुरी एवं वाणिज्यिक व वित्तीय केन्द्र है। कुछ मायनों में इसकी आर्थिक संरचना भारत में नाभिकीय और पुरातन कालों के संयोजन को प्रदर्शित करती है। इस नगर में &lt;br /&gt;
भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग स्थित है, जिसमें परमाणु रिऐक्टर और प्लूटोनियम विलग्नक स्थित है। नगर के कई हिस्सों में अब भी ईधन और ऊर्जा के पारम्परिक जैविक साधनों का इस्तेमाल होता है।&lt;br /&gt;
====उद्योग====&lt;br /&gt;
सूती वस्त्र उद्योग, जिसके कारण 19वीं शताब्दी में यह नगर समृद्ध हुआ। अब भी महत्वपूर्ण है, लेकिन अब इसका पतन हो रहा है, क्योंकि कई सूती वस्त्र मिलों को रूग्ण इकाई घोषित कर दिया गया हैं नए विकासशील उद्योगों में धातु, रसायन, वाहन, इलेक्ट्रानिक्स, इंजीनियरिंग और कई प्रकार के सहायक उद्यम शामिल हैं। शाद्य प्रसंस्करण, काग़ज़—निर्माण, छपाई और प्रकाशन जैसे शहरी उद्योग भी रोज़ग़ार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हैं। सेवा और अनौपचारिक क्षेत्र में 20वीं शताब्दी के अन्तिम दशक में काफ़ी विस्तार हुआ है।&lt;br /&gt;
====वाणिज्य और वित्त====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Hotel-Taj-Mumbai.jpg|thumb|left|250px|[[ताजमहल होटल मुंबई|होटल ताज]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Hotel Taj, Mumbai]]&lt;br /&gt;
देश का केन्द्रीय बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक, कई अन्य व्यावसायिक बैंक और सरकारी बान्डों व निजी शेयरों में देश के सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेशक राष्ट्रीयकृत उद्यम भारतीय जीवन बीमा निगम और दीर्घकालीन निवेश से जुड़े प्रमुख वित्तीय संस्थान मुम्बई में स्थित हैं। इस कारण इस शहर में कई वित्तीय और व्यापारिक सेवाएँ उपलब्ध हैं। मुम्बई स्टाक एक्सचेन्ज देश का अग्रणी स्टाक और शेयर बाज़ार है। हालाँकि आज़ादी के बाद देश भर में कई आर्थिक केन्द्र पनपे हैं, जिसके कारण इस एक्सचेन्ज का उतना महत्व नहीं रहा। फिर भी वित्तीय व अन्य व्यापारिक कारोबार के मामले में यह प्रमुख केन्द्र है और देश की अर्थ-व्यवस्था के पैमाने की भूमिका निभाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====परिवहन====&lt;br /&gt;
मुम्बई सड़क संजाल द्वारा भारत के अन्य हिस्सों से जुड़ा हुआ है। यह पश्चिम तथा मध्य रेलवे का मुख्यालय है और इस नगर से चलने वाली रेलगाड़ियाँ भारत के सभी हिस्सों तक सामान व यात्रियों को ले जाती हैं। छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कई विदेशी हवाई सेवाओं के आगमन का महत्वपूर्ण स्थल है। जबकि निकटस्थ सान्ताक्रूज़ हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानें भरी जाती हैं। मुम्बई में भारत के अंतर्राष्ट्रीय हवाई यातायात का 60 प्रतिशत और घरेलू यातायात का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा केन्द्रित है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-Chhatrapati-Shivaji-Terminus.jpg|thumb|250px|[[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस मुंबई|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt;Chhatrapati Shivaji Terminus, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ के बंदरगाह पर उपलब्ध सुविधाओं ने मुम्बई को देश का प्रमुख पश्चिमी बंदरगाह बना दिया है। हालाँकि पश्चिमी तट पर मुम्बई के उत्तर में कांडला और दक्षिण में गोवा व कोच्चि जैसे कई अन्य प्रमुख बंदरगाह बन गए हैं, लेकिन यहाँ से अब भी भारत के समुद्री व्यापार का 40 प्रतिशत हिस्सा संचालित होता है। दो उपनगरीय विद्युत रेलप्रणालियाँ मुख्य सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराती हैं और रोज़ महानगरीय क्षेत्र के लाखों लोगों को ढोती हैं। मुम्बई में नगरपालिका के स्वामित्व वाली बस सेवा भी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रशासनिक एवं सामाजिक विशेषताएँ==&lt;br /&gt;
====सरकार====&lt;br /&gt;
[[महाराष्ट्र]] की राजधानी के रूप में यह शहर राज्य प्रशासन का समेकित राजनीतिक खण्ड है, जिसके मुख्यालय को मंत्रालय कहा जाता है। राज्य सरकार पुलिस बल को नियंत्रित करती है और नगर के कुछ विभागों पर प्रशासनिक नियंत्रण रखती है। डाक एवं टेलीग्राफ़ प्रणाली, रेल, बंदरगाह और हवाई अड्डों जैसे संचार साधनों पर केन्द्र सरकार का नियंत्रण है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-High-Court.jpg|thumb|left|250px|[[बंबई उच्च न्यायालय]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Mumbai High Court]]&lt;br /&gt;
मुम्बई में भारतीय नौसेना की पश्चिमी कमान का मुख्यालय भी है और यह भारतीय फ़्लैगशिप का बेस भी है। शहर का प्रशासन वृहद (ग्रेटर) मुम्बई के पूर्णतःस्वायत्त नगर निगम के अंतर्गत है। इसकी विधायी संस्था का निर्वाचन हर चार वर्ष में वयस्क मताधिकार द्वारा होता है और यह विभिन्न स्थायी समितियों के माध्यम से काम करती है। राज्य सरकार के द्वारा तीन वर्षों के लिए नियुक्त मुख्य कार्यकारी यहाँ का निगम आयुक्त होता है। महापौर का चुनाव हर वर्ष नगर निगम द्वारा किया जाता है; महापौर निगम की बैठकों की अध्यक्षता करता है और शहर में सर्वाधिक सम्मानित माना जाता है, लेकिन वस्तुतः उसके पास कोई सत्ता नहीं होती।&lt;br /&gt;
====जनसुविधाएँ====&lt;br /&gt;
निगम के कई कार्यों में चिकित्सा सेवा, शिक्षा, जलापूर्ति, अग्निशमन, कचरे की व्यवस्था, बाज़ार, उद्यान और इंजीनियरिंग परियोजनाओं का, जैसे निकास तथा सड़कों व गलियों में प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाना, काम शामिल हैं। नगर निगम शहर में यातायात प्रणाली और विद्युत आपूर्ति को संचालित करता है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Brabourne-Stadium-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[ब्रेबोर्न स्टेडियम]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Brabourne Stadium, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ सरकार और निजी क्षेत्र की एजेंसियों के द्वारा एक ग्रिड प्रणाली के ज़रिये बिजली शहर में वितरित की जाती है। जलापूर्ति व्यवस्था भी नगर निगम के द्वारा संचालित की जाती है और यह मुख्यतः निकटस्थ ठाणे ज़िले की तांसा झील, तुलसी व विहार झीलों से प्राप्त किया जाता है। मूलतः जलापूर्ति के लिए निर्मित पवई झील कारगर साबित नहीं हुई, क्योंकि इसका पानी पीने योग्य नहीं है।&lt;br /&gt;
====स्वास्थ्य====&lt;br /&gt;
इस शहर में 100 से अधिक अस्पताल हैं, जिनमें केन्द्र, राज्य सरकार और निगम संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पताल और कई (क्षय-रोग, कैन्सर और ह्रदय रोगों के लिए) विशेष संस्थान शामिल हैं, यहाँ पर कई अग्रणी निजी अस्पताल भी हैं। यहाँ हेफ़काइन इंस्टिट्यूट भी है, जो एक अग्रणी बैक्टीरिया अनुसन्धान केन्द्र है, इसे उष्णकटिबन्धीय बीमारियों में विशिष्टता प्राप्त है।&lt;br /&gt;
====सुरक्षा====&lt;br /&gt;
शहर के पुलिस बल का प्रमुख पुलिस आयुक्त होता है, जो मुम्बई में क़ानून एवं व्यवस्था के लिए ज़िम्मेदार होता है, प्रशासनिक रूप से वह राज्य के गृह सचिव के प्रति जवाबदेह होता है।&lt;br /&gt;
====शिक्षा====&lt;br /&gt;
मुम्बई की साक्षरता दर समूचे राष्ट्र की साक्षरता दर से काफ़ी अधिक हैं। प्राथमिक शिक्षा मुफ़्त व अनिवार्य है और यह नगर निगम का दायित्व है। माध्यमिक शिक्षा सरकारी व निजी विद्यालयों द्वारा सरकार की देखरेख में कराई जाती है। यहाँ सार्वजनिक एवं निजी पालिटेक्निक व संस्थान हैं, जो विद्यार्थियों को यांत्रिकी, विद्युत तथा रासायनिक इंजीनियरी में विभिन्न डिग्री व डिप्लोमा देते हैं। केन्द्र सरकार के द्वारा संचालित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई. आई. टी.) भी यहाँ पर स्थित है। अन्य इंजीनियरिंग कालेजों में:-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Kanheri-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[कन्हेरी गुफाएँ मुम्बई|कन्हेरी गुफाएँ]], मुम्बई]] &lt;br /&gt;
*सरदार पटेल कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलाज़िकल इंस्टिट्यूट, &lt;br /&gt;
*के. जी. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*एम. एच. एस. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*डी. जे. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*थोडोमल शाही इंजीनियरिंग कालेज और &lt;br /&gt;
*विवेकानन्द इंस्टिट्यूट आफ़ टेक्नोलोज़ी शामिल हैं। &lt;br /&gt;
1857 में स्थापित बाम्बे विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कला, विज्ञान, वाणिज्य व शिक्षा सम्बन्धी महाविद्यालय, चिकित्सा, होमियोपैथी, यूनानी चिकित्सा, फ़ार्मेसी व दन्त चिकित्सा महाविद्यालय, वास्तुशिल्प, शारीरिक शिक्षा एवं प्रबन्धन संस्थान हैं। मुम्बई में महिलाओं के लिए एस. एन. डी. टी. विश्वविद्यालय भी है। 1857 में स्थापित बाम्बे विश्वविद्यालय से बहुत से महाविद्यालय और कई शिक्षण विभाग जुड़े हुए हैं। [[गोवा]] में स्थित बहुत से महाविद्यालय इस विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====सांस्कृतिक जीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Rajabai-Tower-Mumbai.jpg|thumb|left|250px|[[राजाबाई घंटाघर]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Rajabai Tower, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुम्बई का सांस्कृतिक जीवन इसकी जातीय विविधतायुक्त जनसंख्या को प्रतिबिम्बित करता है। शहर में बहुत से संग्रहालय, पुस्तकालय, साहित्यिक एवं कई अन्य सांस्कृतिक संस्थान, कला, दीर्घाएँ व रंगशालाएँ हैं। भारत का कोई अन्य शहर अपनी सांस्कृतिक एवं मनोरंजन सुविधाओं के मामले में इतनी उच्च श्रेणी की विविधता और गुणवत्ता का शायद ही दावा कर सके। मुम्बई भारतीय फ़िल्म उद्योग का गढ़ है। साल भर यहाँ पश्चिमी व भारतीय संगीत सम्मेलन एवं महोत्सव और भारतीय नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इंडो—सार्सेनिक वास्तुशिल्प की एक इमारत में द प्रिंस आफ़ वेल्स म्यूज़ियम आफ़ वेस्टर्न इंडिया है, जिसमें कला, पुरातत्व व प्राकृतिक इतिहास के तीन प्रमुख विभाग हैं। निकट ही जहाँगीर आर्ट गैलरी है, जो मुम्बई की पहली स्थायी कला दीर्घा है और सांस्कृतिक व शैक्षिक गतिविधियों का केन्द्र है। मुम्बई भारतीय मुद्रण उद्योग का महत्वपूर्ण केन्द्र है और यहाँ सशक्त प्रेस है। यहाँ अंग्रेज़ी, मराठी, हिन्दी, गुजराती, सिन्धी व उर्दू में समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं। बहुत-सी मासिक, पाक्षिक व साप्ताहिक पत्रिकाएँ भी यहाँ से प्रकाशित होती हैं। आल-इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) का क्षेत्रीय केन्द्र भी मुम्बई में ही है और इस शहर के लिए दूरदर्शन सेवाएँ 1972 में शुरू हुईं। शहर के उत्तर में कृष्णगिरि वन एक राष्ट्रीय उद्यान और छुट्टियाँ बिताने के लिए ख़ूबसूरत सैरगाह है, कन्हेरी गुफ़ाओं के निकट एक प्राचीन बौद्ध विश्वविद्यालय था, यहाँ 100 से अधिक गुफ़ाओं में दूसरी से नौवीं शताब्दी तक के विशालकाय बौद्ध मूर्तिशिल्प हैं। यहाँ पर कई सार्वजनिक उद्यान हैं। जिसमें जीजामाता उद्यान शामिल है, यहाँ पर मुम्बई का चिड़ियाघर स्थित है, यहाँ पर बैपटिस्टा गार्डन भी है, जो मज़गाँव में एक जलाशय पर स्थित है; इसके अलावा मालाबार हिल पर स्थित फ़िरोज़शाह मेहता गार्डन, कमला नेहरू पार्क व स्लोपिंग पार्क हैं। समूचे भारत में लोकप्रिय क्रिक्रेट के मैच भारतीय क्रिकेट क्लव (ब्रेबोर्न स्टेडियम) और वानखेड़े स्टेडियम में खेले जाते हैं। दौड़ व साइकिल चालन प्रतियोगिताएँ वल्लभ भाई पटेल स्टेडियम में आयोजित की जाती है। स्नान व तैराकी के लिए जुहू समुद्र तट एक प्रसिद्ध स्थान है।&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
मछुआरों की मूल जनजाति, कोली यहाँ के आरम्भिक ज्ञात निवासी थे, हालाँकि वृहद मुम्बई के कान्दीवली में पाए गए पुरापाषाण काल के पत्थर के औज़ार यहाँ पाषाण काल के दौरान मानव बस्ती की ओर संकेत करते हैं। प्राचीन यूनानी खगोलशास्त्री व भूगोलविज्ञानी टालेमी के समय में यह क्षेत्र हेप्टेनिशिया के रूप में जाना जाता था और यह 1000 वर्ष ई. पू. में फ़ारस व [[मिस्र]] के साथ समुद्री व्यापार का प्रमुख केन्द्र था। तीसरी शताब्दी ई. पू. में यह अशोक के साम्राज्य का हिस्सा था और छठी से आठवीं शताब्दी में यहाँ चालुक्यों का शासन रहा, जिन्होंने अपनी छाप घरपुरी (एलीफ़ेन्टा द्वीप) पर छोड़ी। मालाबार पाइन्ट पर बना वाकेश्वर मन्दिर सम्भवतः कोंकण तट के शिलाहर प्रमुखों के शासन (9वीं से 13वीं शताब्दी) के दौरान निर्मित किया गया था। दोगिरि के यादवों (1187-1318) के समय में इस द्वीप (जो बाम्बे द्वीप बना) पर महिकावती (माहिम) बस्ती की स्थापना हुई, जो 1924 में हिन्दुस्तान के [[ख़िलजी वंश]] के आक्रमणों के जवाब में बनाई गई। इन्हीं के वंशज वर्तमान मुम्बई में पाए जाते हैं और बहुत से स्थानों के नाम आज भी उसी युग से हैं। 1348 में आक्रमणकारी मुस्लिम सेनाओं ने इस द्वीप को जीत लिया और यह [[गुजरात]] राज्य का हिस्सा बन गया। माहिम को जीतने की पुर्तग़ाली कोशिश 1507 में असफल रही, लेकिन 1534 में गुजरात के शासक सुल्तान बहादुरशाह ने यह द्वीप पुर्तग़ालियों को सौंप दिया। 1661 में किंग चार्ल्स द्वितीय व पुर्तग़ाल के राजा की बहन कैथरीन आफ़ ब्रैगेंज़ा के विवाह के बाद यह ब्रिटिश नियंत्रण में आ गया। राजा ने इसे 1668 में ईस्ट इंडिया कम्पनी को सत्तांतरित कर दिया। शुरूआत में कलकत्ता (वर्तमान [[कोलकाता]]) व मद्रास (वर्तमान [[चेन्नई]]) की तुलना में बंबई कम्पनी की बहुत बड़ी सम्पत्ति ने होकर केवल पश्चिमी तट पर कम्पनी की पैर जमाए रखने में सहायता करता था। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Flora-Fountain-Mumbai.jpg|thumb|300px|[[फ़्लोरा फ़ाउंटेन मुंबई|फ़्लोरा फ़ाउंटेन]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Flora Fountain, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुख्य भूमि पर मुग़ल, मराठा व गुजरात के प्रादेशिक शासक अधिक शक्तिशाली थे। यहाँ तक कि ब्रिटिश नौसेना का मुग़लों, मराठों, पुर्तगालियों व डचों से कोई मुक़ाबला नहीं था। 19वीं शताब्दी के आरम्भ तक बाहरी घटनाओं ने शहर के तेज़ विकास में सहायता की। [[दिल्ली]] में मुग़ल शक्ति के पतन, मुग़ल-मराठा प्रतिद्वन्द्विता और गुजरात में मौजूद अस्थिरता ने कारीगरों व व्यापारियों को शरण लेने के लिए इस द्वीप पर जाने को मज़बूर किया और इस प्रकार मुम्बई का विकास शुरू हुआ। मराठा शक्ति के विनाश के साथ मुख्यभूमि से व्यापार व संचार स्थापित हुआ और उसका यूरोप तक विस्तार किया गया, जिससे समृद्धी की शुरुआत हुई। 1857 में पहली कताई व बुनाई मिल स्थापित की गई और 1860 तक मुम्बई भारत का विशालतम सूती वस्त्र बाज़ार बन गया। अमेरिकी नागरिक युद्ध (1861-65) और ब्रिटेन को किए जा रहे कपास की आपूर्ति रुक जाने से मुम्बई के व्यापार में उछाल आया। लेकिन नागरिक युद्ध के समाप्त होने के बाद कपास के दामों में भारी कमी आई तथा व्यापार में तेज़ी ख़त्म हो गई। तब तक हालाँकि अतःक्षेत्र खोले जा चुके थे और मुम्बई आयात व्यापार का मज़बूत केन्द्र बन चुका था। &lt;br /&gt;
1869 में स्वेज़ नहर के खुलने के साथ ही मुम्बई में समृद्धि आई, हालाँकि जनसंख्या बढ़ने के साथ-साथ झुग्गियों और अस्वच्छ स्थितियों में भी कई गुना वृद्धि हुई। 1896 में यहाँ प्लेग का प्रकोप फैला और नए क्षेत्रों में बस्तियाँ बसाने व कामगार वर्ग के लिए आवास की व्यवस्था करने के लिए सिटी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की स्थापना की गई। 525 हेक्टेयर क्षेत्र को घेरने के लिए तटबन्ध बनाने की महत्वाकांक्षी योजना का 1918 में प्रस्ताव किया गया, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारत में अपने क़िस्म की पहली दोतरफ़ा सड़क नेताजी सुभाष मार्ग, जो नरीमन प्वाइंट से मालाबार प्वाइंट तक है, के बन जाने तक यह पूरा नहीं हो सका। युद्ध के बाद के वर्षों में उपनगरीय क्षेत्रों में आवासीय इकाइयों के विकास की शुरूआत हुई और नगर निगम के माध्यम से मुम्बई नगर के प्रशासन को वृहत मुम्बई के उपनगरों तक विस्तारित किया गया। यह शहर भूतपूर्व बाम्बे प्रेज़िडेन्सी व बाम्बे राज्य की राजधानी रह चुका है और 1960 में इसे महाराष्ट्र राज्य की राजधानी बनाया गया।&lt;br /&gt;
19वीं सदी के अन्त व 20 शताब्दी के आरम्भ में मुम्बई भारतीय राष्ट्रवादी और क्षेत्रीय राजनीतिक गतिविधियों का केन्द्र था। 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (स्वतंत्रता प्राप्ति तक भारत समर्थक और ब्रिटिश विरोधी भावनाओं का केन्द्रीय दल) का पहला अधिवेशन इस नगर में हुआ, जिसके बाद 1942 के अधिवेशन में कांग्रेस ने 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किया, जिससे भारत की पूर्ण स्वतंत्रता की माँग की गई थी। 1956 से 1960 तक मुम्बई में मुम्बई राज्य के ब्रिटिश उपनिवेशवाद से विरासत में मिले द्विभाषीय (मराठी--गुजराती) स्वरूप के ख़िलाफ़ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और इसके बाद विभाजन हुआ, जिससे गुजरात व महाराष्ट्र के आधुनिक राज्यों का निर्माण हुआ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==जनसंख्या==&lt;br /&gt;
मुम्बई की जनसंख्या (2001) 33,26,837 है और मुम्बई उपनगरीय क्षेत्र की जनसंख्या 85,87,561 है।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति &lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=माध्यमिक1&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र  के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
{{भारतीय महानगर}}&lt;br /&gt;
{{प्रदेशों की राजधानी}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_ऐतिहासिक_नगर]][[Category:महाराष्ट्र_के_नगर]][[Category:भारत के नगर]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्रदेशों की राजधानियाँ]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8&amp;diff=77890</id>
		<title>मुम्बई पर्यटन</title>
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		<updated>2010-10-18T07:06:32Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम=मुम्बई&lt;br /&gt;
|पर्यटन=मुम्बई पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला=मुम्बई ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास=मुम्बई प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
[[मुंबई]] शहर, भूतपूर्व बंबई, [[महाराष्ट्र]] राज्य की राजधानी है। यह दक्षिण-पश्चिम [[भारत]] देश का वित्तीय व वाणिज्यिक केंद्र और [[अरब सागर]] में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। मुंबई दुनिया के विशालतम व सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। मुम्बई को पहले बॉम्बे के नाम से जाना जाता था। मुम्बई शहर को बिजनेस केपिटल ऑफ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ देश के प्रमुख वित्तीय और संचार केन्द्र है। भारत का सबसे बड़ा शेयर बाजार, जिसका विश्व में तीसरा स्थान है मुम्बई में ही स्थित है। मुम्बई भारत के पश्चिमी समुद्रतट पर स्थित है। यह [[अरब सागर]] के सात द्वीपों का एक हिस्सा है। मुम्बई सामान्य रूप से सात द्वीपों जिनके नाम [[कोलाबा]], [[माजागाँव]], [[ओल्ड वूमन द्वीप]], [[वाडाला]], [[माहीम]], [[पारेल]] और [[माटूंगा-सायन]] पर स्थित है। सन् 1661 में [[इंग्लैंड]] के महाराजा [[चार्ल्‍स]] ने [[पुर्तग़ाल]] की राजकुमारी कैटरीना डे ब्रिगेंजा से शादी की थी। शादी में दहेज के रूप में चार्ल्‍स को बम्बई शहर मिला था, जो वर्तमान समय में मुम्बई के नाम से जाना जाता है। लेकिन सन् 1668 में मुम्बई [[ईस्ट इंडिया कम्पनी]] के हाथों में चला गया। सन् 1868 में महारानी विक्टोरिया ने शहर के प्रशासन को ईस्ट इंडिया कम्पनी से वापस ले लिया। मुंबई पर्यटन के लिए भी विश्व विख्यात हैं। जहाँ लोग दूर-दूर से घूमने के लिए आते है। यहाँ पर कई पर्यटन स्थल है जो इस प्रकार है:- &lt;br /&gt;
==पर्यटन स्थल== &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जोगेश्‍वरी गुफ़ा&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जोगेश्‍वरी गुफ़ा मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा 1500 साल पुरानी है। &lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा मंदिर में विशाल केंद्रीय हॉल भी है। &lt;br /&gt;
*इसके अतिरिक्त [[हनुमान]], देवी माता, [[जोगेश्‍वरी]] और [[गणेश]] जी की मूर्तियाँ भी यहाँ स्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हेंगिग गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हेंगिग गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*हेंगिग गार्डन को फ़िरोजशाह मेहता गार्डन के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*यह मंदिर महालक्ष्मी समुद्र के बिल्कुल करीब स्थित है।&lt;br /&gt;
*इस मंदिर में तीन बहुत ही सुंदर मूर्तियाँ है। &lt;br /&gt;
*मंदिर के गर्भगृह में [[महालक्ष्मी देवी|महालक्ष्मी]], [[काली|महाकाली]] एवं [[सरस्वती|महासरस्वती]] तीनों देवियों की प्रतिमाएँ एक साथ विद्यमान हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;गेटवे ऑफ़ इंडिया&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|गेटवे ऑफ़ इंडिया}}&lt;br /&gt;
*गेटवे आफॅ इंडिया की रूपरेखा जार्ज विककेट ने तैयार की थी और इसका निर्माण किंग जार्ज और क्वीन मैरी ने 1911 में करवाया था। &lt;br /&gt;
*गेटवे ऑफ़ इंडिया मुम्बई का बहुत ही प्रसिद्ध स्थान है। &lt;br /&gt;
*यह अपोलो बंडर के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;फ़्लोरा फ़ाउंटेन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|फ़्लोरा फ़ाउंटेन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*फ़ाउंटेन का नाम [[रोम]] में समृद्धि के [[देवता]] के नाम पर पड़ा था।&lt;br /&gt;
*अब यह फ़ाउंटेन उस क्षेत्र में है, जहाँ [[महाराष्ट्र]] राज्य के लिए शहीद होने वालों की याद में स्मारक बनाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जूहू चौपाटी&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जूहू चौपाटी मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जूहू बीच मुम्बई का सबसे प्रसिद्ध बीच है। &lt;br /&gt;
*यह मुम्बई से तीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*चौपाटी बीच मारीन ड्राईव में स्थित है। यह जगह मुम्बईवासियों की पहली पंसद है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हाजी अली दरगाह&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हाजी अली दरगाह}}&lt;br /&gt;
*हाजी अली [[महाराष्ट्र]] राज्य के [[मुंबई]] शहर में एक मशहूर मस्जिद एवं दरगाह है।&lt;br /&gt;
*यह स्थान अरबियन समुद्र के समुद्र तट पर बने [[महालक्ष्मी मंदिर मुंबई|महालक्ष्मी मंदिर]] के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;माउंट मेरी चर्च&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|माउंट मेरी चर्च मुंबई}}&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च मुंबई शहर के विशिष्ट और भव्य चर्चों में से एक है।&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च 1640 में बनाया गया था और फ़िर इसे गिरा दिया गया और 1761 में इसे दुबारा बनाया गया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी रेस कोर्स&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी रेस कोर्स मुंबई}}&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स महालक्ष्मी समुद्र तट के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स विश्‍व के प्रसिद्ध रेस कोर्स में से एक है। &lt;br /&gt;
====नेहरू प्लेनेटेरीयम और विज्ञान केन्द्र====&lt;br /&gt;
{{Main|नेहरू प्लेनेटेरीयम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटरीयम को विज्ञान केन्द्र के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम वर्ली में स्थित है।&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम का नाम पंडित [[जवाहर लाल नेहरू]] की मृत्यु के बाद रखा गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय मुंबई}}&lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय [[गेटवे ऑफ़ इंडिया मुंबई|गेटवे ऑफ़ इंडिया]] से बस थोड़ी सी दूरी पर स्थित है। &lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय में [[शिल्पकला]], [[मूर्तिकला]], चाइना और प्राचीन इत्यादि सम्बन्धित बहुमूल्य संग्रह है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;तारापोरवाला एक्वेरियम&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|तारापोरवाला एक्वेरियम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम मरीन ड्राईव में स्थित है। &lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम में अलग-अलग आकार, प्रकार और [[रंग]] की मछलियाँ हैं।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;विक्टोरिया गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|विक्टोरिया गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन में रोचक वनस्पतियों और जीवों का संग्रह है। &lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन वनस्पतिक और प्राणी [[विज्ञान]] से सम्बन्धित बगीचा हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====एलिफेंटा की गुफाएँ====&lt;br /&gt;
{{Main|एलिफेंटा की गुफाएँ}}&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर से 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ मुम्‍बई महानगर के पास स्थित पर्यटकों का एक बड़ा आकर्षण केन्‍द्र हैं।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ को घारापुरी के पुराने नाम से जाना जाता है जो कोंकणी मौर्य की द्वीप राजधानी थी।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;एसेल वर्ल्‍ड&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|एसेल वर्ल्‍ड मुंबई}}&lt;br /&gt;
*एसेल  वर्ल्‍ड गौरी बीच के समीप स्थित है। &lt;br /&gt;
*एसेल वर्ल्‍ड [[भारत]] का सबसे बड़ा मनोरंजन पार्क है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;मुंबा देवी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|मुंबा देवी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*मुंबा देवी मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना है। &lt;br /&gt;
*मुंबई का नाम ही [[मराठी भाषा|मराठी]] में मुंबा आई यानि मुंबा माता के नाम से निकला है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;ताजमहल होटल&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|ताजमहल होटल मुंबई}}&lt;br /&gt;
*ताज होटल मुंबई के अपोलो बंडर में स्थीत है।&lt;br /&gt;
*ताज महल होटल 104 साल पुरानी इमारत है। &lt;br /&gt;
*ताज होटल में 565 कमरे हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://yatrasalah.com/touristPlaces.aspx?id=28 |title=बिजनेस केपिटल ऑफ इंडिया |accessmonthday=[[18 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=यात्रा सलाह |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र मुंबई}}&lt;br /&gt;
*भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र [[मुम्बई]] में स्थित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] सरकार के [[परमाणु]] [[ऊर्जा]] विभाग के अन्तर्गत नाभिकीय [[विज्ञान]] एवं अभियांत्रिकी एवं अन्य सम्बन्धित क्षेत्रों का बहु-विषयी नाभिकीय अनुसंधान केन्द्र है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;नरीमन पाइंट&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|नरीमन पाइंट मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नरीमन पॉइंट मुंबई का सबसे प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है। &lt;br /&gt;
*इसका यह नाम एक पारसी दूरदर्शक खुर्शीद फ़्राम्जी नरीमन के नाम पर रखा गया। &lt;br /&gt;
*1995 में यहाँ वाणिज्यिक अचल संपत्ति किराया 8750 रू॰ प्रति वर्ग फुट था।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;कन्हेरी गुफाएँ&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|कन्हेरी गुफाएँ मुंबई}}&lt;br /&gt;
*कन्हेरी गुफाएँ मुंबई शहर के पश्चिमी क्षेत्र में बसे बोरीवली के उत्तर में स्थित हैं। &lt;br /&gt;
*ये संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के परिसर में ही स्थित हैं और मुख्य उद्यान से 6 कि.मी और बोरीवली स्टेशन से 7 कि.मी दूर हैं। &lt;br /&gt;
*ये गुफ़ाएँ [[बौद्ध]] कला दर्शाती हैं। &lt;br /&gt;
*कन्हेरी शब्द कृष्णागिरी यानी [[काला पर्वत]] से निकला है। &lt;br /&gt;
*इनको बड़े बड़े बेसाल्ट की चट्टानों से बनाया गया है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://mallar.wordpress.com/2010/03/17/%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82/#comment-2709 |title=कन्हेरी की गुफाएं |accessmonthday=[[15 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first=सुब्रमणियन |authorlink= |format= |publisher=वर्डप्रेस |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;छत्रपति शिवाजी टर्मिनस&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस मुंबई}}&lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को पहले विक्‍टोरिया टर्मिनस के नाम से जाना जाता था। &lt;br /&gt;
*छत्रपति [[शिवाजी]] टर्मिनस अपने लघु नाम वी.टी., या सी.एस.टी. से अधिक प्रचलित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] की वाणिज्यिक राजधानी [[मुंबई]] का एक ऐतिहासिक रेलवे-स्टेशन है, जो मध्य रेलवे, भारत का मुख्यालय भी है। &lt;br /&gt;
*यह भारत के व्यस्ततम स्टेशनों में से एक है। &lt;br /&gt;
*आंकड़ों के अनुसार यह स्टेशन [[ताजमहल]] के बाद भारत का सर्वाधिक छायाचित्रित स्मारक है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://bharat.gov.in/knowindia/chhatrapati_shivaji_terminus.php |title=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस |accessmonthday=[[18 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=अधिकारिक वेबसाइट |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8&amp;diff=77865</id>
		<title>मुम्बई पर्यटन</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8&amp;diff=77865"/>
		<updated>2010-10-18T06:41:24Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* कन्हेरी गुफाएँ */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम=मुम्बई&lt;br /&gt;
|पर्यटन=मुम्बई पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला=मुम्बई ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास=मुम्बई प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
[[मुंबई]] शहर, भूतपूर्व बंबई, [[महाराष्ट्र]] राज्य की राजधानी है। यह दक्षिण-पश्चिम [[भारत]] देश का वित्तीय व वाणिज्यिक केंद्र और [[अरब सागर]] में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। मुंबई दुनिया के विशालतम व सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। मुम्बई को पहले बॉम्बे के नाम से जाना जाता था। मुम्बई शहर को बिजनेस केपिटल ऑफ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ देश के प्रमुख वित्तीय और संचार केन्द्र है। भारत का सबसे बड़ा शेयर बाजार, जिसका विश्व में तीसरा स्थान है मुम्बई में ही स्थित है। मुम्बई भारत के पश्चिमी समुद्रतट पर स्थित है। यह [[अरब सागर]] के सात द्वीपों का एक हिस्सा है। मुम्बई सामान्य रूप से सात द्वीपों जिनके नाम [[कोलाबा]], [[माजागाँव]], [[ओल्ड वूमन द्वीप]], [[वाडाला]], [[माहीम]], [[पारेल]] और [[माटूंगा-सायन]] पर स्थित है। सन् 1661 में [[इंग्लैंड]] के महाराजा [[चार्ल्‍स]] ने [[पुर्तग़ाल]] की राजकुमारी कैटरीना डे ब्रिगेंजा से शादी की थी। शादी में दहेज के रूप में चार्ल्‍स को बम्बई शहर मिला था, जो वर्तमान समय में मुम्बई के नाम से जाना जाता है। लेकिन सन् 1668 में मुम्बई [[ईस्ट इंडिया कम्पनी]] के हाथों में चला गया। सन् 1868 में महारानी विक्टोरिया ने शहर के प्रशासन को ईस्ट इंडिया कम्पनी से वापस ले लिया। मुंबई पर्यटन के लिए भी विश्व विख्यात हैं। जहाँ लोग दूर-दूर से घूमने के लिए आते है। यहाँ पर कई पर्यटन स्थल है जो इस प्रकार है:- &lt;br /&gt;
==पर्यटन स्थल== &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जोगेश्‍वरी गुफ़ा&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जोगेश्‍वरी गुफ़ा मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा 1500 साल पुरानी है। &lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा मंदिर में विशाल केंद्रीय हॉल भी है। &lt;br /&gt;
*इसके अतिरिक्त [[हनुमान]], देवी माता, [[जोगेश्‍वरी]] और [[गणेश]] जी की मूर्तियाँ भी यहाँ स्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हेंगिग गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हेंगिग गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*हेंगिग गार्डन को फ़िरोजशाह मेहता गार्डन के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*यह मंदिर महालक्ष्मी समुद्र के बिल्कुल करीब स्थित है।&lt;br /&gt;
*इस मंदिर में तीन बहुत ही सुंदर मूर्तियाँ है। &lt;br /&gt;
*मंदिर के गर्भगृह में [[महालक्ष्मी देवी|महालक्ष्मी]], [[काली|महाकाली]] एवं [[सरस्वती|महासरस्वती]] तीनों देवियों की प्रतिमाएँ एक साथ विद्यमान हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;गेटवे ऑफ़ इंडिया&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|गेटवे ऑफ़ इंडिया}}&lt;br /&gt;
*गेटवे आफॅ इंडिया की रूपरेखा जार्ज विककेट ने तैयार की थी और इसका निर्माण किंग जार्ज और क्वीन मैरी ने 1911 में करवाया था। &lt;br /&gt;
*गेटवे ऑफ़ इंडिया मुम्बई का बहुत ही प्रसिद्ध स्थान है। &lt;br /&gt;
*यह अपोलो बंडर के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;फ़्लोरा फ़ाउंटेन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|फ़्लोरा फ़ाउंटेन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*फ़ाउंटेन का नाम [[रोम]] में समृद्धि के [[देवता]] के नाम पर पड़ा था।&lt;br /&gt;
*अब यह फ़ाउंटेन उस क्षेत्र में है, जहाँ [[महाराष्ट्र]] राज्य के लिए शहीद होने वालों की याद में स्मारक बनाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जूहू चौपाटी&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जूहू चौपाटी मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जूहू बीच मुम्बई का सबसे प्रसिद्ध बीच है। &lt;br /&gt;
*यह मुम्बई से तीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*चौपाटी बीच मारीन ड्राईव में स्थित है। यह जगह मुम्बईवासियों की पहली पंसद है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हाजी अली दरगाह&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हाजी अली दरगाह}}&lt;br /&gt;
*हाजी अली [[महाराष्ट्र]] राज्य के [[मुंबई]] शहर में एक मशहूर मस्जिद एवं दरगाह है।&lt;br /&gt;
*यह स्थान अरबियन समुद्र के समुद्र तट पर बने [[महालक्ष्मी मंदिर मुंबई|महालक्ष्मी मंदिर]] के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;माउंट मेरी चर्च&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|माउंट मेरी चर्च मुंबई}}&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च मुंबई शहर के विशिष्ट और भव्य चर्चों में से एक है।&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च 1640 में बनाया गया था और फ़िर इसे गिरा दिया गया और 1761 में इसे दुबारा बनाया गया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी रेस कोर्स&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी रेस कोर्स मुंबई}}&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स महालक्ष्मी समुद्र तट के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स विश्‍व के प्रसिद्ध रेस कोर्स में से एक है। &lt;br /&gt;
====नेहरू प्लेनेटेरीयम और विज्ञान केन्द्र====&lt;br /&gt;
{{Main|नेहरू प्लेनेटेरीयम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटरीयम को विज्ञान केन्द्र के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम वर्ली में स्थित है।&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम का नाम पंडित [[जवाहर लाल नेहरू]] की मृत्यु के बाद रखा गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय मुंबई}}&lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय [[गेटवे ऑफ़ इंडिया मुंबई|गेटवे ऑफ़ इंडिया]] से बस थोड़ी सी दूरी पर स्थित है। &lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय में [[शिल्पकला]], [[मूर्तिकला]], चाइना और प्राचीन इत्यादि सम्बन्धित बहुमूल्य संग्रह है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;तारापोरवाला एक्वेरियम&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|तारापोरवाला एक्वेरियम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम मरीन ड्राईव में स्थित है। &lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम में अलग-अलग आकार, प्रकार और [[रंग]] की मछलियाँ हैं।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;विक्टोरिया गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|विक्टोरिया गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन में रोचक वनस्पतियों और जीवों का संग्रह है। &lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन वनस्पतिक और प्राणी [[विज्ञान]] से सम्बन्धित बगीचा हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====एलिफेंटा की गुफाएँ====&lt;br /&gt;
{{Main|एलिफेंटा की गुफाएँ}}&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर से 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ मुम्‍बई महानगर के पास स्थित पर्यटकों का एक बड़ा आकर्षण केन्‍द्र हैं।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ को घारापुरी के पुराने नाम से जाना जाता है जो कोंकणी मौर्य की द्वीप राजधानी थी।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;एसेल वर्ल्‍ड&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|एसेल वर्ल्‍ड मुंबई}}&lt;br /&gt;
*एसेल  वर्ल्‍ड गौरी बीच के समीप स्थित है। &lt;br /&gt;
*एसेल वर्ल्‍ड [[भारत]] का सबसे बड़ा मनोरंजन पार्क है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;मुंबा देवी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|मुंबा देवी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*मुंबा देवी मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना है। &lt;br /&gt;
*मुंबई का नाम ही [[मराठी भाषा|मराठी]] में मुंबा आई यानि मुंबा माता के नाम से निकला है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;ताजमहल होटल&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|ताजमहल होटल मुंबई}}&lt;br /&gt;
*ताज होटल मुंबई के अपोलो बंडर में स्थीत है।&lt;br /&gt;
*ताज महल होटल 104 साल पुरानी इमारत है। &lt;br /&gt;
*ताज होटल में 565 कमरे हैं।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र मुंबई}}&lt;br /&gt;
*भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र [[मुम्बई]] में स्थित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] सरकार के [[परमाणु]] [[ऊर्जा]] विभाग के अन्तर्गत नाभिकीय [[विज्ञान]] एवं अभियांत्रिकी एवं अन्य सम्बन्धित क्षेत्रों का बहु-विषयी नाभिकीय अनुसंधान केन्द्र है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;नरीमन पाइंट&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|नरीमन पाइंट मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नरीमन पॉइंट मुंबई का सबसे प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है। &lt;br /&gt;
*इसका यह नाम एक पारसी दूरदर्शक खुर्शीद फ़्राम्जी नरीमन के नाम पर रखा गया। &lt;br /&gt;
*1995 में यहाँ वाणिज्यिक अचल संपत्ति किराया 8750 रू॰ प्रति वर्ग फुट था।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;कन्हेरी गुफाएँ&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|कन्हेरी गुफाएँ मुंबई}}&lt;br /&gt;
*कन्हेरी गुफाएँ मुंबई शहर के पश्चिमी क्षेत्र में बसे बोरीवली के उत्तर में स्थित हैं। &lt;br /&gt;
*ये संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के परिसर में ही स्थित हैं और मुख्य उद्यान से 6 कि.मी और बोरीवली स्टेशन से 7 कि.मी दूर हैं। &lt;br /&gt;
*ये गुफ़ाएँ [[बौद्ध]] कला दर्शाती हैं। &lt;br /&gt;
*कन्हेरी शब्द कृष्णागिरी यानी [[काला पर्वत]] से निकला है। &lt;br /&gt;
*इनको बड़े बड़े बेसाल्ट की चट्टानों से बनाया गया है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;छत्रपति शिवाजी टर्मिनस&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|छत्रपति शिवाजी टर्मिनस मुंबई}}&lt;br /&gt;
*छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को पहले विक्‍टोरिया टर्मिनस के नाम से जाना जाता था। &lt;br /&gt;
*छत्रपति [[शिवाजी]] टर्मिनस अपने लघु नाम वी.टी., या सी.एस.टी. से अधिक प्रचलित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] की वाणिज्यिक राजधानी [[मुंबई]] का एक ऐतिहासिक रेलवे-स्टेशन है, जो मध्य रेलवे, भारत का मुख्यालय भी है। &lt;br /&gt;
*यह भारत के व्यस्ततम स्टेशनों में से एक है। &lt;br /&gt;
*आंकड़ों के अनुसार यह स्टेशन [[ताजमहल]] के बाद भारत का सर्वाधिक छायाचित्रित स्मारक है।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88&amp;diff=77807</id>
		<title>मुम्बई</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88&amp;diff=77807"/>
		<updated>2010-10-18T05:15:24Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* अर्थव्यवस्था */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा पर्यटन&lt;br /&gt;
|चित्र=A-View-Of-Mumbai.jpg&lt;br /&gt;
|विवरण=&lt;br /&gt;
|राज्य=[[महाराष्ट्र]]&lt;br /&gt;
|ज़िला=[[मुम्बई उपनगर ज़िला]]&lt;br /&gt;
|निर्माता=&lt;br /&gt;
|स्वामित्व=&lt;br /&gt;
|प्रबंधक=&lt;br /&gt;
|निर्माण काल=&lt;br /&gt;
|स्थापना=तीसरी शताब्दी ई. पू में सम्राट [[अशोक]] द्वारा स्थापित &lt;br /&gt;
|भौगोलिक स्थिति=&lt;br /&gt;
|मार्ग स्थिति=यह शहर सड़क द्वारा [[पुणे]] से 150 किमी, [[नासिक]] से 172 किमी, [[सांगली]] से 373 किमी, [[औरंगाबाद]] से 373 किमी, [[अमरावती]] से 696 किमी, [[नागपूर]] से 847 किमी और [[दिल्ली]] से 1,393 किमी दूरी पर स्थित है। &lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|कब जाएँ=[[अक्टूबर]] से [[मार्च]]&lt;br /&gt;
|यातायात=साइकिल-रिक्शा, ऑटो-रिक्शा, मीटर-टैक्सी, सिटी बस और मेट्रो रेल &lt;br /&gt;
|हवाई अड्डा=छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र, नवी मुंबई अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र, जुहू हवाई अड्डा&lt;br /&gt;
|रेलवे स्टेशन=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेलवे स्टेशन, मुंबई सेंट्रल, मुंबई उपनगरीय रेलवे, दादर स्टेशन, विक्टोरिया रेलवे स्टेशन&lt;br /&gt;
|बस अड्डा=राज्य परिवहन टर्मिनल&lt;br /&gt;
|कैसे पहुँचें=जलयान, हवाई जहाज़, रेल, बस आदि से पहुँचा जा सकता है। &lt;br /&gt;
|क्या देखें=[[मुम्बई पर्यटन]]&lt;br /&gt;
|कहाँ ठहरें=[[मुम्बई प्रवास]]&lt;br /&gt;
|क्या खायें=वड़ा पाव, श्रीखंड, भेलपूरी, पूरन पोली, पोहा, साबूदाना वड़ा, फिरनी, मालपुआ, चॉकलेट चाय, आदि &lt;br /&gt;
|क्या ख़रीदें=आभूषण, लकड़ी की वस्तुएं, चमड़े का सामान, &lt;br /&gt;
|एस.टी.डी. कोड=022&lt;br /&gt;
|ए.टी.एम=लगभग सभी &lt;br /&gt;
|सावधानी=&lt;br /&gt;
|मानचित्र लिंक=[http://maps.google.co.in/maps?f=q&amp;amp;source=s_q&amp;amp;hl=en&amp;amp;geocode=&amp;amp;q=Mumbai,+Maharashtra&amp;amp;sll=21.852337,77.121552&amp;amp;sspn=8.781331,14.128418&amp;amp;ie=UTF8&amp;amp;hq=&amp;amp;hnear=Mumbai,+Maharashtra&amp;amp;ll=19.017331,72.855835&amp;amp;spn=0.279791,0.441513&amp;amp;z=11 गूगल मानचित्र]&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=भाषा&lt;br /&gt;
|पाठ 1=[[मराठी भाषा|मराठी]], [[हिन्दी]], [[अंग्रेजी]] और [[गुजराती भाषा|गुजराती]]&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम=मुम्बई&lt;br /&gt;
|पर्यटन=मुम्बई पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला=मुम्बई ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास=मुम्बई प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई शहर, भूतपूर्व बंबई, [[महाराष्ट्र]] राज्य की राजधानी है। यह दक्षिण-पश्चिम [[भारत]] देश का वित्तीय व वाणिज्यिक केंद्र और अरब सागर में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। मुंबई दुनिया के विशालतम व सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। मुंबई एक प्राचीन बस्ती के स्थल पर बसा हुआ है और इसका नामकरण भगवान [[शंकर]] की पत्नी [[पार्वती देवी]] के एक रूप, स्थानीय देवी मुंबा के नाम पर किया है। जिनका मंदिर उस स्थल पर था, जहाँ पर अब नगर का दक्षिण-पूर्वी हिस्सा अवस्थित है। मुंबई लंबे समय से भारत के सूती वस्त्र उद्योग के केंद्र के रूप में विख्यात रहा है, लेकिन अब यहाँ विविध निर्माण उद्योग भी हैं और इसके वाणिज्यिक व वित्तिय संस्थान सशक्त और सबल हैं। इस शहर में अधिकांश बड़े, विकासशील औद्योगिक नगरों की पुरानी समस्या वायु व जल प्रदूषण, झुग्गी बस्ती और अत्यधिक भीड़भाड़ मौजूद है। द्वीपीय अवस्थिति के कारण मुंबई का विस्तार सीमित है।&lt;br /&gt;
==भौतिक एवं मानव भूगोल==&lt;br /&gt;
====नगर की स्थिति====&lt;br /&gt;
मुंबई शहर प्रायद्विपीय स्थल पर बसा हुआ है, जो मूलतः पश्चिम भारत के कोंकण तट के पास स्थित सात द्वीपिकाओं से मिलकर बना है। 17 वीं शताब्दी से अपवाह व भूमि फिर से हासिल करने की परियोजनाओं और जलमार्गों व जल अवरोधकों के निर्माण के कारण ये द्वीपिकाएं मिलकर एक बड़े भूभाग का निर्माण करती हैं, जिसे बंबई द्वीप के नाम से जाना जाता था।  इस द्वीप के पूर्व में मुंबई बंदरगाह का स्थिर जलक्षेत्र है। यह द्वीप निम्न मैदान से बना है, जिसका एक चौथाई हिस्सा समुद्र तल से भी नीचा है; इस मैदान के पूर्वी और पश्चिमी किनारों में निचली पहाड़ियों की दो समानांतर पर्वतश्रेणियाँ हैं। इनमें से लंबी पर्वतश्रेणी द्वारा सुदूर दक्षिण में निर्मित कोलाबा पॉइंट मुंबई बंदरगाह को खुले समुद्र से बचाता है। पश्चिमी पर्वतश्रेणी मालाबार हिल पर समुद्र तल से 55 मीटर की ऊँचाई पर समाप्त होती है, जो मुंबई की सबसे ऊँचे इलाकों में से एक है। इन दो पर्वत श्रेणियों के बीच पश्च खाड़ी (बैक बे) का छिछला विस्तार है। इस खाड़ी के शीर्ष और बंदरगाह के बीच कुछ ऊँची भूपट्टिकाओं पर दुर्ग स्थित है, मूलतः इसी के चारों ओर शहर का विस्तार हुआ। अब यहाँ मुख्यतः सार्वजनिक एवं वाणिज्यिक कार्यालय हैं। पश्च खाड़ी से उत्तर की ओर भूतल मध्यवर्ती मैदान की दिशा में ढलान वाली है। बंबई के सुदूर उत्तर में विशाल खारे दलदल हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Nariman-Point-Mumbai.jpg|thumb|[[नरीमन पाइंट मुंबई|नरीमन पाइंट]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Nariman Point, Mumbai|left|250px]]  &lt;br /&gt;
