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| <quiz display=simple> | | <quiz display=simple> |
| {दलहनी फ़सलें [[फ़सल]] प्रणाली के लिए उपयुक्त होती हैं, वे हैं- (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-71,प्रश्न-1
| |
| |type="()"}
| |
| +कम समय वाली [[फ़सल|फ़सलें]]
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| -रोगरोधी फ़सलें
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| -लम्बे समय वाली [[फ़सल|फ़सलें]]
| |
| -नमी दबावरोधी फ़सलें
| |
| ||कम अवधि वाली दलहनी प्रजाति फ़सल प्रणाली के लिए उपयुक्त होती है, जबकि दलहनी फ़सलों के अच्छे [[उत्पादन]] के लिए रोगरोधी किस्मों को उगाया जाता है।
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| {माया निम्न में से किसकी प्रजाति है?(कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-76,प्रश्न-71 | | {एक लड़का 10 कि.मी./घंटे की औसत गति पर स्कूल पहुँचने के लिए 30 मिनट लेता है। यदि उसे 15 मिनट में स्कूल पहुँचना है, तो उसकी औसत गति क्या होनी चाहिए? |
| |type="()"} | | |type="()"} |
| -[[आलू]]
| | +20 |
| -[[चना]] | | -30 |
| -[[मटर]] | | -25 |
| +राई
| | -40 |
| ||'माया' राई की प्रजाति का नाम है। राई की अन्य किस्में इस प्रकार है- वरुणा, वरदान, शेखर, रोहिणी, वैभव, लाहा-101, पूजा जय किसान एवं क्रांति आदि।
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| {नीलम निम्न में से किसकी प्रजाति है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-86,प्रश्न-91 | | {500 [[सेब|सेबों]] में से 25% सड़े हुए हैं। तो कुल कितने सेब ठीक है? |
| |type="()"} | | |type="()"} |
| -[[पपीता]] | | -300 |
| +[[आम]]
| | -400 |
| -[[अंगूर]] | | -350 |
| -[[सेब]] | | +375 |
| ||[[आम]]- नीलम, [[पपीता]]- सूर्या, [[अंगूर]]- अकी चित्रा, [[सेब]]- रेड डेलीसियम
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| {[[धान]] तथा [[गेहूँ]] में कितने-कितने पुंकेसर पाये जाते हैं? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-80,प्रश्न-1 | | {एक व्यक्ति ने अपनी सम्पत्ति का 1/4 भाग अपनी पुत्री को, 1/3 अपने पुत्र को दिया और 1/6 दान कर दिया। इस प्रकार उसने कुल कितना भाग दे दिया? |
| |type="()"} | | |type="()"} |
| -3, 3 | | -2/4 |
| -6, 6
| | +3/4 |
| -3, 6
| | -2/5 |
| +6, 3 | | -3/5 |
| ||[[धान]] का वानस्पतिक नाम आरोइजा सेटाइवा है। इसमें [[वसा]] की मात्रा 2-2.5% एवं [[प्रोटीन]] की मात्रा 6-7% तक पायी जाती है। धान में पुंकेसर की संख्या 6 एवं [[गेहूँ]] में पुंकेसर की संख्या 3 पायी जाती है।
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| {निम्नलिखित में से किसे [[उत्पादन]] की स्थित लागत में सम्मिलित किया जाता है?(कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-8,प्रश्न-1 | | {किसी संख्या का 50% मिलने के लिए उसको कितने से गुणा किया जाना चाहिए? |
| |type="()"} | | |type="()"} |
| -[[कच्चा माल|कच्चे माल]] की कीमत | | +1/2 |
| -अस्थायी श्रमिकों की मजदूरी | | -2/5 |
| -फैक्ट्री भवन का किराया | | -2/3 |
| +उपरोक्त सभी
| | -1/3 |
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| | | {कोई धन सरल ब्याज पर 10 वर्षों में दो गना हो जाता। वह धन कितने वर्ष में चार गुना हो जाएगा? |
