"श्रृंगेरी": अवतरणों में अंतर
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'''श्रृंगेरी''' [[कर्नाटक]] के कदूर ज़िले में विरूर स्टेशन से 60 मील दूर [[तुंगभद्रा नदी]] के वामतट पर छोटा-सा ग्राम है। | '''श्रृंगेरी''' [[कर्नाटक]] के कदूर ज़िले में विरूर स्टेशन से 60 मील दूर [[तुंगभद्रा नदी]] के वामतट पर छोटा-सा ग्राम है। | ||
*श्रृंगेरी का नाम यहाँ से 9 मील दूर श्रृंगगिरि पर्वत के नाम पर ही पड़ा, जिसका अपभ्रंश श्रृंगेरी है। | *श्रृंगेरी का नाम यहाँ से 9 मील दूर श्रृंगगिरि पर्वत के नाम पर ही पड़ा, जिसका अपभ्रंश श्रृंगेरी है। | ||
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*8वीं शती में इस स्थान पर महान दार्शनिक [[शंकराचार्य]] ने अपने चार पीठों में से एक पीठ को स्थापित किया था। तीन अन्य पीठ [[नासिक]], [[पुरी]] तथा [[द्वारिका]] में स्थित हैं। | *8वीं शती में इस स्थान पर महान दार्शनिक [[शंकराचार्य]] ने अपने चार पीठों में से एक पीठ को स्थापित किया था। तीन अन्य पीठ [[नासिक]], [[पुरी]] तथा [[द्वारिका]] में स्थित हैं। | ||
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09:43, 5 जुलाई 2012 का अवतरण

श्रृंगेरी कर्नाटक के कदूर ज़िले में विरूर स्टेशन से 60 मील दूर तुंगभद्रा नदी के वामतट पर छोटा-सा ग्राम है।
- श्रृंगेरी का नाम यहाँ से 9 मील दूर श्रृंगगिरि पर्वत के नाम पर ही पड़ा, जिसका अपभ्रंश श्रृंगेरी है।
- यह श्रृंगी ऋषि का जन्मस्थल माना जाता है।
- श्रृंगेरी में एक छोटी पहाड़ी पर श्रृंगी ऋषि के पिता विभांडक का आश्रम बताया जाता है।
- 8वीं शती में इस स्थान पर महान दार्शनिक शंकराचार्य ने अपने चार पीठों में से एक पीठ को स्थापित किया था। तीन अन्य पीठ नासिक, पुरी तथा द्वारिका में स्थित हैं।
- श्रृंगेरी देश के सबसे दक्षिण में स्थित है। शंकराचार्य से सम्बद्ध होने के कारण यह प्रमुख हिन्दू तीर्थ बन गया है।

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