पुराना शहर दक्षिण में कोलाबा से उत्तर में माहिम और्सायन तक लगभग 67 वर्ग किमी में फैला हुआ था। 1950 में सालगेट के विशाल द्वीप को जलमार्ग द्वारा जोड़कर मुख्य क्षेत्र में शामिल करके उत्तर की ओर बंबई का विस्तार किया गया। 1957 तक वृहद बंबई में कई उपनगरीय नगरपालिका क्षेत्रों और कुछ पड़ोसी गावों को शामिल कर लिया गया। उसके बाद से इस महानगर का विस्तार जारी है। 1970 के दशक के आरंभ में भीड़भाड़ और सघनता दूर करने  के प्रयास के रूप में सालगेट द्वीप को मुंबई बंदरगाह के मुख्य जलक्षेत्र थाना क्रीक पर पुल बनाकर मुख्यभूमि से जोड़ दिया गया। मुंबई का प्राकृतिक सौंदर्य इस क्षेत्र के किसी अन्य शहर से बेहतर है। समुद्र से बंदरगाह में प्रवेश स्थान से एक विशाल दृश्य दिखाई देता है, जिसके किनारों पर मुख्यभूमि पर स्थित पश्चिमी घाट की पहाड़ियाँ हैं। बेशुमार छोटे जलयानों की सफेद पालों से चमकता द्वीपों से घिरा चौड़ा बंदरगाह जहाज़ों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है, विशेषकर जब तटीय क्षेत्र पर तूफ़ान की स्थिति हो। बंदरगाह के द्वीपों में सबसे बड़ा एलीफ़ेटा है, जो छठी शताब्दी के गुफ़ा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।&lt;br /&gt;
इस नगर में पाए जाने वाले सामान्य वृक्षों में [[नारियल]], [[आम]], [[इमली]], और [[बरगद]] शामिल हैं। सालसेट द्वीप कभी [[बाघ]], [[तेंदुआ]], [[सियार]] और [[हिरन]] जैसे वन्य प्राणियों का आश्रय था, लेकिन अब ये प्राणी यहाँ नहीं पाये जाते। यहाँ के प्राणी जीवन में अब [[गाय]], [[बैल]], [[भेड़]], [[बकरी]] और अन्य पालतू प्रजातियाँ हैं। यहाँ पाए जाने वाले पक्षियों में [[गिद्ध]], [[कबूतर]], [[सारस]] और [[बत्तख]] शामिल हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Gateway-Of-India-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[गेटवे ऑफ इंडिया]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Gateway Of India, Mumbai]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====जलवायु====&lt;br /&gt;
मुंबई की जलवायु गर्म और आर्द्र है। यहाँ चार ॠतुएं हैं। दिसंबर से फ़रवरी तक सर्दी और मार्च से मई तक गर्मी का महीना रहता है। दक्षिण-पश्चिम में मॉनसूनी हवाओं द्वारा होने वाली वर्षा &lt;br /&gt;
जून से सितंबर तक होती है और इसके बाद उत्तर मॉनसून काल आता है, जो अक्टूबर-नवंबर तक रहता है। इस काल में मौसम फिर से गर्म हो जाता है। औसत मासिक तापमान मई में 33 &lt;br /&gt;
डिग्री से. से जनवरी में 19 डिग्री से. तक होता है। औसत वार्षिक वर्षा 1,800 मिमी है, जिसमें से औसतन 610 मिमी. वर्षा सिर्फ़ जुलाई के महीने में होती है।&lt;br /&gt;
====शहर की संरचना====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई के पुराने हिस्से ज़्यादा निर्मित हैं, लेकिन अधिक समृद्ध क्षेत्रों, जैसे मालाबार हिल में कुछ हरियाली है। यहाँ कई खुले मैदान व पार्क हैं। मुंबई में लगातार शहरीकरण के इतिहास के कारण शहर के कई हिस्सों में झुग्गी बस्तियाँ बन गईं हैं। इस शहर में अनेक कारख़ानों, बढ़ते यातायात और निकट स्थित तेलशोधनशालाओं के कारण वायु एवं जल प्रदूषण ख़तरे के स्तर तक बढ़ गया है। शहर के दक्षिणी हिस्से में वित्तीय ज़िला (पुराने फ़ोर्ट बंबई के आसपास) स्थित है। सुदूर दक्षिण (कोलाबा के आसपास) और पश्चिम में नेताजी सुभाष चंद्र रोड (मॅरीन ड्राइव) तथा मालाबार हिल आवासी क्षेत्र हैं। फ़ोर्ट क्षेत्र के उत्तर में प्रमुख व्यापारिक ज़िला है, जो धीरे-धीरे वाणिज्यिक आवासीय क्षेत्र में शामिल हो रहा है। अधिकांश पुराने कारख़ाने इसी क्षेत्र में स्थित हैं। सुदूर उत्तर में आवासीय क्षेत्र हैं और उनके बाद हाल ही में विकसित औद्योगिक क्षेत्र और झुग्गी बस्तियों के इलाक़े हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Elephanta-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|left|[[एलिफेंटा की गुफाएँ]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Elephant Caves, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ आवास मुख्यतः निजी स्वामित्व वाले हैं, हालाँकि सार्वजनिक वित्त निगमों के ज़रिये सरकार द्वारा निर्मित कुछ सार्वजनिक आवास भी हैं। मुंबई अत्यधिक भीड़भाड़ वाला नगर है और अत्यधिक समृद्ध लोगों के अलावा बाक़ी लोगों के आवास के लिए कमी रहती है। इसी कारण वाणिज्यिक और औद्योगिक उद्यमों को मध्य स्तरीय व्यावसायिक, तकनीकी या प्रबंधकीय कर्मचारियों को आकर्षित करने में लगातार परेशानी हो रही है। आंतरिक क्षेत्र से अकुशल श्रमिकों का लगातार अप्रवास हो रहा है और इस नगर में बेघर व निर्धन लोगों की संख्या बढ़ रही है। नगर के योजनाकार इसे रोकना चाहते हैं और उन्होंने उद्यमों को बंदरगाह के दूसरी ओर इससे लगे नगर नवी मुंबई में स्थापित करने का प्रयास किया है। इसके लिए नगर में औद्योगिक इकाइयों के विकास और पुरानी इकाइयों के विस्तार पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। लेकिन उद्यमियों द्वारा अपने उद्योग को देश के किसी अन्य हिस्से में ले जाने की धमकी के कारण इस प्रतिबंध का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हो रहा है। मुंबई का वास्तुशिल्प अलंकृत गॉथिक शैली का है, जो 18वीं और 19वीं शताब्दियों की विशेषता थी। यहाँ समकालीन अन्य रुपांकन (डिज़ाइन) भी है। पुराने प्रशासनिक और वाणिज्यिक भवनों के साथ गगनचुंबी व कॉन्क्रीट से बनी बहुमंज़िला इमारतें हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====जनजीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-Tiffin-Wallah.jpg|left|मुम्बई का टिफ़िन वाला&amp;lt;br /&amp;gt; Tiffin Wallah Of Mumbai|thumb|250px]]&lt;br /&gt;
1940 के दशक से मुंबई का विकास असाधारण तो नहीं, लेकिन एक समान रहा है। 20वीं सदी की शुरुआत में यहाँ की जनसंख्या 8 लाख 50 हज़ार थी। 1941 में यह दुगुनी होकर 16 लाख 95 हज़ार हो गई है। परिवार नियोजन कार्यक्रमों के कारण इस शहर में जन्मदर देश के अन्य हिस्सों से काफ़ी कम है और जनसंख्या विकास की ऊँची दर का मुख्य कारण रोज़गार की खोज में यहाँ आने वाले लोग हैं। मुंबई विश्व की सबसे अधिक सघन आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है। 1981 में ग्रेटर मुंबई का औसत घनत्व 13,500 लोग प्रति वर्ग किमी था। शहर के अधिकांश पुराने हिस्सों में घनत्व इस औसत से लगभग तीन गुना अधिक था, हालाँकि पश्च खाड़ी के पास स्थित गिरगांव, भिंडी बाज़ार और भुलेश्वर में घनत्व कम है। नगर के कुछ भीतरी हिस्सों में घनत्व लगभग 3,86,100 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है, जो शायद दुनिया का अधिकतम घनत्व है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई का चरित्र सही मायनों में महानगरीय है और यहाँ लगभग सभी धर्मों तथा विश्व के सभी क्षेत्रों के लोग रहते हैं। यहाँ की लगभग आधी आबादी हिंदुओं की है, लेकिन मुसलमान, ईसाई, &lt;br /&gt;
बौद्ध, जैन, सिक्ख, पारसी और यहूदी समुदाय भी यहाँ मौजूद हैं। मुंबई में लगभग सभी भारतीय भाषाएं और कई विदेशी भाषाएं बोली जाती हैं। राजकीय भाषा [[मराठी भाषा|मराठी]] प्रमुख स्थानीय भाषा है, इसके बाद [[गुजराती भाषा|गुजराती]] और [[हिंदी]] का स्थान है।&lt;br /&gt;
==अर्थव्यवस्था==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Bombay-Stock-Exchange.jpg|thumb|250px|बंबई स्टॉक एक्स्चेंज, मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Bombay Stock Exchange, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुम्बई भारत की आर्थिक धुरी एवं वाणिज्यिक व वित्तीय केन्द्र है। कुछ मायनों में इसकी आर्थिक संरचना भारत में नाभिकीय और पुरातन कालों के संयोजन को प्रदर्शित करती है। इस नगर में &lt;br /&gt;
भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग स्थित है, जिसमें परमाणु रिऐक्टर और प्लूटोनियम विलग्नक स्थित है। नगर के कई हिस्सों में अब भी ईधन और ऊर्जा के पारम्परिक जैविक साधनों का इस्तेमाल होता है।&lt;br /&gt;
====उद्योग====&lt;br /&gt;
सूती वस्त्र उद्योग, जिसके कारण 19वीं शताब्दी में यह नगर समृद्ध हुआ। अब भी महत्वपूर्ण है, लेकिन अब इसका पतन हो रहा है, क्योंकि कई सूती वस्त्र मिलों को रूग्ण इकाई घोषित कर दिया गया हैं नए विकासशील उद्योगों में धातु, रसायन, वाहन, इलेक्ट्रानिक्स, इंजीनियरिंग और कई प्रकार के सहायक उद्यम शामिल हैं। शाद्य प्रसंस्करण, काग़ज़—निर्माण, छपाई और प्रकाशन जैसे शहरी उद्योग भी रोज़ग़ार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हैं। सेवा और अनौपचारिक क्षेत्र में 20वीं शताब्दी के अन्तिम दशक में काफ़ी विस्तार हुआ है।&lt;br /&gt;
====वाणिज्य और वित्त====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Hotel-Taj-Mumbai.jpg|thumb|left|250px|[[ताजमहल होटल मुंबई|होटल ताज]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Hotel Taj, Mumbai]]&lt;br /&gt;
देश का केन्द्रीय बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक, कई अन्य व्यावसायिक बैंक और सरकारी बान्डों व निजी शेयरों में देश के सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेशक राष्ट्रीयकृत उद्यम भारतीय जीवन बीमा निगम और दीर्घकालीन निवेश से जुड़े प्रमुख वित्तीय संस्थान मुम्बई में स्थित हैं। इस कारण इस शहर में कई वित्तीय और व्यापारिक सेवाएँ उपलब्ध हैं। मुम्बई स्टाक एक्सचेन्ज देश का अग्रणी स्टाक और शेयर बाज़ार है। हालाँकि आज़ादी के बाद देश भर में कई आर्थिक केन्द्र पनपे हैं, जिसके कारण इस एक्सचेन्ज का उतना महत्व नहीं रहा। फिर भी वित्तीय व अन्य व्यापारिक कारोबार के मामले में यह प्रमुख केन्द्र है और देश की अर्थ-व्यवस्था के पैमाने की भूमिका निभाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====परिवहन====&lt;br /&gt;
मुम्बई सड़क संजाल द्वारा भारत के अन्य हिस्सों से जुड़ा हुआ है। यह पश्चिम तथा मध्य रेलवे का मुख्यालय है और इस नगर से चलने वाली रेलगाड़ियाँ भारत के सभी हिस्सों तक सामान व यात्रियों को ले जाती हैं। छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कई विदेशी हवाई सेवाओं के आगमन का महत्वपूर्ण स्थल है। जबकि निकटस्थ सान्ताक्रूज़ हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानें भरी जाती हैं। मुम्बई में भारत के अंतर्राष्ट्रीय हवाई यातायात का 60 प्रतिशत और घरेलू यातायात का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा केन्द्रित है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-Chhatrapati-Shivaji-Terminus.jpg|thumb|250px|[[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt;Chhatrapati Shivaji Terminus, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ के बंदरगाह पर उपलब्ध सुविधाओं ने मुम्बई को देश का प्रमुख पश्चिमी बंदरगाह बना दिया है। हालाँकि पश्चिमी तट पर मुम्बई के उत्तर में कांडला और दक्षिण में गोवा व कोच्चि जैसे कई अन्य प्रमुख बंदरगाह बन गए हैं, लेकिन यहाँ से अब भी भारत के समुद्री व्यापार का 40 प्रतिशत हिस्सा संचालित होता है। दो उपनगरीय विद्युत रेलप्रणालियाँ मुख्य सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराती हैं और रोज़ महानगरीय क्षेत्र के लाखों लोगों को ढोती हैं। मुम्बई में नगरपालिका के स्वामित्व वाली बस सेवा भी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रशासनिक एवं सामाजिक विशेषताएँ==&lt;br /&gt;
====सरकार====&lt;br /&gt;
[[महाराष्ट्र]] की राजधानी के रूप में यह शहर राज्य प्रशासन का समेकित राजनीतिक खण्ड है, जिसके मुख्यालय को मंत्रालय कहा जाता है। राज्य सरकार पुलिस बल को नियंत्रित करती है और नगर के कुछ विभागों पर प्रशासनिक नियंत्रण रखती है। डाक एवं टेलीग्राफ़ प्रणाली, रेल, बंदरगाह और हवाई अड्डों जैसे संचार साधनों पर केन्द्र सरकार का नियंत्रण है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-High-Court.jpg|thumb|left|250px|[[बंबई उच्च न्यायालय]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Mumbai High Court]]&lt;br /&gt;
मुम्बई में भारतीय नौसेना की पश्चिमी कमान का मुख्यालय भी है और यह भारतीय फ़्लैगशिप का बेस भी है। शहर का प्रशासन वृहद (ग्रेटर) मुम्बई के पूर्णतःस्वायत्त नगर निगम के अंतर्गत है। इसकी विधायी संस्था का निर्वाचन हर चार वर्ष में वयस्क मताधिकार द्वारा होता है और यह विभिन्न स्थायी समितियों के माध्यम से काम करती है। राज्य सरकार के द्वारा तीन वर्षों के लिए नियुक्त मुख्य कार्यकारी यहाँ का निगम आयुक्त होता है। महापौर का चुनाव हर वर्ष नगर निगम द्वारा किया जाता है; महापौर निगम की बैठकों की अध्यक्षता करता है और शहर में सर्वाधिक सम्मानित माना जाता है, लेकिन वस्तुतः उसके पास कोई सत्ता नहीं होती।&lt;br /&gt;
====जनसुविधाएँ====&lt;br /&gt;
निगम के कई कार्यों में चिकित्सा सेवा, शिक्षा, जलापूर्ति, अग्निशमन, कचरे की व्यवस्था, बाज़ार, उद्यान और इंजीनियरिंग परियोजनाओं का, जैसे निकास तथा सड़कों व गलियों में प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाना, काम शामिल हैं। नगर निगम शहर में यातायात प्रणाली और विद्युत आपूर्ति को संचालित करता है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Brabourne-Stadium-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[ब्रेबोर्न स्टेडियम]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Brabourne Stadium, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ सरकार और निजी क्षेत्र की एजेंसियों के द्वारा एक ग्रिड प्रणाली के ज़रिये बिजली शहर में वितरित की जाती है। जलापूर्ति व्यवस्था भी नगर निगम के द्वारा संचालित की जाती है और यह मुख्यतः निकटस्थ ठाणे ज़िले की तांसा झील, तुलसी व विहार झीलों से प्राप्त किया जाता है। मूलतः जलापूर्ति के लिए निर्मित पवई झील कारगर साबित नहीं हुई, क्योंकि इसका पानी पीने योग्य नहीं है।&lt;br /&gt;
====स्वास्थ्य====&lt;br /&gt;
इस शहर में 100 से अधिक अस्पताल हैं, जिनमें केन्द्र, राज्य सरकार और निगम संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पताल और कई (क्षय-रोग, कैन्सर और ह्रदय रोगों के लिए) विशेष संस्थान शामिल हैं, यहाँ पर कई अग्रणी निजी अस्पताल भी हैं। यहाँ हेफ़काइन इंस्टिट्यूट भी है, जो एक अग्रणी बैक्टीरिया अनुसन्धान केन्द्र है, इसे उष्णकटिबन्धीय बीमारियों में विशिष्टता प्राप्त है।&lt;br /&gt;
====सुरक्षा====&lt;br /&gt;
शहर के पुलिस बल का प्रमुख पुलिस आयुक्त होता है, जो मुम्बई में क़ानून एवं व्यवस्था के लिए ज़िम्मेदार होता है, प्रशासनिक रूप से वह राज्य के गृह सचिव के प्रति जवाबदेह होता है।&lt;br /&gt;
====शिक्षा====&lt;br /&gt;
मुम्बई की साक्षरता दर समूचे राष्ट्र की साक्षरता दर से काफ़ी अधिक हैं। प्राथमिक शिक्षा मुफ़्त व अनिवार्य है और यह नगर निगम का दायित्व है। माध्यमिक शिक्षा सरकारी व निजी विद्यालयों द्वारा सरकार की देखरेख में कराई जाती है। यहाँ सार्वजनिक एवं निजी पालिटेक्निक व संस्थान हैं, जो विद्यार्थियों को यांत्रिकी, विद्युत तथा रासायनिक इंजीनियरी में विभिन्न डिग्री व डिप्लोमा देते हैं। केन्द्र सरकार के द्वारा संचालित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई. आई. टी.) भी यहाँ पर स्थित है। अन्य इंजीनियरिंग कालेजों में:-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Kanheri-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[कन्हेरी गुफाएँ मुम्बई|कन्हेरी गुफाएँ]], मुम्बई]] &lt;br /&gt;
*सरदार पटेल कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलाज़िकल इंस्टिट्यूट, &lt;br /&gt;
*के. जी. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*एम. एच. एस. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*डी. जे. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*थोडोमल शाही इंजीनियरिंग कालेज और &lt;br /&gt;
*विवेकानन्द इंस्टिट्यूट आफ़ टेक्नोलोज़ी शामिल हैं। &lt;br /&gt;
1857 में स्थापित बाम्बे विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कला, विज्ञान, वाणिज्य व शिक्षा सम्बन्धी महाविद्यालय, चिकित्सा, होमियोपैथी, यूनानी चिकित्सा, फ़ार्मेसी व दन्त चिकित्सा महाविद्यालय, वास्तुशिल्प, शारीरिक शिक्षा एवं प्रबन्धन संस्थान हैं। मुम्बई में महिलाओं के लिए एस. एन. डी. टी. विश्वविद्यालय भी है। 1857 में स्थापित बाम्बे विश्वविद्यालय से बहुत से महाविद्यालय और कई शिक्षण विभाग जुड़े हुए हैं। [[गोवा]] में स्थित बहुत से महाविद्यालय इस विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====सांस्कृतिक जीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Rajabai-Tower-Mumbai.jpg|thumb|left|250px|[[राजाबाई घंटाघर]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Rajabai Tower, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुम्बई का सांस्कृतिक जीवन इसकी जातीय विविधतायुक्त जनसंख्या को प्रतिबिम्बित करता है। शहर में बहुत से संग्रहालय, पुस्तकालय, साहित्यिक एवं कई अन्य सांस्कृतिक संस्थान, कला, दीर्घाएँ व रंगशालाएँ हैं। भारत का कोई अन्य शहर अपनी सांस्कृतिक एवं मनोरंजन सुविधाओं के मामले में इतनी उच्च श्रेणी की विविधता और गुणवत्ता का शायद ही दावा कर सके। मुम्बई भारतीय फ़िल्म उद्योग का गढ़ है। साल भर यहाँ पश्चिमी व भारतीय संगीत सम्मेलन एवं महोत्सव और भारतीय नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इंडो—सार्सेनिक वास्तुशिल्प की एक इमारत में द प्रिंस आफ़ वेल्स म्यूज़ियम आफ़ वेस्टर्न इंडिया है, जिसमें कला, पुरातत्व व प्राकृतिक इतिहास के तीन प्रमुख विभाग हैं। निकट ही जहाँगीर आर्ट गैलरी है, जो मुम्बई की पहली स्थायी कला दीर्घा है और सांस्कृतिक व शैक्षिक गतिविधियों का केन्द्र है। मुम्बई भारतीय मुद्रण उद्योग का महत्वपूर्ण केन्द्र है और यहाँ सशक्त प्रेस है। यहाँ अंग्रेज़ी, मराठी, हिन्दी, गुजराती, सिन्धी व उर्दू में समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं। बहुत-सी मासिक, पाक्षिक व साप्ताहिक पत्रिकाएँ भी यहाँ से प्रकाशित होती हैं। आल-इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) का क्षेत्रीय केन्द्र भी मुम्बई में ही है और इस शहर के लिए दूरदर्शन सेवाएँ 1972 में शुरू हुईं। शहर के उत्तर में कृष्णगिरि वन एक राष्ट्रीय उद्यान और छुट्टियाँ बिताने के लिए ख़ूबसूरत सैरगाह है, कन्हेरी गुफ़ाओं के निकट एक प्राचीन बौद्ध विश्वविद्यालय था, यहाँ 100 से अधिक गुफ़ाओं में दूसरी से नौवीं शताब्दी तक के विशालकाय बौद्ध मूर्तिशिल्प हैं। यहाँ पर कई सार्वजनिक उद्यान हैं। जिसमें जीजामाता उद्यान शामिल है, यहाँ पर मुम्बई का चिड़ियाघर स्थित है, यहाँ पर बैपटिस्टा गार्डन भी है, जो मज़गाँव में एक जलाशय पर स्थित है; इसके अलावा मालाबार हिल पर स्थित फ़िरोज़शाह मेहता गार्डन, कमला नेहरू पार्क व स्लोपिंग पार्क हैं। समूचे भारत में लोकप्रिय क्रिक्रेट के मैच भारतीय क्रिकेट क्लव (ब्रेबोर्न स्टेडियम) और वानखेड़े स्टेडियम में खेले जाते हैं। दौड़ व साइकिल चालन प्रतियोगिताएँ वल्लभ भाई पटेल स्टेडियम में आयोजित की जाती है। स्नान व तैराकी के लिए जुहू समुद्र तट एक प्रसिद्ध स्थान है।&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
मछुआरों की मूल जनजाति, कोली यहाँ के आरम्भिक ज्ञात निवासी थे, हालाँकि वृहद मुम्बई के कान्दीवली में पाए गए पुरापाषाण काल के पत्थर के औज़ार यहाँ पाषाण काल के दौरान मानव बस्ती की ओर संकेत करते हैं। प्राचीन यूनानी खगोलशास्त्री व भूगोलविज्ञानी टालेमी के समय में यह क्षेत्र हेप्टेनिशिया के रूप में जाना जाता था और यह 1000 वर्ष ई. पू. में फ़ारस व [[मिस्र]] के साथ समुद्री व्यापार का प्रमुख केन्द्र था। तीसरी शताब्दी ई. पू. में यह अशोक के साम्राज्य का हिस्सा था और छठी से आठवीं शताब्दी में यहाँ चालुक्यों का शासन रहा, जिन्होंने अपनी छाप घरपुरी (एलीफ़ेन्टा द्वीप) पर छोड़ी। मालाबार पाइन्ट पर बना वाकेश्वर मन्दिर सम्भवतः कोंकण तट के शिलाहर प्रमुखों के शासन (9वीं से 13वीं शताब्दी) के दौरान निर्मित किया गया था। दोगिरि के यादवों (1187-1318) के समय में इस द्वीप (जो बाम्बे द्वीप बना) पर महिकावती (माहिम) बस्ती की स्थापना हुई, जो 1924 में हिन्दुस्तान के [[ख़िलजी वंश]] के आक्रमणों के जवाब में बनाई गई। इन्हीं के वंशज वर्तमान मुम्बई में पाए जाते हैं और बहुत से स्थानों के नाम आज भी उसी युग से हैं। 1348 में आक्रमणकारी मुस्लिम सेनाओं ने इस द्वीप को जीत लिया और यह [[गुजरात]] राज्य का हिस्सा बन गया। माहिम को जीतने की पुर्तग़ाली कोशिश 1507 में असफल रही, लेकिन 1534 में गुजरात के शासक सुल्तान बहादुरशाह ने यह द्वीप पुर्तग़ालियों को सौंप दिया। 1661 में किंग चार्ल्स द्वितीय व पुर्तग़ाल के राजा की बहन कैथरीन आफ़ ब्रैगेंज़ा के विवाह के बाद यह ब्रिटिश नियंत्रण में आ गया। राजा ने इसे 1668 में ईस्ट इंडिया कम्पनी को सत्तांतरित कर दिया। शुरूआत में कलकत्ता (वर्तमान [[कोलकाता]]) व मद्रास (वर्तमान [[चेन्नई]]) की तुलना में बंबई कम्पनी की बहुत बड़ी सम्पत्ति ने होकर केवल पश्चिमी तट पर कम्पनी की पैर जमाए रखने में सहायता करता था। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Flora-Fountain-Mumbai.jpg|thumb|300px|[[फ़्लोरा फ़ाउंटेन मुंबई|फ़्लोरा फ़ाउंटेन]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Flora Fountain, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुख्य भूमि पर मुग़ल, मराठा व गुजरात के प्रादेशिक शासक अधिक शक्तिशाली थे। यहाँ तक कि ब्रिटिश नौसेना का मुग़लों, मराठों, पुर्तगालियों व डचों से कोई मुक़ाबला नहीं था। 19वीं शताब्दी के आरम्भ तक बाहरी घटनाओं ने शहर के तेज़ विकास में सहायता की। [[दिल्ली]] में मुग़ल शक्ति के पतन, मुग़ल-मराठा प्रतिद्वन्द्विता और गुजरात में मौजूद अस्थिरता ने कारीगरों व व्यापारियों को शरण लेने के लिए इस द्वीप पर जाने को मज़बूर किया और इस प्रकार मुम्बई का विकास शुरू हुआ। मराठा शक्ति के विनाश के साथ मुख्यभूमि से व्यापार व संचार स्थापित हुआ और उसका यूरोप तक विस्तार किया गया, जिससे समृद्धी की शुरुआत हुई। 1857 में पहली कताई व बुनाई मिल स्थापित की गई और 1860 तक मुम्बई भारत का विशालतम सूती वस्त्र बाज़ार बन गया। अमेरिकी नागरिक युद्ध (1861-65) और ब्रिटेन को किए जा रहे कपास की आपूर्ति रुक जाने से मुम्बई के व्यापार में उछाल आया। लेकिन नागरिक युद्ध के समाप्त होने के बाद कपास के दामों में भारी कमी आई तथा व्यापार में तेज़ी ख़त्म हो गई। तब तक हालाँकि अतःक्षेत्र खोले जा चुके थे और मुम्बई आयात व्यापार का मज़बूत केन्द्र बन चुका था। &lt;br /&gt;
1869 में स्वेज़ नहर के खुलने के साथ ही मुम्बई में समृद्धि आई, हालाँकि जनसंख्या बढ़ने के साथ-साथ झुग्गियों और अस्वच्छ स्थितियों में भी कई गुना वृद्धि हुई। 1896 में यहाँ प्लेग का प्रकोप फैला और नए क्षेत्रों में बस्तियाँ बसाने व कामगार वर्ग के लिए आवास की व्यवस्था करने के लिए सिटी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की स्थापना की गई। 525 हेक्टेयर क्षेत्र को घेरने के लिए तटबन्ध बनाने की महत्वाकांक्षी योजना का 1918 में प्रस्ताव किया गया, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारत में अपने क़िस्म की पहली दोतरफ़ा सड़क नेताजी सुभाष मार्ग, जो नरीमन प्वाइंट से मालाबार प्वाइंट तक है, के बन जाने तक यह पूरा नहीं हो सका। युद्ध के बाद के वर्षों में उपनगरीय क्षेत्रों में आवासीय इकाइयों के विकास की शुरूआत हुई और नगर निगम के माध्यम से मुम्बई नगर के प्रशासन को वृहत मुम्बई के उपनगरों तक विस्तारित किया गया। यह शहर भूतपूर्व बाम्बे प्रेज़िडेन्सी व बाम्बे राज्य की राजधानी रह चुका है और 1960 में इसे महाराष्ट्र राज्य की राजधानी बनाया गया।&lt;br /&gt;
19वीं सदी के अन्त व 20 शताब्दी के आरम्भ में मुम्बई भारतीय राष्ट्रवादी और क्षेत्रीय राजनीतिक गतिविधियों का केन्द्र था। 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (स्वतंत्रता प्राप्ति तक भारत समर्थक और ब्रिटिश विरोधी भावनाओं का केन्द्रीय दल) का पहला अधिवेशन इस नगर में हुआ, जिसके बाद 1942 के अधिवेशन में कांग्रेस ने 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किया, जिससे भारत की पूर्ण स्वतंत्रता की माँग की गई थी। 1956 से 1960 तक मुम्बई में मुम्बई राज्य के ब्रिटिश उपनिवेशवाद से विरासत में मिले द्विभाषीय (मराठी--गुजराती) स्वरूप के ख़िलाफ़ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और इसके बाद विभाजन हुआ, जिससे गुजरात व महाराष्ट्र के आधुनिक राज्यों का निर्माण हुआ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==जनसंख्या==&lt;br /&gt;
मुम्बई की जनसंख्या (2001) 33,26,837 है और मुम्बई उपनगरीय क्षेत्र की जनसंख्या 85,87,561 है।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति &lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=माध्यमिक1&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र  के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
{{भारतीय महानगर}}&lt;br /&gt;
{{प्रदेशों की राजधानी}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_ऐतिहासिक_नगर]][[Category:महाराष्ट्र_के_नगर]][[Category:भारत के नगर]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्रदेशों की राजधानियाँ]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8&amp;diff=77619</id>
		<title>मुम्बई पर्यटन</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8&amp;diff=77619"/>
		<updated>2010-10-17T09:25:14Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* फ्लोरा फाउंटेन */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम=मुम्बई&lt;br /&gt;
|पर्यटन=मुम्बई पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला=मुम्बई ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास=मुम्बई प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
[[मुंबई]] शहर, भूतपूर्व बंबई, [[महाराष्ट्र]] राज्य की राजधानी है। यह दक्षिण-पश्चिम [[भारत]] देश का वित्तीय व वाणिज्यिक केंद्र और [[अरब सागर]] में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। मुंबई दुनिया के विशालतम व सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। मुम्बई को पहले बॉम्बे के नाम से जाना जाता था। मुम्बई शहर को बिजनेस केपिटल ऑफ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ देश के प्रमुख वित्तीय और संचार केन्द्र है। भारत का सबसे बड़ा शेयर बाजार, जिसका विश्व में तीसरा स्थान है मुम्बई में ही स्थित है। मुम्बई भारत के पश्चिमी समुद्रतट पर स्थित है। यह [[अरब सागर]] के सात द्वीपों का एक हिस्सा है। मुम्बई सामान्य रूप से सात द्वीपों जिनके नाम [[कोलाबा]], [[माजागाँव]], [[ओल्ड वूमन द्वीप]], [[वाडाला]], [[माहीम]], [[पारेल]] और [[माटूंगा-सायन]] पर स्थित है। सन् 1661 में [[इंग्लैंड]] के महाराजा [[चार्ल्‍स]] ने [[पुर्तग़ाल]] की राजकुमारी कैटरीना डे ब्रिगेंजा से शादी की थी। शादी में दहेज के रूप में चार्ल्‍स को बम्बई शहर मिला था, जो वर्तमान समय में मुम्बई के नाम से जाना जाता है। लेकिन सन् 1668 में मुम्बई [[ईस्ट इंडिया कम्पनी]] के हाथों में चला गया। सन् 1868 में महारानी विक्टोरिया ने शहर के प्रशासन को ईस्ट इंडिया कम्पनी से वापस ले लिया। मुंबई पर्यटन के लिए भी विश्व विख्यात हैं। जहाँ लोग दूर-दूर से घूमने के लिए आते है। यहाँ पर कई पर्यटन स्थल है जो इस प्रकार है:- &lt;br /&gt;
==पर्यटन स्थल== &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जोगेश्‍वरी गुफ़ा&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जोगेश्‍वरी गुफ़ा मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा 1500 साल पुरानी है। &lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा मंदिर में विशाल केंद्रीय हॉल भी है। &lt;br /&gt;
*इसके अतिरिक्त [[हनुमान]], देवी माता, [[जोगेश्‍वरी]] और [[गणेश]] जी की मूर्तियाँ भी यहाँ स्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हेंगिग गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हेंगिग गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*हेंगिग गार्डन को फ़िरोजशाह मेहता गार्डन के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*यह मंदिर महालक्ष्मी समुद्र के बिल्कुल करीब स्थित है।&lt;br /&gt;
*इस मंदिर में तीन बहुत ही सुंदर मूर्तियाँ है। &lt;br /&gt;
*मंदिर के गर्भगृह में [[महालक्ष्मी देवी|महालक्ष्मी]], [[काली|महाकाली]] एवं [[सरस्वती|महासरस्वती]] तीनों देवियों की प्रतिमाएँ एक साथ विद्यमान हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;गेटवे ऑफ़ इंडिया&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|गेटवे ऑफ़ इंडिया}}&lt;br /&gt;
*गेटवे आफॅ इंडिया की रूपरेखा जार्ज विककेट ने तैयार की थी और इसका निर्माण किंग जार्ज और क्वीन मैरी ने 1911 में करवाया था। &lt;br /&gt;
*गेटवे ऑफ़ इंडिया मुम्बई का बहुत ही प्रसिद्ध स्थान है। &lt;br /&gt;
*यह अपोलो बंडर के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;फ़्लोरा फ़ाउंटेन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|फ़्लोरा फ़ाउंटेन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*फ़ाउंटेन का नाम [[रोम]] में समृद्धि के [[देवता]] के नाम पर पड़ा था।&lt;br /&gt;
*अब यह फ़ाउंटेन उस क्षेत्र में है, जहाँ [[महाराष्ट्र]] राज्य के लिए शहीद होने वालों की याद में स्मारक बनाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जूहू चौपाटी&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जूहू चौपाटी मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जूहू बीच मुम्बई का सबसे प्रसिद्ध बीच है। &lt;br /&gt;
*यह मुम्बई से तीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*चौपाटी बीच मारीन ड्राईव में स्थित है। यह जगह मुम्बईवासियों की पहली पंसद है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हाजी अली दरगाह&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हाजी अली दरगाह मुंबई}}&lt;br /&gt;
*हाजी अली [[महाराष्ट्र]] राज्य के [[मुंबई]] शहर में एक मशहूर मस्जिद एवं दरगाह है।&lt;br /&gt;
*यह स्थान अरबियन समुद्र के समुद्र तट पर बने [[महालक्ष्मी मंदिर मुंबई|महालक्ष्मी मंदिर]] के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;माउंट मेरी चर्च&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|माउंट मेरी चर्च मुंबई}}&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च मुंबई शहर के विशिष्ट और भव्य चर्चों में से एक है।&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च 1640 में बनाया गया था और फ़िर इसे गिरा दिया गया और 1761 में इसे दुबारा बनाया गया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी रेस कोर्स&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी रेस कोर्स मुंबई}}&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स महालक्ष्मी समुद्र तट के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स विश्‍व के प्रसिद्ध रेस कोर्स में से एक है। &lt;br /&gt;
====नेहरू प्लेनेटेरीयम और विज्ञान केन्द्र====&lt;br /&gt;
{{Main|नेहरू प्लेनेटेरीयम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटरीयम को विज्ञान केन्द्र के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम वर्ली में स्थित है।&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम का नाम पंडित [[जवाहर लाल नेहरू]] की मृत्यु के बाद रखा गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय मुंबई}}&lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय [[गेटवे ऑफ़ इंडिया मुंबई|गेटवे ऑफ़ इंडिया]] से बस थोड़ी सी दूरी पर स्थित है। &lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय में [[शिल्पकला]], [[मूर्तिकला]], चाइना और प्राचीन इत्यादि सम्बन्धित बहुमूल्य संग्रह है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;तारापोरवाला एक्वेरियम&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|तारापोरवाला एक्वेरियम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम मरीन ड्राईव में स्थित है। &lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम में अलग-अलग आकार, प्रकार और [[रंग]] की मछलियाँ हैं।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;विक्टोरिया गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|विक्टोरिया गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन में रोचक वनस्पतियों और जीवों का संग्रह है। &lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन वनस्पतिक और प्राणी [[विज्ञान]] से सम्बन्धित बगीचा हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====एलिफेंटा की गुफाएँ====&lt;br /&gt;
{{Main|एलिफेंटा की गुफाएँ मुंबई}}&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर से 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ मुम्‍बई महानगर के पास स्थित पर्यटकों का एक बड़ा आकर्षण केन्‍द्र हैं।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ को घारापुरी के पुराने नाम से जाना जाता है जो कोंकणी मौर्य की द्वीप राजधानी थी।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;एसेल वर्ल्‍ड&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|एसेल वर्ल्‍ड मुंबई}}&lt;br /&gt;
*एसेल  वर्ल्‍ड गौरी बीच के समीप स्थित है। &lt;br /&gt;
*एसेल वर्ल्‍ड [[भारत]] का सबसे बड़ा मनोरंजन पार्क है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;मुंबा देवी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|मुंबा देवी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*मुंबा देवी मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना है। &lt;br /&gt;
*मुंबई का नाम ही [[मराठी भाषा|मराठी]] में मुंबा आई यानि मुंबा माता के नाम से निकला है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;ताजमहल होटल&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|ताजमहल होटल मुंबई}}&lt;br /&gt;
*ताज होटल मुंबई के अपोलो बंडर में स्थीत है।&lt;br /&gt;
*ताज महल होटल 104 साल पुरानी इमारत है। &lt;br /&gt;
*ताज होटल में 565 कमरे हैं।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र मुंबई}}&lt;br /&gt;
*भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र [[मुम्बई]] में स्थित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] सरकार के [[परमाणु]] [[ऊर्जा]] विभाग के अन्तर्गत नाभिकीय [[विज्ञान]] एवं अभियांत्रिकी एवं अन्य सम्बन्धित क्षेत्रों का बहु-विषयी नाभिकीय अनुसंधान केन्द्र है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;नरीमन पाइंट&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|नरीमन पाइंट मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नरीमन पॉइंट मुंबई का सबसे प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है। &lt;br /&gt;
*इसका यह नाम एक पारसी दूरदर्शक खुर्शीद फ़्राम्जी नरीमन के नाम पर रखा गया। &lt;br /&gt;
*1995 में यहाँ वाणिज्यिक अचल संपत्ति किराया 8750 रू॰ प्रति वर्ग फुट था।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;कन्हेरी गुफाएँ&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|कन्हेरी गुफाएँ मुंबई}}&lt;br /&gt;
*कन्हेरी गुफाएँ मुंबई शहर के पश्चिमी क्षेत्र में बसे बोरीवली के उत्तर में स्थित हैं। &lt;br /&gt;
*ये संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के परिसर में ही स्थित हैं और मुख्य उद्यान से 6 कि.मी और बोरीवली स्टेशन से 7 कि.मी दूर हैं। &lt;br /&gt;
*ये गुफ़ाएँ [[बौद्ध]] कला दर्शाती हैं। &lt;br /&gt;
*कन्हेरी शब्द कृष्णागिरी यानी [[काला पर्वत]] से निकला है। &lt;br /&gt;
*इनको बड़े बड़े बेसाल्ट की चट्टानों से बनाया गया है।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>फ़्लोरा फ़ाउंटेन मुंबई</title>
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		<updated>2010-10-17T09:24:14Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;*[[महाराष्ट्र]] के शहर [[मुंबई]] में कई [[मुम्बई पर्यटन|पर्यटन स्थल]] है जिनमें से एक फ़्लोरा फ़ाउंटेन हैं।&lt;br /&gt;
*फ़्लोरा फ़ाउंटेन या हुतात्मा चौक एक फव्वारा है। &lt;br /&gt;
*इस संगमरमर फ़ाउंटेन का निर्माण 1869 में सर हैंरी बेरटल और एडवर्ड फ्रेर के सम्मान में किया गया था। &lt;br /&gt;
*फ़ाउंटेन का नाम [[रोम]] में समृद्धि के [[देवता]] के नाम पर पड़ा था।&lt;br /&gt;
*अब यह फ़ाउंटेन उस क्षेत्र में है, जहाँ [[महाराष्ट्र]] राज्य के लिए शहीद होने वालों की याद में स्मारक बनाया गया है।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
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|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
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}}&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
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		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>फ्लोरा फाउंटेन मुंबई</title>
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&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;#REDIRECT [[फ़्लोरा फ़ाउंटेन मुंबई]]&lt;/div&gt;</summary>
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		<title>फ़्लोरा फ़ाउंटेन मुंबई</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: फ्लोरा फाउंटेन मुंबई का नाम बदलकर फ़्लोरा फ़ाउंटेन मुंबई कर दिया गया है&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;*[[महाराष्ट्र]] के शहर [[मुंबई]] में कई [[मुम्बई पर्यटन|पर्यटन स्थल]] है जिनमें से एक फ्लोरा फाउंटेन हैं।&lt;br /&gt;
*फ्लोरा फाउंटेन या हुतात्मा चौक एक फव्वारा है। &lt;br /&gt;
*इस संगमरमर फाउंटेन का निर्माण 1869 में सर हैंरी बेरटल और एडवर्ड फ्रेर के सम्मान में किया गया था। &lt;br /&gt;
*फाउंटेन का नाम [[रोम]] में समृद्धि के [[देवता]] के नाम पर पड़ा था।&lt;br /&gt;
*अब यह फाउंटेन उस क्षेत्र में है, जहाँ [[महाराष्ट्र]] राज्य के लिए शहीद होने वालों की याद में स्मारक बनाया गया है।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>कन्नूर पर्यटन</title>
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		<updated>2010-10-17T08:05:36Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम= कन्नूर&lt;br /&gt;
|पर्यटन= कन्नूर पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला= कन्नूर ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास= कन्नूर प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
[[चित्र:View-Kannur-Kerala-2.jpg|thumb|250px|कन्नूर का एक दृश्य, [[केरल]]&amp;lt;br /&amp;gt;A View of Kannur, Kerala]]&lt;br /&gt;
दक्षिण [[भारत]] में स्थित [[कन्नूर]] [[केरल]] के उत्तरी सिरे में स्थित एक छोटा व बेहद ख़ूबसूरत तटवर्ती नगर है। शहरी भागदौड़ से परेशान पर्यटकों को कन्नूर काफी अच्छा लगता है। प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण इस नगर के पश्चिमी तट पर फैले रेत से [[लक्षद्वीप]] सागर मिलता है और तट के दूसरी तरफ ऊंचे-ऊंचे ताड़ के पेड़ वातावरण को सुन्दर बनाते हैं। सांस्कृतिक विरासत और कला से संपन्न इस नगर से अनेक किस्से जुड़े हुए हैं। माना जाता है कि राजा सोलोमन का जहाज मंदिर बनवाने हेतु लकड़ियाँ एकत्रित करने यहीं आया था। यहाँ की [[थय्यम नृत्य]] परंपरा विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ की अनेक इमारतें जैसे मस्जिद, मंदिर और चर्च पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यहाँ पर कई पर्यटन स्थल है जो इस प्रकार है:- &lt;br /&gt;
==पर्यटन स्थल==&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;सेन्ट एंजिलो फ़ोर्ट&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{main|कन्नूर क़िला}}&lt;br /&gt;
[[चित्र:Kannur-Fort-Kerala.jpg|thumb|250px|[[कन्नूर क़िला]], [[केरल]] &amp;lt;br /&amp;gt;Kannur Fort, Kerala]]&lt;br /&gt;
*कन्नूर क़िले के रूप में विख्यात सेन्ट एंजिलो फ़ोर्ट का निर्माण 1505 ई. में प्रथम [[पुर्तगाल|पुर्तगाली]]  वायसराय डॉन फ्रांसिसको डी अल्मेडा द्वारा बनवाया गया था। &lt;br /&gt;
*लेटराइट पत्थरों से इस क़िले का निर्माण करवाया गया था।&lt;br /&gt;
*पुर्तगालियों के बाद 1663 में सेन्ट एंजिलो फ़ोर्ट पर [[डच|डचों]] को नियंत्रण हो गया और कुछ समय पश्चात अरक्कल के शाही परिवार को बेच दिया।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;पयमबल्लम बीच&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Payyambalam-Beach-Kannur.jpg|thumb|250px|[[पयमबल्लम बीच कन्नूर|पयमबल्लम बीच]], कन्नूर&amp;lt;br /&amp;gt; Payyambalam Beach, Kannur]]&lt;br /&gt;
{{main|पयमबल्लम बीच कन्नूर}}&lt;br /&gt;
*पयमबल्लम बीच [[केरल]] के सबसे ख़ूबसूरत बीचों में एक है। &lt;br /&gt;
*स्वदेशाभिमानी के. रामाकृष्ण पिल्ला, ए के जी और चदायन गोविन्दन जैसे राष्ट्रवादी नेताओं ने यहाँ आराम किया था। &lt;br /&gt;
*पयमबल्लम बीच कन्नूर क़िले के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;मुजुपिलंगड बीच&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{main|मुजुपिलंगड बीच कन्नूर}}&lt;br /&gt;
*4.5 किमी. लंबे मुजुपिलंगड बीच की सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि इसमें आसानी से ड्राईविंग की जा सकती है।&lt;br /&gt;
*गाड़ियों के पहिए इस बीच के रेत में नहीं फंसते। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;थलस्सरी क़िला&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{main|थलस्सरी क़िला कन्नूर}}&lt;br /&gt;
*इतिहास के अनेक उतार-चढ़ाव का गवाह यह क़िला पर्यटकों को काफी पसंद आता है। &lt;br /&gt;
*थलस्सरी नगर के थिरूवल्लपद हिल पर यह क़िला बना हुआ है जो दक्षिणी कन्नूर से 20 किमी. दूर है। &lt;br /&gt;
*इस क़िले का निर्माण ब्रिटिश [[ईस्ट इंडिया कंपनी]] ने 1708 ई. में करवाया था। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;ईजीमाला&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{main|ईजीमाला कन्नूर}}&lt;br /&gt;
*ईजीमाला पहाड़ियाँ और बीच कन्नूर की उत्तरी सीमा पर स्थित है। &lt;br /&gt;
*कन्नूर से 50 किमी. दूर इन पहाड़ियों में दुर्लभ जड़ी-बूटियाँ पाई जाती हैं। &lt;br /&gt;
*यहाँ माउंट देली लाइटहाउस भी बना हुआ है जिसकी देखभाल नौसेना द्वारा की जाती है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;अरालम वन्य जीव अभ्यारण्य&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{main|अरालम वन्य जीव अभ्यारण्य कन्नूर}}&lt;br /&gt;
*अरालम वन्य जीव अभ्यारण्य शांत और विशाल अभ्यारण्य पश्चिमी घाट के ढलान पर स्थित है। &lt;br /&gt;
*उष्णकटिबंधीय पेड़ों से घिरे इस अभ्यारण्य में जीव जंतुओं की अनेक दुर्लभ प्रजातियों को देखा जा सकता है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;अरक्कल महल&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{main|अरक्कल महल कन्नूर}}&lt;br /&gt;
*अरक्कल महल कन्नूर नगर से 2 किमी. दूर है। &lt;br /&gt;
*अरक्कल की रानी या बीबी को यह महल समर्पित है। &lt;br /&gt;
*इस मुस्लिम परिवार के नियंत्रण में तटीय इलाके और लक्षद्वीप थे।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;स्नेक पार्क&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{main|स्नेक पार्क कन्नूर}}&lt;br /&gt;
*यह पार्क केरल में इस तरह का एकमात्र पार्क है। &lt;br /&gt;
*सांपों के लिए यहाँ तीन गर्त हैं। &lt;br /&gt;
*स्नेक पार्क में 15 शीशों की पेटी सांपों के लिए है और दो विशाल काँच के घर किंग कोबरा के लिए यहाँ हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://yatrasalah.com/touristPlaces.aspx?id=389 |title=कन्नूर |accessmonthday=[[14 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=यात्रा सलाह |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt; &lt;br /&gt;
===&amp;lt;u&amp;gt;अन्य स्थल&amp;lt;/u&amp;gt;===&lt;br /&gt;
कन्नूर के आस पास देखने योग्य ख़ूबसूरत कई अन्य स्थल भी हैं जैसे तलास्सेरी भारतीय सर्कस का पलना और प्रशिक्षण केन्द्र। यहाँ अंग्रेजों के द्वारा निर्मित एक क़िला भी है। माहे भी करीब ही है जो कभी फ्रांसीसियों का उपनिवेश रहा जो आजकल पांडिचेरी ([[पुदुचेरी]]) प्रशासन के अंतर्गत है। बहुत शीघ्र ही कन्नूर से अंतरराष्ट्रीय उडाने प्रारम्भ हो जायेंगी क्योंकि एक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा निर्माणाधीन है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://mallar.wordpress.com/2009/04/02/%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%B2/ |title=कन्नूर या केन्नानोर (केरल) |accessmonthday=[[12 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first=सुब्रमणियन |authorlink= |format= |publisher=वर्डप्रेस |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{केरल के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:केरल]]&lt;br /&gt;
[[Category:केरल के नगर]]&lt;br /&gt;
[[Category:केरल के पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97&amp;diff=77476</id>
		<title>रंग</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97&amp;diff=77476"/>
		<updated>2010-10-16T11:23:31Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* =रंगों का चुनाव */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Rainbow.jpg|इंद्रधनुष &amp;lt;br/ &amp;gt; Rainbow|250px|thumb]]&lt;br /&gt;
रंगो का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। रंगो से हमें विभिन्न स्थितियों का पता चलता है। हम अपने चारों तरफ अनेक प्रकार के रंगो से प्रभावित होते है। रंग, मानवी आँखों के [[वर्णक्रम]] से मिलने पर छाया सम्बंधी गतिविधियों से उत्पन्न होते हैं। मूल रूप से [[इंद्रधनुष]] के सात रंगों को ही रंगों का जनक माना जाता है, ये सात रंग [[लाल रंग|लाल]], [[नारंगी रंग|नारंगी]], [[पीला रंग|पीला]], [[हरा रंग|हरा]], [[आसमानी रंग|आसमानी]], [[नीला रंग|नीला]]  तथा [[बैंगनी रंग|बैंगनी]] हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मानवी गुण धर्म के आभासी बोध के अनुसार लाल, नीला व हरा रंग होता है। रंग विभिन्न प्रकार की श्रेणियाँ एवं भौतिक विनिर्देश वस्तु,  प्रकाश स्त्रोत इत्यादि के भौतिक गुणधर्म जैसे प्रकाश अन्तर्लयन, विलयन, समावेशन, परावर्तन जुडे होते हैं। &lt;br /&gt;