| {[[गेहूँ]] किस प्रकार की [[फ़सल]] है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-71,प्रश्न-2 | |
| |type="()"} | | |type="()"} |
| -नगदी फ़सल | | -25 |
| +खाद्यान्न फ़सल | | +30 |
| -आच्छादित फ़सल | | -35 |
| -नमी दबावरोधी फ़सल | | -40 |
| ||खाद्यान्न फ़सल- [[गेहूँ]], [[धान]], [[जौ]] आदि; नगदी फ़सल- [[गन्ना]], [[आलू]]; आच्छादित फ़सल- लोबिया
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| {कौन-सी खरपतवार श्वास रोग का कारक है?(कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-76,प्रश्न-72
| |
| |type="()"}
| |
| -हिरन खुरी
| |
| -बथुआ
| |
| +गजरी
| |
| -कृष्ण नील
| |
| ||पस्थेनियम (गजरी) खरपतवार द्वारा मनुष्यों में श्वास नामक रोग हो जाता है। इस घास को क्रांगेस घास भी कहा जाता है।
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| {[[मूँगफली]] की [[फ़सल]] में जब खूटियाँ (Pegs) [[मिट्टी]] में वृद्धि करती हैं, तो वे क्या बनाती हैं? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-86,प्रश्न-93
| |
| |type="()"}
| |
| -जड़ें
| |
| -तने
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| -कंद
| |
| +फलियाँ
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| ||[[शकरकंद]]- जड़, [[आलू]]- तना, अरवी- राइजोम तथा [[मूँगफली]]- फलियाँ।
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| {परागकोश कितने पराग पुटों में बँटा होता है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-80,प्रश्न-2
| |
| |type="()"}
| |
| -एक
| |
| +दो
| |
| -तीन
| |
| -चार
| |
| ||परागकोश दो परग पुटों में बँटा होता है। प्रथम परागकण और द्वितीय फिलामेंट। परागकण और फिलामेंट मिलकर स्टेमेन कहलाता है। यह लेमा और पीलिया के अंदर बंद रहते हैं।
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| {[[उत्पादन]] के असंख्य साधन मानने वाले एक अर्थशास्त्री का नाम क्या है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-8,प्रश्न-2
| |
| |type="()"}
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| +डेवनपोर्ट
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| -प्रो. टॉमस
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| -प्रो. एली
| |
| -प्रो. निकल्सन
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| {[[शरद ऋतु|शरदकालीन]] [[गन्ना]] किस [[माह]] में बोया जाता है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-71,प्रश्न-3
| |
| |type="()"}
| |
| -[[फ़रवरी]]-[[मार्च]]
| |
| -[[जुलाई]]
| |
| +[[अक्टूबर]]
| |
| -[[दिसम्बर]]
| |
| ||[[शरद ऋतु|शरदकालीन]]- [[अक्टूबर]], [[बसंत ऋतु|बसंतकालीन]]- [[फ़रवरी]]-[[मार्च]], [[वर्षा ऋतु|वर्षाकालीन]]- [[जुलाई]]
| |
|
| |
| {कौन-सी [[फ़सल]] अधिकतम [[नाइट्रोजन]] की मात्रा चाहती है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-76,प्रश्न-73
| |
| |type="()"}
| |
| +[[आलू]]
| |
| -[[गेहूँ]]
| |
| -[[जौ]]
| |
| -[[गन्ना]]
| |
| ||[[आलू]] की [[फ़सल]] अधिकतम [[नाइट्रोजन]] चाहने वाली है। एक हैक्टेयर आलू के उत्पादन के लिए लगभग 170-80 कि.ग्रा. नाइट्रोजन, 250 कि.ग्रा. [[फॉस्फोरस]] तथा 250 कि.ग्रा. [[पोटैशियम]] की आवश्यकता होती है।
| |
|
| |
