मीनू मुमताज़
मीनू मुमताज़
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| पूरा नाम | मालिकाउन्निसा अली |
| प्रसिद्ध नाम | मीनू मुमताज़ |
| जन्म | 26 अप्रॅल, 1942 |
| जन्म भूमि | बम्बई (आज़ादी पूर्व, वर्तमान मुम्बई, महाराष्ट्र) |
| मृत्यु | 23 अक्टूबर, 2021 |
| मृत्यु स्थान | टोरंटो |
| अभिभावक | पिता- मुमताज़ अली |
| पति/पत्नी | सईद अली अकबर |
| संतान | चार |
| कर्म भूमि | भारत |
| कर्म-क्षेत्र | भारतीय सिनेमा |
| मुख्य फ़िल्में | ‘चौदहवीं का चांद’, ‘कागज के फूल’, ‘साहिब बीवी और गुलाम’, ‘ताजमहल’, ‘घूंघट’, ‘इंसान जाग उठा’, ‘घर बसाके देखो’ आदि। |
| प्रसिद्धि | अभिनेत्री |
| नागरिकता | भारतीय |
| अन्य जानकारी | मीनू मुमताज़ अपने समय के मशहूर कॉमेडियन और सुपर स्टार महमूद अली की बहन थीं। उन्हें मीनू मुमताज़ नाम अभिनेत्री मीना कुमारी ने दिया था। |
मीनू मुमताज़ (अंग्रेज़ी: Minoo Mumtaz, जन्म- 26 अप्रॅल, 1942; मृत्यु- 23 अक्टूबर, 2021) भारतीय अभिनेत्री थीं। वह अपने समय के मशहूर कॉमेडियन महमूद अली की बहन थीं। भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री रहीं मीना कुमारी और मीनू मुमताज़ में काफी गहरी मित्रता थी। सन 1950 से लेकर 1960 के दशक में बतौर डांसर कई फिल्मों में काम करने वाली मीनू मुमताज़ एक डांसर के साथ-साथ कैरेक्टर आर्टिस्ट भी थीं। मीनू मुमताज़ का असली नाम मालिकाउन्निसा अली था। जब फिल्मों में काम करने लगीं तो मीना कुमारी ने उनका नाम बदलकर मीनू मुमताज़ कर दिया था। तब से फिल्म इंडस्ट्री में मीनू मुमताज़ के नाम से मशहूर हो गईं।
परिचय
मीनू मुमताज ने फिल्मी दुनिया में ‘सखी हातिम’ से कदम रखा था। 1950 और 1960 के दशक की कई हिंदी फिल्मों में उन्होंने काम किया। कई बार फिल्मों में वह डांसर के तौर पर भी नजर आई हैं। उनकी सबसे ज्यादा मशहूर फिल्मों में ‘सीआईडी’, ‘नया दौर’, ‘ताज महल’, ‘गबन’ और ‘जमीर’ शामिल हैं। पहली फिल्म ‘सखी हातिम’ में मीनू मुमताज बलराज साहनी जैसे दिग्गज अभिनेता के साथ थीं। उन्होंने गुरुदत्त साहब के साथ भी काम किया। ‘चौदहवीं का चांद’, ‘कागज के फूल’, ‘साहिब बीवी और गुलाम’, ‘ताजमहल’, ‘घूंघट’, ‘इंसान जाग उठा’, ‘घर बसाके देखो’ जैसी कई फिल्मों में उन्होंने काम किया था।
मृत्यु
अभिनेत्री मीनू मुमताज़ की मृत्यु 23 अक्टूबर, 2021 को कनाडा में हुई। वह बीते कई सालों से बीमार थीं और लगभग बीस वर्षों से कनाडा में ही रह रही थीं। मीनू मुमताज़ के निधन के बारे में बात करते हुए उनके भतीजे नौषाद ने कहा, "वह जईफ थीं और उनकी उम्र भी 80 के आसपास थी। अब तक मैं जिस किसी से भी मिला हूं, वह उनमें से सबसे प्यारी इंसान थीं।" अपने बड़े भाई महमूद की तरह मीनू मुमताज़ ने भी अपनी पहचान फिल्मों में बनाने का फैसला किया था।
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टीका टिप्पणी और संदर्भ
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