==मुख्य स्त्रोत==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Prism.png|Prism]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*रंगो की उत्पत्ति का सबसे प्राकृतिक स्त्रोत सूर्य का प्रकाश है। सूर्य के प्रकाश से विभिन्न प्रकार के रंगो की उत्पत्ति होती है। प्रिज्म की सहायता से देखने पर पता चलता है कि सूर्य सात रंग ग्रहण करता है जिसे सूक्ष्म रूप अंग्रेज़ी भाषा में '''VIBGYOR''' और हिन्दी में &amp;quot;बैं जा नी ह पी ना ला&amp;quot; कहा जाता है। जो इस प्रकार हैं:-&lt;br /&gt;
&amp;lt;span style=&amp;quot;color: #8000ff&amp;quot;&amp;gt;'''बैंगनी (violet)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #27bcf6&amp;quot;&amp;gt;'''जामुनी (indigo)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #0000ff&amp;quot;&amp;gt;'''नीला (blue)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #00ff00&amp;quot;&amp;gt;'''हरा (green)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #ffff00&amp;quot;&amp;gt;'''पीला (yellow)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #ff8000&amp;quot;&amp;gt;'''नारंगी (orange)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #ff0000&amp;quot;&amp;gt;'''लाल (red)'''&amp;lt;/span&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रकाश का वर्ण विक्षेपण==&lt;br /&gt;
{{main|वर्ण विक्षेपण}}&lt;br /&gt;
*जब [[सूर्य ग्रह|सूर्य]] का प्रकाश प्रिज्म से होकर गुजरता है, तो वह अपवर्तन के पश्चात् प्रिज्म के आधार की ओर झुकने के साथ-साथ विभिन्न रंगों के प्रकाश में बँट जाता है। इस प्रकार से श्वेत प्रकाश का अपने अवयवी रंगों में विभक्त होने की क्रिया को वर्ण विक्षेपण कहते हैं।&lt;br /&gt;
*सूर्य के प्रकाश से प्राप्त रंगों में बैंगनी रंग का विक्षेपण सबसे अधिक एवं लाल रंग का विक्षेपण सबसे कम होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रकाश का अपवर्तनांक==&lt;br /&gt;
{{main|अपवर्तन}}&lt;br /&gt;
पारदर्शी पदार्थ में जैसे-जैसे [[प्रकाश]] के रंगों का अपवर्तनांक बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे उस [[पदार्थ]] में उसकी [[चाल]] कम होती जाती है। जैसे- काँच में [[बैंगनी रंग]] के प्रकाश का वेग सबसे कम तथा अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है तथा लाल रंग का वेग सबसे अधिक एवं अपवर्तनांक सबसे कम होता है।&lt;br /&gt;
==रंग की आवृति व तरंगदैर्ध्य अंतराल==&lt;br /&gt;
सूर्य से प्राप्त मुख्य रंग बैंगनी, नील, नीला, पीला, नारंगी व लाल है। प्रत्येक रंग की तरंगदैर्ध्य अलग होती है। रंगो की विभिन्न आवृतियों व तरंगदैर्ध्य को निम्न तालिका द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; width=&amp;quot;80%&amp;quot; style=&amp;quot;text-align:center;&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|रंग&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;| आवृति विस्तार&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;| तरंगदैर्ध्य विस्तार&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|बैंगनी&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;| 6.73 - 7.6&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;| 3800 Å से 4460 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;| नीला&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;| 6.47 - 6.73&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;| 4460 Å से 4640 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;| आसमानी नीला&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;| 6.01 - 6.47&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;| 4640 Å से 5000 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;| हरा&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;| 5.19 - 6.01&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;| 5000 Å से 5780 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;| पीला&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;| 5.07 - 5.19&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;| 5780 Å से 5920 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;| नारंगी&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;| 4.84 - 5.07&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;| 5920 Å से 6200 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;| लाल&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;| 3.75 - 4.84&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;| 6200 Å से 7800 Å&lt;br /&gt;
|} &lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;रंगों का नामकरण&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Colour-wheel.jpg|thumb|250px|रंग चक्र &amp;lt;br /&amp;gt; Colour wheel]]&lt;br /&gt;
हर सभ्यता ने रंग को अपने लिहाज से गढ़ा है लेकिन इत्तेफाक से किसी ने भी ज़्यादा रंगों का नामकरण नहीं किया। ज़्यादातर भाषाओं में रंगों को दो ही तरह से बांटा गया है। पहला सफेद यानी हल्का और काला यानी चटक अंदाज लिए हुए।&lt;br /&gt;
*अरस्तु ने चौथी शताब्दी के ईसापूर्व में नीले और पीले की गिनती प्रारंभिक रंगो में की। इसकी तुलना प्राकृतिक चीजों से की गई जैसे सूरज-चांद, स्त्री-पुरूष, फैलना-सिकुड़ना,  दिन-रात, आदि। यह तक़रीबन दो हज़ार वर्षों तक प्रभावी रहा। &lt;br /&gt;
*17-18वीं शताब्दी में न्यूटन के सिध्दांत ने इसे सामान्य रंगों में बदल दिया। 1672 में न्यूटन ने रंगो पर अपना पहला पेपर प्रस्तुत किया था जो बहुत विवादों में रहा। &lt;br /&gt;
*गोथे ने न्यूटन के सिद्धांत को पूरी तरह नकारते हुए '''थ्योरी ऑफ़ कलर्स (Theory Of Colours)''' नामक किताब लिखी। गोथे के सिद्धांत अरस्तु से मिलते हैं। गोथे ने कहा कि गहरे अंधेरे में से सबसे पहले नीला रंग निकलता है, यह गहरेपन को दर्शाता है। वहीं उगते हुए सूरज में से पीला रंग सबसे पहले निकलता है जो हल्के रंगों का प्रतिनिधित्व करता है। &lt;br /&gt;
*19 वीं शताब्दी में कलर थेरेपी का प्रभाव कम हुआ लेकिन 20वीं शताब्दी में यह नए स्वरूप में पैदा हुआ। आज के कई डॉक्टर कलर थेरेपी को इलाज का बढ़िया माध्यम मानकर इसका इस्तेमाल करते हैं।&lt;br /&gt;
*रंग विशेषज्ञ मानते हैं कि हमें प्रकृति से सानिध्य बनाते हुए रंगों को कलर थेरेपी के बजाव जिन्दगी के तौर पर अपनाना चाहिए। रंगों को समझने में सबसे बड़ा योगदान उन लोगों ने किया जो [[विज्ञान]], [[गणित]], तत्व विज्ञान और [[धर्मशास्त्र]] के अनुसार काम करते थे।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://www.brandbihar.com/hindi/literature/amit_sharma/rang_aur_holi.html |title=रंग और होली|accessmonthday= 28|accessyear= जुलाई|authorlink= |last=शर्मा |first=डा0 अमित कुमार |format= |publisher=BrandBihar.com|language=एच टी एम एल}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
*आस्टवाल्ड नामक वैज्ञानिक ने आठ आदर्श रंगो को विशेष क्रम से एक क्रम में संयोजित किया। इस चक्र को '''आस्टवाल्ड वर्ण चक्र''' कहते है। इस चक्र में प्रदर्शित किये गये आठ आदर्श रंगो को निम्न विशेष क्रम में प्रदर्शित किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Colour.jpg|thumb|250px|रंग बिरंगी पेन्सिल]]&lt;br /&gt;
**पीला                   &lt;br /&gt;
**नारंगी&lt;br /&gt;
**लाल                   &lt;br /&gt;
**बैंगनी&lt;br /&gt;
**नीला                   &lt;br /&gt;
**नीलमणी या [[आसमानी रंग|आसमानी]]&lt;br /&gt;
**[[समुद्री हरा रंग|समुद्री हरा]]           &lt;br /&gt;
**[[धानी रंग|धानी]] या पत्ती हरा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==रंगो के प्रकार==&lt;br /&gt;
रंगो को तीन भागो में विभाजित किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
*प्राथमिक रंग या मूल रंग&lt;br /&gt;
*द्वितीयक रंग&lt;br /&gt;
*विरोधी रंग &lt;br /&gt;
====प्राथमिक रंग या मूल रंग====&lt;br /&gt;
{{Main|प्राथमिक रंग}}&lt;br /&gt;
प्राथमिक रंग या मूल रंग वे है जो किसी मिश्रण के द्वारा प्राप्त नहीं किये जा सकते है। ये रंग निम्न है-&lt;br /&gt;
*लाल&lt;br /&gt;
*नीला&lt;br /&gt;
*हरा&lt;br /&gt;
====द्वितीयक रंग====&lt;br /&gt;
{{Main|द्वितीयक रंग}}&lt;br /&gt;
द्वितीयक रंग वे रंग होते है जो दो प्राथमिक रंगो के मिश्रण से प्राप्त किये जाते है। द्वितीयक रंग रानी, सियान व पीला है। इन्हे दो भागो में विभाजित किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Colour-kites.jpg|thumb|250px|रंग बिरंगी पतंगें &amp;lt;br /&amp;gt; Colourful Kites]]&lt;br /&gt;
*गर्म रंग &lt;br /&gt;
*ठंडे रंग&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जिन रंगो में लाल रंग का प्रभाव माना जाता है उन्हें '''गर्म रंग''' कहा जाता है। गर्म रंग निम्न है-&lt;br /&gt;
*पीला&lt;br /&gt;
*लाल&lt;br /&gt;
*नारंगी&lt;br /&gt;
*बैंगनी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जिन रंगो में नीले रंग का प्रभाव माना जाता है उन्हें '''ठंड़े रंग''' कहा जाता है। ठंड़े रंग निम्न है-&lt;br /&gt;
*नीलमणी या आसमानी&lt;br /&gt;
*समुद्री हरा&lt;br /&gt;
*धानी या पत्ती हरा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====विरोधी रंग ====&lt;br /&gt;
{{Main|विरोधी रंग}}&lt;br /&gt;
प्राथमिक व द्वितीयक रंगों के मिश्रण से जो रंग बनते है उन्हें विरोधी रंग कहा जाता है। आस्टवाल्ड वर्ण चक्र में प्रदर्शित किये गये आमने सामने के रंग विरोधी रंग कहलाते है। जैसे- नीले का विरोधी रंग पीला, नारंगी का आसमानी व बैंगनी का विरोधी रंग धानी है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;लाल हरा व नीला प्रतिरूप&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
लाल हरा व नीला रंग प्रतिरूप एक ऐसा प्रतिरूप है जिसमें लाल, हरे और नीले रंग का प्रकाश विभिन्न प्रकार से मिश्रित होकर रंगों की एक विस्तृत सारणी का निर्माण करते हैं। लाल हरा व नीला रंग प्रतिरूप का नाम तीन प्राथमिक रंग लाल, हरे और नीले रंग के अंग्रेजी नाम के पहले अक्षर से जुड़कर बना है। आर जी बी रंग मॉडल का मुख्य उद्देश्य संवेदन, प्रतिनिधित्व, और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों में टीवी और कंप्यूटर जैसे चित्र, के प्रदर्शन के लिए होता है। हालांकि यह भी पारंपरिक फोटोग्राफी में प्रयोग किया गया है। नीले, हरे व लाल रंगों को परस्पर उपयुक्त मात्रा में मिलाकर अन्य रंग प्राप्त किये जा सकते हैं तथा इनको बराबर-बराबर मात्रा में मिलाने से श्वेत प्रकाश प्राप्त होता है।&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; align=&amp;quot;center&amp;quot;&lt;br /&gt;
|+ लाल हरा नीला प्रतिरुप&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Rgb-Mode.jpg|120px|लाल हरा नीला प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Red-Mode.jpg|120px|[[लाल रंग|लाल]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Green-Mode.jpg|120px|[[हरा रंग|हरा]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Blue-Mode.jpg|120px|[[नीला रंग|नीला]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;सी एम वाई के प्रतिरुप&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
[[क्यान रंग|क्यान]], मैंजेटा ([[रानी रंग|रानी]]), [[पीला रंग|पीला]] व [[काला रंग]] प्रतिरूप एक व्यकलित वर्ण प्रतिरूप है जिसे चतुर्वर्ण भी कहा जाता है। सी एम वाई के प्रतिरुप रंगीन मुद्रण में प्रयोग किया जाता है। सी एम वाई के प्रतिरूप किसी विशिष्ट तरंगदैर्घ्य को सोखकर, कार्य करता है। ऐसे प्रतिरूप को व्यकलित प्रतिरूप कहते हैं, क्योंकि यह स्याही श्वेत में से उज्ज्वलता को घटा देता है।&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; align=&amp;quot;center&amp;quot;&lt;br /&gt;
|+ सी एम वाई के प्रतिरुप&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Rgb-Mode.jpg|120px|सी एम वाई के प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Cyan-Mode.jpg|120px|[[क्यान रंग|क्यान]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Magenta-Mode.jpg|120px|[[रानी रंग|मैंजेंटा]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Yellow-Mode.jpg|120px|[[पीला रंग|पीला]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Black-Mode.jpg|120px|[[काला रंग|काला]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==रंगों का महत्व==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Rgb-mix.jpg|[[लाल रंग|लाल]], [[हरा रंग|हरा]] व [[नीला रंग|नीला]] प्रतिरूप|thumb|200px]]&lt;br /&gt;
इन रंगों को देखकर ही हम स्थिति के बारे में पता लगाते है। इंद्रधनुष के रंगों की छटा हमारे मन को बहुत आकर्षित करता है। हम रंगों के बिना अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। रंगों के बिना हमारा जीवन ठीक वैसा ही है, जैसे प्राण बिना शरीर। बाल्यावस्था में बच्चे रंगों की सहायता से ही वस्तुओं को पहचानता है। युवक रंगों के माध्यम से ही संसार का सर्जन करता है। वृद्ध की कमज़ोर आँखें रंगो की सहायता से वस्तुओं का नाम प्राप्त करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;quot;प्रकृति की सुन्दरता अवर्णनीय है और इसकी सुन्दरता मे चार चांद लगाते है ये रंग। सूर्य की लालिमा हो या खेतों की हरियाली, आसमान का नीलापन या मेघों का कालापन, बारिश के बाद मे बिखरती [[इन्द्रधनुष]] की अनोखी छटा, बर्फ की सफेदी और ना जाने कितने ही ख़ूबसूरत नज़ारे जो हमारे अंतरंग आत्मा को प्रफुल्लित करता है। इस आनंद का राज है रंगों की अनुभूति।  मानव जीवन रंगों के बिना उदास और सुना है। मुख्यत: सात रंगों की इस सृष्टि मे हर एक रंग हमारे जीवन पर असर छोड़ता है। कोई रंग हमें उत्तेजित करता है तो कोई रंग प्यार के लिये प्रेरित करता है। कुछ रंग हमें शांति का एहसास करता है तो कुछ रंग मातम का प्रतीक है। दूसरे शब्दों मे कह सकते है कि हमारे जीवन पर रंग का बहुत असर है। हर एक रंग अलग-अलग इंसान पर अलग-अलग तरीके से आन्दोलित करता है।''&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://ankauraap.com/colour.html |title=आप और आपका शुभ रंग|accessmonthday= 21|accessyear= जुलाई|authorlink= |last=सुन्दरानी|first=गुंजन |format= |publisher=अंक और आप|language=एच टी एम एल}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;धार्मिक महत्व&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
रंगो का महत्व हमारे जीवन में पौराणिक काल से ही रहा है। हमारे [[देवी]]-[[देवता|देवताओं]] को भी कुछ ख़ास रंग विशेष प्रिय हैं। यहाँ तक कि ये विशेष रंगों से पहचाने भी जाते हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://in.jagran.yahoo.com/dharm/?page=article&amp;amp;articleid=4735&amp;amp;category=10 |title=देवताओं के प्रिय रंग |accessmonthday= 28|accessyear= जुलाई|authorlink= |last=जिंदल |first=मीता |format= |publisher=जागरण याहू इंडिया|language=}}&amp;lt;/ref&amp;gt; &lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! प्रिय रंग&lt;br /&gt;
! देवी-देवता&lt;br /&gt;
! महत्व&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[लाल रंग|लाल]]&lt;br /&gt;
| [[लक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
| माँ लक्ष्मी को लाल रंग प्रिय है। लाल रंग हमें आगे बढने की प्रेरणा देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[पीला रंग|पीला]]&lt;br /&gt;
| [[कृष्ण]]&lt;br /&gt;
| भगवान कृष्ण को पीतांबरधारी भी कहते हैं, क्योंकि वे पीले रंग के वस्त्रों से सुशोभित रहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[काला रंग|काला]]&lt;br /&gt;
| [[शनिदेव]]&lt;br /&gt;
| शनिदेव को काला रंग प्रिय है। काला रंग तमस का कारक है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[सफ़ेद रंग|सफेद]]&lt;br /&gt;
| [[ब्रह्मा]]&lt;br /&gt;
| ब्रह्मा के वस्त्र सफेद हैं, जो इस बात को प्रमाणित करते हैं कि ब्रह्म, यानी ईश्वर सभी लोगों के प्रति समान भाव रखते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[भगवा रंग|भगवा]] &lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
| संन्यासी भगवा वस्त्र पहनते हैं। भगवा रंग लाल और पीले रंग का मिश्रण है।&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==रंगों का प्रभाव==&lt;br /&gt;
हम हमेशा से देखते आए हैं कि देवी-देवताओं के चित्र में उनके मुख मंडल के पीछे एक आभामंडल बना होता है। यह आभा मंडल हर जीवित व्यक्ति, पेड़-पौधे आदी में निहित होता है। इस आभामंडल को किरलियन फोटोग्राफी से देखा भी जा सकता है। यह आभामंडल शरीर से 2&amp;quot; से 4&amp;quot; की दूरी पर दिखाई देता है। इससे पता चलता है कि हमारा शरीर रंगों से भरा है। हमारे शरीर पर रंगों का प्रभाव बहुत ही सूक्ष्म प्रक्रिया से होता है सबसे उपयोगी [[सूर्य ग्रह|सूर्य]] का [[प्रकाश]] है। इसके अतिरिक्त हमारा रंगों से भरा आहार, घर या कमरों के रंग, कपड़े के रंग आदी भी शरीर की ऊर्जा पर प्रभाव डालते हैं। इलाज की एक पद्धती 'रंग चिक्तिसा' आधारित है। मनोरोग संबंधी मामलों में भी इस चिक्तिसा पद्धती का अनुकूल प्रभाव देखा गया है। सूर्य की किरणों से हमें सात रंग मिलते हैं। सूर्य से मिलने वाले सात रंग हैं- लाल, नारंगी, पीला, हरा, आसमानी, नीला और जामुनी। इन्हीं सात रंगों के मिश्रण से लाखों रंग बनाए जा सकते हैं। विभिन्न रंगों के मिश्रण से दस लाख तक रंग बनाए जा सकते हैं लेकिन सूक्ष्मता से 378 रंग ही देखे जा सकते हैं। हर रंग की एक तासीर होती है। गर्म और ठंडी। हरे, नीले, बैंगनी और इनसे मिलते-जुलते रंगों का प्रभाव वातावरण में ठंडक का एहसास कराता है। वहीं दूसरी ओर पीले, लाल व इनके मिश्रण से बने रंग वातावरण में गर्मी का आभास देते हैं। इन्हीं रंगों की सहायता से वस्तुस्थिति तथा प्रभावों को भ्रामक भी बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
=====&amp;lt;u&amp;gt;सुझाव&amp;lt;/u&amp;gt;=====&lt;br /&gt;
*यदि कमरे में रोशनी कम आती हो तो हमें इस तरह के रंगों का प्रयोग करें जिससे अंधेरा और न बढ़ने पाये। यहाँ सफेद, गुलाबी, हल्का संतरी, हल्का पीला, हल्का बैंगनी रंगों का प्रयोग किया जा सकता है। यह रंग कमरे में चमक भी लाएंगे।&lt;br /&gt;
*छोटे कमरे को बड़ा दिखाने के लिए छत पर सफेद रंग का प्रयोग किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
*जिन कमरों की चौ़ड़ाई कम हो उन्हें बड़ा दिखाने के लिए दीवारों पर अलग-अलग रंग किया जा सकता है। गहरे रंग छोटी दीवारों पर एवं हल्के रंग लंबी दीवारों पर करें।&lt;br /&gt;
*यदि छोटा डिब्बेनुमा कमरा है तो उसे बड़ा दिखाने के लिए तो उसकी तीन दीवारों पर एक रंग और चौथी दीवार पर अलग रंग करें।&lt;br /&gt;
=====&amp;lt;u&amp;gt;रंगों का चुनाव&amp;lt;/u&amp;gt;=====&lt;br /&gt;
रंगों का चुनाव बहुत से पहलुओं पर निर्भर करता है प्रकाश की उपलब्धता, अपनी पसंद, कमरों का साईज आदी। कभी-कभी सही रंग का चुनाव जीवन को एक महत्वपूर्ण घुमाव दे देता है और कई बार अपने लिए विपरीत रंगों के प्रयोग से हम अनजाने ही मुसीबतों को बुलावा दे देते हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://astrospeller.blogspot.com/2009/02/blog-post_25.html |title=जीवन पर रंगों का प्रभाव |accessmonthday=[[16 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format=एच टी एम एल |publisher=ज्योतिष जगत |language=हिन्दी}}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;स्वास्थ्य पर रंग का प्रभाव&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
मानव स्वास्थ्य पर रंगों का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। आयुर्वेद चिकित्सा में शरीर के किसी भी रोग का मुख्य कारण वात, पित्ता और कफ को माना जाता है। रंग चिकित्सा की मान्यता के अनुसार शरीर में हरे, नीले व लाल रंग के असंतुलन से भी रोग उत्पन्न होते हैं। इसलिए वात में रक्त विकार को हम हरे रंग के उपयोग से दूर कर सकते है। कफ में सर्दी की अधिकता को हम लाल, पीले व नारंगी रंग के उपयोग से दूर कर सकते है और पित्ता में गर्मी की अधिकता को हम नीले, बैंगनी रंग के प्रयोग से दूर कर सकते है।&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; width=&amp;quot;60%&amp;quot; style=&amp;quot;text-align:center;&amp;quot;&lt;br /&gt;
|+रंगों का प्रभाव शरीर के अंगों पर&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|रंग&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|ग्रंथि&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|विटामिन&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;|[[लाल रंग|लाल]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;|लिवर&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;|ए&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;|[[नारंगी रंग|नारंगी]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;|थायरायड&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;|बी 12&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;|[[पीला रंग|पीला]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;|आँख की पुतली के भीतर की झिल्ली&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;|बी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;|[[हरा रंग|हरा]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;|पिटयूचरी&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;|सी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;|[[नीला रंग|गहरा नीला]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;|पीनियल&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;|डी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;|[[आसमानी रंग|हल्का नीला]] (इंडिगो)&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;|पैराथायरायड&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;|ई &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|[[बैंगनी रंग|बैंगनी]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|प्लीहा&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|के&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==वस्तुओं के रंग==&lt;br /&gt;
वस्तु जिस रंग की दिखाई देती है, वह वास्तव में उसी रंग को परावर्तित करती है, शेष सभी रंगों को अवशोषित कर लेती है। जो वस्तु सभी रंगों को परावर्तित कर देती है, वह श्वेत दिखलाई पड़ती है, क्योंकि सभी रंगों का मिश्रित प्रभाव सफेद होता है। जो वस्तु सभी रंगों को अवशोषित कर लेती है व किसी भी रंग को परावर्तित नहीं करती है वह काली दिखाई देती है। इसलिए जब लाल गुलाब को हरा शीशे के माध्यम से देखा जाता है, तो वह काला दिखलाई पड़ता है, क्योंकि उसे परावर्तित करने के लिए लाल रंग नहीं मिलता और हरे रंग को काला रंग अवशोषित कर लेता है। विभिन्न वस्तुओं पर विभिन्न रंगों की किरणें डालने पर वे किस तरह की दिखती है इसे निम्नलिखित तालिका में देखा जा सकता है:-&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! वस्तु के नाम &lt;br /&gt;
! सफेद किरणों में &lt;br /&gt;
! लाल किरणों में &lt;br /&gt;
! हरी किरणों में &lt;br /&gt;
! पीली किरणों में &lt;br /&gt;
! नीली किरणों में &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| सफेद कागज़&lt;br /&gt;
| सफेद&lt;br /&gt;
| लाल&lt;br /&gt;
| हरा&lt;br /&gt;
| पीला&lt;br /&gt;
| नीला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| लाल कागज़&lt;br /&gt;
| लाल&lt;br /&gt;
| लाल&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| हरा कागज़&lt;br /&gt;
| हरा&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| हरा&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| पीला कागज़&lt;br /&gt;
| पीला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| पीला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| नीला कागज़&lt;br /&gt;
| नीला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| नीला&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
==कृत्रिम रंग==&lt;br /&gt;
रंग हजारों वर्षों से हमारे जीवन में अपनी जगह बनाए हुए हैं। बिना रंगों के हमारा जीवन भी नीरस सा हो जाएगा। जहां आजकल कृत्रिम रंगों का उपयोग जोरों पर है वहीं प्रारंभ में लोग प्राकृतिक रंगों को ही उपयोग में लाते थे। उल्लेखनीय है कि [[मोहन जोदड़ो]] और [[हड़प्पा]] की खुदाई में [[सिंधु घाटी सभ्यता]] की जो चीजें मिलीं उनमें ऐसे बर्तन और मूर्तियां भी थीं, जिन पर रंगाई की गई थी। उनमें एक [[लाल रंग]] का कपड़े का टुकड़ा भी मिला। विशेषज्ञों के अनुसार इस पर मजीठ या मजिष्‍ठा की जड़ से तैयार किया गया रंग चढ़ाया गया था। हजारों वर्षों तक मजीठ की जड़ और बक्कम वृक्ष की छाल लाल रंग का मुख्‍य स्रोत थी। [[पीपल]], [[गूलर]] और [[पाकड़]] जैसे वृक्षों पर लगने वाली [[लाख]] की क्रिमियों की लाह से महाउर रंग तैयार किया जाता था। पीला रंग और सिंदूर हल्दी से प्राप्‍त होता था।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;रंगों की तलाश&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
करीब सौ साल पहले पश्चिम में हुई औद्योगिक क्रांति के फलस्‍वरूप कपड़ा उद्योग का तेजी से विकास हुआ। रंगों की खपत बढ़ी। प्राकृतिक रंग सीमित मात्रा में उपलब्ध थे। इसलिए बढ़ी हुई मांग की पूर्ति प्राकृतिक रंगों से संभव नहीं थी। ऐसी स्थिति में कृत्रिम रंगों की तलाश आरंभ हुई। उन्हीं दिनों रॉयल कॉलेज ऑफ केमिस्ट्री, लंदन में विलियम पार्कीसन एनीलीन से [[मलेरिया]] की दवा कुनैन बनाने में जुटे थे। तमाम प्रयोग के बाद भी कुनैन तो नहीं बन पायी, लेकिन [[बैंगनी रंग]] जरूर बन गया। महज संयोगवश 1856 में तैयार हुए इस कृत्रिम रंग को मोव कहा गया। आगे चलकर 1860 में माजेंटा, 1862 में एनलोन ब्ल्यू और एनलोन ब्लैक, 1865 में बिस्माई ब्राउन, 1880 में काटन ब्लैक जैसे रासायनिक रंग अस्तित्व में आ चुके थे। शुरू में यह रंग तारकोल से तैयार किए जाते थे। बाद में इनका निर्माण कई अन्य रासायनिक [[पदार्थ|पदार्थों]] के सहयोग से होने लगा। जर्मन रसायनशास्त्री एडोल्फ फोन ने 1865 में कृत्रिम नील के विकास का कार्य अपने हाथ में लिया। कई असफलताओं और लंबी मेहनत के बाद 1882 में वे नील की संरचना निर्धारित कर सके। इसके अगले वर्ष रासायनिक नील भी बनने लगे। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए बइयर साहब को 1905 का नोबेल पुरस्कार भी प्राप्‍त हुआ था।&lt;br /&gt;
[[मुंबई]] का रंग का धंधा करने वाली कामराजजी नामक फर्म ने सबसे पहले 1867 में मजेंटा का [[आयात]] किया था। 1872 में जर्मन रंग विक्रेताओं का एक दल एलिजिरिन नामक रंग लेकर यहाँ आया था। इन लोगों ने भारतीय रंगरेंजों के बीच अपना रंग चलाने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए। आरंभ में उन्होंने नमूने के रूप में अपने रंग मुफ्त बांटे। नाममात्र की कीमत पर उधर बेचे। बाद में अच्छा खासा ब्याज वसूला। वनस्पति रंगों के मुकाबले रासायनिक रंग काफी सस्ते थे। इनमें तात्कालिक चमक-दमक भी खूब थी। यह आसानी से उपलब्ध भी हो जाते थे। इसलिए हमारी प्राकृति रंगों की परंपरा यह रंग आसानी से कब्जा जमाने में कामयाब हो गए।।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://khulasaa.com/index.php?option=com_content&amp;amp;view=article&amp;amp;id=126&amp;amp;Itemid=48 |title=कैसे आए कृत्रिम रंग |accessmonthday=[[16 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=खुलासा डॉट कॉम |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक3&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://knol.google.com/k/%E0%A4%AF-%E0%A4%96-%E0%A4%A8-%E0%A4%B5-%E0%A4%B2-%E0%A4%B0-%E0%A4%97-%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%B9-%E0%A4%B9%E0%A4%AE-%E0%A4%B0-%E0%A4%B8-%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%AC-%E0%A4%B0-%E0%A4%97# ये खाने वाले रंग ही करते हैं हमारी सेहत बेरंग]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{रंग}}&lt;br /&gt;
[[Category:भौतिक विज्ञान]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्रकाश]]&lt;br /&gt;
[[Category:रंग]]&lt;br /&gt;
[[Category:विज्ञान कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97&amp;diff=77475</id>
		<title>रंग</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97&amp;diff=77475"/>
		<updated>2010-10-16T11:22:44Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Rainbow.jpg|इंद्रधनुष &amp;lt;br/ &amp;gt; Rainbow|250px|thumb]]&lt;br /&gt;
रंगो का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। रंगो से हमें विभिन्न स्थितियों का पता चलता है। हम अपने चारों तरफ अनेक प्रकार के रंगो से प्रभावित होते है। रंग, मानवी आँखों के [[वर्णक्रम]] से मिलने पर छाया सम्बंधी गतिविधियों से उत्पन्न होते हैं। मूल रूप से [[इंद्रधनुष]] के सात रंगों को ही रंगों का जनक माना जाता है, ये सात रंग [[लाल रंग|लाल]], [[नारंगी रंग|नारंगी]], [[पीला रंग|पीला]], [[हरा रंग|हरा]], [[आसमानी रंग|आसमानी]], [[नीला रंग|नीला]]  तथा [[बैंगनी रंग|बैंगनी]] हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मानवी गुण धर्म के आभासी बोध के अनुसार लाल, नीला व हरा रंग होता है। रंग विभिन्न प्रकार की श्रेणियाँ एवं भौतिक विनिर्देश वस्तु,  प्रकाश स्त्रोत इत्यादि के भौतिक गुणधर्म जैसे प्रकाश अन्तर्लयन, विलयन, समावेशन, परावर्तन जुडे होते हैं। &lt;br /&gt;
==मुख्य स्त्रोत==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Prism.png|Prism]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*रंगो की उत्पत्ति का सबसे प्राकृतिक स्त्रोत सूर्य का प्रकाश है। सूर्य के प्रकाश से विभिन्न प्रकार के रंगो की उत्पत्ति होती है। प्रिज्म की सहायता से देखने पर पता चलता है कि सूर्य सात रंग ग्रहण करता है जिसे सूक्ष्म रूप अंग्रेज़ी भाषा में '''VIBGYOR''' और हिन्दी में &amp;quot;बैं जा नी ह पी ना ला&amp;quot; कहा जाता है। जो इस प्रकार हैं:-&lt;br /&gt;
&amp;lt;span style=&amp;quot;color: #8000ff&amp;quot;&amp;gt;'''बैंगनी (violet)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #27bcf6&amp;quot;&amp;gt;'''जामुनी (indigo)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #0000ff&amp;quot;&amp;gt;'''नीला (blue)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #00ff00&amp;quot;&amp;gt;'''हरा (green)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #ffff00&amp;quot;&amp;gt;'''पीला (yellow)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #ff8000&amp;quot;&amp;gt;'''नारंगी (orange)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #ff0000&amp;quot;&amp;gt;'''लाल (red)'''&amp;lt;/span&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रकाश का वर्ण विक्षेपण==&lt;br /&gt;
{{main|वर्ण विक्षेपण}}&lt;br /&gt;
*जब [[सूर्य ग्रह|सूर्य]] का प्रकाश प्रिज्म से होकर गुजरता है, तो वह अपवर्तन के पश्चात् प्रिज्म के आधार की ओर झुकने के साथ-साथ विभिन्न रंगों के प्रकाश में बँट जाता है। इस प्रकार से श्वेत प्रकाश का अपने अवयवी रंगों में विभक्त होने की क्रिया को वर्ण विक्षेपण कहते हैं।&lt;br /&gt;
*सूर्य के प्रकाश से प्राप्त रंगों में बैंगनी रंग का विक्षेपण सबसे अधिक एवं लाल रंग का विक्षेपण सबसे कम होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रकाश का अपवर्तनांक==&lt;br /&gt;
{{main|अपवर्तन}}&lt;br /&gt;
पारदर्शी पदार्थ में जैसे-जैसे [[प्रकाश]] के रंगों का अपवर्तनांक बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे उस [[पदार्थ]] में उसकी [[चाल]] कम होती जाती है। जैसे- काँच में [[बैंगनी रंग]] के प्रकाश का वेग सबसे कम तथा अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है तथा लाल रंग का वेग सबसे अधिक एवं अपवर्तनांक सबसे कम होता है।&lt;br /&gt;
==रंग की आवृति व तरंगदैर्ध्य अंतराल==&lt;br /&gt;
सूर्य से प्राप्त मुख्य रंग बैंगनी, नील, नीला, पीला, नारंगी व लाल है। प्रत्येक रंग की तरंगदैर्ध्य अलग होती है। रंगो की विभिन्न आवृतियों व तरंगदैर्ध्य को निम्न तालिका द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; width=&amp;quot;80%&amp;quot; style=&amp;quot;text-align:center;&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|रंग&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;| आवृति विस्तार&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;| तरंगदैर्ध्य विस्तार&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|बैंगनी&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;| 6.73 - 7.6&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;| 3800 Å से 4460 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;| नीला&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;| 6.47 - 6.73&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;| 4460 Å से 4640 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;| आसमानी नीला&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;| 6.01 - 6.47&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;| 4640 Å से 5000 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;| हरा&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;| 5.19 - 6.01&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;| 5000 Å से 5780 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;| पीला&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;| 5.07 - 5.19&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;| 5780 Å से 5920 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;| नारंगी&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;| 4.84 - 5.07&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;| 5920 Å से 6200 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;| लाल&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;| 3.75 - 4.84&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;| 6200 Å से 7800 Å&lt;br /&gt;
|} &lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;रंगों का नामकरण&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Colour-wheel.jpg|thumb|250px|रंग चक्र &amp;lt;br /&amp;gt; Colour wheel]]&lt;br /&gt;
हर सभ्यता ने रंग को अपने लिहाज से गढ़ा है लेकिन इत्तेफाक से किसी ने भी ज़्यादा रंगों का नामकरण नहीं किया। ज़्यादातर भाषाओं में रंगों को दो ही तरह से बांटा गया है। पहला सफेद यानी हल्का और काला यानी चटक अंदाज लिए हुए।&lt;br /&gt;
*अरस्तु ने चौथी शताब्दी के ईसापूर्व में नीले और पीले की गिनती प्रारंभिक रंगो में की। इसकी तुलना प्राकृतिक चीजों से की गई जैसे सूरज-चांद, स्त्री-पुरूष, फैलना-सिकुड़ना,  दिन-रात, आदि। यह तक़रीबन दो हज़ार वर्षों तक प्रभावी रहा। &lt;br /&gt;
*17-18वीं शताब्दी में न्यूटन के सिध्दांत ने इसे सामान्य रंगों में बदल दिया। 1672 में न्यूटन ने रंगो पर अपना पहला पेपर प्रस्तुत किया था जो बहुत विवादों में रहा। &lt;br /&gt;
*गोथे ने न्यूटन के सिद्धांत को पूरी तरह नकारते हुए '''थ्योरी ऑफ़ कलर्स (Theory Of Colours)''' नामक किताब लिखी। गोथे के सिद्धांत अरस्तु से मिलते हैं। गोथे ने कहा कि गहरे अंधेरे में से सबसे पहले नीला रंग निकलता है, यह गहरेपन को दर्शाता है। वहीं उगते हुए सूरज में से पीला रंग सबसे पहले निकलता है जो हल्के रंगों का प्रतिनिधित्व करता है। &lt;br /&gt;
*19 वीं शताब्दी में कलर थेरेपी का प्रभाव कम हुआ लेकिन 20वीं शताब्दी में यह नए स्वरूप में पैदा हुआ। आज के कई डॉक्टर कलर थेरेपी को इलाज का बढ़िया माध्यम मानकर इसका इस्तेमाल करते हैं।&lt;br /&gt;
*रंग विशेषज्ञ मानते हैं कि हमें प्रकृति से सानिध्य बनाते हुए रंगों को कलर थेरेपी के बजाव जिन्दगी के तौर पर अपनाना चाहिए। रंगों को समझने में सबसे बड़ा योगदान उन लोगों ने किया जो [[विज्ञान]], [[गणित]], तत्व विज्ञान और [[धर्मशास्त्र]] के अनुसार काम करते थे।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://www.brandbihar.com/hindi/literature/amit_sharma/rang_aur_holi.html |title=रंग और होली|accessmonthday= 28|accessyear= जुलाई|authorlink= |last=शर्मा |first=डा0 अमित कुमार |format= |publisher=BrandBihar.com|language=एच टी एम एल}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
*आस्टवाल्ड नामक वैज्ञानिक ने आठ आदर्श रंगो को विशेष क्रम से एक क्रम में संयोजित किया। इस चक्र को '''आस्टवाल्ड वर्ण चक्र''' कहते है। इस चक्र में प्रदर्शित किये गये आठ आदर्श रंगो को निम्न विशेष क्रम में प्रदर्शित किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Colour.jpg|thumb|250px|रंग बिरंगी पेन्सिल]]&lt;br /&gt;
**पीला                   &lt;br /&gt;
**नारंगी&lt;br /&gt;
**लाल                   &lt;br /&gt;
**बैंगनी&lt;br /&gt;
**नीला                   &lt;br /&gt;
**नीलमणी या [[आसमानी रंग|आसमानी]]&lt;br /&gt;
**[[समुद्री हरा रंग|समुद्री हरा]]           &lt;br /&gt;
**[[धानी रंग|धानी]] या पत्ती हरा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==रंगो के प्रकार==&lt;br /&gt;
रंगो को तीन भागो में विभाजित किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
*प्राथमिक रंग या मूल रंग&lt;br /&gt;
*द्वितीयक रंग&lt;br /&gt;
*विरोधी रंग &lt;br /&gt;
====प्राथमिक रंग या मूल रंग====&lt;br /&gt;
{{Main|प्राथमिक रंग}}&lt;br /&gt;
प्राथमिक रंग या मूल रंग वे है जो किसी मिश्रण के द्वारा प्राप्त नहीं किये जा सकते है। ये रंग निम्न है-&lt;br /&gt;
*लाल&lt;br /&gt;
*नीला&lt;br /&gt;
*हरा&lt;br /&gt;
====द्वितीयक रंग====&lt;br /&gt;
{{Main|द्वितीयक रंग}}&lt;br /&gt;
द्वितीयक रंग वे रंग होते है जो दो प्राथमिक रंगो के मिश्रण से प्राप्त किये जाते है। द्वितीयक रंग रानी, सियान व पीला है। इन्हे दो भागो में विभाजित किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Colour-kites.jpg|thumb|250px|रंग बिरंगी पतंगें &amp;lt;br /&amp;gt; Colourful Kites]]&lt;br /&gt;
*गर्म रंग &lt;br /&gt;
*ठंडे रंग&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जिन रंगो में लाल रंग का प्रभाव माना जाता है उन्हें '''गर्म रंग''' कहा जाता है। गर्म रंग निम्न है-&lt;br /&gt;
*पीला&lt;br /&gt;
*लाल&lt;br /&gt;
*नारंगी&lt;br /&gt;
*बैंगनी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जिन रंगो में नीले रंग का प्रभाव माना जाता है उन्हें '''ठंड़े रंग''' कहा जाता है। ठंड़े रंग निम्न है-&lt;br /&gt;
*नीलमणी या आसमानी&lt;br /&gt;
*समुद्री हरा&lt;br /&gt;
*धानी या पत्ती हरा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====विरोधी रंग ====&lt;br /&gt;
{{Main|विरोधी रंग}}&lt;br /&gt;
प्राथमिक व द्वितीयक रंगों के मिश्रण से जो रंग बनते है उन्हें विरोधी रंग कहा जाता है। आस्टवाल्ड वर्ण चक्र में प्रदर्शित किये गये आमने सामने के रंग विरोधी रंग कहलाते है। जैसे- नीले का विरोधी रंग पीला, नारंगी का आसमानी व बैंगनी का विरोधी रंग धानी है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;लाल हरा व नीला प्रतिरूप&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
लाल हरा व नीला रंग प्रतिरूप एक ऐसा प्रतिरूप है जिसमें लाल, हरे और नीले रंग का प्रकाश विभिन्न प्रकार से मिश्रित होकर रंगों की एक विस्तृत सारणी का निर्माण करते हैं। लाल हरा व नीला रंग प्रतिरूप का नाम तीन प्राथमिक रंग लाल, हरे और नीले रंग के अंग्रेजी नाम के पहले अक्षर से जुड़कर बना है। आर जी बी रंग मॉडल का मुख्य उद्देश्य संवेदन, प्रतिनिधित्व, और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों में टीवी और कंप्यूटर जैसे चित्र, के प्रदर्शन के लिए होता है। हालांकि यह भी पारंपरिक फोटोग्राफी में प्रयोग किया गया है। नीले, हरे व लाल रंगों को परस्पर उपयुक्त मात्रा में मिलाकर अन्य रंग प्राप्त किये जा सकते हैं तथा इनको बराबर-बराबर मात्रा में मिलाने से श्वेत प्रकाश प्राप्त होता है।&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; align=&amp;quot;center&amp;quot;&lt;br /&gt;
|+ लाल हरा नीला प्रतिरुप&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Rgb-Mode.jpg|120px|लाल हरा नीला प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Red-Mode.jpg|120px|[[लाल रंग|लाल]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Green-Mode.jpg|120px|[[हरा रंग|हरा]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Blue-Mode.jpg|120px|[[नीला रंग|नीला]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;सी एम वाई के प्रतिरुप&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
[[क्यान रंग|क्यान]], मैंजेटा ([[रानी रंग|रानी]]), [[पीला रंग|पीला]] व [[काला रंग]] प्रतिरूप एक व्यकलित वर्ण प्रतिरूप है जिसे चतुर्वर्ण भी कहा जाता है। सी एम वाई के प्रतिरुप रंगीन मुद्रण में प्रयोग किया जाता है। सी एम वाई के प्रतिरूप किसी विशिष्ट तरंगदैर्घ्य को सोखकर, कार्य करता है। ऐसे प्रतिरूप को व्यकलित प्रतिरूप कहते हैं, क्योंकि यह स्याही श्वेत में से उज्ज्वलता को घटा देता है।&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; align=&amp;quot;center&amp;quot;&lt;br /&gt;
|+ सी एम वाई के प्रतिरुप&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Rgb-Mode.jpg|120px|सी एम वाई के प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Cyan-Mode.jpg|120px|[[क्यान रंग|क्यान]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Magenta-Mode.jpg|120px|[[रानी रंग|मैंजेंटा]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Yellow-Mode.jpg|120px|[[पीला रंग|पीला]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Black-Mode.jpg|120px|[[काला रंग|काला]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==रंगों का महत्व==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Rgb-mix.jpg|[[लाल रंग|लाल]], [[हरा रंग|हरा]] व [[नीला रंग|नीला]] प्रतिरूप|thumb|200px]]&lt;br /&gt;
इन रंगों को देखकर ही हम स्थिति के बारे में पता लगाते है। इंद्रधनुष के रंगों की छटा हमारे मन को बहुत आकर्षित करता है। हम रंगों के बिना अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। रंगों के बिना हमारा जीवन ठीक वैसा ही है, जैसे प्राण बिना शरीर। बाल्यावस्था में बच्चे रंगों की सहायता से ही वस्तुओं को पहचानता है। युवक रंगों के माध्यम से ही संसार का सर्जन करता है। वृद्ध की कमज़ोर आँखें रंगो की सहायता से वस्तुओं का नाम प्राप्त करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;quot;प्रकृति की सुन्दरता अवर्णनीय है और इसकी सुन्दरता मे चार चांद लगाते है ये रंग। सूर्य की लालिमा हो या खेतों की हरियाली, आसमान का नीलापन या मेघों का कालापन, बारिश के बाद मे बिखरती [[इन्द्रधनुष]] की अनोखी छटा, बर्फ की सफेदी और ना जाने कितने ही ख़ूबसूरत नज़ारे जो हमारे अंतरंग आत्मा को प्रफुल्लित करता है। इस आनंद का राज है रंगों की अनुभूति।  मानव जीवन रंगों के बिना उदास और सुना है। मुख्यत: सात रंगों की इस सृष्टि मे हर एक रंग हमारे जीवन पर असर छोड़ता है। कोई रंग हमें उत्तेजित करता है तो कोई रंग प्यार के लिये प्रेरित करता है। कुछ रंग हमें शांति का एहसास करता है तो कुछ रंग मातम का प्रतीक है। दूसरे शब्दों मे कह सकते है कि हमारे जीवन पर रंग का बहुत असर है। हर एक रंग अलग-अलग इंसान पर अलग-अलग तरीके से आन्दोलित करता है।''&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://ankauraap.com/colour.html |title=आप और आपका शुभ रंग|accessmonthday= 21|accessyear= जुलाई|authorlink= |last=सुन्दरानी|first=गुंजन |format= |publisher=अंक और आप|language=एच टी एम एल}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;धार्मिक महत्व&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
रंगो का महत्व हमारे जीवन में पौराणिक काल से ही रहा है। हमारे [[देवी]]-[[देवता|देवताओं]] को भी कुछ ख़ास रंग विशेष प्रिय हैं। यहाँ तक कि ये विशेष रंगों से पहचाने भी जाते हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://in.jagran.yahoo.com/dharm/?page=article&amp;amp;articleid=4735&amp;amp;category=10 |title=देवताओं के प्रिय रंग |accessmonthday= 28|accessyear= जुलाई|authorlink= |last=जिंदल |first=मीता |format= |publisher=जागरण याहू इंडिया|language=}}&amp;lt;/ref&amp;gt; &lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! प्रिय रंग&lt;br /&gt;
! देवी-देवता&lt;br /&gt;
! महत्व&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[लाल रंग|लाल]]&lt;br /&gt;
| [[लक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
| माँ लक्ष्मी को लाल रंग प्रिय है। लाल रंग हमें आगे बढने की प्रेरणा देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[पीला रंग|पीला]]&lt;br /&gt;
| [[कृष्ण]]&lt;br /&gt;
| भगवान कृष्ण को पीतांबरधारी भी कहते हैं, क्योंकि वे पीले रंग के वस्त्रों से सुशोभित रहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[काला रंग|काला]]&lt;br /&gt;
| [[शनिदेव]]&lt;br /&gt;
| शनिदेव को काला रंग प्रिय है। काला रंग तमस का कारक है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[सफ़ेद रंग|सफेद]]&lt;br /&gt;
| [[ब्रह्मा]]&lt;br /&gt;
| ब्रह्मा के वस्त्र सफेद हैं, जो इस बात को प्रमाणित करते हैं कि ब्रह्म, यानी ईश्वर सभी लोगों के प्रति समान भाव रखते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[भगवा रंग|भगवा]] &lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
| संन्यासी भगवा वस्त्र पहनते हैं। भगवा रंग लाल और पीले रंग का मिश्रण है।&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==रंगों का प्रभाव==&lt;br /&gt;