| {[[जूट]] की खेती वाले क्षेत्रों में उसकी जगह सामान्य वैकल्पिक [[फ़सल]] है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-86,प्रश्न-92
| |
| |type="()"}
| |
| -[[गन्ना]]
| |
| -[[गेहूँ]]
| |
| -[[कपास]]
| |
| +[[धान]]
| |
| ||[[जूट]] की खेती वाले क्षेत्रों में उसकी जगह सामान्य वैकल्पिक [[फ़सल]] [[धान]] की होती है; क्योंकि जूट की खेती ऐसे भागों में की जाती है जहाँ हर समय [[पानी]] भरा रहता है।
| |
|
| |
| {"म्यूटेशन रिसर्च" पुस्तक किसने लिखी थी? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-80,प्रश्न-3
| |
| |type="()"}
| |
| -मुलर
| |
| -ओरबेक
| |
| -स्टेडलर
| |
| +निल्सन-इनले
| |
| ||म्यूटेशन रिसर्च पुस्तक निल्सन-इनले ने लिखी है। यह पुस्तक म्यूटेनशन पर हुए शोध पर लिखी गयी है।
| |
|
| |
| {[[उत्पादन]] के क्या साधन हैं?(कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-8,प्रश्न-3
| |
| |type="()"}
| |
| -श्रम
| |
| -भूमि
| |
| +उपर्युक्त दोनों
| |
| -इनमें से कोई नहीं
| |
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| {[[गेहूँ]] की समय से बुआई के लिए बीज दर क्या है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-71,प्रश्न-4
| |
| |type="()"}
| |
| -75 किलोग्राम/हैक्टेयर
| |
| +100 किलोग्राम/हैक्टेयर
| |
| -125 किलोग्राम/हैक्टेयर
| |
| -150 किलोग्राम/हैक्टेयर
| |
| ||समय से बुआई- 100 किलोग्राम/हैक्टेयर; देर से बुआई- 125 किलोग्राम/हैक्टेयर; डिबलर से बुआई- 25-30 किलोग्राम/हैक्टेयर
| |
|
| |
| {[[भारत]] में [[धान]] की प्रथम विकसित बौनी प्रजाति कौन सी है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-76,प्रश्न-74
| |
| |type="()"}
| |
| +जया
| |
| -साकेत-4
| |
| -गोविन्द
| |
| -नरेन्द्र-97
| |
| ||'जया' [[भारत]] की प्रथम [[धान]] की विकसित प्रजाति है जो वाइचुंग (नेटिव-1) x T-141 के क्रॉस से निकाली गयी है।
| |
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| |
| {निम्नलिखित में से किसको [[आग]] में सुखाया जाता है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-86,प्रश्न-94
| |
| |type="()"}
| |
| +चबाने का तम्बाकू
| |
| -चुरुट का तम्बाकू
| |
| -बीड़ी का तम्बाकू
| |
| -हुक्के का तम्बाकू
| |
|
| |
| {सामान्यतया [[धान]] की [[फ़सल|फ़सलों]] में किसकी कमी पायी जाती है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-80,प्रश्न-4
| |
| |type="()"}
| |
| -लाइसिन
| |
| +मेथियोनाइन
| |
| -ट्रिप्टोफेन
| |
| -[[प्रोटीन]]
| |
| ||सामान्य रूप से [[धान]] की [[फ़सल]] में मेथियोनाइन की कमी पायी जाती है। धान में 6-7% [[प्रोटीन]], 2-3% [[वसा]] तथा लगभग 65-70% [[कार्बोहाइड्रेट]] की मात्रा पायी जाती है।
| |
|
| |
| {"सम्पत्ति को अधिक उपयोगी बनाना ही [[उत्पादन]] है।" यह कथन है। (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-8,प्रश्न-4
| |
| |type="()"}
| |
| -डा. एली
| |
| -प्रो. टॉमस
| |
| +डॉ. फेयर चाइल्ड
| |
| -प्रो. निकल्सन
| |
|
| |
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| |
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| |
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| |
| {[[गेहूँ]] में सिंचाई के लिए सर्वाधिक क्रांतिक अवस्था कौन-सी है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-72,प्रश्न-5
| |
| |type="()"}
| |
| +सी. आर. आई.
