"दरिया साहेब (बिहार वाले)": अवतरणों में अंतर

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'''दरिया साहेब''' [[निर्गुण]] परम्परा के एक महान [[संत]], जिनका सम्बंध [[बिहार|बिहार राज्य]] से था। इन्होंने स्वयं को [[कबीर]] का [[अवतार]] बताया था। इनका मार्ग 'मुक्ति पंथ' कहा जाता है।
'''दरिया साहेब''' [[निर्गुण]] परम्परा के एक महान् [[संत]], जिनका सम्बंध [[बिहार|बिहार राज्य]] से था। इन्होंने स्वयं को [[कबीर]] का [[अवतार]] बताया था। इनका मार्ग 'मुक्ति पंथ' कहा जाता है।


*दरिया साहेब का जन्म 1634 ई. में बिहार प्रांत के [[रोहतास ज़िला|रोहतास ज़िले]] के धरकंधा ग्राम में हुआ था।
*दरिया साहेब का जन्म 1634 ई. में बिहार प्रांत के [[रोहतास ज़िला|रोहतास ज़िले]] के धरकंधा ग्राम में हुआ था।

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दरिया साहेब एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- दरिया साहेब

दरिया साहेब निर्गुण परम्परा के एक महान् संत, जिनका सम्बंध बिहार राज्य से था। इन्होंने स्वयं को कबीर का अवतार बताया था। इनका मार्ग 'मुक्ति पंथ' कहा जाता है।

  • दरिया साहेब का जन्म 1634 ई. में बिहार प्रांत के रोहतास ज़िले के धरकंधा ग्राम में हुआ था।
  • धरकंधा में दरिया साहेब का ननिहाल था। इनके पिता का नाम पीरण साह था।
  • दरिया साहेब सतगुरु कबीर की निर्गुण संत परम्परा के शीर्ष संतों में गिने जाते थे। उन्होंने अपने को कबीर का अवतार बताया था। इन्होंने स्वयं को सत पुरुष का पुत्र भी कहा।
  • इनके गुरु सतपुरुष थे। सतपुरुष ने दरिया साहेब को जम्बू द्वीप (भारत) में अवतार लेने का आदेश दिया था। इस प्रकार दरिया साहेब ने करकंधा ग्राम में जन्म लिया।
  • दरिया साहेब संसार में दु:खों से मुक्ति का मार्ग बताने आये थे। उनका मार्ग 'मुक्ति पंथ' कहा जाता है।[1]
  • इनका परिनिर्वाण 1780 में हुआ था।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. संत दरिया साहेब (बिहार वाले संत) (हिन्दी) Sant Dariya Saheb Bihar Wale। अभिगमन तिथि: 21 जुलाई, 2014।

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