हम हमेशा से देखते आए हैं कि देवी-देवताओं के चित्र में उनके मुख मंडल के पीछे एक आभामंडल बना होता है। यह आभा मंडल हर जीवित व्यक्ति, पेड़-पौधे आदी में निहित होता है। इस आभामंडल को किरलियन फोटोग्राफी से देखा भी जा सकता है। यह आभामंडल शरीर से 2&amp;quot; से 4&amp;quot; की दूरी पर दिखाई देता है। इससे पता चलता है कि हमारा शरीर रंगों से भरा है। हमारे शरीर पर रंगों का प्रभाव बहुत ही सूक्ष्म प्रक्रिया से होता है सबसे उपयोगी [[सूर्य ग्रह|सूर्य]] का [[प्रकाश]] है। इसके अतिरिक्त हमारा रंगों से भरा आहार, घर या कमरों के रंग, कपड़े के रंग आदी भी शरीर की ऊर्जा पर प्रभाव डालते हैं। इलाज की एक पद्धती 'रंग चिक्तिसा' आधारित है। मनोरोग संबंधी मामलों में भी इस चिक्तिसा पद्धती का अनुकूल प्रभाव देखा गया है। सूर्य की किरणों से हमें सात रंग मिलते हैं। सूर्य से मिलने वाले सात रंग हैं- लाल, नारंगी, पीला, हरा, आसमानी, नीला और जामुनी। इन्हीं सात रंगों के मिश्रण से लाखों रंग बनाए जा सकते हैं। विभिन्न रंगों के मिश्रण से दस लाख तक रंग बनाए जा सकते हैं लेकिन सूक्ष्मता से 378 रंग ही देखे जा सकते हैं। हर रंग की एक तासीर होती है। गर्म और ठंडी। हरे, नीले, बैंगनी और इनसे मिलते-जुलते रंगों का प्रभाव वातावरण में ठंडक का एहसास कराता है। वहीं दूसरी ओर पीले, लाल व इनके मिश्रण से बने रंग वातावरण में गर्मी का आभास देते हैं। इन्हीं रंगों की सहायता से वस्तुस्थिति तथा प्रभावों को भ्रामक भी बनाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
=====&amp;lt;u&amp;gt;सुझाव&amp;lt;/u&amp;gt;=====&lt;br /&gt;
*यदि कमरे में रोशनी कम आती हो तो हमें इस तरह के रंगों का प्रयोग करें जिससे अंधेरा और न बढ़ने पाये। यहाँ सफेद, गुलाबी, हल्का संतरी, हल्का पीला, हल्का बैंगनी रंगों का प्रयोग किया जा सकता है। यह रंग कमरे में चमक भी लाएंगे।&lt;br /&gt;
*छोटे कमरे को बड़ा दिखाने के लिए छत पर सफेद रंग का प्रयोग किया जा सकता है। &lt;br /&gt;
*जिन कमरों की चौ़ड़ाई कम हो उन्हें बड़ा दिखाने के लिए दीवारों पर अलग-अलग रंग किया जा सकता है। गहरे रंग छोटी दीवारों पर एवं हल्के रंग लंबी दीवारों पर करें।&lt;br /&gt;
*यदि छोटा डिब्बेनुमा कमरा है तो उसे बड़ा दिखाने के लिए तो उसकी तीन दीवारों पर एक रंग और चौथी दीवार पर अलग रंग करें।&lt;br /&gt;
======&amp;lt;u&amp;gt;रंगों का चुनाव&amp;lt;/u&amp;gt;=====&lt;br /&gt;
रंगों का चुनाव बहुत से पहलुओं पर निर्भर करता है प्रकाश की उपलब्धता, अपनी पसंद, कमरों का साईज आदी। कभी-कभी सही रंग का चुनाव जीवन को एक महत्वपूर्ण घुमाव दे देता है और कई बार अपने लिए विपरीत रंगों के प्रयोग से हम अनजाने ही मुसीबतों को बुलावा दे देते हैं।{{cite web |url=http://astrospeller.blogspot.com/2009/02/blog-post_25.html |title=जीवन पर रंगों का प्रभाव |accessmonthday=[[16 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format=एच टी एम एल |publisher=ज्योतिष जगत |language=हिन्दी}}&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;स्वास्थ्य पर रंग का प्रभाव&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
मानव स्वास्थ्य पर रंगों का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। आयुर्वेद चिकित्सा में शरीर के किसी भी रोग का मुख्य कारण वात, पित्ता और कफ को माना जाता है। रंग चिकित्सा की मान्यता के अनुसार शरीर में हरे, नीले व लाल रंग के असंतुलन से भी रोग उत्पन्न होते हैं। इसलिए वात में रक्त विकार को हम हरे रंग के उपयोग से दूर कर सकते है। कफ में सर्दी की अधिकता को हम लाल, पीले व नारंगी रंग के उपयोग से दूर कर सकते है और पित्ता में गर्मी की अधिकता को हम नीले, बैंगनी रंग के प्रयोग से दूर कर सकते है।&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; width=&amp;quot;60%&amp;quot; style=&amp;quot;text-align:center;&amp;quot;&lt;br /&gt;
|+रंगों का प्रभाव शरीर के अंगों पर&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|रंग&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|ग्रंथि&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|विटामिन&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;|[[लाल रंग|लाल]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;|लिवर&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;|ए&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;|[[नारंगी रंग|नारंगी]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;|थायरायड&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;|बी 12&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;|[[पीला रंग|पीला]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;|आँख की पुतली के भीतर की झिल्ली&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;|बी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;|[[हरा रंग|हरा]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;|पिटयूचरी&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;|सी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;|[[नीला रंग|गहरा नीला]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;|पीनियल&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;|डी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;|[[आसमानी रंग|हल्का नीला]] (इंडिगो)&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;|पैराथायरायड&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;|ई &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|[[बैंगनी रंग|बैंगनी]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|प्लीहा&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|के&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==वस्तुओं के रंग==&lt;br /&gt;
वस्तु जिस रंग की दिखाई देती है, वह वास्तव में उसी रंग को परावर्तित करती है, शेष सभी रंगों को अवशोषित कर लेती है। जो वस्तु सभी रंगों को परावर्तित कर देती है, वह श्वेत दिखलाई पड़ती है, क्योंकि सभी रंगों का मिश्रित प्रभाव सफेद होता है। जो वस्तु सभी रंगों को अवशोषित कर लेती है व किसी भी रंग को परावर्तित नहीं करती है वह काली दिखाई देती है। इसलिए जब लाल गुलाब को हरा शीशे के माध्यम से देखा जाता है, तो वह काला दिखलाई पड़ता है, क्योंकि उसे परावर्तित करने के लिए लाल रंग नहीं मिलता और हरे रंग को काला रंग अवशोषित कर लेता है। विभिन्न वस्तुओं पर विभिन्न रंगों की किरणें डालने पर वे किस तरह की दिखती है इसे निम्नलिखित तालिका में देखा जा सकता है:-&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! वस्तु के नाम &lt;br /&gt;
! सफेद किरणों में &lt;br /&gt;
! लाल किरणों में &lt;br /&gt;
! हरी किरणों में &lt;br /&gt;
! पीली किरणों में &lt;br /&gt;
! नीली किरणों में &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| सफेद कागज़&lt;br /&gt;
| सफेद&lt;br /&gt;
| लाल&lt;br /&gt;
| हरा&lt;br /&gt;
| पीला&lt;br /&gt;
| नीला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| लाल कागज़&lt;br /&gt;
| लाल&lt;br /&gt;
| लाल&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| हरा कागज़&lt;br /&gt;
| हरा&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| हरा&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| पीला कागज़&lt;br /&gt;
| पीला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| पीला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| नीला कागज़&lt;br /&gt;
| नीला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| नीला&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
==कृत्रिम रंग==&lt;br /&gt;
रंग हजारों वर्षों से हमारे जीवन में अपनी जगह बनाए हुए हैं। बिना रंगों के हमारा जीवन भी नीरस सा हो जाएगा। जहां आजकल कृत्रिम रंगों का उपयोग जोरों पर है वहीं प्रारंभ में लोग प्राकृतिक रंगों को ही उपयोग में लाते थे। उल्लेखनीय है कि [[मोहन जोदड़ो]] और [[हड़प्पा]] की खुदाई में [[सिंधु घाटी सभ्यता]] की जो चीजें मिलीं उनमें ऐसे बर्तन और मूर्तियां भी थीं, जिन पर रंगाई की गई थी। उनमें एक [[लाल रंग]] का कपड़े का टुकड़ा भी मिला। विशेषज्ञों के अनुसार इस पर मजीठ या मजिष्‍ठा की जड़ से तैयार किया गया रंग चढ़ाया गया था। हजारों वर्षों तक मजीठ की जड़ और बक्कम वृक्ष की छाल लाल रंग का मुख्‍य स्रोत थी। [[पीपल]], [[गूलर]] और [[पाकड़]] जैसे वृक्षों पर लगने वाली [[लाख]] की क्रिमियों की लाह से महाउर रंग तैयार किया जाता था। पीला रंग और सिंदूर हल्दी से प्राप्‍त होता था।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;रंगों की तलाश&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
करीब सौ साल पहले पश्चिम में हुई औद्योगिक क्रांति के फलस्‍वरूप कपड़ा उद्योग का तेजी से विकास हुआ। रंगों की खपत बढ़ी। प्राकृतिक रंग सीमित मात्रा में उपलब्ध थे। इसलिए बढ़ी हुई मांग की पूर्ति प्राकृतिक रंगों से संभव नहीं थी। ऐसी स्थिति में कृत्रिम रंगों की तलाश आरंभ हुई। उन्हीं दिनों रॉयल कॉलेज ऑफ केमिस्ट्री, लंदन में विलियम पार्कीसन एनीलीन से [[मलेरिया]] की दवा कुनैन बनाने में जुटे थे। तमाम प्रयोग के बाद भी कुनैन तो नहीं बन पायी, लेकिन [[बैंगनी रंग]] जरूर बन गया। महज संयोगवश 1856 में तैयार हुए इस कृत्रिम रंग को मोव कहा गया। आगे चलकर 1860 में माजेंटा, 1862 में एनलोन ब्ल्यू और एनलोन ब्लैक, 1865 में बिस्माई ब्राउन, 1880 में काटन ब्लैक जैसे रासायनिक रंग अस्तित्व में आ चुके थे। शुरू में यह रंग तारकोल से तैयार किए जाते थे। बाद में इनका निर्माण कई अन्य रासायनिक [[पदार्थ|पदार्थों]] के सहयोग से होने लगा। जर्मन रसायनशास्त्री एडोल्फ फोन ने 1865 में कृत्रिम नील के विकास का कार्य अपने हाथ में लिया। कई असफलताओं और लंबी मेहनत के बाद 1882 में वे नील की संरचना निर्धारित कर सके। इसके अगले वर्ष रासायनिक नील भी बनने लगे। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए बइयर साहब को 1905 का नोबेल पुरस्कार भी प्राप्‍त हुआ था।&lt;br /&gt;
[[मुंबई]] का रंग का धंधा करने वाली कामराजजी नामक फर्म ने सबसे पहले 1867 में मजेंटा का [[आयात]] किया था। 1872 में जर्मन रंग विक्रेताओं का एक दल एलिजिरिन नामक रंग लेकर यहाँ आया था। इन लोगों ने भारतीय रंगरेंजों के बीच अपना रंग चलाने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए। आरंभ में उन्होंने नमूने के रूप में अपने रंग मुफ्त बांटे। नाममात्र की कीमत पर उधर बेचे। बाद में अच्छा खासा ब्याज वसूला। वनस्पति रंगों के मुकाबले रासायनिक रंग काफी सस्ते थे। इनमें तात्कालिक चमक-दमक भी खूब थी। यह आसानी से उपलब्ध भी हो जाते थे। इसलिए हमारी प्राकृति रंगों की परंपरा यह रंग आसानी से कब्जा जमाने में कामयाब हो गए।।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://khulasaa.com/index.php?option=com_content&amp;amp;view=article&amp;amp;id=126&amp;amp;Itemid=48 |title=कैसे आए कृत्रिम रंग |accessmonthday=[[16 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=खुलासा डॉट कॉम |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक3&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://knol.google.com/k/%E0%A4%AF-%E0%A4%96-%E0%A4%A8-%E0%A4%B5-%E0%A4%B2-%E0%A4%B0-%E0%A4%97-%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%B9-%E0%A4%B9%E0%A4%AE-%E0%A4%B0-%E0%A4%B8-%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%AC-%E0%A4%B0-%E0%A4%97# ये खाने वाले रंग ही करते हैं हमारी सेहत बेरंग]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{रंग}}&lt;br /&gt;
[[Category:भौतिक विज्ञान]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्रकाश]]&lt;br /&gt;
[[Category:रंग]]&lt;br /&gt;
[[Category:विज्ञान कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97&amp;diff=77463</id>
		<title>रंग</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97&amp;diff=77463"/>
		<updated>2010-10-16T10:46:29Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* रंगों की तलाश */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Rainbow.jpg|इंद्रधनुष &amp;lt;br/ &amp;gt; Rainbow|250px|thumb]]&lt;br /&gt;
रंगो का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। रंगो से हमें विभिन्न स्थितियों का पता चलता है। हम अपने चारों तरफ अनेक प्रकार के रंगो से प्रभावित होते है। रंग, मानवी आँखों के [[वर्णक्रम]] से मिलने पर छाया सम्बंधी गतिविधियों से उत्पन्न होते हैं। मूल रूप से [[इंद्रधनुष]] के सात रंगों को ही रंगों का जनक माना जाता है, ये सात रंग [[लाल रंग|लाल]], [[नारंगी रंग|नारंगी]], [[पीला रंग|पीला]], [[हरा रंग|हरा]], [[आसमानी रंग|आसमानी]], [[नीला रंग|नीला]]  तथा [[बैंगनी रंग|बैंगनी]] हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मानवी गुण धर्म के आभासी बोध के अनुसार लाल, नीला व हरा रंग होता है। रंग विभिन्न प्रकार की श्रेणियाँ एवं भौतिक विनिर्देश वस्तु,  प्रकाश स्त्रोत इत्यादि के भौतिक गुणधर्म जैसे प्रकाश अन्तर्लयन, विलयन, समावेशन, परावर्तन जुडे होते हैं। &lt;br /&gt;
==मुख्य स्त्रोत==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Prism.png|Prism]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*रंगो की उत्पत्ति का सबसे प्राकृतिक स्त्रोत सूर्य का प्रकाश है। सूर्य के प्रकाश से विभिन्न प्रकार के रंगो की उत्पत्ति होती है। प्रिज्म की सहायता से देखने पर पता चलता है कि सूर्य सात रंग ग्रहण करता है जिसे सूक्ष्म रूप अंग्रेज़ी भाषा में '''VIBGYOR''' और हिन्दी में &amp;quot;बैं जा नी ह पी ना ला&amp;quot; कहा जाता है। जो इस प्रकार हैं:-&lt;br /&gt;
&amp;lt;span style=&amp;quot;color: #8000ff&amp;quot;&amp;gt;'''बैंगनी (violet)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #27bcf6&amp;quot;&amp;gt;'''जामुनी (indigo)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #0000ff&amp;quot;&amp;gt;'''नीला (blue)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #00ff00&amp;quot;&amp;gt;'''हरा (green)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #ffff00&amp;quot;&amp;gt;'''पीला (yellow)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #ff8000&amp;quot;&amp;gt;'''नारंगी (orange)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #ff0000&amp;quot;&amp;gt;'''लाल (red)'''&amp;lt;/span&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रकाश का वर्ण विक्षेपण==&lt;br /&gt;
{{main|वर्ण विक्षेपण}}&lt;br /&gt;
*जब [[सूर्य ग्रह|सूर्य]] का प्रकाश प्रिज्म से होकर गुजरता है, तो वह अपवर्तन के पश्चात् प्रिज्म के आधार की ओर झुकने के साथ-साथ विभिन्न रंगों के प्रकाश में बँट जाता है। इस प्रकार से श्वेत प्रकाश का अपने अवयवी रंगों में विभक्त होने की क्रिया को वर्ण विक्षेपण कहते हैं।&lt;br /&gt;
*सूर्य के प्रकाश से प्राप्त रंगों में बैंगनी रंग का विक्षेपण सबसे अधिक एवं लाल रंग का विक्षेपण सबसे कम होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रकाश का अपवर्तनांक==&lt;br /&gt;
{{main|अपवर्तन}}&lt;br /&gt;
पारदर्शी पदार्थ में जैसे-जैसे [[प्रकाश]] के रंगों का अपवर्तनांक बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे उस [[पदार्थ]] में उसकी [[चाल]] कम होती जाती है। जैसे- काँच में [[बैंगनी रंग]] के प्रकाश का वेग सबसे कम तथा अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है तथा लाल रंग का वेग सबसे अधिक एवं अपवर्तनांक सबसे कम होता है।&lt;br /&gt;
==रंग की आवृति व तरंगदैर्ध्य अंतराल==&lt;br /&gt;
सूर्य से प्राप्त मुख्य रंग बैंगनी, नील, नीला, पीला, नारंगी व लाल है। प्रत्येक रंग की तरंगदैर्ध्य अलग होती है। रंगो की विभिन्न आवृतियों व तरंगदैर्ध्य को निम्न तालिका द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; width=&amp;quot;80%&amp;quot; style=&amp;quot;text-align:center;&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|रंग&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;| आवृति विस्तार&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;| तरंगदैर्ध्य विस्तार&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|बैंगनी&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;| 6.73 - 7.6&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;| 3800 Å से 4460 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;| नीला&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;| 6.47 - 6.73&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;| 4460 Å से 4640 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;| आसमानी नीला&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;| 6.01 - 6.47&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;| 4640 Å से 5000 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;| हरा&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;| 5.19 - 6.01&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;| 5000 Å से 5780 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;| पीला&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;| 5.07 - 5.19&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;| 5780 Å से 5920 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;| नारंगी&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;| 4.84 - 5.07&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;| 5920 Å से 6200 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;| लाल&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;| 3.75 - 4.84&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;| 6200 Å से 7800 Å&lt;br /&gt;
|} &lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;रंगों का नामकरण&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Colour-wheel.jpg|thumb|250px|रंग चक्र &amp;lt;br /&amp;gt; Colour wheel]]&lt;br /&gt;
हर सभ्यता ने रंग को अपने लिहाज से गढ़ा है लेकिन इत्तेफाक से किसी ने भी ज़्यादा रंगों का नामकरण नहीं किया। ज़्यादातर भाषाओं में रंगों को दो ही तरह से बांटा गया है। पहला सफेद यानी हल्का और काला यानी चटक अंदाज लिए हुए।&lt;br /&gt;
*अरस्तु ने चौथी शताब्दी के ईसापूर्व में नीले और पीले की गिनती प्रारंभिक रंगो में की। इसकी तुलना प्राकृतिक चीजों से की गई जैसे सूरज-चांद, स्त्री-पुरूष, फैलना-सिकुड़ना,  दिन-रात, आदि। यह तक़रीबन दो हज़ार वर्षों तक प्रभावी रहा। &lt;br /&gt;
*17-18वीं शताब्दी में न्यूटन के सिध्दांत ने इसे सामान्य रंगों में बदल दिया। 1672 में न्यूटन ने रंगो पर अपना पहला पेपर प्रस्तुत किया था जो बहुत विवादों में रहा। &lt;br /&gt;
*गोथे ने न्यूटन के सिद्धांत को पूरी तरह नकारते हुए '''थ्योरी ऑफ़ कलर्स (Theory Of Colours)''' नामक किताब लिखी। गोथे के सिद्धांत अरस्तु से मिलते हैं। गोथे ने कहा कि गहरे अंधेरे में से सबसे पहले नीला रंग निकलता है, यह गहरेपन को दर्शाता है। वहीं उगते हुए सूरज में से पीला रंग सबसे पहले निकलता है जो हल्के रंगों का प्रतिनिधित्व करता है। &lt;br /&gt;
*19 वीं शताब्दी में कलर थेरेपी का प्रभाव कम हुआ लेकिन 20वीं शताब्दी में यह नए स्वरूप में पैदा हुआ। आज के कई डॉक्टर कलर थेरेपी को इलाज का बढ़िया माध्यम मानकर इसका इस्तेमाल करते हैं।&lt;br /&gt;
*रंग विशेषज्ञ मानते हैं कि हमें प्रकृति से सानिध्य बनाते हुए रंगों को कलर थेरेपी के बजाव जिन्दगी के तौर पर अपनाना चाहिए। रंगों को समझने में सबसे बड़ा योगदान उन लोगों ने किया जो [[विज्ञान]], [[गणित]], तत्व विज्ञान और [[धर्मशास्त्र]] के अनुसार काम करते थे।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://www.brandbihar.com/hindi/literature/amit_sharma/rang_aur_holi.html |title=रंग और होली|accessmonthday= 28|accessyear= जुलाई|authorlink= |last=शर्मा |first=डा0 अमित कुमार |format= |publisher=BrandBihar.com|language=एच टी एम एल}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
*आस्टवाल्ड नामक वैज्ञानिक ने आठ आदर्श रंगो को विशेष क्रम से एक क्रम में संयोजित किया। इस चक्र को '''आस्टवाल्ड वर्ण चक्र''' कहते है। इस चक्र में प्रदर्शित किये गये आठ आदर्श रंगो को निम्न विशेष क्रम में प्रदर्शित किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Colour.jpg|thumb|250px|रंग बिरंगी पेन्सिल]]&lt;br /&gt;
**पीला                   &lt;br /&gt;
**नारंगी&lt;br /&gt;
**लाल                   &lt;br /&gt;
**बैंगनी&lt;br /&gt;
**नीला                   &lt;br /&gt;
**नीलमणी या [[आसमानी रंग|आसमानी]]&lt;br /&gt;
**[[समुद्री हरा रंग|समुद्री हरा]]           &lt;br /&gt;
**[[धानी रंग|धानी]] या पत्ती हरा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==रंगो के प्रकार==&lt;br /&gt;
रंगो को तीन भागो में विभाजित किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
*प्राथमिक रंग या मूल रंग&lt;br /&gt;
*द्वितीयक रंग&lt;br /&gt;
*विरोधी रंग &lt;br /&gt;
====प्राथमिक रंग या मूल रंग====&lt;br /&gt;
{{Main|प्राथमिक रंग}}&lt;br /&gt;
प्राथमिक रंग या मूल रंग वे है जो किसी मिश्रण के द्वारा प्राप्त नहीं किये जा सकते है। ये रंग निम्न है-&lt;br /&gt;
*लाल&lt;br /&gt;
*नीला&lt;br /&gt;
*हरा&lt;br /&gt;
====द्वितीयक रंग====&lt;br /&gt;
{{Main|द्वितीयक रंग}}&lt;br /&gt;
द्वितीयक रंग वे रंग होते है जो दो प्राथमिक रंगो के मिश्रण से प्राप्त किये जाते है। द्वितीयक रंग रानी, सियान व पीला है। इन्हे दो भागो में विभाजित किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Colour-kites.jpg|thumb|250px|रंग बिरंगी पतंगें &amp;lt;br /&amp;gt; Colourful Kites]]&lt;br /&gt;
*गर्म रंग &lt;br /&gt;
*ठंडे रंग&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जिन रंगो में लाल रंग का प्रभाव माना जाता है उन्हें '''गर्म रंग''' कहा जाता है। गर्म रंग निम्न है-&lt;br /&gt;
*पीला&lt;br /&gt;
*लाल&lt;br /&gt;
*नारंगी&lt;br /&gt;
*बैंगनी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जिन रंगो में नीले रंग का प्रभाव माना जाता है उन्हें '''ठंड़े रंग''' कहा जाता है। ठंड़े रंग निम्न है-&lt;br /&gt;
*नीलमणी या आसमानी&lt;br /&gt;
*समुद्री हरा&lt;br /&gt;
*धानी या पत्ती हरा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====विरोधी रंग ====&lt;br /&gt;
{{Main|विरोधी रंग}}&lt;br /&gt;
प्राथमिक व द्वितीयक रंगों के मिश्रण से जो रंग बनते है उन्हें विरोधी रंग कहा जाता है। आस्टवाल्ड वर्ण चक्र में प्रदर्शित किये गये आमने सामने के रंग विरोधी रंग कहलाते है। जैसे- नीले का विरोधी रंग पीला, नारंगी का आसमानी व बैंगनी का विरोधी रंग धानी है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;लाल हरा व नीला प्रतिरूप&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
लाल हरा व नीला रंग प्रतिरूप एक ऐसा प्रतिरूप है जिसमें लाल, हरे और नीले रंग का प्रकाश विभिन्न प्रकार से मिश्रित होकर रंगों की एक विस्तृत सारणी का निर्माण करते हैं। लाल हरा व नीला रंग प्रतिरूप का नाम तीन प्राथमिक रंग लाल, हरे और नीले रंग के अंग्रेजी नाम के पहले अक्षर से जुड़कर बना है। आर जी बी रंग मॉडल का मुख्य उद्देश्य संवेदन, प्रतिनिधित्व, और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों में टीवी और कंप्यूटर जैसे चित्र, के प्रदर्शन के लिए होता है। हालांकि यह भी पारंपरिक फोटोग्राफी में प्रयोग किया गया है। नीले, हरे व लाल रंगों को परस्पर उपयुक्त मात्रा में मिलाकर अन्य रंग प्राप्त किये जा सकते हैं तथा इनको बराबर-बराबर मात्रा में मिलाने से श्वेत प्रकाश प्राप्त होता है।&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; align=&amp;quot;center&amp;quot;&lt;br /&gt;
|+ लाल हरा नीला प्रतिरुप&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Rgb-Mode.jpg|120px|लाल हरा नीला प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Red-Mode.jpg|120px|[[लाल रंग|लाल]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Green-Mode.jpg|120px|[[हरा रंग|हरा]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Blue-Mode.jpg|120px|[[नीला रंग|नीला]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;सी एम वाई के प्रतिरुप&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
[[क्यान रंग|क्यान]], मैंजेटा ([[रानी रंग|रानी]]), [[पीला रंग|पीला]] व [[काला रंग]] प्रतिरूप एक व्यकलित वर्ण प्रतिरूप है जिसे चतुर्वर्ण भी कहा जाता है। सी एम वाई के प्रतिरुप रंगीन मुद्रण में प्रयोग किया जाता है। सी एम वाई के प्रतिरूप किसी विशिष्ट तरंगदैर्घ्य को सोखकर, कार्य करता है। ऐसे प्रतिरूप को व्यकलित प्रतिरूप कहते हैं, क्योंकि यह स्याही श्वेत में से उज्ज्वलता को घटा देता है।&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; align=&amp;quot;center&amp;quot;&lt;br /&gt;
|+ सी एम वाई के प्रतिरुप&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Rgb-Mode.jpg|120px|सी एम वाई के प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Cyan-Mode.jpg|120px|[[क्यान रंग|क्यान]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Magenta-Mode.jpg|120px|[[रानी रंग|मैंजेंटा]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Yellow-Mode.jpg|120px|[[पीला रंग|पीला]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Black-Mode.jpg|120px|[[काला रंग|काला]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==रंगों का महत्व==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Rgb-mix.jpg|[[लाल रंग|लाल]], [[हरा रंग|हरा]] व [[नीला रंग|नीला]] प्रतिरूप|thumb|200px]]&lt;br /&gt;
इन रंगों को देखकर ही हम स्थिति के बारे में पता लगाते है। इंद्रधनुष के रंगों की छटा हमारे मन को बहुत आकर्षित करता है। हम रंगों के बिना अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। रंगों के बिना हमारा जीवन ठीक वैसा ही है, जैसे प्राण बिना शरीर। बाल्यावस्था में बच्चे रंगों की सहायता से ही वस्तुओं को पहचानता है। युवक रंगों के माध्यम से ही संसार का सर्जन करता है। वृद्ध की कमज़ोर आँखें रंगो की सहायता से वस्तुओं का नाम प्राप्त करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;quot;प्रकृति की सुन्दरता अवर्णनीय है और इसकी सुन्दरता मे चार चांद लगाते है ये रंग। सूर्य की लालिमा हो या खेतों की हरियाली, आसमान का नीलापन या मेघों का कालापन, बारिश के बाद मे बिखरती इन्द्रधनुष की अनोखी छटा, बर्फ की सफेदी और ना जाने कितने ही खुबसुरत नज़ारे जो हमारे अंतरंग आत्मा को प्रफुल्लित करता है। इस आनंद का राज है रंगों की अनुभूति।  मानव जीवन रंगों के बिना उदास और सुना है। मुख्यत: सात रंगों की इस सृष्टि मे हर एक रंग हमारे जीवन पर असर छोड़ता है। कोई रंग हमें उत्तेजित करता है तो कोई रंग प्यार के लिये प्रेरित करता है। कुछ रंग हमें शांति का एहसास करता है तो कुछ रंग मातम का प्रतीक है। दूसरे शब्दों मे कह सकते है कि हमारे जीवन पर रंग का बहुत असर है। हर एक रंग अलग-अलग इंसान पर अलग-अलग तरीके से आन्दोलित करता है।''&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://ankauraap.com/colour.html |title=आप और आपका शुभ रंग|accessmonthday= 21|accessyear= जुलाई|authorlink= |last=सुन्दरानी|first=गुंजन |format= |publisher=अंक और आप|language=एच टी एम एल}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;धार्मिक महत्व&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
रंगो का महत्व हमारे जीवन में पौराणिक काल से ही रहा है। हमारे [[देवी]]-[[देवता|देवताओं]] को भी कुछ ख़ास रंग विशेष प्रिय हैं। यहाँ तक कि ये विशेष रंगों से पहचाने भी जाते हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://in.jagran.yahoo.com/dharm/?page=article&amp;amp;articleid=4735&amp;amp;category=10 |title=देवताओं के प्रिय रंग |accessmonthday= 28|accessyear= जुलाई|authorlink= |last=जिंदल |first=मीता |format= |publisher=जागरण याहू इंडिया|language=}}&amp;lt;/ref&amp;gt; &lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! प्रिय रंग&lt;br /&gt;
! देवी-देवता&lt;br /&gt;
! महत्व&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[लाल रंग|लाल]]&lt;br /&gt;
| [[लक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
| माँ लक्ष्मी को लाल रंग प्रिय है। लाल रंग हमें आगे बढने की प्रेरणा देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[पीला रंग|पीला]]&lt;br /&gt;
| [[कृष्ण]]&lt;br /&gt;
| भगवान कृष्ण को पीतांबरधारी भी कहते हैं, क्योंकि वे पीले रंग के वस्त्रों से सुशोभित रहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[काला रंग|काला]]&lt;br /&gt;
| [[शनिदेव]]&lt;br /&gt;
| शनिदेव को काला रंग प्रिय है। काला रंग तमस का कारक है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[सफ़ेद रंग|सफेद]]&lt;br /&gt;
| [[ब्रह्मा]]&lt;br /&gt;
| ब्रह्मा के वस्त्र सफेद हैं, जो इस बात को प्रमाणित करते हैं कि ब्रह्म, यानी ईश्वर सभी लोगों के प्रति समान भाव रखते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[भगवा रंग|भगवा]] &lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
| संन्यासी भगवा वस्त्र पहनते हैं। भगवा रंग लाल और पीले रंग का मिश्रण है।&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;स्वास्थ्य पर रंग का प्रभाव&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
मानव स्वास्थ्य पर रंगों का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। आयुर्वेद चिकित्सा में शरीर के किसी भी रोग का मुख्य कारण वात, पित्ता और कफ को माना जाता है। रंग चिकित्सा की मान्यता के अनुसार शरीर में हरे, नीले व लाल रंग के असंतुलन से भी रोग उत्पन्न होते हैं। इसलिए वात में रक्त विकार को हम हरे रंग के उपयोग से दूर कर सकते है। कफ में सर्दी की अधिकता को हम लाल, पीले व नारंगी रंग के उपयोग से दूर कर सकते है और पित्ता में गर्मी की अधिकता को हम नीले, बैंगनी रंग के प्रयोग से दूर कर सकते है।&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; width=&amp;quot;60%&amp;quot; style=&amp;quot;text-align:center;&amp;quot;&lt;br /&gt;
|+रंगों का प्रभाव शरीर के अंगों पर&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|रंग&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|ग्रंथि&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|विटामिन&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;|[[लाल रंग|लाल]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;|लिवर&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;|ए&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;|[[नारंगी रंग|नारंगी]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;|थायरायड&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;|बी 12&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;|[[पीला रंग|पीला]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;|आँख की पुतली के भीतर की झिल्ली&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;|बी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;|[[हरा रंग|हरा]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;|पिटयूचरी&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;|सी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;|[[नीला रंग|गहरा नीला]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;|पीनियल&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;|डी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;|[[आसमानी रंग|हल्का नीला]] (इंडिगो)&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;|पैराथायरायड&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;|ई &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|[[बैंगनी रंग|बैंगनी]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|प्लीहा&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|के&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==वस्तुओं के रंग==&lt;br /&gt;
वस्तु जिस रंग की दिखाई देती है, वह वास्तव में उसी रंग को परावर्तित करती है, शेष सभी रंगों को अवशोषित कर लेती है। जो वस्तु सभी रंगों को परावर्तित कर देती है, वह श्वेत दिखलाई पड़ती है, क्योंकि सभी रंगों का मिश्रित प्रभाव सफेद होता है। जो वस्तु सभी रंगों को अवशोषित कर लेती है व किसी भी रंग को परावर्तित नहीं करती है वह काली दिखाई देती है। इसलिए जब लाल गुलाब को हरा शीशे के माध्यम से देखा जाता है, तो वह काला दिखलाई पड़ता है, क्योंकि उसे परावर्तित करने के लिए लाल रंग नहीं मिलता और हरे रंग को काला रंग अवशोषित कर लेता है। विभिन्न वस्तुओं पर विभिन्न रंगों की किरणें डालने पर वे किस तरह की दिखती है इसे निम्नलिखित तालिका में देखा जा सकता है:-&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! वस्तु के नाम &lt;br /&gt;
! सफेद किरणों में &lt;br /&gt;
! लाल किरणों में &lt;br /&gt;
! हरी किरणों में &lt;br /&gt;
! पीली किरणों में &lt;br /&gt;
! नीली किरणों में &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| सफेद कागज़&lt;br /&gt;
| सफेद&lt;br /&gt;
| लाल&lt;br /&gt;
| हरा&lt;br /&gt;
| पीला&lt;br /&gt;
| नीला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| लाल कागज़&lt;br /&gt;
| लाल&lt;br /&gt;
| लाल&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| हरा कागज़&lt;br /&gt;
| हरा&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| हरा&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| पीला कागज़&lt;br /&gt;
| पीला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| पीला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| नीला कागज़&lt;br /&gt;
| नीला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| नीला&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
==कृत्रिम रंग==&lt;br /&gt;
रंग हजारों वर्षों से हमारे जीवन में अपनी जगह बनाए हुए हैं। बिना रंगों के हमारा जीवन भी नीरस सा हो जाएगा। जहां आजकल कृत्रिम रंगों का उपयोग जोरों पर है वहीं प्रारंभ में लोग प्राकृतिक रंगों को ही उपयोग में लाते थे। उल्लेखनीय है कि [[मोहन जोदड़ो]] और [[हड़प्पा]] की खुदाई में [[सिंधु घाटी सभ्यता]] की जो चीजें मिलीं उनमें ऐसे बर्तन और मूर्तियां भी थीं, जिन पर रंगाई की गई थी। उनमें एक [[लाल रंग]] का कपड़े का टुकड़ा भी मिला। विशेषज्ञों के अनुसार इस पर मजीठ या मजिष्‍ठा की जड़ से तैयार किया गया रंग चढ़ाया गया था। हजारों वर्षों तक मजीठ की जड़ और बक्कम वृक्ष की छाल लाल रंग का मुख्‍य स्रोत थी। [[पीपल]], [[गूलर]] और [[पाकड़]] जैसे वृक्षों पर लगने वाली [[लाख]] की क्रिमियों की लाह से महाउर रंग तैयार किया जाता था। पीला रंग और सिंदूर हल्दी से प्राप्‍त होता था।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;रंगों की तलाश&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
करीब सौ साल पहले पश्चिम में हुई औद्योगिक क्रांति के फलस्‍वरूप कपड़ा उद्योग का तेजी से विकास हुआ। रंगों की खपत बढ़ी। प्राकृतिक रंग सीमित मात्रा में उपलब्ध थे। इसलिए बढ़ी हुई मांग की पूर्ति प्राकृतिक रंगों से संभव नहीं थी। ऐसी स्थिति में कृत्रिम रंगों की तलाश आरंभ हुई। उन्हीं दिनों रॉयल कॉलेज ऑफ केमिस्ट्री, लंदन में विलियम पार्कीसन एनीलीन से [[मलेरिया]] की दवा कुनैन बनाने में जुटे थे। तमाम प्रयोग के बाद भी कुनैन तो नहीं बन पायी, लेकिन [[बैंगनी रंग]] जरूर बन गया। महज संयोगवश 1856 में तैयार हुए इस कृत्रिम रंग को मोव कहा गया। आगे चलकर 1860 में माजेंटा, 1862 में एनलोन ब्ल्यू और एनलोन ब्लैक, 1865 में बिस्माई ब्राउन, 1880 में काटन ब्लैक जैसे रासायनिक रंग अस्तित्व में आ चुके थे। शुरू में यह रंग तारकोल से तैयार किए जाते थे। बाद में इनका निर्माण कई अन्य रासायनिक [[पदार्थ|पदार्थों]] के सहयोग से होने लगा। जर्मन रसायनशास्त्री एडोल्फ फोन ने 1865 में कृत्रिम नील के विकास का कार्य अपने हाथ में लिया। कई असफलताओं और लंबी मेहनत के बाद 1882 में वे नील की संरचना निर्धारित कर सके। इसके अगले वर्ष रासायनिक नील भी बनने लगे। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए बइयर साहब को 1905 का नोबेल पुरस्कार भी प्राप्‍त हुआ था।&lt;br /&gt;
[[मुंबई]] का रंग का धंधा करने वाली कामराजजी नामक फर्म ने सबसे पहले 1867 में मजेंटा का [[आयात]] किया था। 1872 में जर्मन रंग विक्रेताओं का एक दल एलिजिरिन नामक रंग लेकर यहाँ आया था। इन लोगों ने भारतीय रंगरेंजों के बीच अपना रंग चलाने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए। आरंभ में उन्होंने नमूने के रूप में अपने रंग मुफ्त बांटे। नाममात्र की कीमत पर उधर बेचे। बाद में अच्छा खासा ब्याज वसूला। वनस्पति रंगों के मुकाबले रासायनिक रंग काफी सस्ते थे। इनमें तात्कालिक चमक-दमक भी खूब थी। यह आसानी से उपलब्ध भी हो जाते थे। इसलिए हमारी प्राकृति रंगों की परंपरा यह रंग आसानी से कब्जा जमाने में कामयाब हो गए।।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://khulasaa.com/index.php?option=com_content&amp;amp;view=article&amp;amp;id=126&amp;amp;Itemid=48 |title=कैसे आए कृत्रिम रंग |accessmonthday=[[16 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=खुलासा डॉट कॉम |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक3&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{रंग}}&lt;br /&gt;
[[Category:भौतिक विज्ञान]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्रकाश]]&lt;br /&gt;
[[Category:रंग]]&lt;br /&gt;
[[Category:विज्ञान कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97&amp;diff=77462</id>
		<title>रंग</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97&amp;diff=77462"/>
		<updated>2010-10-16T10:45:34Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* कैसे आए कृत्रिम रंग */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Rainbow.jpg|इंद्रधनुष &amp;lt;br/ &amp;gt; Rainbow|250px|thumb]]&lt;br /&gt;
रंगो का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। रंगो से हमें विभिन्न स्थितियों का पता चलता है। हम अपने चारों तरफ अनेक प्रकार के रंगो से प्रभावित होते है। रंग, मानवी आँखों के [[वर्णक्रम]] से मिलने पर छाया सम्बंधी गतिविधियों से उत्पन्न होते हैं। मूल रूप से [[इंद्रधनुष]] के सात रंगों को ही रंगों का जनक माना जाता है, ये सात रंग [[लाल रंग|लाल]], [[नारंगी रंग|नारंगी]], [[पीला रंग|पीला]], [[हरा रंग|हरा]], [[आसमानी रंग|आसमानी]], [[नीला रंग|नीला]]  तथा [[बैंगनी रंग|बैंगनी]] हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मानवी गुण धर्म के आभासी बोध के अनुसार लाल, नीला व हरा रंग होता है। रंग विभिन्न प्रकार की श्रेणियाँ एवं भौतिक विनिर्देश वस्तु,  प्रकाश स्त्रोत इत्यादि के भौतिक गुणधर्म जैसे प्रकाश अन्तर्लयन, विलयन, समावेशन, परावर्तन जुडे होते हैं। &lt;br /&gt;
==मुख्य स्त्रोत==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Prism.png|Prism]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*रंगो की उत्पत्ति का सबसे प्राकृतिक स्त्रोत सूर्य का प्रकाश है। सूर्य के प्रकाश से विभिन्न प्रकार के रंगो की उत्पत्ति होती है। प्रिज्म की सहायता से देखने पर पता चलता है कि सूर्य सात रंग ग्रहण करता है जिसे सूक्ष्म रूप अंग्रेज़ी भाषा में '''VIBGYOR''' और हिन्दी में &amp;quot;बैं जा नी ह पी ना ला&amp;quot; कहा जाता है। जो इस प्रकार हैं:-&lt;br /&gt;
&amp;lt;span style=&amp;quot;color: #8000ff&amp;quot;&amp;gt;'''बैंगनी (violet)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #27bcf6&amp;quot;&amp;gt;'''जामुनी (indigo)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #0000ff&amp;quot;&amp;gt;'''नीला (blue)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #00ff00&amp;quot;&amp;gt;'''हरा (green)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #ffff00&amp;quot;&amp;gt;'''पीला (yellow)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #ff8000&amp;quot;&amp;gt;'''नारंगी (orange)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #ff0000&amp;quot;&amp;gt;'''लाल (red)'''&amp;lt;/span&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रकाश का वर्ण विक्षेपण==&lt;br /&gt;
{{main|वर्ण विक्षेपण}}&lt;br /&gt;
*जब [[सूर्य ग्रह|सूर्य]] का प्रकाश प्रिज्म से होकर गुजरता है, तो वह अपवर्तन के पश्चात् प्रिज्म के आधार की ओर झुकने के साथ-साथ विभिन्न रंगों के प्रकाश में बँट जाता है। इस प्रकार से श्वेत प्रकाश का अपने अवयवी रंगों में विभक्त होने की क्रिया को वर्ण विक्षेपण कहते हैं।&lt;br /&gt;
*सूर्य के प्रकाश से प्राप्त रंगों में बैंगनी रंग का विक्षेपण सबसे अधिक एवं लाल रंग का विक्षेपण सबसे कम होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रकाश का अपवर्तनांक==&lt;br /&gt;
{{main|अपवर्तन}}&lt;br /&gt;
पारदर्शी पदार्थ में जैसे-जैसे [[प्रकाश]] के रंगों का अपवर्तनांक बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे उस [[पदार्थ]] में उसकी [[चाल]] कम होती जाती है। जैसे- काँच में [[बैंगनी रंग]] के प्रकाश का वेग सबसे कम तथा अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है तथा लाल रंग का वेग सबसे अधिक एवं अपवर्तनांक सबसे कम होता है।&lt;br /&gt;
==रंग की आवृति व तरंगदैर्ध्य अंतराल==&lt;br /&gt;
सूर्य से प्राप्त मुख्य रंग बैंगनी, नील, नीला, पीला, नारंगी व लाल है। प्रत्येक रंग की तरंगदैर्ध्य अलग होती है। रंगो की विभिन्न आवृतियों व तरंगदैर्ध्य को निम्न तालिका द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; width=&amp;quot;80%&amp;quot; style=&amp;quot;text-align:center;&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|रंग&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;| आवृति विस्तार&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;| तरंगदैर्ध्य विस्तार&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|बैंगनी&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;| 6.73 - 7.6&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;| 3800 Å से 4460 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;| नीला&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;| 6.47 - 6.73&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;| 4460 Å से 4640 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;| आसमानी नीला&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;| 6.01 - 6.47&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;| 4640 Å से 5000 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;| हरा&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;| 5.19 - 6.01&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;| 5000 Å से 5780 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;| पीला&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;| 5.07 - 5.19&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;| 5780 Å से 5920 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;| नारंगी&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;| 4.84 - 5.07&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;| 5920 Å से 6200 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;| लाल&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;| 3.75 - 4.84&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;| 6200 Å से 7800 Å&lt;br /&gt;
|} &lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;रंगों का नामकरण&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Colour-wheel.jpg|thumb|250px|रंग चक्र &amp;lt;br /&amp;gt; Colour wheel]]&lt;br /&gt;
हर सभ्यता ने रंग को अपने लिहाज से गढ़ा है लेकिन इत्तेफाक से किसी ने भी ज़्यादा रंगों का नामकरण नहीं किया। ज़्यादातर भाषाओं में रंगों को दो ही तरह से बांटा गया है। पहला सफेद यानी हल्का और काला यानी चटक अंदाज लिए हुए।&lt;br /&gt;
*अरस्तु ने चौथी शताब्दी के ईसापूर्व में नीले और पीले की गिनती प्रारंभिक रंगो में की। इसकी तुलना प्राकृतिक चीजों से की गई जैसे सूरज-चांद, स्त्री-पुरूष, फैलना-सिकुड़ना,  दिन-रात, आदि। यह तक़रीबन दो हज़ार वर्षों तक प्रभावी रहा। &lt;br /&gt;
*17-18वीं शताब्दी में न्यूटन के सिध्दांत ने इसे सामान्य रंगों में बदल दिया। 1672 में न्यूटन ने रंगो पर अपना पहला पेपर प्रस्तुत किया था जो बहुत विवादों में रहा। &lt;br /&gt;
*गोथे ने न्यूटन के सिद्धांत को पूरी तरह नकारते हुए '''थ्योरी ऑफ़ कलर्स (Theory Of Colours)''' नामक किताब लिखी। गोथे के सिद्धांत अरस्तु से मिलते हैं। गोथे ने कहा कि गहरे अंधेरे में से सबसे पहले नीला रंग निकलता है, यह गहरेपन को दर्शाता है। वहीं उगते हुए सूरज में से पीला रंग सबसे पहले निकलता है जो हल्के रंगों का प्रतिनिधित्व करता है। &lt;br /&gt;
*19 वीं शताब्दी में कलर थेरेपी का प्रभाव कम हुआ लेकिन 20वीं शताब्दी में यह नए स्वरूप में पैदा हुआ। आज के कई डॉक्टर कलर थेरेपी को इलाज का बढ़िया माध्यम मानकर इसका इस्तेमाल करते हैं।&lt;br /&gt;
*रंग विशेषज्ञ मानते हैं कि हमें प्रकृति से सानिध्य बनाते हुए रंगों को कलर थेरेपी के बजाव जिन्दगी के तौर पर अपनाना चाहिए। रंगों को समझने में सबसे बड़ा योगदान उन लोगों ने किया जो [[विज्ञान]], [[गणित]], तत्व विज्ञान और [[धर्मशास्त्र]] के अनुसार काम करते थे।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://www.brandbihar.com/hindi/literature/amit_sharma/rang_aur_holi.html |title=रंग और होली|accessmonthday= 28|accessyear= जुलाई|authorlink= |last=शर्मा |first=डा0 अमित कुमार |format= |publisher=BrandBihar.com|language=एच टी एम एल}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