| |
| -पुष्प
| |
| -[[दुग्ध]]
| |
| -दाने पकना
| |
| ||[[गेहूँ]] की [[फ़सल]] के लिए पाँच सिंचाइयों की ज़रूरत होती है- (1) सी.आर.आई. स्टेज, (2) किल्ले निकलने समय बुआई से, (3) गाँठ बनते समय बुआई से, (4) फूल बनते समय बुआई से, (5) दुग्ध बनते समय बुआई से।
| |
|
| |
| {बौछारी सिंचाई [[मृदा]] की किस संरचना के लिए उपयुक्त होती है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-76,प्रश्न-75
| |
| |type="()"}
| |
| -मटियार संरचना
| |
| -दोमट संरचना
| |
| +ऊँची-नीची सतह
| |
| -ये सभी
| |
| ||बौछारी सिंचाई ऊंची-नीची भूमियों में अधिक उपयुक्त होती है।
| |
|
| |
| {निम्नलिखित में से कौन-सी दो [[फ़सल|फ़सलें]] [[भारत]] में दलहन उत्पादन का लगभग 75% भाग उपलब्ध कराती हैं? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-86,प्रश्न-95
| |
| |type="()"}
| |
| -[[चना]] और मूँग
| |
| +[[चना]] और [[अरहर]]
| |
| -मूँग और मसूर
| |
| -[[अरहर]] और मूँग
| |
| ||विश्व में दलहन उत्पादन में [[भारत]] का प्रथम स्थान है। भारत में 75% भाग दलहन में [[चना]] और [[अरहर]] का है।
| |
|
| |
| {[[नीला रंग|नीले रंग]] का टेग किसके लिए निर्गत होता है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-80,प्रश्न-5
| |
| |type="()"}
| |
| -आधारीय बीज
| |
| -पंजीकृत बीज
| |
| +प्रमाणित बीज
| |
| -केंद्रक बीज
| |
| ||आधारीय बीज- [[सफ़ेद रंग|सफ़ेद]], पंजीकृत बीज- जामनी, प्रमाणित बीज- [[नीला रंग|नीला]], नाभिकीय बीज- [[पीला रंग|पीला]]
| |
|
| |
| {"वस्तु में अर्थ का सृजन करना ही उत्पादन है।" यह कथन है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-8,प्रश्न-5
| |
| |type="()"}
| |
| -डॉ. फेयर चाइल्ड
| |
| -प्रो. निकल्सन
| |
| -प्रो. एली
| |
| +प्रो. टॉमस
| |
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| |
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| |
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| |
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| |
| {बीज शोधन किस बीमारी के नियंत्रण के लिए किया जाता है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-72,प्रश्न-6
| |
| |type="()"}
| |
| -मृदा जनित
| |
| -वायु जनित
| |
| +बीज जनित
| |
| -इनमें से कोई नहीं
| |
| ||बीज शोधन बीज जनित बीमारियों के लिए किया जाता है। मृदा जनित बीमारियों के लिए [[मृदा]] का शोधन किया जाता है।
| |
|
| |
| {इन्डोसल्फान को निम्न में से क्या कहा जाता है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-76,प्रश्न-76
| |
| |type="()"}
| |
| -लिनडेन
| |
| +थाडोडान
| |
| -आल्ड्रीन
| |
| -बी.एच.सी.
| |
| ||इन्डोसल्फान- थायोडन; फॉस्फोमिडॉन- डायमेक्रान; फार्मोथियन- एन्थियो; फोरेटो- थिमेट।
| |
|
| |
| {[[मूँगफली]] की खेती में किस संवर्धन को प्राथमिकता देनी चाहिए? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-86,प्रश्न-96
| |
| |type="()"}
| |
| +राइजोबियम
| |
| -माइकोराइजा
| |
| -एजोस्पिरिला
| |
| -फास्फोबैक्टीरिया
| |
| ||[[मूँगफली]] की खेती में राइजोबियम का प्रयोग करना चाहिए, क्योंकि राइजोबियम एक प्रकार का जीवाणुविक कल्चर होता है।
| |
|
| |
| {'पूसा जय किसान' कायिक क्लोनीय है- (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-81,प्रश्न-6
| |
| |type="()"}
| |
| -बासमती धान का
| |
| +भारतीय सरसों का
| |
| -साईट्रोनेला जावा का
| |
| -खेसारी का
| |
| ||'पूजा जय किसान' भारतीय सरसों का कार्मिक क्लोनीय है। उस किस्म में तेल अधिक पाया जाता है। यह किस्म मध्यम समय में पककर तैयार हो जाती है।
| |
|
| |
| {उत्पादन में प्रकृति का नि:शुल्क उपहार क्या है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-8,प्रश्न-6
| |
| |type="()"}
| |
| +भूमि
| |
| -श्रम
| |
| -पूँजी
| |
| -प्रबंध
| |
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| |
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| |
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| |
| {क्षाररोधी फ़सल कौन-सी है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-72,प्रश्न-7
| |
| |type="()"}
| |
| +लोबिया
| |
| -[[मटर]]
| |
| -[[लहसुन]]
| |
| -[[ककड़ी]]
| |
|
| |
| {निम्न में से कौन सर्वांगी विष है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-76,प्रश्न-77
| |
| |type="()"}
| |
| -मेटासिस्टॉक्स
| |
| -फॉस्फोमिडॉन
| |
| -फोरेट
| |
| +ये सभी
| |
