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| |+style="text-align:left; padding-left:10px; font-size:18px"|<font color="#003366">[[भारतकोश सम्पादकीय 5 अक्टूबर 2015|भारतकोश सम्पादकीय <small>-आदित्य चौधरी</small>]]</font>
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| <center>[[भारतकोश सम्पादकीय 5 अक्टूबर 2015|ये तेरा घर ये मेरा घर]]</center>
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| [[चित्र:Kapoor-Family-01.jpg|right|120px|link=भारतकोश सम्पादकीय 5 अक्टूबर 2015]]
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| जहाँ तक नारी विमर्श की बात है तो निश्चित रूप से गृहस्थ जीवन में संयुक्त परिवार एक गृहणी के लिए बंधनों से भरे रहे होंगे। नारी स्वतंत्रता जैसी स्थिति इन परिवारों में कितनी संभावना लेकर जीवित रहती होगी यह कहना कोई कठिन काम नहीं है। संयुक्त परिवार की व्यवस्था भारत के एक-आध राज्य को छोड़कर सामान्यत: पुरुष प्रधान थी। संयुक्त परिवार, एक परिवार न होकर एक कुटुंब होता था। जिसका मुखिया अपने या परंपराओं द्वारा निष्पादित नियमों को कुटुंब के सभी सदस्यों पर लागू करता था। … [[भारतकोश सम्पादकीय 5 अक्टूबर 2015|पूरा पढ़ें]]
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| | [[भारतकोश सम्पादकीय -आदित्य चौधरी|पिछले सभी लेख]] →
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| | [[भारतकोश सम्पादकीय 8 जुलाई 2015|अभिभावक]] ·
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| | [[भारतकोश सम्पादकीय 3 मार्च 2015|भारत की जाति-वर्ण व्यवस्था]]
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| <div style="background:#F5F4C4; border:1px solid #ccc; border-radius:5px; padding:5px">
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| [[चित्र:Aditya-Chaudhary-Wishva-Hindi-Sammelan-2.jpg |border|right|120px|भारतकोश संस्थापक श्री [[आदित्य चौधरी]] जी को माननीय गृहमंत्री श्री [[राजनाथ सिंह]] 'विश्व हिन्दी सम्मान' से सम्मानित करते हुए|link=विश्व हिन्दी सम्मेलन 2015]]
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| ====[[विश्व हिन्दी सम्मेलन 2015#समाचार|भारतकोश संस्थापक श्री आदित्य चौधरी जी को 'विश्व हिन्दी सम्मान']]====
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| [[आदित्य चौधरी|भारतकोश संस्थापक श्री आदित्य चौधरी जी]] को [[विश्व हिन्दी सम्मेलन 2015|दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन]] में भारतकोश का ऑनलाइन प्रकाशन एवं छात्रों को नि:शुल्क कम्प्यूटर शिक्षा देने के लिए [[भारत सरकार]] के विदेश मंत्रालय द्वारा निमंत्रण मिला। भारत के माननीय गृहमंत्री श्री [[राजनाथ सिंह]] ने 12 सितम्बर, 2015 को श्री आदित्य चौधरी जी को 'विश्व हिन्दी सम्मान' से सम्मानित किया। [[विश्व हिन्दी सम्मेलन 2015|...और पढ़ें]]
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| [[आदित्य चौधरी|आदित्य चौधरी के सभी सम्पादकीय एवं कविताएँ पढ़ने के लिए क्लिक कीजिए]]
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