*आस्टवाल्ड नामक वैज्ञानिक ने आठ आदर्श रंगो को विशेष क्रम से एक क्रम में संयोजित किया। इस चक्र को '''आस्टवाल्ड वर्ण चक्र''' कहते है। इस चक्र में प्रदर्शित किये गये आठ आदर्श रंगो को निम्न विशेष क्रम में प्रदर्शित किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Colour.jpg|thumb|250px|रंग बिरंगी पेन्सिल]]&lt;br /&gt;
**पीला                   &lt;br /&gt;
**नारंगी&lt;br /&gt;
**लाल                   &lt;br /&gt;
**बैंगनी&lt;br /&gt;
**नीला                   &lt;br /&gt;
**नीलमणी या [[आसमानी रंग|आसमानी]]&lt;br /&gt;
**[[समुद्री हरा रंग|समुद्री हरा]]           &lt;br /&gt;
**[[धानी रंग|धानी]] या पत्ती हरा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==रंगो के प्रकार==&lt;br /&gt;
रंगो को तीन भागो में विभाजित किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
*प्राथमिक रंग या मूल रंग&lt;br /&gt;
*द्वितीयक रंग&lt;br /&gt;
*विरोधी रंग &lt;br /&gt;
====प्राथमिक रंग या मूल रंग====&lt;br /&gt;
{{Main|प्राथमिक रंग}}&lt;br /&gt;
प्राथमिक रंग या मूल रंग वे है जो किसी मिश्रण के द्वारा प्राप्त नहीं किये जा सकते है। ये रंग निम्न है-&lt;br /&gt;
*लाल&lt;br /&gt;
*नीला&lt;br /&gt;
*हरा&lt;br /&gt;
====द्वितीयक रंग====&lt;br /&gt;
{{Main|द्वितीयक रंग}}&lt;br /&gt;
द्वितीयक रंग वे रंग होते है जो दो प्राथमिक रंगो के मिश्रण से प्राप्त किये जाते है। द्वितीयक रंग रानी, सियान व पीला है। इन्हे दो भागो में विभाजित किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Colour-kites.jpg|thumb|250px|रंग बिरंगी पतंगें &amp;lt;br /&amp;gt; Colourful Kites]]&lt;br /&gt;
*गर्म रंग &lt;br /&gt;
*ठंडे रंग&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जिन रंगो में लाल रंग का प्रभाव माना जाता है उन्हें '''गर्म रंग''' कहा जाता है। गर्म रंग निम्न है-&lt;br /&gt;
*पीला&lt;br /&gt;
*लाल&lt;br /&gt;
*नारंगी&lt;br /&gt;
*बैंगनी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जिन रंगो में नीले रंग का प्रभाव माना जाता है उन्हें '''ठंड़े रंग''' कहा जाता है। ठंड़े रंग निम्न है-&lt;br /&gt;
*नीलमणी या आसमानी&lt;br /&gt;
*समुद्री हरा&lt;br /&gt;
*धानी या पत्ती हरा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====विरोधी रंग ====&lt;br /&gt;
{{Main|विरोधी रंग}}&lt;br /&gt;
प्राथमिक व द्वितीयक रंगों के मिश्रण से जो रंग बनते है उन्हें विरोधी रंग कहा जाता है। आस्टवाल्ड वर्ण चक्र में प्रदर्शित किये गये आमने सामने के रंग विरोधी रंग कहलाते है। जैसे- नीले का विरोधी रंग पीला, नारंगी का आसमानी व बैंगनी का विरोधी रंग धानी है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;लाल हरा व नीला प्रतिरूप&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
लाल हरा व नीला रंग प्रतिरूप एक ऐसा प्रतिरूप है जिसमें लाल, हरे और नीले रंग का प्रकाश विभिन्न प्रकार से मिश्रित होकर रंगों की एक विस्तृत सारणी का निर्माण करते हैं। लाल हरा व नीला रंग प्रतिरूप का नाम तीन प्राथमिक रंग लाल, हरे और नीले रंग के अंग्रेजी नाम के पहले अक्षर से जुड़कर बना है। आर जी बी रंग मॉडल का मुख्य उद्देश्य संवेदन, प्रतिनिधित्व, और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों में टीवी और कंप्यूटर जैसे चित्र, के प्रदर्शन के लिए होता है। हालांकि यह भी पारंपरिक फोटोग्राफी में प्रयोग किया गया है। नीले, हरे व लाल रंगों को परस्पर उपयुक्त मात्रा में मिलाकर अन्य रंग प्राप्त किये जा सकते हैं तथा इनको बराबर-बराबर मात्रा में मिलाने से श्वेत प्रकाश प्राप्त होता है।&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; align=&amp;quot;center&amp;quot;&lt;br /&gt;
|+ लाल हरा नीला प्रतिरुप&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Rgb-Mode.jpg|120px|लाल हरा नीला प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Red-Mode.jpg|120px|[[लाल रंग|लाल]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Green-Mode.jpg|120px|[[हरा रंग|हरा]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Blue-Mode.jpg|120px|[[नीला रंग|नीला]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;सी एम वाई के प्रतिरुप&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
[[क्यान रंग|क्यान]], मैंजेटा ([[रानी रंग|रानी]]), [[पीला रंग|पीला]] व [[काला रंग]] प्रतिरूप एक व्यकलित वर्ण प्रतिरूप है जिसे चतुर्वर्ण भी कहा जाता है। सी एम वाई के प्रतिरुप रंगीन मुद्रण में प्रयोग किया जाता है। सी एम वाई के प्रतिरूप किसी विशिष्ट तरंगदैर्घ्य को सोखकर, कार्य करता है। ऐसे प्रतिरूप को व्यकलित प्रतिरूप कहते हैं, क्योंकि यह स्याही श्वेत में से उज्ज्वलता को घटा देता है।&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; align=&amp;quot;center&amp;quot;&lt;br /&gt;
|+ सी एम वाई के प्रतिरुप&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Rgb-Mode.jpg|120px|सी एम वाई के प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Cyan-Mode.jpg|120px|[[क्यान रंग|क्यान]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Magenta-Mode.jpg|120px|[[रानी रंग|मैंजेंटा]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Yellow-Mode.jpg|120px|[[पीला रंग|पीला]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Black-Mode.jpg|120px|[[काला रंग|काला]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==रंगों का महत्व==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Rgb-mix.jpg|[[लाल रंग|लाल]], [[हरा रंग|हरा]] व [[नीला रंग|नीला]] प्रतिरूप|thumb|200px]]&lt;br /&gt;
इन रंगों को देखकर ही हम स्थिति के बारे में पता लगाते है। इंद्रधनुष के रंगों की छटा हमारे मन को बहुत आकर्षित करता है। हम रंगों के बिना अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। रंगों के बिना हमारा जीवन ठीक वैसा ही है, जैसे प्राण बिना शरीर। बाल्यावस्था में बच्चे रंगों की सहायता से ही वस्तुओं को पहचानता है। युवक रंगों के माध्यम से ही संसार का सर्जन करता है। वृद्ध की कमज़ोर आँखें रंगो की सहायता से वस्तुओं का नाम प्राप्त करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;quot;प्रकृति की सुन्दरता अवर्णनीय है और इसकी सुन्दरता मे चार चांद लगाते है ये रंग। सूर्य की लालिमा हो या खेतों की हरियाली, आसमान का नीलापन या मेघों का कालापन, बारिश के बाद मे बिखरती इन्द्रधनुष की अनोखी छटा, बर्फ की सफेदी और ना जाने कितने ही खुबसुरत नज़ारे जो हमारे अंतरंग आत्मा को प्रफुल्लित करता है। इस आनंद का राज है रंगों की अनुभूति।  मानव जीवन रंगों के बिना उदास और सुना है। मुख्यत: सात रंगों की इस सृष्टि मे हर एक रंग हमारे जीवन पर असर छोड़ता है। कोई रंग हमें उत्तेजित करता है तो कोई रंग प्यार के लिये प्रेरित करता है। कुछ रंग हमें शांति का एहसास करता है तो कुछ रंग मातम का प्रतीक है। दूसरे शब्दों मे कह सकते है कि हमारे जीवन पर रंग का बहुत असर है। हर एक रंग अलग-अलग इंसान पर अलग-अलग तरीके से आन्दोलित करता है।''&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://ankauraap.com/colour.html |title=आप और आपका शुभ रंग|accessmonthday= 21|accessyear= जुलाई|authorlink= |last=सुन्दरानी|first=गुंजन |format= |publisher=अंक और आप|language=एच टी एम एल}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;धार्मिक महत्व&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
रंगो का महत्व हमारे जीवन में पौराणिक काल से ही रहा है। हमारे [[देवी]]-[[देवता|देवताओं]] को भी कुछ ख़ास रंग विशेष प्रिय हैं। यहाँ तक कि ये विशेष रंगों से पहचाने भी जाते हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://in.jagran.yahoo.com/dharm/?page=article&amp;amp;articleid=4735&amp;amp;category=10 |title=देवताओं के प्रिय रंग |accessmonthday= 28|accessyear= जुलाई|authorlink= |last=जिंदल |first=मीता |format= |publisher=जागरण याहू इंडिया|language=}}&amp;lt;/ref&amp;gt; &lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! प्रिय रंग&lt;br /&gt;
! देवी-देवता&lt;br /&gt;
! महत्व&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[लाल रंग|लाल]]&lt;br /&gt;
| [[लक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
| माँ लक्ष्मी को लाल रंग प्रिय है। लाल रंग हमें आगे बढने की प्रेरणा देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[पीला रंग|पीला]]&lt;br /&gt;
| [[कृष्ण]]&lt;br /&gt;
| भगवान कृष्ण को पीतांबरधारी भी कहते हैं, क्योंकि वे पीले रंग के वस्त्रों से सुशोभित रहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[काला रंग|काला]]&lt;br /&gt;
| [[शनिदेव]]&lt;br /&gt;
| शनिदेव को काला रंग प्रिय है। काला रंग तमस का कारक है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[सफ़ेद रंग|सफेद]]&lt;br /&gt;
| [[ब्रह्मा]]&lt;br /&gt;
| ब्रह्मा के वस्त्र सफेद हैं, जो इस बात को प्रमाणित करते हैं कि ब्रह्म, यानी ईश्वर सभी लोगों के प्रति समान भाव रखते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[भगवा रंग|भगवा]] &lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
| संन्यासी भगवा वस्त्र पहनते हैं। भगवा रंग लाल और पीले रंग का मिश्रण है।&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;स्वास्थ्य पर रंग का प्रभाव&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
मानव स्वास्थ्य पर रंगों का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। आयुर्वेद चिकित्सा में शरीर के किसी भी रोग का मुख्य कारण वात, पित्ता और कफ को माना जाता है। रंग चिकित्सा की मान्यता के अनुसार शरीर में हरे, नीले व लाल रंग के असंतुलन से भी रोग उत्पन्न होते हैं। इसलिए वात में रक्त विकार को हम हरे रंग के उपयोग से दूर कर सकते है। कफ में सर्दी की अधिकता को हम लाल, पीले व नारंगी रंग के उपयोग से दूर कर सकते है और पित्ता में गर्मी की अधिकता को हम नीले, बैंगनी रंग के प्रयोग से दूर कर सकते है।&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; width=&amp;quot;60%&amp;quot; style=&amp;quot;text-align:center;&amp;quot;&lt;br /&gt;
|+रंगों का प्रभाव शरीर के अंगों पर&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|रंग&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|ग्रंथि&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|विटामिन&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;|[[लाल रंग|लाल]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;|लिवर&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;|ए&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;|[[नारंगी रंग|नारंगी]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;|थायरायड&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;|बी 12&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;|[[पीला रंग|पीला]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;|आँख की पुतली के भीतर की झिल्ली&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;|बी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;|[[हरा रंग|हरा]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;|पिटयूचरी&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;|सी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;|[[नीला रंग|गहरा नीला]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;|पीनियल&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;|डी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;|[[आसमानी रंग|हल्का नीला]] (इंडिगो)&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;|पैराथायरायड&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;|ई &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|[[बैंगनी रंग|बैंगनी]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|प्लीहा&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|के&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==वस्तुओं के रंग==&lt;br /&gt;
वस्तु जिस रंग की दिखाई देती है, वह वास्तव में उसी रंग को परावर्तित करती है, शेष सभी रंगों को अवशोषित कर लेती है। जो वस्तु सभी रंगों को परावर्तित कर देती है, वह श्वेत दिखलाई पड़ती है, क्योंकि सभी रंगों का मिश्रित प्रभाव सफेद होता है। जो वस्तु सभी रंगों को अवशोषित कर लेती है व किसी भी रंग को परावर्तित नहीं करती है वह काली दिखाई देती है। इसलिए जब लाल गुलाब को हरा शीशे के माध्यम से देखा जाता है, तो वह काला दिखलाई पड़ता है, क्योंकि उसे परावर्तित करने के लिए लाल रंग नहीं मिलता और हरे रंग को काला रंग अवशोषित कर लेता है। विभिन्न वस्तुओं पर विभिन्न रंगों की किरणें डालने पर वे किस तरह की दिखती है इसे निम्नलिखित तालिका में देखा जा सकता है:-&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! वस्तु के नाम &lt;br /&gt;
! सफेद किरणों में &lt;br /&gt;
! लाल किरणों में &lt;br /&gt;
! हरी किरणों में &lt;br /&gt;
! पीली किरणों में &lt;br /&gt;
! नीली किरणों में &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| सफेद कागज़&lt;br /&gt;
| सफेद&lt;br /&gt;
| लाल&lt;br /&gt;
| हरा&lt;br /&gt;
| पीला&lt;br /&gt;
| नीला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| लाल कागज़&lt;br /&gt;
| लाल&lt;br /&gt;
| लाल&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| हरा कागज़&lt;br /&gt;
| हरा&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| हरा&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| पीला कागज़&lt;br /&gt;
| पीला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| पीला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| नीला कागज़&lt;br /&gt;
| नीला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| नीला&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
==कृत्रिम रंग==&lt;br /&gt;
रंग हजारों वर्षों से हमारे जीवन में अपनी जगह बनाए हुए हैं। बिना रंगों के हमारा जीवन भी नीरस सा हो जाएगा। जहां आजकल कृत्रिम रंगों का उपयोग जोरों पर है वहीं प्रारंभ में लोग प्राकृतिक रंगों को ही उपयोग में लाते थे। उल्लेखनीय है कि [[मोहन जोदड़ो]] और [[हड़प्पा]] की खुदाई में [[सिंधु घाटी सभ्यता]] की जो चीजें मिलीं उनमें ऐसे बर्तन और मूर्तियां भी थीं, जिन पर रंगाई की गई थी। उनमें एक [[लाल रंग]] का कपड़े का टुकड़ा भी मिला। विशेषज्ञों के अनुसार इस पर मजीठ या मजिष्‍ठा की जड़ से तैयार किया गया रंग चढ़ाया गया था। हजारों वर्षों तक मजीठ की जड़ और बक्कम वृक्ष की छाल लाल रंग का मुख्‍य स्रोत थी। [[पीपल]], [[गूलर]] और [[पाकड़]] जैसे वृक्षों पर लगने वाली [[लाख]] की क्रिमियों की लाह से महाउर रंग तैयार किया जाता था। पीला रंग और सिंदूर हल्दी से प्राप्‍त होता था।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;रंगों की तलाश&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
करीब सौ साल पहले पश्चिम में हुई औद्योगिक क्रांति के फलस्‍वरूप कपड़ा उद्योग का तेजी से विकास हुआ। रंगों की खपत बढ़ी। प्राकृतिक रंग सीमित मात्रा में उपलब्ध थे। इसलिए बढ़ी हुई मांग की पूर्ति प्राकृतिक रंगों से संभव नहीं थी। ऐसी स्थिति में कृत्रिम रंगों की तलाश आरंभ हुई। उन्हीं दिनों रॉयल कॉलेज ऑफ केमिस्ट्री, लंदन में विलियम पार्कीसन एनीलीन से [[मलेरिया]] की दवा कुनैन बनाने में जुटे थे। तमाम प्रयोग के बाद भी कुनैन तो नहीं बन पायी, लेकिन [[बैंगनी रंग]] जरूर बन गया। महज संयोगवश 1856 में तैयार हुए इस कृत्रिम रंग को मोव कहा गया। आगे चलकर 1860 में माजेंटा, 1862 में एनलोन ब्ल्यू और एनलोन ब्लैक, 1865 में बिस्माई ब्राउन, 1880 में काटन ब्लैक जैसे रासायनिक रंग अस्तित्व में आ चुके थे। शुरू में यह रंग तारकोल से तैयार किए जाते थे। बाद में इनका निर्माण कई अन्य रासायनिक [[पदार्थ|पदार्थों]] के सहयोग से होने लगा। जर्मन रसायनशास्त्री एडोल्फ फोन ने 1865 में कृत्रिम नील के विकास का कार्य अपने हाथ में लिया। कई असफलताओं और लंबी मेहनत के बाद 1882 में वे नील की संरचना निर्धारित कर सके। इसके अगले वर्ष रासायनिक नील भी बनने लगे। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए बइयर साहब को 1905 का नोबेल पुरस्कार भी प्राप्‍त हुआ था।&lt;br /&gt;
[[मुंबई]] का रंग का धंधा करने वाली कामराजजी नामक फर्म ने सबसे पहले 1867 में मजेंटा का [[आयात]] किया था। 1872 में जर्मन रंग विक्रेताओं का एक दल एलिजिरिन नामक रंग लेकर यहाँ आया था। इन लोगों ने भारतीय रंगरेंजों के बीच अपना रंग चलाने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए। आरंभ में उन्होंने नमूने के रूप में अपने रंग मुफ्त बांटे। नाममात्र की कीमत पर उधर बेचे। बाद में अच्छा खासा ब्याज वसूला। वनस्पति रंगों के मुकाबले रासायनिक रंग काफी सस्ते थे। इनमें तात्कालिक चमक-दमक भी खूब थी। यह आसानी से उपलब्ध भी हो जाते थे। इसलिए हमारी प्राकृति रंगों की परंपरा यह रंग आसानी से कब्जा जमाने में कामयाब हो गए।।{&amp;lt;ref&amp;gt;{cite web |url=http://khulasaa.com/index.php?option=com_content&amp;amp;view=article&amp;amp;id=126&amp;amp;Itemid=48 |title=कैसे आए कृत्रिम रंग |accessmonthday=[[16 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=खुलासा डॉट कॉम |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक3&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{रंग}}&lt;br /&gt;
[[Category:भौतिक विज्ञान]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्रकाश]]&lt;br /&gt;
[[Category:रंग]]&lt;br /&gt;
[[Category:विज्ञान कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97&amp;diff=77461</id>
		<title>रंग</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97&amp;diff=77461"/>
		<updated>2010-10-16T10:43:20Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* वस्तुओं के रंग */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Rainbow.jpg|इंद्रधनुष &amp;lt;br/ &amp;gt; Rainbow|250px|thumb]]&lt;br /&gt;
रंगो का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। रंगो से हमें विभिन्न स्थितियों का पता चलता है। हम अपने चारों तरफ अनेक प्रकार के रंगो से प्रभावित होते है। रंग, मानवी आँखों के [[वर्णक्रम]] से मिलने पर छाया सम्बंधी गतिविधियों से उत्पन्न होते हैं। मूल रूप से [[इंद्रधनुष]] के सात रंगों को ही रंगों का जनक माना जाता है, ये सात रंग [[लाल रंग|लाल]], [[नारंगी रंग|नारंगी]], [[पीला रंग|पीला]], [[हरा रंग|हरा]], [[आसमानी रंग|आसमानी]], [[नीला रंग|नीला]]  तथा [[बैंगनी रंग|बैंगनी]] हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मानवी गुण धर्म के आभासी बोध के अनुसार लाल, नीला व हरा रंग होता है। रंग विभिन्न प्रकार की श्रेणियाँ एवं भौतिक विनिर्देश वस्तु,  प्रकाश स्त्रोत इत्यादि के भौतिक गुणधर्म जैसे प्रकाश अन्तर्लयन, विलयन, समावेशन, परावर्तन जुडे होते हैं। &lt;br /&gt;
==मुख्य स्त्रोत==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Prism.png|Prism]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*रंगो की उत्पत्ति का सबसे प्राकृतिक स्त्रोत सूर्य का प्रकाश है। सूर्य के प्रकाश से विभिन्न प्रकार के रंगो की उत्पत्ति होती है। प्रिज्म की सहायता से देखने पर पता चलता है कि सूर्य सात रंग ग्रहण करता है जिसे सूक्ष्म रूप अंग्रेज़ी भाषा में '''VIBGYOR''' और हिन्दी में &amp;quot;बैं जा नी ह पी ना ला&amp;quot; कहा जाता है। जो इस प्रकार हैं:-&lt;br /&gt;
&amp;lt;span style=&amp;quot;color: #8000ff&amp;quot;&amp;gt;'''बैंगनी (violet)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #27bcf6&amp;quot;&amp;gt;'''जामुनी (indigo)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #0000ff&amp;quot;&amp;gt;'''नीला (blue)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #00ff00&amp;quot;&amp;gt;'''हरा (green)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #ffff00&amp;quot;&amp;gt;'''पीला (yellow)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #ff8000&amp;quot;&amp;gt;'''नारंगी (orange)'''&amp;lt;/span&amp;gt;, &amp;lt;span style=&amp;quot;color: #ff0000&amp;quot;&amp;gt;'''लाल (red)'''&amp;lt;/span&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रकाश का वर्ण विक्षेपण==&lt;br /&gt;
{{main|वर्ण विक्षेपण}}&lt;br /&gt;
*जब [[सूर्य ग्रह|सूर्य]] का प्रकाश प्रिज्म से होकर गुजरता है, तो वह अपवर्तन के पश्चात् प्रिज्म के आधार की ओर झुकने के साथ-साथ विभिन्न रंगों के प्रकाश में बँट जाता है। इस प्रकार से श्वेत प्रकाश का अपने अवयवी रंगों में विभक्त होने की क्रिया को वर्ण विक्षेपण कहते हैं।&lt;br /&gt;
*सूर्य के प्रकाश से प्राप्त रंगों में बैंगनी रंग का विक्षेपण सबसे अधिक एवं लाल रंग का विक्षेपण सबसे कम होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रकाश का अपवर्तनांक==&lt;br /&gt;
{{main|अपवर्तन}}&lt;br /&gt;
पारदर्शी पदार्थ में जैसे-जैसे [[प्रकाश]] के रंगों का अपवर्तनांक बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे उस [[पदार्थ]] में उसकी [[चाल]] कम होती जाती है। जैसे- काँच में [[बैंगनी रंग]] के प्रकाश का वेग सबसे कम तथा अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है तथा लाल रंग का वेग सबसे अधिक एवं अपवर्तनांक सबसे कम होता है।&lt;br /&gt;
==रंग की आवृति व तरंगदैर्ध्य अंतराल==&lt;br /&gt;
सूर्य से प्राप्त मुख्य रंग बैंगनी, नील, नीला, पीला, नारंगी व लाल है। प्रत्येक रंग की तरंगदैर्ध्य अलग होती है। रंगो की विभिन्न आवृतियों व तरंगदैर्ध्य को निम्न तालिका द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; width=&amp;quot;80%&amp;quot; style=&amp;quot;text-align:center;&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|रंग&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;| आवृति विस्तार&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;| तरंगदैर्ध्य विस्तार&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|बैंगनी&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;| 6.73 - 7.6&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;| 3800 Å से 4460 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;| नीला&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;| 6.47 - 6.73&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;| 4460 Å से 4640 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;| आसमानी नीला&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;| 6.01 - 6.47&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;| 4640 Å से 5000 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;| हरा&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;| 5.19 - 6.01&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;| 5000 Å से 5780 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;| पीला&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;| 5.07 - 5.19&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;| 5780 Å से 5920 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;| नारंगी&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;| 4.84 - 5.07&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;| 5920 Å से 6200 Å&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;| लाल&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;| 3.75 - 4.84&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;| 6200 Å से 7800 Å&lt;br /&gt;
|} &lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;रंगों का नामकरण&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Colour-wheel.jpg|thumb|250px|रंग चक्र &amp;lt;br /&amp;gt; Colour wheel]]&lt;br /&gt;
हर सभ्यता ने रंग को अपने लिहाज से गढ़ा है लेकिन इत्तेफाक से किसी ने भी ज़्यादा रंगों का नामकरण नहीं किया। ज़्यादातर भाषाओं में रंगों को दो ही तरह से बांटा गया है। पहला सफेद यानी हल्का और काला यानी चटक अंदाज लिए हुए।&lt;br /&gt;
*अरस्तु ने चौथी शताब्दी के ईसापूर्व में नीले और पीले की गिनती प्रारंभिक रंगो में की। इसकी तुलना प्राकृतिक चीजों से की गई जैसे सूरज-चांद, स्त्री-पुरूष, फैलना-सिकुड़ना,  दिन-रात, आदि। यह तक़रीबन दो हज़ार वर्षों तक प्रभावी रहा। &lt;br /&gt;
*17-18वीं शताब्दी में न्यूटन के सिध्दांत ने इसे सामान्य रंगों में बदल दिया। 1672 में न्यूटन ने रंगो पर अपना पहला पेपर प्रस्तुत किया था जो बहुत विवादों में रहा। &lt;br /&gt;
*गोथे ने न्यूटन के सिद्धांत को पूरी तरह नकारते हुए '''थ्योरी ऑफ़ कलर्स (Theory Of Colours)''' नामक किताब लिखी। गोथे के सिद्धांत अरस्तु से मिलते हैं। गोथे ने कहा कि गहरे अंधेरे में से सबसे पहले नीला रंग निकलता है, यह गहरेपन को दर्शाता है। वहीं उगते हुए सूरज में से पीला रंग सबसे पहले निकलता है जो हल्के रंगों का प्रतिनिधित्व करता है। &lt;br /&gt;
*19 वीं शताब्दी में कलर थेरेपी का प्रभाव कम हुआ लेकिन 20वीं शताब्दी में यह नए स्वरूप में पैदा हुआ। आज के कई डॉक्टर कलर थेरेपी को इलाज का बढ़िया माध्यम मानकर इसका इस्तेमाल करते हैं।&lt;br /&gt;
*रंग विशेषज्ञ मानते हैं कि हमें प्रकृति से सानिध्य बनाते हुए रंगों को कलर थेरेपी के बजाव जिन्दगी के तौर पर अपनाना चाहिए। रंगों को समझने में सबसे बड़ा योगदान उन लोगों ने किया जो [[विज्ञान]], [[गणित]], तत्व विज्ञान और [[धर्मशास्त्र]] के अनुसार काम करते थे।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://www.brandbihar.com/hindi/literature/amit_sharma/rang_aur_holi.html |title=रंग और होली|accessmonthday= 28|accessyear= जुलाई|authorlink= |last=शर्मा |first=डा0 अमित कुमार |format= |publisher=BrandBihar.com|language=एच टी एम एल}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
*आस्टवाल्ड नामक वैज्ञानिक ने आठ आदर्श रंगो को विशेष क्रम से एक क्रम में संयोजित किया। इस चक्र को '''आस्टवाल्ड वर्ण चक्र''' कहते है। इस चक्र में प्रदर्शित किये गये आठ आदर्श रंगो को निम्न विशेष क्रम में प्रदर्शित किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Colour.jpg|thumb|250px|रंग बिरंगी पेन्सिल]]&lt;br /&gt;
**पीला                   &lt;br /&gt;
**नारंगी&lt;br /&gt;
**लाल                   &lt;br /&gt;
**बैंगनी&lt;br /&gt;
**नीला                   &lt;br /&gt;
**नीलमणी या [[आसमानी रंग|आसमानी]]&lt;br /&gt;
**[[समुद्री हरा रंग|समुद्री हरा]]           &lt;br /&gt;
**[[धानी रंग|धानी]] या पत्ती हरा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==रंगो के प्रकार==&lt;br /&gt;
रंगो को तीन भागो में विभाजित किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
*प्राथमिक रंग या मूल रंग&lt;br /&gt;
*द्वितीयक रंग&lt;br /&gt;
*विरोधी रंग &lt;br /&gt;
====प्राथमिक रंग या मूल रंग====&lt;br /&gt;
{{Main|प्राथमिक रंग}}&lt;br /&gt;
प्राथमिक रंग या मूल रंग वे है जो किसी मिश्रण के द्वारा प्राप्त नहीं किये जा सकते है। ये रंग निम्न है-&lt;br /&gt;
*लाल&lt;br /&gt;
*नीला&lt;br /&gt;
*हरा&lt;br /&gt;
====द्वितीयक रंग====&lt;br /&gt;
{{Main|द्वितीयक रंग}}&lt;br /&gt;
द्वितीयक रंग वे रंग होते है जो दो प्राथमिक रंगो के मिश्रण से प्राप्त किये जाते है। द्वितीयक रंग रानी, सियान व पीला है। इन्हे दो भागो में विभाजित किया जा सकता है-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Colour-kites.jpg|thumb|250px|रंग बिरंगी पतंगें &amp;lt;br /&amp;gt; Colourful Kites]]&lt;br /&gt;
*गर्म रंग &lt;br /&gt;
*ठंडे रंग&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जिन रंगो में लाल रंग का प्रभाव माना जाता है उन्हें '''गर्म रंग''' कहा जाता है। गर्म रंग निम्न है-&lt;br /&gt;
*पीला&lt;br /&gt;
*लाल&lt;br /&gt;
*नारंगी&lt;br /&gt;
*बैंगनी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जिन रंगो में नीले रंग का प्रभाव माना जाता है उन्हें '''ठंड़े रंग''' कहा जाता है। ठंड़े रंग निम्न है-&lt;br /&gt;
*नीलमणी या आसमानी&lt;br /&gt;
*समुद्री हरा&lt;br /&gt;
*धानी या पत्ती हरा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====विरोधी रंग ====&lt;br /&gt;
{{Main|विरोधी रंग}}&lt;br /&gt;
प्राथमिक व द्वितीयक रंगों के मिश्रण से जो रंग बनते है उन्हें विरोधी रंग कहा जाता है। आस्टवाल्ड वर्ण चक्र में प्रदर्शित किये गये आमने सामने के रंग विरोधी रंग कहलाते है। जैसे- नीले का विरोधी रंग पीला, नारंगी का आसमानी व बैंगनी का विरोधी रंग धानी है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;लाल हरा व नीला प्रतिरूप&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
लाल हरा व नीला रंग प्रतिरूप एक ऐसा प्रतिरूप है जिसमें लाल, हरे और नीले रंग का प्रकाश विभिन्न प्रकार से मिश्रित होकर रंगों की एक विस्तृत सारणी का निर्माण करते हैं। लाल हरा व नीला रंग प्रतिरूप का नाम तीन प्राथमिक रंग लाल, हरे और नीले रंग के अंग्रेजी नाम के पहले अक्षर से जुड़कर बना है। आर जी बी रंग मॉडल का मुख्य उद्देश्य संवेदन, प्रतिनिधित्व, और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों में टीवी और कंप्यूटर जैसे चित्र, के प्रदर्शन के लिए होता है। हालांकि यह भी पारंपरिक फोटोग्राफी में प्रयोग किया गया है। नीले, हरे व लाल रंगों को परस्पर उपयुक्त मात्रा में मिलाकर अन्य रंग प्राप्त किये जा सकते हैं तथा इनको बराबर-बराबर मात्रा में मिलाने से श्वेत प्रकाश प्राप्त होता है।&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; align=&amp;quot;center&amp;quot;&lt;br /&gt;
|+ लाल हरा नीला प्रतिरुप&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Rgb-Mode.jpg|120px|लाल हरा नीला प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Red-Mode.jpg|120px|[[लाल रंग|लाल]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Green-Mode.jpg|120px|[[हरा रंग|हरा]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Blue-Mode.jpg|120px|[[नीला रंग|नीला]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;सी एम वाई के प्रतिरुप&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
[[क्यान रंग|क्यान]], मैंजेटा ([[रानी रंग|रानी]]), [[पीला रंग|पीला]] व [[काला रंग]] प्रतिरूप एक व्यकलित वर्ण प्रतिरूप है जिसे चतुर्वर्ण भी कहा जाता है। सी एम वाई के प्रतिरुप रंगीन मुद्रण में प्रयोग किया जाता है। सी एम वाई के प्रतिरूप किसी विशिष्ट तरंगदैर्घ्य को सोखकर, कार्य करता है। ऐसे प्रतिरूप को व्यकलित प्रतिरूप कहते हैं, क्योंकि यह स्याही श्वेत में से उज्ज्वलता को घटा देता है।&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; align=&amp;quot;center&amp;quot;&lt;br /&gt;
|+ सी एम वाई के प्रतिरुप&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Rgb-Mode.jpg|120px|सी एम वाई के प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Cyan-Mode.jpg|120px|[[क्यान रंग|क्यान]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Magenta-Mode.jpg|120px|[[रानी रंग|मैंजेंटा]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Yellow-Mode.jpg|120px|[[पीला रंग|पीला]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
| [[चित्र:Black-Mode.jpg|120px|[[काला रंग|काला]] प्रतिरुप]]&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==रंगों का महत्व==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Rgb-mix.jpg|[[लाल रंग|लाल]], [[हरा रंग|हरा]] व [[नीला रंग|नीला]] प्रतिरूप|thumb|200px]]&lt;br /&gt;
इन रंगों को देखकर ही हम स्थिति के बारे में पता लगाते है। इंद्रधनुष के रंगों की छटा हमारे मन को बहुत आकर्षित करता है। हम रंगों के बिना अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। रंगों के बिना हमारा जीवन ठीक वैसा ही है, जैसे प्राण बिना शरीर। बाल्यावस्था में बच्चे रंगों की सहायता से ही वस्तुओं को पहचानता है। युवक रंगों के माध्यम से ही संसार का सर्जन करता है। वृद्ध की कमज़ोर आँखें रंगो की सहायता से वस्तुओं का नाम प्राप्त करती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;quot;प्रकृति की सुन्दरता अवर्णनीय है और इसकी सुन्दरता मे चार चांद लगाते है ये रंग। सूर्य की लालिमा हो या खेतों की हरियाली, आसमान का नीलापन या मेघों का कालापन, बारिश के बाद मे बिखरती इन्द्रधनुष की अनोखी छटा, बर्फ की सफेदी और ना जाने कितने ही खुबसुरत नज़ारे जो हमारे अंतरंग आत्मा को प्रफुल्लित करता है। इस आनंद का राज है रंगों की अनुभूति।  मानव जीवन रंगों के बिना उदास और सुना है। मुख्यत: सात रंगों की इस सृष्टि मे हर एक रंग हमारे जीवन पर असर छोड़ता है। कोई रंग हमें उत्तेजित करता है तो कोई रंग प्यार के लिये प्रेरित करता है। कुछ रंग हमें शांति का एहसास करता है तो कुछ रंग मातम का प्रतीक है। दूसरे शब्दों मे कह सकते है कि हमारे जीवन पर रंग का बहुत असर है। हर एक रंग अलग-अलग इंसान पर अलग-अलग तरीके से आन्दोलित करता है।''&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://ankauraap.com/colour.html |title=आप और आपका शुभ रंग|accessmonthday= 21|accessyear= जुलाई|authorlink= |last=सुन्दरानी|first=गुंजन |format= |publisher=अंक और आप|language=एच टी एम एल}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;धार्मिक महत्व&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
रंगो का महत्व हमारे जीवन में पौराणिक काल से ही रहा है। हमारे [[देवी]]-[[देवता|देवताओं]] को भी कुछ ख़ास रंग विशेष प्रिय हैं। यहाँ तक कि ये विशेष रंगों से पहचाने भी जाते हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://in.jagran.yahoo.com/dharm/?page=article&amp;amp;articleid=4735&amp;amp;category=10 |title=देवताओं के प्रिय रंग |accessmonthday= 28|accessyear= जुलाई|authorlink= |last=जिंदल |first=मीता |format= |publisher=जागरण याहू इंडिया|language=}}&amp;lt;/ref&amp;gt; &lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! प्रिय रंग&lt;br /&gt;
! देवी-देवता&lt;br /&gt;
! महत्व&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[लाल रंग|लाल]]&lt;br /&gt;
| [[लक्ष्मी]]&lt;br /&gt;
| माँ लक्ष्मी को लाल रंग प्रिय है। लाल रंग हमें आगे बढने की प्रेरणा देता है।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[पीला रंग|पीला]]&lt;br /&gt;
| [[कृष्ण]]&lt;br /&gt;
| भगवान कृष्ण को पीतांबरधारी भी कहते हैं, क्योंकि वे पीले रंग के वस्त्रों से सुशोभित रहते हैं।&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[काला रंग|काला]]&lt;br /&gt;
| [[शनिदेव]]&lt;br /&gt;
| शनिदेव को काला रंग प्रिय है। काला रंग तमस का कारक है। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[सफ़ेद रंग|सफेद]]&lt;br /&gt;
| [[ब्रह्मा]]&lt;br /&gt;
| ब्रह्मा के वस्त्र सफेद हैं, जो इस बात को प्रमाणित करते हैं कि ब्रह्म, यानी ईश्वर सभी लोगों के प्रति समान भाव रखते हैं। &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| [[भगवा रंग|भगवा]] &lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
| संन्यासी भगवा वस्त्र पहनते हैं। भगवा रंग लाल और पीले रंग का मिश्रण है।&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;स्वास्थ्य पर रंग का प्रभाव&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
मानव स्वास्थ्य पर रंगों का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। आयुर्वेद चिकित्सा में शरीर के किसी भी रोग का मुख्य कारण वात, पित्ता और कफ को माना जाता है। रंग चिकित्सा की मान्यता के अनुसार शरीर में हरे, नीले व लाल रंग के असंतुलन से भी रोग उत्पन्न होते हैं। इसलिए वात में रक्त विकार को हम हरे रंग के उपयोग से दूर कर सकते है। कफ में सर्दी की अधिकता को हम लाल, पीले व नारंगी रंग के उपयोग से दूर कर सकते है और पित्ता में गर्मी की अधिकता को हम नीले, बैंगनी रंग के प्रयोग से दूर कर सकते है।&lt;br /&gt;
&amp;lt;center&amp;gt;&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot; width=&amp;quot;60%&amp;quot; style=&amp;quot;text-align:center;&amp;quot;&lt;br /&gt;
|+रंगों का प्रभाव शरीर के अंगों पर&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|रंग&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|ग्रंथि&lt;br /&gt;
! style=&amp;quot;background:#6a6a6a; color:white&amp;quot;|विटामिन&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;|[[लाल रंग|लाल]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;|लिवर&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff0000; color:white;&amp;quot;|ए&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;|[[नारंगी रंग|नारंगी]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;|थायरायड&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ff8000;&amp;quot;|बी 12&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;|[[पीला रंग|पीला]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;|आँख की पुतली के भीतर की झिल्ली&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#ffff00;&amp;quot;|बी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;|[[हरा रंग|हरा]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;|पिटयूचरी&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#00ff00;&amp;quot;|सी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;|[[नीला रंग|गहरा नीला]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;|पीनियल&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#0000ff; color:white;&amp;quot;|डी&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;|[[आसमानी रंग|हल्का नीला]] (इंडिगो)&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;|पैराथायरायड&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#27bcf6;&amp;quot;|ई &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|[[बैंगनी रंग|बैंगनी]] &lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|प्लीहा&lt;br /&gt;
| style=&amp;quot;background:#8000ff; color:white;&amp;quot;|के&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/center&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==वस्तुओं के रंग==&lt;br /&gt;
वस्तु जिस रंग की दिखाई देती है, वह वास्तव में उसी रंग को परावर्तित करती है, शेष सभी रंगों को अवशोषित कर लेती है। जो वस्तु सभी रंगों को परावर्तित कर देती है, वह श्वेत दिखलाई पड़ती है, क्योंकि सभी रंगों का मिश्रित प्रभाव सफेद होता है। जो वस्तु सभी रंगों को अवशोषित कर लेती है व किसी भी रंग को परावर्तित नहीं करती है वह काली दिखाई देती है। इसलिए जब लाल गुलाब को हरा शीशे के माध्यम से देखा जाता है, तो वह काला दिखलाई पड़ता है, क्योंकि उसे परावर्तित करने के लिए लाल रंग नहीं मिलता और हरे रंग को काला रंग अवशोषित कर लेता है। विभिन्न वस्तुओं पर विभिन्न रंगों की किरणें डालने पर वे किस तरह की दिखती है इसे निम्नलिखित तालिका में देखा जा सकता है:-&lt;br /&gt;
{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot; border=&amp;quot;1&amp;quot;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
! वस्तु के नाम &lt;br /&gt;
! सफेद किरणों में &lt;br /&gt;
! लाल किरणों में &lt;br /&gt;
! हरी किरणों में &lt;br /&gt;
! पीली किरणों में &lt;br /&gt;
! नीली किरणों में &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| सफेद कागज़&lt;br /&gt;
| सफेद&lt;br /&gt;
| लाल&lt;br /&gt;
| हरा&lt;br /&gt;
| पीला&lt;br /&gt;
| नीला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| लाल कागज़&lt;br /&gt;
| लाल&lt;br /&gt;
| लाल&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| हरा कागज़&lt;br /&gt;
| हरा&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| हरा&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| पीला कागज़&lt;br /&gt;
| पीला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| पीला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| नीला कागज़&lt;br /&gt;
| नीला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| काला&lt;br /&gt;
| नीला&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
==कैसे आए कृत्रिम रंग==&lt;br /&gt;
रंग हजारों वर्षों से हमारे जीवन में अपनी जगह बनाए हुए हैं। बिना रंगों के हमारा जीवन भी नीरस सा हो जाएगा। जहां आजकल कृत्रिम रंगों का उपयोग जोरों पर है वहीं प्रारंभ में लोग प्राकृतिक रंगों को ही उपयोग में लाते थे। उल्लेखनीय है कि [[मोहन जोदड़ो]] और [[हड़प्पा]] की खुदाई में [[सिंधु घाटी सभ्यता]] की जो चीजें मिलीं उनमें ऐसे बर्तन और मूर्तियां भी थीं, जिन पर रंगाई की गई थी। उनमें एक [[लाल रंग]] का कपड़े का टुकड़ा भी मिला। विशेषज्ञों के अनुसार इस पर मजीठ या मजिष्‍ठा की जड़ से तैयार किया गया रंग चढ़ाया गया था। हजारों वर्षों तक मजीठ की जड़ और बक्कम वृक्ष की छाल लाल रंग का मुख्‍य स्रोत थी। [[पीपल]], [[गूलर]] और [[पाकड़]] जैसे वृक्षों पर लगने वाली [[लाख]] की क्रिमियों की लाह से महाउर रंग तैयार किया जाता था। पीला रंग और सिंदूर हल्दी से प्राप्‍त होता था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
करीब सौ साल पहले पश्चिम में हुई औद्योगिक क्रांति के फलस्‍वरूप कपड़ा उद्योग का तेजी से विकास हुआ। रंगों की खपत बढ़ी। प्राकृतिक रंग सीमित मात्रा में उपलब्ध थे। इसलिए बढ़ी हुई मांग की पूर्ति प्राकृतिक रंगों से संभव नहीं थी। ऐसी स्थिति में कृत्रिम रंगों की तलाश आरंभ हुई। उन्हीं दिनों रॉयल कॉलेज ऑफ केमिस्ट्री, लंदन में विलियम पार्कीसन एनीलीन से [[मलेरिया]] की दवा कुनैन बनाने में जुटे थे। तमाम प्रयोग के बाद भी कुनैन तो नहीं बन पायी, लेकिन [[बैंगनी रंग]] जरूर बन गया। महज संयोगवश 1856 में तैयार हुए इस कृत्रिम रंग को मोव कहा गया। आगे चलकर 1860 में माजेंटा, 1862 में एनलोन ब्ल्यू और एनलोन ब्लैक, 1865 में बिस्माई ब्राउन, 1880 में काटन ब्लैक जैसे रासायनिक रंग अस्तित्व में आ चुके थे। शुरू में यह रंग तारकोल से तैयार किए जाते थे। बाद में इनका निर्माण कई अन्य रासायनिक [[पदार्थ|पदार्थों]] के सहयोग से होने लगा। जर्मन रसायनशास्त्री एडोल्फ फोन ने 1865 में कृत्रिम नील के विकास का कार्य अपने हाथ में लिया। कई असफलताओं और लंबी मेहनत के बाद 1882 में वे नील की संरचना निर्धारित कर सके। इसके अगले वर्ष रासायनिक नील भी बनने लगे। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए बइयर साहब को 1905 का नोबेल पुरस्कार भी प्राप्‍त हुआ था।&lt;br /&gt;
[[मुंबई]] का रंग का धंधा करने वाली कामराजजी नामक फर्म ने सबसे पहले 1867 में मजेंटा का [[आयात]] किया था। 1872 में जर्मन रंग विक्रेताओं का एक दल एलिजिरिन नामक रंग लेकर यहाँ आया था। इन लोगों ने भारतीय रंगरेंजों के बीच अपना रंग चलाने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए। आरंभ में उन्होंने नमूने के रूप में अपने रंग मुफ्त बांटे। नाममात्र की कीमत पर उधर बेचे। बाद में अच्छा खासा ब्याज वसूला। वनस्पति रंगों के मुकाबले रासायनिक रंग काफी सस्ते थे। इनमें तात्कालिक चमक-दमक भी खूब थी। यह आसानी से उपलब्ध भी हो जाते थे। इसलिए हमारी प्राकृति रंगों की परंपरा यह रंग आसानी से कब्जा जमाने में कामयाब हो गए।।{{cite web |url=http://khulasaa.com/index.php?option=com_content&amp;amp;view=article&amp;amp;id=126&amp;amp;Itemid=48 |title=कैसे आए कृत्रिम रंग |accessmonthday=[[16 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=खुलासा डॉट कॉम |language=हिन्दी}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक3&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{रंग}}&lt;br /&gt;
[[Category:भौतिक विज्ञान]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्रकाश]]&lt;br /&gt;
[[Category:रंग]]&lt;br /&gt;
[[Category:विज्ञान कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%B0&amp;diff=77424</id>
		<title>कन्नूर</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%B0&amp;diff=77424"/>
		<updated>2010-10-16T06:36:42Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा पर्यटन&lt;br /&gt;
|चित्र=View-Kannur-Kerala.jpg&lt;br /&gt;
|विवरण=कन्नूर नगर, उत्तरी [[केरल]] राज्य के दक्षिण [[भारत]] में स्थित है।&lt;br /&gt;
|राज्य=केरल&lt;br /&gt;
|ज़िला=[[कन्नूर ज़िला]]&lt;br /&gt;
|निर्माता=&lt;br /&gt;
|स्वामित्व=&lt;br /&gt;
|प्रबंधक=&lt;br /&gt;
|निर्माण काल=&lt;br /&gt;
|स्थापना=&lt;br /&gt;
|भौगोलिक स्थिति=&lt;br /&gt;
|मार्ग स्थिति=&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=अपने हाथ करघों के अतिरिक्त, बीडी उद्योग, मत्स्य उद्योग तथा कांसे और पीतल से बने विभिन्न सामग्रियों के लिए कन्नूर शहर जाना जाता है।&lt;br /&gt;
|कब जाएँ=अगस्त से मार्च। &lt;br /&gt;
|यातायात=&lt;br /&gt;
|हवाई अड्डा=कोजीकोड का करीपुर एयरपोर्ट यहां का नजदीकी एयरपोर्ट है।&lt;br /&gt;
|रेलवे स्टेशन=कन्नूर जंक्शन&lt;br /&gt;
|बस अड्डा=बस अड्डा कन्नूर &lt;br /&gt;
|कैसे पहुँचें=&lt;br /&gt;
|क्या देखें=[[कन्नूर पर्यटन]]&lt;br /&gt;
|कहाँ ठहरें=&lt;br /&gt;
|क्या खायें=कन्नूर में खाने में सबसे अच्छी बिरयानी होती है। पराठे लच्छेदार मैदा से बनाये जाते हैं परन्तु कुछ होटलों में रोटी भी मिल जाती है। &lt;br /&gt;
|क्या ख़रीदें=कांसे और पीतल से बने विभिन्न सामग्री&lt;br /&gt;
|एस.टी.डी. कोड=0499&lt;br /&gt;
|ए.टी.एम=&lt;br /&gt;
|सावधानी=&lt;br /&gt;
|मानचित्र लिंक=[http://maps.google.com/maps?f=q&amp;amp;source=s_q&amp;amp;hl=en&amp;amp;geocode=&amp;amp;q=Kannur,+Kerala,+India&amp;amp;sll=37.0625,-95.677068&amp;amp;sspn=36.863178,86.572266&amp;amp;ie=UTF8&amp;amp;hq=&amp;amp;hnear=Kannur,+Kannur+District,+Kerala,+India&amp;amp;ll=11.869031,75.355568&amp;amp;spn=0.178071,0.338173&amp;amp;z=12  गूगल मानचित्र]&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|पाठ 1=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=कुछ महत्वपूर्ण मानदंडों के अंतर्गत कन्नूर भारत में रहने योग्य 10 शहरों में से एक है। &lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=[http://www.kannur.nic.in/ अधिकारिक वेबसाइट]&lt;br /&gt;