| ||सर्वांगी विष- 1. श्राडान, 2. डेमेटान, सिस्टाक्ट, 3.मेटासिस्टॉक्स, 4.डाइमेथियोन, 5.फॉस्फोमिडॉन, 6.फोरेट, 7. फास ड्रिन, 8.थायो डेमेटान।
| |
|
| |
| {[[धान]] बीज के अंकुरण के लिए अनुकूलतम मुख्य तापमान बिंदु क्या है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-86,प्रश्न-97
| |
| |type="()"}
| |
| +20 <sup>°</sup>C-25 <sup>°</sup>C
| |
| -18 <sup>°</sup>C-2 <sup>°</sup>C
| |
| -37 <sup>°</sup>C-39 <sup>°</sup>C
| |
| -30 <sup>°</sup>C-32 <sup>°</sup>C
| |
| ||[[धान]] के बीच के अंकुरण के लिए अनुकूलतम मुख्य तापमान 20 <sup>°</sup>C-25 <sup>°</sup>C होता है। [[गेहूँ]] की बुआई के समय अनुकूलतम तापमान 5 <sup>°</sup>C-15 <sup>°</sup>C होता है। [[गेहूँ]] की बुआई के समय अनुकूलतम तापमान 5 <sup>°</sup>C-15 <sup>°</sup>C तक होना चाहिए।
| |
|
| |
| {विनियम किस अवस्था में होता है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-81,प्रश्न-7
| |
| |type="()"}
| |
| -लेप्टोटीन
| |
| -जाइगोटीन
| |
| +पेचीटीन
| |
| -डिप्लोटीन
| |
|
| |
| {भूमि के लक्षण कौन-से हैं? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-8,प्रश्न-7
| |
| |type="()"}
| |
| -भूमि परिमाण में सीमित है।
| |
| -भूमि [[उत्पादन]] का प्राथमिक साधन है।
| |
| -भूमि प्रकृति की देन है।
| |
| +ये सभी
| |
|
| |
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| |
|
| |
|
| |
| {निम्न में से कौन सी [[गाय]] की दुग्धशाला प्रजाति नहीं है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-72,प्रश्न-8
| |
| |type="()"}
| |
| -साहीवाल
| |
| -सिन्धी
| |
| +[[नागौरी गाय]]
| |
| -गिरि
| |
| ||साहीवाल- दुधारु प्रजाति; सिंधी- दुधरु प्रजाति; गिरि- दुधारु प्रजाति; [[नागौरी गाय|नागौरी]]- दुकाजी प्रजाति
| |
|
| |
| {डी.डी.वी.पी. को निम्न में से और क्या कहा जाता है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-76,प्रश्न-78
| |
| |type="()"}
| |
| +न्यूवान
| |
| -मैलाथियान
| |
| -थायोडान
| |
| -सल्फेक्स
| |
| ||डी.डी.वी.पी. को न्यूवान कहा जाता है। यह एक टेन स्पर्श, आंतरिक और धुम्रक विष है। यह लगभग 10-15 मिनट में कीटों को मार देता है।
| |
|
| |
| {[[गेहूँ]] के साथ मिश्रित खेती के लिए निम्नलिखित में से कौन उपयुक्त होगा? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-87,प्रश्न-98
| |
| |type="()"}
| |
| +सरसों
| |
| -[[ज्वार]]
| |
| -[[कपास]]
| |
| -[[पत्तागोभी]]
| |
|
| |
| {अगुणित किस प्रकार के युग्मक पैदा करते हैं? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-81,प्रश्न-8
| |
| |type="()"}
| |
| -n+1
| |
| -n-1
| |
| +n
| |
| -n+1-1
| |
| ||अगुणित युग्मकों की उत्पत्ति जिससे निषेचन के बाद द्विगुणित (2n) जाइगोट बनते हैं तथा स्पीशीजों में क्रोमोसोम की संख्या अचर रहती है।
| |
|
| |
| {निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-8,प्रश्न-8
| |
| |type="()"}
| |
| +भूमि प्रकृति का नि:शुल्क उपहार है।
| |
| -भूमि का आर्थिक लगान से कोई सम्बंध नहीं हैं।
| |
| -भूमि [[उत्पादन]] का सक्रिय साधन है।
| |
| -भूमि मानव द्वारा सृजित उत्पत्ति का साधन है।
| |
|
| |
|
| |
|
| |
|
| |
| {भण्डारित अनाज कीटों के नुकसान से बचाने के लिए दाना नमी की सीमा क्या है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-72,प्रश्न-9
| |
| |type="()"}
| |
| +<10%
| |
| ->10%
| |
| -10%
| |
| -इनमें से कोई नहीं
| |
| ||भण्डारित अनाज कीटों के नुकसान से बचाने के लिए दानों में 10% से कम नमी का होना ज़रूरी है। इससे कम या ज़्यादा नमी बीज के लिए हानिकारक होती है।
| |
|
| |
| {वाइटावेक्स से बीज शोधन की मुख्य नियंत्रण विधि कौन सी है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-77,प्रश्न-79
| |
| |type="()"}
| |
| +अनावृत कंडुअ
| |
| -गेरुई
| |
| -तुलासिता
| |
| -ये सभी
| |
|
| |
| {[[धान]] में खैरा रोग की रोकथाम के लिए छिड़काव किया जाता है- (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-87,प्रश्न-99
| |
| |type="()"}
| |
| -बोरेक्स
| |
| -कॉपर सल्फेट
| |
| +जिंक सल्फेट
| |
| -कैल्सियम सल्फेट
| |
| ||[[धान]] की फ़सल में खैरा रोग [[जिंक]] की कमी से लगता है, इसमें पौधों की पत्तियाँ पीली होकर गिर जाती हैं। इसकी रोकथाम के लिए जिंक सल्फेट का प्रयोग किया जाता है।
| |
|
| |
| {सुप्रतिष्ठित [[गन्ना|गन्ने]] का वानस्पतिक नाम है- (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-81,प्रश्न-9
