"हव्य": अवतरणों में अंतर
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|उदाहरण=जो हवि के रूप में [[अग्नि]] में डाला जाने को हो या डाला जा सकता हो। | |उदाहरण=जो हवि के रूप में [[अग्नि]] में डाला जाने को हो या डाला जा सकता हो। | ||
|विशेष=यज्ञ व हवन में देवताओं को अर्पित सामग्री 'हव्य' कही जाती है। पितरों को अर्पित सामग्री 'कव्य' व गाय को अर्पित सामग्री को 'गव्य' कहा जाता है। 'अग्नि' को 'हव्यवाह, 'हव्यवाहन', हव्याश कहा जाता है। | |विशेष=यज्ञ व हवन में देवताओं को अर्पित सामग्री '''हव्य''' कही जाती है। पितरों को अर्पित सामग्री '''कव्य'''' व गाय को अर्पित सामग्री को '''गव्य''' कहा जाता है। 'अग्नि' को 'हव्यवाह, 'हव्यवाहन', हव्याश कहा जाता है। | ||
|विलोम= | |विलोम= | ||
|पर्यायवाची=आहुति द्रव्य, आहवन, आहुति, पुरोडाश, यज्ञाहुति, याग, स्वधा, हवि, हुति, होत्र | |पर्यायवाची=आहुति द्रव्य, आहवन, आहुति, पुरोडाश, यज्ञाहुति, याग, स्वधा, हवि, हुति, होत्र | ||
06:29, 19 जनवरी 2011 का अवतरण
| हिन्दी | होम/हवन करने के योग्य, आहुति के योग्य, देवताओं के योग्य अन्न, हवन की सामग्री, घृत, घी, किसी देवता के लिए दी जाने वाली आहुति। |
| -व्याकरण | धातु, विशेषण, पुल्लिंग |
| -उदाहरण | जो हवि के रूप में अग्नि में डाला जाने को हो या डाला जा सकता हो। |
| -विशेष | यज्ञ व हवन में देवताओं को अर्पित सामग्री हव्य कही जाती है। पितरों को अर्पित सामग्री कव्य' व गाय को अर्पित सामग्री को गव्य कहा जाता है। 'अग्नि' को 'हव्यवाह, 'हव्यवाहन', हव्याश कहा जाता है। |
| -विलोम | |
| -पर्यायवाची | आहुति द्रव्य, आहवन, आहुति, पुरोडाश, यज्ञाहुति, याग, स्वधा, हवि, हुति, होत्र |
| संस्कृत | [हु+यत्] |
| अन्य ग्रंथ | |
| संबंधित शब्द | हवि, हविष्य |
| संबंधित लेख |