|अद्यतन={{अद्यतन|11:08, 15 अक्टूबर 2010 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम= कन्नूर&lt;br /&gt;
|पर्यटन= कन्नूर पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला= कन्नूर ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास= कन्नूर प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
कन्नूर नगर, उत्तरी [[केरल]] राज्य के दक्षिण [[भारत]] में स्थित है। केरल में कन्नूर या केन्नानोर चौथी बड़ी आबादी वाला [[अरब सागर]] के तट पर बसा एक प्रमुख शहर है। आज भी कन्नूर देश के 62 सैनिक छावनियों में से एक है। जहाँ डिफेन्स सिक्यूरिटी फ़ोर्स का मुख्यालय है। कुछ महत्वपूर्ण मानदंडों के अंतर्गत कन्नूर भारत में रहने योग्य 10 शहरों में से एक है। शहर साफ़ सुथरा और सुंदर है।&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
अरब सागर के एक बंदरगाह रूप में कन्नूर 12 वीं और 13 वीं शताब्दी में [[फ़ारस]] और [[अरब]] से होने वाले व्यापार के लिए महत्वपूर्ण था। 18 वीं शताब्दी तक यह कोलात्तिरी के राजा की राजधानी रहा। 1505 में यहाँ एक [[चित्र:Payyambalam-Beach-Kannur.jpg|thumb|250px|left|[[पयमबल्लम बीच कन्नूर|पयमबल्लम बीच]], कन्नूर&amp;lt;br /&amp;gt; Payyambalam Beach, Kannur]][[पुर्तग़ाल|पुर्तग़ाली]] क़िला बनाया गया। 1656 में यहाँ एक [[डच]] क़िले की स्थापना हुई। 1783 में कन्नूर पर ब्रिटिश आधिपत्य हो गया, जिसके बाद से यहाँ के शासक ब्रिटिश [[ईस्ट इंडिया कंपनी]] के सहायक भर रह गए। 1709 से 1887 तक कन्नूर [[भारत]] के पश्चिमी तट का ब्रिटिश सैनिक मुख्यालय रहा। अरक्कल का शाही परिवार केरल का एक मात्र मुस्लिम राज वंश था जहाँ एक महिला शासन करती थी जिन्हें बीवी कह कर संबोधित किया जाता है। इस बीवी से सम्बन्धित एक कहानी है जो इस प्रकार है।&lt;br /&gt;
=====&amp;lt;u&amp;gt;कहानी&amp;lt;/u&amp;gt;=====&lt;br /&gt;
15-16वीं सदी में मूषिका वंशज के चिरक्कल राजा की एक कन्या तालाब में नहा रही थी और पानी में डूबने लगी। संयोगवश उसे एक मुस्लिम युवक ने देख लिया। पहले तो वह हिचका फिर तालाब में कूद कर राजकुमारी को बाहर निकाल लाया। शरीर को ढकने के लिए उसने अपनी धोती उढ़ा दी। यह बात राज दरबार में पहुँची। उन दिनों [[मुसलमान]] अछूत होते थे। उसके स्पर्श से राजकुमारी अपवित्र हो गई थी। उस युवक को बुलवाया गया और वह अपने प्राणों की खैर मनाते वहाँ उपस्थित हो गया। मंत्रियों ने एक और बात कह दी। इस युवक ने राजकुमारी को ओढ़ने के लिए अपनी धोती दी थी और उन दिनों की परम्परा के अनुसार धोती दिया जाना और स्वीकार किया जाना विवाह का परिचायक था। मजबूरन राजा को अपनी बेटी उस अपेक्षाकृत गरीब युवक के हाथ सौंपनी पड़ी। राजा ने अरक्कल नामक एक छोटा भूभाग उस युवक के नाम कर दोनों को अलग भिजवा दिया। यहीं से उस मुस्लिम राज वंश की उत्पत्ति बतायी जाती है।&amp;lt;ref name=&amp;quot;कन्नूर या केन्नानोर&amp;quot;&amp;gt;{{cite web |url=http://mallar.wordpress.com/2009/04/02/%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%B2/ |title=कन्नूर या केन्नानोर (केरल) |accessmonthday=[[12 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first=सुब्रमणियन |authorlink= |format= |publisher=वर्डप्रेस |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
[[चित्र:Kannur-Fort-Kerala.jpg|thumb|left|250px|[[कन्नूर क़िला]], [[केरल]] &amp;lt;br /&amp;gt;Kannur Fort, Kerala]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==यातायात और परिवहन==&lt;br /&gt;
केरल और आसपास के राज्यों के अनेक शहरों से सड़क मार्ग के द्वारा आसानी से कन्नूर पहुंचा जा सकता है। राज्य परिवहन की नियमित बस सेवाएं इसे अन्य शहरों से जोड़ती हैं। कन्नूर में पर्याप्त यातायात व परिवहन सुविधाएँ उपलब्ध हैं। जो इस प्रकार है:-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;वायु मार्ग&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
कोजीकोड का करीपुर एयरपोर्ट कन्नूर का नजदीकी एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट दक्षिणी कन्नूर से 93 किमी. की दूरी पर है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;रेल मार्ग&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
कन्नूर का रेलवे स्टेशन शोरपुर- मंगलौर रेललाइन पर स्थित दक्षिण भारत का महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। यह रेलवे स्टेशन देश के अनेक बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://yatrasalah.com/touristPlaces.aspx?id=389 |title=कन्नूर |accessmonthday=[[12 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=यात्रा सलाह |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==उद्योग और व्यापार==&lt;br /&gt;
कन्नूर में सर्व प्रथम [[जर्मनी]] के बेसल मिशन के द्वारा धर्मान्तरित [[ईसाई|ईसाईयों]] को रोज़गार देने के उद्देश्य से सन 1852 में एक कपडा बुनने का कारख़ाना खोला गया था। कारख़ाने में यूरोपीय बनावट के हथकरघे मिस्टर हालर के द्वारा लगाये गए थे जिसने इसी वर्ष मंगलौर में भी एक छोटा सा क़ारखाना खोला था। विश्व में 'खाकी' का सर्वप्रथम उत्पादन इसी हालर के द्वारा मंगलौर में 1852 में किया गया था। तब से ही हथकरघे कन्नूर की पहचान बन गए और अब भी हैं। अपने हाथ करघों के अतिरिक्त, बीडी उद्योग, मत्स्य उद्योग तथा कांसे और पीतल से बने विभिन्न सामग्रियों के लिए यह शहर जाना जाता है।&lt;br /&gt;
[[चित्र:View-Kannur-Kerala-2.jpg|thumb|250px|कन्नूर का एक दृश्य, [[केरल]]&amp;lt;br /&amp;gt;A View of Kannur, Kerala ]]&lt;br /&gt;
कन्नूर नगर में कताई, बुनाई व होज़री की बड़ी मिलें हैं और यहाँ से गरी, जूट व मिर्च का [[निर्यात]] किया जाता है। भीतरी प्रदेश की अर्थव्यवस्था काजू, मिर्च, नारियल के उत्पादन पर निर्भर करती है। मछली पकड़ने का काम भी महत्वपूर्ण है।&amp;lt;ref name=&amp;quot;कन्नूर या केन्नानोर&amp;quot;&amp;gt;{{cite web |url=http://mallar.wordpress.com/2009/04/02/%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%B2/ |title=कन्नूर या केन्नानोर (केरल) |accessmonthday=[[12 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first=सुब्रमणियन |authorlink= |format= |publisher=वर्डप्रेस |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==पर्यटन==&lt;br /&gt;
{{main|कन्नूर पर्यटन}}&lt;br /&gt;
कन्नूर नगर में कई क़िलें, एक पुर्तगाली गिरज़ाघर और अनेक मस्जिदें हैं। कन्नूर [[केरल]] के उत्तरी सिरे में स्थित एक छोटा लेकिन बेहद ख़ूबसूरत तटवर्ती नगर है। जो अपने आकर्षण से पर्यटकों को आकर्षित करता है। प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण इस नगर के पश्चिमी तट पर फैले रेत से लक्षद्वीप सागर मिलता है और तट के दूसरी तरफ ऊंचे-ऊंचे ताड़ के पेड़ वातावरण को और मनोरम बनाते हैं।&lt;br /&gt;
==जनसंख्या==&lt;br /&gt;
कन्नूर नगर की जनसंख्या 2001 के अनुसार 63,795 है।&lt;br /&gt;
==खानपान==&lt;br /&gt;
कन्नूर में खाने में सबसे अच्छी बिरयानी होती है जिसका स्वाद ही निराला है। पराठे लच्छेदार मैदा से बनाये जाते हैं परन्तु कुछ होटलों में रोटी भी मिल जाती है। यहाँ   होटलों में बीफ भी मिलती है जिसको कुछ लोग बड़े जानवर का मटन भी कहते थे।&amp;lt;ref name=&amp;quot;कन्नूर या केन्नानोर&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://www.kannur.nic.in/ अधिकारिक वेबसाइट]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{केरल के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:केरल]]&lt;br /&gt;
[[Category:केरल के नगर]]&lt;br /&gt;
[[Category:केरल के पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%B0&amp;diff=77422</id>
		<title>कन्नूर</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%B0&amp;diff=77422"/>
		<updated>2010-10-16T06:31:15Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* इतिहास */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा पर्यटन&lt;br /&gt;
|चित्र=View-Kannur-Kerala.jpg&lt;br /&gt;
|विवरण=कन्नूर नगर, उत्तरी [[केरल]] राज्य के दक्षिण [[भारत]] में स्थित है।&lt;br /&gt;
|राज्य=केरल&lt;br /&gt;
|ज़िला=[[कन्नूर ज़िला]]&lt;br /&gt;
|निर्माता=&lt;br /&gt;
|स्वामित्व=&lt;br /&gt;
|प्रबंधक=&lt;br /&gt;
|निर्माण काल=&lt;br /&gt;
|स्थापना=&lt;br /&gt;
|भौगोलिक स्थिति=&lt;br /&gt;
|मार्ग स्थिति=&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=अपने हाथ करघों के अतिरिक्त, बीडी उद्योग, मत्स्य उद्योग तथा कांसे और पीतल से बने विभिन्न सामग्रियों के लिए कन्नूर शहर जाना जाता है। कन्नूर केरल के उत्तरी सिरे में स्थित एक छोटा लेकिन बेहद ख़ूबसूरत तटवर्ती नगर है।&lt;br /&gt;
|कब जाएँ=अगस्त से मार्च। &lt;br /&gt;
|यातायात=&lt;br /&gt;
|हवाई अड्डा=कोजीकोड का करीपुर एयरपोर्ट यहां का नजदीकी एयरपोर्ट है।&lt;br /&gt;
|रेलवे स्टेशन=कन्नूर जंक्शन&lt;br /&gt;
|बस अड्डा=बस अड्डा कन्नूर &lt;br /&gt;
|कैसे पहुँचें=&lt;br /&gt;
|क्या देखें=[[कन्नूर पर्यटन]]&lt;br /&gt;
|कहाँ ठहरें=&lt;br /&gt;
|क्या खायें=कन्नूर में खाने में सबसे अच्छी बिरयानी होती है। पराठे लच्छेदार मैदा से बनाये जाते हैं परन्तु कुछ होटलों में रोटी भी मिल जाती है। &lt;br /&gt;
|क्या ख़रीदें=कांसे और पीतल से बने विभिन्न सामग्री&lt;br /&gt;
|एस.टी.डी. कोड=0499&lt;br /&gt;
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|सावधानी=&lt;br /&gt;
|मानचित्र लिंक=[http://maps.google.com/maps?f=q&amp;amp;source=s_q&amp;amp;hl=en&amp;amp;geocode=&amp;amp;q=Kannur,+Kerala,+India&amp;amp;sll=37.0625,-95.677068&amp;amp;sspn=36.863178,86.572266&amp;amp;ie=UTF8&amp;amp;hq=&amp;amp;hnear=Kannur,+Kannur+District,+Kerala,+India&amp;amp;ll=11.869031,75.355568&amp;amp;spn=0.178071,0.338173&amp;amp;z=12  गूगल मानचित्र]&lt;br /&gt;
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|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=कुछ महत्वपूर्ण मानदंडों के अंतर्गत कन्नूर भारत में रहने योग्य 10 शहरों में से एक है। &lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=[http://www.kannur.nic.in/ अधिकारिक वेबसाइट]&lt;br /&gt;
|अद्यतन={{अद्यतन|11:08, 15 अक्टूबर 2010 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम= कन्नूर&lt;br /&gt;
|पर्यटन= कन्नूर पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला= कन्नूर ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास= कन्नूर प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
कन्नूर नगर, उत्तरी [[केरल]] राज्य के दक्षिण [[भारत]] में स्थित है। केरल में कन्नूर या केन्नानोर चौथी बड़ी आबादी वाला [[अरब सागर]] के तट पर बसा एक प्रमुख शहर है। आज भी कन्नूर देश के 62 सैनिक छावनियों में से एक है। जहाँ डिफेन्स सिक्यूरिटी फ़ोर्स का मुख्यालय है। कुछ महत्वपूर्ण मानदंडों के अंतर्गत कन्नूर भारत में रहने योग्य 10 शहरों में से एक है। शहर साफ़ सुथरा और सुंदर है।&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
अरब सागर के एक बंदरगाह रूप में कन्नूर 12 वीं और 13 वीं शताब्दी में [[फ़ारस]] और [[अरब]] से होने वाले व्यापार के लिए महत्वपूर्ण था। 18 वीं शताब्दी तक यह कोलात्तिरी के राजा की राजधानी रहा। 1505 में यहाँ एक [[चित्र:Payyambalam-Beach-Kannur.jpg|thumb|250px|left|[[पयमबल्लम बीच कन्नूर|पयमबल्लम बीच]], कन्नूर&amp;lt;br /&amp;gt; Payyambalam Beach, Kannur]][[पुर्तग़ाल|पुर्तग़ाली]] क़िला बनाया गया। 1656 में यहाँ एक [[डच]] क़िले की स्थापना हुई। 1783 में कन्नूर पर ब्रिटिश आधिपत्य हो गया, जिसके बाद से यहाँ के शासक ब्रिटिश [[ईस्ट इंडिया कंपनी]] के सहायक भर रह गए। 1709 से 1887 तक कन्नूर [[भारत]] के पश्चिमी तट का ब्रिटिश सैनिक मुख्यालय रहा। अरक्कल का शाही परिवार केरल का एक मात्र मुस्लिम राज वंश था जहाँ एक महिला शासन करती थी जिन्हें बीवी कह कर संबोधित किया जाता है। इस बीवी से सम्बन्धित एक कहानी है जो इस प्रकार है।&lt;br /&gt;
=====&amp;lt;u&amp;gt;कहानी&amp;lt;/u&amp;gt;=====&lt;br /&gt;
15-16वीं सदी में मूषिका वंशज के चिरक्कल राजा की एक कन्या तालाब में नहा रही थी और पानी में डूबने लगी। संयोगवश उसे एक मुस्लिम युवक ने देख लिया। पहले तो वह हिचका फिर तालाब में कूद कर राजकुमारी को बाहर निकाल लाया। शरीर को ढकने के लिए उसने अपनी धोती उढ़ा दी। यह बात राज दरबार में पहुँची। उन दिनों [[मुसलमान]] अछूत होते थे। उसके स्पर्श से राजकुमारी अपवित्र हो गई थी। उस युवक को बुलवाया गया और वह अपने प्राणों की खैर मनाते वहाँ उपस्थित हो गया। मंत्रियों ने एक और बात कह दी। इस युवक ने राजकुमारी को ओढ़ने के लिए अपनी धोती दी थी और उन दिनों की परम्परा के अनुसार धोती दिया जाना और स्वीकार किया जाना विवाह का परिचायक था। मजबूरन राजा को अपनी बेटी उस अपेक्षाकृत गरीब युवक के हाथ सौंपनी पड़ी। राजा ने अरक्कल नामक एक छोटा भूभाग उस युवक के नाम कर दोनों को अलग भिजवा दिया। यहीं से उस मुस्लिम राज वंश की उत्पत्ति बतायी जाती है।&amp;lt;ref name=&amp;quot;कन्नूर या केन्नानोर&amp;quot;&amp;gt;{{cite web |url=http://mallar.wordpress.com/2009/04/02/%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%B2/ |title=कन्नूर या केन्नानोर (केरल) |accessmonthday=[[12 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first=सुब्रमणियन |authorlink= |format= |publisher=वर्डप्रेस |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
[[चित्र:Kannur-Fort-Kerala.jpg|thumb|left|250px|[[कन्नूर क़िला]], [[केरल]] &amp;lt;br /&amp;gt;Kannur Fort, Kerala]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==यातायात और परिवहन==&lt;br /&gt;
केरल और आसपास के राज्यों के अनेक शहरों से सड़क मार्ग के द्वारा आसानी से कन्नूर पहुंचा जा सकता है। राज्य परिवहन की नियमित बस सेवाएं इसे अन्य शहरों से जोड़ती हैं। कन्नूर में पर्याप्त यातायात व परिवहन सुविधाएँ उपलब्ध हैं। जो इस प्रकार है:-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;वायु मार्ग&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
कोजीकोड का करीपुर एयरपोर्ट कन्नूर का नजदीकी एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट दक्षिणी कन्नूर से 93 किमी. की दूरी पर है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;रेल मार्ग&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
कन्नूर का रेलवे स्टेशन शोरपुर- मंगलौर रेललाइन पर स्थित दक्षिण भारत का महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। यह रेलवे स्टेशन देश के अनेक बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://yatrasalah.com/touristPlaces.aspx?id=389 |title=कन्नूर |accessmonthday=[[12 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=यात्रा सलाह |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==उद्योग और व्यापार==&lt;br /&gt;
कन्नूर में सर्व प्रथम [[जर्मनी]] के बेसल मिशन के द्वारा धर्मान्तरित [[ईसाई|ईसाईयों]] को रोज़गार देने के उद्देश्य से सन 1852 में एक कपडा बुनने का कारख़ाना खोला गया था। कारख़ाने में यूरोपीय बनावट के हथकरघे मिस्टर हालर के द्वारा लगाये गए थे जिसने इसी वर्ष मंगलौर में भी एक छोटा सा क़ारखाना खोला था। विश्व में 'खाकी' का सर्वप्रथम उत्पादन इसी हालर के द्वारा मंगलौर में 1852 में किया गया था। तब से ही हथकरघे कन्नूर की पहचान बन गए और अब भी हैं। अपने हाथ करघों के अतिरिक्त, बीडी उद्योग, मत्स्य उद्योग तथा कांसे और पीतल से बने विभिन्न सामग्रियों के लिए यह शहर जाना जाता है।&lt;br /&gt;
[[चित्र:View-Kannur-Kerala-2.jpg|thumb|250px|कन्नूर का एक दृश्य, [[केरल]]&amp;lt;br /&amp;gt;A View of Kannur, Kerala ]]&lt;br /&gt;
कन्नूर नगर में कताई, बुनाई व होज़री की बड़ी मिलें हैं और यहाँ से गरी, जूट व मिर्च का [[निर्यात]] किया जाता है। भीतरी प्रदेश की अर्थव्यवस्था काजू, मिर्च, नारियल के उत्पादन पर निर्भर करती है। मछली पकड़ने का काम भी महत्वपूर्ण है।&amp;lt;ref name=&amp;quot;कन्नूर या केन्नानोर&amp;quot;&amp;gt;{{cite web |url=http://mallar.wordpress.com/2009/04/02/%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%B2/ |title=कन्नूर या केन्नानोर (केरल) |accessmonthday=[[12 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first=सुब्रमणियन |authorlink= |format= |publisher=वर्डप्रेस |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==पर्यटन==&lt;br /&gt;
{{main|कन्नूर पर्यटन}}&lt;br /&gt;
कन्नूर नगर में कई क़िलें, एक पुर्तगाली गिरज़ाघर और अनेक मस्जिदें हैं। कन्नूर [[केरल]] के उत्तरी सिरे में स्थित एक छोटा लेकिन बेहद ख़ूबसूरत तटवर्ती नगर है। जो अपने आकर्षण से पर्यटकों को आकर्षित करता है। प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण इस नगर के पश्चिमी तट पर फैले रेत से लक्षद्वीप सागर मिलता है और तट के दूसरी तरफ ऊंचे-ऊंचे ताड़ के पेड़ वातावरण को और मनोरम बनाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==जनसंख्या==&lt;br /&gt;
कन्नूर नगर की जनसंख्या 2001 के अनुसार 63,795 है।&lt;br /&gt;
==खानपान==&lt;br /&gt;
कन्नूर में खाने में सबसे अच्छी बिरयानी होती है जिसका स्वाद ही निराला है। पराठे लच्छेदार मैदा से बनाये जाते हैं परन्तु कुछ होटलों में रोटी भी मिल जाती है। यहाँ   होटलों में बीफ भी मिलती है जिसको कुछ लोग बड़े जानवर का मटन भी कहते थे।&amp;lt;ref name=&amp;quot;कन्नूर या केन्नानोर&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://www.kannur.nic.in/ अधिकारिक वेबसाइट]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{केरल के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:केरल]]&lt;br /&gt;
[[Category:केरल के नगर]]&lt;br /&gt;
[[Category:केरल के पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
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		<title>मुम्बई पर्यटन</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8&amp;diff=77418"/>
		<updated>2010-10-16T06:22:38Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* कन्हेरी गुफाएँ */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम=मुम्बई&lt;br /&gt;
|पर्यटन=मुम्बई पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला=मुम्बई ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास=मुम्बई प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
[[मुंबई]] शहर, भूतपूर्व बंबई, [[महाराष्ट्र]] राज्य की राजधानी है। यह दक्षिण-पश्चिम [[भारत]] देश का वित्तीय व वाणिज्यिक केंद्र और [[अरब सागर]] में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। मुंबई दुनिया के विशालतम व सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। मुम्बई को पहले बॉम्बे के नाम से जाना जाता था। मुम्बई शहर को बिजनेस केपिटल ऑफ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ देश के प्रमुख वित्तीय और संचार केन्द्र है। भारत का सबसे बड़ा शेयर बाजार, जिसका विश्व में तीसरा स्थान है मुम्बई में ही स्थित है। मुम्बई भारत के पश्चिमी समुद्रतट पर स्थित है। यह [[अरब सागर]] के सात द्वीपों का एक हिस्सा है। मुम्बई सामान्य रूप से सात द्वीपों जिनके नाम [[कोलाबा]], [[माजागाँव]], [[ओल्ड वूमन द्वीप]], [[वाडाला]], [[माहीम]], [[पारेल]] और [[माटूंगा-सायन]] पर स्थित है। सन् 1661 में [[इंग्लैंड]] के महाराजा [[चार्ल्‍स]] ने [[पुर्तग़ाल]] की राजकुमारी कैटरीना डे ब्रिगेंजा से शादी की थी। शादी में दहेज के रूप में चार्ल्‍स को बम्बई शहर मिला था, जो वर्तमान समय में मुम्बई के नाम से जाना जाता है। लेकिन सन् 1668 में मुम्बई [[ईस्ट इंडिया कम्पनी]] के हाथों में चला गया। सन् 1868 में महारानी विक्टोरिया ने शहर के प्रशासन को ईस्ट इंडिया कम्पनी से वापस ले लिया। मुंबई पर्यटन के लिए भी विश्व विख्यात हैं। जहाँ लोग दूर-दूर से घूमने के लिए आते है। यहाँ पर कई पर्यटन स्थल है जो इस प्रकार है:- &lt;br /&gt;
==पर्यटन स्थल== &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जोगेश्‍वरी गुफ़ा&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जोगेश्‍वरी गुफ़ा मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा 1500 साल पुरानी है। &lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा मंदिर में विशाल केंद्रीय हॉल भी है। &lt;br /&gt;
*इसके अतिरिक्त [[हनुमान]], देवी माता, [[जोगेश्‍वरी]] और [[गणेश]] जी की मूर्तियाँ भी यहाँ स्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हेंगिग गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हेंगिग गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*हेंगिग गार्डन को फ़िरोजशाह मेहता गार्डन के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*यह मंदिर महालक्ष्मी समुद्र के बिल्कुल करीब स्थित है।&lt;br /&gt;
*इस मंदिर में तीन बहुत ही सुंदर मूर्तियाँ है। &lt;br /&gt;
*मंदिर के गर्भगृह में [[महालक्ष्मी देवी|महालक्ष्मी]], [[काली|महाकाली]] एवं [[सरस्वती|महासरस्वती]] तीनों देवियों की प्रतिमाएँ एक साथ विद्यमान हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;गेटवे ऑफ़ इंडिया&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|गेटवे ऑफ़ इंडिया}}&lt;br /&gt;
*गेटवे आफॅ इंडिया की रूपरेखा जार्ज विककेट ने तैयार की थी और इसका निर्माण किंग जार्ज और क्वीन मैरी ने 1911 में करवाया था। &lt;br /&gt;
*गेटवे ऑफ़ इंडिया मुम्बई का बहुत ही प्रसिद्ध स्थान है। &lt;br /&gt;
*यह अपोलो बंडर के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;फ्लोरा फाउंटेन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|फ्लोरा फाउंटेन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*फाउंटेन का नाम [[रोम]] में समृद्धि के [[देवता]] के नाम पर पड़ा था।&lt;br /&gt;
*अब यह फाउंटेन उस क्षेत्र में है, जहाँ [[महाराष्ट्र]] राज्य के लिए शहीद होने वालों की याद में स्मारक बनाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जूहू चौपाटी&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जूहू चौपाटी मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जूहू बीच मुम्बई का सबसे प्रसिद्ध बीच है। &lt;br /&gt;
*यह मुम्बई से तीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*चौपाटी बीच मारीन ड्राईव में स्थित है। यह जगह मुम्बईवासियों की पहली पंसद है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हाजी अली दरगाह&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हाजी अली दरगाह मुंबई}}&lt;br /&gt;
*हाजी अली [[महाराष्ट्र]] राज्य के [[मुंबई]] शहर में एक मशहूर मस्जिद एवं दरगाह है।&lt;br /&gt;
*यह स्थान अरबियन समुद्र के समुद्र तट पर बने [[महालक्ष्मी मंदिर मुंबई|महालक्ष्मी मंदिर]] के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;माउंट मेरी चर्च&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|माउंट मेरी चर्च मुंबई}}&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च मुंबई शहर के विशिष्ट और भव्य चर्चों में से एक है।&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च 1640 में बनाया गया था और फ़िर इसे गिरा दिया गया और 1761 में इसे दुबारा बनाया गया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी रेस कोर्स&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी रेस कोर्स मुंबई}}&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स महालक्ष्मी समुद्र तट के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स विश्‍व के प्रसिद्ध रेस कोर्स में से एक है। &lt;br /&gt;
====नेहरू प्लेनेटेरीयम और विज्ञान केन्द्र====&lt;br /&gt;
{{Main|नेहरू प्लेनेटेरीयम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटरीयम को विज्ञान केन्द्र के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम वर्ली में स्थित है।&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम का नाम पंडित [[जवाहर लाल नेहरू]] की मृत्यु के बाद रखा गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय मुंबई}}&lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय [[गेटवे ऑफ़ इंडिया मुंबई|गेटवे ऑफ़ इंडिया]] से बस थोड़ी सी दूरी पर स्थित है। &lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय में [[शिल्पकला]], [[मूर्तिकला]], चाइना और प्राचीन इत्यादि सम्बन्धित बहुमूल्य संग्रह है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;तारापोरवाला एक्वेरियम&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|तारापोरवाला एक्वेरियम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम मरीन ड्राईव में स्थित है। &lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम में अलग-अलग आकार, प्रकार और [[रंग]] की मछलियाँ हैं।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;विक्टोरिया गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|विक्टोरिया गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन में रोचक वनस्पतियों और जीवों का संग्रह है। &lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन वनस्पतिक और प्राणी [[विज्ञान]] से सम्बन्धित बगीचा हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====एलिफेंटा की गुफाएँ====&lt;br /&gt;
{{Main|एलिफेंटा की गुफाएँ मुंबई}}&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर से 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ मुम्‍बई महानगर के पास स्थित पर्यटकों का एक बड़ा आकर्षण केन्‍द्र हैं।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ को घारापुरी के पुराने नाम से जाना जाता है जो कोंकणी मौर्य की द्वीप राजधानी थी।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;एसेल वर्ल्‍ड&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|एसेल वर्ल्‍ड मुंबई}}&lt;br /&gt;
*एसेल  वर्ल्‍ड गौरी बीच के समीप स्थित है। &lt;br /&gt;
*एसेल वर्ल्‍ड [[भारत]] का सबसे बड़ा मनोरंजन पार्क है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;मुंबा देवी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|मुंबा देवी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*मुंबा देवी मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना है। &lt;br /&gt;
*मुंबई का नाम ही [[मराठी भाषा|मराठी]] में मुंबा आई यानि मुंबा माता के नाम से निकला है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;ताजमहल होटल&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|ताजमहल होटल मुंबई}}&lt;br /&gt;
*ताज होटल मुंबई के अपोलो बंडर में स्थीत है।&lt;br /&gt;
*ताज महल होटल 104 साल पुरानी इमारत है। &lt;br /&gt;
*ताज होटल में 565 कमरे हैं।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र मुंबई}}&lt;br /&gt;
*भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र [[मुम्बई]] में स्थित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] सरकार के [[परमाणु]] [[ऊर्जा]] विभाग के अन्तर्गत नाभिकीय [[विज्ञान]] एवं अभियांत्रिकी एवं अन्य सम्बन्धित क्षेत्रों का बहु-विषयी नाभिकीय अनुसंधान केन्द्र है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;नरीमन पाइंट&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|नरीमन पाइंट मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नरीमन पॉइंट मुंबई का सबसे प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है। &lt;br /&gt;
*इसका यह नाम एक पारसी दूरदर्शक खुर्शीद फ़्राम्जी नरीमन के नाम पर रखा गया। &lt;br /&gt;
*1995 में यहाँ वाणिज्यिक अचल संपत्ति किराया 8750 रू॰ प्रति वर्ग फुट था।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;कन्हेरी गुफाएँ&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|कन्हेरी गुफाएँ मुंबई}}&lt;br /&gt;
*कन्हेरी गुफाएँ मुंबई शहर के पश्चिमी क्षेत्र में बसे बोरीवली के उत्तर में स्थित हैं। &lt;br /&gt;
*ये संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के परिसर में ही स्थित हैं और मुख्य उद्यान से 6 कि.मी और बोरीवली स्टेशन से 7 कि.मी दूर हैं। &lt;br /&gt;
*ये गुफ़ाएँ [[बौद्ध]] कला दर्शाती हैं। &lt;br /&gt;
*कन्हेरी शब्द कृष्णागिरी यानी [[काला पर्वत]] से निकला है। &lt;br /&gt;
*इनको बड़े बड़े बेसाल्ट की चट्टानों से बनाया गया है।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%9A%E0%A4%BE:%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0_%E0%A4%95%E0%A5%87_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8_%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B2&amp;diff=77416</id>
		<title>साँचा:महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%9A%E0%A4%BE:%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0_%E0%A4%95%E0%A5%87_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8_%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B2&amp;diff=77416"/>
		<updated>2010-10-16T06:09:59Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{Navbox&lt;br /&gt;
|name=महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल&lt;br /&gt;
|title =[[महाराष्ट्र]] के [[:Category:महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल|पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
|titlestyle =background:#adcef2;&lt;br /&gt;
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|list1 =[[भद्रवती तीर्थ चन्द्रपुर|श्री भद्रवती तीर्थ]] '''·''' [[मरकड महादेव मन्दिर चन्द्रपुर|मरकड महादेव मन्दिर]] '''·''' [[नंगरगोटा चन्द्रपुर|नंगरगोटा]] '''·''' [[गणेश मन्दिर चन्द्रपुर|गणेश मन्दिर]] '''·''' [[चिपराला वन्यजीव अभ्यारण्य चन्द्रपुर|चिपराला वन्यजीव अभ्यारण्य]] '''·''' [[तरोबा राष्ट्रीय पार्क चन्द्रपुर|तरोबा राष्ट्रीय पार्क]] '''·''' [[आनंदवन आश्रम चन्द्रपुर|आनंदवन आश्रम]]&lt;br /&gt;
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|list2 =[[चित्र:Gateway-Of-India-Mumbai.jpg|50px|border|गेटवे ऑफ इंडिया, मुम्बई|right]] [[एलिफेंटा की गुफाएँ मुंबई|एलिफेंटा की गुफाएँ]] '''·''' [[एसेल वर्ल्‍ड मुंबई|एसेल वर्ल्‍ड मुंबई]] '''·''' [[कन्हेरी गुफाएँ मुंबई|कन्हेरी गुफाएँ]] '''·''' [[गेटवे ऑफ़ इंडिया]] '''·''' [[जूहू चौपाटी मुंबई|जूहू चौपाटी]] '''·''' [[जोगेश्‍वरी गुफ़ा मुंबई|जोगेश्‍वरी गुफ़ा]] '''·''' [[ताजमहल होटल मुंबई|ताजमहल होटल]] '''·''' [[तारापोरवाला एक्वेरियम मुंबई|तारापोरवाला एक्वेरियम]] '''·''' [[द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय मुंबई|द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय]] '''·''' [[नेहरू प्लेनेटेरीयम मुंबई|नेहरू प्लेनेटेरीयम]] '''·''' [[नरीमन पाइंट मुंबई|नरीमन पाइंट]] '''·''' [[फ्लोरा फाउंटेन मुंबई|फ्लोरा फाउंटेन]] '''·''' [[भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र मुंबई|भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र]] '''·''' [[महालक्ष्मी मंदिर मुंबई|महालक्ष्मी मंदिर]] '''·''' [[महालक्ष्मी रेस कोर्स मुंबई|महालक्ष्मी रेस कोर्स]] '''·''' [[माउंट मेरी चर्च मुंबई|माउंट मेरी चर्च]] '''·''' [[मुंबा देवी मंदिर मुंबई|मुंबा देवी मंदिर]] '''·''' [[विक्टोरिया गार्डन मुंबई|विक्टोरिया गार्डन]] '''·''' [[हाजी अली दरगाह|हाजी अली]] '''·''' [[हेंगिग गार्डन मुंबई|हेंगिग गार्डन]] &lt;br /&gt;
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}}&amp;lt;noinclude&amp;gt;[[Category:पर्यटन के साँचे]]&amp;lt;/noinclude&amp;gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8&amp;diff=77414</id>
		<title>मुम्बई पर्यटन</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8&amp;diff=77414"/>
		<updated>2010-10-16T06:06:41Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम=मुम्बई&lt;br /&gt;
|पर्यटन=मुम्बई पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला=मुम्बई ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास=मुम्बई प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
[[मुंबई]] शहर, भूतपूर्व बंबई, [[महाराष्ट्र]] राज्य की राजधानी है। यह दक्षिण-पश्चिम [[भारत]] देश का वित्तीय व वाणिज्यिक केंद्र और [[अरब सागर]] में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। मुंबई दुनिया के विशालतम व सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। मुम्बई को पहले बॉम्बे के नाम से जाना जाता था। मुम्बई शहर को बिजनेस केपिटल ऑफ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ देश के प्रमुख वित्तीय और संचार केन्द्र है। भारत का सबसे बड़ा शेयर बाजार, जिसका विश्व में तीसरा स्थान है मुम्बई में ही स्थित है। मुम्बई भारत के पश्चिमी समुद्रतट पर स्थित है। यह [[अरब सागर]] के सात द्वीपों का एक हिस्सा है। मुम्बई सामान्य रूप से सात द्वीपों जिनके नाम [[कोलाबा]], [[माजागाँव]], [[ओल्ड वूमन द्वीप]], [[वाडाला]], [[माहीम]], [[पारेल]] और [[माटूंगा-सायन]] पर स्थित है। सन् 1661 में [[इंग्लैंड]] के महाराजा [[चार्ल्‍स]] ने [[पुर्तग़ाल]] की राजकुमारी कैटरीना डे ब्रिगेंजा से शादी की थी। शादी में दहेज के रूप में चार्ल्‍स को बम्बई शहर मिला था, जो वर्तमान समय में मुम्बई के नाम से जाना जाता है। लेकिन सन् 1668 में मुम्बई [[ईस्ट इंडिया कम्पनी]] के हाथों में चला गया। सन् 1868 में महारानी विक्टोरिया ने शहर के प्रशासन को ईस्ट इंडिया कम्पनी से वापस ले लिया। मुंबई पर्यटन के लिए भी विश्व विख्यात हैं। जहाँ लोग दूर-दूर से घूमने के लिए आते है। यहाँ पर कई पर्यटन स्थल है जो इस प्रकार है:- &lt;br /&gt;
==पर्यटन स्थल== &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जोगेश्‍वरी गुफ़ा&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जोगेश्‍वरी गुफ़ा मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा 1500 साल पुरानी है। &lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा मंदिर में विशाल केंद्रीय हॉल भी है। &lt;br /&gt;
*इसके अतिरिक्त [[हनुमान]], देवी माता, [[जोगेश्‍वरी]] और [[गणेश]] जी की मूर्तियाँ भी यहाँ स्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हेंगिग गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हेंगिग गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*हेंगिग गार्डन को फ़िरोजशाह मेहता गार्डन के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*यह मंदिर महालक्ष्मी समुद्र के बिल्कुल करीब स्थित है।&lt;br /&gt;
*इस मंदिर में तीन बहुत ही सुंदर मूर्तियाँ है। &lt;br /&gt;
*मंदिर के गर्भगृह में [[महालक्ष्मी देवी|महालक्ष्मी]], [[काली|महाकाली]] एवं [[सरस्वती|महासरस्वती]] तीनों देवियों की प्रतिमाएँ एक साथ विद्यमान हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;गेटवे ऑफ़ इंडिया&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|गेटवे ऑफ़ इंडिया}}&lt;br /&gt;
*गेटवे आफॅ इंडिया की रूपरेखा जार्ज विककेट ने तैयार की थी और इसका निर्माण किंग जार्ज और क्वीन मैरी ने 1911 में करवाया था। &lt;br /&gt;
*गेटवे ऑफ़ इंडिया मुम्बई का बहुत ही प्रसिद्ध स्थान है। &lt;br /&gt;
*यह अपोलो बंडर के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;फ्लोरा फाउंटेन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|फ्लोरा फाउंटेन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*फाउंटेन का नाम [[रोम]] में समृद्धि के [[देवता]] के नाम पर पड़ा था।&lt;br /&gt;
*अब यह फाउंटेन उस क्षेत्र में है, जहाँ [[महाराष्ट्र]] राज्य के लिए शहीद होने वालों की याद में स्मारक बनाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जूहू चौपाटी&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जूहू चौपाटी मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जूहू बीच मुम्बई का सबसे प्रसिद्ध बीच है। &lt;br /&gt;
*यह मुम्बई से तीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*चौपाटी बीच मारीन ड्राईव में स्थित है। यह जगह मुम्बईवासियों की पहली पंसद है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हाजी अली दरगाह&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हाजी अली दरगाह मुंबई}}&lt;br /&gt;
*हाजी अली [[महाराष्ट्र]] राज्य के [[मुंबई]] शहर में एक मशहूर मस्जिद एवं दरगाह है।&lt;br /&gt;
*यह स्थान अरबियन समुद्र के समुद्र तट पर बने [[महालक्ष्मी मंदिर मुंबई|महालक्ष्मी मंदिर]] के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;माउंट मेरी चर्च&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|माउंट मेरी चर्च मुंबई}}&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च मुंबई शहर के विशिष्ट और भव्य चर्चों में से एक है।&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च 1640 में बनाया गया था और फ़िर इसे गिरा दिया गया और 1761 में इसे दुबारा बनाया गया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी रेस कोर्स&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी रेस कोर्स मुंबई}}&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स महालक्ष्मी समुद्र तट के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स विश्‍व के प्रसिद्ध रेस कोर्स में से एक है। &lt;br /&gt;
====नेहरू प्लेनेटेरीयम और विज्ञान केन्द्र====&lt;br /&gt;
{{Main|नेहरू प्लेनेटेरीयम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटरीयम को विज्ञान केन्द्र के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम वर्ली में स्थित है।&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम का नाम पंडित [[जवाहर लाल नेहरू]] की मृत्यु के बाद रखा गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय मुंबई}}&lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय [[गेटवे ऑफ़ इंडिया मुंबई|गेटवे ऑफ़ इंडिया]] से बस थोड़ी सी दूरी पर स्थित है। &lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय में [[शिल्पकला]], [[मूर्तिकला]], चाइना और प्राचीन इत्यादि सम्बन्धित बहुमूल्य संग्रह है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;तारापोरवाला एक्वेरियम&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|तारापोरवाला एक्वेरियम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम मरीन ड्राईव में स्थित है। &lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम में अलग-अलग आकार, प्रकार और [[रंग]] की मछलियाँ हैं।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;विक्टोरिया गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|विक्टोरिया गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन में रोचक वनस्पतियों और जीवों का संग्रह है। &lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन वनस्पतिक और प्राणी [[विज्ञान]] से सम्बन्धित बगीचा हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====एलिफेंटा की गुफाएँ====&lt;br /&gt;
{{Main|एलिफेंटा की गुफाएँ मुंबई}}&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर से 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ मुम्‍बई महानगर के पास स्थित पर्यटकों का एक बड़ा आकर्षण केन्‍द्र हैं।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ को घारापुरी के पुराने नाम से जाना जाता है जो कोंकणी मौर्य की द्वीप राजधानी थी।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;एसेल वर्ल्‍ड&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|एसेल वर्ल्‍ड मुंबई}}&lt;br /&gt;
*एसेल  वर्ल्‍ड गौरी बीच के समीप स्थित है। &lt;br /&gt;
*एसेल वर्ल्‍ड [[भारत]] का सबसे बड़ा मनोरंजन पार्क है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;मुंबा देवी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|मुंबा देवी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*मुंबा देवी मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना है। &lt;br /&gt;
*मुंबई का नाम ही [[मराठी भाषा|मराठी]] में मुंबा आई यानि मुंबा माता के नाम से निकला है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;ताजमहल होटल&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|ताजमहल होटल मुंबई}}&lt;br /&gt;
*ताज होटल मुंबई के अपोलो बंडर में स्थीत है।&lt;br /&gt;
*ताज महल होटल 104 साल पुरानी इमारत है। &lt;br /&gt;
*ताज होटल में 565 कमरे हैं।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र मुंबई}}&lt;br /&gt;
*भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र [[मुम्बई]] में स्थित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] सरकार के [[परमाणु]] [[ऊर्जा]] विभाग के अन्तर्गत नाभिकीय [[विज्ञान]] एवं अभियांत्रिकी एवं अन्य सम्बन्धित क्षेत्रों का बहु-विषयी नाभिकीय अनुसंधान केन्द्र है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;नरीमन पाइंट&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|नरीमन पाइंट मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नरीमन पॉइंट मुंबई का सबसे प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है। &lt;br /&gt;
*इसका यह नाम एक पारसी दूरदर्शक खुर्शीद फ़्राम्जी नरीमन के नाम पर रखा गया। &lt;br /&gt;
*1995 में यहाँ वाणिज्यिक अचल संपत्ति किराया 8750 रू॰ प्रति वर्ग फुट था।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;कन्हेरी गुफाएँ&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|कन्हेरी गुफाएँ मुंबई}}&lt;br /&gt;
*कन्हेरी गुफाएँ मुंबई शहर के पश्चिमी क्षेत्र में बसे बोरीवली के उत्तर में स्थित हैं। &lt;br /&gt;
*ये [[संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान]] के परिसर में ही स्थित हैं और मुख्य उद्यान से 6 कि.मी और बोरीवली स्टेशन से 7 कि.मी दूर हैं। &lt;br /&gt;
*ये गुफ़ाएँ [[बौद्ध]] कला दर्शाती हैं। &lt;br /&gt;
*कन्हेरी शब्द कृष्णागिरी यानी [[काला पर्वत]] से निकला है। &lt;br /&gt;
*इनको बड़े बड़े बेसाल्ट की चट्टानों से बनाया गया है।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%9A%E0%A4%BE:%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0_%E0%A4%95%E0%A5%87_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8_%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B2&amp;diff=77412</id>
		<title>साँचा:महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%9A%E0%A4%BE:%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0_%E0%A4%95%E0%A5%87_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8_%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B2&amp;diff=77412"/>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{Navbox&lt;br /&gt;
|name=महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल&lt;br /&gt;
|title =[[महाराष्ट्र]] के [[:Category:महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल|पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
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|list1 =[[भद्रवती तीर्थ चन्द्रपुर|श्री भद्रवती तीर्थ]] '''·''' [[मरकड महादेव मन्दिर चन्द्रपुर|मरकड महादेव मन्दिर]] '''·''' [[नंगरगोटा चन्द्रपुर|नंगरगोटा]] '''·''' [[गणेश मन्दिर चन्द्रपुर|गणेश मन्दिर]] '''·''' [[चिपराला वन्यजीव अभ्यारण्य चन्द्रपुर|चिपराला वन्यजीव अभ्यारण्य]] '''·''' [[तरोबा राष्ट्रीय पार्क चन्द्रपुर|तरोबा राष्ट्रीय पार्क]] '''·''' [[आनंदवन आश्रम चन्द्रपुर|आनंदवन आश्रम]]&lt;br /&gt;
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|list2 =[[चित्र:Gateway-Of-India-Mumbai.jpg|50px|border|गेटवे ऑफ इंडिया, मुम्बई|right]] [[एलिफेंटा की गुफाएँ मुंबई|एलिफेंटा की गुफाएँ]] '''·''' [[एसेल वर्ल्‍ड मुंबई|एसेल वर्ल्‍ड मुंबई]] '''·''' [[गेटवे ऑफ़ इंडिया]] '''·''' [[जूहू चौपाटी मुंबई|जूहू चौपाटी]] '''·''' [[जोगेश्‍वरी गुफ़ा मुंबई|जोगेश्‍वरी गुफ़ा]] '''·''' [[ताजमहल होटल मुंबई|ताजमहल होटल]] '''·''' [[तारापोरवाला एक्वेरियम मुंबई|तारापोरवाला एक्वेरियम]] '''·''' [[द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय मुंबई|द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय]] '''·''' [[नेहरू प्लेनेटेरीयम मुंबई|नेहरू प्लेनेटेरीयम]] '''·''' [[फ्लोरा फाउंटेन मुंबई|फ्लोरा फाउंटेन]] '''·''' [[महालक्ष्मी मंदिर मुंबई|महालक्ष्मी मंदिर]] '''·''' [[महालक्ष्मी रेस कोर्स मुंबई|महालक्ष्मी रेस कोर्स]] '''·''' [[माउंट मेरी चर्च मुंबई|माउंट मेरी चर्च]] '''·''' [[मुंबा देवी मंदिर मुंबई|मुंबा देवी मंदिर]] '''·''' [[विक्टोरिया गार्डन मुंबई|विक्टोरिया गार्डन]] '''·''' [[हाजी अली दरगाह|हाजी अली]] '''·''' [[हेंगिग गार्डन मुंबई|हेंगिग गार्डन]] '''·''' [[भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र मुंबई|भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र]] '''·''' [[नरीमन पाइंट मुंबई|नरीमन पाइंट]] '''·''' [[कन्हेरी गुफाएँ मुंबई|कन्हेरी गुफाएँ]]&lt;br /&gt;
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}}&amp;lt;noinclude&amp;gt;[[Category:पर्यटन के साँचे]]&amp;lt;/noinclude&amp;gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>कन्हेरी गुफाएँ मुम्बई</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: कन्हेरी गुफाएँ मुम्बई का नाम बदलकर कन्हेरी गुफाएँ मुंबई कर दिया गया है&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;#REDIRECT [[कन्हेरी गुफाएँ मुंबई]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>कन्हेरी गुफ़ाएँ</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%80_%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%AB%E0%A4%BC%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%81&amp;diff=77402"/>
		<updated>2010-10-16T05:55:57Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: कन्हेरी गुफाएँ मुम्बई का नाम बदलकर कन्हेरी गुफाएँ मुंबई कर दिया गया है&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Kanheri-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|कन्हेरी गुफाएँ, [[मुम्बई]]]] &lt;br /&gt;