| |
| |type="()"}
| |
| -सैकेरम ओफीसिनेरम
| |
| +सैकेरम बारबेरी
| |
| -सैकेरम स्पोन्टेनीयस
| |
| -सैकेरम साइनेन्सिस
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| ||सुप्रिष्ठित गन्ने का वानस्पतिक नाम सैकेरम ओफीसिनेरम है जिसमें क्रोमोसोम की संख्या 2n=80 पायी जाती है। इस [[गन्ना|गन्ने]] में चीनी की मात्रा 8% तथा गुड़ की मात्रा 10% तक पायी जाती है।
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| {[[अर्थशास्त्र]] में भूमि का क्या अर्थ है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-8,प्रश्न-9
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| -[[मिट्टी]]
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| +प्रकृति का नि:शुल्क उपहार
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| -[[कृषि]] योग्य भूमि
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| -समस्त भूखण्ड
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| {[[भारत]] में निम्न में से किस कीट/रोगनाशी को रोका गया? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-72,प्रश्न-10
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| -रोगार
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| +डी.डी.टी.
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| -मेटासिस्टॉक्स
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| -डिमेक्रान
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| ||मनुष्यों के लिए नुकसानदायक होने के कारण तथा कीटों द्वारा सहनशील होने के कारण सरकार द्वारा डी.डी.टी. की बिक्री पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया।
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| {[[जौ]] की आवृत कंडुआ बीमारी किस प्रकार की है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-76,प्रश्न-80
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| |type="()"}
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| +बाह्य बीज जनित
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| -आंतरिक बीज जनित
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| -वायु जनित
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| -इनमें से कोई नहीं
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| ||[[जौ]] की बाह्य बीज जनित बीमरी आवृत कंडुआ है तथा गेरुए रोग वायुजनित है।
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| {राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एन.एस.आई.) कहाँ स्थित है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-87,प्रश्न-100
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| |type="()"}
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| -[[लखनऊ]]
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| -[[वाराणसी]]
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| +[[कानपुर]]
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| -[[नई दिल्ली]]
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| {सफ़ेद भृंगाक का वैज्ञानिक नाम क्या है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-81,प्रश्न-10
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| -हेलिकोवरपा आरमिजेरा
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| +होलोट्राइकिया कोन्सेन्गोनिया
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| -स्पोडोप्टेरा लाइटूरा
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| -बमेरिया टबेसाई
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| ||हेलिकोवरपा आरमिजेरा -चने की सूँड़ी, होलोट्राइकिया कोन्सेन्गोनिया -सफ़ेद भृंगक, स्पोडोप्टेरा लाइटूरा -कारब वर्ग, बमेरिया टबेसाई -सफ़ेद मक्खी।
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| {भूमि क्या है? (कृषि सामान्य ज्ञान,पृ.सं-8,प्रश्न-10
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| -सक्रिय साधन
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| -असीमित
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| -गतिशील
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| +उर्वरा शक्ति भिन्न-भिन्न होती है।
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| </quiz> | | </quiz> |
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