"खयेरो": अवतरणों में अंतर
भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
नवनीत कुमार (वार्ता | योगदान) No edit summary |
व्यवस्थापन (वार्ता | योगदान) छो (Text replacement - "अर्थात " to "अर्थात् ") |
||
| पंक्ति 41: | पंक्ति 41: | ||
'''खयेरो''' [[ब्रज]] के ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। इसका दूसरा नाम 'खरेरो' भी है। | '''खयेरो''' [[ब्रज]] के ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। इसका दूसरा नाम 'खरेरो' भी है। | ||
*[[द्वारका|द्वारकापुरी]] से आकर यहाँ [[बलराम|बलदेव जी]] ने सखाओं से 'खैर' | *[[द्वारका|द्वारकापुरी]] से आकर यहाँ [[बलराम|बलदेव जी]] ने सखाओं से 'खैर' अर्थात् मंगल समाचार पूछा था। यह गोचारण का स्थान है। यह स्थान 'शेषशाई' से चार मील दक्षिण में (कुछ पूर्व में) स्थित है। | ||
07:52, 7 नवम्बर 2017 के समय का अवतरण
खयेरो
| |
| विवरण | 'खयेरो' ब्रज के ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। इसका दूसरा नाम 'खरेरो' भी है। |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| ज़िला | मथुरा |
| कब जाएँ | कभी भी |
| बस, कार, ऑटो आदि | |
| संबंधित लेख | वृन्दावन, काम्यवन, कोकिलावन, राधाकुण्ड गोवर्धन, गोवर्धन, खदिरवन, महावन
|
| अद्यतन | 3:22, 23 जुलाई, 2016 (IST)
|
खयेरो ब्रज के ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। इसका दूसरा नाम 'खरेरो' भी है।
- द्वारकापुरी से आकर यहाँ बलदेव जी ने सखाओं से 'खैर' अर्थात् मंगल समाचार पूछा था। यह गोचारण का स्थान है। यह स्थान 'शेषशाई' से चार मील दक्षिण में (कुछ पूर्व में) स्थित है।
|
|
|
|
|
|