*[[महाराष्ट्र]] के शहर [[मुंबई]] में कई [[मुम्बई पर्यटन|पर्यटन स्थल]] है जिनमें से एक कन्हेरी गुफाएँ हैं। &lt;br /&gt;
*कन्हेरी गुफाएँ मुंबई शहर के पश्चिमी क्षेत्र में बसे बोरीवली के उत्तर में स्थित हैं। &lt;br /&gt;
*ये [[संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान]] के परिसर में ही स्थित हैं और मुख्य उद्यान से 6 कि.मी और बोरीवली स्टेशन से 7 कि.मी दूर हैं। &lt;br /&gt;
*ये गुफ़ाएँ [[बौद्ध]] कला दर्शाती हैं। &lt;br /&gt;
*कन्हेरी शब्द कृष्णागिरी यानी [[काला पर्वत]] से निकला है।&lt;br /&gt;
*इनको बड़े बड़े बेसाल्ट की चट्टानों से बनाया गया है।&lt;br /&gt;
==परिचय==&lt;br /&gt;
कन्हेरी के गुफाओं के समूह को [[भारत]] में विशालतम माना जाता है। कन्हेरी के गुफाओं में एक ही पहाड़ को तराश कर लगभग 109 गुफाओं का निर्माण है। यह [[बौद्ध धर्म]] की शिक्षा [[हीनयान]] तथा [[महायान]] का एक बड़ा केंद्र रहा है। पश्चिम भारत में सर्वप्रथम बौद्ध धर्म सोपारा में ही पल्लवित हुआ था जो कभी उत्तर कोंकण की राजधानी रही। उसी समय से कन्हेरी को जो सोपारा के करीब ही है, धार्मिक शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस अध्ययन केंद्र का प्रयोग बौद्ध धर्म के उत्थान एवं पतन में निरंतर 11 वीं सदी तक किया जाता रहा है। कन्हेरी की गुफाओं के प्रारंभिक निर्माण को तीसरी सदी ईसापूर्व का माना जाता है और अंतिम चरण के निर्माण को 9 वीं सदी का माना जाता है। प्रारम्भिक चरण हीनयान सम्प्रदाय का रहा जो आडम्बर विहीन है। सीधे सादे कक्ष, गुफाओं में प्रतिमाओं को भी नहीं उकेरा गया है। दूसरी तरफ अलंकरण युक्त गुफाएँ महायान सम्प्रदाय की मानी जाती हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://mallar.wordpress.com/2010/03/17/%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82/#comment-2709 |title=कन्हेरी की गुफाएं |accessmonthday=[[15 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first=सुब्रमणियन |authorlink= |format= |publisher=वर्डप्रेस |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://www.mumbai.org.uk/kanheri-caves.html Kanheri Caves]&lt;br /&gt;
*[http://www.bhramanti.com/kanheri.html Kanheri Caves]&lt;br /&gt;
*[http://www.tribuneindia.com/2006/20060402/spectrum/main2.htm Mumbai's Ancient Kanheri Caves]&lt;br /&gt;
*[http://www.tribuneindia.com/2006/20060402/spectrum/main2.htm Threat to caves of Bombay]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%80_%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%AB%E0%A4%BC%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%81&amp;diff=77283</id>
		<title>कन्हेरी गुफ़ाएँ</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%80_%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%AB%E0%A4%BC%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%81&amp;diff=77283"/>
		<updated>2010-10-15T10:52:32Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Kanheri-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|कन्हेरी गुफाएँ, [[मुम्बई]]]] &lt;br /&gt;
*[[महाराष्ट्र]] के शहर [[मुंबई]] में कई [[मुम्बई पर्यटन|पर्यटन स्थल]] है जिनमें से एक कन्हेरी गुफाएँ हैं। &lt;br /&gt;
*कन्हेरी गुफाएँ मुंबई शहर के पश्चिमी क्षेत्र में बसे बोरीवली के उत्तर में स्थित हैं। &lt;br /&gt;
*ये [[संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान]] के परिसर में ही स्थित हैं और मुख्य उद्यान से 6 कि.मी और बोरीवली स्टेशन से 7 कि.मी दूर हैं। &lt;br /&gt;
*ये गुफ़ाएँ [[बौद्ध]] कला दर्शाती हैं। &lt;br /&gt;
*कन्हेरी शब्द कृष्णागिरी यानी [[काला पर्वत]] से निकला है।&lt;br /&gt;
*इनको बड़े बड़े बेसाल्ट की चट्टानों से बनाया गया है।&lt;br /&gt;
==परिचय==&lt;br /&gt;
कन्हेरी के गुफाओं के समूह को [[भारत]] में विशालतम माना जाता है। कन्हेरी के गुफाओं में एक ही पहाड़ को तराश कर लगभग 109 गुफाओं का निर्माण है। यह [[बौद्ध धर्म]] की शिक्षा [[हीनयान]] तथा [[महायान]] का एक बड़ा केंद्र रहा है। पश्चिम भारत में सर्वप्रथम बौद्ध धर्म सोपारा में ही पल्लवित हुआ था जो कभी उत्तर कोंकण की राजधानी रही। उसी समय से कन्हेरी को जो सोपारा के करीब ही है, धार्मिक शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस अध्ययन केंद्र का प्रयोग बौद्ध धर्म के उत्थान एवं पतन में निरंतर 11 वीं सदी तक किया जाता रहा है। कन्हेरी की गुफाओं के प्रारंभिक निर्माण को तीसरी सदी ईसापूर्व का माना जाता है और अंतिम चरण के निर्माण को 9 वीं सदी का माना जाता है। प्रारम्भिक चरण हीनयान सम्प्रदाय का रहा जो आडम्बर विहीन है। सीधे सादे कक्ष, गुफाओं में प्रतिमाओं को भी नहीं उकेरा गया है। दूसरी तरफ अलंकरण युक्त गुफाएँ महायान सम्प्रदाय की मानी जाती हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://mallar.wordpress.com/2010/03/17/%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82/#comment-2709 |title=कन्हेरी की गुफाएं |accessmonthday=[[15 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first=सुब्रमणियन |authorlink= |format= |publisher=वर्डप्रेस |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://www.mumbai.org.uk/kanheri-caves.html Kanheri Caves]&lt;br /&gt;
*[http://www.bhramanti.com/kanheri.html Kanheri Caves]&lt;br /&gt;
*[http://www.tribuneindia.com/2006/20060402/spectrum/main2.htm Mumbai's Ancient Kanheri Caves]&lt;br /&gt;
*[http://www.tribuneindia.com/2006/20060402/spectrum/main2.htm Threat to caves of Bombay]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
[[Category:भारत_के_पर्यटन_स्थल]]&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8&amp;diff=77282</id>
		<title>मुम्बई पर्यटन</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8&amp;diff=77282"/>
		<updated>2010-10-15T10:52:08Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम=मुम्बई&lt;br /&gt;
|पर्यटन=मुम्बई पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला=मुम्बई ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास=मुम्बई प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
[[मुंबई]] शहर, भूतपूर्व बंबई, [[महाराष्ट्र]] राज्य की राजधानी है। यह दक्षिण-पश्चिम [[भारत]] देश का वित्तीय व वाणिज्यिक केंद्र और [[अरब सागर]] में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। मुंबई दुनिया के विशालतम व सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। मुम्बई को पहले बॉम्बे के नाम से जाना जाता था। मुम्बई शहर को बिजनेस केपिटल ऑफ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ देश के प्रमुख वित्तीय और संचार केन्द्र है। भारत का सबसे बड़ा शेयर बाजार, जिसका विश्व में तीसरा स्थान है मुम्बई में ही स्थित है। मुम्बई भारत के पश्चिमी समुद्रतट पर स्थित है। यह [[अरब सागर]] के सात द्वीपों का एक हिस्सा है। मुम्बई सामान्य रूप से सात द्वीपों जिनके नाम [[कोलाबा]], [[माजागाँव]], [[ओल्ड वूमन द्वीप]], [[वाडाला]], [[माहीम]], [[पारेल]] और [[माटूंगा-सायन]] पर स्थित है। सन् 1661 में [[इंग्लैंड]] के महाराजा [[चार्ल्‍स]] ने [[पुर्तग़ाल]] की राजकुमारी कैटरीना डे ब्रिगेंजा से शादी की थी। शादी में दहेज के रूप में चार्ल्‍स को बम्बई शहर मिला था, जो वर्तमान समय में मुम्बई के नाम से जाना जाता है। लेकिन सन् 1668 में मुम्बई [[ईस्ट इंडिया कम्पनी]] के हाथों में चला गया। सन् 1868 में महारानी विक्टोरिया ने शहर के प्रशासन को ईस्ट इंडिया कम्पनी से वापस ले लिया। मुंबई पर्यटन के लिए भी विश्व विख्यात हैं। जहाँ लोग दूर-दूर से घूमने के लिए आते है। यहाँ पर कई पर्यटन स्थल है जो इस प्रकार है:- &lt;br /&gt;
==पर्यटन स्थल== &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जोगेश्‍वरी गुफ़ा&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जोगेश्‍वरी गुफ़ा मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा 1500 साल पुरानी है। &lt;br /&gt;
*जोगेश्‍वरी की गुफ़ा मंदिर में विशाल केंद्रीय हॉल भी है। &lt;br /&gt;
*इसके अतिरिक्त [[हनुमान]], देवी माता, [[जोगेश्‍वरी]] और [[गणेश]] जी की मूर्तियाँ भी यहाँ स्थित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हेंगिग गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हेंगिग गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*हेंगिग गार्डन को फ़िरोजशाह मेहता गार्डन के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*यह मंदिर महालक्ष्मी समुद्र के बिल्कुल करीब स्थित है।&lt;br /&gt;
*इस मंदिर में तीन बहुत ही सुंदर मूर्तियाँ है। &lt;br /&gt;
*मंदिर के गर्भगृह में [[महालक्ष्मी देवी|महालक्ष्मी]], [[काली|महाकाली]] एवं [[सरस्वती|महासरस्वती]] तीनों देवियों की प्रतिमाएँ एक साथ विद्यमान हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;गेटवे ऑफ़ इंडिया&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|गेटवे ऑफ़ इंडिया मुंबई}}&lt;br /&gt;
*गेटवे आफॅ इंडिया की रूपरेखा जार्ज विककेट ने तैयार की थी और इसका निर्माण किंग जार्ज और क्वीन मैरी ने 1911 में करवाया था। &lt;br /&gt;
*गेटवे ऑफ़ इंडिया मुम्बई का बहुत ही प्रसिद्ध स्थान है। &lt;br /&gt;
*यह अपोलो बंडर के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;फ्लोरा फाउंटेन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|फ्लोरा फाउंटेन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*फाउंटेन का नाम [[रोम]] में समृद्धि के [[देवता]] के नाम पर पड़ा था।&lt;br /&gt;
*अब यह फाउंटेन उस क्षेत्र में है, जहाँ [[महाराष्ट्र]] राज्य के लिए शहीद होने वालों की याद में स्मारक बनाया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;जूहू चौपाटी&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|जूहू चौपाटी मुंबई}}&lt;br /&gt;
*जूहू बीच मुम्बई का सबसे प्रसिद्ध बीच है। &lt;br /&gt;
*यह मुम्बई से तीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*चौपाटी बीच मारीन ड्राईव में स्थित है। यह जगह मुम्बईवासियों की पहली पंसद है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;हाजी अली दरगाह&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|हाजी अली दरगाह मुंबई}}&lt;br /&gt;
*हाजी अली [[महाराष्ट्र]] राज्य के [[मुंबई]] शहर में एक मशहूर मस्जिद एवं दरगाह है।&lt;br /&gt;
*यह स्थान अरबियन समुद्र के समुद्र तट पर बने [[महालक्ष्मी मंदिर मुंबई|महालक्ष्मी मंदिर]] के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;माउंट मेरी चर्च&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|माउंट मेरी चर्च मुंबई}}&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च मुंबई शहर के विशिष्ट और भव्य चर्चों में से एक है।&lt;br /&gt;
*माउंट मैरी चर्च 1640 में बनाया गया था और फ़िर इसे गिरा दिया गया और 1761 में इसे दुबारा बनाया गया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;महालक्ष्मी रेस कोर्स&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|महालक्ष्मी रेस कोर्स मुंबई}}&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स महालक्ष्मी समुद्र तट के समीप स्थित है।&lt;br /&gt;
*महालक्ष्मी रेस कोर्स विश्‍व के प्रसिद्ध रेस कोर्स में से एक है। &lt;br /&gt;
====नेहरू प्लेनेटेरीयम और विज्ञान केन्द्र====&lt;br /&gt;
{{Main|नेहरू प्लेनेटेरीयम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटरीयम को विज्ञान केन्द्र के नाम से भी जाना जाता है। &lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम वर्ली में स्थित है।&lt;br /&gt;
*नेहरू प्लेनेटेरीयम का नाम पंडित [[जवाहर लाल नेहरू]] की मृत्यु के बाद रखा गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय मुंबई}}&lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय [[गेटवे ऑफ़ इंडिया मुंबई|गेटवे ऑफ़ इंडिया]] से बस थोड़ी सी दूरी पर स्थित है। &lt;br /&gt;
*द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय में [[शिल्पकला]], [[मूर्तिकला]], चाइना और प्राचीन इत्यादि सम्बन्धित बहुमूल्य संग्रह है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;तारापोरवाला एक्वेरियम&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|तारापोरवाला एक्वेरियम मुंबई}}&lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम मरीन ड्राईव में स्थित है। &lt;br /&gt;
*तारापोरवाला एक्वेरियम में अलग-अलग आकार, प्रकार और [[रंग]] की मछलियाँ हैं।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;विक्टोरिया गार्डन&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|विक्टोरिया गार्डन मुंबई}}&lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन में रोचक वनस्पतियों और जीवों का संग्रह है। &lt;br /&gt;
*विक्टोरिया गार्डन वनस्पतिक और प्राणी [[विज्ञान]] से सम्बन्धित बगीचा हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====एलिफेंटा की गुफाएँ====&lt;br /&gt;
{{Main|एलिफेंटा की गुफाएँ मुंबई}}&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर से 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ मुम्‍बई महानगर के पास स्थित पर्यटकों का एक बड़ा आकर्षण केन्‍द्र हैं।&lt;br /&gt;
*एलिफेंटा की गुफाएँ को घारापुरी के पुराने नाम से जाना जाता है जो कोंकणी मौर्य की द्वीप राजधानी थी।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;एसेल वर्ल्‍ड&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|एसेल वर्ल्‍ड मुंबई}}&lt;br /&gt;
*एसेल  वर्ल्‍ड गौरी बीच के समीप स्थित है। &lt;br /&gt;
*एसेल वर्ल्‍ड [[भारत]] का सबसे बड़ा मनोरंजन पार्क है। &lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;मुंबा देवी मंदिर&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|मुंबा देवी मंदिर मुंबई}}&lt;br /&gt;
*मुंबा देवी मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना है। &lt;br /&gt;
*मुंबई का नाम ही [[मराठी भाषा|मराठी]] में मुंबा आई यानि मुंबा माता के नाम से निकला है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;ताजमहल होटल&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|ताजमहल होटल मुंबई}}&lt;br /&gt;
*ताज होटल मुंबई के अपोलो बंडर में स्थीत है।&lt;br /&gt;
*ताज महल होटल 104 साल पुरानी इमारत है। &lt;br /&gt;
*ताज होटल में 565 कमरे हैं।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र मुंबई}}&lt;br /&gt;
*भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र [[मुम्बई]] में स्थित है। &lt;br /&gt;
*यह [[भारत]] सरकार के [[परमाणु]] [[ऊर्जा]] विभाग के अन्तर्गत नाभिकीय [[विज्ञान]] एवं अभियांत्रिकी एवं अन्य सम्बन्धित क्षेत्रों का बहु-विषयी नाभिकीय अनुसंधान केन्द्र है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;नरीमन पाइंट&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|नरीमन पाइंट मुंबई}}&lt;br /&gt;
*नरीमन पॉइंट मुंबई का सबसे प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है। &lt;br /&gt;
*इसका यह नाम एक पारसी दूरदर्शक खुर्शीद फ़्राम्जी नरीमन के नाम पर रखा गया। &lt;br /&gt;
*1995 में यहाँ वाणिज्यिक अचल संपत्ति किराया 8750 रू॰ प्रति वर्ग फुट था।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;कन्हेरी गुफाएँ&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
{{Main|कन्हेरी गुफाएँ मुंबई}}&lt;br /&gt;
*कन्हेरी गुफाएँ मुंबई शहर के पश्चिमी क्षेत्र में बसे बोरीवली के उत्तर में स्थित हैं। &lt;br /&gt;
*ये [[संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान]] के परिसर में ही स्थित हैं और मुख्य उद्यान से 6 कि.मी और बोरीवली स्टेशन से 7 कि.मी दूर हैं। &lt;br /&gt;
*ये गुफ़ाएँ [[बौद्ध]] कला दर्शाती हैं। &lt;br /&gt;
*कन्हेरी शब्द कृष्णागिरी यानी [[काला पर्वत]] से निकला है। &lt;br /&gt;
*इनको बड़े बड़े बेसाल्ट की चट्टानों से बनाया गया है।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;br /&gt;
[[Category:भारत_के_पर्यटन_स्थल]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>कन्हेरी गुफ़ाएँ</title>
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		<updated>2010-10-15T10:51:56Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: 'कन्हेरी गुफाएँ, [[मुम्बई]]  *[[महा...' के साथ नया पन्ना बनाया&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Kanheri-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|कन्हेरी गुफाएँ, [[मुम्बई]]]] &lt;br /&gt;
*[[महाराष्ट्र]] के शहर [[मुंबई]] में कई [[मुम्बई पर्यटन|पर्यटन स्थल]] है जिनमें से एक कन्हेरी गुफाएँ हैं। &lt;br /&gt;
*कन्हेरी गुफाएँ मुंबई शहर के पश्चिमी क्षेत्र में बसे बोरीवली के उत्तर में स्थित हैं। &lt;br /&gt;
*ये [[संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान]] के परिसर में ही स्थित हैं और मुख्य उद्यान से 6 कि.मी और बोरीवली स्टेशन से 7 कि.मी दूर हैं। &lt;br /&gt;
*ये गुफ़ाएँ [[बौद्ध]] कला दर्शाती हैं। &lt;br /&gt;
*कन्हेरी शब्द कृष्णागिरी यानी [[काला पर्वत]] से निकला है।&lt;br /&gt;
*इनको बड़े बड़े बेसाल्ट की चट्टानों से बनाया गया है।&lt;br /&gt;
==परिचय==&lt;br /&gt;
कन्हेरी के गुफाओं के समूह को [[भारत]] में विशालतम माना जाता है। कन्हेरी के गुफाओं में एक ही पहाड़ को तराश कर लगभग 109 गुफाओं का निर्माण है। यह [[बौद्ध धर्म]] की शिक्षा [[हीनयान]] तथा [[महायान]] का एक बड़ा केंद्र रहा है। पश्चिम भारत में सर्वप्रथम बौद्ध धर्म सोपारा में ही पल्लवित हुआ था जो कभी उत्तर कोंकण की राजधानी रही। उसी समय से कन्हेरी को जो सोपारा के करीब ही है, धार्मिक शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस अध्ययन केंद्र का प्रयोग बौद्ध धर्म के उत्थान एवं पतन में निरंतर 11 वीं सदी तक किया जाता रहा है। कन्हेरी की गुफाओं के प्रारंभिक निर्माण को तीसरी सदी ईसापूर्व का माना जाता है और अंतिम चरण के निर्माण को 9 वीं सदी का माना जाता है। प्रारम्भिक चरण हीनयान सम्प्रदाय का रहा जो आडम्बर विहीन है। सीधे सादे कक्ष, गुफाओं में प्रतिमाओं को भी नहीं उकेरा गया है। दूसरी तरफ अलंकरण युक्त गुफाएँ महायान सम्प्रदाय की मानी जाती हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://mallar.wordpress.com/2010/03/17/%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82/#comment-2709 |title=कन्हेरी की गुफाएं |accessmonthday=[[15 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first=सुब्रमणियन |authorlink= |format= |publisher=वर्डप्रेस |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://www.mumbai.org.uk/kanheri-caves.html Kanheri Caves]&lt;br /&gt;
*[http://www.bhramanti.com/kanheri.html Kanheri Caves]&lt;br /&gt;
*[http://www.tribuneindia.com/2006/20060402/spectrum/main2.htm Mumbai's Ancient Kanheri Caves]&lt;br /&gt;
*[http://www.tribuneindia.com/2006/20060402/spectrum/main2.htm Threat to caves of Bombay]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]][[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
[[Category:भारत_के_पर्यटन_स्थल]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%B0&amp;diff=77260</id>
		<title>कन्नूर</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%B0&amp;diff=77260"/>
		<updated>2010-10-15T09:58:10Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा पर्यटन&lt;br /&gt;
|चित्र=View-Kannur-Kerala.jpg&lt;br /&gt;
|विवरण=कन्नूर नगर, उत्तरी [[केरल]] राज्य के दक्षिण [[भारत]] में स्थित है।&lt;br /&gt;
|राज्य=केरल&lt;br /&gt;
|ज़िला=[[कन्नूर ज़िला]]&lt;br /&gt;
|निर्माता=&lt;br /&gt;
|स्वामित्व=&lt;br /&gt;
|प्रबंधक=&lt;br /&gt;
|निर्माण काल=&lt;br /&gt;
|स्थापना=&lt;br /&gt;
|भौगोलिक स्थिति=&lt;br /&gt;
|मार्ग स्थिति=&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=अपने हाथ करघों के अतिरिक्त, बीडी उद्योग, मत्स्य उद्योग तथा कांसे और पीतल से बने विभिन्न सामग्रियों के लिए कन्नूर शहर जाना जाता है। कन्नूर केरल के उत्तरी सिरे में स्थित एक छोटा लेकिन बेहद ख़ूबसूरत तटवर्ती नगर है।&lt;br /&gt;
|कब जाएँ=अगस्त से मार्च। &lt;br /&gt;
|यातायात=&lt;br /&gt;
|हवाई अड्डा=कोजीकोड का करीपुर एयरपोर्ट यहां का नजदीकी एयरपोर्ट है।&lt;br /&gt;
|रेलवे स्टेशन=कन्नूर जंक्शन&lt;br /&gt;
|बस अड्डा=बस अड्डा कन्नूर &lt;br /&gt;
|कैसे पहुँचें=&lt;br /&gt;
|क्या देखें=[[कन्नूर पर्यटन]]&lt;br /&gt;
|कहाँ ठहरें=&lt;br /&gt;
|क्या खायें=कन्नूर में खाने में सबसे अच्छी बिरयानी होती है। पराठे लच्छेदार मैदा से बनाये जाते हैं परन्तु कुछ होटलों में रोटी भी मिल जाती है। &lt;br /&gt;
|क्या ख़रीदें=कांसे और पीतल से बने विभिन्न सामग्री&lt;br /&gt;
|एस.टी.डी. कोड=0499&lt;br /&gt;
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|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|पाठ 1=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
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|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=कुछ महत्वपूर्ण मानदंडों के अंतर्गत कन्नूर भारत में रहने योग्य 10 शहरों में से एक है। &lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=[http://www.kannur.nic.in/ अधिकारिक वेबसाइट]&lt;br /&gt;
|अद्यतन={{अद्यतन|11:08, 15 अक्टूबर 2010 (IST)}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम= कन्नूर&lt;br /&gt;
|पर्यटन= कन्नूर पर्यटन&lt;br /&gt;
|ज़िला= कन्नूर ज़िला&lt;br /&gt;
|प्रवास= कन्नूर प्रवास&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
कन्नूर नगर, उत्तरी [[केरल]] राज्य के दक्षिण [[भारत]] में स्थित है। केरल में कन्नूर या केन्नानोर चौथी बड़ी आबादी वाला [[अरब सागर]] के तट पर बसा एक प्रमुख शहर है। आज भी कन्नूर देश के 62 सैनिक छावनियों में से एक है। जहाँ डिफेन्स सिक्यूरिटी फ़ोर्स का मुख्यालय है। कुछ महत्वपूर्ण मानदंडों के अंतर्गत कन्नूर भारत में रहने योग्य 10 शहरों में से एक है। शहर साफ़ सुथरा और सुंदर है।&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
अरब सागर के एक बंदरगाह रूप में कन्नूर 12 वीं और 13 वीं शताब्दी में [[फ़ारस]] और [[अरब]] से होने वाले व्यापार के लिए महत्वपूर्ण था। 18 वीं शताब्दी तक यह कोलात्तिरी के राजा की राजधानी रहा। 1505 में यहाँ एक [[चित्र:Payyambalam-Beach-Kannur.jpg|thumb|250px|left|[[पयमबल्लम बीच कन्नूर|पयमबल्लम बीच]], कन्नूर&amp;lt;br /&amp;gt; Payyambalam Beach, Kannur]][[पुर्तग़ाल|पुर्तग़ाली]] क़िला बनाया गया। 1656 में यहाँ एक [[डच]] क़िले की स्थापना हुई। 1783 में कन्नूर पर ब्रिटिश आधिपत्य हो गया, जिसके बाद से यहाँ के शासक ब्रिटिश [[ईस्ट इंडिया कंपनी]] के सहायक भर रह गए। 1709 से 1887 तक कन्नूर [[भारत]] के पश्चिमी तट का ब्रिटिश सैनिक मुख्यालय रहा। अरक्कल का शाही परिवार केरल का एक मात्र मुस्लिम राज वंश था और एक महिला शासन करती थी जिन्हें बीवी कह कर संबोधित किया जाता है। इस बीवी से सम्बन्धित एक कहानी है जो इस प्रकार है।&lt;br /&gt;
=====&amp;lt;u&amp;gt;कहानी&amp;lt;/u&amp;gt;=====&lt;br /&gt;
15-16वीं सदी में मूषिका वंशज के चिरक्कल राजा की एक कन्या तालाब में नहा रही थी और पानी में डूबने लगी। संयोगवश उसे एक मुस्लिम युवक ने देख लिया। पहले तो वह हिचका फिर तालाब में कूद कर राजकुमारी को बाहर निकाल लाया। शरीर को ढकने के लिए उसने अपनी धोती उढा दी। राज दरबार में बात पहुँची। उन दिनों [[मुसलमान]] अछूत होते थे। उसके स्पर्श से राजकुमारी अपवित्र हो गई थी। उस युवक को बुलवाया गया और वह अपने प्राणों की खैर मनाते उपस्थित हो गया। मंत्रियों ने एक और बात कह दी। इस युवक ने राजकुमारी को ओढ़ने के लिए अपनी धोती दी थी और उन दिनों की परम्परा के अनुसार धोती दिया जाना और स्वीकार किया जाना विवाह का परिचायक था। मजबूरन राजा को अपनी बेटी उस अपेक्षाकृत गरीब युवक के हाथ सौपनी पड़ी। राजा ने अरक्कल नामक एक छोटा भूभाग उस युवक के नाम कर दोनों को अलग भिजवा दिया। यहीं से उस मुस्लिम राज वंश की उत्पत्ति बतायी जाती है।&amp;lt;ref name=&amp;quot;कन्नूर या केन्नानोर&amp;quot;&amp;gt;{{cite web |url=http://mallar.wordpress.com/2009/04/02/%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%B2/ |title=कन्नूर या केन्नानोर (केरल) |accessmonthday=[[12 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first=सुब्रमणियन |authorlink= |format= |publisher=वर्डप्रेस |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
[[चित्र:Kannur-Fort-Kerala.jpg|thumb|left|250px|[[कन्नूर क़िला]], [[केरल]] &amp;lt;br /&amp;gt;Kannur Fort, Kerala]]&lt;br /&gt;
==यातायात और परिवहन==&lt;br /&gt;
केरल और आसपास के राज्यों के अनेक शहरों से सड़क मार्ग के द्वारा आसानी से कन्नूर पहुंचा जा सकता है। राज्य परिवहन की नियमित बस सेवाएं इसे अन्य शहरों से जोड़ती हैं। कन्नूर में पर्याप्त यातायात व परिवहन सुविधाएँ उपलब्ध हैं। जो इस प्रकार है:-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;वायु मार्ग&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
कोजीकोड का करीपुर एयरपोर्ट कन्नूर का नजदीकी एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट दक्षिणी कन्नूर से 93 किमी. की दूरी पर है।&lt;br /&gt;
====&amp;lt;u&amp;gt;रेल मार्ग&amp;lt;/u&amp;gt;====&lt;br /&gt;
कन्नूर का रेलवे स्टेशन शोरपुर- मंगलौर रेललाइन पर स्थित दक्षिण भारत का महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। यह रेलवे स्टेशन देश के अनेक बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://yatrasalah.com/touristPlaces.aspx?id=389 |title=कन्नूर |accessmonthday=[[12 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=यात्रा सलाह |language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==उद्योग और व्यापार==&lt;br /&gt;
कन्नूर में सर्व प्रथम [[जर्मनी]] के बेसल मिशन के द्वारा धर्मान्तरित [[ईसाई|ईसाईयों]] को रोज़गार देने के उद्देश्य से सन 1852 में एक कपडा बुनने का कारख़ाना खोला गया था। कारख़ाने में यूरोपीय बनावट के हथकरघे मिस्टर हालर के द्वारा लगाये गए थे जिसने इसी वर्ष मंगलौर में भी एक छोटा सा क़ारखाना खोला था। विश्व में 'खाकी' का सर्वप्रथम उत्पादन इसी हालर के द्वारा मंगलौर में 1852 में किया गया था। तब से ही हथकरघे कन्नूर की पहचान बन गए और अब भी हैं। अपने हाथ करघों के अतिरिक्त, बीडी उद्योग, मत्स्य उद्योग तथा कांसे और पीतल से बने विभिन्न सामग्रियों के लिए यह शहर जाना जाता है।&lt;br /&gt;
[[चित्र:View-Kannur-Kerala-2.jpg|thumb|250px|कन्नूर का एक दृश्य, [[केरल]]&amp;lt;br /&amp;gt;A View of Kannur, Kerala ]]&lt;br /&gt;
कन्नूर नगर में कताई, बुनाई व होज़री की बड़ी मिलें हैं और यहाँ से गरी, जूट व मिर्च का [[निर्यात]] किया जाता है। भीतरी प्रदेश की अर्थव्यवस्था काजू, मिर्च, नारियल के उत्पादन पर निर्भर करती है। मछली पकड़ने का काम भी महत्वपूर्ण है।&amp;lt;ref name=&amp;quot;कन्नूर या केन्नानोर&amp;quot;&amp;gt;{{cite web |url=http://mallar.wordpress.com/2009/04/02/%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%B2/ |title=कन्नूर या केन्नानोर (केरल) |accessmonthday=[[12 अक्टूबर]] |accessyear=[[2010]] |last= |first=सुब्रमणियन |authorlink= |format= |publisher=वर्डप्रेस |language=हिन्दी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==पर्यटन==&lt;br /&gt;
{{main|कन्नूर पर्यटन}}&lt;br /&gt;
कन्नूर नगर में कई क़िलें, एक पुर्तगाली गिरज़ाघर और अनेक मस्जिदें हैं। कन्नूर [[केरल]] के उत्तरी सिरे में स्थित एक छोटा लेकिन बेहद ख़ूबसूरत तटवर्ती नगर है। जो अपने आकर्षण से पर्यटकों को आकर्षित करता है। प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण इस नगर के पश्चिमी तट पर फैले रेत से लक्षद्वीप सागर मिलता है और तट के दूसरी तरफ ऊंचे-ऊंचे ताड़ के पेड़ वातावरण को और मनोरम बनाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==जनसंख्या==&lt;br /&gt;
कन्नूर नगर की जनसंख्या 2001 के अनुसार 63,795 है।&lt;br /&gt;
==खानपान==&lt;br /&gt;
कन्नूर में खाने में सबसे अच्छी बिरयानी होती है जिसका स्वाद ही निराला है। पराठे लच्छेदार मैदा से बनाये जाते हैं परन्तु कुछ होटलों में रोटी भी मिल जाती है। यहाँ   होटलों में बीफ भी मिलती है जिसको कुछ लोग बड़े जानवर का मटन भी कहते थे।&amp;lt;ref name=&amp;quot;कन्नूर या केन्नानोर&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति&lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://www.kannur.nic.in/ अधिकारिक वेबसाइट]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{केरल के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:केरल]]&lt;br /&gt;
[[Category:केरल के नगर]]&lt;br /&gt;
[[Category:केरल के पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88&amp;diff=77255</id>
		<title>मुम्बई</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://loginhi.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%88&amp;diff=77255"/>
		<updated>2010-10-15T08:00:00Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* शिक्षा */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा पर्यटन&lt;br /&gt;
|चित्र=A-View-Of-Mumbai.jpg&lt;br /&gt;
|विवरण=&lt;br /&gt;
|राज्य=[[महाराष्ट्र]]&lt;br /&gt;
|ज़िला=[[मुम्बई उपनगर ज़िला]]&lt;br /&gt;
|निर्माता=&lt;br /&gt;
|स्वामित्व=&lt;br /&gt;
|प्रबंधक=&lt;br /&gt;
|निर्माण काल=&lt;br /&gt;
|स्थापना=तीसरी शताब्दी ई. पू में सम्राट [[अशोक]] द्वारा स्थापित &lt;br /&gt;
|भौगोलिक स्थिति=&lt;br /&gt;
|मार्ग स्थिति=यह शहर सड़क द्वारा [[पुणे]] से 150 किमी, [[नासिक]] से 172 किमी, [[सांगली]] से 373 किमी, [[औरंगाबाद]] से 373 किमी, [[अमरावती]] से 696 किमी, [[नागपूर]] से 847 किमी और [[दिल्ली]] से 1,393 किमी दूरी पर स्थित है। &lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|कब जाएँ=[[अक्टूबर]] से [[मार्च]]&lt;br /&gt;
|यातायात=साइकिल-रिक्शा, ऑटो-रिक्शा, मीटर-टैक्सी, सिटी बस और मेट्रो रेल &lt;br /&gt;
|हवाई अड्डा=छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र, नवी मुंबई अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र, जुहू हवाई अड्डा&lt;br /&gt;
|रेलवे स्टेशन=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेलवे स्टेशन, मुंबई सेंट्रल, मुंबई उपनगरीय रेलवे, दादर स्टेशन, विक्टोरिया रेलवे स्टेशन&lt;br /&gt;
|बस अड्डा=राज्य परिवहन टर्मिनल&lt;br /&gt;
|कैसे पहुँचें=जलयान, हवाई जहाज़, रेल, बस आदि से पहुँचा जा सकता है। &lt;br /&gt;
|क्या देखें=[[मुम्बई पर्यटन]]&lt;br /&gt;
|कहाँ ठहरें=[[मुम्बई प्रवास]]&lt;br /&gt;
|क्या खायें=वड़ा पाव, श्रीखंड, भेलपूरी, पूरन पोली, पोहा, साबूदाना वड़ा, फिरनी, मालपुआ, चॉकलेट चाय, आदि &lt;br /&gt;
|क्या ख़रीदें=आभूषण, लकड़ी की वस्तुएं, चमड़े का सामान, &lt;br /&gt;
|एस.टी.डी. कोड=022&lt;br /&gt;
|ए.टी.एम=लगभग सभी &lt;br /&gt;
|सावधानी=&lt;br /&gt;
|मानचित्र लिंक=[http://maps.google.co.in/maps?f=q&amp;amp;source=s_q&amp;amp;hl=en&amp;amp;geocode=&amp;amp;q=Mumbai,+Maharashtra&amp;amp;sll=21.852337,77.121552&amp;amp;sspn=8.781331,14.128418&amp;amp;ie=UTF8&amp;amp;hq=&amp;amp;hnear=Mumbai,+Maharashtra&amp;amp;ll=19.017331,72.855835&amp;amp;spn=0.279791,0.441513&amp;amp;z=11 गूगल मानचित्र]&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=भाषा&lt;br /&gt;
|पाठ 1=[[मराठी भाषा|मराठी]], [[हिन्दी]], [[अंग्रेजी]] और [[गुजराती भाषा|गुजराती]]&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम=मुम्बई&lt;br /&gt;
|पर्यटन=मुम्बई पर्यटन&lt;br /&gt;
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}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई शहर, भूतपूर्व बंबई, [[महाराष्ट्र]] राज्य की राजधानी है। यह दक्षिण-पश्चिम [[भारत]] देश का वित्तीय व वाणिज्यिक केंद्र और अरब सागर में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। मुंबई दुनिया के विशालतम व सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। मुंबई एक प्राचीन बस्ती के स्थल पर बसा हुआ है और इसका नामकरण भगवान [[शंकर]] की पत्नी [[पार्वती देवी]] के एक रूप, स्थानीय देवी मुंबा के नाम पर किया है। जिनका मंदिर उस स्थल पर था, जहाँ पर अब नगर का दक्षिण-पूर्वी हिस्सा अवस्थित है। मुंबई लंबे समय से भारत के सूती वस्त्र उद्योग के केंद्र के रूप में विख्यात रहा है, लेकिन अब यहाँ विविध निर्माण उद्योग भी हैं और इसके वाणिज्यिक व वित्तिय संस्थान सशक्त और सबल हैं। इस शहर में अधिकांश बड़े, विकासशील औद्योगिक नगरों की पुरानी समस्या वायु व जल प्रदूषण, झुग्गी बस्ती और अत्यधिक भीड़भाड़ मौजूद है। द्वीपीय अवस्थिति के कारण मुंबई का विस्तार सीमित है।&lt;br /&gt;
==भौतिक एवं मानव भूगोल==&lt;br /&gt;
====नगर की स्थिति====&lt;br /&gt;
मुंबई शहर प्रायद्विपीय स्थल पर बसा हुआ है, जो मूलतः पश्चिम भारत के कोंकण तट के पास स्थित सात द्वीपिकाओं से मिलकर बना है। 17 वीं शताब्दी से अपवाह व भूमि फिर से हासिल करने की परियोजनाओं और जलमार्गों व जल अवरोधकों के निर्माण के कारण ये द्वीपिकाएं मिलकर एक बड़े भूभाग का निर्माण करती हैं, जिसे बंबई द्वीप के नाम से जाना जाता था।  इस द्वीप के पूर्व में मुंबई बंदरगाह का स्थिर जलक्षेत्र है। यह द्वीप निम्न मैदान से बना है, जिसका एक चौथाई हिस्सा समुद्र तल से भी नीचा है; इस मैदान के पूर्वी और पश्चिमी किनारों में निचली पहाड़ियों की दो समानांतर पर्वतश्रेणियाँ हैं। इनमें से लंबी पर्वतश्रेणी द्वारा सुदूर दक्षिण में निर्मित कोलाबा पॉइंट मुंबई बंदरगाह को खुले समुद्र से बचाता है। पश्चिमी पर्वतश्रेणी मालाबार हिल पर समुद्र तल से 55 मीटर की ऊँचाई पर समाप्त होती है, जो मुंबई की सबसे ऊँचे इलाकों में से एक है। इन दो पर्वत श्रेणियों के बीच पश्च खाड़ी (बैक बे) का छिछला विस्तार है। इस खाड़ी के शीर्ष और बंदरगाह के बीच कुछ ऊँची भूपट्टिकाओं पर दुर्ग स्थित है, मूलतः इसी के चारों ओर शहर का विस्तार हुआ। अब यहाँ मुख्यतः सार्वजनिक एवं वाणिज्यिक कार्यालय हैं। पश्च खाड़ी से उत्तर की ओर भूतल मध्यवर्ती मैदान की दिशा में ढलान वाली है। बंबई के सुदूर उत्तर में विशाल खारे दलदल हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Nariman-Point-Mumbai.jpg|thumb|[[नरीमन पाइंट मुंबई|नरीमन पाइंट]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Nariman Point, Mumbai|left|250px]]  &lt;br /&gt;
पुराना शहर दक्षिण में कोलाबा से उत्तर में माहिम और्सायन तक लगभग 67 वर्ग किमी में फैला हुआ था। 1950 में सालगेट के विशाल द्वीप को जलमार्ग द्वारा जोड़कर मुख्य क्षेत्र में शामिल करके उत्तर की ओर बंबई का विस्तार किया गया। 1957 तक वृहद बंबई में कई उपनगरीय नगरपालिका क्षेत्रों और कुछ पड़ोसी गावों को शामिल कर लिया गया। उसके बाद से इस महानगर का विस्तार जारी है। 1970 के दशक के आरंभ में भीड़भाड़ और सघनता दूर करने  के प्रयास के रूप में सालगेट द्वीप को मुंबई बंदरगाह के मुख्य जलक्षेत्र थाना क्रीक पर पुल बनाकर मुख्यभूमि से जोड़ दिया गया। मुंबई का प्राकृतिक सौंदर्य इस क्षेत्र के किसी अन्य शहर से बेहतर है। समुद्र से बंदरगाह में प्रवेश स्थान से एक विशाल दृश्य दिखाई देता है, जिसके किनारों पर मुख्यभूमि पर स्थित पश्चिमी घाट की पहाड़ियाँ हैं। बेशुमार छोटे जलयानों की सफेद पालों से चमकता द्वीपों से घिरा चौड़ा बंदरगाह जहाज़ों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है, विशेषकर जब तटीय क्षेत्र पर तूफ़ान की स्थिति हो। बंदरगाह के द्वीपों में सबसे बड़ा एलीफ़ेटा है, जो छठी शताब्दी के गुफ़ा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।&lt;br /&gt;
इस नगर में पाए जाने वाले सामान्य वृक्षों में [[नारियल]], [[आम]], [[इमली]], और [[बरगद]] शामिल हैं। सालसेट द्वीप कभी [[बाघ]], [[तेंदुआ]], [[सियार]] और [[हिरन]] जैसे वन्य प्राणियों का आश्रय था, लेकिन अब ये प्राणी यहाँ नहीं पाये जाते। यहाँ के प्राणी जीवन में अब [[गाय]], [[बैल]], [[भेड़]], [[बकरी]] और अन्य पालतू प्रजातियाँ हैं। यहाँ पाए जाने वाले पक्षियों में [[गिद्ध]], [[कबूतर]], [[सारस]] और [[बत्तख]] शामिल हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Gateway-Of-India-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[गेटवे ऑफ इंडिया]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Gateway Of India, Mumbai]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====जलवायु====&lt;br /&gt;
मुंबई की जलवायु गर्म और आर्द्र है। यहाँ चार ॠतुएं हैं। दिसंबर से फ़रवरी तक सर्दी और मार्च से मई तक गर्मी का महीना रहता है। दक्षिण-पश्चिम में मॉनसूनी हवाओं द्वारा होने वाली वर्षा &lt;br /&gt;
जून से सितंबर तक होती है और इसके बाद उत्तर मॉनसून काल आता है, जो अक्टूबर-नवंबर तक रहता है। इस काल में मौसम फिर से गर्म हो जाता है। औसत मासिक तापमान मई में 33 &lt;br /&gt;
डिग्री से. से जनवरी में 19 डिग्री से. तक होता है। औसत वार्षिक वर्षा 1,800 मिमी है, जिसमें से औसतन 610 मिमी. वर्षा सिर्फ़ जुलाई के महीने में होती है।&lt;br /&gt;
====शहर की संरचना====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई के पुराने हिस्से ज़्यादा निर्मित हैं, लेकिन अधिक समृद्ध क्षेत्रों, जैसे मालाबार हिल में कुछ हरियाली है। यहाँ कई खुले मैदान व पार्क हैं। मुंबई में लगातार शहरीकरण के इतिहास के कारण शहर के कई हिस्सों में झुग्गी बस्तियाँ बन गईं हैं। इस शहर में अनेक कारख़ानों, बढ़ते यातायात और निकट स्थित तेलशोधनशालाओं के कारण वायु एवं जल प्रदूषण ख़तरे के स्तर तक बढ़ गया है। शहर के दक्षिणी हिस्से में वित्तीय ज़िला (पुराने फ़ोर्ट बंबई के आसपास) स्थित है। सुदूर दक्षिण (कोलाबा के आसपास) और पश्चिम में नेताजी सुभाष चंद्र रोड (मॅरीन ड्राइव) तथा मालाबार हिल आवासी क्षेत्र हैं। फ़ोर्ट क्षेत्र के उत्तर में प्रमुख व्यापारिक ज़िला है, जो धीरे-धीरे वाणिज्यिक आवासीय क्षेत्र में शामिल हो रहा है। अधिकांश पुराने कारख़ाने इसी क्षेत्र में स्थित हैं। सुदूर उत्तर में आवासीय क्षेत्र हैं और उनके बाद हाल ही में विकसित औद्योगिक क्षेत्र और झुग्गी बस्तियों के इलाक़े हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Elephanta-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|left|[[एलिफेंटा की गुफाएँ मुंबई|एलीफेंटा की गुफाएँ]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Elephant Caves, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ आवास मुख्यतः निजी स्वामित्व वाले हैं, हालाँकि सार्वजनिक वित्त निगमों के ज़रिये सरकार द्वारा निर्मित कुछ सार्वजनिक आवास भी हैं। मुंबई अत्यधिक भीड़भाड़ वाला नगर है और अत्यधिक समृद्ध लोगों के अलावा बाक़ी लोगों के आवास के लिए कमी रहती है। इसी कारण वाणिज्यिक और औद्योगिक उद्यमों को मध्य स्तरीय व्यावसायिक, तकनीकी या प्रबंधकीय कर्मचारियों को आकर्षित करने में लगातार परेशानी हो रही है। आंतरिक क्षेत्र से अकुशल श्रमिकों का लगातार अप्रवास हो रहा है और इस नगर में बेघर व निर्धन लोगों की संख्या बढ़ रही है। नगर के योजनाकार इसे रोकना चाहते हैं और उन्होंने उद्यमों को बंदरगाह के दूसरी ओर इससे लगे नगर नवी मुंबई में स्थापित करने का प्रयास किया है। इसके लिए नगर में औद्योगिक इकाइयों के विकास और पुरानी इकाइयों के विस्तार पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। लेकिन उद्यमियों द्वारा अपने उद्योग को देश के किसी अन्य हिस्से में ले जाने की धमकी के कारण इस प्रतिबंध का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हो रहा है। मुंबई का वास्तुशिल्प अलंकृत गॉथिक शैली का है, जो 18वीं और 19वीं शताब्दियों की विशेषता थी। यहाँ समकालीन अन्य रुपांकन (डिज़ाइन) भी है। पुराने प्रशासनिक और वाणिज्यिक भवनों के साथ गगनचुंबी व कॉन्क्रीट से बनी बहुमंज़िला इमारतें हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====जनजीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-Tiffin-Wallah.jpg|left|मुम्बई का टिफ़िन वाला&amp;lt;br /&amp;gt; Tiffin Wallah Of Mumbai|thumb|250px]]&lt;br /&gt;
1940 के दशक से मुंबई का विकास असाधारण तो नहीं, लेकिन एक समान रहा है। 20वीं सदी की शुरुआत में यहाँ की जनसंख्या 8 लाख 50 हज़ार थी। 1941 में यह दुगुनी होकर 16 लाख 95 हज़ार हो गई है। परिवार नियोजन कार्यक्रमों के कारण इस शहर में जन्मदर देश के अन्य हिस्सों से काफ़ी कम है और जनसंख्या विकास की ऊँची दर का मुख्य कारण रोज़गार की खोज में यहाँ आने वाले लोग हैं। मुंबई विश्व की सबसे अधिक सघन आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है। 1981 में ग्रेटर मुंबई का औसत घनत्व 13,500 लोग प्रति वर्ग किमी था। शहर के अधिकांश पुराने हिस्सों में घनत्व इस औसत से लगभग तीन गुना अधिक था, हालाँकि पश्च खाड़ी के पास स्थित गिरगांव, भिंडी बाज़ार और भुलेश्वर में घनत्व कम है। नगर के कुछ भीतरी हिस्सों में घनत्व लगभग 3,86,100 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है, जो शायद दुनिया का अधिकतम घनत्व है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई का चरित्र सही मायनों में महानगरीय है और यहाँ लगभग सभी धर्मों तथा विश्व के सभी क्षेत्रों के लोग रहते हैं। यहाँ की लगभग आधी आबादी हिंदुओं की है, लेकिन मुसलमान, ईसाई, &lt;br /&gt;
बौद्ध, जैन, सिक्ख, पारसी और यहूदी समुदाय भी यहाँ मौजूद हैं। मुंबई में लगभग सभी भारतीय भाषाएं और कई विदेशी भाषाएं बोली जाती हैं। राजकीय भाषा [[मराठी भाषा|मराठी]] प्रमुख स्थानीय भाषा है, इसके बाद [[गुजराती भाषा|गुजराती]] और [[हिंदी]] का स्थान है।&lt;br /&gt;
==अर्थव्यवस्था==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Bombay-Stock-Exchange.jpg|thumb|250px|[[बंबई स्टॉक एक्स्चेंज]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Bombay Stock Exchange, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुम्बई भारत की आर्थिक धुरी एवं वाणिज्यिक व वित्तीय केन्द्र है। कुछ मायनों में इसकी आर्थिक संरचना भारत में नाभिकीय और पुरातन कालों के संयोजन को प्रदर्शित करती है। इस नगर में &lt;br /&gt;
भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग स्थित है, जिसमें परमाणु रिऐक्टर और प्लूटोनियम विलग्नक स्थित है। नगर के कई हिस्सों में अब भी ईधन और ऊर्जा के पारम्परिक जैविक साधनों का इस्तेमाल होता है।&lt;br /&gt;
====उद्योग====&lt;br /&gt;
सूती वस्त्र उद्योग, जिसके कारण 19वीं शताब्दी में यह नगर समृद्ध हुआ। अब भी महत्वपूर्ण है, लेकिन अब इसका पतन हो रहा है, क्योंकि कई सूती वस्त्र मिलों को रूग्ण इकाई घोषित कर दिया गया हैं नए विकासशील उद्योगों में धातु, रसायन, वाहन, इलेक्ट्रानिक्स, इंजीनियरिंग और कई प्रकार के सहायक उद्यम शामिल हैं। शाद्य प्रसंस्करण, काग़ज़—निर्माण, छपाई और प्रकाशन जैसे शहरी उद्योग भी रोज़ग़ार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हैं। सेवा और अनौपचारिक क्षेत्र में 20वीं शताब्दी के अन्तिम दशक में काफ़ी विस्तार हुआ है।&lt;br /&gt;
====वाणिज्य और वित्त====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Hotel-Taj-Mumbai.jpg|thumb|left|250px|[[ताजमहल होटल मुंबई|होटल ताज]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Hotel Taj, Mumbai]]&lt;br /&gt;
देश का केन्द्रीय बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक, कई अन्य व्यावसायिक बैंक और सरकारी बान्डों व निजी शेयरों में देश के सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेशक राष्ट्रीयकृत उद्यम भारतीय जीवन बीमा निगम और दीर्घकालीन निवेश से जुड़े प्रमुख वित्तीय संस्थान मुम्बई में स्थित हैं। इस कारण इस शहर में कई वित्तीय और व्यापारिक सेवाएँ उपलब्ध हैं। मुम्बई स्टाक एक्सचेन्ज देश का अग्रणी स्टाक और शेयर बाज़ार है। हालाँकि आज़ादी के बाद देश भर में कई आर्थिक केन्द्र पनपे हैं, जिसके कारण इस एक्सचेन्ज का उतना महत्व नहीं रहा। फिर भी वित्तीय व अन्य व्यापारिक कारोबार के मामले में यह प्रमुख केन्द्र है और देश की अर्थ-व्यवस्था के पैमाने की भूमिका निभाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====परिवहन====&lt;br /&gt;
मुम्बई सड़क संजाल द्वारा भारत के अन्य हिस्सों से जुड़ा हुआ है। यह पश्चिम तथा मध्य रेलवे का मुख्यालय है और इस नगर से चलने वाली रेलगाड़ियाँ भारत के सभी हिस्सों तक सामान व यात्रियों को ले जाती हैं। छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कई विदेशी हवाई सेवाओं के आगमन का महत्वपूर्ण स्थल है। जबकि निकटस्थ सान्ताक्रूज़ हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानें भरी जाती हैं। मुम्बई में भारत के अंतर्राष्ट्रीय हवाई यातायात का 60 प्रतिशत और घरेलू यातायात का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा केन्द्रित है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-Chhatrapati-Shivaji-Terminus.jpg|thumb|250px|[[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt;Chhatrapati Shivaji Terminus, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ के बंदरगाह पर उपलब्ध सुविधाओं ने मुम्बई को देश का प्रमुख पश्चिमी बंदरगाह बना दिया है। हालाँकि पश्चिमी तट पर मुम्बई के उत्तर में कांडला और दक्षिण में गोवा व कोच्चि जैसे कई अन्य प्रमुख बंदरगाह बन गए हैं, लेकिन यहाँ से अब भी भारत के समुद्री व्यापार का 40 प्रतिशत हिस्सा संचालित होता है। दो उपनगरीय विद्युत रेलप्रणालियाँ मुख्य सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराती हैं और रोज़ महानगरीय क्षेत्र के लाखों लोगों को ढोती हैं। मुम्बई में नगरपालिका के स्वामित्व वाली बस सेवा भी है।&lt;br /&gt;
==प्रशासनिक एवं सामाजिक विशेषताएँ==&lt;br /&gt;
====सरकार====&lt;br /&gt;
