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'''प्रणति नायक''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Pranati Nayak'', जन्म- [[6 अप्रॅल]], [[1995]], पिंगला, [[पश्चिम बंगाल]]) भारतीय जिमनास्टर हैं। वह टोक्यो, [[जापान]] में आयोजित हुए ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक, 2020 में [[भारत]] की ओर से प्रतिभाग करने वाली एकमात्र जिमनास्टर रहीं। टोक्यो ओलम्पिक में प्रणति नायक को निराश हाथ लगी। वह ऑलराउंड फाइनल में नहीं जा सकीं।
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आर्थिक तंगी के बीच प्रणति नायक ने [[2004]] में [[कोलकाता]] में जिम्नास्टिक ज्वाइन कर लिया। स्कूल द्वारा मिनारा बेगम को उनका कोच बनने की सिफारिश की गई थी। इसके बाद वह कोलकाता में शिफ्ट हो गई और बेगम ने न केवल खेल की बुनियादी बातों को चमकाने में मदद की बल्कि उसके खर्चे भी उठाये।  
 
==उपलब्धि==
 
==उपलब्धि==
प्रणति नायक के लिए मंगोलिया, उलानबाटार में [[2019]] एशियाई जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में कांस्य पदक, वॉल्ट इवेंट में अपने करियर की सबसे यादगार उपलब्धि थी। उन्होंने दो क्लीन लैंडिंग के बाद तीसरा स्थान हासिल किया था जिससे उनका स्कोर 13.384 हो गया। इस उपलब्धि ने उन्हें अपनी आदर्श [[दीपा करमाकर]] ([[2014]] राष्ट्रमंडल खेलों) और अरुणा रेड्डी ([[2018]] विश्व कप जिम्नास्टिक) के बाद तीसरा भारतीय जिम्नास्ट बना दिया जिन्होंने [[भारत]] के लिए एक प्रमुख वॉल्ट इवेंट में पदक अर्जित किया।
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==ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक, 2020==
 
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प्रणति नायक
प्रणति नायक
पूरा नाम प्रणति नायक
जन्म 6 अप्रॅल, 1995
जन्म भूमि झारग्राम, पश्चिम बंगाल
अभिभावक माता- प्रतिमा देवी

पिता- श्रीमंत नायक

कर्म भूमि भारत
खेल-क्षेत्र जिमनास्टिक
प्रसिद्धि भारतीय महिला जिमनास्टर
नागरिकता भारतीय
संबंधित लेख दीपा करमाकर
अन्य जानकारी प्रणति नायक के लिए मंगोलिया, उलानबाटार में 2019 एशियाई जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था, जो वॉल्ट इवेंट में उनके कॅरियर की सबसे यादगार उपलब्धि थी।
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प्रणति नायक (अंग्रेज़ी: Pranati Nayak, जन्म- 6 अप्रॅल, 1995, झारग्राम, पश्चिम बंगाल) भारतीय जिमनास्टर हैं। वह टोक्यो, जापान में आयोजित हुए ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक, 2020 में भारत की ओर से प्रतिभाग करने वाली एकमात्र जिमनास्टर रहीं। टोक्यो ओलम्पिक में प्रणति नायक को निराश हाथ लगी। वह ऑलराउंड फाइनल में नहीं जा सकीं।

परिचय

प्रणति नायक का जन्म पश्चिम बंगाल के झारग्राम में हुआ था। परिवार सादे ढंग से रहता था, क्योंकि उनके पिता श्रीमंत नायक 2017 तक राज्य परिवहन में बस चालक थे। पिछले दो सालों से एक कार्यालय में छोटी नौकरी कर ली, क्योंकि वह 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति की आयु के करीब थे।

प्रणति नायक को महत्वाकांक्षा और सफल होने के लिए रास्ता पारिवारिक संघर्ष से मिला है। उन्होंने बताया था, "मैं जो कुछ भी करती हूं, वो मेरे माता-पिता के लिए है। उनका जीवन आसान नहीं रहा है। अब मैं यह सुनिश्चित करना चाहती हूं कि मेरे पिता आराम से रहें। मेरे पिता ने कई सालों तक बस चलाई है और अब मैं चाहती हूं कि अब जीवन उनके लिए थोड़ा आसान हो। मेरे माता-पिता के कोई बेटा नहीं है, लेकिन मैंने उनसे कहा कि उनकी देखभाल करने के लिए मैं ही पर्याप्त हूं।"

कोच

आर्थिक तंगी के बीच प्रणति नायक ने 2004 में कोलकाता में जिम्नास्टिक ज्वाइन कर लिया। स्कूल द्वारा मिनारा बेगम को उनका कोच बनने की सिफारिश की गई थी। इसके बाद वह कोलकाता में शिफ्ट हो गई और बेगम ने न केवल खेल की बुनियादी बातों को चमकाने में मदद की बल्कि उसके खर्चे भी उठाये।

उपलब्धि

प्रणति नायक

प्रणति नायक के लिए मंगोलिया, उलानबाटार में 2019 एशियाई जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था, जो वॉल्ट इवेंट में उनके कॅरियर की सबसे यादगार उपलब्धि थी। उन्होंने दो क्लीन लैंडिंग के बाद तीसरा स्थान हासिल किया था जिससे उनका स्कोर 13.384 हो गया। इस उपलब्धि ने उन्हें अपनी आदर्श दीपा करमाकर (2014 राष्ट्रमंडल खेलों) और अरुणा रेड्डी (2018 विश्व कप जिम्नास्टिक) के बाद तीसरा भारतीय जिम्नास्ट बना दिया जिन्होंने भारत के लिए एक प्रमुख वॉल्ट इवेंट में पदक अर्जित किया।

ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक, 2020

टोक्यो ओलंपिक में भारत की अकेली जिम्नास्ट प्रणति नायक कलात्मक जिम्नास्टिक स्पर्धा के आल राउंड फाइनल्स में जगह बनाने में असफल रहीं। [पश्चिम बंगाल]] की 26 वर्ष की प्रणति नायक ने चार वर्गों (फ्लोर एक्सरसाइज, वॉल्ट, अनइवन बार और बैलेंस बीम) में कुल 42.565 अंक हासिल किए। वह दूसरे सब डिविजन के बाद 29वें स्थान पर रहीं। पांच सब डिविजन से शीर्ष 24 जिम्नास्ट आल राउंड फाइनल में जगह बनाते हैं। हर वर्ग के शीर्ष आठ जिम्नास्ट व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में खेलते हैं। प्रणति नायक सभी में निचले हाफ में रहीं। उन्होंने फ्लोर में 10.633 स्कोर किया जबकि वॉल्ट में उनका स्कोर 13.466 रहा। अनइवन बार में 3.033 और बैलेंस बीम में स्कोर 9.433 रहा।[1]

प्रणति नायक को ओलंपिक की तैयारी के लिये समय ही नहीं मिला, क्योंकि चीन में 29 मई से 1 जून तक होने वाली नौवीं सीनियर एशियाई चैम्पियनशिन रद्द होने के बाद उन्हें महाद्वीपीय कोटे से प्रवेश मिला था। उन्होंने 2019 एशियाई कलात्मक जिम्नास्टिक चैम्पियनशिप में वॉल्ट में कांस्य जीता था।


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