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*असामयिक, प्राक्कालिक-'''लः''' गलत समय, अशुभ या कुसमय, (किसी बात के लिए) अनुपयुक्त समय-अत्यारूढो हि नारीणाम- कालज्ञो मनोभवः- रघुवंश 12/33। सम. '''-कुसुमम्''' '''-पुष्पम्''' असमय पर खिलने वाला फूल,'''-कूष्माण्डः''' बिना ऋतु के उपजा हुआ कुम्हड़ा (आलं.) व्यर्थ जन्म,'''–ज,–उत्पन्न,–जात''' ([[विशेषण]]) बिना [[ऋतु]] के उपजा हुआ, प्राक्कालिक;'''-जलदोदयः,-मेघोदयः''' | *असामयिक, प्राक्कालिक-'''लः''' गलत समय, अशुभ या कुसमय, (किसी बात के लिए) अनुपयुक्त समय-अत्यारूढो हि नारीणाम- कालज्ञो मनोभवः- रघुवंश 12/33। सम. '''-कुसुमम्''' '''-पुष्पम्''' असमय पर खिलने वाला फूल,'''-कूष्माण्डः''' बिना ऋतु के उपजा हुआ कुम्हड़ा (आलं.) व्यर्थ जन्म,'''–ज,–उत्पन्न,–जात''' ([[विशेषण]]) बिना [[ऋतु]] के उपजा हुआ, प्राक्कालिक;'''-जलदोदयः,-मेघोदयः''' |
05:33, 3 अगस्त 2023 के समय का अवतरण
अकाल (विशेषण) [न. ब.]
- असामयिक, प्राक्कालिक-लः गलत समय, अशुभ या कुसमय, (किसी बात के लिए) अनुपयुक्त समय-अत्यारूढो हि नारीणाम- कालज्ञो मनोभवः- रघुवंश 12/33। सम. -कुसुमम् -पुष्पम् असमय पर खिलने वाला फूल,-कूष्माण्डः बिना ऋतु के उपजा हुआ कुम्हड़ा (आलं.) व्यर्थ जन्म,–ज,–उत्पन्न,–जात (विशेषण) बिना ऋतु के उपजा हुआ, प्राक्कालिक;-जलदोदयः,-मेघोदयः
- 1. असमय में बादलों का उठना या इकट्ठा होना;
- 2. कुहरा, धुंध, -वेला ऋतु के विपरीत या अनुपयुक्त- समय, -सह (विशेषण)
- 1. समय की हानि या देरी को सहन न करने वाला, अधीर
- 2. गढ़ की भांति दृढ़ता के साथ अधिक समय तक न टिकने वाला।[1]
इन्हें भी देखें: संस्कृत-हिन्दी शब्दकोश (संकेताक्षर सूची), संस्कृत-हिन्दी शब्दकोश (संकेत सूची) एवं संस्कृत-हिन्दी शब्दकोश
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टीका टिप्पणी और संदर्भ
- ↑ संस्कृत-हिन्दी शब्दकोश |लेखक: वामन शिवराम आप्टे |प्रकाशक: कमल प्रकाशन, नई दिल्ली-110002 |पृष्ठ संख्या: 04 |
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