[[महाराष्ट्र]] की राजधानी के रूप में यह शहर राज्य प्रशासन का समेकित राजनीतिक खण्ड है, जिसके मुख्यालय को मंत्रालय कहा जाता है। राज्य सरकार पुलिस बल को नियंत्रित करती है और नगर के कुछ विभागों पर प्रशासनिक नियंत्रण रखती है। डाक एवं टेलीग्राफ़ प्रणाली, रेल, बंदरगाह और हवाई अड्डों जैसे संचार साधनों पर केन्द्र सरकार का नियंत्रण है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-High-Court.jpg|thumb|left|250px|[[बंबई उच्च न्यायालय]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Mumbai High Court]]&lt;br /&gt;
मुम्बई में भारतीय नौसेना की पश्चिमी कमान का मुख्यालय भी है और यह भारतीय फ़्लैगशिप का बेस भी है। शहर का प्रशासन वृहद (ग्रेटर) मुम्बई के पूर्णतःस्वायत्त नगर निगम के अंतर्गत है। इसकी विधायी संस्था का निर्वाचन हर चार वर्ष में वयस्क मताधिकार द्वारा होता है और यह विभिन्न स्थायी समितियों के माध्यम से काम करती है। राज्य सरकार के द्वारा तीन वर्षों के लिए नियुक्त मुख्य कार्यकारी यहाँ का निगम आयुक्त होता है। महापौर का चुनाव हर वर्ष नगर निगम द्वारा किया जाता है; महापौर निगम की बैठकों की अध्यक्षता करता है और शहर में सर्वाधिक सम्मानित माना जाता है, लेकिन वस्तुतः उसके पास कोई सत्ता नहीं होती।&lt;br /&gt;
====जनसुविधाएँ====&lt;br /&gt;
निगम के कई कार्यों में चिकित्सा सेवा, शिक्षा, जलापूर्ति, अग्निशमन, कचरे की व्यवस्था, बाज़ार, उद्यान और इंजीनियरिंग परियोजनाओं का, जैसे निकास तथा सड़कों व गलियों में प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाना, काम शामिल हैं। नगर निगम शहर में यातायात प्रणाली और विद्युत आपूर्ति को संचालित करता है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Brabourne-Stadium-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[ब्रेबोर्न स्टेडियम]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Brabourne Stadium, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ सरकार और निजी क्षेत्र की एजेंसियों के द्वारा एक ग्रिड प्रणाली के ज़रिये बिजली शहर में वितरित की जाती है। जलापूर्ति व्यवस्था भी नगर निगम के द्वारा संचालित की जाती है और यह मुख्यतः निकटस्थ ठाणे ज़िले की तांसा झील, तुलसी व विहार झीलों से प्राप्त किया जाता है। मूलतः जलापूर्ति के लिए निर्मित पवई झील कारगर साबित नहीं हुई, क्योंकि इसका पानी पीने योग्य नहीं है।&lt;br /&gt;
====स्वास्थ्य====&lt;br /&gt;
इस शहर में 100 से अधिक अस्पताल हैं, जिनमें केन्द्र, राज्य सरकार और निगम संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पताल और कई (क्षय-रोग, कैन्सर और ह्रदय रोगों के लिए) विशेष संस्थान शामिल हैं, यहाँ पर कई अग्रणी निजी अस्पताल भी हैं। यहाँ हेफ़काइन इंस्टिट्यूट भी है, जो एक अग्रणी बैक्टीरिया अनुसन्धान केन्द्र है, इसे उष्णकटिबन्धीय बीमारियों में विशिष्टता प्राप्त है।&lt;br /&gt;
====सुरक्षा====&lt;br /&gt;
शहर के पुलिस बल का प्रमुख पुलिस आयुक्त होता है, जो मुम्बई में क़ानून एवं व्यवस्था के लिए ज़िम्मेदार होता है, प्रशासनिक रूप से वह राज्य के गृह सचिव के प्रति जवाबदेह होता है।&lt;br /&gt;
====शिक्षा====&lt;br /&gt;
मुम्बई की साक्षरता दर समूचे राष्ट्र की साक्षरता दर से काफ़ी अधिक हैं। प्राथमिक शिक्षा मुफ़्त व अनिवार्य है और यह नगर निगम का दायित्व है। माध्यमिक शिक्षा सरकारी व निजी विद्यालयों द्वारा सरकार की देखरेख में कराई जाती है। यहाँ सार्वजनिक एवं निजी पालिटेक्निक व संस्थान हैं, जो विद्यार्थियों को यांत्रिकी, विद्युत तथा रासायनिक इंजीनियरी में विभिन्न डिग्री व डिप्लोमा देते हैं। केन्द्र सरकार के द्वारा संचालित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई. आई. टी.) भी यहाँ पर स्थित है। अन्य इंजीनियरिंग कालेजों में:-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Kanheri-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[कन्हेरी गुफाएँ मुम्बई|कन्हेरी गुफाएँ]], मुम्बई]] &lt;br /&gt;
*सरदार पटेल कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलाज़िकल इंस्टिट्यूट, &lt;br /&gt;
*के. जी. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*एम. एच. एस. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*डी. जे. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*थोडोमल शाही इंजीनियरिंग कालेज और &lt;br /&gt;
*विवेकानन्द इंस्टिट्यूट आफ़ टेक्नोलोज़ी शामिल हैं। &lt;br /&gt;
1857 में स्थापित बाम्बे विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कला, विज्ञान, वाणिज्य व शिक्षा सम्बन्धी महाविद्यालय, चिकित्सा, होमियोपैथी, यूनानी चिकित्सा, फ़ार्मेसी व दन्त चिकित्सा महाविद्यालय, वास्तुशिल्प, शारीरिक शिक्षा एवं प्रबन्धन संस्थान हैं। मुम्बई में महिलाओं के लिए एस. एन. डी. टी. विश्वविद्यालय भी है। 1857 में स्थापित बाम्बे विश्वविद्यालय से बहुत से महाविद्यालय और कई शिक्षण विभाग जुड़े हुए हैं। [[गोवा]] में स्थित बहुत से महाविद्यालय इस विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====सांस्कृतिक जीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Rajabai-Tower-Mumbai.jpg|thumb|left|250px|[[राजाबाई घंटाघर]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Rajabai Tower, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुम्बई का सांस्कृतिक जीवन इसकी जातीय विविधतायुक्त जनसंख्या को प्रतिबिम्बित करता है। शहर में बहुत से संग्रहालय, पुस्तकालय, साहित्यिक एवं कई अन्य सांस्कृतिक संस्थान, कला, दीर्घाएँ व रंगशालाएँ हैं। भारत का कोई अन्य शहर अपनी सांस्कृतिक एवं मनोरंजन सुविधाओं के मामले में इतनी उच्च श्रेणी की विविधता और गुणवत्ता का शायद ही दावा कर सके। मुम्बई भारतीय फ़िल्म उद्योग का गढ़ है। साल भर यहाँ पश्चिमी व भारतीय संगीत सम्मेलन एवं महोत्सव और भारतीय नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इंडो—सार्सेनिक वास्तुशिल्प की एक इमारत में द प्रिंस आफ़ वेल्स म्यूज़ियम आफ़ वेस्टर्न इंडिया है, जिसमें कला, पुरातत्व व प्राकृतिक इतिहास के तीन प्रमुख विभाग हैं। निकट ही जहाँगीर आर्ट गैलरी है, जो मुम्बई की पहली स्थायी कला दीर्घा है और सांस्कृतिक व शैक्षिक गतिविधियों का केन्द्र है। मुम्बई भारतीय मुद्रण उद्योग का महत्वपूर्ण केन्द्र है और यहाँ सशक्त प्रेस है। यहाँ अंग्रेज़ी, मराठी, हिन्दी, गुजराती, सिन्धी व उर्दू में समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं। बहुत-सी मासिक, पाक्षिक व साप्ताहिक पत्रिकाएँ भी यहाँ से प्रकाशित होती हैं। आल-इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) का क्षेत्रीय केन्द्र भी मुम्बई में ही है और इस शहर के लिए दूरदर्शन सेवाएँ 1972 में शुरू हुईं। शहर के उत्तर में कृष्णगिरि वन एक राष्ट्रीय उद्यान और छुट्टियाँ बिताने के लिए ख़ूबसूरत सैरगाह है, कन्हेरी गुफ़ाओं के निकट एक प्राचीन बौद्ध विश्वविद्यालय था, यहाँ 100 से अधिक गुफ़ाओं में दूसरी से नौवीं शताब्दी तक के विशालकाय बौद्ध मूर्तिशिल्प हैं। यहाँ पर कई सार्वजनिक उद्यान हैं। जिसमें जीजामाता उद्यान शामिल है, यहाँ पर मुम्बई का चिड़ियाघर स्थित है, यहाँ पर बैपटिस्टा गार्डन भी है, जो मज़गाँव में एक जलाशय पर स्थित है; इसके अलावा मालाबार हिल पर स्थित फ़िरोज़शाह मेहता गार्डन, कमला नेहरू पार्क व स्लोपिंग पार्क हैं। समूचे भारत में लोकप्रिय क्रिक्रेट के मैच भारतीय क्रिकेट क्लव (ब्रेबोर्न स्टेडियम) और वानखेड़े स्टेडियम में खेले जाते हैं। दौड़ व साइकिल चालन प्रतियोगिताएँ वल्लभ भाई पटेल स्टेडियम में आयोजित की जाती है। स्नान व तैराकी के लिए जुहू समुद्र तट एक प्रसिद्ध स्थान है।&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
मछुआरों की मूल जनजाति, कोली यहाँ के आरम्भिक ज्ञात निवासी थे, हालाँकि वृहद मुम्बई के कान्दीवली में पाए गए पुरापाषाण काल के पत्थर के औज़ार यहाँ पाषाण काल के दौरान मानव बस्ती की ओर संकेत करते हैं। प्राचीन यूनानी खगोलशास्त्री व भूगोलविज्ञानी टालेमी के समय में यह क्षेत्र हेप्टेनिशिया के रूप में जाना जाता था और यह 1000 वर्ष ई. पू. में फ़ारस व [[मिस्र]] के साथ समुद्री व्यापार का प्रमुख केन्द्र था। तीसरी शताब्दी ई. पू. में यह अशोक के साम्राज्य का हिस्सा था और छठी से आठवीं शताब्दी में यहाँ चालुक्यों का शासन रहा, जिन्होंने अपनी छाप घरपुरी (एलीफ़ेन्टा द्वीप) पर छोड़ी। मालाबार पाइन्ट पर बना वाकेश्वर मन्दिर सम्भवतः कोंकण तट के शिलाहर प्रमुखों के शासन (9वीं से 13वीं शताब्दी) के दौरान निर्मित किया गया था। दोगिरि के यादवों (1187-1318) के समय में इस द्वीप (जो बाम्बे द्वीप बना) पर महिकावती (माहिम) बस्ती की स्थापना हुई, जो 1924 में हिन्दुस्तान के [[ख़िलजी वंश]] के आक्रमणों के जवाब में बनाई गई। इन्हीं के वंशज वर्तमान मुम्बई में पाए जाते हैं और बहुत से स्थानों के नाम आज भी उसी युग से हैं। 1348 में आक्रमणकारी मुस्लिम सेनाओं ने इस द्वीप को जीत लिया और यह [[गुजरात]] राज्य का हिस्सा बन गया। माहिम को जीतने की पुर्तग़ाली कोशिश 1507 में असफल रही, लेकिन 1534 में गुजरात के शासक सुल्तान बहादुरशाह ने यह द्वीप पुर्तग़ालियों को सौंप दिया। 1661 में किंग चार्ल्स द्वितीय व पुर्तग़ाल के राजा की बहन कैथरीन आफ़ ब्रैगेंज़ा के विवाह के बाद यह ब्रिटिश नियंत्रण में आ गया। राजा ने इसे 1668 में ईस्ट इंडिया कम्पनी को सत्तांतरित कर दिया। शुरूआत में कलकत्ता (वर्तमान [[कोलकाता]]) व मद्रास (वर्तमान [[चेन्नई]]) की तुलना में बंबई कम्पनी की बहुत बड़ी सम्पत्ति ने होकर केवल पश्चिमी तट पर कम्पनी की पैर जमाए रखने में सहायता करता था। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Hutatma-Chowk-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[हुतात्मा चौक]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Hutatma Chowk, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुख्य भूमि पर मुग़ल, मराठा व गुजरात के प्रादेशिक शासक अधिक शक्तिशाली थे। यहाँ तक कि ब्रिटिश नौसेना का मुग़लों, मराठों, पुर्तगालियों व डचों से कोई मुक़ाबला नहीं था। 19वीं शताब्दी के आरम्भ तक बाहरी घटनाओं ने शहर के तेज़ विकास में सहायता की। [[दिल्ली]] में मुग़ल शक्ति के पतन, मुग़ल-मराठा प्रतिद्वन्द्विता और गुजरात में मौजूद अस्थिरता ने कारीगरों व व्यापारियों को शरण लेने के लिए इस द्वीप पर जाने को मज़बूर किया और इस प्रकार मुम्बई का विकास शुरू हुआ। मराठा शक्ति के विनाश के साथ मुख्यभूमि से व्यापार व संचार स्थापित हुआ और उसका यूरोप तक विस्तार किया गया, जिससे समृद्धी की शुरुआत हुई। 1857 में पहली कताई व बुनाई मिल स्थापित की गई और 1860 तक मुम्बई भारत का विशालतम सूती वस्त्र बाज़ार बन गया। अमेरिकी नागरिक युद्ध (1861-65) और ब्रिटेन को किए जा रहे कपास की आपूर्ति रुक जाने से मुम्बई के व्यापार में उछाल आया। लेकिन नागरिक युद्ध के समाप्त होने के बाद कपास के दामों में भारी कमी आई तथा व्यापार में तेज़ी ख़त्म हो गई। तब तक हालाँकि अतःक्षेत्र खोले जा चुके थे और मुम्बई आयात व्यापार का मज़बूत केन्द्र बन चुका था। &lt;br /&gt;
1869 में स्वेज़ नहर के खुलने के साथ ही मुम्बई में समृद्धि आई, हालाँकि जनसंख्या बढ़ने के साथ-साथ झुग्गियों और अस्वच्छ स्थितियों में भी कई गुना वृद्धि हुई। 1896 में यहाँ प्लेग का प्रकोप फैला और नए क्षेत्रों में बस्तियाँ बसाने व कामगार वर्ग के लिए आवास की व्यवस्था करने के लिए सिटी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की स्थापना की गई। 525 हेक्टेयर क्षेत्र को घेरने के लिए तटबन्ध बनाने की महत्वाकांक्षी योजना का 1918 में प्रस्ताव किया गया, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारत में अपने क़िस्म की पहली दोतरफ़ा सड़क नेताजी सुभाष मार्ग, जो नरीमन प्वाइंट से मालाबार प्वाइंट तक है, के बन जाने तक यह पूरा नहीं हो सका। युद्ध के बाद के वर्षों में उपनगरीय क्षेत्रों में आवासीय इकाइयों के विकास की शुरूआत हुई और नगर निगम के माध्यम से मुम्बई नगर के प्रशासन को वृहत मुम्बई के उपनगरों तक विस्तारित किया गया। यह शहर भूतपूर्व बाम्बे प्रेज़िडेन्सी व बाम्बे राज्य की राजधानी रह चुका है और 1960 में इसे महाराष्ट्र राज्य की राजधानी बनाया गया।&lt;br /&gt;
19वीं सदी के अन्त व 20 शताब्दी के आरम्भ में मुम्बई भारतीय राष्ट्रवादी और क्षेत्रीय राजनीतिक गतिविधियों का केन्द्र था। 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (स्वतंत्रता प्राप्ति तक भारत समर्थक और ब्रिटिश विरोधी भावनाओं का केन्द्रीय दल) का पहला अधिवेशन इस नगर में हुआ, जिसके बाद 1942 के अधिवेशन में कांग्रेस ने 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किया, जिससे भारत की पूर्ण स्वतंत्रता की माँग की गई थी। 1956 से 1960 तक मुम्बई में मुम्बई राज्य के ब्रिटिश उपनिवेशवाद से विरासत में मिले द्विभाषीय (मराठी--गुजराती) स्वरूप के ख़िलाफ़ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और इसके बाद विभाजन हुआ, जिससे गुजरात व महाराष्ट्र के आधुनिक राज्यों का निर्माण हुआ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==जनसंख्या==&lt;br /&gt;
मुम्बई की जनसंख्या (2001) 33,26,837 है और मुम्बई उपनगरीय क्षेत्र की जनसंख्या 85,87,561 है।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति &lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=माध्यमिक1&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
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}}&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र  के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
{{भारतीय महानगर}}&lt;br /&gt;
{{प्रदेशों की राजधानी}}&lt;br /&gt;
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[[Category:प्रदेशों की राजधानियाँ]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
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		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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		<title>नरीमन पाइंट मुंबई</title>
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&lt;div&gt;[[चित्र:Nariman-Point-Mumbai.jpg|thumb|नरीमन पाइंट, [[मुम्बई]]&amp;lt;br /&amp;gt; Nariman Point, Mumbai|thumb|200px]] &lt;br /&gt;
*[[महाराष्ट्र]] के शहर [[मुंबई]] में कई [[मुम्बई पर्यटन|पर्यटन स्थल]] है जिनमें से एक एलिफेंटा की गुफाएँ हैं।&lt;br /&gt;
*नरीमन पॉइंट मुंबई का सबसे प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है। &lt;br /&gt;
*इसका यह नाम एक पारसी दूरदर्शक खुर्शीद फ़्राम्जी नरीमन के नाम पर रखा गया। &lt;br /&gt;
*1995 में यहाँ वाणिज्यिक अचल संपत्ति किराया 8750 रू॰ प्रति वर्ग फुट था।&lt;br /&gt;
*यह स्थान समुद्र से वापस ली गई भूमि पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*भारत के कुछ सबसे बडे़ व्यवसायिक कंपनियों के मुख्यालय नरीमन पॉइंट में स्थित हैं।&lt;br /&gt;
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		<title>नरीमन पाइंट मुंबई</title>
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&lt;div&gt;[[चित्र:Nariman-Point-Mumbai.jpg|thumb|नरीमन पाइंट, [[मुम्बई]]&amp;lt;br /&amp;gt; Nariman Point, Mumbai|left|250px]] &lt;br /&gt;
*[[महाराष्ट्र]] के शहर [[मुंबई]] में कई [[मुम्बई पर्यटन|पर्यटन स्थल]] है जिनमें से एक एलिफेंटा की गुफाएँ हैं।&lt;br /&gt;
*नरीमन पॉइंट मुंबई का सबसे प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है। &lt;br /&gt;
*इसका यह नाम एक पारसी दूरदर्शक खुर्शीद फ़्राम्जी नरीमन के नाम पर रखा गया। &lt;br /&gt;
*1995 में यहाँ वाणिज्यिक अचल संपत्ति किराया 8750 रू॰ प्रति वर्ग फुट था।&lt;br /&gt;
*यह स्थान समुद्र से वापस ली गई भूमि पर स्थित है।&lt;br /&gt;
*भारत के कुछ सबसे बडे़ व्यवसायिक कंपनियों के मुख्यालय नरीमन पॉइंट में स्थित हैं।&lt;br /&gt;
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		<title>मुम्बई</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;वर्षा अग्रवाल: /* नगर की स्थिति */&lt;/p&gt;
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&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा पर्यटन&lt;br /&gt;
|चित्र=A-View-Of-Mumbai.jpg&lt;br /&gt;
|विवरण=&lt;br /&gt;
|राज्य=[[महाराष्ट्र]]&lt;br /&gt;
|ज़िला=[[मुम्बई उपनगर ज़िला]]&lt;br /&gt;
|निर्माता=&lt;br /&gt;
|स्वामित्व=&lt;br /&gt;
|प्रबंधक=&lt;br /&gt;
|निर्माण काल=&lt;br /&gt;
|स्थापना=तीसरी शताब्दी ई. पू में सम्राट [[अशोक]] द्वारा स्थापित &lt;br /&gt;
|भौगोलिक स्थिति=&lt;br /&gt;
|मार्ग स्थिति=यह शहर सड़क द्वारा [[पुणे]] से 150 किमी, [[नासिक]] से 172 किमी, [[सांगली]] से 373 किमी, [[औरंगाबाद]] से 373 किमी, [[अमरावती]] से 696 किमी, [[नागपूर]] से 847 किमी और [[दिल्ली]] से 1,393 किमी दूरी पर स्थित है। &lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=&lt;br /&gt;
|कब जाएँ=[[अक्टूबर]] से [[मार्च]]&lt;br /&gt;
|यातायात=साइकिल-रिक्शा, ऑटो-रिक्शा, मीटर-टैक्सी, सिटी बस और मेट्रो रेल &lt;br /&gt;
|हवाई अड्डा=छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र, नवी मुंबई अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र, जुहू हवाई अड्डा&lt;br /&gt;
|रेलवे स्टेशन=छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेलवे स्टेशन, मुंबई सेंट्रल, मुंबई उपनगरीय रेलवे, दादर स्टेशन, विक्टोरिया रेलवे स्टेशन&lt;br /&gt;
|बस अड्डा=राज्य परिवहन टर्मिनल&lt;br /&gt;
|कैसे पहुँचें=जलयान, हवाई जहाज़, रेल, बस आदि से पहुँचा जा सकता है। &lt;br /&gt;
|क्या देखें=[[मुम्बई पर्यटन]]&lt;br /&gt;
|कहाँ ठहरें=[[मुम्बई प्रवास]]&lt;br /&gt;
|क्या खायें=वड़ा पाव, श्रीखंड, भेलपूरी, पूरन पोली, पोहा, साबूदाना वड़ा, फिरनी, मालपुआ, चॉकलेट चाय, आदि &lt;br /&gt;
|क्या ख़रीदें=आभूषण, लकड़ी की वस्तुएं, चमड़े का सामान, &lt;br /&gt;
|एस.टी.डी. कोड=022&lt;br /&gt;
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|सावधानी=&lt;br /&gt;
|मानचित्र लिंक=[http://maps.google.co.in/maps?f=q&amp;amp;source=s_q&amp;amp;hl=en&amp;amp;geocode=&amp;amp;q=Mumbai,+Maharashtra&amp;amp;sll=21.852337,77.121552&amp;amp;sspn=8.781331,14.128418&amp;amp;ie=UTF8&amp;amp;hq=&amp;amp;hnear=Mumbai,+Maharashtra&amp;amp;ll=19.017331,72.855835&amp;amp;spn=0.279791,0.441513&amp;amp;z=11 गूगल मानचित्र]&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=भाषा&lt;br /&gt;
|पाठ 1=[[मराठी भाषा|मराठी]], [[हिन्दी]], [[अंग्रेजी]] और [[गुजराती भाषा|गुजराती]]&lt;br /&gt;
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}}&lt;br /&gt;
{{लेख सूची&lt;br /&gt;
|लेख का नाम=मुम्बई&lt;br /&gt;
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}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई शहर, भूतपूर्व बंबई, [[महाराष्ट्र]] राज्य की राजधानी है। यह दक्षिण-पश्चिम [[भारत]] देश का वित्तीय व वाणिज्यिक केंद्र और अरब सागर में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। मुंबई दुनिया के विशालतम व सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। मुंबई एक प्राचीन बस्ती के स्थल पर बसा हुआ है और इसका नामकरण भगवान [[शंकर]] की पत्नी [[पार्वती देवी]] के एक रूप, स्थानीय देवी मुंबा के नाम पर किया है। जिनका मंदिर उस स्थल पर था, जहाँ पर अब नगर का दक्षिण-पूर्वी हिस्सा अवस्थित है। मुंबई लंबे समय से भारत के सूती वस्त्र उद्योग के केंद्र के रूप में विख्यात रहा है, लेकिन अब यहाँ विविध निर्माण उद्योग भी हैं और इसके वाणिज्यिक व वित्तिय संस्थान सशक्त और सबल हैं। इस शहर में अधिकांश बड़े, विकासशील औद्योगिक नगरों की पुरानी समस्या वायु व जल प्रदूषण, झुग्गी बस्ती और अत्यधिक भीड़भाड़ मौजूद है। द्वीपीय अवस्थिति के कारण मुंबई का विस्तार सीमित है।&lt;br /&gt;
==भौतिक एवं मानव भूगोल==&lt;br /&gt;
====नगर की स्थिति====&lt;br /&gt;
मुंबई शहर प्रायद्विपीय स्थल पर बसा हुआ है, जो मूलतः पश्चिम भारत के कोंकण तट के पास स्थित सात द्वीपिकाओं से मिलकर बना है। 17 वीं शताब्दी से अपवाह व भूमि फिर से हासिल करने की परियोजनाओं और जलमार्गों व जल अवरोधकों के निर्माण के कारण ये द्वीपिकाएं मिलकर एक बड़े भूभाग का निर्माण करती हैं, जिसे बंबई द्वीप के नाम से जाना जाता था।  इस द्वीप के पूर्व में मुंबई बंदरगाह का स्थिर जलक्षेत्र है। यह द्वीप निम्न मैदान से बना है, जिसका एक चौथाई हिस्सा समुद्र तल से भी नीचा है; इस मैदान के पूर्वी और पश्चिमी किनारों में निचली पहाड़ियों की दो समानांतर पर्वतश्रेणियाँ हैं। इनमें से लंबी पर्वतश्रेणी द्वारा सुदूर दक्षिण में निर्मित कोलाबा पॉइंट मुंबई बंदरगाह को खुले समुद्र से बचाता है। पश्चिमी पर्वतश्रेणी मालाबार हिल पर समुद्र तल से 55 मीटर की ऊँचाई पर समाप्त होती है, जो मुंबई की सबसे ऊँचे इलाकों में से एक है। इन दो पर्वत श्रेणियों के बीच पश्च खाड़ी (बैक बे) का छिछला विस्तार है। इस खाड़ी के शीर्ष और बंदरगाह के बीच कुछ ऊँची भूपट्टिकाओं पर दुर्ग स्थित है, मूलतः इसी के चारों ओर शहर का विस्तार हुआ। अब यहाँ मुख्यतः सार्वजनिक एवं वाणिज्यिक कार्यालय हैं। पश्च खाड़ी से उत्तर की ओर भूतल मध्यवर्ती मैदान की दिशा में ढलान वाली है। बंबई के सुदूर उत्तर में विशाल खारे दलदल हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Nariman-Point-Mumbai.jpg|thumb|[[नरीमन पाइंट मुंबई|नरीमन पाइंट]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Nariman Point, Mumbai|left|250px]]  &lt;br /&gt;
पुराना शहर दक्षिण में कोलाबा से उत्तर में माहिम और्सायन तक लगभग 67 वर्ग किमी में फैला हुआ था। 1950 में सालगेट के विशाल द्वीप को जलमार्ग द्वारा जोड़कर मुख्य क्षेत्र में शामिल करके उत्तर की ओर बंबई का विस्तार किया गया। 1957 तक वृहद बंबई में कई उपनगरीय नगरपालिका क्षेत्रों और कुछ पड़ोसी गावों को शामिल कर लिया गया। उसके बाद से इस महानगर का विस्तार जारी है। 1970 के दशक के आरंभ में भीड़भाड़ और सघनता दूर करने  के प्रयास के रूप में सालगेट द्वीप को मुंबई बंदरगाह के मुख्य जलक्षेत्र थाना क्रीक पर पुल बनाकर मुख्यभूमि से जोड़ दिया गया। मुंबई का प्राकृतिक सौंदर्य इस क्षेत्र के किसी अन्य शहर से बेहतर है। समुद्र से बंदरगाह में प्रवेश स्थान से एक विशाल दृश्य दिखाई देता है, जिसके किनारों पर मुख्यभूमि पर स्थित पश्चिमी घाट की पहाड़ियाँ हैं। बेशुमार छोटे जलयानों की सफेद पालों से चमकता द्वीपों से घिरा चौड़ा बंदरगाह जहाज़ों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है, विशेषकर जब तटीय क्षेत्र पर तूफ़ान की स्थिति हो। बंदरगाह के द्वीपों में सबसे बड़ा एलीफ़ेटा है, जो छठी शताब्दी के गुफ़ा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।&lt;br /&gt;
इस नगर में पाए जाने वाले सामान्य वृक्षों में [[नारियल]], [[आम]], [[इमली]], और [[बरगद]] शामिल हैं। सालसेट द्वीप कभी [[बाघ]], [[तेंदुआ]], [[सियार]] और [[हिरन]] जैसे वन्य प्राणियों का आश्रय था, लेकिन अब ये प्राणी यहाँ नहीं पाये जाते। यहाँ के प्राणी जीवन में अब [[गाय]], [[बैल]], [[भेड़]], [[बकरी]] और अन्य पालतू प्रजातियाँ हैं। यहाँ पाए जाने वाले पक्षियों में [[गिद्ध]], [[कबूतर]], [[सारस]] और [[बत्तख]] शामिल हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Gateway-Of-India-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[गेटवे ऑफ इंडिया]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Gateway Of India, Mumbai]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====जलवायु====&lt;br /&gt;
मुंबई की जलवायु गर्म और आर्द्र है। यहाँ चार ॠतुएं हैं। दिसंबर से फ़रवरी तक सर्दी और मार्च से मई तक गर्मी का महीना रहता है। दक्षिण-पश्चिम में मॉनसूनी हवाओं द्वारा होने वाली वर्षा &lt;br /&gt;
जून से सितंबर तक होती है और इसके बाद उत्तर मॉनसून काल आता है, जो अक्टूबर-नवंबर तक रहता है। इस काल में मौसम फिर से गर्म हो जाता है। औसत मासिक तापमान मई में 33 &lt;br /&gt;
डिग्री से. से जनवरी में 19 डिग्री से. तक होता है। औसत वार्षिक वर्षा 1,800 मिमी है, जिसमें से औसतन 610 मिमी. वर्षा सिर्फ़ जुलाई के महीने में होती है।&lt;br /&gt;
====शहर की संरचना====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई के पुराने हिस्से ज़्यादा निर्मित हैं, लेकिन अधिक समृद्ध क्षेत्रों, जैसे मालाबार हिल में कुछ हरियाली है। यहाँ कई खुले मैदान व पार्क हैं। मुंबई में लगातार शहरीकरण के इतिहास के कारण शहर के कई हिस्सों में झुग्गी बस्तियाँ बन गईं हैं। इस शहर में अनेक कारख़ानों, बढ़ते यातायात और निकट स्थित तेलशोधनशालाओं के कारण वायु एवं जल प्रदूषण ख़तरे के स्तर तक बढ़ गया है। शहर के दक्षिणी हिस्से में वित्तीय ज़िला (पुराने फ़ोर्ट बंबई के आसपास) स्थित है। सुदूर दक्षिण (कोलाबा के आसपास) और पश्चिम में नेताजी सुभाष चंद्र रोड (मॅरीन ड्राइव) तथा मालाबार हिल आवासी क्षेत्र हैं। फ़ोर्ट क्षेत्र के उत्तर में प्रमुख व्यापारिक ज़िला है, जो धीरे-धीरे वाणिज्यिक आवासीय क्षेत्र में शामिल हो रहा है। अधिकांश पुराने कारख़ाने इसी क्षेत्र में स्थित हैं। सुदूर उत्तर में आवासीय क्षेत्र हैं और उनके बाद हाल ही में विकसित औद्योगिक क्षेत्र और झुग्गी बस्तियों के इलाक़े हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Elephanta-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|left|[[एलिफेंटा की गुफाएँ मुंबई|एलीफेंटा की गुफाएँ]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Elephant Caves, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ आवास मुख्यतः निजी स्वामित्व वाले हैं, हालाँकि सार्वजनिक वित्त निगमों के ज़रिये सरकार द्वारा निर्मित कुछ सार्वजनिक आवास भी हैं। मुंबई अत्यधिक भीड़भाड़ वाला नगर है और अत्यधिक समृद्ध लोगों के अलावा बाक़ी लोगों के आवास के लिए कमी रहती है। इसी कारण वाणिज्यिक और औद्योगिक उद्यमों को मध्य स्तरीय व्यावसायिक, तकनीकी या प्रबंधकीय कर्मचारियों को आकर्षित करने में लगातार परेशानी हो रही है। आंतरिक क्षेत्र से अकुशल श्रमिकों का लगातार अप्रवास हो रहा है और इस नगर में बेघर व निर्धन लोगों की संख्या बढ़ रही है। नगर के योजनाकार इसे रोकना चाहते हैं और उन्होंने उद्यमों को बंदरगाह के दूसरी ओर इससे लगे नगर नवी मुंबई में स्थापित करने का प्रयास किया है। इसके लिए नगर में औद्योगिक इकाइयों के विकास और पुरानी इकाइयों के विस्तार पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। लेकिन उद्यमियों द्वारा अपने उद्योग को देश के किसी अन्य हिस्से में ले जाने की धमकी के कारण इस प्रतिबंध का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हो रहा है। मुंबई का वास्तुशिल्प अलंकृत गॉथिक शैली का है, जो 18वीं और 19वीं शताब्दियों की विशेषता थी। यहाँ समकालीन अन्य रुपांकन (डिज़ाइन) भी है। पुराने प्रशासनिक और वाणिज्यिक भवनों के साथ गगनचुंबी व कॉन्क्रीट से बनी बहुमंज़िला इमारतें हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====जनजीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-Tiffin-Wallah.jpg|left|मुम्बई का टिफ़िन वाला&amp;lt;br /&amp;gt; Tiffin Wallah Of Mumbai|thumb|250px]]&lt;br /&gt;
1940 के दशक से मुंबई का विकास असाधारण तो नहीं, लेकिन एक समान रहा है। 20वीं सदी की शुरुआत में यहाँ की जनसंख्या 8 लाख 50 हज़ार थी। 1941 में यह दुगुनी होकर 16 लाख 95 हज़ार हो गई है। परिवार नियोजन कार्यक्रमों के कारण इस शहर में जन्मदर देश के अन्य हिस्सों से काफ़ी कम है और जनसंख्या विकास की ऊँची दर का मुख्य कारण रोज़गार की खोज में यहाँ आने वाले लोग हैं। मुंबई विश्व की सबसे अधिक सघन आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है। 1981 में ग्रेटर मुंबई का औसत घनत्व 13,500 लोग प्रति वर्ग किमी था। शहर के अधिकांश पुराने हिस्सों में घनत्व इस औसत से लगभग तीन गुना अधिक था, हालाँकि पश्च खाड़ी के पास स्थित गिरगांव, भिंडी बाज़ार और भुलेश्वर में घनत्व कम है। नगर के कुछ भीतरी हिस्सों में घनत्व लगभग 3,86,100 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है, जो शायद दुनिया का अधिकतम घनत्व है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुंबई का चरित्र सही मायनों में महानगरीय है और यहाँ लगभग सभी धर्मों तथा विश्व के सभी क्षेत्रों के लोग रहते हैं। यहाँ की लगभग आधी आबादी हिंदुओं की है, लेकिन मुसलमान, ईसाई, &lt;br /&gt;
बौद्ध, जैन, सिक्ख, पारसी और यहूदी समुदाय भी यहाँ मौजूद हैं। मुंबई में लगभग सभी भारतीय भाषाएं और कई विदेशी भाषाएं बोली जाती हैं। राजकीय भाषा [[मराठी भाषा|मराठी]] प्रमुख स्थानीय भाषा है, इसके बाद [[गुजराती भाषा|गुजराती]] और [[हिंदी]] का स्थान है।&lt;br /&gt;
==अर्थव्यवस्था==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Bombay-Stock-Exchange.jpg|thumb|250px|[[बंबई स्टॉक एक्स्चेंज]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Bombay Stock Exchange, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुम्बई भारत की आर्थिक धुरी एवं वाणिज्यिक व वित्तीय केन्द्र है। कुछ मायनों में इसकी आर्थिक संरचना भारत में नाभिकीय और पुरातन कालों के संयोजन को प्रदर्शित करती है। इस नगर में &lt;br /&gt;
भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग स्थित है, जिसमें परमाणु रिऐक्टर और प्लूटोनियम विलग्नक स्थित है। नगर के कई हिस्सों में अब भी ईधन और ऊर्जा के पारम्परिक जैविक साधनों का इस्तेमाल होता है।&lt;br /&gt;
====उद्योग====&lt;br /&gt;
सूती वस्त्र उद्योग, जिसके कारण 19वीं शताब्दी में यह नगर समृद्ध हुआ। अब भी महत्वपूर्ण है, लेकिन अब इसका पतन हो रहा है, क्योंकि कई सूती वस्त्र मिलों को रूग्ण इकाई घोषित कर दिया गया हैं नए विकासशील उद्योगों में धातु, रसायन, वाहन, इलेक्ट्रानिक्स, इंजीनियरिंग और कई प्रकार के सहायक उद्यम शामिल हैं। शाद्य प्रसंस्करण, काग़ज़—निर्माण, छपाई और प्रकाशन जैसे शहरी उद्योग भी रोज़ग़ार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हैं। सेवा और अनौपचारिक क्षेत्र में 20वीं शताब्दी के अन्तिम दशक में काफ़ी विस्तार हुआ है।&lt;br /&gt;
====वाणिज्य और वित्त====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Hotel-Taj-Mumbai.jpg|thumb|left|250px|[[ताजमहल होटल मुंबई|होटल ताज]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Hotel Taj, Mumbai]]&lt;br /&gt;
देश का केन्द्रीय बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक, कई अन्य व्यावसायिक बैंक और सरकारी बान्डों व निजी शेयरों में देश के सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेशक राष्ट्रीयकृत उद्यम भारतीय जीवन बीमा निगम और दीर्घकालीन निवेश से जुड़े प्रमुख वित्तीय संस्थान मुम्बई में स्थित हैं। इस कारण इस शहर में कई वित्तीय और व्यापारिक सेवाएँ उपलब्ध हैं। मुम्बई स्टाक एक्सचेन्ज देश का अग्रणी स्टाक और शेयर बाज़ार है। हालाँकि आज़ादी के बाद देश भर में कई आर्थिक केन्द्र पनपे हैं, जिसके कारण इस एक्सचेन्ज का उतना महत्व नहीं रहा। फिर भी वित्तीय व अन्य व्यापारिक कारोबार के मामले में यह प्रमुख केन्द्र है और देश की अर्थ-व्यवस्था के पैमाने की भूमिका निभाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
====परिवहन====&lt;br /&gt;
मुम्बई सड़क संजाल द्वारा भारत के अन्य हिस्सों से जुड़ा हुआ है। यह पश्चिम तथा मध्य रेलवे का मुख्यालय है और इस नगर से चलने वाली रेलगाड़ियाँ भारत के सभी हिस्सों तक सामान व यात्रियों को ले जाती हैं। छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कई विदेशी हवाई सेवाओं के आगमन का महत्वपूर्ण स्थल है। जबकि निकटस्थ सान्ताक्रूज़ हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानें भरी जाती हैं। मुम्बई में भारत के अंतर्राष्ट्रीय हवाई यातायात का 60 प्रतिशत और घरेलू यातायात का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा केन्द्रित है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-Chhatrapati-Shivaji-Terminus.jpg|thumb|250px|[[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt;Chhatrapati Shivaji Terminus, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ के बंदरगाह पर उपलब्ध सुविधाओं ने मुम्बई को देश का प्रमुख पश्चिमी बंदरगाह बना दिया है। हालाँकि पश्चिमी तट पर मुम्बई के उत्तर में कांडला और दक्षिण में गोवा व कोच्चि जैसे कई अन्य प्रमुख बंदरगाह बन गए हैं, लेकिन यहाँ से अब भी भारत के समुद्री व्यापार का 40 प्रतिशत हिस्सा संचालित होता है। दो उपनगरीय विद्युत रेलप्रणालियाँ मुख्य सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराती हैं और रोज़ महानगरीय क्षेत्र के लाखों लोगों को ढोती हैं। मुम्बई में नगरपालिका के स्वामित्व वाली बस सेवा भी है।&lt;br /&gt;
==प्रशासनिक एवं सामाजिक विशेषताएँ==&lt;br /&gt;
====सरकार====&lt;br /&gt;
[[महाराष्ट्र]] की राजधानी के रूप में यह शहर राज्य प्रशासन का समेकित राजनीतिक खण्ड है, जिसके मुख्यालय को मंत्रालय कहा जाता है। राज्य सरकार पुलिस बल को नियंत्रित करती है और नगर के कुछ विभागों पर प्रशासनिक नियंत्रण रखती है। डाक एवं टेलीग्राफ़ प्रणाली, रेल, बंदरगाह और हवाई अड्डों जैसे संचार साधनों पर केन्द्र सरकार का नियंत्रण है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Mumbai-High-Court.jpg|thumb|left|250px|[[बंबई उच्च न्यायालय]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Mumbai High Court]]&lt;br /&gt;
मुम्बई में भारतीय नौसेना की पश्चिमी कमान का मुख्यालय भी है और यह भारतीय फ़्लैगशिप का बेस भी है। शहर का प्रशासन वृहद (ग्रेटर) मुम्बई के पूर्णतःस्वायत्त नगर निगम के अंतर्गत है। इसकी विधायी संस्था का निर्वाचन हर चार वर्ष में वयस्क मताधिकार द्वारा होता है और यह विभिन्न स्थायी समितियों के माध्यम से काम करती है। राज्य सरकार के द्वारा तीन वर्षों के लिए नियुक्त मुख्य कार्यकारी यहाँ का निगम आयुक्त होता है। महापौर का चुनाव हर वर्ष नगर निगम द्वारा किया जाता है; महापौर निगम की बैठकों की अध्यक्षता करता है और शहर में सर्वाधिक सम्मानित माना जाता है, लेकिन वस्तुतः उसके पास कोई सत्ता नहीं होती।&lt;br /&gt;
====जनसुविधाएँ====&lt;br /&gt;
निगम के कई कार्यों में चिकित्सा सेवा, शिक्षा, जलापूर्ति, अग्निशमन, कचरे की व्यवस्था, बाज़ार, उद्यान और इंजीनियरिंग परियोजनाओं का, जैसे निकास तथा सड़कों व गलियों में प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाना, काम शामिल हैं। नगर निगम शहर में यातायात प्रणाली और विद्युत आपूर्ति को संचालित करता है। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Brabourne-Stadium-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[ब्रेबोर्न स्टेडियम]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Brabourne Stadium, Mumbai]]&lt;br /&gt;
यहाँ सरकार और निजी क्षेत्र की एजेंसियों के द्वारा एक ग्रिड प्रणाली के ज़रिये बिजली शहर में वितरित की जाती है। जलापूर्ति व्यवस्था भी नगर निगम के द्वारा संचालित की जाती है और यह मुख्यतः निकटस्थ ठाणे ज़िले की तांसा झील, तुलसी व विहार झीलों से प्राप्त किया जाता है। मूलतः जलापूर्ति के लिए निर्मित पवई झील कारगर साबित नहीं हुई, क्योंकि इसका पानी पीने योग्य नहीं है।&lt;br /&gt;
====स्वास्थ्य====&lt;br /&gt;
इस शहर में 100 से अधिक अस्पताल हैं, जिनमें केन्द्र, राज्य सरकार और निगम संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पताल और कई (क्षय-रोग, कैन्सर और ह्रदय रोगों के लिए) विशेष संस्थान शामिल हैं, यहाँ पर कई अग्रणी निजी अस्पताल भी हैं। यहाँ हेफ़काइन इंस्टिट्यूट भी है, जो एक अग्रणी बैक्टीरिया अनुसन्धान केन्द्र है, इसे उष्णकटिबन्धीय बीमारियों में विशिष्टता प्राप्त है।&lt;br /&gt;
====सुरक्षा====&lt;br /&gt;
शहर के पुलिस बल का प्रमुख पुलिस आयुक्त होता है, जो मुम्बई में क़ानून एवं व्यवस्था के लिए ज़िम्मेदार होता है, प्रशासनिक रूप से वह राज्य के गृह सचिव के प्रति जवाबदेह होता है।&lt;br /&gt;
====शिक्षा====&lt;br /&gt;
मुम्बई की साक्षरता दर समूचे राष्ट्र की साक्षरता दर से काफ़ी अधिक हैं। प्राथमिक शिक्षा मुफ़्त व अनिवार्य है और यह नगर निगम का दायित्व है। माध्यमिक शिक्षा सरकारी व निजी विद्यालयों द्वारा सरकार की देखरेख में कराई जाती है। यहाँ सार्वजनिक एवं निजी पालिटेक्निक व संस्थान हैं, जो विद्यार्थियों को यांत्रिकी, विद्युत तथा रासायनिक इंजीनियरी में विभिन्न डिग्री व डिप्लोमा देते हैं। केन्द्र सरकार के द्वारा संचालित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई. आई. टी.) भी यहाँ पर स्थित है। अन्य इंजीनियरिंग कालेजों में:-&lt;br /&gt;
[[चित्र:Kanheri-Caves-Mumbai.jpg|thumb|250px|कन्हेरी गुफाएँ, मुम्बई]]&lt;br /&gt;
*सरदार पटेल कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलाज़िकल इंस्टिट्यूट, &lt;br /&gt;
*के. जी. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*एम. एच. एस. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*डी. जे. एस. कालेज आफ़ इंजीनियरिंग, &lt;br /&gt;
*थोडोमल शाही इंजीनियरिंग कालेज और &lt;br /&gt;
*विवेकानन्द इंस्टिट्यूट आफ़ टेक्नोलोज़ी शामिल हैं। &lt;br /&gt;
1857 में स्थापित बाम्बे विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कला, विज्ञान, वाणिज्य व शिक्षा सम्बन्धी महाविद्यालय, चिकित्सा, होमियोपैथी, यूनानी चिकित्सा, फ़ार्मेसी व दन्त चिकित्सा महाविद्यालय, वास्तुशिल्प, शारीरिक शिक्षा एवं प्रबन्धन संस्थान हैं। मुम्बई में महिलाओं के लिए एस. एन. डी. टी. विश्वविद्यालय भी है। 1857 में स्थापित बाम्बे विश्वविद्यालय से बहुत से महाविद्यालय और कई शिक्षण विभाग जुड़े हुए हैं। [[गोवा]] में स्थित बहुत से महाविद्यालय इस विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हैं।&lt;br /&gt;
====सांस्कृतिक जीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Rajabai-Tower-Mumbai.jpg|thumb|left|250px|[[राजाबाई घंटाघर]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Rajabai Tower, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुम्बई का सांस्कृतिक जीवन इसकी जातीय विविधतायुक्त जनसंख्या को प्रतिबिम्बित करता है। शहर में बहुत से संग्रहालय, पुस्तकालय, साहित्यिक एवं कई अन्य सांस्कृतिक संस्थान, कला, दीर्घाएँ व रंगशालाएँ हैं। भारत का कोई अन्य शहर अपनी सांस्कृतिक एवं मनोरंजन सुविधाओं के मामले में इतनी उच्च श्रेणी की विविधता और गुणवत्ता का शायद ही दावा कर सके। मुम्बई भारतीय फ़िल्म उद्योग का गढ़ है। साल भर यहाँ पश्चिमी व भारतीय संगीत सम्मेलन एवं महोत्सव और भारतीय नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इंडो—सार्सेनिक वास्तुशिल्प की एक इमारत में द प्रिंस आफ़ वेल्स म्यूज़ियम आफ़ वेस्टर्न इंडिया है, जिसमें कला, पुरातत्व व प्राकृतिक इतिहास के तीन प्रमुख विभाग हैं। निकट ही जहाँगीर आर्ट गैलरी है, जो मुम्बई की पहली स्थायी कला दीर्घा है और सांस्कृतिक व शैक्षिक गतिविधियों का केन्द्र है। मुम्बई भारतीय मुद्रण उद्योग का महत्वपूर्ण केन्द्र है और यहाँ सशक्त प्रेस है। यहाँ अंग्रेज़ी, मराठी, हिन्दी, गुजराती, सिन्धी व उर्दू में समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं। बहुत-सी मासिक, पाक्षिक व साप्ताहिक पत्रिकाएँ भी यहाँ से प्रकाशित होती हैं। आल-इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) का क्षेत्रीय केन्द्र भी मुम्बई में ही है और इस शहर के लिए दूरदर्शन सेवाएँ 1972 में शुरू हुईं। शहर के उत्तर में कृष्णगिरि वन एक राष्ट्रीय उद्यान और छुट्टियाँ बिताने के लिए ख़ूबसूरत सैरगाह है, कन्हेरी गुफ़ाओं के निकट एक प्राचीन बौद्ध विश्वविद्यालय था, यहाँ 100 से अधिक गुफ़ाओं में दूसरी से नौवीं शताब्दी तक के विशालकाय बौद्ध मूर्तिशिल्प हैं। यहाँ पर कई सार्वजनिक उद्यान हैं। जिसमें जीजामाता उद्यान शामिल है, यहाँ पर मुम्बई का चिड़ियाघर स्थित है, यहाँ पर बैपटिस्टा गार्डन भी है, जो मज़गाँव में एक जलाशय पर स्थित है; इसके अलावा मालाबार हिल पर स्थित फ़िरोज़शाह मेहता गार्डन, कमला नेहरू पार्क व स्लोपिंग पार्क हैं। समूचे भारत में लोकप्रिय क्रिक्रेट के मैच भारतीय क्रिकेट क्लव (ब्रेबोर्न स्टेडियम) और वानखेड़े स्टेडियम में खेले जाते हैं। दौड़ व साइकिल चालन प्रतियोगिताएँ वल्लभ भाई पटेल स्टेडियम में आयोजित की जाती है। स्नान व तैराकी के लिए जुहू समुद्र तट एक प्रसिद्ध स्थान है।&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
मछुआरों की मूल जनजाति, कोली यहाँ के आरम्भिक ज्ञात निवासी थे, हालाँकि वृहद मुम्बई के कान्दीवली में पाए गए पुरापाषाण काल के पत्थर के औज़ार यहाँ पाषाण काल के दौरान मानव बस्ती की ओर संकेत करते हैं। प्राचीन यूनानी खगोलशास्त्री व भूगोलविज्ञानी टालेमी के समय में यह क्षेत्र हेप्टेनिशिया के रूप में जाना जाता था और यह 1000 वर्ष ई. पू. में फ़ारस व [[मिस्र]] के साथ समुद्री व्यापार का प्रमुख केन्द्र था। तीसरी शताब्दी ई. पू. में यह अशोक के साम्राज्य का हिस्सा था और छठी से आठवीं शताब्दी में यहाँ चालुक्यों का शासन रहा, जिन्होंने अपनी छाप घरपुरी (एलीफ़ेन्टा द्वीप) पर छोड़ी। मालाबार पाइन्ट पर बना वाकेश्वर मन्दिर सम्भवतः कोंकण तट के शिलाहर प्रमुखों के शासन (9वीं से 13वीं शताब्दी) के दौरान निर्मित किया गया था। दोगिरि के यादवों (1187-1318) के समय में इस द्वीप (जो बाम्बे द्वीप बना) पर महिकावती (माहिम) बस्ती की स्थापना हुई, जो 1924 में हिन्दुस्तान के [[ख़िलजी वंश]] के आक्रमणों के जवाब में बनाई गई। इन्हीं के वंशज वर्तमान मुम्बई में पाए जाते हैं और बहुत से स्थानों के नाम आज भी उसी युग से हैं। 1348 में आक्रमणकारी मुस्लिम सेनाओं ने इस द्वीप को जीत लिया और यह [[गुजरात]] राज्य का हिस्सा बन गया। माहिम को जीतने की पुर्तग़ाली कोशिश 1507 में असफल रही, लेकिन 1534 में गुजरात के शासक सुल्तान बहादुरशाह ने यह द्वीप पुर्तग़ालियों को सौंप दिया। 1661 में किंग चार्ल्स द्वितीय व पुर्तग़ाल के राजा की बहन कैथरीन आफ़ ब्रैगेंज़ा के विवाह के बाद यह ब्रिटिश नियंत्रण में आ गया। राजा ने इसे 1668 में ईस्ट इंडिया कम्पनी को सत्तांतरित कर दिया। शुरूआत में कलकत्ता (वर्तमान [[कोलकाता]]) व मद्रास (वर्तमान [[चेन्नई]]) की तुलना में बंबई कम्पनी की बहुत बड़ी सम्पत्ति ने होकर केवल पश्चिमी तट पर कम्पनी की पैर जमाए रखने में सहायता करता था। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Hutatma-Chowk-Mumbai.jpg|thumb|250px|[[हुतात्मा चौक]], मुम्बई&amp;lt;br /&amp;gt; Hutatma Chowk, Mumbai]]&lt;br /&gt;
मुख्य भूमि पर मुग़ल, मराठा व गुजरात के प्रादेशिक शासक अधिक शक्तिशाली थे। यहाँ तक कि ब्रिटिश नौसेना का मुग़लों, मराठों, पुर्तगालियों व डचों से कोई मुक़ाबला नहीं था। 19वीं शताब्दी के आरम्भ तक बाहरी घटनाओं ने शहर के तेज़ विकास में सहायता की। [[दिल्ली]] में मुग़ल शक्ति के पतन, मुग़ल-मराठा प्रतिद्वन्द्विता और गुजरात में मौजूद अस्थिरता ने कारीगरों व व्यापारियों को शरण लेने के लिए इस द्वीप पर जाने को मज़बूर किया और इस प्रकार मुम्बई का विकास शुरू हुआ। मराठा शक्ति के विनाश के साथ मुख्यभूमि से व्यापार व संचार स्थापित हुआ और उसका यूरोप तक विस्तार किया गया, जिससे समृद्धी की शुरुआत हुई। 1857 में पहली कताई व बुनाई मिल स्थापित की गई और 1860 तक मुम्बई भारत का विशालतम सूती वस्त्र बाज़ार बन गया। अमेरिकी नागरिक युद्ध (1861-65) और ब्रिटेन को किए जा रहे कपास की आपूर्ति रुक जाने से मुम्बई के व्यापार में उछाल आया। लेकिन नागरिक युद्ध के समाप्त होने के बाद कपास के दामों में भारी कमी आई तथा व्यापार में तेज़ी ख़त्म हो गई। तब तक हालाँकि अतःक्षेत्र खोले जा चुके थे और मुम्बई आयात व्यापार का मज़बूत केन्द्र बन चुका था। &lt;br /&gt;
1869 में स्वेज़ नहर के खुलने के साथ ही मुम्बई में समृद्धि आई, हालाँकि जनसंख्या बढ़ने के साथ-साथ झुग्गियों और अस्वच्छ स्थितियों में भी कई गुना वृद्धि हुई। 1896 में यहाँ प्लेग का प्रकोप फैला और नए क्षेत्रों में बस्तियाँ बसाने व कामगार वर्ग के लिए आवास की व्यवस्था करने के लिए सिटी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की स्थापना की गई। 525 हेक्टेयर क्षेत्र को घेरने के लिए तटबन्ध बनाने की महत्वाकांक्षी योजना का 1918 में प्रस्ताव किया गया, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारत में अपने क़िस्म की पहली दोतरफ़ा सड़क नेताजी सुभाष मार्ग, जो नरीमन प्वाइंट से मालाबार प्वाइंट तक है, के बन जाने तक यह पूरा नहीं हो सका। युद्ध के बाद के वर्षों में उपनगरीय क्षेत्रों में आवासीय इकाइयों के विकास की शुरूआत हुई और नगर निगम के माध्यम से मुम्बई नगर के प्रशासन को वृहत मुम्बई के उपनगरों तक विस्तारित किया गया। यह शहर भूतपूर्व बाम्बे प्रेज़िडेन्सी व बाम्बे राज्य की राजधानी रह चुका है और 1960 में इसे महाराष्ट्र राज्य की राजधानी बनाया गया।&lt;br /&gt;
19वीं सदी के अन्त व 20 शताब्दी के आरम्भ में मुम्बई भारतीय राष्ट्रवादी और क्षेत्रीय राजनीतिक गतिविधियों का केन्द्र था। 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (स्वतंत्रता प्राप्ति तक भारत समर्थक और ब्रिटिश विरोधी भावनाओं का केन्द्रीय दल) का पहला अधिवेशन इस नगर में हुआ, जिसके बाद 1942 के अधिवेशन में कांग्रेस ने 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किया, जिससे भारत की पूर्ण स्वतंत्रता की माँग की गई थी। 1956 से 1960 तक मुम्बई में मुम्बई राज्य के ब्रिटिश उपनिवेशवाद से विरासत में मिले द्विभाषीय (मराठी--गुजराती) स्वरूप के ख़िलाफ़ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और इसके बाद विभाजन हुआ, जिससे गुजरात व महाराष्ट्र के आधुनिक राज्यों का निर्माण हुआ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==जनसंख्या==&lt;br /&gt;
मुम्बई की जनसंख्या (2001) 33,26,837 है और मुम्बई उपनगरीय क्षेत्र की जनसंख्या 85,87,561 है।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति &lt;br /&gt;
|आधार=&lt;br /&gt;
|प्रारम्भिक=&lt;br /&gt;
|माध्यमिक=माध्यमिक1&lt;br /&gt;
|पूर्णता=&lt;br /&gt;
|शोध=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र  के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
{{भारतीय महानगर}}&lt;br /&gt;
{{प्रदेशों की राजधानी}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र_के_ऐतिहासिक_नगर]][[Category:महाराष्ट्र_के_नगर]][[Category:भारत के नगर]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्रदेशों की राजधानियाँ]][[Category:महाराष्ट्र_के_पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Category:मुम्बई]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>वर्षा अग्रवाल</name></author>
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